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धनबाद में ED ने की रेड, कारोबारी ने रोकने के लिए छोड़े कुत्ते; थैलों में मिले भारी नोट और ज्वेलरी

रांची  केन्द्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय (Directorate of Enforcement/ED) ने झारखंड (Jharkhand) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) में कोयला माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई में बड़े खुलासे हुए हैं. 21 नवंबर की सुबह करीब साढ़े पांच बजे ही इस सर्च ऑपरेशन के दौरान झारखंड के 18 लोकेशन पर दबिश दी गई, जिसके बाद कोयला माफियाओं के बीच यह खबर चर्चा का विषय बन गया. काफी समय के बाद इतने बड़े स्तर पर कोयला माफियाओं के खिलाफ सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया है. कोयला माफियाओं के यहां से बड़ी मात्रा में नकदी और ज्‍वेलरी बरामद की गई हैं. जांच एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि झारखंड के 18 लोकेशन और उसी वक्त पश्चिम बंगाल के करीब 24 से अधिक लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई प्रारंभ की गई. इन कोयला माफियाओं का आपस में काफी करीबी संबंध बताया जा रहा है, जिसका आपस में कई राज्यों में अपना नेटवर्क है. इसके मार्फत वो अपना काला साम्राज्य चलाते हैं. इसी काले नेटवर्क को तोड़ने के लिए जांच एजेंसी ईडी द्वारा बड़े पैमाने पर दो राज्यों में सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया है. एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि जांच के शुरुआती चरण में ही काफी महत्वपूर्ण सबूतों और इलेक्ट्रोनिक एविडेंस को कई लोकेशन से इकठ्ठा किए गए हैं. इसके आधार पर अब जांच का दायरा काफी आगे बढ़ने वाला है. धनबाद में भी एक्‍शन झारखंड की कोयला राजधानी के तौर पर चर्चित धनबाद के कई कोल माफियाओं के यहां सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है. धनबाद में लाल बहादुर सिंह का नाम भी शामिल है. बड़े स्तर के कोयला कारोबारी के यहां जब जांच एजेंसी की टीम पहुंची तब आसपास काफी संख्या में लोग इकठ्ठा होने लगे. लिहाजा पहले से ही मुस्तैद जांच एजेंसी की टीम अर्धसैनिक बल के जवानों की संख्या में और ज्यादा बढ़ोतरी कर दी, ताकि कानून व्यवस्था बरकरार रहे. सूत्र बताते हैं कि धनबाद स्थित देव विला इलाके में पहले भी अन्य एजेंसी द्वारा दबिश दी गई थी, लेकिन आरोपियों के इशारे पर काफी संख्या में लोग इकट्ठे हो जाते थे और जांच एजेंसी की टीम को परेशान कर उन्हें प्रभावित करने का प्रयास करते थे. इस बार ईडी की टीम मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के साथ लोकेशन पर पहुंची और अपने स्तर पर जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है. हर तरफ मची खलबली जांच एजेंसी के सूत्र की मानें तो 21 नवंबर को जब ये सर्च ऑपरेशन स्टार्ट हुआ तब कोल माफियाओं के बीच खलबली मच गई. ऐसा माना जाता है कि उनके कनेक्शन कई राजनीतिक हस्तियों सहित अन्य प्रभावशाली लोगों के साथ हैं. ईडी द्वारा कोलकाता के सॉल्टलेक जैसे प्राइम लोकेशन में रहने वाले आरोपी नरेंद्र खड़का (Narendra Kharka ) के कोलकाता, दुर्गापुर सहित कई लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया. इसके साथ ही अन्य कोल माफियाओं के हावड़ा, दुर्गापुर, आसनसोल, पुरुलिया, वर्धमान में भी सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया. सूत्र बताते हैं कि पश्चिम बंगाल में चर्चित कोल माफिया (कृष्ण मुरारी, युधिष्ठिर घोष, परवेज आलम सिद्दकी) के आवास सहित अन्य लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया. ED टीम को रोकने के लिए कारोबारी ने छोड़े पालतू कुत्ते प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध कोयला खनन और परिवहन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में झारखंड और पश्चिम बंगाल में 40 से अधिक जगहों पर एक समन्वित और बड़ी कार्रवाई शुरू की है. कोयला कारोबार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सबसे पहले आज धनबाद में बड़ी कार्रवाई की. ईडी की टीम ने तड़के सुबह कोल कारोबारी एल.बी. सिंह के आवास और उनसे जुड़े प्रतिष्ठानों पर एकसाथ छापेमारी शुरू की. जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम ने धनबाद में देव बिला क्षेत्र सहित कुल 18 ठिकानों पर दबिश दी है.  एक अधिकारी ने बताया कि ये सर्च ऑपरेशन कोयला चोरी और स्मगलिंग के कई बड़े मामलों से जुड़े हैं, जिसमें अनिल गोयल, संजय उद्योग, एलबी सिंह और अमर मंडल के मामले शामिल हैं. इन मामलों में कुल मिलाकर कोयले की बड़ी चोरी और चोरी शामिल है, जिससे सरकार को सैकड़ों करोड़ का भारी फाइनेंशियल नुकसान हुआ है. पने पालतू कुत्तों को छोड़ दिया. कुत्ते परिसर में घूम रहे हैं और ईडी अफसरों को घर में घुसने से रोके हुए हैं, जबकि एल.बी. सिंह घर के अंदर से बाहर नहीं निकल रहे हैं. यह घटना ईडी की कार्रवाई में बाधा डालने के प्रयास को दर्शाती है. ईडी के अधिकारी अब कानूनी और सुरक्षात्मक उपायों के तहत परिसर में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि छापेमारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके. बंगाल में भी छापेमारी इसके अलावा, ईडी कोलकाता, दुर्गापुर, पुरुलिया और हावड़ा जिलों में अवैध कोयला खनन, गैर-कानूनी ट्रांसपोर्टेशन और कोयले के स्टोरेज से संबंधित मामलों में 24 स्थानों पर तलाशी ले रहा है. इस कार्रवाई के तहत जिन लोगों से जुड़ी जगहों को कवर किया जा रहा है, उनमें नरेंद्र खरका, अनिल गोयल, युधिष्ठिर घोष, कृष्ण मुरारी कयाल और अन्य शामिल हैं. यह कार्रवाई झारखंड और पश्चिम बंगाल में सक्रिय कोयला माफियाओं के खिलाफ ईडी की व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है. 

