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बिहार में बदल रहा मौसम: सुबह कोहरा लौटेगा, पारा होगा और नीचे

पटना बिहार में ठंड बढ़ने लगी है। पारा गिरकर 13 डिग्री तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने स्पष्ट कहा है कि 4 से 5 दिन तक पछुआ हवा के कारण मौसम शुष्क बना रहेगा सुबह और शाम हल्की ठंड रहेगी। पटना समेत कई इलाकों में कोहरा छाया रहेगा। मौसम विभाग ने कहा है कि पटना समेत राज्य के लगभग सभी जिलों में अगले दो दिन तक तापमान में कोई विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है लेकिन इसके बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट होगी। आम लोग सावधान रहें। गर्म कपड़े पहनकर ही सुबह और शाम में बाहर निकलें। इधर, आज के मौसम की बात करें तो पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, गोपालगंज, दरभंगा समेत कुछ जिलों में सुबह से ही हल्का कोहरा देखने को मिला। हालांकि नौ बजे तक पटना, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर भागलपुर गया मुंगेर समेत कई जगह धूप निकलने से लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश भागों के न्यूनतम तापमान मे कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना है। इसके बिहार राज्य के अनेक भागों के न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री तक की गिरावट का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार का मौसम शुष्क बना रहा। सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस पूर्णिया का दर्ज किया गया। वहीं राज्य का अधिकतम तापमान 26.9 से 30.8 सेल्सियस के बीच रहा। पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार राज्य के अनेक भागों के अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं दर्ज की गयी। वहीं कम न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस पूसा (समस्तीपुर) में दर्ज किया गया। राज्य का न्यूनतम तापमान 13 डिग्री से 20 डिग्री के बीच रहा। सबसे कम न्यूनतम दृश्यता 1000 मीटर पटना एवं पूर्णिया में दर्ज किया गया। हालांकि इन दोनों जगहों पर विमान सेवा प्रभावित नहीं हुई। 

कैबिनेट पोर्टफोलियो पर मंथन तेज: नीतीश के पास होम, BJP को हाउस मिलने की चर्चा गर्म

पटना बिहार के 10वीं बार सीएम बने नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल के 26 मंत्रियों के बीच विभाग और मंत्रालय के बंटवारे का इंतजार चल रहा है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी (एलएनएमयू) के दीक्षांत समारोह में शामिल होने सुबह दरभंगा गए थे और दोपहर बाद पटना लौट आए हैं। अब सीएम हाउस और राजभवन के बीच औपचारिकता पूरी होने के बाद मंत्रियों के विभागों का ऐलान कभी भी हो सकता है। संभावना है कि आज शाम तक मिनिस्टर के मंत्रालय सामने आ जाएं। इस बीच चर्चा है कि पहले की तरह होम यानी गृह मंत्रालय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास ही रहेगा। बीजेपी को पहले की तरह हाउस यानी विधानसभा में स्पीकर का पद मिलेगा। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने गया टाउन सीट से 1990 से लगातार जीत रहे प्रेम कुमार को इस बार मंत्री नहीं बनाया है। सुशील मोदी और नंद किशोर यादव के जमाने से भाजपा के बड़े नेता रहे प्रेम कुमार विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए एक पसंद हो सकते हैं। मंत्रालयों में वित्त मंत्रालय समेत कई बड़े विभाग भाजपा कोटे के मंत्रियों को मिलने की अटकलें है, जिसमें उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, खान, पथ निर्माण और सहकारिता जैसे मंत्रालय शामिल हैं। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) कोटे के मंत्रियों को संसदीय कार्य, शिक्षा, परिवहन, जल संसाधन, ग्रामीण विकास, भवन निर्माण जैसे मंत्रालय मिलने की चर्चा है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की 8वीं सरकार का गुरुवार को शपथ ग्रहण हुआ था, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री आए थे। सरकार में नीतीश के अलावा 26 मंत्री बनाए गए हैं। नीतीश ने जेडीयू की बैठक में कहा था कि खरमास के बाद एक कैबिनेट विस्तार होगा। मौजूदा मंत्रिमंडल में सीएम समेत बीजेपी के 14, जेडीयू के 9, लोजपा-रा के 2, हम और रालोमो के 1-1 मंत्री शामिल किए गए हैं। कैबिनेट में 9 और मंत्री बनाने की जगह है, जिसमें जेडीयू की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी होगी। नीतीश कैबिनेट के मंत्रियों के विभाग और मंत्रालय की लिस्ट- जब सरकार घोषणा करेगी तब यह लिस्ट अपडेट की जाएगी। अभी आप मंत्रियों के नाम, पद और उनकी पार्टी देख सकते हैं।

