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सरकारी विद्यालयों के लिए नई गाइडलाइन: अब सुबह राज्य गीत और दिन के अंत में राष्ट्रगान

पटना नई सरकार बनने के बाद शिक्षा विभाग एक्शन में है। अब शिक्षा विभाग ने प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए नई एडवाइजरी जारी कर दी है। शिक्षा विभाग ने अब सभी सरकारी स्कूलों में मॉडल टाइम टेबल लागू करने का निर्देश दिया है। खास बात यह है कि यह निर्देश राज्य के सभी संस्कृत स्कूल और मदरसों पर भी लागू होगा। माध्यमिक शिक्षा के निदेशक सज्जन आर की ओर से सभी स्कूलों को जारी किए गए नए टाइम टेबल की अधिसूचना भी जारी कर दी है। आइए जानते हैं विभाग की ओर से क्या टाइम टेबल जारी किया गया है? हर घंटी चालीस मिनट की होगी शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देश के अनुसार अब बिहार के सभी स्कूल सुबह 9:30 बजे से शाम के 4:00 तक चलेंगे। वही 9:30 से 10:00 तक सभी स्कूलों में प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा इस प्रार्थना में बिहार गीत का गायन होगा। इस प्रार्थना में सभी शिक्षक और कर्मचारियों को मौजूद रहना अनिवार्य है। इसके बाद 10:00 बजे से 4:00 तक कुल 8 घंटी की पढ़ाई होगी।इसमें 10 बजे से 10:40 तक पहली घंटी होगी। वही 10:40 बजे से 11:20 बजे तक दूसरी घंटी होगी। 12 से 12:40 तक लंच होगा। इसी तहत हर चालीस मिनट की एक घंटी होगी। आठवीं घंटी 3:20 बजे से चार बजे तक चलेगी। इसके बाद छुट्टी हो जाएगी। छुट्टी के वक्त सभी स्कूलों में राष्ट्रगान होगा और इसे हर दिन अनिवार्य रूप से करना होगा।

