samacharsecretary.com

पटना साइंस कॉलेज समेत प्रमुख संस्थानों में शाम की पढ़ाई शुरू करने का शिक्षा विभाग का प्रस्ताव

पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि पटना स्थिति एएन कॉलेज को डीम्ड यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। सीएम ने अनुग्रह बाबू की जयंती सह कॉलेज के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में घोषणा की। इसके साथ शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि पटना साइंस कॉलेज समेत 10 प्रमुख कॉलेजों में इवनिंग पढ़ाई शुरू होगी। उच्च शिक्षा विभाग ने पटना साइंस कॉलेज सहित राज्य के 10 प्रमुख महाविद्यालयों में इवनिंग कक्षाओं के संचालन का प्रस्ताव राज्यपाल सचिवालय को भेजा है। इसमें छह कॉलेज पटना व अन्य चार कॉलेज अलग-अलग जिलों में स्थित है। विभाग की ओर से कहा कि इससे बड़ी संख्या में छात्रों को प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन का अवसर मिल सकेगा। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन ने राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव को भेजे पत्र में कहा है कि राज्य के कुछ प्रमुख महाविद्यालय अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रतिष्ठा के कारण छात्रों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय हैं। ऐसे में इन संस्थानों की उपलब्ध संसाधनों और अधोसंरचना का बेहतर उपयोग करते हुए इवनिंग कॉलेज शुरू किया जाना उपयोगी होगा। इन कॉलेजों में होगी पढ़ाई पटना साइंस कॉलेज, एएन कॉलेज, बीएन कॉलेज, मगध महिला कॉलेज, कॉलेज ऑफ कॉमर्स आर्ट्स एंड साइंस, जेडी वीमेंस कॉलेज, एमएस कॉलेज मोतिहारी, एलएस कॉलेज मुजफ्फरपुर, टीएनबी कॉलेज भागलपुर और सीएम साइंस कॉलेज दरभंगा में इवनिंग क्लासेज की व्यवस्था जल्द शुरू होगी। यह व्यवस्था शुरू होने से कामकाजी लोगों को पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा और संस्थानों के इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर उपयोग हो सकेगा। बिहार में पूर्व में भी इवनिंग पढ़ाई की व्यवस्था चल रही थी। संध्या क्लास में रोजगार परक पढ़ाई को भी शामिल किया जाएगा। महिलाओं को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित किया जाएगा। 10 दिनों में एएन कॉलेज कैंपस से हटेगा थाना इधर, एएन कॉलेज स्थिति पुलिस थाना को जल्द शिफ्ट किया जाएगा। इलाके में सुरक्षा प्रबंधों के नजरिए से इस थाना को स्थापित किया गया था। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि दस दिनों में थाने को नए स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि शिक्षा राष्ट्र की रीढ़ होती है। आम लोगों को चाहिए कि अपनी कमाई का कुछ हिस्सा शिक्षा क्षेत्र में लगाना चाहिए। सीएम ने कॉलेज की पत्रिका अनुग्रह ज्योति का लोकार्पण भी किया। उन्होने कहा कि सरकार राज्य की शिक्षा व्यवस्था को दुरूस्त करने की दिशा में काम कर रही है। प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक शिक्षकों की भर्ती, संसानों का विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित किया जाएगा।

रांची में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के संकेत, पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया

रांची  रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले की साजिश और उसके क्रियान्वयन से जुड़े मामले में गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हमले के पीछे दुबई में बैठा एक नेटवर्क सक्रिय था, जिसने लोहरदगा निवासी अमन अंसारी को आरएसएस कार्यालय को निशाना बनाने का टास्क दिया था। पुलिस की कार्रवाई में पैर में गोली लगी इस मामले में गिरफ्तार अमन अंसारी, सैफ अंसारी और अयान खान से पूछताछ जारी है। इसी दौरान कोतवाली थाना से फरार हुए सैफ अंसारी को मांडर में पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर लिया। भागने के दौरान पुलिस की कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपितों को पूछताछ के लिए कोतवाली थाना में रखा गया था। इसी दौरान सैफ अंसारी ने शौचालय जाने की अनुमति मांगी। वह बाथरूम गया, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं निकला। संदेह होने पर पुलिसकर्मियों ने बाथरूम का दरवाजा तोड़ा तो पता चला कि वह वेंटिलेटर के रास्ते फरार हो चुका है। इसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और उसकी तलाश शुरू कर दी गई। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने सैफ की गतिविधियों पर नजर रखी। जांच के दौरान सूचना मिली कि वह बस से मांडर की ओर जा रहा है। इसके बाद पुलिस की एक टीम ने मांडर टोल प्लाजा के पास बस को रुकवाया और सैफ को हिरासत में ले लिया। दुबई में बैठकर भट्टी देता है टास्क,मंगवाता है वीडियो पूछताछ और तकनीकी जांच में पुलिस को इस मामले में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन के संकेत मिले हैं। जांच में सामने आया है कि दुबई में रहने वाला शाहबाज आलम उर्फ भट्टी आरएसएस कार्यालय पर हमले की साजिश का मुख्य सूत्रधार है। पुलिस के अनुसार, भट्टी और राना हुसैन दुबई में रहकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई तथा टीटीएच नामक आतंकी संगठन के लिए काम करते हैं। इन्हीं लोगों ने अमन अंसारी को आरएसएस कार्यालय को निशाना बनाने का टास्क दिया था। पुलिस का कहना है कि इस काम के बदले अमन को मोटी रकम मिलने वाली थी। अमन ने पूछताछ में बताया कि घटना के दिन जब वह आरएसएस कार्यालय परिसर की ओर पेट्रोल बम फेंक रहा था, तब उसका साथी सैफ अंसारी पूरी घटना का वीडियो बना रहा था। हमले के बाद वीडियो रिकॉर्डिंग दुबई में बैठे शाहबाज आलम उर्फ भट्टी को भेजी गई थी। दुबई में एसी तकनीशयन का काम करता था अमन वहीं पर भट्टी से हुई थी मुलाकात जांच में यह भी जानकारी मिली है कि अमन अंसारी के बैंक खाते में कई बार विदेश से पैसे भेजे गए थे। पुलिस इन लेनदेन की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अमन की मुलाकात भट्टी से उस समय हुई थी जब वह दुबई में एसी तकनीशियन के रूप में काम करता था। जनवरी में उसका वीजा समाप्त हो गया था, जिसके बाद उसे भारत लौटना पड़ा। हालांकि भारत लौटने के बाद भी वह लगातार भट्टी के संपर्क में बना रहा। भट्टी के नेटवर्क को तलाश रही है पुलिस अब पुलिस का फोकस झारखंड में सक्रिय उन लोगों की पहचान करने पर है, जो कथित रूप से भट्टी के संपर्क में हैं या उसके लिए काम कर रहे हैं। इसके लिए विभिन्न जिलों में जांच का दायरा बढ़ाया गया है और केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय किया जा रहा है। आरएसएस कार्यालय पर हमले की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। पुलिस ने संवेदनशील स्थलों पर निगरानी बढ़ाई है और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। घटना के बाद पुलिस ने शहर के विभिन्न हिस्सों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे। जांच के दौरान अमन और सैफ को रांची रेलवे स्टेशन की ओर जाते हुए देखा गया था। इसी आधार पर पुलिस उनकी तलाश में जुटी और दोनों को कोडरमा से गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में उन्हें सड़क मार्ग से रांची लाया गया फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट होगा और सुरक्षित, आपात स्थितियों के लिए तैयार होगा अलग ऑपरेशन जोन

