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फर्जी नौकरी घोटाला बेनकाब: चिट फंड ठगी में पुलिस ने पकड़े चार आरोपी

मुज्जफरपुर मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र स्थित कोल्हुआ पैगंबरपुर इलाके में फर्जी चिट फंड कंपनी के नाम पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। आरोप है कि गिरोह के सदस्यों ने कई बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाया है। ठगी का खुलासा तब हुआ जब नेपाल के मोरतहरी जिला के गोसल्ला थाना क्षेत्र के औरोही निवासी रंजीत कापड़ ने अहियापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि सुजन दुनगाना, हेमराज मल्ला, यशराम तमांड और भरत अधिकारी ने नौकरी दिलाने का लालच दिया। इसके बाद उसे कोल्हुआ पैगंबरपुर स्थित राहुल कुमार के मकान पर बुलाया गया और बैरिया में संतोष कुमार के एक मकान में प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) की व्यवस्था की गई। आरोपियों ने नौकरी पक्की कराने के नाम पर पीड़ित से नकद और बैंक खाते के माध्यम से कुल 2 लाख 20 हजार रुपये ऐंठ लिए। सप्ताहभर तक ट्रेनिंग देने के बाद उनसे यह भी कहा गया कि यदि वे तीन–चार अन्य लोगों को अपने साथ जोड़ेंगे तो उनकी नौकरी स्थायी कर दी जाएगी और उन्हें वेतन भी मिलना शुरू हो जाएगा। अन्य पीड़ितों ने भी लगभग साढ़े चार लाख रुपये ठगे जाने की बात बताई है। अहियापुर थाना पुलिस का कहना है कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं तथा अब तक कितने युवाओं से ठगी की गई है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।  

सोनपुर मेले में एक करोड़ के भैसे ‘प्रधान बाबू’ की चर्चा

सारण हरिहर क्षेत्र सोनपुर का यह ऐतिहासिक पशु मेला कभी पूरी दुनियां में पशुओं की खरीद- बिक्री का सबसे बड़ा केंद्र हुआ करता था। यहां घोड़े, ऊंट, हाथी, बैल, गाय और भैंसों की भारी तादाद में बिक्री होती थी। लेकिन समय के साथ नियमों, आधुनिकता और बदलते व्यापारिक तरीकों के कारण मेला अब अपनी पुरानी पहचान खोता नजर आ रहा है। अब मेला अधिकतर मनोरंजन, व्यापारिक स्टॉल, झूले, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पर्यटन आकर्षण का केंद्र बन कर रह गया है। पशुओं की बिक्री नाम मात्र को रह गई है। फिर भी "प्रधान बाबू" जैसे आकर्षक पशु मेला की पुरानी विरासत की याद दिलाते हैं और इस उम्मीद को जिंदा रखते हैं कि एक दिन सोनपुर मेला फिर अपने पुराने गौरव को वापस हासिल करेगा। मालिक ने भैसे की कीमत एक बड़े बैनर पर लिखकर स्टॉल के पास लगा दिया है, जिसे देखने और फोटो खींचने के लिए लोगों की कतार लगी रहती है। एशिया प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला- 2025 इस बार एक अनोखे आकर्षण को लेकर सुर्खियों में है। रोहतास जिले से लाया गया लगभग एक करोड़ रुपए कीमत वाला भैसा उर्फ़ "प्रधान बाबू" मेला घूमने वालों के बीच चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया साइट्स पर भी इस भैसे की तस्वीर और वीडियो तेजी से वायरल हो रही है, जिससे इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। तो हर कोई एक सेल्फी लेना भी नहीं भूलता है। भैंसा के मालिक बीरबल कुमार सिंह ने बताया कि यह भैंसा जाफराबादी नस्ल का है, केवल 38 महीने के इस भैसे की लंबाई लगभग 8 फीट और ऊंचाई करीब 5 फीट है। पूरा शरीर चमकदार काले रंग का होने के कारण यह दूर से ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेता है। मालिक ने यह भी बताया कि इसे तैयार करने में काफी मेहनत और खर्च हुआ है। प्रतिदिन इसके चारे पर लगभग 2 हजार रुपये खर्च होते हैं। फिलहाल भैसे को खरीदने के लिए कोई खरीदार प्रत्यक्ष रूप से नहीं पहुंचा है, लेकिन कई लोग फोन पर संपर्क कर कीमत की चर्चा कर रहे हैं।

डांस के दौरान किन्नरों से अभद्रता, मारपीट के बाद बार में हिंसा; पुलिस पर भड़का गुस्सा

