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गढ़वा-रामानुजगंज फोरलेन प्रोजेक्ट पर चर्चा, मेदिनीनगर जाम से राहत की योजना

पलामू पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने नई दिल्ली स्थित परिवहन भवन में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी उमाशंकर से मुलाकात की. इस उच्चस्तरीय बैठक में सांसद ने गढ़वा और पलामू जिलों के समग्र विकास, सड़कों की कनेक्टिविटी के विस्तार और निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्गों को जल्द पूर्ण करने पर विस्तृत चर्चा की गई. सांसद ने विशेष रूप से गढ़वा जिले की लाइफलाइन मानी जाने वाली सड़कों को फोरलेन में तब्दील करने और नई बाईपास परियोजनाओं के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट शीघ्र तैयार करने का अनुरोध किया.​ सांसद विष्णु दयाल राम ने सचिव के समक्ष गढ़वा की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए निम्नलिखित प्रस्ताव रखें: ​गढ़वा-रामानुजगंज फोरलेन:- एनएच-343 पर गढ़वा फोरलेन बाईपास से लेकर रामानुजगंज (छत्तीसगढ़ सीमा) तक लगभग 48 किमी सड़क को फोरलेन बनाने की मांग. श्रीनगर-पडुका ब्रिज तक फोरलेन:- गढ़वा मझिआंव मोड़ से कांडी प्रखंड के श्रीनगर-पडुका पुल (बिहार सीमा) तक 40 किमी लंबी सड़क का फोरलेन निर्माण. शहर को जाम से मुक्ति:- प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर और गढ़वा के बीच यात्रा समय कम करने और शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए उत्तरी परिहार मार्ग निर्माण का प्रस्ताव. यह बाईपास सुआ, कौड़िया और रांकी होते हुए महुगांवा से जुड़ेगा, जिससे गढ़वा आने-जाने वाले वाहनों को शहर के जाम से राहत मिलेगी. प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना में शामिल सड़क परियोजना सांसद ने बताया कि एनएच-139 (छतरपुर बाईपास) से जपला और देवरी कला (हुसैनाबाद) होते हुए बिहार के देवीपुर को जोड़ने वाली परियोजना को पीएम गति शक्ति योजना में शामिल किया जा चुका है. इसमें सोन नदी पर एक बड़े पुल का निर्माण भी प्रस्तावित है, जो झारखंड और बिहार के बीच व्यापारिक और सामाजिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेगा.

गर्मी में यात्रियों को राहत, रेलवे ने चलाई नई स्पेशल ट्रेन सेवा

पटना   रेल यात्रियों के लिए रेलवे की ओर से खास फैसला लिया गया है. गर्मी के मौसम में स्टेशनों पर उमड़ने वाली भीड़ की संभावना को देखते हुए बनारस और कोलकाता के बीच समर स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी. यह ट्रेन अप्रैल में तीन चक्कर लगाएगी, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी. स्पेशल ट्रेन की क्या होगी टाइमिंग? ट्रेन नंबर- 05048, 14, 21 और 28 अप्रैल को सुबह 10:45 बजे बनारस से रवाना होगी. यह वाराणसी जंक्शन सहित प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी और दोपहर 3:10 बजे छपरा जंक्शन पहुंचेगी. हावड़ा जैसे विभिन्न स्टेशनों से होते हुए, यह अगले दिन सुबह 6:15 बजे कोलकाता पहुंचेगी. इसके बाद वापसी में ट्रेन नंबर- 05047, 15, 22 और 29 अप्रैल को सुबह 8:25 बजे कोलकाता से रवाना होगी और रात 11:20 बजे छपरा जंक्शन पहुंचेगी. यह अगले दिन सुबह 4:15 बजे बनारस पहुंचेगी. इन स्टेशनों पर होगा ट्रेन का स्टॉपेज जानकारी के मुताबिक, यह ट्रेन वाराणसी जंक्शन, औंड़िहार, गाजीपुर सिटी, बलिया, रेवती और सुरेमनपुर होते हुए दोपहर 3:10 बजे छपरा जंक्शन पहुंचेगी. इसके बाद दिघवारा, सोनपुर, हाजीपुर, शाहपुर पटोरी, बरौनी, किऊल, झाझा, जसीडीह, मधुपुर, चित्तरंजन, आसनसोल, दुर्गापुर, बर्द्धमान, बैंडेल और नैहाटी जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकते हुए अगले दिन सुबह 6:15 बजे कोलकाता पहुंच जाएगी. ट्रेन में यात्रियों के लिए सुविधाएं यात्रियों की सुविधा के लिए इस स्पेशल ट्रेन में 20 एसी थर्ड इकोनॉमी कोच और दो जनरेटर-सह-सामान वैन होंगे. रेलवे प्रशासन यात्रियों को इस विशेष सेवा का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है. इस तरह से रेल यात्रियों के लिए खास तोहफा माना जा रहा है. गर्मी के मौसम में लोग बिहार से बाहर छुट्टियां मनाने जाते हैं. इसकी वजह से ट्रेन में लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है. इसी को देखते हुए स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया.