महागठबंधन पर श्रवण कुमार की तीखी टिप्पणी, आलोक मेहता से बजट की मांग

पटना 18वें बिहार विधानसभा के विशेष सत्र का पांचवें दिन समापन हो गया। अंतिम दिन विधानसभा में द्वितीय अनुपूरक बजट पर चर्चा हुई। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरकार 91,717.1135 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस अनुपूरक बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला रोजगार, पेयजल, सड़क, ऊर्जा, पेंशन, सिंचाई, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, मेट्रो रेल और अन्य सामाजिक कल्याण योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष ने अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए सभी दलों को समय दिया है। सबसे ज्यादा 33 मिनट भाजपा को और जदयू को 31 मिनट का समय अपनी बात रखने के लिए दिया गया है। वहीं राजद को नौ मिनट का समय अपनी बात रखने के लिए दिया गया है। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने सत्र के समापन का भाषण दिया। इसमें बताया कि इस सत्र में कुल 16 निवेदन प्राप्त हुए। इनमें 15 स्वीकृत और एक अस्वीकृत किए गए। वहीं 9 याचिकाएं प्राप्त हुईं। इनमें छह स्वीकृत और तीन अस्वीकृत हुई। सदन में आज की कार्यवाही के दौरान ग्रामीण विकास विभाग के बजट पर कटौती प्रस्ताव पर चर्चा हुई। सभी दलों के विधायकों ने इस प्रस्ताव के पक्ष और विपक्ष में अपनी बात रखी। इसके बाद ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार उत्तर दे रहे हैं। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग के योजनाओं की जानकारी दी। कहा कि ग्रामीण इलाकों का काफी विकास हुआ है। कहा कि हमारे विपक्ष के लोग कहते हैं कि आप जीविका दीदियों को दो लाख रुपये कहां से लाएंगे? लेकिन, सीएम नीतीश कुमार ने महिलाओं को ताकत दिया। उन्हें आत्मनिर्भर बनाया। आज जीविका दीदी लखपति बन रही है। महिला रोजगार को लेकर जो वादा किया है, उस दिशा में सरकार काम कर रही है। श्रवण कुमार ने विपक्ष पर बोला हमला श्रवण कुमार ने कहा कि महागठबंधन के नेताओं के झांसे में कोई नहीं आए। यह लोग माई बहन मान योजना नहीं लाते, यह लोग केवल महिलाओं को अपमानित करते हैं। यह लोग नीतीश कुमार को फिनिश करने में लगे थे। लेकिन, जब जब यह लोग ऐसा अभियान चलाते हैं तब तब नीतीश कुमार दोगुनी ताकत से आते हैं। इनलोगों का सफाया हो गया। 35 सीटों पर पूरा विपक्ष सिमट गया। उन्होंने विपक्ष के विधायक आलोक मेहता से कटौती प्रस्ताव वापस लेने की मांग की। राजद ने मांगा पिछले बजट का हिसाब विपक्ष की ओर से राजद विधायक आलोक मेहता ने नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने अनुपूरक बजट को त्रुटिपूर्ण बताया। कहा कि पिछले बजट जो राशि आवंटित जिस मद में दिए गए थे, उस राशि का हिसाब क्यों नहीं दिया गया। राज्य में शिक्षकों की कमी और अस्पताल में दवाई की कमी है। इन सब पर बजट पर ध्यान नहीं दिया गया। सरकार विकास से ज्यादा राजनीतिक लाभ पर ध्यान रख रही है। महिला रोजगार योजना स्वागत योग्य है लेकिन दो लाख रुपया आप हर महिला को कैसे देंगे? इसको जानकारी सरकार क्यों नहीं दे रही है? राज्य में केवल डेढ़ करोड़ महिला ही नहीं है। बाकी महिलाएं क्या 10 हजार रुपया की हकदार नहीं है? इन सब सवालों का जवाब सरकार को देना होगा। 40 लाख लोग बिहार की ऐसी बस्ती में रहते हैं, जिनकी संख्या 100 से अधिक है। यह बस्ती अब तक मुख्य सड़कों से नहीं जुड़ पाई है। आज तक यह गरीब अपमान सह रहे हैं। सड़क नहीं रहने के कारण इन इलाकों में शादी तक मुश्किल हो गई हैं। नल जल योजना से जुड़ी भी लाखों शिकायतें हैं।   जानिए किस योजना के लिए कितना खर्च होगा     21,000 करोड़ – मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना     1885.65 करोड़ – मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन     861.21 करोड़ – सड़क निर्माण     800 करोड़ – स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना     750 करोड़ – मुख्यमंत्री बालिका स्नातक प्रोत्साहन     651.83 करोड़ – सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण परियोजनाएँ     600.55 करोड़ – ऊर्जा कंपनियों में निवेश     594.56 करोड़ – ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना     573 करोड़ – मेडिकल कॉलेज व अस्पताल निर्माण     550 करोड़ – शहरी विकास हेतु भू-अर्जन     500-500 करोड़ – हवाई अड्डा निर्माण, औद्योगिक विकास हेतु भूमि, पंचायत सरकार भवन     389.77 करोड़ – पटना मेट्रो रेल परियोजना     352.16 करोड़ – विकलांगता सामाजिक सुरक्षा पेंशन     281.57 करोड़ – प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना     250 करोड़ – स्टेडियम व खेल अवसंरचना     150 करोड़ – चिकित्सा महाविद्यालय     100 करोड़ – ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना

बिहार में बनने जा रहे दो बड़े SEZ, सरकार की तैयारी की तस्वीरें सामने

पटना बिहार में औद्योगिक क्रांति की जमीन अब तैयार हो रही है। केंद्र सरकार के मंजूर दो स्पेशल इकॉनमिक ज़ोन (SEZ) पर राज्य के उद्योग विभाग ने काम शुरू कर दिया है। पश्चिम चंपारण के कुमारबाग और बक्सर के नावानगर में यह सेज़ तैयार होना है। दोनों सेज़ लगभग 125-125 एकड़ में विकसित किए जाएंगे। बिहार इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के पास जमीन है, जिसपर इसे विकसित किया जाएगा। क्या होता है SEZ, किसे मिलेगा फायदा- यह भी जानें स्पेशल इकॉनमिक ज़ोन एक ऐसा क्षेत्र विकसित किया जाता है, जहां कई तरह की औद्योगिक इकाइयों को आधारभूत सुविधाओं के साथ जगह दी जाती है। मतलब, इस क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना न केवल आसान होगी, बल्कि सरकारी तंत्र उसे हर तरह की आधारभूत सुविधाएं भी देगा और सुरक्षा भी। बिहार में जो सेज़ बनेंगे, उसमें 25-30 औद्योगिक इकाइयों को जगह मिल सकेगी। यानी, इतने उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को उत्पादन करने का अवसर मिलेगा, जबकि इस उद्यम-क्षेत्र में नौकरी के नए अवसर आएंगे। जैसे, बाढ़ में एनटीपीसी ने काम शुरू किया तो आसपास के इलाकों से भारी आबादी को रोजगार मिला, उसी तरह यहां भी भविष्य में जॉब की एक तरह से गारंटी हो जाएगी। 225 करोड़ की योजना पर क्या बोले उद्योग मंत्री उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि सरकार सेज को लेकर गंभीर है इन पर 225 करोड रुपए खर्च होंगे। सेज से विकास की नई कार्य योजना तैयार हो रही है हम लोग एक करोड़ नौकरी एवं रोजगार के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं उद्योग इसका सबसे बड़ा जरिया बनने वाला है। अब हर गुरुवार को उद्योग वार्ता होगी इधर, बिहार सरकार ने निवेशकों इस सहूलियत के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब निवेशक बिना किसी अपॉइंटमेंट के मुख्य सचिव से मिल पाएंगे। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हर गुरुवार को सुबह 11:00 से दोपहर 1:00 तक उद्योग वार्ता होगी। यह पहल निवेशकों को उच्च स्तरीय अधिकारियों से सीधे जोड़कर उनकी समस्याओं का पारित समाधान करने के लिए किया गया है।

नीतीश का पीएम मोदी को नमन: विधानसभा में CM ने कहा— हाथ उठाकर सम्मान दीजिए

पटना  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी सरकार को मिल रहे सहयोग का उल्लेख करते हुए गुरूवार को केंद्र सरकार की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने राज्य विधानसभा के सदस्यों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति अपना आभार व्यक्त करने के लिए हाथ उठाएं। उन्होंने राज्यपाल द्वारा दोनों सदनों के संयुक्त अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान यह बात कही।  लगातार पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बना चुके नीतीश कुमार ने अपने “पिछले 20 वर्ष” के शासनकाल में राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए प्रयासों के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने 20 मिनट के भाषण के अंत में उन्होंने कहा, “राज्य के विकास के लिए हमें केंद्र सरकार से पूरा सहयोग मिल रहा है। जुलाई 2024 में पेश किए गए बजट में केंद्र ने सड़कों, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन और बाढ़ नियंत्रण को लेकर विशेष वित्तीय सहायता दी।” उन्होंने कहा, “इसके बाद फरवरी 2025 में पेश किए गए बजट में मखाना बोर्ड स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया, साथ ही हवाई अड्डे बनाने और पश्चिम कोसी नहर परियोजना के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की गई। इसी साल बिहार को खेलो इंडिया यूथ गेम्स की मेजबानी का अवसर भी मिला।” मुख्यमंत्री ने कहा, “इन सभी चीजों के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सलाम करता हूं। मैं सभी सदस्यों से अनुरोध करता हूं कि वे हाथ उठाकर ऐसा करें।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कई बार बिहार आए हैं और कई परियोजनाओं की शुरुआत की है।   सीएम नीतीश कुमार ने कहा, “अब राज्य के तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है। अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी। सभी क्षेत्रों में काम और तेजी से आगे बढ़ेगा।” अपनी सीट पर बैठने से पहले उन्होंने विपक्ष के सदस्यों की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देने के लिए हाथ नहीं उठाए। उन्होंने कहा, “आप लोग ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं? दो-तीन बार मैं आप लोगों के साथ हो गया था। लेकिन जब आपने शरारतें शुरू कर दीं, तो मैं अलग हो गया। अब मैं (NDA) छोड़ने वाला नहीं हूं।” यह सुनकर सदन में जोरदार ठहाके गूंज उठे। साल 1990 के दशक से भाजपा के सहयोगी रहे कुमार ने पिछले दस वर्ष में राजद–कांग्रेस गठबंधन के साथ दो बार सरकार बनाई, लेकिन दोनों बार सरकार ज्यादा समय तक नहीं चलीं। बाद में, उन्होंने विधान परिषद में भी सदस्यों से यही अपील की। कुमार विधान परिषद के सदस्य हैं। वहीं दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्ष ने नाराजगी जताई कि सभापति ने उन्हें धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने की अनुमति नहीं दी।  

