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Mineral Transport Rules: बिहार सरकार का नया आदेश, VLD जरूरी और DTO से होगी जांच

पटना. राज्य में खनिज परिवहन से जुड़े वाहनों की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने अहम निर्णय लिया है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अन्य सार्वजनिक वाहनों की तरह अब खनिज ढुलाई में उपयोग वाले सभी वाहनों में व्हीकल लोकेशन डिवाइस (वीएलडी) अनिवार्य होगा और इस डिवाइस की जांच और सत्यापन जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) के स्तर पर किया जाएगा। खान एवं भू-तत्व विभाग की एक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को लघु खनिजों के अवैध खनन, परिवहन पर रोक लगाने के लिए वीएलडी प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी गई। बैठक में पूर्व में जारी निर्देश का हवाला देकर कहा गया कि सभी खनिज परिवहन वाहनों में प्रमाणित वीएलडी डिवाइस का होना अनिवार्य होगा। डीटीओ कार्यालय इन उपकरणों की तकनीकी जांच, सक्रियता और वास्तविक समय लोकेशन ट्रैकिंग की पुष्टि करेगा। यदि किसी वाहन में वीएलडी नहीं पाया जाता है या वह निष्क्रिय मिलता है, तो संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। बैठक में यह भी कहा गया कि इस व्यवस्था से राजस्व की हानि रोकने के साथ-साथ परिवहन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सकेगा। विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं और नियमित रूप से इसकी समीक्षा करें। खनन क्षेत्र में नियमों के अनुपालन को लेकर सरकार की यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिससे अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ प्रशासनिक नियंत्रण भी मजबूत होगा।

हार के बाद बदला राजनीतिक अंदाज़? तेजस्वी यादव को मिला नया नाम, नेताओं के बयान चर्चा में

 पटना राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के हार को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार ट्रोल हो रहे हैं। सत्ता पक्ष के नेता तो उनपर हमला बोल ही रहे हैं, अब लिस्ट में महागठबंधन के नेता भी शामिल हो गए हैं। सत्ता पक्ष से कृषि मंत्री राम कृपाल यादव और राष्ट्रीय जनता दल के सूप्रीमो लालू प्रसाद के करीबी शिवांनद तिवारी ने भी तेजस्वी यादव पर तंज कसा है। दरअसल, तेजस्वी यादव राज्यसभा चुनाव के परिणाम के बाद बिहार से बाहर चले गए। इसके बाद रामकृपाल यादव और शिवानंद तिवारी ने उन्हें रणछोड़ कह दिया। वहीं पप्पू यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव ने अपनी जिम्मेदारी ही ठीक से नहीं निभा पाए। पहले जानिए शिवानंद तिवारी ने क्या कहा? पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी ने कहा कि पराजय से ज्यादा खराब है कि पराजय के बाद मैदान छोड़ देना। सुना है कि तेजस्वी यादव कोलकाता के लिए निकल गए हैं। इसके पहले भी वह बिहार से बाहर चले गए थे। परिवार के साथ यूरोप चले गए थे। पराजय के बाद रण छोड़ देने वाले नेताओं के साथ उनके समर्थक नहीं टिकते हैं। मंत्री रामकृपाल यादव ने क्या कहा? वहीं कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव जिस तरह से विधानसभा चुनाव में पटना छोड़कर चले गए थे, उसी तरह राज्यसभा चुनाव में भी हार के बाद पटना के बाहर चले गए। वह अब रणछोड़ बन गए हैं। यही कारण है कि तेजस्वी यादव की पार्टी के नेताओं को उनपर भरोसा नहीं है। सांसद पप्पू यादव ने उठाया सवाल वहीं सांसद पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव के प्रतिनिधित्व पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के बिहार प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष से बातचीत ही नहीं की। विपक्ष के नेता का दायित्व था कि वह सबसे बात करें। लेकिन, उन्होंने ऐसा नहीं किया। जिसका परिणाम हुआ कि कांग्रेस के तीन विधायक नाराज हो गए और वोट डालने नहीं गए।

