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केंद्र की सैद्धांतिक मंजूरी, देवघर में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण इकाई स्थापित होगी

देवघर झारखंड के देवघर में केंद्र सरकार ने ब्रह्मोस मिसाइल बनाने की यूनिट स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इससे राज्य में रक्षा उत्पादन को नई गति मिलने की उम्मीद है। सांसद निशिकांत दुबे ने बताया कि उन्होंने 13 जनवरी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर देवघर में ब्रह्मोस यूनिट स्थापित करने की मांग की थी। इसके बाद रक्षा मंत्रालय की ओर से सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई। देवघर के मोहनपुर प्रखंड के तिलौना क्षेत्र में करीब 300 एकड़ सरकारी जमीन पहले से चिन्हित है, जिसे लगभग आठ साल पहले आरक्षित किया गया था। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रह्मोस यूनिट बनने से देवघर पूर्वी भारत का प्रमुख रक्षा उत्पादन केंद्र बन सकता है। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही ऑटो पार्ट्स, प्रिसिजन इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक उद्योगों का विकास भी होगा, जिससे क्षेत्रीय औद्योगिक इकोसिस्टम मजबूत होगा। यह कदम आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल की हालिया सफलताओं के बाद इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।  

त्योहारों के दौरान सुरक्षा कड़ी: झारखंड में होली और रमजान को लेकर हाई अलर्ट

रांची झारखंड में आगामी होली के त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए झारखंड पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने सभी जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। स्पेशल ब्रांच ने राज्य के सभी जिलों के डीसी और एसपी को पत्र लिखकर विशेष सतकर्ता बरतने तथा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। इस वर्ष तीन मार्च को होलिका दहन और चार मार्च को होली मनाई जाएगी। खास बात यह है कि मुस्लिम समुदाय का पवित्र रमजान माह भी चल रहा है। शाम के समय जहां एक ओर इफ्तार होता है, वहीं दूसरी ओर होली मिलन समारोह आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन को अतिरिक्त सतकर्ता बरतने को कहा गया है। फेसबुक, व्हाट्सएप सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। नफरत फैलाने वाले ग्रुप एडमिन के नाम और मोबाइल नंबरों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरे संप्रदाय के लोगों पर जबरन रंग डालने या धार्मिक स्थलों के पास हुड़दंग करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। साल 2021 से 2025 के दौरान होली पर हुई सांप्रदायिक घटनाओं का पूरा विवरण तैयार करने को कहा गया है। जिन क्षेत्रों में पहले लाउडस्पीकर या डीजे बजाने को लेकर विवाद हुआ है, वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। त्योहार के दौरान अवैध और नकली शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए छापेमारी के निर्देश दिए गए हैं। होलिका दहन के समय झोपड़ी, गुमटी या दुकान में आगजनी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सघन गश्ती की जाएगी। जिला और थाना स्तर पर शीघ्र शांति समिति की बैठकें आयोजित कर स्थानीय समस्याओं के समाधान पर जोर दिया गया है। पशु तस्करी, अवैध पशुवध और प्रतिबंधित मांस की बिक्री पर सख्त रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा नशे में तेज रफ्तार वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति त्योहार की समाप्ति तक सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि होली और रमजान दोनों पर्व शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हो सकें।  