लालू परिवार को बड़ी राहत! लैंड फॉर जॉब केस पर आज निर्णय नहीं, कोर्ट ने CBI को दिया खास टास्क

पटना  चर्चित लैंड फॉर जॉब केस में राउज एवेन्यू कोर्ट दिल्ली का फैसला टल गया है। इससे लालू परिवार को फौरी राहत मिल गई है। अगली सुनवाई 8 दिसम्बर को होगी। कोर्ट ने जांच एजेंसी सीबीआई को एक अहम टास्क दिया है कोर्ट आज गुरुवार को लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती, हेमा यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर सुनवाई हुई। इस मामले में कोर्ट ने फिलहाल अपना आदेश स्थगित कर दिया है।   इस मामले में अदालत ने सीबीआई से आरोपियों की स्थिति की जानकारी स्पष्ट करने का टास्क दिया है। कार्यवाही के दौरान इस कांड के कुछ आरोपियों की मृत्यु हो गई। अदालत ने सीबीआई से स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है और मामले की सुनवाई 8 दिसंबर के लिए निर्धारित की है। सीबीआई ने 103 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। हालाँकि, कार्यवाही के दौरान 4 की मृत्यु हो गई। कोर्ट ने मामले की तफ्तीश कर रही सीबीआई को आदेश दिया है कि सभी आरोपियों का स्टेटस वेरिफिकेशन कर रिपोर्ट दाखिल करे। लालू परिवार के लिए नासूर बन चुके इस केस की सुनवाई काफी दिनों से चल रही है। अदालत की कार्यवाही के दौरान कांड के चार आरोपितों की मौत हो गई। इसे लेकर अदालत ने कहा कि जब तक प्रत्येक अभियुक्त की वर्तमान स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाए तबतक आरोप तय करने जैसी संवेदनशील प्रक्रिया आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा। इसी वजह से कोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई से अभियुक्तों का स्टेटस रिपोर्ट फाइल करने का निर्देश दिया है। इस मामले में आरोप है कि रेलवे के पश्चिम मध्य क्षेत्र में ग्रुप-डी श्रेणी में लालू यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान की गई गलत तरीके से नियुक्तियां की गईं। इसके एवज में लालू परिवार के सदस्यों या अन्य सहयोगियों के नाम पर जमीनों की रजिस्ट्री कराई गई। मामला 2004 से 2009 के बीच का है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे।  

पीएम का आभार जताने पर विरोध, तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति चर्चा में