नई बिहार सरकार में बीजेपी ने जेडीयू को पीछे छोड़ा, मंत्रियों की संख्या में हासिल बढ़त

 नई दिल्ली बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए सरकार बन गई है. नीतीश कुमार ने सीएम, तो सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली. नीतीश कैबिनेट में दोनों डिप्टी सीएम सहित 26 मंत्री बनाए गए हैं, जिसमें जेडीयू से ज्यादा बीजेपी कोटे से मंत्री बने हैं. इस तरह मंत्रिमंडल के नंबर गेम में फिलहाल बीजेपी आगे निकल गई है. क्या मंत्रियों को विभागों के बंटवारे में भी बीजेपी अपनी गठबंधन सहयोगी जेडीयू पर भारी पड़ेगी या फिर नीतीश कुमार का रहेगा होल्ड? नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी एनडीए सरकार में फिलहाल 26 मंत्री बनाए गए हैं. बीजेपी कोटे से 14 मंत्री, जेडीयू से 8 मंत्री, एलजेपी (आर) के 2, आरएलएम और हिंदुस्तान आवाम मोर्चा से एक-एक मंत्री बने हैं. ऐसे में कैबिनेट के गठन में जेडीयू से करीब दोगुना मंत्री बीजेपी के बनाए गए हैं. हालांकि, नीतीश सरकार में 9 मंत्री पद अभी भी खाली है, जिन्हें बाद में भरा जाएगा. बिहार में एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण के बाद अब बारी मंत्रालय के विभागों के बंटवारे की है. नीतीश सरकार में कौन सा मंत्रालय किस मंत्री को मिलेगा, इस पर लोगों की निगाहें लगी हुई हैं. खासकर गृह, वित्त, ऊर्जा, स्वास्थ्य, लोक निर्माण जैसे मंत्रालय को हाईवेट माना जाता है. बीजेपी मंत्रियों के नंबर गेम में जिस तरह से आगे निकली है, क्या उसी तरह से विभागों के बंटवारे में भी उसका वर्चस्व बरकरार रहेगा? अध्यक्ष पद के लिए जेडीयू और बीजेपी के बीच खींचतान कई दिनों तक चलती रही. बाद में स्पीकर पोस्ट बीजेपी के हिस्से में जाने की बात सामने आई है. माना जा रहा है कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार को स्पीकर बनाया जा सकता है, क्योंकि उन्होंने गुरुवार को मंत्री पद की शपथ नहीं ली. अब बारी मंत्रालय के विभागों के बंटवारे की है. ऐसे में सबसे ज्यादा निगाहें गृह और वित्त मंत्रालय पर है. नीतीश क्या गृह मंत्रालय अपने पास रखेंगे नीतीश कुमार बिहार की सत्ता जब से संभाल रहे हैं, तब से गृह मंत्रालय अपने पास रखे हुए हैं. विधानसभा चुनाव नतीजे आने के बाद से ही गृह विभाग को लेकर बीजेपी और जेडीयू दोनों ही दावे कर रही हैं. 2024 में नीतीश महागठबंधन से नाता तोड़कर दोबारा से एनडीए के साथ आए थे तो उस समय शपथ ग्रहण के पांच दिनों के बाद तक विभागों का बंटवारा नहीं हो सका था. बीजेपी की लाख कोशिश के बावजूद नीतीश कुमार गृह विभाग अपने पास रखने में कामयाब रहे थे. गृह मंत्रालय के जरिए ही नीतीश कुमार ने सुशासन बाबू वाली अपनी छवि बनाने में कामयाब रहे. नीतीश कुमार इसी यूएसपी के सहारे आरजेडी के जंगल राज के तिलिस्म को तोड़ा. कानून-व्यवस्था,पुलिस प्रशासन और भ्रष्टाचार नियंत्रण जैसे मामलों पर सीधी पकड़ रखने के लिए गृह विभाग को छोड़ना नहीं चाहते हैं. बीजेपी की नजर लंबे समय से इसी गृह विभाग पर है, जिसे लेकर 2024 में जेडीयू के साथ कई दिनों तक बार्गेनिंग करती रही. उस समय बात नहीं बनी, लेकिन अब