403 करोड़ की लागत से नई रेल फैक्ट्री का निर्माण, बिहार में बढ़ेगा औद्योगिक विकास

 रोहतास बिहार के रोहतास जिले के डालमियानगर में रेल वैगन मरम्मत कारखाने का निर्माण किया जाएगा. फैक्ट्री के निर्माण को लेकर भारतीय रेलवे के डीडीयू रेल मंडल और राइट्स की तरफ से आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. रेल फैक्ट्री के बनने से बिहार के युवाओं को बड़ा फायदा हो सकेगा. नई फैक्ट्री की क्या है अनुमानित लागत? जानकारी के मुताबिक, इस परियोजना की लागत लगभग 403.20 करोड़ रुपए है. इसे 219 एकड़ की जमीन पर विकसित किया जाएगा. रेल बजट 2026-27 में इस परियोजना के लिए राशि आवंटित की गई थी. समय के अंदर ही इस परियोजना के पूरा होने की संभावना जताई जा रही है. डीडीयू रेल मंडल के डीआरएम की माने तो, रोजगार के लिए यह बड़ा केंद्र बन सकेगा. युवाओं के साथ व्यापारियों को फायदा रेल फैक्ट्री के लगने से युवाओं के लिए रोजगार तो उपलब्ध होगा ही लेकिन इसके साथ-साथ आस-पास के इलाकों में वेल्डिंग, स्पेयर पार्ट्स निर्माण, पेंटिंग जैसे छोटे-बड़े उद्योगों को स्थापित भी किया जाएगा. इससे जिले की इकोनॉमी भी मजबूत हो सकेगी. नई रेल फैक्ट्री को लेकर आस-पास के लोगों और व्यापारियों के बीच उत्साह का माहौल है. 1984 में ही बंद हुआ था कारखाना डालमियानगर देश के फेमस औद्योगिक केंद्र में से एक है. 1984 में ही यह बंद हो गया था. लेकिन 2007 में फिर इसे चालू करने के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया. 2009 में शिलान्यास भी किया गया. लेकिन किसी ना किसी कारण से काम शुरू नहीं हो पाया. लेकिन अब कारखाने को स्थापित किए जाने के काम को तेज कर दिया गया है. पहलेजा रेलवे स्टेशन से कारखाना तक नया रेलवे फ्लाईओवर और ट्रैक बनाया जाएगा. इससे वैगनों को मरम्मत के लिए वर्कशॉप तक आसानी से लाया जा सकेगा.