किसे मिला कौन-सा विभाग? नीतीश के नए मंत्रिमंडल का पूरा ब्योरा

पटना बिहार में नीतीश सरकार के गठन के बाद अब मंत्रियों के विभाग का भी बटवारा कर दिया गया है. विभाग बटवार से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच एक अहम बैठक आयोजित की गई. इस बैठक के बाद बिहार कैबिनेट के सभी विभागों का मंत्रियों में बांट दिया गया. इस सूची को राज्यपाल को भी सौंपा गया है. मिली जानकारी के मुताबिक डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के पास गृहमंत्रालय है जबकि विजय कुमार सिन्हा को भूमि एवं राजस्व, खान एवं भूतत्व विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. खास बात यह है कि विभागों के आवंटन में वरिष्ठता, अनुभव और क्षेत्रीय एवं जातीय संतुलन को बड़ा ध्यान में रखा गया है. आइए जानते हैं कि विभाग बटवारे में किस को क्या मिला है? मुख्य चेहरे और उनकी जिम्मेदारियां – सम्राट चौधरी (डिप्टी सीएम) को गृह मंत्रालय की कमान मिली है, जो उनकी बढ़ती राजनीतिक मौजूदगी और भरोसे का संकेत है. – विजय कुमार सिन्हा (डिप्टी सीएम) को भूमि एवं राजस्व के साथ-साथ खान एवं भू-तत्व मंत्रालय सौंपा गया है- यह उनके प्रशासकीय अनुभव और क्षेत्रीय दायित्व को दिखाता है. – विजय कुमार चौधरीजल संसाधन और भवन मंत्रालय संभालेंगे, जो विकास एवं अवसंरचना दोनों के लिए अहम हैं. – वहीं दिलीप जायसवाल को उद्योग मंत्री बनाया गया है, जिससे बिहार की आर्थिक वृद्धि और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. – श्रवण कुमारग्रामीण विकास कार्य और परिवहन विभाग की कमान संभालेंगे, ग्रामीण इलाकों में बेहतर संपर्क और विकास को उनकी जिम्मेदारी दी गई है. – अशोक चौधरीग्रामीण कार्य मंत्रालय में रहेंगे, जिससे स्थानीय सुदृढीकरण और सरकारी योजनाओं की पहुंच बनी रहेगी. – मदन सहनीसमाज कल्याण मंत्री होंगे, उनका ध्यान कमजोर वर्गों की सेवा पर रहेगा. – रमा निषाद पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा कल्याण विभाग का नेतृत्व करेंगी, जिससे समाज में समानता और अवसरों का विस्तार सुनिश्चित हो सके. – लखेन्द्र पासवान को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्रालय मिला है, जो सामाजिक न्याय को और मजबूत करेगा. अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालय – मंगल पांडेय स्वास्थ्य एवं विधि विभाग का जिम्मा सौंपा गया है. उनकी जिम्मेदारी सार्वजनिक स्वास्थ्य और कानूनी सुधार दोनों पर रहेगी. – लेशी सिंह खाद्य उपभोक्ता मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगी, जो खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता हितों के लिए अहम है. – नितिन नवीन पथ निर्माण, नगर विकास और आवास विभाग देखेंगे, जिससे शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार को बल मिलेगा. – सुनील कुमार शिक्षा मंत्री होंगे, जो विद्यार्थियों की शिक्षा-ज्‍यादा अपनत्व सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे. – रामकृपाल यादव हरित क्रांति को आगे बढ़ाते हुए कृषि मंत्रालय का नेतृत्व संभालेंगे. – जमा खान अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री होंगे, समुदायों के सशक्तिकरण पर ध्यान देंगे. – संजय टाइगर श्रम संसाधन मंत्री होंगे, रोजगार और मजदूरों के हितों की रक्षा करेंगे. – अरुण शंकर प्रसाद पर्यटन, कला और संस्कृति मंत्रालय देखेंगे, जिससे सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. – सुरेन्द्र मेहता पशु एवं मत्स्य विभाग संभालेंगे, जो कृषि से जुड़े पशु-उत्पादन को सुदृढ़ बनाएगा. – नारायण प्रसाद आपदा प्रबंधन मंत्रालय में काम करेंगे- प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की जिम्मेदारी उनकी होगी. – श्रेयसी सिंह सूचना और खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी लेंगी, जिससे खेल और संचार दोनों को बढ़ावा मिलेगा. – प्रमोद कुमार चंद्रवंशी सहकारिता, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को संभालेंगे, जो सतत विकास और पारिस्थितिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है. – दीपक प्रकाश और संजय पासवान को भी मंत्री बनाया गया है, हालांकि उनके विभागों की भूमिका अभी विस्तृत नहीं की गई है. राजनीतिक संतुलन और चुनौतियां इस विभाग-वितरण ने यह दर्शाया है कि नीतीश कुमार की अगुवाई वाली नई सरकार में अनुभव और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को बराबर महत्व मिला है. वरिष्ठ मंत्रियों को उनकी विशेषज्ञता के क्षेत्र में रखा गया है, जबकि सामाजिक न्याय और विकास मंत्रालयों में पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों को भी भरोसे का दायित्व सौंपा गया है. अब अगला कदम नई कैबिनेट की पहली बैठक होगी, जिसमें सरकार की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी और नई नीतिगत दिशा का खाका तैयार किया जाएगा.

