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बड़ा हादसा झारखंड में, बारात ले जा रही बस की ब्रेक फेल, 9 मृत और 80 घायल

लातेहार झारखंड के लातेहार जिले में बारात ले जा रही एक बस के पलट जाने से उसमें सवार कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई और 80 अन्य घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि यह हादसा महुआडांड़ पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत ओरसा बंगलाधारा घाटी में हुआ. पुलिस अधीक्षक (एसपी) कुमार गौरव ने कहा, ‘‘छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से बारात लेकर बस लातेहार के महुआडांड़ आ रही थी. बस पलट गई और पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. मरने वालों में से चार महिलाएं शामिल हैं. घायलों को अस्पताल ले जाया गया है.’’ सीएम हेमंत सोरेन ने जताया शोक  वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि लातेहार के अस्पताल में इलाज के दौरान दो और लोगों की मौत हो गई जबकि गुमला सदर अस्पताल में भी दो लोगों की मौत हुई. गुमला के सिविल सर्जन शंभूनाथ चौधरी ने कहा कि नौ घायलों को यहां के सदर अस्पताल में रेफर किया गया था जिनमें से दो को मृत घोषित कर दिया गया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लातेहार के उपायुक्त को घायलों को उचित चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने का निर्देश दिया.  80 घायल, 32 लोग गंभीर हालत में  उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) विपिन कुमार दुबे ने बताया कि 60 घायलों को महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में और 20 से अधिक को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने कहा, ‘‘गंभीर हालत वाले 32 लोगों को बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) भेजा जा रहा है.’’ मृतकों की पहचान रेशांति देवी (35), प्रेमा देवी (37), सीता देवी (45), सोनमती देवी (55), सुखना भुइयां (40) और विजय भुइयां के रूप में हुई है. उन्होंने बताया कि लातेहार अस्पताल में जिस महिला की मौत हुई, उसकी पहचान की जा रही है. ब्रेक फेल होने की वजह से हुआ हादसा बस चालक विकास पाठक ने बताया कि बस में करीब 90 यात्री सवार थे. उसने कहा, ‘‘बस के ब्रेक फेल हो गए. हैंडब्रेक का इस्तेमाल करके और इंजन बंद करके गाड़ी रोकने की कोशिश करने के बावजूद, मैं उस पर नियंत्रण नहीं पा सका और अंततः बस पलट गई.’’

NEET छात्रा मौत कांड: आरोपी मनीष हॉस्टल में रहता था, सेक्स रैकेट चलाने के आरोप से हड़कंप

पटना पटना के शंभू हॉस्टल में नीट छात्रा मौत मामले में गिफ्तार हॉस्टल मकान मालिक मनीष रंजन पर सेक्स रैकेट चलाने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि वह लड़कियों के हॉस्टल में ही ऊपरी तल्ले पर रहता था। उसका आपराधिक इतिहास भी है। पुलिस अब हॉस्टल के संचालिका शंभू अग्रवाल की पत्नी नीलम अग्रवाल और उनके दो बेटों की तलाश कर रही है। घटना के बाद से सभी फरार है। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने उसे पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की मांग की है। यह भी कहा है कि वह बड़े रसूखदारों को लड़कियों की सप्लाई भी करता था। नीट छात्रा मौत मामले में एक के बाद एक कड़ी खुल रही है। पता चला है कि मकान मालिक मनीष रंजन हॉस्टल के ऊपर एक फ्लैट में रहता था। उसके मकान में नीलम अग्रवाल नाम की महिला अपने पति शंभू अग्रवाल के नाम पर चला थी। उसने केयर टेकर के तौर पर नीतू के बहाल कर रखा था। नीतू ही लड़की को लेकर अस्पताल गई थी। नीलम अग्रवाल के दो बेटे भी हैं जो घटना के बाद से फरार हैं। 13दिनों के बाद भी नीलम अग्रवाल तक पुलिस नहीं पहुंची है। हॉस्टल से अन्य लड़कियां शिफ्ट हो गई हैं। लड़कियों ने बताया कि कभी भी हॉस्टल की सुरक्षा जांच नहीं होती थी। तीन साल से रहने वाली एक लड़की ने बताया कि भी किसी एजेंसी ने वहां आकर जांच पड़ताल नहीं किया। एक बड़ी जानकारी यह मिली है कि पांच जनवरी को जब छात्रा जहानाबाद से पटना आई थी उस दिन मनीष रंजन का मोबाइल लोकेशन भी इसी रूट पर था। पुलिस अब यह छानबीन कर रही है कि यह महज एक संयोग है या साजिश। इस कांड के बाद यह भी खुलासा हुआ है कि पटना में लड़कियों का हॉस्टल चलाने को लेकर कोई निश्चित प्रोटोकॉल का पालन नहीं होता। सैकड़ों की संख्या में हॉस्टल चलाए जा रहे हैं। लेकिन कोई ऑथोरिटी इनकी चेक नहीं करता। संचालक जिस प्रकार से चाहें, अपना हॉस्टल चलाते हैं। पुलिस भी इन्हें लेकर संवेदनशील नहीं दिखती। कई लड़कियों ने बताया कि बदमाश लड़के फब्ती कस कर भाग जाते हैं। उन्हें पकड़ने वाला कोई नहीं है।