CM फेस पर सस्पेंस बरकरार: नीतीश कुमार ने फिर दिए संकेत, बड़े नेता की पीठ थपथपाई

जमुई. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि केंद्र का पूरा सहयोग मिल रहा है। पिछले 20 वर्षों के कार्यकाल में जो थोड़ी बहुत कमी रह गई है, उसे अगले पांच वर्षों के एनडीए सरकार में पूर्ण कर लिया जाएगा। वह बुधवार को समृद्धि यात्रा पर भगवान महावीर की धरती लछुआड़ पहुंचे थे। यहां उन्होंने चिर प्रतीक्षित कुंडघाट जलाशय परियोजना सहित 914 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने 2005 के पहले के बिहार की चर्चा करते हुए लोगों को विरोधियों से सावधान किया और सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए के लिए समर्थन देते रहने का भरोसा लिया। 40 मिनट लंबा संबोधन नीतीश ने तकरीबन 40 मिनट के संबोधन में लगभग सभी बिंदुओं को रेखांकित करते हुए बताया कि किस प्रकार उन लोगों ने बिहार को बदहाली के दलदल से बाहर निकाला। उन्होंने यह भी बताया कि शाम होते कैसे दरवाजे बंद हो जाते थे और लोगों का घरों से निकलना मुश्किल होता था। सड़कों की क्या हालत थी और अब क्या है। 24 नवंबर 2005 को सत्ता संभालने के साथ हमने न्याय के साथ विकास करना प्रारंभ किया। नीतीश ने गिनाई अपनी उपलब्धियां मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति पर नमन करते हुए अपना संबोधन प्रारंभ किया। इसके बाद वह कब्रिस्तान से लेकर मंदिरों की घेराबंदी सुनिश्चित कर सांप्रदायिक सौहार्द बहाल करने में सरकार की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम शिक्षा पर काम शुरू किया और आज सरकारी शिक्षकों की संख्या 5.24 लाख हो गई। पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिमाह 39 मरीज आते थे। आज यह आंकड़ा 11600 तक पहुंच गया है। 2005 से पहले सिर्फ छह मेडिकल कॉलेज थे। अब 12 हो गए। छह पूर्ण होने वाले हैं और 21 को भी शीघ्र पूरा किया जाएगा। पुराने को भी अपग्रेड कर दिया गया है। पीएमसीएच 5400 बेड का बन गया। इसके अलावा, पांच अन्य पुराने मेडिकल कॉलेज को ढाई हजार बेड का बनाया गया। अगले 5 साल में देंगे 1 करोड़ नौकरी नीतीश कुमार ने कहा कि आईजीएमएस भी 3000 बेड का अस्पताल हो गया। 2018 में ही उन्होंने हर घर बिजली पहुंचाने का काम किया 50 लाख घरों पर सोलर की स्वीकृति दी जा चुकी है। अगले पांच वर्षों में एक करोड़ को नौकरी और रोजगार दिया जाएगा। अल्पसंख्यक कल्याण की कई योजनाओं को प्रारंभ किया गया। जाति आधारित गणना, पेंशन राशि बढ़ोतरी और 125 यूनिट बिजली फ्री के साथ ही रोजगार के लिए जीविका दीदी को सहायता पहुंचने की भी उन्होंने चर्चा की। जीविका दीदियों की चर्चा नारी सशक्तिकरण में जीविका दीदियों से लेकर पंचायत और नगर निकाय में महिलाओं को 50 प्रतिशत तथा पुलिस एवं सभी सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था को भी उन्होंने महत्वपूर्ण कदम बताया। 25 से 30 का संकल्प दोहराते हुए उन्होंने कहा औसत आय को दोगुना करना तथा प्रत्येक जिले में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना सरकार की प्राथमिकता में है। पुरानी बंद चीनी मीलें चालू होंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि डेयरी और मछली पालन के क्षेत्र में भी विशेष काम करने की योजना है। उन्नत शिक्षा और उज्जवल भविष्य के तहत प्रत्येक प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज खुलेंगे। सुलभ स्वास्थ, सुरक्षित जीवन के तहत विशिष्ट चिकित्सा केंद्र की स्थापना होगी। डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाई जाएगी। सम्राट की पीठ पर रखा हाथ, मांगा समर्थन अंत में उन्होंने सम्राट चौधरी के करीब जाकर उनकी पीठ पर हाथ रख जनता से समर्थन देते रहने का भरोसा भी लिया। सभा को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी, 20 सूत्री प्रभारी मंत्री संजय सिंह खेल व सूचना प्रविधि की मंत्री श्रेयसी सिंह ने भी संबोधित किया