देखना है कि इस बार गृह मंत्रालय किसे मिलता है. स्वास्थ्य, वित्त और शिक्षा मंत्रालय पर नजर गृह मंत्रालय ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य, वित्त, शिक्षा और लोक निर्माण जैसे हाईवेट मंत्रालय पर भी लोगों की नजर है. नीतीश कुमार 2005 से ही गृह मंत्रालय अपने पास रखते हैं तो वित्त मंत्रालय बीजेपी कोटे से बनने वाले डिप्टीसीएम को देती रही है. पहले सुशील मोदी के पास रहा और उसके बाद तारकिशोर प्रसाद और फिर सम्राट चौधरी को मिला. हालांकि, महागठबंधन सरकार के दौरान वित्त मंत्री का जिम्मा जेडीयू के विजय चौधरी के पास रहा. 2024 में नीतीश दोबारा से एनडीए में वापसी किए तो माना जा रहा है था कि वित्त जेडीयू के खाते में रहेगा और बदले में शिक्षा बीजेपी के पास रहेगी. बीजेपी ने वित्त विभाग को प्राथमिकता दी और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को वित्त मंत्रालय मिला था. ऐसे में वित्त मंत्रालय पर बीजेपी और जेडीयू दोनों की नजर है, लेकिन सियासी पैटर्न देखें तो बीजेपी के हिस्से में जा सकता है. बीजेपी-जेडीयू के पास कौन-कौन मंत्रालय थे बिहार की एनडीए सरकार में बीजेपी के पास वित्त, नगर विकास और आवास, स्वास्थ्य, खेल, पंचायती राज, उद्योग, पशु एवं मत्सय संसाधन,विधि, सहकारिता, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पर्यटन, कृषि, पथ निर्माण, भूमि सुधार, गन्ना उद्योग, खान एवं भूतत्व, श्रम संसाधन, कला, संस्कृति और युवा, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण जैसे विभाग थे. वहीं, जेडीयू के पास फिलहाल सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, जल संसाधन, संसदीय कार्य, भवन निर्माण और परिवहन, शिक्षा, सूचना और जन संपर्क, ऊर्जा, योजना और विकास, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, ग्रामीण कार्य, अल्पसंख्यक कल्याण, ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्रालय थे. जीतनराम मांझी की पार्टी को सूचना प्रौद्योगिकी, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग मिला था. कैबिनेट में किसे मिलेगा कौन सा विभाग नीतीश कुमार ने अपनी सरकार में जेडीयू कोटे से भी पुराने और अनुभवी चेहरों को मंत्री बनाया है जबकि बीजेपी ने अपने कई पुराने चेहरे को ड्राप करके उनकी जगह नए फेस को मंत्री बनाया है. ऐसे में हाई प्रोफाइल मंत्रालय पर जेडीयू अपना दावा करेगी. अभी तक के पैटर्न के लिहाज से राजस्व, सहकारिता, पशु एवं मत्स्य संसाधन, विधि, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण,उद्योग, पर्यटन और पथ निर्माण बीजेपी को मिल सकता है. जेडीयू के खाते में कृषि, खान एवं भूतत्व, जल संसाधन, संसदीय कार्य, ऊर्जा, योजना एवं विकास, विज्ञान एवं प्रावैधिकी, तकनीकी शिक्षा, ग्रामीण विकास, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण जैसे मंत्रालय मिल सकते हैं. हालांकि, बीजेपी चाहती है कि गृह और शिक्षा उसके पास आ जाए, इसके बदले वह स्वास्थ्य और वित्त जैसे विभाग छोड़ने को तैयार है. ऐसे में देखना होगा कि बिहार के बदले हुए माहौल में कौन मंत्रालय का जिम्मा किसे मिलता है?