रांची  बिरसा मुंडा एयरपोर्ट को देश के अत्याधुनिक और सुरक्षित हवाई अड्डों की श्रेणी में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। एयरपोर्ट परिसर में विशेष आईसोलेशन वे के निर्माण की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है। रनवे-तीन क्षेत्र में इसके लिए जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। 20 एकड़ क्षेत्र इस परियोजना के लिए विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित आईसोलेशन वे की लंबाई करीब 350 मीटर और चौड़ाई 30 मीटर होगी। विमानों की आवाजाही के लिए 20 मीटर चौड़ा मार्ग बनाया जाएगा, जबकि दोनों ओर 3.5-3.5 मीटर चौड़ा शोल्डर होगा, जहां लाइटिंग और अन्य सुरक्षा उपकरण लगाए जाएंगे। रांची एयरपोर्ट में यह सुविधा शुरू होने के बाद झारखंड को भी देश के उन चुनिंदा एयरपोर्ट्स में स्थान मिलेगा, जहां किसी भी सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए अलग ऑपरेशन जोन उपलब्ध होगा। आपात स्थिति में होगा उपयोग हाल के दिनों में विमान में बम रखने, एयरपोर्ट को उड़ाने और हाईजैक जैसी धमकियों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए रांची एयरपोर्ट को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। ऐसे में करीब 15 से 20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह आइसोलेशन वे सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। आईसोलेशन वे ऐसी विशेष सुविधा है, जहां किसी संदिग्ध या आपात स्थिति वाले विमान को सामान्य परिचालन क्षेत्र से अलग ले जाकर खड़ा किया जाता है। विमान में बम की सूचना, हाईजैक की आशंका, संक्रमण फैलने का खतरा अथवा किसी संवेदनशील उड़ान की सुरक्षा जैसे मामलों में इसका उपयोग किया जाता है। इससे यात्रियों, अन्य विमानों और एयरपोर्ट संचालन पर खतरे का असर नहीं पड़ता। परियोजना का डिजाइन स्वीकृत हो चुका है और प्लानिंग अंतिम चरण में है। जमीन उपलब्ध होते ही निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। आपात स्थिति में विमान को सीधे आईसोलेशन वे में भेजकर सुरक्षा एजेंसियां विशेष अभियान चला सकेंगी, जिससे एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। विनोद कुमार, निदेशक एयरपोर्ट  

रेलवे का बड़ा कदम: 30 करोड़ की लागत से टाटीसिलवे, सिल्ली समेत 7 स्टेशनों पर बनेगा आधुनिक फुट ओवरब्रिज

रांची  रांची मंडल द्वारा सात रेलवे स्टेशनों पर नए फुट ओवरब्रिज के निर्माण का कार्य शुरू किया जा रहा है। जिन स्टेशनों पर नए फुट ओवरब्रिज बनाए जाएंगे, उनमें टाटीसिलवे, तुलिन, टांगरबसली, सिल्ली, नामकुम, झालिदा और रामगढ़ कैंट स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा ओरगा और गोविंदपुर रेलवे स्टेशनों पर पहले से मौजूद फुट ओवरब्रिज का विस्तार किया जाएगा ताकि यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने में अधिक सुविधा मिल सके। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और व्यवस्थित आवागमन उपलब्ध कराना है। वर्तमान में कई छोटे स्टेशनों पर यात्री प्लेटफार्म बदलने के लिए सीधे रेलवे ट्रैक पार करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। नए फुट ओवरब्रिज बनने के बाद यात्रियों को पटरियां पार करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। साथ ही, प्लेटफार्मों पर भीड़ प्रबंधन में भी सुधार आएगा। ट्रेन आने और जाने के दौरान यात्रियों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी तथा बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष राहत मिलेगी। रेलवे का मानना है कि इन सुविधाओं से दैनिक यात्रियों और लंबी दूरी के यात्रियों दोनों को सीधा लाभ मिलेगा। 30 करोड़ की लागत से होगा निर्माण रेलवे मंडल के अनुसार इस पूरी परियोजना पर लगभग 30 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सभी निर्माण एवं विस्तार कार्यों को वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्यों में आधुनिक डिजाइन, मजबूत संरचना और बेहतर यात्री सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा। रांची मंडल में रेलवे ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अन्य परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है। रांची से ओरगा के बीच रेलवे लाइन दोहरीकरण का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस रेलखंड के विभिन्न स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का और विस्तार किया जाएगा। इसमें बेहतर प्रतीक्षालय, प्रकाश व्यवस्था, प्लेटफॉर्म विकास, पेयजल और यात्री सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी।