पीएम को धमकी और आपत्तिजनक पोस्ट मामले में आरोपी गिरफ्तार, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद

 बक्सर बिहार के बक्सर जिले में साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिस पर अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए की वेबसाइट पर आपत्तिजनक पोस्ट करने और भारत के प्रधानमंत्री को जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी के घर से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए हैं। गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई जिले में गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। साइबर थाना अध्यक्ष की टीम ने सिमरी थाना क्षेत्र के आशा पादरी गांव से अमन कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है। इसकी पुष्टि पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने शनिवार को की। सीआईए वेबसाइट पर आपत्तिजनक पोस्ट का आरोप जानकारी के अनुसार, 8 अप्रैल को सिमरी थाना अध्यक्ष को सूचना मिली थी कि अमन कुमार तिवारी ने सीआईए की वेबसाइट पर एक आपत्तिजनक पोस्ट किया है, जिसमें भारत के प्रधानमंत्री को जान से मारने की धमकी दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर साइबर थाना टीम का गठन किया गया। छापेमारी में मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संदिग्ध सामग्री टीम ने आरोपी के घर आशा पादरी गांव में छापेमारी की, जहां तलाशी के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद हुए। बरामद सामान में लैपटॉप, मोबाइल फोन, पेनड्राइव और अन्य संदिग्ध सामग्री शामिल है। जांच में सामने आया कि आरोपी के मोबाइल में कई वीपीएन और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े ऐप मिले हैं। लैपटॉप में टोर ब्राउज़र इंस्टॉल पाया गया, जिसका उपयोग डार्क वेब एक्सेस करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से निम्न सामान बरामद किए गए हैं, लैपटॉप 01, मोबाइल 02, पेनड्राइव 02, विभिन्न बैंकों के डेबिट कार्ड 09, फर्जी पहचान पत्र 01। इस पूरे मामले की जांच पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य के निर्देश पर की गई। पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थानाध्यक्ष अविनाश कुमार कश्यप के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। टीम में अंचल निरीक्षक ब्रह्मपुर ओम प्रकाश कुमार, साइबर थाना के कई पुलिस अधिकारी, सिमरी थाना पुलिस और डीआईयू बक्सर के अधिकारी शामिल रहे।  

झुमरीतिलैया में खाद्य सुरक्षा जांच, लड्डू और खोवा के सैंपल फेल

कोडेरमा झारखंड के कोडेरमा जिले के जिले में मिलावटी खाने की चीजों की बिक्री रोकने और खाने की चीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को लेकर जिला प्रशासन के निर्देश पर लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है. खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अभिषेक आनंद द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत कुछ सैंपल को जांच के लिए राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला, रांची भेजा भी जा रहा है. जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे राज्य स्तर पर भेजे गए कुछ सैंपल की जांच रिपोर्ट सामने आई है. इसमें चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. खासकर जिले के मुख्य शहर झुमरीतिलैया में कुछ होटल संचालकों द्वारा खाने की चीजें खासकर मिठाई और खोवा की गुणवत्ता को लेकर तय मानक का पालन नहीं करने की पुष्टि हुई है. खाद्य सुरक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले भर से कुल 23 सैंपल जांच के लिए राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला रांची भेजा था, जिसमें से 12 की रिपोर्ट आई है. इसमें चार सैंपल तय मानक पर फेल पाया गया है. विभागीय जानकारी के अनुसार जिन चार सैंपल में गुणवत्ता की कमी मिली है उसमें लड्डू का एक सैंपल, खोवा का दो सैंपल और घी के लड्डू का एक सैंपल शामिल है. लगाया गया जुर्मना सैंपल फेल होने के बाद कोडरमा स्टेशन के पास संचालित नंदिनी स्वीट्स पर दो हजार और लड्डू गोपाल पर दो-दो हजार का जुर्माना लगाया गया है. नंदिनी स्वीट्स का लड्डू का सैंपल तय मानक पर फेल मिला है, जबकि लड्डू गोपाल का लड्डू और खोवा का सैंपल फेल पाया गया है. साथ ही भविष्य में गलत पाए जाने पर ठोस कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. होटल रामेश्वरम के घी के लड्डू का सैंपल फेल नंदिनी, लड्डू गोपाल स्वीट्स के अलावा होटल रामेश्वरम की एक मिठाई का सैंपल भी तय मानक पर खरा नहीं उतरा है. विभागीय पदाधिकारी के अनुसार जिन चार सैंपल को फेल पाया गया है उसमें होटल रामेश्वरम से कलेक्ट किया गया घी का लड्डू का सैंपल भी शामिल है. लड्डू में घी की जगह रिफाइन के इस्तेमाल की बात सामने आई है. साथ ही अन्य कमी पाई गई है. ऐसे में तय प्रावधान के तहत इस मामले को अपर समाहर्ता कोर्ट में फाइल किया गया है. वहां से जुर्माना सहित अन्य कार्रवाई को लेकर आदेश होगा. कई जगहों पर मिल रहा अखाद्य रंग का इस्तेमाल खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट न हो और लोगों को गुणवत्तापूर्ण सामान मिले इसके लिए विभाग लगातार जांच अभियान के साथ जागरूकता अभियान भी चला रहा है. उन्होंने बताया कि पूरे वित्तीय वर्ष में जांच के दौरान होटलों, मिठाई दुकानों सहित अन्य जगहों पर गंदगी मिलने और अखाद्य रंग का इस्तेमाल पाए जाने पर करीब 50 हजार का जुर्माना वसूला गया है. कई ठेला वालों के द्वारा अखाद्य रंग का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आने पर उसे खत्म भी कराया गया है.