PU छात्र संघ चुनाव: NSUI का दबदबा, शीर्ष दो पदों पर किया कब्जा

पटना पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिसमें NSUI ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। अध्यक्ष और महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर जीत दर्ज की है। देर रात परिणाम घोषित होते ही विश्वविद्यालय परिसर में समर्थकों के बीच जश्न का माहौल बन गया। अध्यक्ष पद के मुकाबले में NSUI के शांतनु शेखर ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को भारी मतों के अंतर से पछाड़ दिया। शांतनु को कुल 2896 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी छात्र जदयू के प्रिंस कुमार को महज 1400 और ABVP की अनुष्का कुमारी को 924 वोटों से संतोष करना पड़ा। महासचिव पद पर खुशी कुमारी का कब्जा महासचिव पद के लिए भी NSUI की खुशी कुमारी ने निर्णायक बढ़त बनाए रखी। उन्होंने 2164 वोट हासिल कर अपनी जीत सुनिश्चित की। हालांकि, अन्य पदों पर मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। उपाध्यक्ष पद के मुकाबले में निर्दलीय प्रत्याशी शिफत फैज ने 1571 वोटों के साथ बाजी मारी। वहीं ABVP के अभिषेक कुमार 2143 वोट पाकर संयुक्त सचिव का पद हासिल करने में विजयी रहे। जबकि ABVP के ही हर्ष वर्धन को 1519 मत मिले और उन्होंने जीत दर्ज की। कोषाध्यक्ष के पद पर कब्जा करने में सफल हो गए। मतदान में छात्राओं ने लिया बढ़ चढ़ कर हिस्सा इस बार के चुनाव में खास बात यह रही कि छात्राओं ने लोकतंत्र के इस उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार कुल 65% मतदान दर्ज किया गया।

मरीन ड्राइव पर एनकाउंटर: पुलिस ने मोस्ट वांटेड अपराधी को दबोचा, पैर में लगी गोली

पटना बिहार के पटना में कई आपराधिक मामलों में वांछित एक अपराधी को संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।   मिली जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ पटना के पीरबहोर इलाके में हुई है। आरोपी की पहचान अमित कुमार के रूप में हुई है। पटना की पुलिस अधीक्षक (मध्य) ममता कल्याणी ने बताया, ''यह घटना रविवार तड़के हुई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अमित कुमार मरीन ड्राइव पर किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना के आधार पर पुलिस की एक टीम ने जाल बिछाया। पुलिस को देखते ही आरोपी ने उन पर गोलियां चलाना शुरू कर दिया जिसके बाद पुलिस ने भी नियंत्रित जवाबी कार्रवाई कर उसे पकड़ लिया।'' उन्होंने बताया, ''मुठभेड़ के दौरान कुमार के पैर में गोली लगी है और सरकारी अस्पताल में उसका उपचार जारी है।'' पुलिस ने बताया कि इस साल जनवरी में पटना की एक दीवानी अदालत परिसर में दो सशस्त्र अपराधियों द्वारा घुसने के प्रयास से जुड़े एक मामले में अमित कुमार भी वांछित था। उसने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है।

पटना में 32 करोड़ की लागत से होगा जगजीवन स्टेडियम का जीर्णोद्धार

पटना. पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने शनिवार को दानापुर स्थित मधुविहार रेलवे कॉलोनी एवं जगजीवन स्टेडियम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कॉलोनी में साफ-सफाई, बुनियादी सुविधाओं एवं रेलकर्मियों के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कॉलोनी की स्वच्छता व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने रेल आवासों में रहने वाले कर्मचारियों के लिए कम्यूनिटी हाल निर्माण तथा बच्चों के लिए खेल पार्क विकसित करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। इसके बाद महाप्रबंधक ने 32 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित जगजीवन स्टेडियम के जीर्णोद्धार एवं विस्तारीकरण की योजना की ड्राइंग का अवलोकन किया और अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। योजना के तहत स्टेडियम में आधुनिक हास्टल, पैवेलियन एवं अन्य खेल सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। महाप्रबंधक ने कहा कि स्टेडियम के उन्नयन से रेलवे कर्मचारियों, उनके परिवारों और स्थानीय युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी। इससे खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा कर्मचारियों में टीम भावना, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल यातायात सेवा के साथ-साथ सामाजिक एवं मानवीय विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में हाजीपुर के कोनहारा घाट रेलवे कॉलोनी में 7.14 करोड़ रुपये की लागत से अमृत भारत रेलवे स्टेडियम के निर्माण कार्य की शुरुआत की गई है, जहां क्रिकेट और फुटबाल के लिए आधुनिक मैदान विकसित किए जाएंगे। इस अवसर पर दानापुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक विनोद कुमार सहित मुख्यालय एवं मंडल के अधिकारी उपस्थित थे।