यात्रियों के लिए बड़ी सौगात: छपरा-दिल्ली और मऊ-दिल्ली एक्सप्रेस सेवा का शुभारंभ, मेमू ट्रेन का भी विस्तार

 छपरा  पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में 19 जून का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी छपरा जंक्शन पर आयोजित विशेष समारोह में नई रेल सेवाओं का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर छपरा-दिल्ली आनंद विहार टर्मिनस साप्ताहिक एक्सप्रेस, मऊ-दिल्ली आनंद विहार टर्मिनस एक्सप्रेस तथा दोहरीघाट-औंड़िहार मेमू ट्रेन सेवा के वाराणसी सिटी तक विस्तारित मार्ग का उद्घाटन किया जाएगा। समारोह में सारण के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी, महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, एमएलसी वीरेन्द्र नारायण यादव, आफाक अहमद, सच्चिदानंद राय तथा विधायक छोटी कुमारी उपस्थित रहेंगी। वहीं मऊ जंक्शन पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास, शहरी समग्र विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन, ऊर्जा मंत्री अरविन्द कुमार शर्मा तथा घोसी के सांसद राजीव राय शामिल होंगे। मऊ-दिल्ली एक्सप्रेस और मेमू सेवा विस्तार की भी सौगात रेलवे अधिकारियों के अनुसार 12527 छपरा-आनंद विहार टर्मिनस साप्ताहिक एक्सप्रेस प्रत्येक रविवार को रात 8:50 बजे छपरा से रवाना होकर अगले दिन दोपहर 2 बजे आनंद विहार पहुंचेगी। वापसी में 12528 आनंद विहार-छपरा एक्सप्रेस प्रत्येक सोमवार को शाम 4:25 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 9:40 बजे छपरा पहुंचेगी। यह ट्रेन बलिया, मऊ, आजमगढ़, शाहगंज, जौनपुर, सुल्तानपुर, लखनऊ, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद स्टेशनों पर ठहरेगी। इसी प्रकार 14055 मऊ-आनंद विहार टर्मिनस एक्सप्रेस प्रत्येक गुरुवार को मऊ से चलेगी, जबकि 14056 आनंद विहार-मऊ एक्सप्रेस प्रत्येक बुधवार को संचालित होगी। साथ ही दोहरीघाट-औंड़िहार मेमू सेवा का विस्तार वाराणसी सिटी तक कर दिया गया है। मढ़ौरा लोको प्लांट से गिनी के लिए रवाना होगा 51वां रेल इंजन  कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री और मुख्यमंत्री मढ़ौरा लोकोमोटिव प्लांट में आयोजित समारोह में गिनी गणराज्य को निर्यात किए जाने वाले 51वें डब्ल्यूडीजी4जी रेल इंजन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। छपरा में आयोजित कार्यक्रम में पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर, मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी सहित कई वरिष्ठ रेल अधिकारी मौजूद रहेंगे, जबकि मऊ में अपर महाप्रबंधक विनोद कुमार शुक्ल कार्यक्रम की अगुवाई करेंगे। रेलवे का मानना है कि नई रेल सेवाओं के संचालन से छात्रों, किसानों, व्यापारियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

पटना समेत 14 जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी, 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