लावारिस बैग बना सुराग: एयरपोर्ट से 10 करोड़ का गांजा जब्त, चौंकाने वाला खुलासा

गया जी बिहार के गया जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर कस्टम विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की। इस बीच करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य का ‘हाईटेक गांजा’ जब्त किया।  बरामदगी के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और जांच प्रक्रिया को और सख्त कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, 14 मार्च को थाई एयरवेज की बैंकॉक से आई एक शेड्यूल फ्लाइट से पहुंचे दो संदिग्ध बैग को कस्टम अधिकारियों ने जांच के दौरान अलग कर लिया था। बैग की स्थिति और उसमें मौजूद सामान को लेकर अधिकारियों को संदेह हुआ, जिसके बाद उन्हें निगरानी में रखा गया। तीन दिनों तक लावारिस पड़े थे बैग चौंकाने वाली बात यह रही कि ये दोनों बैग एयरपोर्ट पर लगातार तीन दिनों तक लावारिस पड़े रहे, लेकिन कोई भी यात्री उन्हें लेने नहीं पहुंचा। इससे कस्टम विभाग का शक और गहरा गया। अंततः अधिकारियों ने नियमों के तहत बैग की तलाशी लेने का फैसला किया। कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई तलाशी के दौरान बैग के अंदर से करीब 10 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद किया गया। यह गांजा पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि उन्नत तकनीक यानी हाइड्रोपोनिक विधि से तैयार किया जाता है, जिसकी गुणवत्ता और कीमत दोनों काफी अधिक होती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई है। क्या कोई संगठित गिरोह है ? इस बरामदगी के बाद एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड में आ गईं। कस्टम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी से जुड़ा हो सकता है और इसके पीछे संगठित गिरोह की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल कस्टम विभाग पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन बैग को एयरपोर्ट तक कौन लाया और इन्हें लेने कोई क्यों नहीं पहुंचा। साथ ही अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की दिशा में कार्रवाई जारी है।

बिहार में पुलिस महकमे में बदलाव: लखीसराय और नवगछिया के SP समेत 7 अधिकारियों के ट्रांसफर

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा पर हैं। राज्य में विधि व्यवस्था को बेहतर बनाने की बात कहते आ रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को गृह विभाग की आरक्षी शाखा से सात पुलिस अधिकारियों का तबादला कर दिया दिया गया। इनमें भारतीय पुलिस सेवा के चार और बिहार पुलिस सेवा के तीन अधिकारी शामिल हैं। पहले चार आईपीएस अफसर के बारे में जानते हैं। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के गृह जिले के एसपी कौन बने? गृह विभाग की आरक्षी शाखा की ओर से जारी किए गए पत्र के अनुसार, 2012 बैच के अधिकारी अजय कुमार पांडेय को मद्य निषेध एवं एएनटीएफ का डीआईजी बनाया गया है। वह वर्तमान में पटना में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीआईजी पद पर तैनात हैं। 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी प्रेरणा कुमार को  लखीसराय की एसपी पद की जिम्मेदारी दी गई है। वह वर्तमान में लखीसराय में पुलिस अधीक्षक के पद तैनात हैं। वहीं 2016 राजेश कुमार को नवगछिया में एसपी के पद पर तैनात किया गया है। वह वर्तमान में मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, में पुलिस अधीक्षक के पद तैनात हैं। 2019 बैच के अधिकारी को बिहार पुलिस मुख्यालय में पुलिस अधीक्षक (कर्मिक 1) के पद पर तैनात किया गया है। वर्तमान में वह लखीसराय से पुलिस अधीक्षक पर तैनात हैं। बाढ़ के एसडीपीओ 1 की जिम्मेदारी आनंद कुमार सिंह को गृह विभाग की आरक्षी शाखा की ओर से जारी किए गए पत्र के अनुसार, बिहार पुलिस सेवा के अधिकारी राम कृष्णा को बाढ़ का एसडीपीओ एक बनाया गया है। वह वर्तमान में कटिहार में पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राइम) के पद पर हैं। इनके अलावा आनंद कुमार सिंह को पुलिस उपाधीक्षक उच्च न्यायालय, सुरक्षा, पटना के पद पर तैनात किया गया है। वह वर्तमान में बाढ़ के एसडीपीओ 1 के पद पर तैनात हैं। वहीं पुलिस उपाधीक्षक, उच्च न्यायालय सुरक्षा, पटना में पुलिस उपाधीक्षक पद पर तैनात विनोद राम को बिहार पुलिस मुख्यालय में योगदान देने के लिए कहा गया है।