हाथियों के हमलों से निपटने 18 जिलों में खुलेंगे रेस्क्यू सेंटर

रांची. झारखंड के 18 वन जिलों में हाथियों का विचरण होता है। पिछले छह महीने में हाथियों का मानव के साथ संघर्ष भी बढ़ा है और इसमें 25 से अधिक लोगों की जान गई है। सप्ताह भर पहले झुंड से बिछड़ा एक हाथी तो रांची में विधानसभा से तीन किलोमीटर की दूरी तक पहुंच गया था। अब वन विभाग ने इन 18 जिलों के वन प्रमंडलों में एलिफेंट रेस्क्यू सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। चार से अधिक रेस्क्यू सेंटर हाथियों के मूवमेंट पर नजर रखेंगे। प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने राज्य में 680 से अधिक हाथियों के रहने की जानकारी दी है। इनकी सुरक्षा के साथ इनके कॉरिडोर को निर्बाध बनाने की तैयारी भी वन विभाग ने की है। इसके साथ ही सभी रेस्क्यू सेंटर पर क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) की तैनाती होगी। टीम में हाथी को ट्रैंक्युलाइज करने का सामान भी रहेगा। जंगल में हाथियों के लिए भोजन उपलब्ध कराना चुनौती आबादी वाले क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही की मुख्य वजह भोजन की तलाश है। वन्य प्राणी विशेषज्ञ रवींद्र प्रसाद ओझा ने बताया कि जंगल कटने की वजह से इनके मुख्य भोजन बांस के पेड़ खत्म हो रहे हैं। जंगलों के पास बसी बस्ती में धान, गन्ना जैसे दूसरे फसल आसानी से मिल जाता है। इस वजह से हाथी यहां पहुंच जाते हैं। हाल ही में रांची में जो हाथी आया था वह देर रात तक धुर्वा डैम में रहा। इसके बाद वह शांत हो गया और बिना किसी नुकसान के वापस जंगल लौट गया। यानि जंगल में भी अगर पर्याप्त पानी हो तो हाथी उग्र होकर आबादी वाले क्षेत्र में नहीं आएगा। एलिफेंट कॉरिडोर को मुक्त करना आवश्यक राज्य में हाथियों के पारंपरिक कॉरिडोर को काफी हद तक अतिक्रमण मुक्त किया गया है। लेकिन खनन कार्यों और ट्रांसपोर्टिंग की वजह से रात में तेज रोशनी और आवाज से हाथी परेशान रहते हैं। हजारीबाग में हाथियों का बढ़ा आतंक इसी का परिणाम है। वन एवं पर्यावरण विभाग एलिफेंट कॉरिडोर में मानवों की गतिविधियों को रोकने में लगा है। इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी आवश्यक निर्देश दिए हैं। खनन प्लान के साथ ही वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए किए जाने वाले उपाय देने को अब आवश्यक बनाया गया है।

धनबाद नगर निगम चुनाव में संजीव सिंह ने 8 साल जेल में रहकर किया BJP-JMM का किला ध्वस्त