पटना बुधवार को नेता प्रतिपक्ष विधान मंडल नहीं पहुंचे, जिसको लेकर जदयू के मुख्य प्रवक्ता ने उनपर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि जिनके परिवार की सुरक्षा के लिए 160 पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, वे स्वयं सदन में दिखाई नहीं दे रहे। आखिर कहां गायब हो गए तेजस्वी यादव ? इस खबर के प्रकाशित होने के बाद देर शाम राजद ने भी पलटवार करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। जवाब में बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि जिस तरह की राजनीति जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार जी आप करते हैं, ऐसा लगता है कि आपके राजनीति का एकमात्र आधार और सोच तेजस्वी प्रसाद यादव ही हैं। आप वास्कोडिगामा की तरह तेजस्वी यादव की खोज में मत लगिए, बिहार की जनता के हित में उनको बुलडोजर नीति से बचाइए।  हालांकि आज भी नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सदन में आने का इंतजार जरुर किया जायेगा। नरेंद्र नारायण यादव को  निर्विरोध उपाध्यक्ष चुना गया बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन आज सदन को नया उपाध्यक्ष मिल गया है। मधेपुरा जिले के आलमनगर विधानसभा क्षेत्र से आठवीं बार विधायक बने नरेंद्र नारायण यादव को सर्वसम्मति से निर्विरोध उपाध्यक्ष चुना गया। वह इस सत्र के लिए प्रोटेम स्पीकर की भूमिका भी निभा रहे थे। उपाध्यक्ष के चुनाव के बाद सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा शुरू हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी नए विधायकों को बधाई दी और बिहार के विकास पर अपनी सरकार का पक्ष रखा। 2005 से है कानून का राज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन में अपने सरकार की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि, जब 2005 में एनडीए (NDA) सरकार बनी थी, तब से ही बिहार में कानून का राज है। तभी से मैं लगातार बिहार के विकास में लगा हुआ हूं, और यही मेरा एकमात्र उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि अब बिहार में किसी तरह का डर और भय नहीं है, बल्कि चारों तरफ शांति और भाईचारे का माहौल है। अब नहीं होता हिंदू-मुस्लिम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पहले बिहार में बहुत हिंदू-मुस्लिम होता था, लेकिन अब कोई झगड़ा-झंझट नहीं होता है। अपनी सरकार के कार्यों को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान की घेराबंदी कराई गई और 2016 से मंदिरों की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने  राजद विधायक भाई वीरेन्द्र से कहा कि आपको दो बार मौक़ा दिए। आपके साथ भी विकास किए न , गड़बड़ सड़बड़ किए तो छोड़ दिए। अब इनके साथ हैं। आपके साथ कभी नहीं आएंगे। कुमार सर्वजीत के बयान पर बिहार विधानसभा में बवाल, जदयू नेता रत्नेश सदा को दी चुनौती राजद विधायक कुमार सर्वजीत कुमार ने गया के मगध मेडिकल अस्पताल की बदहाल स्थिति को लेकर कहा कि वहां जाने पर लगता है कि दलित के मोहल्ले में आ गए हैं। उनकी यह बात सुनते ही जदयू विधायक रत्नेश सदा ने राजद विधायक कुमार सर्वजीत कुमार का विरोध करते हुए कहा कि मैं भी उसी दलित की कोख से पैदा हुआ हूं। दलितों के लिए जो हरकत इन्होंने की है वो इसे माफ नहीं करेंगे। उनके इस विरोध के बाद राजद विधायक कुमार सर्वजीत कुमार ने जदयू नेता रत्नेश सदा पर पलटवार करते हुए उनको चुनौती दे डाली। उन्होंने कहा कि अगर इनमें हिम्मत है तो हम इन्हें चुनौती देते हैं। ये हमारे साथ गया जिले के दलित मोहल्लों में चलें और देखें कि गया जिले के मुसहर इलाके में एक भी नाली-गली नहीं बनी है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के विरोध के बाद विपक्ष ने विधान परिषद् का किया वॉकआउट बिहार विधान परिषद में महामहीम राज्यपाल के अभिभाषण पर वाद-विवाद शुरू हो गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बोल रहे थे, तभी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी अचानक उठीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि   पहले सत्ता पक्ष नहीं, बल्कि विपक्ष को बोलने का मौका दिया जाना चाहिए। लेकिन उनकी बात नहीं मानने पर पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी समेत विपक्ष के सभी सदस्यों ने विधान परिषद् का वॉकआउट कर बाहर निकल गए। बालू-दारू-भू-माफिया की छाती पर चलेगा बुलडोजर बिहार विधानसभा में उप मुख्यमंत्री और भाजपा नेता विजय सिन्हा और राजद नेता विधायक भाई वीरेंद्र एक दूसरे से भिड़ गए। उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि बालू-दारू-भू-माफिया की छाती पर  बुलडोजर चलाया जाएगा। इसी बात पर भाई वीरेन्द्र भड़क गए और खड़े होकर उनका विरोध करने लगे। उन्होंने कहा कि हर्ष फायरिंग के बारे में बोलिए। इस पर विजय सिन्हा ने कहा कि आप जिसे हर्ष फायरिंग बता रहे हैं वह शादी विवाह में पटाखा फोड़े जा रहे थे। इसकी जांच भी की जा चुकी है। अपनी बात खत्म करते करते विजय सिन्हा ने कहा कि मौसम बदल रहा है इसलिए बदलते मौसम में आप अपने कपड़े भी बदल लीजिये वरना तबियत खराब हो जाएगी। और रही बात बुलडोजर की तो बालू-दारू-भू-माफिया की छाती पर बुलडोजर चल के रहेगा। राजद विधायक ने सम्राट चौधरी को कहा – आप  स्मार्ट बुलडोजर चलाईये राजद विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता ने अंग्रेजी में अपनी बात शुरू की लेकिन फिर टोकने पर हिंदी में बोलने लगे। उन्होंने अपनी बात शुरू करते हुए सबसे पहले बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी का नाम लेते हुए कहा कि आप मजबूत आदमी हैं। आपको लोग बुलडोजर बाबा कहता है तो ऐसा लगता है कि यह कॉपी किया जा रहा है इसलिए आप सम्राट बुलडोजर नहीं बल्कि स्मार्ट बुलडोजर चलाइए। उन्होंने कहा कि सम्राट जी आप सिर्फ मानवीय पक्ष को सामने रखिए और उसके पीछे हिडन एजेंट को जरूर देखिए और मुझे लगता है कि आप सम्राट बुलडोजर से स्मार्ट बुलडोजर जरूर बनियेगा। राजद विधायक ने मुख्यमंत्री की जमकर की प्रशंसा इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता ने फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बहुत बेहतर काम किया है, उनके कार्यों की हम प्रशंसा करते हैं। उन्होंने महिलाओं को 35% आरक्षण दिया है। मैं इसकी भी प्रशंसा करता हूं। उन्होंने जिस तरह से महिला पुलिस की एक बड़ी संख्या खड़ी कर दी है इसके लिए भी मैं उनकी प्रशंसा करता हूं।