‘आपकी सरकार–आपके द्वार’ की शुरुआत आज , मुख्यमंत्री हेमंत करेंगे कार्यक्रम का शुभारंभ

रांची आज से झारखंड में 'आपकी सरकार-आपके द्वार' कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है जो कि 15 दिसंबर तक चलेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पलामू से ‘आपकी सरकार-आपके द्वार’ कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। इसके चलते रांची जिले के सभी 305 पंचायतों और नगर निगम क्षेत्र के 53 वार्डों में कल से शिविर लगने शुरू हो जाएंगे। यहां आम जनता की समस्याओं को सुना और निपटाया जाएगा। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची, मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर प्रत्येक पंचायत स्तर पर शिविरों का आयोजन योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा। इसमें सरकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन लिए जाएंगे और पात्र लाभुकों को सीधे लाभ पहुंचाने की कोशिश होगी। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची, मंजूनाथ भजंत्री संबंधित सभी पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अधिक से अधिक लोगों को इस कार्यक्रम से जोड़ें और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने कहा कि पंचायत और गांव स्तर पर शिकायतों के त्वरित निष्पादन और योजनाओं से नए लाभुकों को जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता है। उपायुक्त ने रांची जिले के सभी लोगों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी शिविरों में पहुंचे और आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी, बैंक पासबुक या अन्य पहचान पत्र आदि साथ लेकर आएं, ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। साथ ही नोडल अधिकारियों को प्रतिदिन अपने-अपने केंद्रों पर उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। आज इन पंचायतों और वार्डों में होगा शिविर चतरा पंचायत-अनगड़ा, खुखरा पंचायत -बेड़ो, कांची पंचायत-बुण्डू, छापर पंचायत-बुढ़मू, पंडरी पंचायत-चान्हो, गड़गांव पंचायत-ईटकी, उरुगुटू एवं उपरकोनकी-कांके, हुल्सु पंचायत-लापुंग, बंझीला पंचायत-मांडर, नारो पंचायत-नगड़ी, हरदाग पंचायत-नामकुम, जयडीहा पंचायत-ओरमांझी, राहे पंचायत-राहे, तारुप पंचायत-रातू, हलमाद पंचायत-सिल्ली, बारेन्दा पंचायत-सोनाहातू, अमलेशा पंचायत-तमाड़, वार्ड-1 (सीएमपीडीआई स्कूल के सामने), वार्ड-2 (एदलहातू जोगो पहाड़)