धनबाद. धनबाद की राजनीति में बीजेपी के बागी उम्मीदवार संजीव सिंह ने दमदार वापसी की है. दमदार इसलिए क्योंकि कि वे डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में लंबे समय तक जेल में थे, लेकिन अदालत ने उन्हें उस केस से बरी कर दिया. वर्षों तक सलाखों के पीछे रहने के बाद जब वे सियासत के मैदान पर वापस लौटे तो उन्होंने नगर निगम चुनाव में मेयर पद के लिए दावेदारी ठोक दी. उन्होंने बकायदा प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को पत्र लिखकर समर्थन की मांग की. लेकिन उन्हें समर्थन नहीं मिला. इसके बजाय पार्टी ने संजीव कुमार को अपना समर्थन दिया. दूसरी तरफ बीजेपी के कद्दावर नेता रहे चंद्रशेखर अग्रवाल ने भी समर्थन की आस में पार्टी से बगावत कर झामुमो का दामन थाम लिया. झामुमो ने चंद्रशेखर अग्रवाल को अपना समर्थन दिया. जबकि कांग्रेस ने शमशेर आलम को सपोर्ट करने का ऐलान कर दिया. ऐसे में संजीव सिंह ने बैगर किसी के समर्थन के मैदान में उतरने का फैसला किया. बस उनके इस निर्णय से लगने लगा था कि वह बीजेपी के वोट बैंक में बड़ी सेंध लगायेंगे. हुआ भी यही. उन्होंने झामुमो समर्थित पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल को 31,902 मतों के भारी अंतर से हरा दिया. इस जीत को धनबाद की राजनीति में बड़ा उलटफेर माना जा रहा है. मतगणना में साफ दिखी बढ़त चुनाव परिणामों के अनुसार, संजीव सिंह को कुल 1,43,362 मत मिले. वहीं चंद्रशेखर अग्रवाल को 82,460 वोट प्राप्त हुए. भाजपा समर्थित उम्मीदवार संजीव कुमार 57,895 लाकर चौथे स्थान पर रहे. कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी शमशेर आलम को 59,079 वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहे. संजीव सिंह शुरुआती राउंड से ही बढ़त बनाए हुए थे. धीरे धीरे यह बढ़त और मजबूत होती गयी और अंत में ये निर्णायक साबित हुई. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी जीत के पीछे का कारण क्या है. आज हम इस लेख में यही चीज को समझने की कोशिश करेंगे. युवाओं और सोशल मीडिया ने बदला माहौल संजीव सिंह की जीत में युवाओं की भूमिका अहम रही. चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में जबरदस्त माहौल बना. बड़ी संख्या में युवाओं ने न सिर्फ ऑनलाइन प्रचार किया, बल्कि बूथ स्तर पर भी सक्रियता दिखाई. इसका सीधा असर मतदान प्रतिशत और नतीजों पर पड़ा. सहानुभूति लहर बनी ताकत करीब आठ साल तक जेल में रहने और नीरज सिंह हत्याकांड में बरी होने के बाद संजीव सिंह के पक्ष में सहानुभूति की लहर बनी. आम लोगों के बीच यह संदेश गया कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया था. इस भावना ने मतदाताओं को उनके पक्ष में एकजुट किया. भाजपा के कोर वोट बैंक में सेंध निर्दलीय उम्मीदवार होने के बावजूद संजीव सिंह ने भाजपा के परंपरागत वोट बैंक में बड़ी सेंधमारी की. खासकर धनबाद और बागमारा क्षेत्र में भाजपा समर्थकों का बड़ा हिस्सा उनके साथ चला गया, जिससे मुकाबला एकतरफा होता चला गया. ‘अकेले योद्धा’ की बनी छवि चुनाव के दौरान सभी बड़े दलों का निशाना सिर्फ संजीव सिंह पर रहा. विरोधियों की इस घेराबंदी ने मतदाताओं की नजर में उनकी छवि एक ‘अकेले योद्धा’ के रूप में बना दी. यही छवि उनके लिए निर्णायक साबित हुई. 2017 में जाना पड़ा था जेल संजीव सिंह को वर्ष 2017 में अपने चचेरे भाई नीरज सिंह की हत्या की साजिश के आरोप में जेल जाना पड़ा था. वे अप्रैल 2017 से अगस्त 2025 तक न्यायिक हिरासत में रहे. 8 अगस्त 2025 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट से स्वास्थ्य आधार पर जमानत मिली, जबकि 27 अगस्त 2025 को धनबाद की विशेष अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में उन्हें पूरी तरह बरी कर दिया. ‘सिंह मेंशन’ परिवार की विरासत संजीव सिंह प्रसिद्ध ‘सिंह मेंशन’ परिवार से आते हैं, जिसकी नींव उनके पिता सूर्यदेव सिंह ने रखी थी. झरिया और धनबाद की राजनीति में इस परिवार की गहरी पकड़ रही है. उनकी मां कुंती देवी विधायक रह चुकी हैं, जबकि वर्तमान में उनकी पत्नी रागिनी सिंह भाजपा से विधायक हैं.

