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पिता नहीं दिला पाए आईफोन, नाराज बेटे ने खत्म की जिंदगी, बिहार से दर्दनाक खबर

खगड़यिा मजदूरी कर गुजारा करने वाले पिता आईफोन नहीं दिला सके तो बिहार में एक नाबालिग बेटे ने आत्महत्या कर ली। घर के बेटे की मौत के बाद परिजनों के बीच कोहराम मचा हुआ है। घटना खगड़िया जिले की है। जिले के मानसी थाना क्षेत्र के सैदपुर गांव में शनिवार की रात एक नाबालिग लड़के ने गले में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतक स्थानीय वार्ड 3 निवासी पंकज कुमार सिंह का 16 वर्षीय पुत्र निखिल कुमार बताया जा रहा है। मिली जनकारी के अनुसार मृत किशोर के पिता मजदूरी करते हैं। निखिल घर में आईफोन खरीदने की पिछले कुछ दिनों से जिद कर रहा था। घर की माली हालत देखते हुए परिवार द्वारा आईफोन देने से इंकार किए जाने पर वो नाराज था। जिसके बाद घर के पास में ही स्थित एक मुर्गा फार्म में उसने गले में गमछा लगाकर खुदकुशी कर ली। रविवार की सुबह परिजनों को घटना की सूचना मिली। आनन फानन में उसे सदर अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सक ने जांचोपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक इंटर का छात्र बताया जा रहा है। वह अपने दो भाइयों में ज्येष्ठ था। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया है। थाना में यूडी जेस दर्ज कर पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।  

भारी बारिश से सावधान! बिहार में 28 अगस्त तक रेड-येलो अलर्ट जारी

पटना  मौसम विज्ञान केंद्र, पटना की ओर से पूर्वानुमान के अनुसार, बिहार में आगामी 28 अगस्त तक बारिश और वज्रपात का सिलसिला जारी रह सकता है। विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें विशेष सतकर्ता बरतने की सलाह दी गई है।  28 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी शनिवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, आज दक्षिण- पश्चिम, दक्षिण- मध्य और दक्षिण- पूर्व बिहार के अधिकांश भागों में बारिश की संभावना है। वहीं, 24 से 25 अगस्त के बीच दक्षिण- पश्चिम और दक्षिण- मध्य बिहार के कई क्षेत्रों में भी तेज बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 से 24 अगस्त के दौरान बिहार के अधिकतर जिलों में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। वहीँ 25 से 28 अगस्त तक वर्षा की तीव्रता में थोड़ी कमी आयेगी, लेकिन अधिकतर इलाकों में हल्की बारिश और कहीं- कहीं वज्रपात की आशंका बनी रहेगी।  इन जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग ने शनिवार को पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण, पटना, कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद, गया, नालंदा, नवादा, भोजपुर, समस्तीपुर, बक्सर, लखीसराय, सीवान समेत अन्य जिलों के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की मेघगर्जना, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवायें चल सकती हैं।  पिछले 24 घंटों के दौरान सीवान में 92.6 मिमी, औरंगाबाद में 90.2 मिमी, गया में 82.2 मिमी, पश्चिम चंपारण में 80.2 मिमी, नवादा में 75.6 मिमी, रोहतास में 67.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है।

मौसम विभाग की चेतावनी: बिहार में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका

पटना मौसम विज्ञान केंद्र, पटना की ओर से आज जारी पूर्वानुमान के अनुसार, बिहार में आगामी 28 अगस्त तक बारिश और वज्रपात का सिलसिला जारी रह सकता है। विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें विशेष सतकर्ता बरतने की सलाह दी गई है। 28 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी शनिवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, आज दक्षिण- पश्चिम, दक्षिण- मध्य और दक्षिण- पूर्व बिहार के अधिकांश भागों में बारिश की संभावना है। वहीं, 24 से 25 अगस्त के बीच दक्षिण- पश्चिम और दक्षिण- मध्य बिहार के कई क्षेत्रों में भी तेज बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 से 24 अगस्त के दौरान बिहार के अधिकतर जिलों में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। वहीँ 25 से 28 अगस्त तक वर्षा की तीव्रता में थोड़ी कमी आयेगी, लेकिन अधिकतर इलाकों में हल्की बारिश और कहीं- कहीं वज्रपात की आशंका बनी रहेगी।   इन जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग ने शनिवार को पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण, पटना, कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद, गया, नालंदा, नवादा, भोजपुर, समस्तीपुर, बक्सर, लखीसराय, सीवान समेत अन्य जिलों के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की मेघगर्जना, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवायें चल सकती हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान सीवान में 92.6 मिमी, औरंगाबाद में 90.2 मिमी, गया में 82.2 मिमी, पश्चिम चंपारण में 80.2 मिमी, नवादा में 75.6 मिमी, रोहतास में 67.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है।