हेमंत सरकार पर अजय साह का हमला: स्कूली बच्चों की योजनाओं में भी लूटखसोट

रांची झारखंड में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने राज्य सरकार के शिक्षा विभाग पर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। साह ने आज यहां पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि झारखंड में चौतरफा लूट खसोट मचा हुआ है। यह सरकार स्कूली बच्चों को भी लूट रही है। साह ने कहा कि पिछले दो वर्षों में शिक्षा विभाग और एमकेएस एंटरप्राइज़ के गठजोड़ के चलते आधार कार्ड निर्माण से जुड़ा लगभग 75 करोड़ रुपये का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। साह ने बताया कि मार्च 2023 में स्कूली बच्चों के नए आधार एनरोलमेंट और बायोमेट्रिक अपडेट के लिए जेईपीसी-जो शिक्षा विभाग के अधीन कार्य करता है-द्वारा एजेंसी चयन के लिए टेंडर जारी किया गया, जिसमें एमकेएस एंटरप्राइज को नियुक्त किया गया। साह ने कहा कि टेंडर की मूल प्रति, एजेंसी को जारी वर्क ऑडर्र, जेईपीसी निदेशक के तीन आधिकारिक पत्र और आरटीआई से प्राप्त सूचनाएं स्पष्ट रूप से दिखाती हैं कि छात्रों से आधार एनरोलमेंट या बायोमेट्रिक अपडेट के लिए किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जानी थी। प्रति छात्र 50 रुपये का भुगतान भारत सरकार द्वारा जेपीईसी को किया जाना था, जिसे आगे एजेंसी को दिया जाना था, लेकिन इसके विपरीत, अजय साह ने डिजिटल लेन-देन के दस्तावेज दिखाते हुए दावा किया कि जेपीईसी के संरक्षण में एमकेएस एंटरप्राइज ने पिछले दो वर्षों में स्कूलों में व्यापक अवैध वसूली की। उन्होंने बताया कि 250 ब्लॉक रिसोर्स सेंटर्स में प्रतिदिन औसतन 2,000 रुपये की उगाही होती रही और इसी आधार पर करीब 36 करोड़ रुपये छात्रों से गैरकानूनी रूप से वसूले गए। इतना ही नहीं, आधार एनरोलमेंट के नाम पर केंद्र सरकार से भी लगभग इतनी ही राशि ली गई। इसके अलावा एजेंसी ने राज्यभर के लगभग 500 'आधार सुपरवाइज़र' से ‘सिक्योरिटी मनी' के नाम पर करीब 2.5 करोड़ रुपये की और वसूली की। इन सभी आंकड़ों को जोड़ने पर घोटाले की कुल राशि लगभग 75 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। साह ने आरोप लगाया है कि जेईपीसी और एजेंसी की मिलीभगत सिर्फ अवैध वसूली तक सीमित नहीं रही, बल्कि आधार सुपरवाइजर का खुला शोषण भी हुआ। नौकरी देने के नाम पर पहले 50-50 हजार रुपये वसूले गए और जब सुपरवाइजर ने अपनी बकाया सैलरी की मांग की तो उन पर उल्टा लाखों रुपये का जुर्माना थोपकर उन्हें धमकाया गया। उन्होंने कहा कि एमकेएस एंटरप्राइज़ बिहार और बंगाल में भी फर्जी आधार कार्ड बनाने की गतिविधियों में शामिल है और इसकी गहन जांच आवश्यक है। इसके अलावा यह मामला करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग से भी जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच अपरिहार्य है। भाजपा ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच, जेईपीसी की भूमिका की स्वतंत्र जांच और एमकेएस एंटरप्राइज को तत्काल ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है। संवाददाता सम्मेलन में युवा मोर्चा मीडिया प्रभारी प्रिंस कुमार उपस्थित थे।  