JDU सांसद का दावा,नई सरकार में मुख्यमंत्री बीजेपी से हो सकता है

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के सांसद रामप्रीत मंडल ने नई सरकार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगला मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी (BJP) का होगा, यह लगभग फाइनल हो चुका है। उन्होंने कहा कि जदयू से दो डिप्टी सीएम बनाए जाने हैं, जिनमें से एक नीतीश के बेटे निशांत कुमार का नाम भी करीब-करीब फाइनल है। झंझारपुर से जदयू सांसद रामप्रीत मंडल ने शनिवार को एक चैनल से बातचीत में बिहार में नई एनडीए सरकार का यह फॉर्मूला बताया। उन्होंने कहा कि नया सीएम भाजपा से बनना तय है। अभी मुख्यमंत्री जदयू का है और भाजपा से दो डिप्टी सीएम हैं। इसी तरह, नई सरकार में भाजपा का मुख्यमंत्री होगा, तो जदयू से दो डिप्टी सीएम होने हैं। हालांकि, नई सरकार को लेकर अभी तक कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है। नीतीश कुमार जल्द देंगे इस्तीफा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही अपने पद से इस्तीफा देने वाले हैं। वह राज्यसभा सांसद बन गए हैं। सत्ताधारी दलों के नेताओं का कहना है कि सीएम नीतीश के द्वारा एनडीए विधान मंडल की बैठक बुलाई जाएगी। इसमें सभी के सामने नीतीश अपने इस्तीफे का औपचारिक ऐलान करेंगे। फिर राज्यपाल के पास जाकर अपना त्यागपत्र दे देंगे। इसके बाद बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। नए सीएम का चयन नीतीश के इस्तीफे के बाद होने वाली एनडीए विधायक दल की बैठक में होगा। बताया जा रहा है कि भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री का नाम उसी बैठक में घोषित किया जाएगा। नई सरकार का शपथ ग्रहण 15 अप्रैल को होने की संभावना है। नीतीश के राज्यसभा जाने पर निशांत का पॉलिटिकल डेब्यू मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत ने एक महीने पहले ही राजनीति में कदम रखा था। इससे पहले वह सक्रिय राजनीति से दूर ही थे। नीतीश के राज्यसभा चुनाव में नामांकन के बाद निशांत ने जदयू की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद से वह पार्टी के क्रियाकलापों में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं। निशांत कुमार ने पार्टी के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं और उनसे फीडबैक लिया। पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग भी लगातार की जा रही है। भाजपा से सीएम रेस में ये नेता भाजपा से मुख्यमंत्री की रेस में सबसे पहले डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम चल रहा है। उनके अलावा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, मंत्री दिलीप जायसवाल, विधायक संजीव चौरिया, सांसद संजय जायसवाल, पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी समेत अन्य का नाम भी रेस में है। एक-दो दिन में इस पर स्थिति साफ होने की संभावना है।