पटना बिहार के लोगों को भीषण गर्मी से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को राजधानी पटना सहित सूबे के 14 जिलों में तेज आंधी और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कुछ जिलों में ऑरेंज तो कुछ में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। हालांकि, राहत की इस बौछार के बावजूद राज्य के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई खास गिरावट दर्ज नहीं होने के आसार हैं। पिछले कुछ दिनों से राज्य का एक बड़ा हिस्सा भीषण गर्मी की चपेट में है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त है। पटना में अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। कुछ जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए चेतावनी जारी की है। मुंगेर, लखीसराय, बेगूसराय और समस्तीपुर जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और तेज आंधी को लेकर ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा भागलपुर, गया जी, जहानाबाद, जमुई, खगड़िया, नालंदा, नवादा, पटना और शेखपुरा जिलों में भी वज्रपात और तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। चलेंगी 60 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं अलर्ट वाले सभी 14 जिलों में मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक हो सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इन क्षेत्रों में बारिश के दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। राज्य में दो तरफा मौसम (कहीं उमस भरी धूप तो कहीं अचानक आंधी-पानी) होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मानसून के प्रवेश की वर्तमान स्थिति 12 जून को आगमन: दक्षिण-पश्चिम मानसून सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, बेगूसराय, लखीसराय, बांका, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर सहित पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और जमुई के कुछ भागों में प्रवेश कर चुका था। छह दिनों से ठहराव: शुरुआती तेजी के बाद पिछले छह दिनों से मानसून की उत्तरी सीमा जमुई और मुजफ्फरपुर के समीप ही रुकी हुई है, जिससे आगे के जिलों में बारिश का इंतजार बढ़ गया है।

286 करोड़ की 157 परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास, पटना को अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहर बनाने की तैयारी

पटना  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को नगर विकास एवं आवास विभाग की 286 करोड़ रुपये से अधिक की 157 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने पटना के भविष्य को लेकर बड़ा विजन पेश करते हुए कहा कि राजधानी के विस्तार के लिए 66 हजार एकड़ क्षेत्र में पाटल‍िपुत्र नाम से नया शहर बसाया जाएगा, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित होगा। मुख्यमंत्री ने 238.75 करोड़ रुपये की 114 योजनाओं का उद्घाटन तथा 47.48 करोड़ रुपये की 43 योजनाओं का शिलान्यास किया। पटना नगर निगम क्षेत्र में 3.03 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और 17.17 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। मीठापुर में बना कॉमन सर्विस सेंटर इस अवसर पर पटना स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत रिवर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट, ग्रीन एरिया डेवलपमेंट, गार्डन और पाथवे का उद्घाटन किया गया। वहीं मीठापुर में 10.68 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित जी प्लस थ्री कॉमन सर्विस सेंटर का भी लोकार्पण किया गया। इस भवन में बैंक, पार्लर, ओपन एयर कैफे समेत विभिन्न नागरिक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहरों को व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कचरा प्रबंधन की स्थिति में काफी सुधार हुआ है और अगले छह महीने में कचरा निस्तारण की व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी। मार्च तक शहर में कचरे के सभी बड़े ढेर समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। सीवरेज से जुड़े घरों का कनेक्‍शन उन्होंने नागरिकों से सीवरेज नेटवर्क से अपने घरों को जोड़ने की अपील करते हुए कहा कि ऐसा नहीं होने पर गंदा पानी सीधे गंगा में जाता रहेगा। नगर निगम को निर्देश दिया गया कि लोगों को सीवरेज से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने बरसात को देखते हुए अगले पांच दिनों में बड़े नालों के निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोकने और मानसून के बाद दोबारा शुरू करने का निर्देश दिया। साथ ही सीवरेज कार्य के कारण टूटी सड़कों को 24 से 48 घंटे के भीतर बहाल करने को कहा। उन्होंने शहर में संगठित बाजार व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने नगर निगम और बुडको को वार्ड स्तर पर सब्जी, मांस-मछली और डेयरी उत्पादों के लिए आधुनिक बाजार एवं सेंटर विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। पटना के दीर्घकालिक विकास का खाका पेश करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि राजधानी के विस्तार के लिए 46 हजार एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। पटना बनेगा सुंदर और स्‍मार्ट भूमि अधिग्रहण के मुआवजा दरों में 10 वर्षों बाद संशोधन किया गया है, ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके।उन्होंने कहा कि केवल पटना क्षेत्र में ही लगभग छह लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावनाएं हैं। सरकार यहां इंडस्ट्री, एजुकेशन और मेडिकल हब विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। लक्ष्य ऐसा आधुनिक शहर बनाना है जो स्मार्ट होने के साथ-साथ पाटलिपुत्र की ऐतिहासिक विरासत को भी पुनर्स्थापित करे। मुख्यमंत्री ने कोचिंग संस्थानों के लिए भी समर्पित केंद्र विकसित करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा, महापौर सीता साहू, उपमहापौर रेशमी कुमारी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विभागीय प्रधान सचिव विनय कुमार और बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।  