अंचल कार्यालयों में बैठने के लिये सीएससी वीएलई को सर्वे भवन में दिया जा रहा प्रशिक्षण

पटना, राज्य में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ऑनलाइन सेवाओं को आम नागरिकों के और करीब लाने के लिए विभाग द्वारा सीएससी के साथ समन्वय स्थापित कर उनके वीएलई को प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सभी जिलों के वीएलई को विभिन्न बैचों में बांटकर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद ये वीएलई अंचल कार्यालयों में बैठेंगे तथा नियत दर पर आमलोगों को सभी ऑनलाइन राजस्व सेवाओं की प्राप्ति में मदद करेंगे। कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के ये वीएलई सीधे अंचल कार्यालयों में स्थापित काउंटरों पर बैठकर आम जनता के लिये राजस्व विभाग के सलाहकार के रूप में भी कार्य करेंगे। इसी उद्देश्य से गुरुवार को राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर में वीएलई के चौथे बैच के दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव ने की चौथे बैच की शुरूआतः वीएलई के चौथे बैच की शुरुआत करते हुए विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि ऑनलाइन सेवाएं पूरी तरह उपलब्ध होने के बावजूद शिकायतों का जारी रहना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सभी राजस्व सेवाओं को ऑनलाइन करने का उद्देश्य जनता को सुगमता से विभाग की सेवायें पहुंचाना था ताकि उन्हें विभिन्न कार्यालयों तथा पदाधिकारियों के पास चक्कर ना लगाना पड़े। लेकिन आज भी राज्य की बड़ी आबादी राजस्व तथा भूमि संबंधी मामलों में ऑनलाइन प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता और भय से ग्रसित है। आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी न होने से भी समस्या बनी रहती है। इन्हीं कमियों को दूर करने के लिए वीएलई को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि पहली बार वीएलई को अंचल कार्यालय में बैठने की दी गई जिम्मेदारी विभागीय ऑनलाइन सेवाओं की आसान उपलब्धता की दिशा में एक कदम है। उन्होंने कहा कि अब वीएलई सिर्फ सेवा प्रदाता ही नहीं, विभाग के सलाहकार की भूमिका में रहेंगे। इसलिए उन्हें विभागीय प्रावधानों व प्रक्रियाओं की स्पष्ट समझ होनी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोग सीधे आपके पास आएंगे। यदि आप सही सलाह और सटीक कार्य करेंगे तो काम समय पर होगा और शिकायतें स्वतः कम होंगी। इससे विभाग के प्रति विश्वास बढ़ेगा और अंचलों में बेवजह की भीड़ घटेगी। प्रशिक्षण सत्र में विशेष कार्य पदाधिकारी अनुपम प्रकाश ने विभाग की संरचना की जानकारी दी। उन्होंने महत्वपूर्ण सेवा की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला। निदेशालय के आईटी मैनेजर कुणाल सिंह ने विभागीय ऑनलाइन सेवाओं तथा आवश्यक दस्तावेजों की जरूरत पर प्रस्तुति देकर सभी वीएलई को समझाने की कोशिश की। कार्यक्रम का संचालन राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य दिव्य राज गणेश ने किया। स्वागत-भाषण करते हुए निदेशक जे. प्रियदर्शिनी ने कहा कि विभाग की यह नई व्यवस्था ऑनलाइन सेवाओं की उपलब्धता, दक्षता और पारदर्शिता को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इसके लागू होने से लोगों को अपने ही अंचल कार्यालय में तेज, सरल और भरोसेमंद ऑनलाइन सेवाएं मिल सकेंगी।