रांची झारखंड के रांची में उस वक्त हड़कंप मच गया जब यहां बर्थडे पार्टी मना रहे किन्नरों के साथ छेड़खानी की गई। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस ने किन्नर पर डंडे से किया वार मामला जिले के अरगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित लीकर बार का है। बताया जा रहा है कि बार में लगभग बीस किन्नर बर्थडे पार्टी मनाने पहुंचे थे। पार्टी के दौरान किन्नर बार में डांस कर रहे थे। इस दौरान बार में बैठे कुछ युवकों ने किन्नरों के साथ छेड़खानी कर दी जिसके बाद किन्नरों और युवकों में मारपीट हो गई। मारपीट की घटना के बाद सभी किन्नर बार से बाहर निकले तो पुलिस ने एक किन्नर पर डंडे से वार कर दिया। इस बात से किन्नर आक्रोशित हो गए और सड़क पर हंगामा करने लगे। "पुलिस को उन पर हाथ उठाने का अधिकार किसने दिया" किन्नरों ने तीन घंटे तक मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। कई किन्नर कार के सामने लेटकर विरोध कर रहे थे। कई किन्नरों ने पत्थर भी उठा लिए थे। किन्नरों का कहना था कि बार में उनके साथ गलत हुआ, लेकिन पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन पर हमला कर रही है। पुलिस को उन पर हाथ उठाने का अधिकार किसने दिया है। वहीं, पुलिस ने किन्नरों को शांत कराया।

दुमका को मिली नई पहचान: झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का सीएम सोरेन ने किया उद्घाटन

दुमका  दुमका में झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया उद्घाटन। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सदर प्रखंड के आसनसोल पंचायत में आयोजित सेवा अधिकार सप्ताह यानी 'सरकार आपके द्वारा' कार्यक्रम में भी शिरकत की । बताया जा रहा है कि दुमका हवाई अड्डा परिसर में कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां से हेमंत सोरेन झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया । दोपहर में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दुमका एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद सीएम हेमंत ने विभिन्न योजनाओं का ऑनलाइन उद्घाटन और शिलान्यास किया । इसके अलावा सीएम हेमंत युवाओं को नियुक्ति पत्र, व अन्य लाभुकों के बीच परिसंपत्ति, ऋण एवं अनुदान का वितरण किया। कार्यक्रम के समापन के बाद दोपहर 2:30 बजे  वे वापस रांची के लिए रवाना हो गए ।

12.43 करोड़ की कथित अवैध संपत्ति जब्त, उत्पाद अधीक्षक ने कहा– मुझे साजिश के तहत फंसाया गया

पटना/ औरंगाबाद औरंगाबाद के उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आजाद को बेहतर काम के लिए विभाग से तीन-तीन मेडल दिया गया था। किसी से सोचा नहीं होगा कि उन्होंने अपने पास इतनी संपत्ति रखी होगी। स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने जब उत्पाद अधीक्षक के पटना, जहानाबाद, औरंगाबाद समेत चार ठिकानों पर छापेमारी की तो सब लोग दंग रह गए। कैश इतना मिला कि टीम को नोट गिनने के लिए मशीन मंगानी पड़ी। सभी ठिकानों पर मिली संपत्तियों को जोड़ा गया तो 12.43 की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ। दो माह बाद होना था रिटायर उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आजाद की 20 माह पहले औरंगाबाद में इसी पद पर हुई थी और दो माह बाद ही उन्हे रिटायर होना था। इसके पहले ही एसवीयू ने एक साथ उनके चार ठिकानों पर छापेमारी कर दी। अनिल कुमार आजाद ने फोन पर बताया कि यह सब स्प्रिट माफियाओं की साजिश है। उनलोगों ने साजिश कर निगरानी में शिकायत की है। उनके ऊपर जो भी आरोप लगाया जा रहा है, वह सरासर गलत और बेबुनियाद है। उन्होने खुद निगरानी की टीम को छापेमारी में सहयोग किया है।                बेहतर काम के लिए मिलें हैं तीन-तीन मेडल अनिल कुमार आजाद ने कहा कि उत्पाद विभाग में बेहतर काम की बदौलत तीन-तीन मेडल मिले है। बदले की भावना से छापेमारी की गई है। कल उनके भतीजे की शादी थी और आज ही बारात से लौट कर पटना पहुंचा हूं। इसके बाद छापेमारी टीम पहुंची। जांच में मैं सहयोग कर रहा हूं।' इन स्थानों पर एसवीयू की टीम ने की छापेमारी       औरंगाबाद में उत्पाद अधीक्षक का कार्यालय, मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग, बड़वा मोड़ से पश्चिम, हनुमान बिगहा के पास               औरंगाबाद शहर के सत्येंद्रनगर मुहल्ले में अनिल कुमार आजाद के किराए के आवास, डॉ. केके. सिंह अस्पताल के पास       जहानाबाद में अनिल कुमार आजाद के घर, एक निजी स्कूल (शिव मंदिर) के पास, सुमेरा, थाना-टेहटा            पटना के शिवपुरी में अनिल कुमार आजाद का आवासीय भवन, श्रीराम निकुंज, 3 मानस मार्ग, पश्चिमी शिवपुरी -23                जानिए क्या आरोप लगे हैं औरंगाबाद के उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आजाद पर आरोप है कि उन्होंने विभिन्न सरकारी पदों पर रहते हुए पद का दुरुपयोग कर एक करोड़ 58 लाख, 45 हजार 888 रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है। इसी आरोप के आलोक में पुख्ता जानकारी जुटाने के बाद विशेष निगरानी इकाई ने अनिल कुमार आजाद के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जन के साथ अन्य कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद कोर्ट से इनके परिसरों की तालाशी का वारंट प्राप्त किया। कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद रविवार को विशेष निगरानी इकाई की अलग-अलग टीमों ने अनिल कुमार आजाद के औरंगाबाद, जहानाबाद और पटना में उनके आफिस और आवास में एक साथ छापेमारी की। छापेमारी में यह सब मिला सूत्रों की यदि माने तो छापेमारी में अनिल कुमार आजाद के ठिकानों से जमीन में निवेश के कुछ दस्तावेज, कुछ बैंक पासबुक के साथ अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। साथ ही रुपयों की गिनती के लिए नोट गिनने की मशीन भी मंगाई गई है। फिलहाल औरंगाबाद, जहानाबाद और पटना में एसवीयू की कार्रवाई जारी है। सूत्र जानकारी दे रहे है कि अनिल कुमार आजाद के ठिकानों से और भी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल होने की उम्मीद हैं। विस्तृत समाचार की प्रतीक्षा है।  