डिग्री में नाम का अनुवाद कर दिया! ‘गुलाब’ बने ‘Rose’, विश्वविद्यालय की लापरवाही उजागर

रांची. रांची विश्वविद्यालय एक और कारनामा सामने आया है। बैचलर ऑफ एजुकेशन की डिग्री में विवि ने हिंदी में गुलाब एक्का लिखा है और फिर नीचे अंग्रेजी में रोज एक्का लिखा हुआ है। यह सब काम परीक्षा विभाग का अंक पत्र से लेकर डिग्री देने का जिम्मा संभालने वाली निजी एजेंसी एनसीसीएफ (नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) का कमाल है। यह कोई पहली बार नहीं हुआ है। अभी फरवरी महीने में ही सिल्ली एवं वीमेंस कॉलेज के 130 से अधिक छात्र-छात्राओं का एडमिट कार्ड में भी नाम गलत प्रिंट कर दिया था। सिल्ली के 81 छात्र-छात्राओं के गलत नाम सिल्ली के कुल 81 छात्र-छात्राओं के एडमिट कार्ड में उनका नाम गलत प्रकाशित किया, वहीं रांची वीमेंस कालेज यूजी सत्र 22–26 के गणित एवं टीआरएल विषय के 40 से अधिक छात्राओं का नाम भी एडमिट कार्ड में गलत प्रिंट किया था। एजेंसी जब से आई है, वह लगातार ऐसी गड़बड़ियां करती आ रही हैं। सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं को फेल करना या किसी विषय में शून्य अंक अंकित कर देना इस एजेंसी के लिए बड़ी बात नहीं। इसके बाद फिर छात्र परेशान होते हैं। एनसीसीफ को ब्लैकलिस्टेड करने की गुहार इस निजी परीक्षा एजेंसी की कार्यशैली को लेकर बार-बार लोक भवन से गुहार लगाई गई और मांग की गई कि इसे ब्लैकलिस्टेड किया जाए। रांची विवि भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए है। अबुआ अधिकार मंच यूथ व स्टूडेंट वेलफेयर इंचार्ज अभिषेक शुक्ला ने कहा कि एनसीसीएफ की लापरवाह कार्यप्रणाली का सीधा एवं प्रतिकूल प्रभाव विश्वविद्यालय में पठन-पाठन करने वाले विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। छात्र-छात्राएं त्रुटि ठीक कराने के लिए विश्वविद्यालय कार्यालय का लगाते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई एवं मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ता है। रांची विवि ने 2022 में सौंपा काम रांची विवि ने इस एजेंसी को, जिसका मुख्य काम आलू-प्याज बेचना है, उसे परीक्षा विभाग का काम 2022 में सौंप दिया गया। इसके पहले परीक्षा विभाग रांची विश्वविद्यालय के अधीन था तब उसका सालाना आय चार करोड़ व खर्च करीब दो करोड़ के अंदर ही था। एजेंसी आने के साथ ही परीक्षा शुल्क में वृद्धि की गई और रांची विवि एनसीसीएफ को इसी काम के लिए सालाना लगभग 15 करोड़ रुपये का भुगतान करता है। सबसे बड़ी बात यह है कि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्रों का डाटा सुरक्षित रखना विवि का काम है, लेकिन अब ये डाटा निजी एजेंसी के हाथों में हैं। विवि ने किसी लाभ के कारण इस एजेंसी को काम सौंपा है, पता नहीं। परीक्षा विभाग में जो कर्मचारी थे, उन्हें इधर-उधर विभागों में रख दिया। बेकार पड़ा है एग्जामिनेशन डेटा प्रोसेसिंग सेल रांची विवि का मोरहाबादी स्थित एग्जामिनेशन डेटा प्रोसेसिंग सेल बेकार पड़ा है। यहां रिजल्ट प्रकाशन से लेकर मार्कशीट, प्रोविजनल, माइग्रेशन, डिग्री का प्रिंटिंग होता था। सेल जब तक कार्यरत रहा, समय से रिजल्ट का प्रकाशन होता था। छात्रों को परेशानी नहीं होती थी। एक दर्जन लोग यहां काम करते थे। और इन सब कामों में वार्षिक खर्च करीब एक करोड़ से नीचे ही होता था। लेकिन तत्कालीन कुलपति डॉ अजीत कुमार सिन्हा ने एनसीसीएफ को दिसंबर 2022 काम सौंप दिया। एजेंसी सीनेट हाल से ही अपना पूरा काम ऑपरेट करता है।