रांची के डिप्टी मेयर के लिए रेस में सुनील यादव समेत कई पार्षद

रांची. झारखंड के रांची नगर निगम चुनाव का परिणाम घोषित होने के साथ ही नगर की राजनीति नए दौर में प्रवेश कर गई है। मेयर पद का फैसला होने के बाद अब डिप्टी मेयर की कुर्सी को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। डिप्टी मेयर का चुनाव नवनिर्वाचित पार्षदों को करना है। पार्षद पद के घोषित परिणामों में भाजपा, कांग्रेस, जेएमएएम समर्थित उम्मीदवारों को बढ़त मिली है, जिससे डिप्टी मेयर पद पर भी पार्टी का दावा मजबूत माना जा रहा है। डिप्टी मेयर चुने जाने के लिए 53 वार्डों में से कम से कम 27 पार्षदों का समर्थन आवश्यक है। परिणामों के बाद तीनों दलों के खेमे में इस आंकड़े को साधने की कवायद शुरू हो गई है। गैर-आदिवासी चेहरे की संभावना तीन या उससे अधिक बार पार्षद रह चुके और इस बार भी जीत दर्ज करने वाले नेताओं की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। पार्टी नेतृत्व ऐसे चेहरे की तलाश में है, जो संगठन और पार्षदों के बीच संतुलन बनाकर चल सके। मेयर पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित होने के कारण डिप्टी मेयर पद के लिए गैर-आदिवासी चेहरे की संभावना भी प्रबल मानी जा रही है। डिप्टी बनने के लिए तीनों दलों से एक दर्जन से अधिक पार्षद डिप्टी मेयर बनने के लिए जोर आजमाइश शुरू कर दी है। कांग्रेस और झामुमो की रणनीति कांग्रेस और झामुमो समर्थित पार्षदों ने भी बैठकें शुरू कर दी हैं। हालांकि संख्या बल के लिहाज से वे पीछे माने जा रहे हैं, फिर भी डिप्टी मेयर चुनाव में संभावित क्रास वोटिंग और रणनीतिक समर्थन को लेकर चर्चाएं जारी हैं। झामुमो की ओर से भी डिप्टी मेयर पद पर दावा ठोकने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा रहा है, खासकर यदि विपक्ष एकजुट होता है। जेएमएम से यह हैं रेस में वार्ड-21 से लगातार दूसरी बार जीत कर आए जेएमएम समर्थित पार्षद एहतेशाम का नाम सबसे आगे चल रहा है। इसके बाद सबसे 53 पार्षदों में सबसे अधिक वोट (5226) से जीत कर आए वार्ड-22 के पार्षद मो. असलम भी डिप्टी मेयर के लिए अपना नाम आगे कर दिया है। मो. असलम जेएमएम समर्थित पार्षद हैं। वार्ड-46 से पहली बार पार्षद चुनकर आई जेएमएम समर्थित आरती कुमारी भी डिप्टी मेयर प्रत्याशी हो सकती हैं। कांग्रेस से यह हैं रेस में कांग्रेस समर्थित वार्ड-49 से लगातार दूसरी बार जीतने वाले जमीला खातून भी डिप्टी मेयर की रेस में हैं। l वार्ड-18 से लगातार तीसरी बार जीतने वाली कांग्रेस समर्थित आशा गुप्ता रेस में हैं। उन्होंने राज्यसभा सदस्य महुआ माजी के पुत्र सोमवित माजी को हराया है। सोमवित जेएमएम से डिप्टी मेयर के प्रबल प्रत्याशी माने जा रहे थे। l वार्ड-17 से जीत कर आए मो. सलाउद्दीन भी डिप्टी मेयर की रेस में हैं। भाजपा से यह हैं रेस में भाजपा समर्थित वार्ड 20 के सुनील यादव उर्फ मामा जीत की हैट्रिक लगाई है। सुनील डिप्टी मेयर की रेस में हैं। वार्ड-1 से जीत कर आए नकुल तिर्की वार्ड भी डिप्टी मेयर की रेस में हैं। वार्ड-26 से जीतकर आए भाजपा समर्थित पार्षद प्रदीप कुमार भी रेस में हैं। वार्ड-44 से जीतकर आए पार्षद परमजीत सिंह भी डिप्टी मेयर की रेस में हैं।