जन सुराज के लिए जीवन समर्पित: प्रशांत किशोर ने घर सहित सारी संपत्ति दान की, बोले– कमाई का 90% भी दूंगा

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव में 238 सीटें लड़कर जीरो पर आउट हुई जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के नेता प्रशांत किशोर ने पार्टी को आगे चलाने के लिए दिल्ली का एक घर छोड़कर सारी संपत्ति पार्टी को दान करने का ऐलान कर दिया है। प्रशांत ने इसके साथ ही अगले पांच साल तक सलाह देने के बदले होने वाली कमाई का 90 फीसदी हिस्सा भी जन सुराज को डोनेट करने की घोषणा की है। पार्टी की हार के लिए चंपारण के गांधी आश्रम में 24 घंटे का प्रायश्चित उपवास तोड़ने के बाद पीके ने 15 जनवरी से बिहार में नए सिरे से पार्टी का अभियान शुरू करने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि जन सुराजी एक-एक वार्ड में जाएंगे और सरकार के वादों पर अमल करवाएंगे। प्रशांत ने कहा कि पार्टी महिलाओं का फॉर्म भरवाएगी, ताकि उनको 10 हजार रुपये मिले या बाद में मिलने वाला 2 लाख रुपया भी सरकार दे। प्रशांत ने कहा कि महिलाओं को 10 हजार देने वक्त कोई शर्त नहीं रखा गया लेकिन 2 लाख देने के नाम पर अफसर शर्त बताएंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की जो शर्त जारी की है, उस शर्त के मुताबिक बिहार की डेढ़ करोड़ महिलाओं से फॉर्म भरवाकर जमा कराना जन सुराज के कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य के 1 लाख 18 हजार वार्ड में जाकर फॉर्म भरवाएंगे और जमा करवाएंगे। उन्होंने कहा कि या तो 2 लाख रुपया मिले या उनको सबक मिले कि भविष्य में गलती से वोट बेचना नहीं है। प्रशांत किशोर ने पार्टी को आगे चलाने के लिए संसाधन और पैसों की जरूरत पर चर्चा की और कहा कि 20 साल में उन्होंने जो भी कमाया है, दिल्ली का एक घर परिवार के लिए छोड़कर सारी चल-अचल संपत्ति वो जन सुराज पार्टी को दान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले 5 साल तक जो भी वो कमाएंगे, उसका कम से कम 90 परसेंट पार्टी को डोनेट करेंगे। उन्होंने जन सुराज को साल में कम से कम 1000 रुपये दान करने की अपील आम लोगों से की है। उन्होंने यह भी कहा कि अब वो सिर्फ उनसे मिलेंगे, जो जन सुराज को कम से कम 1000 रुपये का दान देंगे। उन्होंने कहा कि अब संघर्ष का समय शुरू हो रहा है।  