27 IAS अधिकारियों को मिला प्रमोशन, बनेंगे अपर सचिव, वेतनमान में बढ़ोतरी के साथ बिहार के डीएम शामिल

पटना  नए साल से पहले बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अफसरों को बड़ा तोहफा दिया है।राज्य सरकार ने 27 आईएएस अफसरों को कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड’ (Junior Administrative Grade) में प्रोन्नति दी है। इसके तहत अब ये अधिकारी अपर सचिव स्तर (Additional Secretary Level) के वेतनमान और सुविधाओं के हकदार होंगे। इस संबंध में मंगलवार 3 दिसंबर 2025 को अधिसूचना भी जारी कर दी गई। यह प्रोन्नति 01 जनवरी 2026 या उसके बाद पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी। इस प्रोन्नति में अलग-अलग बैच के अधिकारी समेत सीनियर कमिश्नर व जिलाधिकारी (DM) भी शामिल हैं।इससे पहले 29 नवंबर को भारतीय प्रशासनिक सेवा के संयुक्त सचिव स्तर के 19 अफसरों को पदोन्नति दी गई थी। इन 27 आईएएस अफसरों को मिला प्रमोशन     तनय सुल्तानिया: समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, भोजपुर (आरा)     तरनजोत सिंह: समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, मधेपुरा     विशाल राज: समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, किशनगंज     आरिफ अहसन: समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, शेखपुरा     विवेक रंजन मैत्रेय: समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, शिवहर     अनिल कुमार: समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, अररिया     अभिलाषा शर्मा: समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, अरवल     दीपेश कुमार: समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, सहरसा     कुमार गौरव: अपर कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति     योगेश कुमार सागर: निदेशक, नि:शक्तता (समाज कल्याण)     संजीव मित्तल: संयुक्त सचिव, वित्त विभाग     रूबी: निदेशक, सांस्कृतिक कार्य निदेशालय     कृष्ण कुमार: निदेशक, संग्रहालय     संजय कुमार (ग्रामीण कार्य विभाग के संयुक्त सचिव)     संजय कुमार सिंह (संयुक्त सचिव भवन निर्माण विभाग)     अभय झा (संयुक्त सचिव ग्रामीण कार्य विभाग)      गीता सिंह – अपर सचिव, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार, पटना     अरुण कुमार झा – बंदोबस्त पदाधिकारी, खगड़िया     नन्द किशोर साह – अपर सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना     नवीन कुमार सिंह – अपर सचिव, समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना     कमलेश कुमार सिंह – निदेशक, भू-अर्जन, बिहार, पटना     राजीव कुमार श्रीवास्तव – प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य आवास बोर्ड, पटना     डॉ. विद्या नन्द सिंह – समाहर्ता एवं जिला पदाधिकारी, बक्सर     शैलेन्द्र कुमार – अपर सचिव, कृषि विभाग, बिहार, पटना     सत्येन्द्र कुमार सिंह – अपर सचिव, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, बिहार, पटना     सुनील कुमार-1 – समाहर्ता एवं जिला पदाधिकारी, कैमूर (भभुआ)     पवन कुमार सिन्हा – समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, गोपालगंज  

