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सुल्तानगंज का नाम होगा अजगैवीनाथ धाम: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

अजगैवीनाथ धाम/भागलपुर. नगर सभापति राजकुमार गुड्डू ने बताया कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शहरवासियों को आश्वस्त किया है कि निर्माणधीन अगुवानी अजगैबीनाथ धाम गंगा पुल से एक शहरी एप्रोच पथ का निर्माण अति शीघ्र शुरू किया जाएगा। सभापति ने कहा कि यह परियोजना नगर क्षेत्र के विकास और श्रद्धालुओं के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। नगर सभापति ने यह भी बताया कि सुल्तानगंज का नाम बदलकर अजगैवीनाथ धाम करने की पहल बिहार सरकार और केंद्र सरकार दोनों स्तर पर तेज कर दी गई है। शहरवासियों और श्रद्धालुओं की मांगों को देखते हुए, अतिशीघ्र नामांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नगर विकास और श्रावणी मेला पर ध्यान राजकुमार गुड्डू ने कहा कि नगर क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर उपमुख्यमंत्री से विस्तृत चर्चा हुई। इस वर्ष श्रावणी मेला को विशेष महत्व दिया जाएगा और इसे पहले से अधिक व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाएगा। पर्यटन क्षेत्र में सर्वांगीण विकास और शहर के नामांतरण की प्रक्रिया से स्थानीय अर्थव्यवस्था और धार्मिक महत्व दोनों को बढ़ावा मिलेगा। ज्ञापन सौंपा और भावनाएं व्यक्त कीं रविवार को नगर सभापति ने उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर उन्हें अंगवस्त्र और बुके देकर शहरवासियों की भावनाओं से अवगत कराया। इस अवसर पर नगर परिषद की ओर से ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें नगर क्षेत्र के संपूर्ण विकास, अगुवानी पुल से अजगैवीनाथ मंदिर तक एप्रोच पथ के निर्माण और सुल्तानगंज शहर का नामांतरण शामिल था। धार्मिक महत्व और श्रद्धालुओं की संख्या अजगैवीनाथ धाम गंगा तट पर स्थित प्राचीन और ऐतिहासिक तीर्थ स्थल है। वर्ष भर यहाँ श्रद्धालुओं का आवागमन रहता है, विशेष रूप से विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के दौरान। प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा का जल लेकर बाबा वैद्यनाथ की नगरी देवघर (झारखंड) में जलार्पण करते हैं। नगर सभापति ने बताया कि नगर परिषद ने 19 जून 2024 को सामान्य समिति की बैठक में सुल्तानगंज शहर और स्टेशन के नामांतरण का प्रस्ताव बहुमत से पारित किया था और इसे संबंधित सरकार एवं विभाग को भेजा गया। अब प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद शहर और स्टेशन का नाम अजगैवीनाथ धाम किया जाएगा।

STF ऑपरेशन पर हमला: अपराधी को पकड़ने गई टीम के 3 जवान घायल

गया बिहार के गया जिले से एक सनसनीखेज घटना सामने आई। हत्या के एक मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची एसटीएफ (STF) की टीम पर ग्रामीणों ने अचानक हमला बोल दिया। इस घटना में एसटीएफ के तीन जवान घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार, मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के खिरियावां गांव का है। एसटीएफ की टीम को सूचना मिली थी कि हत्या के एक मामले में नामजद आरोपी संजय मांझी खिरियावां गांव में छिपा है। टीम जैसे ही आरोपी के करीब पहुंची, उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर गांव के लोग बड़ी संख्या में वहां इकट्ठा हो गए और देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई। ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया और लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। भीड़ ने एसटीएफ के जवानों के हथियार तक छीन लिए। हालांकि, बाद में अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से हथियारों को बरामद कर लिया गया और घायल जवानों को मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में भर्ती कराया गया। 7 आरोपी हिरासत में इधर घटना के बाद इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस बल पर हमला करने के आरोप में अब तक 7 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों की मदद से अन्य हमलावरों की पहचान की जा रही है।