नए मुख्यमंत्री पर फैसला एनडीए के हाथ में, रामकृपाल यादव का बड़ा बयान

  पटना, बिहार की सियासत एक बार फिर गर्म होती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर चल रही अटकलों के बीच बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि एनडीए नेतृत्व ही तय करेगा कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ दिनों में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। जनता दल (यूनाइटेड) में नेतृत्व को लेकर भी उन्होंने टिप्पणी की। राम कृपाल यादव ने कहा कि नीतीश कुमार ही जदयू के संस्थापक हैं। उन्होंने याद दिलाया कि समता पार्टी से विकसित होकर जदयू बना और इस पूरी यात्रा में नीतीश कुमार ने संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार ने खुद फैसला लिया है कि अब वे मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहेंगे, लेकिन नई सरकार को मार्गदर्शन देते रहेंगे। साथ ही, उन्होंने यह भी तय किया है कि वे पार्टी संगठन की जिम्मेदारी आगे भी संभालते रहेंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का सपना है कि साल 2030 तक बिहार एक विकसित राज्य बने। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए वे लगातार काम करते रहे हैं और आगे भी उनका मार्गदर्शन मिलता रहेगा। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए राम कृपाल यादव ने कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस पूरी तरह खत्म हो जाएगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भी उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी शासन में बंगाल बर्बाद हो चुका है और वहां के लोगों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि अत्याचार के कारण जनता डरी हुई है, लेकिन चुनाव में लोग अपने मत का सही इस्तेमाल करेंगे और टीएमसी को हटाकर भाजपा नेतृत्व वाली सरकार बनाएंगे। वहीं, वाराणसी में गंगा नदी के बीच नॉन-वेज इफ्तार पार्टी के आयोजन पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में गंगा मां के रूप में पूजी जाती हैं और यह एक बेहद पवित्र स्थल है। खासकर बनारस के घाटों पर दुनियाभर से लोग आते हैं। ऐसे स्थान पर इस तरह का आयोजन करना पूरी तरह गलत है। उन्होंने इसे सनातन और हिंदू धर्म का गंभीर अपमान बताया और कहा कि इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।  

पुलिस को धमकी देने वाले अपराधी कुंदन ठाकुर का एनकाउंटर, ‘15 लाशें गिरने’ की दी थी चेतावनी