हेमंत सोरेन को जमीन घोटाले में राहत, अदालत ने MP पेशी से दिया छुटकारा

रांची जमीन घोटाले में सीएम हेमंत सोरेन को राहत मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने उन्हें MP-MLA कोर्ट में आने से छूट दी है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद कथित भूमि घोटाले  के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज मामले में एमपी/एमएलए कोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं होना होगा। ईढी ने सोरेन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, क्योंकि उन्होंने ईडी द्वारा जारी समन के बावजूद कार्यालय में उपस्थित होने से इनकार कर दिया था। झारखंड हाईकोर्ट में 3 दिसम्बर 2025 बुधवार को झारखंड मुख्यमंत्री  की याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई जस्टिस एके चौधरी की बेंच ने की। ED समन अवहेलना मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को निचली अदालत में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट प्रदान कर दी। दरअसल एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने सीएम सोरेन को कथित लैंड स्कैम में शामिल होने के सिलसिले में अथॉरिटी के सामने पेश होने के लिए 10 समन जारी किए गए थे। ED अससिस्टेंट डायरेक्टर देवराज झा ने कहा था कि सोरेन सिर्फ दो समन के जवाब में पेश हुए थे, जबकि बाकी को इग्नोर कर दिया गया था। इसके बाद, ED ने 2024 में MP-MLA कोर्ट के स्पेशल जज के सामने एक कंप्लेंट पिटीशन फाइल की थी। एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट द्वारा फाइल की गई कंप्लेंट पिटीशन की सुनवाई के दौरान, स्पेशल जज ने सोरेन को रांची में MP-MLA कोर्ट के सामने फिज़िकल पेश होने का ऑर्डर दिया था। सोरेन ने निचली अदालत के पेशी आदेश को चुनौती दी थी, जिसे हाई कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। साल 2024 में ईडी ने दायर की थी याचिका इसके बाद ईडी ने 2024 में एमपी/एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश के समक्ष शिकायत याचिका दायर की थी। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर शिकायत की सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश ने सोरेन को रांची स्थित एमपी/एमएलए कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया था।