मासूम फरमान की नृशंस हत्या से सनसनी, बोरी में मिली 9 वर्षीय बच्चे की लाश

मुजफ्फरपुर बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बरूराज थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां कमालपुर बिथरौल खजुबानी टोला में एक 9 वर्षीय मासूम मो. फरमान की अज्ञात अपराधियों ने गला घोंटकर हत्या कर दी। बच्चे का शव घर से महज 50 मीटर की दूरी पर एक बोरी में ठूंसा हुआ पाया गया, जिसे अपराधियों ने जलावन के ढेर के पास फेंक दिया था। इस नृशंस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और मातम का माहौल है। परिजनों को जब काफी देर तक बच्चा नहीं मिला, तो उसकी खोजबीन शुरू की गई। रविवार को जब शव बोरी में मिला, तो परिजनों के होश उड़ गए। बच्चे के गले पर स्पष्ट रूप से गहरे चोट के निशान मौजूद हैं, जो प्रथम दृष्टया गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि करते हैं। अपराधियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे बोरी में बंद किया और सुनसान स्थान पर फेंक दिया। पुलिस और एफएसएल की जांच घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ (वेस्ट) सुचित्रा कुमारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया, ताकि वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए जा सकें।आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। ग्रामीणों में भारी आक्रोश इस घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है और जल्द से जल्द अपराधियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।

छोटी बहस, बड़ी वारदात: झारखंड में थाने से चंद कदमों पर युवक को मारी गोलियां

बोकारो झारखंड के बोकारो से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। नशे में धुत आरोपी ने युवक को मारी गाली मामला जिले के रेलवे स्टेशन के आटो स्टैंड के पास का है। बताया जा रहा है कि यहां तीस वर्षीय सचिन यादव नामक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कहा जा रहा है कि कुछ दिन पहले एक छोटी सी बात पर आरोपी की बहस मृतक सचिन से हुई थी। इसी को लेकर नशे में धुत आरोपी ने सचिन को गाली मार दी। घटना को अंजाम देकर आरोपी अपने एक अन्य साथी के साथ मौके से भाग गया। हैरानी की बात ये है कि जीआरपी थाना से महज पांच सौ गज दूर यह घटना हुई। आनन-फानन में घायल सचिन को अस्पताल ले जाया गया जहां डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।  

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हाई अलर्ट: 3 दिन तक आवाजाही बंद, परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर!

महराजगंज आगामी नेपाली संसदीय चुनावों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और सीमा पार से होने वाली अवांछनीय गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए भारत और नेपाल के शीर्ष अधिकारियों ने एक निर्णायक समन्वय बैठक की। इस उच्च स्तरीय मंथन में दोनों देशों ने साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया। बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय नेपाल में प्रस्तावित संसदीय चुनावों को लेकर लिया गया। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत 2 मार्च 2026 की मध्यरात्रि से 5 मार्च 2026 की मध्यरात्रि तक भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा को पूरी तरह सील रखा जाएगा। इसका उद्देश्य चुनाव के दौरान संदिग्ध आवाजाही, अवैध घुसपैठ और सुरक्षा जोखिमों को शून्य करना है। प्रमुख उपस्थिति एवं अध्यक्षता नेपाल के मोरंग जिला स्थित विराटनगर में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता युवराज कटेल ने की। इसमें दोनों देशों के सीमावर्ती जिलों के प्रशासनिक व सुरक्षा प्रमुखों ने हिस्सा लिया। भारत की तरफ से बिहार के सुपौल, किशनगंज और अररिया जिलों के जिला पदाधिकारी तो वहीं नेपाल पक्ष से मोरंग, झापा और सुनसरी जिलों के मुख्य जिला अधिकारी, सशस्त्र पुलिस बल (APF) और राष्ट्रीय जांच विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अपराध और तस्करी पर 'जीरो टॉलरेंस' बैठक में केवल चुनावी सुरक्षा ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक सुरक्षा मुद्दों पर भी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। दोनों पक्षों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर संयुक्त कार्रवाई तेज करने पर सहमति जताई: अवैध नेटवर्क पर प्रहार: सीमा पार आतंकवाद, हथियारों की तस्करी, मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और जाली मुद्रा (FICN) के नेटवर्क को ध्वस्त करना। मानव तस्करी: महिलाओं और बच्चों की तस्करी जैसे संवेदनशील अपराधों पर कड़ी निगरानी। अतिक्रमण नियंत्रण: ‘नो मैन्स लैंड’ (दशगजा क्षेत्र) में बढ़ते अतिक्रमण की जांच और अनधिकृत रास्तों से होने वाली आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध। खुफिया सूचनाएं: संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी साझा करने के लिए एक त्वरित सूचना तंत्र को और अधिक सक्रिय करना। शांति और मित्रता की प्रतिबद्धता अधिकारियों ने दोहराया कि भारत और नेपाल के बीच की खुली सीमा पारंपरिक मित्रता का प्रतीक है, लेकिन इसकी पवित्रता बनाए रखने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों का बेहतर तालमेल अनिवार्य है। वर्तमान में दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं, ताकि चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराया जा सके।