पलामू में बड़ी कार्रवाई, अयोग्य पाए गए लाभुकों को राशन सूची से बाहर किया गया

 पलामू झारखंड के पलामू जिले में 41 हजार 681 लाभुकों को अयोग्य पाए जाने पर राशन कार्ड से नाम डिलिट कर दिया गया, जबकि 12 हजार 689 लाभुक ऐसे पाए गए जिनका आधार कार्ड संदेहास्पद पाया गया. पिछले कई वर्षों से राशन का लाभ उठा रहे थे. बताया जाता है कि इसके अलावा, दूसरे जगहों से भी राशन का उठाव किया जा रहा था. विभागीय सूत्रों के अनुसार राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से 1985 लोगों को चिन्हित कर नाम हटाया गया है. 23 हजार 544 वैसे लाभुकों का नाम हटाया गया है, जिनके नाम से राशन कार्ड बन चुका था, लेकिन राशन का उठाव नहीं कर रहे थे. विभागीय कर्मियों ने बताया कि तीन हजार 283 लाभुक ऐसे थे, जो डुप्लीकेट के रूप में पहचान किए गए है. अवैध पाए जाने पर उन सभी लाभुकों का नाम हटाया गया. विभाग द्वारा 41 हजार 681 लोगों को चिन्हित कर सूची से नाम हटाया. केंद्र सरकार के द्वारा चिन्हित कर नाम जिला को भेजा गया था. जिसके बाद वैसे लोगों को सूची से राशन कार्ड से नाम हटाया गया. इनकम टैक्स, जीएसटी व फोर व्हीलर वाले उठा रहे हैं राशन कार्ड का लाभ दूसरे फेज में पलामू जिले में दो लाख 45 हजार 931 लोगों को चिन्हित किया गया है, जिनकी जांच की जा रही है. इसमें दो लाख 37 हजार 528 वैसे लोग हैं. जिनके पास पांच एकड़ से ज्यादा जमीन है. 6782 लोग ऐसे हैं जो इनकम टैक्स भरते हैं. 96 लोग ऐसे हैं जो जीएसटी भरते हैं. 1525 लोग ऐसे है जिनके नाम से फोर व्हीलर गाड़ी है. इन सभी को चिन्हित कर आपूर्ति विभाग को भेजा गया है. आपूर्ति विभाग के द्वारा जिले के सभी मार्केटिंग ऑफिसर को इसकी सूची भेज दी गई है. मार्केटिंग ऑफिसर के द्वारा सभी डीलरों को इसका डिटेल भेज दिया गया है. डीलर के द्वारा इसकी जांच कर इसकी रिपोर्ट मार्केटिंग ऑफिसर को देंगे. मार्केटिंग ऑफिसर के द्वारा जिले को प्रतिवेदन भेजा जाएगा. जिला स्तर से उनके नाम को राशन कार्ड से हटा दिया जाएगा. उनके स्थान पर जरूरतमंदों के नाम को जोड़ा जाएगा. जिले में करीब साढ़े चार लाख राशन कार्डधारी है. जिसमें 18 लाख 28 हजार 926 सदस्य हैं. राज्य सरकार के निर्देशानुसार 18 लाख 28 हजार 926 सदस्य से अधिक नहीं करना है. जिनका नाम हटेगा उसके स्थान पर नए सदस्यों का नाम जोड़ा जाएगा. दूसरे पेज में 245931 सदस्य जांच के घेरे में हुसैनाबाद में 19803, हैदरनगर में 6488 , मोहम्मदगंज 3647, हरिहरगंज 4885, पीपरा 3408, पाटन 15791, विश्रामपुर में 6474 , चैनपुर में 36652, छतरपुर में 18785, नौडीहा बाजार 9669, पड़वा में 4417, पांकी 38775 , तरहसी में 16166 , मनातू में 4868, नावाबाजार में 5877, पांडू में 10280 , सतबरवा में 7801, लेस्लीगंज 12098, मेदिनीनगर सदर में 10991, उंटारी रोड प्रखंड में 4223, हुसैनाबाद नगर पंचायत में 751, विश्रामपुर नगर पंचायत में 1931 और मेदिनीनगर नगर निगम में 2179 लोगों को नाम हटाने के लिए चिन्हित किया गया है.