सोमेश सोरेन ने विधायक पद की शपथ ली, जानें क्या बोले दिवंगत रामदास सोरेन के बेटे

रांची झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता और घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के नवनिर्वाचित विधायक सोमेश चंद्र सोरेन में आज शुक्रवार को शपथ ली। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने उन्हें शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद सोमेश ने कहा कि वे अपने पिता के अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित हैं और क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देंगे। वहीं, झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 दिसंबर से शुरू होगा और 11 दिसंबर तक चलेगा। सूत्रों के मुताबिक शीतकालीन सत्र से पूर्व हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है और मंत्रिमंडल विस्तार में घाटशिला उप चुनाव जीतने वाले सोमेश सोरेन को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। इसको लेकर विचार विमर्श किया जा रहा है। बता दें कि घाटशिला में झामुमो प्रत्याशी सोमेश सोरेन ने बीजेपी प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन को 38524 मतों से पराजित किया। तीसरे स्थान पर जेएलकेएम प्रत्याशी रामदास मुर्मू रहे। सोमेश सोरेन को कुल 104794 वोट मिले। सोमेश ने अपने पिता के 2024 के चुनावी रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। 2024 के विधानसभा चुनाव में रामदास सोरेन ने बीजेपी उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन को 22 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था, लेकिन 11 नवंबर 2025 को हुए उपचुनाव में सोमेश सोरेन ने यह अंतर बढ़ाकर 38 हजार से अधिक कर दिया। इस बार JMM उम्मीदवार सोमेश सोरेन और JLKM प्रत्याशी रामदास मुर्मू को 2024 की तुलना में अधिक वोट मिले, जबकि बीजेपी उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन के वोटों में गिरावट दर्ज की गई। ज्ञात हो कि झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन से यह सीट खाली हो गई थी। वैसे तो 13 प्रत्याशियों ने घाटशिला विधानसभा उपचुनाव लड़ा, लेकिन मुख्य मुकाबला फिलहाल सत्तारूढ़ झामुमो के सोमेश चंद्र सोरेन और भाजपा के बाबूलाल सोरेन के बीच था।  

चांडाल कहने वाले चाचा को चिराग का जवाब—‘आपकी हर बात को मानता हूँ आशीर्वाद’

पटना केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने अपने चाचा पशुपति पारस द्वारा बिहार चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत पर बधाई देने पर प्रतिक्रिया दी है। भतीजे चिराग ने कहा कि उनके चाचा पारस ने कभी उन्हें गाली दी थी, चांडाल कहा था, तब भी उनकी बातें आशीर्वाद की तरह थीं क्योंकि वे बड़े हैं। अब वे सही में बधाई दे रहे हैं तो उनकी शुभकामनाएं सिर आंखों पर है। चिराग पासवान ने शुक्रवार को पटना स्थित लोजपा-आर के कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान ये बातें कहीं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अपने चाचा एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस पर निशाना भी साधा। चिराग ने पारस पर लोजपा के साथ ही रामविलास पासवान के गैर राजनीतिक संगठन दलित सेना को भी हड़पने का आरोप लगाया। पारस ने चिराग को दी दो बार बधाई राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) के मुखिया पशुपति कुमार पारस ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद भतीजे चिराग पासवान को दो बार बधाई दी। यह सियासी गलियारों में चर्चा का विषय भी बना। पारस ने बीते रविवार को सोशल मीडिया पर दो घंटे के भीतर 2 पोस्ट साझा किए थे। पहले में उन्होंने एनडीए के सभी घटक दल के नेताओं को एक साथ जीत की बधाई दी। फिर दूसरे पोस्ट में उन्होंने अपने भतीजे चिराग पासवान को अलग से बिहार चुनाव में जीत पर बधाई दी थी। बता दें कि लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान के निधन के बाद पार्टी में टूट हो गई थी। चाचा पशुपति पारस ने 4 अन्य सांसदों को अपने साथ लेकर अलग गुट बना लिया था और नरेंद्र मोदी सरकार में वे मंत्री बन गए थे। चिराग अलग-थलग पड़ गए थे। बाद में पारस वाले गुट का नाम रालोजपा हुआ और चिराग के गुट वाली लोजपा (रामविलास) पार्टी बनी। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले चिराग पासवान की एनडीए में वापसी हुई और पारस साइडलाइन कर दिए गए। चिराग की पार्टी को एनडीए में 5 सीटें मिलीं और सभी पर उनके प्रत्याशी जीते। चिराग पासवान केंद्र में मंत्री बन गए। वहीं, रालोजपा ने लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा। फिर बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पारस ने एनडीए छोड़ने का ऐलान किया। उनकी महागठबंधन में जाने की चर्चा भी चली लेकिन बात नहीं बन पाई। फिर अकेले विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन एक भी सीट पर रालोजपा जीत नहीं दर्ज कर पाई।  