कोहरे की चादर में लिपटा बिहार: 20 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी, राहगीरों की बढ़ी मुश्किलें

पटना बिहार में एक बार फिर घने कोहरे ने दस्तक दे दी है। कई जिलों धूप पूरी तरह नहीं निकली इस कारण सुबह में पिछले चार दिनों की अपेक्षा अधिक ठंड महसूस हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना की ओर से आज कई जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई जिलों में अगले तीन घंटे के दौरान घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसे देखते हुए पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली, पटना, जहानाबाद, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, बेगूसराय, दरभंगा और मधुबनी जिलों के कुछ हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, सहारसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार जिलों के कुछ स्थानों पर घने कोहरे की आशंका को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बताया है कि इन क्षेत्रों में दृश्यता काफी कम हो सकती है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर सुबह और देर रात यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 20 जनवरी के बाद और बढ़ेगी ठंड मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से बिहार के मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। इसका असर राज्य के उत्तरी और पश्चिमी इलाकों में ज्यादा देखने को मिलेगा। आने वाले चार दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाने की आशंका बनी रहेगी। कई जिलों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, 20 और 21 जनवरी के बाद एक बार फिर ठंड का असर तेज होने की संभावना है। इसके बाद अगले कुछ दिनों तक तापमान में बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं। पटना में सुबह कोहरा, दिन में खिली धूप राजधानी पटना में अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय कोहरा और धुंध छाए रहने की संभावना है, जबकि दिन चढ़ने के साथ मौसम साफ और धूप खिली रहेगी। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार 18 से 22 जनवरी तक शहर में सुबह हल्का से मध्यम कोहरा रहेगा, जिससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है। 18 जनवरी को अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 19 जनaवरी को तापमान बढ़कर 23 डिग्री, जबकि 20 जनवरी को 24 डिग्री तक पहुंच सकता है। इसके बाद 21 और 22 जनवरी को अधिकतम तापमान क्रमश: 23 और 22 डिग्री रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री के आसपास बना रहेगा। सुबह सूर्योदय करीब 6:37 बजे और सूर्यास्त शाम 5:26 बजे के आसपास होगा। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और देर रात यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।

सन्डे मार्केट में अवैध दुकानों पर प्रशासन सख्त, बुलडोजर कार्रवाई के साथ दी अंतिम चेतावनी

दुर्ग भिलाई के सुपेला संडे मार्केट में एक बार फिर निगम प्रशासन और पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई की है. सुबह 8 बजे से ही निगम प्रशासन और पुलिस की टीम पहुंचकर मौके पर जेसीबी के साथ अतिक्रमण को हटाया. दरअसल, भिलाई के सुपेला में हर रविवार को बाजार सजता है. सड़क पर अतिक्रमण कर दुकान लगाने वालों को भिलाई नगर निगम द्वारा कई बार चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन चेतावनी मिलते ही व्यापारी अपना व्यापार हटा लेते हैं. लेकिन फिर अतिक्रमण कर वे व्यापार करने लगते हैं. अतिक्रमण की वजह से व्यस्ततम मार्ग पर यातायात प्रभावित होता है. इस बार पहले ही दुकान के सामने पैसे लेकर अवैध तरीके से दुकान खुलवाने वाले दुकानदारों को सख्त हिदायत देते हुए चूने से एरिया मार्क कर दिया गया था. इसके बाद आज सुबह निगम अमला जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचा और कब्जों को हटाने का काम किया. इसके साथ फिर से दुकानदारों को चेतावनी दी गई कि अब यदि अतिक्रमण हुआ तो भारी भरकम जुर्माना वसूला जायगा.

लातेहार में बड़ा सड़क हादसा: अनियंत्रित बस घाटी में गिरी, 5 की जान गई

रांची   झारखंड के लातेहार जिले से एक बड़ा हादसा हो गया, जहां महुआडांड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत ओरसा घाटी में एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण हादसे में अब तक 5 महिलाओं के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई अन्य यात्रियों के हताहत होने की आशंका जताई जा रही है। छत्तीसगढ़ से पिकनिक मनाने जा रहे थे लोग प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त बस छत्तीसगढ़ के बलरामपुर स्थित ज्ञान गंगा हाई स्कूल की है। अपुष्ट सूत्रों की मानें तो बस में क्षमता से अधिक लगभग 80 लोग सवार थे, जो छत्तीसगढ़ से लोध फॉल (Lodhi Fall) घूमने जा रहे थे। ओरसा घाटी के खतरनाक मोड़ पर चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस पलट गई, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई।   बचाव कार्य और चिकित्सा सहायता घटना की सूचना मिलते ही महुआडांड़ थाना प्रभारी मनोज कुमार पुलिस बल और एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंचे। बस के नीचे अभी भी कुछ घायलों और शवों के दबे होने का अनुमान है, जिन्हें निकालने के प्रयास जारी हैं। अस्पताल में मची अफरा-तफरी महुआडांड़ का सरकारी अस्पताल घायलों से पूरी तरह भर गया है। घायलों की संख्या इतनी अधिक है कि स्थानीय प्रखंड के निजी क्लीनिकों के प्रैक्टिसनर भी स्वेच्छा से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे हैं और डॉक्टरों की मदद कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता वर्तमान में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को तुरंत इलाज प्रदान करना है। चिकित्सा सहायता: घटना की गंभीरता को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में डॉक्टरों की टीम जुटी हुई है। स्थानीय क्लीनिकों के प्राइवेट प्रैक्टिसनर्स भी घायलों की जान बचाने के लिए स्वेच्छा से डॉक्टरों की मदद कर रहे हैं।

क्या तेजस्वी बनेंगे RJD के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष? लालू यादव की बीमारी के बीच सियासी हलचल तेज

पटना राष्ट्रीय जनता दल(आरजेडी) की कमान पूरी तरह से तेजस्वी यादव के हाथों में आने के संकेत मिल रहे हैं। चर्चा है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनित किया जाएगा। लालू प्रसाद यादव अभी राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। जानकारी मिल रही है कि 25 जनवरी को इसका ऐलान कर दिया जाएगा। विदेश यात्रा से लौटने के बाद तेजस्वी यादव ऐक्शन में हैं। आगामी रणनीति और विधानसभा चुनाव में हार की समीक्षा की जा रही है। पटना में तेजस्वी यादव ने अपने सरकारी आवास पर कोर केमेटी और लोकसभा, राज्यसभा सदस्यों के साथ बैठक की। तेजस्वी को राजद में लालू यादव के बाद नंबर टू का दर्जा पहले से प्राप्त है। पार्टी में नीति निर्धारण हो या कोई बड़ा फैसला, यह काम तेजस्वी यादव ही करते हैं। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले ही लालू प्रसाद यादव ने यह पावर तेजस्वी को सौंप दिया था। विधानसभा चुनाव में टिकट काटने से लेकर बांटने तक का काम उन्होंने ही किया। कार्यकारी अध्यक्ष का पद मिल जाने के बाद उनकी ताकत और बढ़ जाएगी। 25 जनवरी को पार्टी कार्यसमिति की बैठक पटना में बुलाई गई है। इस बैठक पर सबकी निगाहें टिकी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसी बैठक में तेजस्वी यादव की नई जिम्मेदारी की घोषणा हो सकती है। राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। वे अक्सर बीमार रहते हैं। इसे देखते हुए तेजस्वी के हाथों में पार्टी की कमान सौंपे जाने की चर्चा हो रही है। इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है। बीजेपी प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने कहा है कि यह लालू प्रसाद की मजबूरी है। वंशवादी परंपरा के तहत वे अपनी कुर्सी परिवार से बाहर के किसी पार्टी नेता को नहीं दे सकते। जदयू प्रवक्ता मनीष कुमार ने कहा है कि तेजस्वी यादव चाहे कुछ भी बन जाएं पर वे बिहार की जनता से दूर हो चुके हैं। वे बिहार वासियों के प्रति उदासीन रहते हैं।  

बस में मॉडिफिकेशन करने वालों पर परिवहन विभाग करेगा सख्त कार्रवाई

रांची. जिला परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से कांटाटोली स्थित खादगढ़ा बस स्टैंड पर स्लीपर बसों की विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों पर सख्ती दिखाई गई और कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए। जांच के क्रम में कुल 21 बसों की जांच की गई। केंद्रीय सड़क परिवहन संस्थान (सीआइआरटी) द्वारा स्लीपर बसों के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन नहीं करने पर संबंधित बस संचालकों को नोटिस जारी किया गया। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि चेसिस में एक्सटेंशन लगाकर बनाई गई बस बॉडी को तत्काल संचालन से हटाया जाएगा। सभी प्रकार की बसों का पंजीकरण अब केवल किसी अप्रूव्ड टेस्ट एजेंसी की मंजूरी के साथ फार्म-22/22ए के आधार पर ही किया जाएगा। हर बस के पंजीकरण के समय लेआउट ड्राइंग अनिवार्य रूप से संलग्न करनी होगी, जिसमें बस के आयाम, दरवाजों की स्थिति, इमरजेंसी एग्जिट और रूफ हैच का स्पष्ट विवरण हो। इसके अलावा बस बॉडी निर्माता की मान्यता की वैधता की भी जांच अनिवार्य की जाएगी। उप परिवहन आयुक्त-सह-सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल) रांची हरविंश पंडित, मोटरयान निरीक्षक रांची विमल किशोर सिंह तथा जिला परिवहन पदाधिकारी रांची अखिलेश कुमार ने संयुक्त रूप से सभी स्लीपर बसों की गहन जांच की। अधिकारियों ने बताया कि स्लीपर कोचों में चालक के केबिन में लगाए गए पार्टीशन दरवाजे को तत्काल हटाने का निर्देश दिया गया है। निरीक्षण के दौरान कुछ बसों से मौके पर ही पार्टीशन हटाने को कहा गया। इसके अलावा, सभी स्लीपर कोचों के बर्थ में लगे स्लाइडर तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं। अग्नि सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी स्लीपर बसों में एफडीएसएस (फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम) लगाने के लिए बस आपरेटरों को एक माह का समय दिया गया है। साथ ही सभी बसों में न्यूनतम 10 किलोग्राम क्षमता के फायर एक्सटिंग्विशर (ग्रीन जोन) की उपलब्धता और कार्यशीलता सुनिश्चित करने को कहा गया है। खादगढ़ा बस स्टैंड पर उपस्थित वाहन मालिकों के साथ एक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें सीआईआरटी द्वारा जारी सभी सुझावों और निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में वाहन स्वामियों ने विभागीय निर्देशों का पालन करने पर सहमति जताई और तय समय-सीमा के भीतर आवश्यक बदलाव करने का आश्वासन दिया। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि यह अभियान सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा राज्य सरकार की सड़क सुरक्षा नीतियों के अनुरूप है, जिसमें यात्रियों के जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और नियमों का पालन नहीं करने वाले बस संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

झारखंड में रात की ठण्ड से मिल सकती है राहत

रांची. झारखंड में रांची समेत कई जिलों में सुबह और रात के वक्त कनकनी कायम है। पिछले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में शीतलहर की स्थिति बनी रही। वहीं मौसम विभाग ने शनिवार को भी राज्य के छह जिलों में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में सिमडेगा, गुमला, पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, रामगढ़ और बोकारो शामिल हैं। विभाग ने अगले चार दिनों के दौरान राज्य के न्यूनतम तापमान में पांच डिग्री तक चढ़ने का अनुमान व्यक्त किया है। ऐसे में 20 जनवरी से रात की कनकनी से राहत मिल सकती है। इधर, कई जिलों में बीते 24 घंटे के दौरान न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहा। शुक्रवार को रांची का मैकलुस्कीगंज सबसे ठंडा रहा। वहां के स्थानीय तापमापी यंत्र के अनुसार, न्यूनतम तापमान शून्य दर्ज किया गया। वहीं कांके का तापमान तीन डिग्री रहा। जिलों की बात करें तो खूंटी का न्यूनतम तापमान 2.6 रहा। गुमला का न्यूनतम तापमान शुक्रवार को दो डिग्री वृद्धि के 2.8 दर्ज किया गया। गुरुवार को यहां का पारा 0.8 डिग्री था। इधर, मामूली कमी के साथ रांची का न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री दर्ज किया गया। मेदिनीनगर, कोडरमा, लातेहार, गुमला आदि जिलों के तापमान में एक से दो डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान अब भी नौ डिग्री से नीचे या उसके करीब है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, आनेवाले सात दिनों में आसमान पूरी तरह साफ रह सकता है। इससे दिन में धूप और कड़ी होगी, जिससे कनकनी से राहत मिल सकती है। अधिकतम तापमान में भी वृद्धि का अनुमान है। तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही झारखंड के लोगों को राहत मिल जाएगी।

विराट रामायण मंदिर में स्थापित हुआ दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग, सीएम नीतीश ने देखी ऐतिहासिक घटना

मोतिहारी विश्व के सबसे बड़े और चर्चित शिवलिंग को 54 दिनों की कड़ी साधना के बाद मोतिहारी में बन रहे विराट रामायण मंदिर में स्थापित कर दिया गया। बनारस और पटना के पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ मंडप में विधि-विधान से पूजा के बाद रामायण मंदिर परिसर में शिवलिंग की स्थापना कार्य शनिवार (17 जनवरी 2026)संपन्न हुआ। महावीर मंदिर ट्र्स्ट पटना की अगुआई में मोतिहारी के कल्याणपुर पंचायत के कैथवलिया गांव में शिवलिंग स्थापना के ऐतिहासिक क्षणों के गवाह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा समेत लाखों लोग बने। विश्व के करोड़ों लोगों ने इंटरनेट पर पूरेविधान को ऑनलाइन भी देखा। महावीर मंदिर ट्रस्ट के सदस्य और आचार्य किशोर कुणाल के पु्त्र शायन कुणाल और उनकी पत्नी सांसद शाम्भवी चौधरी ने यजमान की भूमिका में भोलेनाथ का आवाहन किया। बनारस, अयोध्या व हरिद्वार से पहुंचे आचार्यों ने विधि- विधान से पूजा संपन्न कराई। अयोध्या से पधारे 21 बटुकों ने स्वास्ति वाचन किया तो भक्ति और मंत्रोच्चार से वातावरण पवित्र हो गया। मंडप में पूजन के बाद शिवलिंग की पूजा और आरती की गई। दो क्रेन की मदद से शिवलिंग को उठाकर कर चबूतरे पर स्थापित करने में 30 मिनट का समय लगा। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार व ऋचाओं से कैथेवलिया के जानकीनगर में बन रहे विराट रामायण मंदिर का इलाका गूंज उठा। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ मंदिर का भ्रमण किया और निर्माण कार्य का जायजा लिया। प्राण प्रतिष्ठा विधान में शामिल होने के लिए शिव भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। सर्दी और कच्चे रास्तों की चुनौती देते हुए आस पास के कई जिलों से लोग कैथवलिया पहुंचे। 8 जनवरी को महाबलीपुरम से शिवलिंग पहुंचने के दिन से ही कैथवलिया में मेला लगा है। माना जा रहा है कि श्रद्धालुओं की भीड़ आने वाले दिनों में और बढ़ेगी। यह शिवलिंग 33 फीट ऊंचा और 210 मेट्रिक टन वजन वाला है जो ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित है। तामिलनाडु के महाबलीपुरम में इसका निर्माण कराया गया। 96 चक्के वाले ट्रक से इसे 21 नवम्बर को वहां से रवाना किया गया। रास्ते भर शिवलिंग की पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना की गई।

रांची में अतिक्रमण कर बनाए 50 निर्माण बुलडोजर से तोड़े

रांची. व्यस्त मार्ग रातू रोड में नगर निगम की इन्फोर्समेंट टीम की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। पांच घंटे से अधिक समय तक न्यू मार्केट चौक से पिस्का मोड़ तक सड़क के एक छोर से अतिक्रमण हटाया गया। 50 से अधिक अवैध संरचना को ध्वस्त किया गया। दुकान-प्रतिष्ठान के बाहर सीढ़ियों पर किए गए अतिक्रमण और निर्माण को ढाह दिया गया। दुकान के ऊपर लगे शेड को भी हटाया गया। टीम ने अभियान के क्रम में दो दर्जन से अधिक ठेला-खोमचा, स्टील के काउंटर, टेबल-कुर्सी, बेंच, बांस-बल्ली व लोहे के चदरे समेत अन्य सामान को जब्त किया। कई जगहों पर दुकानदारों ने अभियान का विरोध का प्रयास किया, लेकिन टीम की ओर से व्यवस्था के अलावा कार्रवाई के संबंध में बताए जाने पर ऐसे लोग पीछे हट गए। नालों पर सामान नहीं रखने की दी गई सख्त हिदायत अभियान के क्रम में प्रतिष्ठान संचालक एवं दुकानदारों को फिर से अतिक्रमण करने और नालियों पर सामान रखने समेत शेड को सड़क तक विस्तार देने के मामले पकड़ में आने पर कठोर कार्रवाई को चेताया। निगम का यह प्रयास है कि सार्वजनिक सड़क अतिक्रमण मुक्त रहे और फुटपाथ पर किसी तरह का कब्जा नहीं हो। बताया गया कि अवैध अतिक्रमण को लेकर अभियान आगे भी जारी रहेगा।