मकान सूचीकरण कार्य को लेकर सरायकेला में फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षण

 सरायकेला झारखंड के सरायकेला-खरसावां उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी, नीतिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण अंतर्गत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना (HLO) कार्य के सफल लागू करने के लिए जिला स्तर पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया. प्रखंड कार्यालय सभागार, सरायकेला में आयोजित प्रशिक्षण के समापन में मुख्य अतिथि के रूप में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार मौजूद थे. तीन दिवसीय प्रशिक्षण में अधिकारियों और फील्ड ट्रेनर्स की सहभागिता प्रशिक्षण 8 अप्रैल से 10 अप्रैल तक आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर परिषद और नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी-सह-चार्ज जनगणना पदाधिकारी और नामित फील्ड ट्रेनर्स ने सहभागिता की. प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर एम.डी. तासिकुर रहमान और अविनाश ठाकुर द्वारा प्रदान किया गया. तकनीकी जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर जोर प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) से संबंधित तकनीकी और व्यवहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा उनकी शंकाओं का समाधान किया गया. प्रशिक्षण के क्रम में सभी प्रशिक्षार्थियों को नगरीय नक्शा निर्माण हेतु व्यावहारिक प्रशिक्षण सरायकेला प्रखंड अंतर्गत अवस्थित मानिक बाजार क्षेत्र में कराया गया, जिससे उन्हें क्षेत्रीय स्तर पर कार्य निष्पादन की वास्तविक समझ प्राप्त हो सके. निष्पक्ष और समयबद्ध जनगणना कार्य के निर्देश प्रशिक्षण उपरांत सभी फील्ड ट्रेनर्स को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने प्रखंड और नगर क्षेत्रों में प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों को निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करना सुनिश्चित करेंगे, जिससे जनगणना कार्य निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से संपन्न हो सके. अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विभागीय दिशा-निर्देशों के आलोक में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाना है. उन्होंने क्षेत्र में कार्य करते समय धैर्य, अनुशासन एवं आमजनों के प्रति सहयोगात्मक व्यवहार बनाए रखते हुए दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया,साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि जनगणना कार्य के दौरान आंकड़ों की शुद्धता एवं गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाए और भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों का पूरी तरह अनुपालन सुनिश्चित किया जाए. प्रशिक्षण कार्यशाला में अपर जिला जनगणना पदाधिकारी कमलेश कुमार दास सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे.

सिदो-कान्हू जयंती पर सीएम हेमंत सोरेन का संदेश, संघर्ष और साहस से लें प्रेरणा

 रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने आज हूल विद्रोह के महानायक वीर शहीद सिदो-कान्हू की जयंती के अवसर पर मोरहाबादी स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा – झारखंड वीरों की भूमि है इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड वीरों की भूमि है. झारखंड प्रदेश भारतवर्ष का एक ऐसा क्षेत्र है, जहां अनेक वीर सपूतों ने जन्म लिया है. उन्होंने कहा कि इस राज्य के आदिवासी तथा मूलवासियों ने जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा एवं अपने हक-अधिकार की लड़ाई तब से लड़ी, जब देश के लोगों ने आजादी का सपना भी नहीं देखा था . सिदो-कान्हू के संघर्ष से मिलती है प्रेरणा मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर शहीद सिदो-कान्हू ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अन्याय, शोषण और अत्याचार के विरुद्ध ऐतिहासिक बिगुल फूंका, जो हम सबों को संघर्ष, साहस और स्वाभिमान के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है. झारखंड के वीर सपूतों ने अलग-अलग समय काल में अपने दायित्वों एवं राज्य के प्रति स्वयं को समर्पित किया है . सिदो-कान्हू जयंती का ऐतिहासिक महत्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर शहीद सिदो-कान्हू जयंती का यह शुभ दिन भारत के इतिहास के पन्नों में अमिट रूप से दर्ज है. आज के दिन हम सभी लोग वीर शहीद सिदो-कान्हू के संघर्ष, अदम्य साहस और उनके आदर्शों को याद करते हैं. इन महान विभूतियों को उनकी जयंती पर पूरे आदर और सम्मान के साथ अलग-अलग जगहों पर स्थापित उनकी प्रतिमा, तस्वीर, जन्मस्थली तथा शहादत स्थल पर लाखों की संख्या में लोग भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें शत-शत नमन करते हैं. वीर सपूतों पर पूरे देश को गर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज के दिन देश के आदिवासी समुदाय सहित पूरे देशवासी गर्व महसूस करते हैं कि ऐसे वीर सपूतों ने इस धरती पर जन्म लिया और यहां के लोगों के साथ-साथ संपूर्ण व्यवस्था को एक नई और स्थायी दिशा देने का काम किया.