गांधी मैदान में हुआ भव्य समारोह: होमगार्ड जवानों को आधुनिक प्रशिक्षण और नई जिम्मेदारियों की जानकारी

 पटना  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि बदलते समय के साथ कानून-व्यवस्था की चुनौतियां भी बदल गई हैं। ऐसे में सुरक्षा बलों को पारंपरिक जिम्मेदारियों के साथ आधुनिक तकनीकों में भी दक्ष होना होगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए अनुशासन और कौशल को अब मैदान में उतारने का समय आ गया है। जनता की सुरक्षा और सहायता ही हमारा पहला धर्म है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अपराधी चुनौती देते हैं तो कभी-कभी उन्हें जवाब देना भी जरूरी हो जाता है। उन्होंने भरोसा जताया कि बिहार अब तेजी से बदल रहा है और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। पांच हजार होमगार्ड जवानों को दी बधाई मुख्यमंत्री गुरुवार को पटना के गांधी मैदान में आयोजित बिहार गृह रक्षा वाहिनी के 5,000 नवनामांकित जवानों के पारण परेड समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी जवानों को बधाई देते हुए कहा कि यहां तक पहुंचना उनके परिश्रम और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी जवान अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करेंगे। मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी ली और जवानों द्वारा प्रदर्शित अनुशासन तथा प्रशिक्षण कौशल की सराहना की। समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, गृह विभाग और बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। होमगार्ड कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार होमगार्ड जवानों के कल्याण और सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है। जवानों के लिए आधुनिक बैरकों का निर्माण, बेहतर आवासीय सुविधाएं और कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि जवान बिना किसी चिंता के अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। बिहार पुलिस की सहयोगी शक्ति मानी जाने वाली गृह रक्षा वाहिनी को अब 5,000 नए प्रशिक्षित जवानों का बल मिला है। इससे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। महिला जवानों ने भी दिखाया दमखम पारण परेड की विशेषता यह रही कि बड़ी संख्या में महिला गृह रक्षक जवानों ने भी इसमें हिस्सा लिया। उन्होंने अपने अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रशिक्षण क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। समारोह के अंत में सभी 5,000 जवानों ने देश और राज्य की सेवा के लिए पूर्ण निष्ठा के साथ शपथ ली। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने जवानों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अत्याधुनिक प्रशिक्षण से लैस हैं नए जवान नवनामांकित जवानों को केवल सामान्य सुरक्षा प्रशिक्षण ही नहीं दिया गया है, बल्कि उन्हें आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए भी तैयार किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान वीआईपी सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्य, अत्याधुनिक हथियारों के संचालन, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ नियंत्रण जैसी महत्वपूर्ण विधाओं का व्यापक प्रशिक्षण दिया गया। इससे वे विभिन्न परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगे। 45 डिग्री तापमान में भी दिखा अनुशासन और शौर्य भीषण गर्मी और लगभग 45 डिग्री तापमान के बावजूद गांधी मैदान में जवानों का उत्साह और जोश देखने लायक था। मुख्य मंच के सामने से गुजरते मार्चिंग दस्ते और बिहार गृह रक्षा वाहिनी के विशेष घुड़सवार दस्ते ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। जवानों की शानदार प्रस्तुति पर पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। बड़ी संख्या में जवानों के परिजन भी कार्यक्रम में मौजूद थे, जिन्होंने अपने प्रियजनों की उपलब्धि और प्रशिक्षण प्रदर्शन को गर्व के साथ देखा। जवानों के अनुशासन, समर्पण और शौर्य ने समारोह को यादगार बना दिया।