नेशनल कुश्ती में भाईयों की डबल जीत, दोनों ने दिलाया स्वर्ण पदक

भोजपुर बड़हरा थाना क्षेत्र के नथमलपुर गांव के दो सगे भाइयों ने राष्ट्रीय स्तर पर गांव का नाम रोशन किया है। नथमलपुर निवासी सामू सिंह के पुत्र साहिल कुमार और नमन सिंह ने उत्तराखंड के देहरादून स्थित परेड ग्राउंड में आयोजित नेशनल कुश्ती प्रतियोगिता में अपने-अपने वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। दोनों भाइयों की इस शानदार उपलब्धि से न केवल नथमलपुर बल्कि पूरे भोजपुर जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब दो बजे जब दोनों खिलाड़ी गांव पहुंचे, तो ग्रामीणों ने गाजे-बाजे, फूल-मालाओं और उत्साहपूर्ण नारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। गांव की सड़कों पर जश्न का माहौल नजर आया और छोटे-बड़े सभी लोग इन प्रतिभाशाली भाइयों को देखने और सम्मान देने के लिए उमड़ पड़े। साहिल और नमन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच रिजवान, माता-पिता, दादा और बड़े पापा को दिया। दोनों ने कहा कि परिवार और कोच की प्रेरणा और सहयोग के कारण ही वे यह मुकाम हासिल कर सके हैं। ग्रामीणों ने भी दोनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए प्रशासन से खेल प्रतिभाओं को विशेष प्रोत्साहन देने की मांग की।  

बिहार: शपथ ग्रहण के 24 घंटे भीतर विपक्षी दल के नेता की गोली मारकर हत्या

मोतिहारी मोतिहारी में बिहार विधानसभा चुनाव समाप्त होते ही एक बार फिर अपराधियों का तांडव शुरू हो गया है। जिले के दरपा थाना क्षेत्र के तिनकोनी गांव में शुक्रवार की अहले सुबह वीआईपी (विकासशील इंसान पार्टी) के प्रखंड अध्यक्ष कामेश्वर सहनी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के अनुसार, सुबह करीब 7 बजे कामेश्वर सहनी शौच कर लौटने के बाद अपने दरवाजे पर हाथ धो रहे थे। उसी दौरान बाइक पर सवार दो अज्ञात अपराधी पहुंचे और उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक कामेश्वर सहनी वीआईपी पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष थे और उनका पूर्व में आपराधिक इतिहास भी रहा है। जानकारी के मुताबिक, वे पहले नक्सली के रूप में भी जाने जाते थे और उनके ऊपर आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। हत्या की जानकारी मिलते ही दरपा थाना पुलिस सहित आसपास के कई थानों की टीम मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी। रक्सौल के एसडीपीओ मनीष आनंद भी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की तफ्तीश में जुटे हुए हैं। मोतिहारी के प्रभारी एसपी विनय तिवारी ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा।

झारखंड पर्यटन को बढ़ावा: नेतरहाट वनों में ‘जंगल सफारी’ का शुभारंभ

लातेहार झारखंड सरकार ने राज्य में पर्यावरण के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से लातेहार जिले के खूबसूरत नेतरहाट वनों में ‘जंगल सफारी' बृहस्पतिवार को शुरू की। राज्य पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने इस पहल का उद्घाटन किया और कहा कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। कुमार ने कहा, ‘‘पर्यटक अब नेतरहाट के जंगलों, वन्यजीव तथा यहां की सुंदरता को और करीब से महसूस कर पाएंगे।'' नेतरहाट 3,622 फुट की ऊंचाई पर जंगलों में बसा है और रांची से करीब 157 किलोमीटर की दूरी पर है। सफारी के लिए 300 रुपये प्रति व्यक्ति दर निर्धारित की गई है और 16 सीट वाली गाड़ी के लिए 4,100 रुपये जबकि 10 सीट वाली गाड़ी के लिए 3,000 रुपये तय किए गए हैं। लोग दिन में दो बार सफारी का आनंद उठा सकेंगे। पहली सफारी सुबह 5:30 से 10 बजे तक चलेगी, वहीं दूसरी सफारी का समय दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक होगा।