अपराध पर रांची पुलिस की कड़ी कार्रवाई, एक दिन में 183 आरोपी पकड़े गए

रांची झारखंड की राजधानी रांची में बीते बुधवार देर रात पुलिस ने अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य अपराध नियंत्रण एवं सार्वजनिक शांति बनाए रखना था। यह अभियान अड्डेबाजी और सड़क पर शराब पीने वालों के खिलाफ चलाया गया। इस अभियान के तहत जिले के लगभग सभी थाना क्षेत्रों में देर रात तक व्यापक छापेमारी की गई। पुलिस ने अरगोड़ा, बरियातू, नामकुम, कांके, बिरला मैदान, विद्यानगर, नरकोपी, लालपुर, हरमू समेत 70 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान 75 से अधिक स्थानों पर छापेमारी करते हुए सड़क व सार्वजनिक स्थलों पर बेवजह जमावड़ा बनाकर अड्डेबाजी, हुड़दंग या शराब पीते 183 लोगों को हिरासत में लिया गया। यह लोग सड़कों या सार्वजनिक जगहों पर बैठकर नशा और अड्डेबाजी कर रहे थे। हालांकि पुलिस ने पूछताछ के बाद इन्हें छोड़ दिया, लेकिन कड़ी हिदायत भी दी गई। अधिक शराब पीने वाले युवकों की मेडिकल जांच कराई गई और उनसे बांड भरवाया गया। एसएसपी राकेश रंजन ने अभियान के बाद कहा कि आगे भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे और अगली बार अड्डेबाजी या सड़क पर शराब पीते पाये गए तो सीधे जेल भेजा जाएगा। राकेश रंजन ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने आसपास की संदिग्ध गतिविधियों, खासकर अड्डेबाजी या अवैध शराब सेवन की सूचना पुलिस को दे।  

झारखंड कैबिनेट विस्तार जल्द! सोमेश सोरेन के मंत्री बनने की अटकलें तेज

रांची झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 दिसंबर से शुरू होगा और 11 दिसंबर तक चलेगा। सूत्रों के मुताबिक शीतकालीन सत्र से पूर्व हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल विस्तार में घाटशिला उप चुनाव जीतने वाले सोमेश सोरेन को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। इसको लेकर विचार विमर्श किया जा रहा है। बता दें कि घाटशिला में झामुमो प्रत्याशी सोमेश सोरेन ने बीजेपी प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन को 38524 मतों से पराजित कर दिया। तीसरे स्थान पर जेएलकेएम प्रत्याशी रामदास मुर्मू रहे। सोमेश सोरेन को कुल 104794 वोट मिले। ज्ञात हो कि झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन से यह सीट खाली हो गई थी। वैसे तो 13 प्रत्याशियों ने घाटशिला विधानसभा उपचुनाव लड़ा, लेकिन मुख्य मुकाबला फिलहाल सत्तारूढ़ झामुमो के सोमेश चंद्र सोरेन और भाजपा के बाबूलाल सोरेन के बीच था।  

रमा निषाद बनीं औराई की नई विधायक: शपथ ग्रहण समारोह में दिखा उत्साह

पटना बिहार विधानसभा चुनाव में औराई सीट से पहली बार जीत दर्ज करने वाली बीजेपी की रमा निषाद ने बुधवार को विधायक पद की शपथ ली। बड़े नेताओं की मौजूदगी में शपथ लेने के साथ ही उनके राजनीतिक करियर में नई शुरुआत हुई है। गौरतलब है कि रमा निषाद ने इस चुनाव में जबरदस्त जीत हासिल करते हुए 57 हजार से अधिक वोटों के बड़े अंतर से महागठबंधन के प्रत्याशी भोगेन्द्र सहनी को हराया था। वे बिहार चुनाव में शीर्ष तीन सबसे अधिक वोटों से जीतने वाली विधायक बनी थीं। इतनी बड़ी जीत के बाद से ही उनका नाम नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार के मंत्रिमंडल में संभावित मंत्री के तौर पर चल रहा था। रमा निषाद की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी काफी मजबूत है। वे मुजफ्फरपुर लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद अजय निषाद की पत्नी और पूर्व केंद्रीय मंत्री कैप्टन जय नारायण निषाद की बहू हैं। उनका परिवार लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहा है। उनके पति अजय निषाद दो बार मुजफ्फरपुर से सांसद रह चुके हैं। चुनाव प्रचार के दौरान रमा निषाद उस समय चर्चा में आई थीं जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मीनापुर हाई स्कूल मैदान में जनसभा के बाद उन्हें मंच पर माला पहनाई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी काफी चर्चा हुई और उनकी खूब सराहना भी की गई। बीजेपी ने पहली बार रमा निषाद को टिकट दिया था, वह भी तब जब पार्टी ने निवर्तमान विधायक और पूर्व मंत्री राम सूरत राय का टिकट काटकर उन्हें मौका दिया। उस समय इसका जमकर विरोध भी हुआ, लेकिन बड़े नेताओं के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया।  

हाथियों का आतंक: गिरिडीह में रातभर दहशत, मस्जिद और फसलों को नुकसान

गिरिडीह झारखंड के गिरिडीह जिले में मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में बीती रात तेलोडीह पंचायत के कई गांवों में दर्जनों जंगली हाथियों ने अचानक घुसकर भारी उत्पात मचाया। गांव वालों ने बताया कि गांधी मैदान की ओर से पंचायत सचिवालय से गुजरते हुए खुट्टा मस्जिद के बगल वाली गली होते हुए हाथियों का झुंड बाउंड्री दीवार तोड़ते, फसलों को रौंदते आगे बढ़ता रहा। माहौल पूरी तरह अफरातफरी में बदल गया था, लेकिन इस संकट की घड़ी में पंचायत के मुखिया शब्बीर आलम ने पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कमान संभाली। हाथियों की एंट्री की सूचना मिलते ही वे तुरंत अलर्ट मोड में आए और बिना देर किए सभी मोहल्लों की मस्जिदों में घोषणा कर ग्रामीणों को सतर्क रहने का ऐलान करवाया गया। रात का समय होने के बावजूद उन्होंने खुद मौके पर रहकर लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखी। इसी बीच ग्रामीणों की सूझबूझ और मुखिया शब्बीर आलम की सक्रिय निगरानी में जंगली हाथियों को सुरक्षित खेत की ओर खदेड़कर गांव से बाहर निकाला गया। वन विभाग की टीम भी रात के अंधेरों में हाथियों को सुरक्षित दिशा में ले जाने में जुटी रही। स्थिति सामान्य होने के बाद भी मुखिया शब्बीर आलम ने गांव में घूमकर टूटे बाउंड्री वाल, बर्बाद फसलों और नुकसान का खुद मौके पर जाकर जायजा लिया। उन्होंने तत्काल संबंधित विभाग से मांग की कि कृषि और संपत्ति नुकसान का आधिकारिक सर्वे कर ग्रामीणों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि कोई भी परिवार संकट में न पड़े।  

पूर्व केंद्रीय मंत्री की बेटी श्रेयसी सिंह को मिली मंत्री पद की जिम्मेदारी

जमुई बिहार विधानसभा चुनाव में जमुई जिले की चार में से तीन सीटें एनडीए के खाते में गईं। चकाई से पिछली बार निर्दलीय जीतकर मंत्री बने सुमित सिंह इस बार चुनाव हार गए। ऐसे में एनडीए ने जमुई से मंत्री पद बरकरार रखते हुए भाजपा की ओर से श्रेयसी सिंह पर भरोसा जताया। राजपूत नेता होने के साथ-साथ महिला और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग चैंपियन होना उनके चयन का बड़ा कारण माना जा रहा है। जदयू की ओर से लेशी सिंह को शामिल किया गया है, जबकि भाजपा ने श्रेयसी सिंह को मंत्रिमंडल में जगह दी है। जमुई विधानसभा क्षेत्र-241 से प्रचंड बहुमत की जीत दर्ज करने वाली गोल्ड मेडलिस्ट और अर्जुन अवॉर्ड विजेता श्रेयसी सिंह ने एनडीए सरकार में भाजपा कोटे से मंत्री पद की शपथ ली। उनकी मौजूदगी ने पटना के गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में खास आकर्षण बना दिया। खेल जगत में देश का नाम रोशन कर चुकीं श्रेयसी सिंह राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनकी ऐतिहासिक जीत को जमुई के लोगों ने गर्व का क्षण बताया है। मंत्री पद की शपथ लेने के बाद श्रेयसी ने कहा कि वह जमुई सहित पूरे बिहार के विकास को प्राथमिकता देंगी और क्षेत्र की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पूरी ईमानदारी से काम करेंगी। श्रेयसी के मंत्रिमंडल में शामिल होने से समर्थकों और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। जमुई मुख्यालय स्थित कचहरी चौक पर एनडीए कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जताई। लोगों को भरोसा है कि उनके नेतृत्व में शिक्षा, खेल और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े क्षेत्रों में नई शुरुआत देखने को मिलेगी।

पटना से पर्यटकों को सोनपुर मेला घुमाने की खास व्यवस्था की है पर्यटन विकास निगम ने

पटना  विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र मेला का आनंद पांच सितारा सुविधाओं वाले टेंट हॉउस में ठहरकर भी उठा सकते हैं। सोनपुर मेला में आने वाले सैलानियों की सुविधा और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हुए बिहार पर्यटन विकास निगम की तरफ से खास टूर पैकेज की व्यवस्था की गई है। एशिया के सबसे बड़े पशु मेला के तौर पर विख्यात इस मेला दो तरह के लग्जरी टेंट लगाए गए हैं, जिसमें मिनी दरबारी और राजवाड़ी टेंट शामिल हैं। पटना से मेला स्थल तक पर्यटकों को लाने एवं ले जाने के अलावा यहां घुमाने से लेकर ठहरने एवं भोजन तक की व्यवस्था की गई है।    लग्जरी वाहन की सुविधा  बिहार पर्यटन विकास निगम की तरफ से पटना से सोनपुर मेला तक लोगों के आने-जाने के लिए विशेष लग्जरी वाहनों की व्यवस्था की गई है। पर्यटकों के लिए इन लग्जरी वाहनों का परिचालन पटना के वीर चंद पटेल पथ और उसके समीप ही दरोगा राय पथ स्थित सिख हेरिटेज गुरु नानक भवन से किया जा रहा है। पर्यटकों को सोनपुर मेला के भ्रमण के लिए दारोगा राय पथ स्थित कौटिल्य विहार से प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक किया जा रहा है। एसी बस व डेकर बस का किराया प्रति व्यक्ति 900 रूपये, ट्रैवलर एसी का किराया 950 रूपये, इनोवा का किराया 1,100 रूपये, विंगर का 900 रूपये, इटियोस का 1,300 रूपये प्रति व्यक्ति निर्धारित है। कपल्स के लिए स्पेशल टूर पैकेज 6 हजार रुपए में इस बार सोनपुर मेले में पहली बार कपल्स के लिए स्पेशल टूर पैकेज का भी इंतजाम किया गया है। मात्र 6,000 रुपये प्रति कपल की राशि में कपल्स को होटल में ठहरने, एसी वाहन, अनुभवी टूरिस्ट गाइड, सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना, शाम का नाश्ता और रात का खाना समेत अन्य सुविधाएं बहाल की गई हैं। लग्जरी मिनी दरबारी और राजवाड़ी टेंट  देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए मेला स्थल के समीप ही अत्याधुनिक लग्जरी टेंट का निर्माण किया गया है। इन टेंटों का निर्माण दो श्रेणी में किया गया है। इनमें मुहैया कराई जाने वाली सुविधाओं के आधार पर इन लग्जरी टेंट को मिनी दरबारी और राजवाड़ी का नाम दिया गया है। इनका किराया देसी और विदेशी पर्यटकों के लिए अलग-अलग निर्धारित है। दोनों तरह के टेंट का किराया एक समान ही है। देशी पर्यटकों के लिए यह किराया 3 हजार रुपये और विदेशी पर्यटकों के लिए 5 हजार रुपये प्रति रात निर्धारित है। कपल के लिए यह किराया 6 हजार रुपये निर्धारित है। इन लग्जरी टेंट्स में एसी के अलावा अटैच बाथरूम, 24 घंटे बिजली-पानी समेत अन्य सुविधाएं बहाल की गई हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। गौरतलब है कि सोनपुर में गंगा और गंडक नदी के पवित्र संगम स्थल पर लगने वाला यह हरिहर क्षेत्र मेला हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा से शुरू होता है, जो एक महीने तक चलता है। इस मेले का इतिहास पौराणिक है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु यहां स्नान करने पहुंचते हैं। पर्यटन विकास निगम की वेबसाइट या टोल-फ्री नंबर- 8544418314 के माध्यम से इससे संबंधित पूरी जानकारी हासिल की जा सकती है और बुकिंग भी कराई जा सकती है।