आम आदमी भी ठहरेगा वीआईपी बंगले में? सरकार बना रही खास प्लान

पटना. सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने एवं सरकारी परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग की दिशा में एक नई पहल करने जा रही है। इसके तहत जल संसाधन विभाग के अधीन राज्यभर में स्थित 217 निरीक्षण भवनों (इंस्पेक्शन बंगला) का कायाकल्प कर उन्हें सार्वजनिक उपयोग के लिए विकसित करने की तैयारी है। सरकार इन भवनों के संचालन एवं रखरखाव पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल देगी। इसके साथ बड़े साहबों के लिए बने निरीक्षण बंगलों में निर्धारित किराया भुगतान कर अब आम आदमी ठहरेगा। अभी तक ये निरीक्षण भवन मुख्य रूप से मंत्री, नेता, विभागीय अधिकारियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अकारियों के ठहरने के लिए उपयोग में आते रहे हैं। अधिकांश भवन नदियों, तटबंधों, बांधों एवं प्रमुख जल संरचनाओं के समीप स्थित हैं। वर्ष के अधिकांश समय इनका उपयोग सीमित रहने के कारण इनके रखरखाव पर सरकार को लगातार भारी भरकम खर्च वहन करना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन भवनों का व्यावसायिक उपयोग भी संभव हो सकेगा। योजना के तहत निजी एजेंसियों को भवनों के संचालन, रखरखाव एवं सुविधाओं के उन्नयन की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके बदले आम नागरिक और पर्यटक निर्धारित किराया देकर यहां ठहर सकेंगे। इससे एक ओर जहां विभाग को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। वहीं, दूसरी ओर भवनों के रखरखाव पर सरकारी खर्च में भी कमी आएगी। पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, रोजगार सृजन होगा जल संसाधन विभाग के शीर्ष अधिकारियों का मानना है कि राज्य के कई निरीक्षण भवन प्राकृतिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थित हैं। इसमें भवन बांधों बराजों एवं जलाशयों के निकट हैं। यदि इनमें आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाती हैं तो ये देसी-विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। कमरे की खिड़की से हरियाली एवं नदियों व जलाशयों का मनोरम दृश्य भी देखने के साथ जल विहार करने का अवसर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य केवल भवनों को राजस्व का स्रोत बनाना नहीं है, बल्कि वर्षों से कम उपयोग में आ रही सरकारी संपत्तियों को जनोपयोगी बनाना भी है। पीपीपी मॉडल के जरिए निरीक्षण भवनों को आधुनिक गेस्ट हाउस और पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करने की योजना पर विभागीय स्तर पर मंथन जारी है। योजना को अंतिम रूप मिलने के बाद राज्य में सरकारी परिसंपत्तियों के उपयोग का यह एक नया और अभिनव मॉडल साबित हो सकता है। प्रति वर्ष रख-रखाव पर विभाग करता है 15 करोड़ खर्च जल संसाधन विभाग के अनुसार इन भवनों के रख-रखाव पर ही प्रति वर्ष विभाग 15 करोड़ रुपये खर्च करता हैं। इसमें 58 भवन अब रहने लायक नहीं हैं। ऐसे में इसे तत्काल तोड़कर नए सिरे से बनाया जाएगा। पहले चरण में सभी भवनों को 30 वर्ष के लिए लीज पर पीपीपी के आधार पर देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।