नक्सल विरोधी ऑपरेशन में बड़ा हादसा, सारंडा में फिर गूंजा IED विस्फोट

पश्चिमी सिंहभूम झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा के घने जंगलों में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान रविवार को बड़ा हादसा हो गया। सर्च ऑपरेशन के समय नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोट में 209 कोबरा बटालियन के एक अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। IED में तेज धमाका जिले के सारंडा जंगल में रविवार को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान आईईडी ब्लास्ट हुआ। इस धमाके में 209 कोबरा बटालियन के सहायक कमांडेंट अजय मल्लिक गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों को इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद कोबरा बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त टीम सर्च ऑपरेशन के लिए जंगल में गई थी। टीम जब दुर्गम क्षेत्र में आगे बढ़ रही थी, तभी जमीन में छिपाकर लगाए गए IED में तेज धमाका हो गया। जंगल में सर्च ऑपरेशन और तेज धमाका इतना जोरदार था कि उसकी आवाज दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के तुरंत बाद जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए पूरे इलाके को घेर लिया। संभावित हमले की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया और वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई। घटना के बाद अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर भेजा गया है। जंगल में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां इलाके में नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। जंगल में तलाशी अभियान लगातार जारी गंभीर रूप से घायल सहायक कमांडेंट अजय मल्लिक को बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है। उन्हें एयरलिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। खेलगांव हेलीपैड पर एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम को अलर्ट पर रखा गया है, जहां से उन्हें सीधे अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और जंगल में तलाशी अभियान लगातार जारी है।  

हाइवे बना मौत का रास्ता: तेज रफ्तार ट्रक ने बस को मारी टक्कर, सड़क पर बिखरे शव

कैमूर बिहार के कैमूर जिले में रविवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने कोहराम मचा दिया। यहां विपरीत दिशा से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक और यात्री बस की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में तीन यात्रियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जानें कैसा हुआ हादसा मिली जानकारी के अनुसार, कुदरा थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) पर नशेज के समीप हुआ। मृतकों की पहचान वाराणसी के चितईपुर थाना क्षेत्र निवासी दीपक पटेल की नौ वर्षीय पुत्री दीक्षिता कुमारी और भूलनपुर, वाराणसी निवासी अरुण कुमार की पत्नी आभा रानी के रुप में हुई है। तीसरे मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। बस जमशेदपुर से वाराणसी की ओर जा रही थी। बताया जा रहा है कि विपरीत दिशा से आ रहा एक ट्रक डिवाइडर को तोड़ते हुए बस के लेन में घुस गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के परखच्चे उड़ गए। वहीं तीन लोगों की मौके पर ही सांसे थम गई। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया इधर घटना की सूचना मिलते ही कुदरा पुलिस और एनएचएआई (NHAI) की रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया। घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घायलों में पश्चिम बंगाल, पटना और रांची के यात्री शामिल हैं। बताया जा रहा है कि बस में कुल 65 से 70 यात्री सवार थे। हादसे की जांच में जुटी पुलिस कुदरा थाना के एएसआई बी.एन. उपाध्याय ने बताया कि ट्रक के चालक ने गलत दिशा से वाहन चलाकर इस दुर्घटना को अंजाम दिया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस हादसे के कारण NH-19 पर काफी देर तक आवागमन बाधित रहा, जिसे बाद में पुलिस ने सुचारू करवाया। फिलहाल पुलिस हादसे की जांच में जुट गई है।