शादी में रसगुल्ले के विवाद ने बिगाड़ा माहौल, दूल्हा-दुल्हन पक्ष में भिड़ंत

गयाजी  बिहार के बोधगया जिले के एक निजी होटल में शादी समारोह का आयोजन किया गया था. यहां उस समय निजी होटल अखाड़ा बन गया, जब रसगुल्ला की कमी को लेकर दूल्हा-दुल्हन पक्ष में विवाद हो गया. यह घटना पिछले 29 नवंबर की बताई जा रही है, जिसकी CCTV फुटेज अब सामने आई है. हालांकि दोनों पक्षों की शिकायत के बाद पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी है. मिठाई के लिए बाराती और घराती में मारपीट इस शादी समारोह में बारातियों को खाना परोसा जा रहा था. इसी दौरान खाना खाने के दौरान मिठाई कम पड़ने को लेकर दोनों पक्षों के बीच तकरार शुरू हो गई, जो कुछ ही मिनटों में मारपीट में बदल गई. आरोप है कि लात-घूंसे, कुर्सियों से मारपीट हुई. इस मारपीट में जिसके हाथ में जो आया, वही फेंककर एक दूसरे को लोग मार रहे थे. देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच भंयकर मारपीट होने लगी. इस मारपीट में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. बता दें कि इस शादी समारोह में जयमाला से लेकर अधिकतर रस्में पूरी हो चुकी थीं और मंडप में बैठकर विवाह होना ही बाकी था, लेकिन रसगुल्ले पर शुरू हुआ हंगामा इतना बढ़ गया कि शादी ही रद्द करनी पड़ी. इस पूरे मामले में पुलिस दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है. दूल्हा और दुल्हन पक्ष का आरोप वहीं, दूल्हा के पिता महेंद्र प्रसाद का कहना है कि विवाद सिर्फ रसगुल्ले को लेकर हुआ था, लेकिन दुल्हन पक्ष ने उन लोगों पर दहेज मांगने का झूठा आरोप लगाकर बोधगया थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है. उनका कहना है कि मुकदमे के बाद भी वे शादी कराने के लिए तैयार थे, लेकिन दुल्हन पक्ष किसी भी हालत में तैयार नहीं हुआ. वहीं, दूल्हा की मां मुन्नी देवी का आरोप है कि जब दोनों पक्ष समझौते के करीब थे, तभी दुल्हन पक्ष के लोग शादी में लाए गए जेवर-गहने को उठा ले गए और दुल्हन को साथ लेकर होटल से निकल गए. हालांकि बीते 1 दिसंबर को लड़की पक्ष के द्वारा भी बोधगया थाना मे दूल्हे के पिता पर दहेज का आरोप लगाया गया था. लड़की पक्ष के पिता ने आरोप लगाया है कि शादी में 10 लाख रुपए पहले ही दिए गए थे, लेकिन जयमाला के दौरान 2 लाख और अतिरिक्त की मांग की गई थी, जिसके बाद यह मामला बढ़ गया था. इस मामले में बोधगया थाने में लड़की पक्ष के द्वारा मामला दर्ज कराया गया है.

घने कोहरे और बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, झारखंड में जनजीवन बेहाल

रांची झारखंड में दिसंबर के दस्तक के देने के साथ ही ठंड ने अचानक जोर पकड़ लिया है। बर्फीली हवाओं और तेजी से गिरते तापमान ने आम लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। खूंटी जिले में पिछले 24 घंटों में 1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि आंशिक बादल और हल्की धूप के बावजूद ठिठुरन से कोई राहत नहीं मिली। दोपहर की हल्की फुहार ने सर्दी को और भयावह बना दिया। यहां न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस तक फिसल गया।       मौसम विभाग के अनुसार, आज पूरे राज्य में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। दोपहर में धूप तो तेज दिखेगी, लेकिन उत्तरी दिशा से आ रही बर्फीली हवाएं इसका पूरा असर खत्म कर देंगी। बादल छंटने से रात का तापमान 4-5 डिग्री तक गिर सकता है। रांची, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, पलामू, गुमला, गढ़वा, हजारीबाग और कोडरमा में न्यूनतम तापमान 7-8 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों में तापमान में 6 डिग्री की गिरावट से मौसम में जबरदस्त बदलाव महसूस हो रहा है। रांची में अगले एक सप्ताह तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। सुबह कोहरा और ठंड से दिन की शुरुआत होगी। पहले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री तक की और गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे रातें बेहद सर्द गुजरेंगी। दिन का अधिकतम तापमान सामान्य 24-25 डिग्री के आसपास रहेगा, लेकिन हवाओं से ठंडक बनी रहेगी। मौसम विभाग ने पलामू, गुमला जैसे जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है। सुबह-शाम की शीतलहर लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनेगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि सुबह 7 बजे से पहले और शाम 6 बजे के बाद तेज शीतलहर चलेगी। धुंध और बर्फीली हवाएं स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती हैं। सर्दी से प्रभावित होने वाले बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। गर्म कपड़े, अलाव और गर्म भोजन का सहारा लें। किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं ठंड की वजह से रेलवे पर भी असर पड़ा है। कुहासा और धुंध के कारण कई ट्रेनों को तुरंत करना पड़ रहा है। यह सर्दी का पहला बड़ा दौर है, जो नवंबर से चली आ रही शीतलहर को और तेज कर रहा है। राज्यभर में सड़कों पर धुंध का साया छा गया है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हिमालयी ठंडी हवाओं का असर कुछ दिनों तक बना रहेगा। लोग घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतें।