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भीषण कोहरे से जनजीवन अस्त-व्यस्त: झारखंड में बच्चों और बुज़ुर्गों पर ज्यादा असर, अगले 3 दिन बेहद मुश्किल

रांची झारखंड में ठंड ने अब अपना तीखा असर दिखाना शुरू कर दिया है। गढ़वा, पलामू, लोहरदगा और रांची समेत कई जिलों में बीते 24 घंटे के दौरान हाड़ कंपा देने वाली ठंड महसूस की गई। हालात ऐसे हैं कि दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंडी और तेज हवाओं ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया है। वहीं, रांची मौसम विभाग ने कड़ाके की ठंड का अलर्ट जारी किया है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक अभिषेक आनंद के मुताबिक, आज यानी शुक्रवार को राज्य के 10 जिलों गढ़वा, पलामू, हजारीबाग, चतरा, लातेहार, गिरिडीह, रांची, खूंटी और देवघर में घना कोहरा छाया रहेगा। इसके साथ ही कहीं-कहीं शीतलहरी चलने की संभावना है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी सुबह के समय सामान्य कोहरा और कनकनी बढ़ने के साथ-साथ ठंडी हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है अगले दो दिनों तक झारखंड में शीतलहर से लोगों को बचना है। राज्य की राजधानी रांची सहित अधिकांश जिलों का तापमान 10 डिग्री से नीचे चल रहा है। अधिकांश जिलों में कोहरे का व्यापक असर देखा जा रहा है तो वही शीतलहरी की दोहरी मार भी लोगों पर पड़ रह रही है। आलम यह है कि सुबह 7:00 बजे से पहले लोगों की सुबह की सैर पर निकलना भी मुश्किल हो गया है। वही शाम के बाद ग्रामीण इलाकों में पूरी तरीके से सड़क पर सन्नाटा देखा जा रहा है क्योंकि ठंड की वजह से लोग घर से निकलना नहीं चाह रहे है।  

वायरल वीडियो से फिर सुलगा ‘वोट चोरी’ विवाद, बिहार की राजनीति में हलचल, मांझी का बयान आया सामने

पटना बिहार में उस वीडियो को लेकर एक नया विवाद उत्पन्न हो गया है, जिसमें केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी कथित तौर पर विधानसभा चुनाव में मामूली अंतर से पीछे चल रहे एक उम्मीदवार की "मदद" करने की बात कहते नजर आ रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि वीडियो मांझी के लोकसभा क्षेत्र गया में बनाया गया है। यह वीडियो हाल में हुए विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) में करारी हार झेल चुके विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (RJD)-कांग्रेस गठबंधन ने साझा किया है और इसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) द्वारा “वोट चोरी का “सबूत” बताया है। हालांकि, मांझी ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वीडियो से छेड़छाड़ करके सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है। वीडियो में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) प्रमुख मांझी को टिकारी विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी एक घटना का जिक्र करते हुए सुना जा सकता है। टिकारी सीट पर उनकी पार्टी के उम्मीदवार अनिल कुमार ने 2020 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी, लेकिन पिछले महीने हुए चुनाव में वह राजद से हार गए। वायरल वीडियो में क्या बोल रहे हैं मांझी? वीडियो में मांझी मगही बोली में यह कहते सुने जा सकते हैं, “वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार 2,700 वोट से पीछे था। उसने मुझे फोन किया, मैंने संबंधित अधिकारी को फोन किया। आखिरकार उसे विजेता घोषित किया गया।” हालांकि 'पंजाब केसरी' इस वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता। वीडियो में मांझी कहते सुने गए, “इस बार उम्मीदवार 1,600 वोट से हार गया। लेकिन उसने मुझसे संपर्क करने के बजाय हार स्वीकार कर ली। गया के तत्कालीन जिलाधिकारी, जो अब त्रिपुरा में पदस्थापित हैं, ने मुझसे फोन पर पूछा कि इस बार क्या गड़बड़ी हुई। जब उम्मीदवार मुझसे संपर्क किए बिना घर लौट गया, तो मैं कुछ नहीं कर सकता था।” "यह वोट चोरी नहीं, बल्कि वोट डकैती है- कांग्रेस राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने टिकारी सीट तो हासिल कर ली, लेकिन पांच साल पहले की 75 सीट की तुलना में इस बार महज 25 सीट पर सिमट गई। विपक्षी दल राजद ने आरोप लगाया कि मोदी ने निर्वाचन आयोग की मदद से हालिया चुनाव में “हमारे युवा और क्रांतिकारी नेता तेजस्वी यादव की राजनीतिक हत्या का असफल प्रयास” किया। बिहार कांग्रेस प्रवक्ता आसित नाथ तिवारी ने भी इसी तरह की भावना दोहराते हुए आरोप लगाया, “हाल में संसद के भीतर वोट चोरी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री बेहद आक्रामक थे। अब उनके ही मंत्रिमंडल सहयोगी की कथित स्वीकारोक्ति से संकेत मिलता है कि यह वोट चोरी नहीं, बल्कि वोट डकैती है।” 'मांझी एक ब्रांड बन चुका है, किसी से डरने वाला नहीं' इस बीच, मांझी ने ‘एक्स' हैंडल पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मेरा एक वीडियो छेड़छाड़ करके सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है, ऐसे लोग यह सोचते हैं कि वे एक मुसहर (महादलित समुदाय) के बेटे को बदनाम कर सकते हैं।” उन्होंने कहा, “मैं ऐसे सभी लोगों को बताना चाहता हूं कि मांझी अब एक ब्रांड बन चुका है। वह किसी से डरने वाला नहीं है।” बिहार के मंत्री एवं पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैंने बिना काट-छांट वाला वीडियो देखा है। मांझी 2020 में मतगणना के कई घंटों तक रुके रहने की बात कर रहे थे, जब उनके उम्मीदवार अंतिम से एक राउंड पहले मामूली अंतर से पीछे थे। मतगणना पूरी होने के बाद उम्मीदवार को विजेता घोषित किया गया था।”  

कोहरे का कहर: बिहार के 33 जिलों में Yellow और Orange Alert जारी, सतर्क रहने की अपील

पटना मौसम विभाग (IMD) ने बिहार में ठंड और कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की है। राज्य के कई जिलों में घना से बहुत घना कोहरा छाया रहेगा, जिससे दृश्यता कम होगी और रेल, सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार अगले कई दिनों तक कोहरा और ठंड बनी रहेगी। राज्य के 17 जिलों में यलो अलर्ट तो 16 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। घना कोहरा वाले जिले: समस्तीपुर, पटना, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, बेगूसराय, खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज घने से बहुत घने कोहरे की चेतावनी वाले जिले: पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, गया तापमान की स्थिति     पटना: अधिकतम 16.5°C, न्यूनतम 13°C     औरंगाबाद व गया: अधिकतम तापमान में लगभग 7°C की गिरावट     नालंदा: 6°C की गिरावट     वैशाली: 6.2°C की गिरावट मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 4-5 दिन न्यूनतम तापमान 10°C से नीचे जा सकता है। इसके चलते जनजीवन और यातायात पर प्रभावित होगा। सुबह और रात के समय दृश्यता बेहद कम होगी। रेल, सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग और स्वास्थ्य विभाग की सलाह     कोहरे और ठंड में यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें     स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी का पालन करें     गर्म कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का ध्यान रखें  

10-15 करोड़ की आमदनी का रास्ता: जानें कैसे बनेगा झारखंड ‘सीड हब’

रांची झारखंड में वन विभाग ग्रामीणों को परिपक्व बीजों के चयन और सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित करेगा, जिससे करंज, साल, शीशम और बांस के बीजों से 10-15 करोड़ की आमदनी होगी। जनवरी से मार्च का महीना राज्य से जंगलों में इमारती लकड़ियों के बीज संग्रहण का होता है। वन क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीण अपने स्तर से बीज संग्रहित करते हैं और इसे वन विभाग की संबंधित संस्था को सौंप देते हैं। वन विभाग ने परिपक्व बीजों को चुनने और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए लोगों को प्रशिक्षण देगा। प्रशिक्षण पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से होगा, जिससे बीज संरक्षण में मदद मिलेगी और बर्बादी कम होगी। उनकी सहयोग समितियां भी बनाई गई हैं। बीज संवर्धन संस्थान के निदेशक रहे रामाश्रय प्रसाद ने बताया कि राज्य के वन क्षेत्र में रहने वाले लोगों को इससे पहले केंदू पत्ते के संग्रहण का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जानकारी के अभाव में लोग साठ प्रतिशत बीजों को नष्ट कर देते हैं। पुष्ट बीजों से रहने से किसानों की आमदनी में वृद्धि होगी। बांस के बीज, खासकर अफ्रीकी देशों में, निर्यात किए जाते हैं, जिससे राज्य ‘सीड हब’ बन सकता है। राज्य में मुख्य रूप से तीन प्रकार के बांस पाए जाते हैं,  डेंड्रोकैलामस स्ट्रिक्टस (लाठी बांस), बम्बूसा नूटन्स (सामान्य बांस), बम्बूसा तुलदा (पानी बांस)। साल, शीशम, बांस, करंज के बीजों को चुनने और उन्हें संरक्षित रखने के लिए लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा। राज्य के बांस बीजों की विदेशों खासकर अफ्रीकी देशों तक में बिक्री की जाती है। झारखंड के बांस के बीजों की मांग विशेष रूप से अफ्रीकी देशों में बहुत अधिक है। हां के बांस की आनुवंशिक विविधता और कठिन परिस्थितियों में पनपने की क्षमता।  यदि ग्रामीण सही तरीके से बीजों का संग्रहण करें, तो झारखंड ‘सीड हब’ बन सकता है। बीजों की बिक्री से 10-15 करोड़ रुपये की वार्षिक आय का अनुमान है। केवल बीज ही नहीं, बल्कि बांस से बने फर्नीचर, हस्तशिल्प, और बांस के ‘करील’ की खाद्य बाजार में भारी मांग है। वन क्षेत्र में पाए जाने वाले वृक्षों के बीज पर पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय ने शोध कार्य किया है। इसमें बीजों के चयन पद्धति, उनके संरक्षण के उपायों की जानकारी दी गई है। लोगों को प्रशिक्षित करने में यहां के विशेषज्ञों का सहयोग लिया जाएगा।

राजधानी रांची में बढ़ता वायु प्रदूषण, साफ हवा में बेंगलुरु-चेन्नई आगे

 रांची झारखंड की राजधानी रांची , जो कभी अपनी घने जंगलों, हरियाली और स्वच्छ हवा के लिए मशहूर थी, आज एयर Pollution की गंभीर समस्या से जूझ रही है। शहर के कई हिस्सों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) अनहेल्दी श्रेणी में पहुंच गया है, जिससे आम नागरिकों से लेकर बच्चों और बुजुर्गों तक के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। रांची में वायु प्रदूषण गंभीर स्तर पर है. शहर के कई हिस्सों में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। PM2.5 और PM10 जैसे प्रदूषक मुख्य कारण हैं। विशेषज्ञों और नागरिकों ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है, और सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। इन दिनों में AQI का स्तर 150 से ऊपर बना हुआ है, और कुछ इलाकों में यह 180 के करीब दर्ज किया गया है। झारखंड स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (JSPCB) ने क्लीन एयर प्लान को सख्ती से लागू करने का ऐलान किया है। रांची को इस संकट से निकालने के लिए सरकार, प्रशासन और नागरिकों का सहयोग जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तुरंत कदम उठाए गए तो 2026 तक सुधार संभव है। आंकड़ों के अनुसार रांची का औसत AQI अनहेल्दी (151-200) की श्रेणी में है। मुख्य प्रदूषक PM2.5 और PM10 हैं, जो सर्दियों में मौसमी स्थितियों के कारण और बढ़ जाते हैं। देश के कई बड़े शहरों, जैसे कि Bengaluru or Chennai की हवा अपेक्षाकृत साफ है। कांके रोड में रहने वाली सोशल एक्टिविस्ट रंजना कुमारी का कहना है, हरित क्षेत्र की कमी सबसे बड़ा कारण है। हमें तुरंत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करना होगा। अभी तक आपने सुन होगा कि राजधानी दिल्ली pollution का मार झेल रहा है। लेकिन अब रांची का शहर और इसका कस्बा भी प्रदूषण से अछूता नहीं रहा। प्रमुख पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. श्वेता कुमारी कहती हैं, रांची में बढ़ता PM2.5 स्तर फेफड़ों को स्थायी नुकसान पहुंचा रहा है। बच्चों और अस्थमा रोगियों को बाहर निकलते समय N95 मास्क पहनना चाहिए। प्रशासन को ट्रैफिक और निर्माण धूल पर सख्ती बरतनी होगी। नागरिक अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, मास्क पहनें और जागरूकता फैलाएं।

गयाजी में खूनी वारदात, मजदूर की सरेआम गोली मारकर हत्या, इलाके में दहशत

गयाजी बिहार के गयाजी जिले से एक दिल-दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पर बदमाशों ने एक मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी। वहीं, इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है। जानकारी के मुताबिक, मामला जिले के नीमचक बथानी थाना क्षेत्र के गोपाल नगर गांव का है। मृतक की पहचान गोपाल नगर गांव निवासी मदन राजवंशी (40) के रूप में हुई है। वे मजदूरी किया करते थे। बताया जा रहा है कि बुधवार देर रात मदन राजवंशी गांव के ही कुछ लोगों के साथ बातचीत कर रहे थे। इसी बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मदन पर अपराधियों ने गोलियां पर बरसा दीं। गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, खून से लथपथ शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया। इलाके में मचा हड़कंप इधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस ने घटनास्थल से खोखे बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में आपसी रंजिश की बात सामने आ रही है। फिलहाल, पुलिस हर पहलू पर मामले की जांच कर रही है। वहीं, इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

राजस्थान में सर्दी ने पकड़ी रफ्तार, शेखावाटी–जयपुर में गिरा पारा

  जयपुर राजस्थान में कोहरे के बीच अब हल्की ठंडी हवाओं ने भी दस्तक दे दी है। इसके असर से शेखावाटी के साथ-साथ जयपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सुबह-शाम सर्दी का असर बढ़ने लगा है, जबकि कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। बुधवार को नागौर में राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा फतेहपुर में 3.8, लूणकरणसर में 4.3 और डूंगरपुर में 4.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। ठंडी हवाओं के चलते शेखावाटी क्षेत्र के सीकर, फतेहपुर, चूरू और पिलानी सहित नागौर व बीकानेर के आसपास के इलाकों में सुबह और शाम कड़ाके की ठंड महसूस की गई। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में कोहरे का असर भी बरकरार है। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर में बुधवार को भी घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल अगले एक-दो दिन प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। कोहरे के चलते प्रदेश में सड़क हादसों की संख्या भी बढ़ रही है। वहीं हवाई और रेल परिवहन पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। गुरुवार को भी जयपुर एयरपोर्ट आने वाली कुछ डोमेस्टिक फ्लाइट्स तय समय से देरी से पहुंची। हालांकि 18-19 दिसंबर से उत्तर भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी जिलों में 19 से 22 दिसंबर के बीच कहीं-कहीं हल्के बादल छा सकते हैं। वहीं, प्रदेश के अन्य हिस्सों में बुधवार को मौसम साफ रहा और सुबह से तेज धूप खिली रही। धूप तेज होने के कारण कई शहरों में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और जोधपुर में 30.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

कोहरे और ठंड का डबल असर: झारखंड में मौसम जस का तस, वाहन चालकों को IMD की खास सलाह

रांची मौसम विज्ञान केंद्र रांची की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार झारखंड में आने वाले पांच से सात दिनों तक मौसम का मिजाज लगभग स्थिर बना रहेगा। इस दौरान राज्य में किसी बड़े मौसमीय बदलाव की संभावना नहीं है। बीते 24 घंटे में भी पूरे झारखंड में मौसम शुष्क रहा और कहीं से बारिश की सूचना नहीं मिली। 20 दिसंबर तक हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा छाने की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान में सामान्य से कोई खास उतार-चढ़ाव दर्ज नहीं किया गया। चाईबासा में राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि रांची के कांके में न्यूनतम तापमान 6.0 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार निचले वायुमंडल में उत्तर-पश्चिमी से उत्तरी हवाएं चल रही हैं, जिससे सुबह और देर रात ठंड का असर बना हुआ है। पूर्वानुमान के मुताबिक 20 दिसंबर तक मध्य, दक्षिण, उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी झारखंड के अधिकांश जिलों में सुबह के समय हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा छाने की संभावना है। हालांकि दिन चढ़ने के बाद आसमान साफ रहेगा और धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिलेगी। रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद समेत कई जिलों में यही स्थिति बनी रहने की संभावना है। जिलेवार पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर-पश्चिमी झारखंड के कोडरमा, चतरा, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा और पलामू में न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। IMD ने वाहन चालकों को दी ये सलाह मौसम विभाग के मुताबिक गुमला में 18 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जो राज्य में सबसे कम रहने की संभावना है। रांची, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग और खूंटी में अधिकतम तापमान 23 से 25 डिग्री और न्यूनतम 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 17 और 18 दिसंबर को हल्की गिरावट के बाद तापमान फिर स्थिर हो जाएगा। दक्षिण झारखंड के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला और सिमडेगा में अधिकतम तापमान 26 से 27 डिग्री तथा न्यूनतम 8 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं उत्तर-पूर्वी झारखंड के देवघर, धनबाद, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में दिन का तापमान 26 से 27 डिग्री और रात का तापमान 10 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। मौसम विभाग ने किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन सुबह के समय कोहरे के कारण वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कम दृश्यता के चलते खासकर राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर धीमी गति से वाहन चलाने और फॉग लाइट का उपयोग करने की अपील की गई है।  

MLM फ्रॉड पर ED की सख्ती, रांची में 307 करोड़ के घोटाले में मैक्सिजोन टच के कर्ताधर्ता अरेस्ट

रांची झारखंड के रांची जोनल कार्यालय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 307 करोड़ रुपये के मल्टी लेवल मार्किटंग (एमएलएम) घोटाले में बड़ी कारर्वाई करते हुए एम/एस मैक्सिजोन टच प्रा. लि. के निदेशक चंदर भूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियांका सिंह को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।          21 से अधिक बैंक खातों में जमा कराए गए 307 करोड़ रुपये ईडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रांची जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत यह गिरफ्तारी की है। आरोप है कि दोनों ने सार्वजनिक धन के दुरुपयोग से जुड़ी एक बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दिया और अवैध तरीके से करोड़ों रुपये की कमाई की। ईडी की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक फर्जी मल्टी-लेवल मार्किटंग योजना चलाई, जिसमें आम लोगों को हर महीने ऊंचे रिटर्न और आकर्षक रेफरल लाभ का लालच दिया गया। इस योजना के माध्यम से 21 से अधिक बैंक खातों में करीब 307 करोड़ रुपये की अवैध राशि जमा कराई गई, जिसे अपराध से अर्जित धन (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) बताया गया है। तीन साल से फरार थे आरोपी, फर्जी पहचान का किया इस्तेमाल        जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि चंदर भूषण सिंह और प्रियांका सिंह इस अवैध धन के साथ फरार हो गए थे। पिछले तीन वर्षों से वे झारखंड, राजस्थान और असम की पुलिस समेत अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों से जानबूझकर बचते रहे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने लगातार अपने ठिकाने बदले और फर्जी पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। ईडी के अनुसार, आरोपी ने‘दीपक सिंह'जैसे छद्म नामों का भी प्रयोग किया। बेनामी लेनदेन के जरिए रियल एस्टेट में किया गया निवेश       ईडी ने बताया कि आरोपियों ने अवैध धन को सफेद करने के लिए बेनामी लेनदेन के जरिए कई रियल एस्टेट संपत्तियां खरीदीं और बाद में उन्हें नकद में बदल दिया। इस मामले की जांच कई राज्यों-झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक-में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। जांच के सिलसिले में ईडी ने 16 सितंबर 2025 और 3 दिसंबर 2025 को दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, वैशाली (बिहार), मेरठ, रांची और देहरादून में कई ठिकानों पर पीएमएलए की धारा 17 के तहत तलाशी अभियान चलाया। इन छापों के दौरान नकली पहचान पत्र, हस्तलिखित नोट्स और डायरियां, करीब 10 लाख रुपये से अधिक की नकदी, सहयोगियों की सूची, विभिन्न संस्थाओं की खाता पुस्तिकाएं, लैपटॉप और मोबाइल फोन, लगभग 15 हजार अमेरिकी डॉलर मूल्य की क्रिप्टो करेंसी तथा कई रियल एस्टेट संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए। ईडी हिरासत में भेजे गए आरोपी        ईडी ने बताया कि आरोपी चंदर भूषण सिंह को विशेष पीएमएलए न्यायालय, रांची के आदेश पर पांच दिनों की ईडी हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है और ईडी को इस घोटाले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका है।  

राष्ट्रभक्ति की राह पर साइकिल सवार: वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन रांची से दिल्ली तक

रांची एनसीसी निदेशालय बिहार एवं झारखंड, एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, रांची के तत्वावधान में "वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन" के आयोजन की घोषणा करते हुए गर्व का अनुभव करता है। यह ऐतिहासिक पहल "शौर्य के कदम – क्रांति की ओर" थीम पर आधारित है, जिसका उद्देश्य महान जनजातीय नायक धरती आबा वीर बिरसा मुंडा की विरासत का सम्मान करते हुए राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और सामूहिक राहभागिता को प्रोत्साहित करना है। यह साइक्लोथॉन वीर बिरसा मुंडा की अदम्य भावना को स्मरण करते हुए युवाओं को साहस, सेवा और राष्ट्रीय एकीकरण के पथ पर अग्रसर करने की एक प्रेरणादायी यात्रा है। यह आयोजन दो चरणों में संपन्न किया जाएगा। साइक्लोथॉन का पहला चरण 18 से 20 दिसंबर 2025 तक झारखंड की पवित्र धरती पर तीन विभिन्न मार्गों से होकर आयोजित किया जाएगा। यह चरण उन प्रमुख स्थलों को स्पर्श करेगा जो वीर बिरसा मुंडा के जीवन और संघर्ष से गहराई से जुड़े हुए हैं। इस चरण में एनसीसी अधिकारी, स्थायी प्रशिक्षक स्टाफ एवं एनसीसी कैडेट्स, जिनमें बालिका कैडेट्स भी शामिल होंगी, उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। यह सहभागिता एकता, अनुशासन और समावेशिता की सशक्त अभिव्यक्ति होगी। प्रथम चरण का समापन मोरहाबादी मैदान, रांची में एक भव्य स्वागत समारोह के साथ होगा। द्वितीय चरण एक चुनौतीपूर्ण एवं प्रेरणादायी यात्रा होगी जो रांची से नई दिल्ली तक लगभग 1300 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यह यात्रा 20 दिनों की अवधि में झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा एवं दिल्ली राज्यों से होकर गुजरेगी। इस चरण को 28 दिसंबर 2025 को बिरसा मुंडा कारागार परिसर, रांची से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इस यात्रा में दो एनसीसी अधिकारी, दो स्थायी स्टाफ एवं 16 एनसीसी कैडेट्स, जिनमें बालिका कैडेट्स भी शामिल होंगी, भाग लेंगे। ये सभी प्रतिभागी वीर बिरसा मुंडा की अदम्य भावना से ओतप्रोत झारखंड के युवा दूत होंगे। इस चरण का समापन 28 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री की रैली के दौरान होगा, जो राष्ट्रीय स्तर पर धरती आबा वीर बिरसा गुंडा को समर्पित एक गरिमामय श्रद्धांजलि होगी। वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन केवल साइ‌किल यात्रा नहीं है, बल्कि यह शारीरिक सहनशक्ति, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने वाला एक जनआंदोलन है। यह हमारे गौरवशाली अतीत और आशावान भविष्य के बीच सेतु का कार्य करता है, जिसे एनसीसी कैडेट्स की ऊर्जा और उत्साह से बल मिलता है। जब यह दल नगरों और राज्यों से होकर आगे बढ़ेगा, तो वह केवल वीर बिरसा मुंडा की गाथा ही नहीं, बल्कि नए झारखंड के आत्मविश्वासी, सशक्त और प्रगतिशील स्वरूप की कहानी भी देशभर में पहुँचाएगा। प्रत्येक पैडल स्ट्रोक शक्ति, बलिदान और सेवा के अमर संदेश को सशक्त करेगा। इस अद्‌भुत यात्रा का पहला चरण 18 से 20 दिसंबर 2025 तक झारखंड की पवित्र भूमि के माध्यम से तीन अलग-अलग मागों पर आयोजित किया जाएगा, जो वीर बिरसा मुंडा के चरणों की गूँज वाले महत्वपूर्ण स्थलों को छुएगा। इस चरण में तीन अधिकारियों, तीन स्थायी कर्मचारियों और 24 एनसीसी कैडेटों, जिनमें कन्या कैडेट भी शामिल हैं, की समर्पित भागीदारी होगी, जिन्हें प्रशासनिक कर्मचारियों द्वारा समर्थित किया जाएगा, जो एकता, अनुशासन और समावेशिता का सच्चा प्रतिनिधित्व है। यह चरण मोहराबादी मैदान, रांची में एक भव्य स्वागत समारोह में रामाप्त होगा, जहाँ झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन साइक्लोथॉन का औपचारिक रूप से स्वागत करेंगे। दूसरा चरण रांची से नई दिल्ली तक की चुनौतीपूर्ण और प्रेरणादायक यात्रा होगी, जो 28 दिसंबर 2025 से 16 जनवरी 2026 तक 20 दिनों की अवधि में फैलेगा, और इसे 28 दिसंबर 2025 को रांची के बिरसा मुंडा जेल कॉम्प्लेक्स से झारखंड के माननीय राज्यपाल द्वारा शुभारंभ किया जाएगा। रांची से नई दिल्ली की यह यात्रा देशभर में एकता, साहस और सांस्कृतिक गर्व का संदेश ले जाएगी, जिसमें दो अधिकारियों, दो स्थायी कर्मचारियों और 16 एनसीसी कैडेट्स की टीम गर्व से शामिल होगी, जिनमें बहादुर युवाओं की झारखंड की प्रतिनिधि लड़‌कियों की भी भागीदारी होगी, जो वीर बिरसा मुंडा की अदम्य आत्मा से भरी हुई हैं। यह चरण नई दिल्ली में 27 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री के रैली में भव्य स्वागत समारोह के साथ समाप्त होगा, जो धरती आबा वीर बिरसा मुंडा को सर्वोच्च राष्ट्रीय मंच पर एक सुसंगत श्रद्धांजलि होगी। यह साइक्लोथॉन केवल साइकिल यात्रा से अधिक है। यह एक आंदोलन है जो शारीरिक सहनशक्ति, सांस्कृतिक गर्व और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देता है। यह हमारे गौरवशाली अतीत और हमारे आकांक्षी भविष्य को एक साथ लाता है, जिसे हमारे एनसीसी कैडेटों की जीवंत ऊर्जा संचालित करती है। जैसे ही टीम शहरों और राज्यों के बीच साइकिल चलाएगी, यह केवल वीर बिरसा मुंडा की कहानी ही नहीं बल्कि नए झारखंड की आत्मविश्वासी और मजबूत स्थिति की कहानी भी ले जाएगा। साइकिल चालकों द्वारा प्रत्येक पैडल स्ट्रोक शक्ति, बलिदान और सेवा का संदेश होगा।