 मोतिहारी बिहार के मोतिहारी में एक तरफ पुलिस को खुली चुनौती देने वाला कुख्यात अपराधी, दूसरी तरफ उसकी तलाश में जुटी टीम और फिर गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच खत्म हुई एक खौफनाक कहानी. लेकिन इस मुठभेड़ की सबसे दर्दनाक बात रही एक STF जवान की शहादत। घटना सिर्फ एक एनकाउंटर नहीं थी, बल्कि उससे पहले की कहानी कहीं ज्यादा खतरनाक और चौंकाने वाली है. मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात अपराधी कुंदन ठाकुर का एक ऑडियो अब सामने आया है, जिसने पुलिस और आम लोगों दोनों को हैरान कर दिया है. इस ऑडियो में कुंदन ठाकुर जिस बेखौफ अंदाज में पुलिस को धमकी देता सुनाई दे रहा है, वह बताता है कि उसका मनोबल किस कदर बढ़ा हुआ था. बताया जा रहा है कि यह ऑडियो मुठभेड़ से दो दिन पहले का है, जिसमें कुंदन ठाकुर ने चकिया के अपर थानाध्यक्ष को फोन कर सीधी चुनौती दी थी. उसने कहा था जहां मन करे जगह और समय तय कर लीजिए, मैं वहां पहले से मौजूद रहूंगा. 10 से 15 पुलिस वालों की लाशें गिरेंगी और आप लोग मुझे पकड़ भी नहीं पाएंगे। यही नहीं, उसने पुलिस पर परिवार को परेशान करने का आरोप लगाते हुए यहां तक कह दिया कि अगर मेरे परिवार को तंग किया गया, तो मैं भी आपके परिवार वालों को नहीं छोड़ूंगा. बातचीत के दौरान उसकी आवाज में न डर था, न झिझक… बल्कि एक तरह की खुली चुनौती थी. ऑडियो में कुंदन ठाकुर बार-बार यह दोहराता है कि वह भागने वालों में नहीं है. उसने पुलिस से कहा अगर मुठभेड़ होगा तो हम भागेंगे नहीं, सामने से सामना करेंगे. जब पुलिस ने पूछा कि क्या वह धमकी दे रहा है, तो उसने जवाब दिया धमकी नहीं, सलाह दे रहे हैं। पुलिस के रडार पर था चंदन  पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुंदन ठाकुर लंबे समय से पुलिस के रडार पर था. उसकी गतिविधियों को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही थी. इसी बीच पुलिस को उसके ठिकाने की पुख्ता जानकारी मिली, जिसके बाद देर रात एक विशेष टीम ने इलाके में नाकेबंदी कर दी. जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, वहां मौजूद अपराधियों ने बिना किसी चेतावनी के फायरिंग शुरू कर दी. अचानक हुई इस गोलीबारी में एक STF जवान गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. यह खबर मिलते ही पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई. अपने साथी को खोने के बाद भी पुलिस टीम पीछे नहीं हटी. आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें कुंदन ठाकुर समेत दो अपराधी मौके पर ही ढेर हो गए. इस पूरी कार्रवाई में कुछ समय के लिए पूरा इलाका गोलियों की आवाज से गूंजता रहा। लगातार दे रहा था धमकी  पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि कुंदन ठाकुर लगातार पुलिस को धमकियां दे रहा था और उसे पकड़ने के लिए कई दिनों से प्रयास किए जा रहे थे. उन्होंने कहा कि जैसे ही पुलिस ने ठिकाने को घेरा, अपराधियों ने हमला कर दिया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी. एसपी के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान जिस मकान में अपराधी छिपे थे, उसके मालिक उज्जवल कुमार और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है. उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अपराधियों को किस तरह शरण दी जा रही थी. घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है और आसपास के क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।

Tele ICU Service: झारखंड के हर जिले में नई सुविधा, अब दूर बैठे विशेषज्ञ देंगे मरीजों को सलाह

रांची. राज्य के सभी मेडिकल कालेजों व जिला सदर अस्पतालों में टेली आइसीयू की स्थापना की जाएगी। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने सभी जिलों के सिविल सर्जन तथा सदर अस्पतालों के पदाधिकारियों व चिकित्सकों के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक की। इस क्रम में उन्होंने इसके लिए आवश्यक उपकरणों और मानव संसाधन की तत्काल व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने बताया कि फिलहाल राज्य के पांच जिले गुमला, सिमडेगा, चतरा और रांची के सदर अस्पताल टेली आइसीयू से जुड़े हुए हैं। इन अस्पतालों का मेंटर राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) है, जहां से सुपर स्पेशलिस्ट डाक्टर टेली आइसीयू एवं एआइ तकनीक के माध्यम से गंभीर मरीजों की निगरानी कर उन्हें परामर्श दे रहे हैं। सभी जिलों में लागू होगी व्यवस्था अपर मुख्य सचिव ने कहा कि इस व्यवस्था को सभी जिलों में लागू किया जाएगा, जिससे मरीजों को इलाज के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह मिल सकेगी। बैठक में संभावित चुनौतियों पर भी चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी को दूर करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) द्वारा नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त नियुक्तियां भी की जाएंगी। वहीं, पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को आउटसोर्सिंग के माध्यम से पूरा करने का निर्देश दिया गया। बैठक में मेडिकल उपकरणों की खरीद पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। जिन अस्पतालों में उपकरणों की खरीद लंबित है, उनकी निगरानी की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर राज्य स्तर से उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। अस्पताल रखरखाव योजना की भी समीक्षा बैठक में एसएनए स्पर्श और मुख्यमंत्री अस्पताल रखरखाव योजना की भी समीक्षा की गई। इस दौरान अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने जिलों से अद्यतन जानकारी ली। अधिसंख्य जिलों द्वारा 90 प्रतिशत से अधिक राशि खर्च किए जाने पर संतोष व्यक्त किया गया और शेष राशि भी शीघ्र खर्च करने के निर्देश दिए गए।