देवघर के बाबाधाम में अडानी ग्रुप चेयरमैन गौतम अडानी की पूजा-अर्चना, देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना

देवघर झारखंड के देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने रविवार को भोले बाबा की विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर पहुंचने पर उन्हें पहले प्रशासनिक भवन ले जाया गया, जहां वैदिक मंत्रोचार के बीच उनके पुश्तैनी तीर्थ पुरोहित दानी नरौने और सहयोगियों द्वारा संकल्प कराया गया। इसके बाद पूरी सुरक्षा व्यवस्था के तहत उन्हें गर्भगृह में ले जाकर भगवान भोले की पूजा कराई गई। गौतम अडानी करीब सात मिनट तक गर्भगृह में रहे और इस दौरान उन्होंने झारखंड और देशवासियों की सुख-शांति एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की। पूजा के बाद उन्हें बाबा भोले का प्रतीक चिन्ह जिला खेल पदाधिकारी एवं बाबा मंदिर के सहायक प्रभारी संतोष कुमार ने भेंट किया। गोड्डा सांसद निशिकांत दूब से भी अडाणी ने उनके आवास पर मुलाकात की है। निशिकांत दूबे ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने लिखा 'अपने देवघर आवास पर अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी जी का स्वागत किया।' अडानी ने कहा, 'मन की शांति के लिए बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा-अर्चना करना मेरी बहुत पुरानी इच्छा थी। यहां पूजा कर मैं बहुत खुशकिस्मत महसूस कर रहा हूं।' पूजा-अर्चना के बाद गौतम अडानी पीरपैंती स्थित अडानी पावर लिमिटेड के 2,400 मेगावाट कोयला आधारित (सुपर क्रिटिकल) ताप विद्युत परियोजना स्थल का दौरा करेंगे। परियोजना में 800 मेगावाट की तीन इकाइयां शामिल हैं और यह लगभग 21,400 करोड़ रुपये के निवेश के साथ बिहार का प्रमुख ऊर्जा प्रोजेक्ट है।