बिहार के शिवहर में सरकारी अस्पताल की लापरवाही पर सवाल

 शिवहर बिहार के शिवहर स्वास्थ्य विभाग की एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। सरकारी अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे एक दारोगा का ऐसा इलाज किया गया कि तस्वीरें वायरल हो गईं और इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गई। अस्पताल के डॉक्टर ने कार्टन के गत्ते और पुराने ड्रीप पाइप से पैर को बांध कर ऐसा जुगाड़ु इलाज किया जो शिवहर डीएम को भी खटक गया। डीएम ने इसका संज्ञान ले लिया है। उन्होंने मामले की पूरी रिपोर्ट तलब किया है। कहा है कि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह तस्वीर बिहार के शिवहर सदर अस्पताल की है जो दुनिया भर में चर्चा में है। तस्वीर इस बात की तस्दीक करता है कि सरकार के दावों के बिपरीत बिार का स्वास्थ्य महकमा खुद ही स्ट्रेचर पर है। अब आगे की बात करते हैं। जिले के श्यामपुर भटहा थाना में तैनात दरोगा श्यामलाल सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनके सहयोगी तत्काल उन्हें सरकारी अस्पताल लाए। पता चला कि हादसे में उनका पैर बुरी तरह टूट गया था। लेकिन शिवहर सदर अस्पताल में जिस प्रकार से उनका प्राथमिक उपचार किया गया उसे सभी खेदजनक ही नहीं बता रहे बल्कि स्वस्थ भारत मिशन पर ही सवाल उठा रहे हैं। अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मियों ने दारोगा के टूटे पैर के जख्मों पर मरहम लगाने के बाद उसे पुराने कार्टन के गत्ते में मरीजों को पानी चढ़ाने वाले पाइप(ड्रीप पाइप) से बांध दिया। किसी ने इसका वीडियो और फोटो बना लिया जो इंटरनेट मीडिया की सनसनी बना हुआ है। इस घटना से बिहार की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी फ्रैक्चर के मामले में उचित प्लास्टर या मेडिकल सपोर्ट का इस्तेमाल जरूरी होता है ताकि टूटी हुई हड्डी स्थिर रहे। इस प्रकार से गैर-मानक तरीकों से मरीज को गंभीर नुकसान हो सकता है। जब मामला सिविल सर्जन के पास पहुंचा तो अपने डॉक्टर और कर्मियों के बचाव में उतर गए। कहा कि मरीज के पैर में मल्टिपल फ्रैक्चर था। इसलिए प्लास्टर करना ठीक नहीं था। पैर को स्थिर और सीधा रखने के लिए उसे तत्काल यही उपाय किया गया। ऐक्शन में डीएम यह सनसनीखेज मामला सामने आते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट प्रतिभा रानी मामले में संज्ञान लिया है। उन्होंने सिविल सर्जन से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। डीएम ने कहा कि इसमें किसी स्तर पर लापरवाही साबित होती है तो कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में बताया गया है कि टूटी हड्डी को स्थिर रखने के लिए कार्टन से बांधा गया। इसमें एसओपी और गाइडलाइन का पालन किया गया या नहीं इसकी जांच की जा रही है।