प्रियंका गांधी वाड्रा 26 अगस्त को बिहार की वोटर अधिकार यात्रा में करेंगी भागीदारी

पटना बिहार में इन दिनों सियासत का तापमान बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की 'वोटर अधिकार यात्रा' राज्य की सड़कों पर जारी है। इस यात्रा के जरिए विपक्ष 'वोट चोरी' का आरोप लगा रहा है। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने आईएएनएस से कहा, "अगर आपने कहीं 1-2 किलोमीटर की चमचमाती सड़क बना दी है, तो क्या आपने अपने पैसे से बनाई है? क्या ये कोई एहसान है? ये तो आपकी जिम्मेदारी है। बिहार के मंत्रियों की भाषा बेहद अहंकारी और शर्मनाक है। बिहार में सरकार बदलने जा रही है।" कांग्रेस महिला मोर्चा प्रमुख अलका लांबा ने बताया कि यात्रा कटिहार से पूर्णिया की तरफ बढ़ रही है। उन्होंने ऐलान किया कि 26 अगस्त को प्रियंका गांधी वाड्रा भी इस यात्रा में शामिल होंगी। अलका लांबा ने कहा, "25 अगस्त को यात्रा में ब्रेक रहेगा, लेकिन 26 को प्रियंका गांधी वाड्रा खुद बिहार आएंगी। इंडिया गठबंधन के सभी मुख्यमंत्री इस यात्रा का हिस्सा बनेंगे। माहौल बन चुका है, ये सरकार अब बदल जाएगी। हम वोट की पूरी पहरेदारी करेंगे और 'वोट चोरी' करने वालों को घुटनों पर लाएंगे।" अलका लांबा ने बिहार की सड़कों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, "सड़कें तो हैं, लेकिन क्या वो बेटियों के लिए सुरक्षित हैं? क्या उन रास्तों से बेरोजगारों को रोजगार मिल रहा है? सड़क का क्या फायदा जब उस पर चलकर इंसान दवाई, पढ़ाई या कमाई के लिए ही नहीं जा सकता?" सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर बात करते हुए अलका लांबा ने कहा, "राजनीतिक दलों में कमियां हैं और हम उन्हें सुधारने की जिम्मेदारी खुद ले रहे हैं।" कांग्रेस नेता शकील अहमद ने कहा, "इस यात्रा से बिहार के लोगों को एक नई उम्मीद मिली है। चुनाव आयोग को बार-बार सुप्रीम कोर्ट की फटकार मिल रही है। बिहार के युवा जाग चुके हैं। हर वर्ग बोल रहा है, वोट चोर, गद्दी छोड़।" राजद के एमएलसी कारी सोहैब ने कहा, "इस यात्रा में लाखों लोग शामिल हो रहे हैं। जनता को अब मालूम हो चुका है कि यह सरकार 'वोट चोरी' करके बनी है। इस बार तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सरकार बनेगी और हम 'वोट चोरी' नहीं होने देंगे।"

NDA का विधानसभा में हंगामा तय, सूर्या हांसदा ‘एनकाउंटर’ मौत पर होगी चर्चा

रांची विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने शुक्रवार को कहा कि वह झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र में राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर सत्तारूढ़ झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन पर हमला तेज करने के साथ आदिवासी नेता सूर्या हंसदा की ‘फर्जी' मुठभेड़ में मौत की सीबीआई जांच की मांग करेगा। भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने विधायक दल की दो घंटे की बैठक के बाद हंसदा की मुठभेड़ को ‘नृशंस हत्या' करार दिया। जायसवाल ने कहा, ‘‘हमारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी जी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के नेतृत्व में सात सदस्यीय तथ्यान्वेषी दल का गठन किया था, जिसने सूर्या हंसदा के रिश्तेदारों और ग्रामीणों से मुलाकात की थी। रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष को सौंप दी गई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह किसी भी तरह से मुठभेड़ नहीं लगती, बल्कि वास्तव में यह एक नृशंस हत्या है। राजग विधानसभा में मांग करेगा कि सरकार इस घटना की सीबीआई जांच का आदेश दे।'' कई आपराधिक मामलों में वांछित हांसदा को 10 अगस्त को देवघर के नावाडीह गांव से गिरफ्तार किया गया था और कथित मुठभेड़ उस समय हुई जब उन्हें छिपे हुए हथियार बरामद करने के लिए राहदबदिया पहाड़ियों पर ले जाया जा रहा था। हंसदा ने कथित तौर पर पुलिस से एक हथियार छीन लिया और मौके से भागने की कोशिश करते हुए पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी। जायसवाल ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को सदन में और विधानसभा के बाहर भी प्रमुखता से उठाएगी, जब तक कि सरकार मामले की जांच सीबीआई को नहीं सौंप देती। भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने पर तुली हुई है। झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में राजग के 24 विधायक हैं।

पीएम पर आपत्तिजनक बयान देने वाले तेजस्वी यादव के खिलाफ FIR दर्ज

ललितपुर प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने पर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री राजद नेता तेजस्वी यादव के खिलाफ तालबेहट कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा भाजपा जिलाध्यक्ष हरिश्चंद्र रावत ने दर्ज कराया है। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष हरिश्चंद्र रावत ने पुलिस को तहरीर दी। जिसमे बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से ज्ञात हुआ कि देश के प्रधानममंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ तेजस्वी यादव एवं अन्य लोगों ने अभद्र टिप्पणी की है। पुलिस ने तेजस्वी यादव व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मालूम हो कि राजद के एक्स हैंडल से आपत्तिजनक पोस्ट किया गया था। पोस्ट में प्रधानमंत्री की तस्वीर भी लगाई गई थी। शिकायतकर्ता ने पोस्ट की कॉपी को मुकदमे में सबूत के तौर पर पेश किया है। तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गलियारों में तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है।

तारामंडल में लगेगा विज्ञान का मेला

–    जल्द बनेगा सोविनियर शॉप –    वीआर थियेटर में मिलेगा रोमांचक अनुभव पटना,  विज्ञान को समझना अब सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नई तकनीक और रोमांचक साधनों के जरिए लोग विज्ञान की को और बेहतर तथा व्यवहारिक तरीके से अनुभव कर सकेंगे। इसके लिए पटना के इंदिरा गांधी प्लेनेटेरियम, तारामंडल परिसर में सोविनियर शॉप और वीआर थियेटर तैयार किए जा रहे हैं। इसके जरिए अब विज्ञान प्रेमियों और विद्यार्थियों को एक अनोखा अनुभव प्रदान किया जाएगा। तारामंडल में बन रही सोविनियर शॉप का टेंडर फाइनल हो गया है और इसका निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इस दुकान में विज्ञान से जुड़े उपकरण, विभिन्न विषयों की किताबें, स्पेस सूट, ड्रोन, साइंटिफिक मॉडल और बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक खिलौने उपलब्ध रहेंगे। इसका उद्देश्य बच्चों और युवाओं में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा जगाना है। यह एक विज्ञान के मेले के जैसा दिखेगा जहां हर तरफ सिर्फ विज्ञान से जुड़ी चीजें ही दिखेंगी। वहीं दूसरी ओर, परिसर में 25 सीटों वाला वीआर थियेटर भी तैयार हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, इसका उद्घाटन इसी माह के अंत तक होने की संभावना है। इस थियेटर में दर्शकों को 3डी और 4डी का अनुभव मिलेगा। खास सिम्युलेटर कुर्सियों और वीआर हेडसेट की मदद से लोग रोलर कोस्टर राइड, पानी के भीतर जाने का अहसास और कंपन जैसी गतिविधियों को प्रत्यक्ष अनुभव की तरह महसूस कर पाएंगे। बता दें कि तारामंडल में एक दिन में आठ शो चलाए जाते हैं और हर रोज यहां 2000 की संख्या में लोग आते हैं। इसके साथ ही लोग तारामंडल परिसर में ‘बिहार से’ नाम से रेस्टोरेंट की भी शुरूआत की गई है जहां पत्तल में खाना और कुल्हड़ की गिलास में पानी दिया जाता है। यहां का माहौल भी बिहार थीम पर आधारित है। दीवारों का रंग मिट्टी जैसा है जिस पर मिथिला पेंटिंग बनाई हुई है। यहां बिहार के हर जिले के व्यंजन  मिलते हैं जिसमें मालपुआ, प्याजी, बचका, मुर्गा झोर, तली हुई मछली, लिट्टी चोखा, खुरमा आदि हैं। यहां का मेनू भी देसी अंदाज में लिखा गया है, ताकि हर व्यक्ति  आसानी से समझ सकें।

स्कूलों में रोजाना उपस्थिति और अन्य गतिविधियों की फोटो खिंच हो रही मॉनीटरिंग

–    सुदूर क्षेत्र के स्कूलों पर शैक्षणिक गतिविधियों की फोटोग्राफी से की जा रही है ऑनलाइन निगरानी –    पहली तीन घंटियों में गणित, विज्ञान और हिंदी या अंग्रेजी की रीडिंग को मिली प्राथमिकता –    20, 21 एवं 22 अगस्त को राज्य के सभी 38 जिलों के तीन-तीन स्कूलों की कराई गई रैंडम फोटोग्राफी      पटना, शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में अनुशासन के साथ शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर रखे हैं। इनका सही से अनुपालन हो रहा है या नहीं, इसे रोजाना परखा भी जा रहा है। सभी स्कूलों में सुबह लगने वाली एसेंबली एवं प्रार्थना का फोटोग्राफ मांगवाया जाता है। किस स्कूल में क्या गतिविधि हो रही है, इसका फोटोयुक्त प्रमाण चुनिंदा स्कूलों से मंगवाया जाता है। स्कूलों का चयन रैंडम तरीके से किया जाता है। इससे किसी स्कूल को यह जानकारी नहीं होती है कि उससे कब फोटो की मांग होगी। किसी स्कूल का नंबर कभी भी आ सकता है। इस कारण सभी स्कूल अलर्ट मुद्रा में रहते हैं और रोजाना पूरी शिदद्त से रूटीन पालन करते हैं। इससे सभी स्कूलों की जमीनी सच्चाई सामने आ जाती है।   शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ के स्तर से स्कूलों की चुस्त मॉनीटरिंग के लिए यह पूरी व्यवस्था विकसित की गई है। स्कूलों में चलने वाली शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों की निगरानी के लिए औचक फोटोग्राफ मंगवाना शुरू किया है। इन फोटो में संबंधित स्थान का आक्षांस एवं देशांश के अलावा समय समेत अन्य सभी जरूरी बातें अंकित होती हैं। इससे यह सुनिश्चित हो सके कि सभी स्कूलों में विभाग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जा रहा है या नहीं। विभाग ने विगत 20, 21 और 22 अगस्त को राज्य के सभी 38 जिलों के तीन-तीन स्कूलों का रैंडम तरीके से चयन कर इनमें होने वाली गतिविधियों से सम्बंधित तस्वीरें मंगवा कर समुचित समीक्षा की गई। इसमें पाया गया कि इन स्कूलों में विभाग के दिशा-निर्देश के अनुसार गतिविधियों का संचालन किया जा रहा था। अगर किसी स्कूल में सुबह निर्धारित समय की गतिविधि नहीं दिखती है, तो उसका कारण उस विद्यालय के प्रमुख को लिखित में बताना पड़ता है। किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर उचित कार्रवाई भी की जाती है। डॉ. एस सिद्धार्थ के इन प्रयासों से सूबे के स्कूलों की पूरी सूरत ही बदल गई है।        सरकारी स्कूलों में छात्रों के आने का समय सुबह 9:30 बजे निर्धारित किया गया है। इसी समय शिक्षक को उपस्थित होकर बच्चों के साथ चेतना सत्र की पूरी अवधि में सक्रिय रहना अनिवार्य है। विद्यालय में पढ़ाई के दौरान शिक्षक और बच्चे दोनों का फोटोग्राफ लेकर सुरक्षित रखा जा रहा है। विभागीय पदाधिकारियों के स्तर से फोटो मांगे जाने पर उसे उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य है। बता दें कि इसे लेकर शिक्षा विभाग ने इसी वर्ष 4 अगस्त को एक अहम निर्देश जारी किया था, जिसका उद्देश्य राज्य के सरकारी स्कूलों में अनुशासन को सुदृढ़ बनाना और शिक्षकों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना है।        यह आदेश शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों, जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों, अन्य संबंधित कार्यक्रम पदाधिकारियों और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिखकर कई तरह के दिशा-निर्देश दिए हैं। इस पत्र के माध्यम से सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि विद्यालयों में बच्चों और शिक्षकों की उपस्थिति समय पर हो और स्कूल में अनुशासन का माहौल बना रहे। इस अनुशासन के जरिए शिक्षकों पर पूरी निगरानी रखी जाएगी।         डॉ. एस सिद्धार्थ के इस लिखित आदेश के अनुसार, स्कूलों में लाउडस्पीकर की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। स्कूल शुरू होने से 15 मिनट पहले राष्ट्रगान बजाया जा रहा है। चेतना सत्र शुरू होने से पहले स्कूल का मेन गेट बंद कर दिया जाता है और देर से आने वाले छात्रों को अगले दिन स्कूल में प्रवेश नहीं दिये जाने का नियम बनाया गया है। आधे घंटे के चेतना सत्र में प्रार्थना, बिहार राज्य गीत, राष्ट्रगीत, सामान्य ज्ञान, तर्क ज्ञान, शब्द ज्ञान और प्रेरक कहानियां सुनाने जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इस दौरान बच्चों के नाखून, बाल और यूनिफॉर्म की जांच भी की जा रही है। स्कूल की पहली तीन घंटियों में गणित, विज्ञान और हिंदी या अंग्रेजी की रीडिंग को प्राथमिकता दी जानी है, ताकि बच्चों में गणित कौशल, वैज्ञानिक नवाचार और वाक् कौशल विकसित हो सके।

बिहार के गांवों में तराशे जा रहे हैं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी

–    राज्य के कुल 8053 में से 7467 में खेल क्लबों के गठन के लिए चुनाव सम्पन्न –    154 नगर पंचायतों में से 140 में गठित हो चुके हैं खेल क्लब –    सभी ग्रामीण स्टेडियम में खेल की आधारभूत संरचनाओं के साथ उपलब्ध होंगी स्तरीय खेल प्रशिक्षक की सुविधाएं        पटना, बिहार सरकार राज्य में व्विभिन्न खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को तराशने का अभियान शुरू कर दिया है। खिलाड़ियों की क्षमतावर्द्धन और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए राज्य के हर ग्राम पंचायत से लेकर नगर पंचायतों में खेल क्लबों के गठन की प्रक्रिया लगभग हो चुकी है। इसके साथ ही, प्रखंडस्तर पर आउटडोर स्टेडियम का निर्माणकार्य भी तेजी से चल रहा है। इन स्टेडियमों में एथलेटिक्स, फुटबॉल, कबड्डी, वॉलीबॉल, हॉकी समेत कई अन्य खेलों के न केवल आयोजन की बल्कि इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को निखारने की सभी सुविधाएं शामिल हैं। इन क्लबों और स्टेडियमों में होने वाली खेल गतिविधियों में 14 से 45 वर्ष आयुवर्ग के खिलाड़ियों को शामिल किया जा रहा है। इन सभी ग्रामीण स्टेडियमों में विभिन्न खेलों के लिए न सिर्फ बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी बल्कि विभिन्न खेलों से जुड़े प्रशिक्षकों को बी यहाँ तैनात किया जा रहा है। ताकि खिलाड़ियों की प्रतिभा को तराशा जा सके। खेल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के सभी 38 जिलों के कुल 8053 ग्राम पंचायतों में से 7467 ग्राम पंचायतों में खेल क्लबों के गठन के लिए चुनाव सम्पन्न करा लिए गए हैं। जबकि शेष 586 ग्राम पंचायतों में क्लब के गठन के लिए चुनाव प्रक्रिया शीघ्र ही सम्पन्न कर ली जाएगी। इसी तरह, राज्य के कुल 154 नगर पंचायतों में से 140 नगर पंचायतों में भी क्लबों के गठन के लिए चुनाव सम्पन्न हो चुका है। शेष 14 नगर पंचायतों में भी यह अपने अंतिम चरण में है। विगत बुधवार को खेल विभाग के अपर मुख्य सचिव बी राजेंदर ने विभाग की समीक्षा बैठक में अपने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शेष बचे सभी ग्राम व नगर पंचायतों के खेल क्लब के पदधारकों के चुनाव व चयन का कार्य पूर्ण कर उन पंचायतों को चिन्हित किया जाए, जहां क्लबों के पदाधिरियों के पद  रिक्त हैं। उन्होंने इसकी सूची विभाग को अविलंब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इस बैठक में खेल विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री राजेंदर ने राज्य के सभी 534 प्रखंडों में बन रहे आउटडोर स्टेडियम के निर्माण की भी समीक्षा की। जिसमें पाया गया कि राज्य के 534 में से 257 प्रखंडों में स्टेडियम का निर्माणकार्य पूर्ण कर लिया गया है।    जबकि 46 प्रखंडों में स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने समीक्षा बैठक में पाया कि २९ प्रखंडों में स्टेडियम का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा सका है। जबकि दस प्रखंड स्तरीय स्टेडियम का निर्माण कार्य फिलहाल अपूर्ण है। उन्होंने ऐसे अधूरे व अनिर्मित स्टेडियम का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के लिए बिहार राज्य भवन निर्माण निगम और संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने का निर्देश दिया है।

अब दूसरे राज्यों में भी नहीं बच पाएंगे बिहार के गुनेहगार! STF ने दबोचे 64 कुख्यात

अब किसी कोने में नहीं छिप पाएंगे अपराधी, बिहार पुलिस का ऑपरेशन जारी पटना,  बिहार में अपराध करके दूसरे राज्यों में छिपने वाले अपराधियों के दिन अब लद गए हैं। इस साल जनवरी से अब तक पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने देशभर के कई राज्यों से 64 कुख्यात और इनामी अपराधियों को दबोचा है। सबसे ज्यादा 14 अपराधी दिल्ली से पकड़े गए, जबकि पश्चिम बंगाल से 9 की गिरफ्तारी हुई है। यहां से दबोचे गए 64 कुख्‍यात एडीजी (अभियान एवं मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने बताया कि भगोड़े अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। संगठित आपराधिक गिरोहों का सफाया STF की प्राथमिकता है। उन्होंने खुलासा किया कि दिल्ली और पश्चिम बंगाल के बाद उत्तर प्रदेश और गुजरात 7-7 अपराधी, झारखंड से 6, हरियाणा से 5, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से 4-4, हिमाचल और पंजाब से 2-2 समेत राजस्थान, गोवा, उड़ीसा, उत्तराखंड, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर और मणिपुर से भी अपराधियों को पकड़ा गया है। नक्‍सल पड़े कमजोर, अपराधियों पर फोकस एडीजी मुख्‍यालय कुंदन कृष्णन ने बताया कि बिहार में नक्सली हिंसा अब कमजोर पड़ चुकी है। जिसके बाद STF का फोकस अपराधी गिरोहों और उनकी सप्लाई चेन तोड़ने पर है। यही वजह है कि इस साल अब तक 857 अपराधी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 752 था। बताते चलें 2024 में 44 नक्सली गिरफ्तारी हुई। ज‍बकि इस साल अब तक 101 नक्सली पकड़े जा चुके हैं। इनामी बदमाशों की गिरफ्तारियां STF ने कई बड़े इनामी अपराधियों को दबोचा है। एडीजी मुख्‍यालय और अभियान ने बताया कि इनामी बदमाशों की लिस्‍ट में बुटन चौधरी, 2 लाख का इनामी बदमाश था। जिसे महाराष्ट्र के उदवंतनगर से 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया। दिल्‍ली से सुबोध सिंह को दबोचा गया। यह इंटर-स्टेट सोना लुटेरा था। जिसे 5 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया। विकास उर्फ जॉन राइट भी इनामी बदमाश था। इस पर 2 लाख का इनामी घोषित था। जिसे दिल्‍ली से गिरफ्तार किया गया। वहीं, 1 लाख के इनामी नक्सली राजेश यादव को महाराष्ट्र से पकड़ा गया और मनीष नाम के 50 हजारी अपराधी को दिल्ली के पहाड़गंज से दबोचा गया। मनीष सीवान-गोपालगंज का नामी बदमाश था। ऑपरेशन में जवानों को मिली सर्वोच्‍च गति एडीजी कृष्णन ने बताया कि अपराधियों को पकड़ने के ऑपरेशन में STF के कई जवानों ने जान गंवाई है। गुजरात के सूरत में ऑपरेशन के दौरान हुए हादसे में दारोगा मुकुंद मुरारी, जेसी विकास कुमार, जेसी जीवधारी कुमार, दारोगा संतोष कुमार और मिथिलेस पासवान की मौत हो गई थी। जिन्‍होंने पुलिस सेवा के दौरान सर्वोच्‍च गति प्राप्‍त की।