बिहार में चीनी उद्योग को बढ़ाने दिया गन्ने का रकबा बढ़ाने का टारगेट

पटना. बिहार में 34 नई चीनी मिलों को चलाने को लेकर तैयारिया तेजी से सुनिश्चित की जा रही है। इसको देखते हुए गन्ना उद्योग विभाग ने बिहार में गन्ने की खेती का विस्तार करने की तैयारी में जुट गया है। राज्य में एक करोड़ रोजगार सृजित करने की दिशा में राज्य सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी के तहत राज्य में बंद नौ चीनी मिलों को चालू कराने के साथ ही 25 नई चीनी मिलों की स्थापना कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए गन्ना उद्योग विभाग ने नई चीनी मिलों की स्थापना को देखते हुए संबंधित जिलों में पांच-पांच हजार हेक्टेयर में गन्ना की खेती का विस्तार करने का निर्णय लिया है, जिससे कि नई चीनी मिलों के साथ ही वर्तमान में कार्यरत चीनी मिलों को पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध हो सकें। ऐसे में पौने दो लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने की तैयारी सरकार कर रही है। वर्तमान में लगभग 2.50 लाख हेक्यरेटर में गन्ने की खेती हो रही है। विदित हो कि सात निश्चय तीन के तहत राज्य में बंद पड़ी नौ चीनी मिलों को चालू कराने के साथ ही 25 नई चीनी मिलों की स्थापना कराने के प्रयास में सरकार जुटी है। इसको देखते हुए गन्ना उद्योग विभाग ने बिहार में गन्ने की खेती का विस्तार करने की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए संबंधित जिले के अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्य योजना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। जिलों से मांगी गई कार्य योजना विभाग ने गन्ने की खेती का विस्तार करने के लिए बगहा, बेतिया, मोतिहारी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी एवं सिवान के सहायक निदेशक और सभी चीनी मिलों कें महाप्रबंधकों के पास पत्र भेजकर शीघ्र कार्य योजना उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। ताकि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार गन्ना क्षेत्र का विस्तार करने की कार्रवाई शुरू की जा सके। जिलाधिकारियों को भूमि चयन के निर्देश गन्ना उद्योग विभाग ने बिहार में नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए 25 जिलों में भूमि चिह्नित करने के लिए संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है। प्रत्येक चीनी मिल के लिए एक सौ एकड़ भूमि की आवश्यकता है। बताया जाता है कि अधिकांश जिलों में नई चीनी मिल के लिए भूमि चयन कर लिया गया है। गांव आरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू गन्ना उद्योग विभाग से जारी पत्र के अनुसार सकरी मिल के लिए मधुबनी जिले के अंधराथाढ़ी, बबुरही, घोघाडीहा, झंझारपुर, लडनिया, लखनउर, लौकहा, लौकही, माधेपुर, पंडौर, फुलपरास और राजनगर प्रखंड के कुल 686 गांवों को सम्मिलित किया गया है। वहीं दरभंगा जिले के बरही, मनिगांछी, टारडीह, अलिनगर, बेनीपुर, बिरौल, धनश्यामपुर, गौरा बउराम, किरातपुर, कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी तथा दरभंगा प्रखंड के कुल 580 गांवों को चिह्नित किए गए हैं। रैयाम चीनी मिल के लिए दरभंगा जिले के बहादुरपुर, हायाघाट, हनुमाननगर, जाले, सिंघवारा और कोइरी प्रखंड के 580 गांवों को सम्मिलित किया गया है। वहीं, मधुबनी जिले के बासोपट्टी, बेनीपट्टी, बिस्फी, हरलाखी, जयनगर, कलुहीं, खजौली, रहिका एवं माधवापुर प्रखंड के कुल 438 गांव चिह्नित किए गए हैं।

पटना जू में बर्ड फ्लू रोकने फुट वॉश और किया जा रहा सैनिटेशन

पटना. पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) में बर्ड फ्लू पर रोकथाम लगाने के लिए जू प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है. पटना जू के पक्षी घर में दुनिया के अलग-अलग कोने से आए अनोखे पक्षियों के लिए खास व्यवस्था की गई है. बर्ड फ्लू से बचाव के लिए 24 घंटे केयर टेकर की तैनाती की गई है. ताकि बर्ड एवियरी की हर एक एक्टिविटी पर विशेष नजर रखी जा सके. इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए संजय गांधी जैविक उद्यान के निदेशक हेमंत पाटिल ने बताया कि जू में घूमने आने वाले सभी लोगों के लिए गेट पर ही पोटाशियम परमैगनेट से फूट वॉश करवाया जा रहा है. ताकि किसी तरह के संक्रमण का खतरा नहीं हो. पटना में की गई है यह व्यवस्था जानकारी के मुताबिक, पटना जू के रेंज ऑफिसर अरविंद वर्मा ने कहा कि हर रोज नियमित तौर पर पूरे उद्यान को कोर्सोलिन और वीरकॉन्ड पदार्थ से सैनिटेशन किया जा रहा है. ताकि बर्ड फ्लू जैसी बीमारी पक्षियों को छू भी न सकें. इसके अलावा बर्ड ड्रॉपिंग से बचाने के लिए खास इंतजाम किया गया है. दो शेरनियों को लाया गया पटना जू हाल ही में राजगीर जू सफारी से दो मादा शेरनियों को लाया गया है. साथ ही पटना जू से एक मादा शेरनी पार्वती को राजगीर जू सफारी नालंदा भेजा गया है. जू प्रशासन के अनुसार, दोनों शेरनियों को फिलहाल 30 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रखा गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रांसफर के दौरान जानवर अक्सर तनाव (स्ट्रेस) में आ जाते हैं, इसलिए उन्हें शांत वातावरण में रखना और यहां की जलवायु के अनुकूल ढालना आवश्यक है. क्वारंटाइन की अवधि समाप्त होने के बाद ही इन्हें आम पर्यटकों के दीदार के लिए बाड़े में छोड़ा जाएगा.

JPSC उम्मीदवारों के लिए खुशखबरी: विधानसभा में CM हेमंत ने घोषित की नई कटऑफ डेट

रांची झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में जेपीएससी अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देने की घोषणा की जबकि हाथियों के आतंक से मौत पर मुआवजा की राशि बढ़ाने और पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत पहुंचाने के लिए एसओपी बनाने का संकेत भी दिया। मुख्यमंत्री सोरेन ने सदन में घोषणा की कि झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (जेपीएससी) के अभ्यर्थियों के लिए कटऑफ डेट अब 1 अगस्त 2022 निर्धारित की गई है। पहले कटऑफ डेट 2026 निर्धारित था। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद हजारों ऐसे अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा, जो पूर्व निर्धारित तिथि के कारण पात्रता से वंचित हो रहे थे। हालांकि, छात्र संगठन अगस्त 2018 को कटऑफ डेट बनाने की मांग कर रहे थे। वहीं झारखंड में हाथियों के हमलों से होने वाली मौत और नुकसान को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेने के संकेत दिए हैं। सोरेन ने विधानसभा में कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और एक समेकित एसओपी तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल झारखंड में हाथी के हमले में मौत होने पर 4 लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है। हालांकि, अन्य राज्यों में यह राशि 4 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक है। सरकार असम, ओडिशा और अन्य राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन कर रही है और जल्द ही मुआवजा राशि बढ़ाने पर निर्णय लिया जाएगा। अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी सोरेन ने कहा कि नई एसओपी में यह प्रावधान किया जाएगा कि घटना के 10 दिनों के भीतर पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित हो। इसके साथ ही लकड़बग्घा, तेंदुआ और सांप जैसे अन्य वन्यजीवों के हमलों से होने वाली मौतों को भी एसओपी में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि खनन क्षेत्रों में अवैध खनन के कारण हाथियों का आतंक बढ़ रहा है, तो उस पर भी सरकार की नजर है और अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले विधायक तिवारी महतो ने मांडू क्षेत्र में भारी मशीनों से अवैध खनन का आरोप लगाया था। इस पर प्रभारी मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि सरकार को इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं है, लेकिन शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।  

तेजस्वी यादव का बड़ा बयान—संविधान बचाने के लिए सजग रहना जरूरी, सत्ता पर साधा निशाना

पटना राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में बैठे हुए लोग आज बाबा साहेब के संविधान को खत्म करने की साजिश में लगे हुए हैं। उन्होंने लोगों से इसके खिलाफ सजग रहने का आह्वान किया। रविदास चेतना मंच के तत्वावधान में आयोजित संत शिरोमणि गुरु रविदास के राज्य स्तरीय 649वें जयंती समारोह को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि राजद ने हमेशा अपने पुरखों को सम्मान दिया। लालू यादव ने पुरखों के विचारों के आधार पर समाज को आगे बढ़ाने का कार्य किया, जबकि आज भाजपा के लोग समाज में नफरत बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर देश को कमजोर करने वाले कार्यों में लगे होने का आरोप लगाया। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने संत शिरोमणि गुरु रविदास के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तारपूर्वक अपनी बातें रखी। उन्होंने कहा, "डबल इंजन सरकार ने 16 प्रतिशत आरक्षण से शोषितों, वंचितों, पिछड़ों, अति पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों को वंचित रखा है। हम लोगों ने जातीय आधारित गणना कराकर 65 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर सभी के साथ न्याय किया, लेकिन महागठबंधन सरकार के बदलते ही डबल इंजन सरकार ने आरक्षण को फंसाने का कार्य किया।" उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, रविदास और कबीर के विचारों को स्कूलों के सिलेबस में शामिल करवाने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा तथा इसके लिए सदन के अंदर और बाहर आवाज बुलंद की जाएगी। राजद नेता ने आगे कहा कि बिहार में गरीबों, शोषितों, ठेला वालों और सब्जी वालों के घरों और दुकानों को उजाड़ा जा रहा है। बिहार में शराबबंदी अभियान को विफल बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर से माफियाओं को संरक्षित किया जा रहा है।