Jharkhand HC Decision: CISF असिस्टेंट कमांडेंट भर्ती जारी रहेगी, कोर्ट ने रोक लगाने से मना किया

रांची. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में सीआईएसएफ असिस्टेंट कमांडेंट नियुक्ति नियमावली को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया। कोर्ट यह निर्देश दिया कि असिस्टेंट कमांडेंट की विज्ञापन के आधार पर नियुक्ति इस केस के अंतिम निर्णय से प्रभावित होगी। इसकी जानकारी अभ्यर्थियों को भी दे दी जाए। प्रार्थी ने कहा कि नियमावली के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई लंबित रहने के दौरान ही यूपीएससी ने असिस्टेंट कमांडेंट पद के लिए विज्ञापन निकाला है, इसलिए इस पर रोक लगाई जाए। प्रार्थी ने सीआईएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट नियुक्ति नियमवाली को चुनौती देते हुए कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ट्रेंनिंग की गाइडलाइन के तहत हर पांच साल में इस नियुक्ति नियमावली की समीक्षा होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। प्रार्थी का यह भी कहना था कि सीआईएसएफ के अन्य विंग में असिस्टेंट कमांडेंट के शत प्रतिशत पद इंस्पेक्टर पद से प्रोन्नति के माध्यम से भरे जाते हैं। जबकि उक्त नियमावली के तहत केवल 30 प्रतिशत पद ही इंस्पेक्टर पद से असिस्टेंट कमांडेंट पद पर प्रोन्नति देने का प्रविधान है। इसलिए वर्ष 2009 की नियुक्ति नियमावली और असंवैधानिक और गलत है।

CM फेस पर सस्पेंस: नीतीश कुमार ने सम्राट की पीठ थपथपाई, ‘जिंदाबाद’ के नारों से गरमाई सियासत

भागलपुर. राज्यसभा चुनाव में जीत के बाद की पहली समृद्धि यात्रा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने उत्तराधिकारी के बारे में संकेत दे दिया। उनकी सभा बैजानी में थी। नीतीश ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाई। केंद्र सरकार के सहयोग का बखान किया।लोगों को भरोसा दिया कि राज्य में आगे भी सबकुछ अच्छा रहेगा। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने भीड़ से हाथ उठाने का आग्रह किया। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और संसदीय कार्य मंत्री मंच पर अगल-बगल में खड़े थे। अन्य नेता भी खड़े थे। पीठ पर रखा हाथ, दूसरा हाथ हवा में लहराया मुख्यमंत्री मंच पर तेज कदम बढ़ाते हुए बढ़े। कई नेताओं को किनारे करते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास पहुंचे। उनकी पीठ पर एक हाथ रखा। दूसरा हाथ हवा में लहरा दिया। सम्राट के दोनों हाथ जुड़ गए। भीड़ ने भीड़ से सम्राट चौधरी जिंदाबाद का नारा बुलंद किया। सम्राट के बगल में विजय चौधरी खड़े थे। इस सभा में एक तरह से नीतीश ने अपने उत्तराधिकारी का साफ संकेत दिया। भीड़ से उस पर मुहर भी लगवा दी। संयोग यह कि मंच का संचालन कर रही महिला ने भी सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री कह कर संबोधित किया। प्राय: सभी समृद्धि यात्रा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सम्राट चौधरी चोधरी जाते रहे हैं, लेकिन राज्यसभा के लिए नामांकन के बाद की समृद्धि यात्रा के हरेक मंच पर सम्राट को पहले की तुलना में अधिक तरजीह मिल रही है। सीमांचल की यात्रा में भी दिखी थी ऐसी तस्वीर इससे पहले, सीमांचल की समृद्धि यात्रा में भी नीतीश ने सम्राट की पीठ पर हाथ रखकर भीड़ का अभिवादन करवाया था। जदयू के मंत्रियों में संसदीय कार्य एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी को तरजीह मिल रही है। शपथ ग्रहण के क्रम के अनुसार नीतीश मंत्रिमंडल में सम्राट चौधरी को दूसरा स्थान प्राप्त है। वे नीतीश मंत्रिमंडल के पहले गृह मंत्री हैं।