काली कमाई का पर्दाफाश: बिहार के अधिकारी की करोड़ों की संपत्ति और महंगे गहनों की जांच में खुलासा

पटना  राज्य की विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आजाद के पटना, जहानाबाद और औरंगाबाद स्थित चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. यह पूरी कार्रवाई करीब सात घंटे तक चली. जिसमें टीम ने नोट गिनने की मशीन मंगवाई, दस्तावेज खंगाले और परिजनों से लंबी पूछताछ की. SVU की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अनिल आजाद ने कथित रूप से 5 करोड़ से अधिक की संपत्ति अर्जित की है. जबकि शिकायत आय से 1.58 करोड़ अधिक संपत्ति की थी. अब आगे की प्रक्रिया जब्त कागजातों और डिजिटल डेटा के मूल्यांकन के बाद तय होगी. छापेमारी में मिले करोड़ों के संपत्ति दस्तावेज SVU के अनुसार, तलाशी के दौरान अनिल आजाद और उनकी पत्नी माधुरी देवी के नाम पर कुल 10 प्लॉट, 28 लाख रुपये की एफडी, 1.54 करोड़ रुपये का बैंक व बीमा निवेश, 48 लाख रुपये का बैंक बैलेंस और करीब 35 लाख के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए. इसके अलावा परिवार के तीन बैंक लॉकर भी मिले हैं, जिन्हें अगली कार्रवाई में खोला जाएगा. SVU की टीम सुबह ही पटना के शिवपुरी स्थित आवास, जहानाबाद के पैतृक घर और औरंगाबाद के सरकारी कार्यालय व किराए के मकान पर पहुंची. कोर्ट से जारी तलाशी वारंट के आधार पर सभी जगहों पर एक साथ छापेमारी की गई. टीम को बड़ी संख्या में जमीन के कागज, पासबुक, बीमा दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिले, जिन्हें जब्त कर जांच में जोड़ा गया है. दो महीने बाद रिटायर होने वाले हैं आजाद अनिल आजाद मूल रूप से जहानाबाद जिले के सुमेरा गांव के निवासी हैं. 1991 में उत्पाद विभाग में दरोगा के रूप में नियुक्त हुए थे. 1999 से 2002 तक पटना में उनकी पोस्टिंग रही और इसी दौरान उन्होंने पटना के बड़े स्प्रिट कारोबारी असलम खान की पत्नी मुन्नी खातून की गिरफ्तारी की थी, जिससे वे काफी चर्चा में आए थे. बाद में इंस्पेक्टर और फिर अधीक्षक बने. पिछले 20 महीनों से वे औरंगाबाद के अधीक्षक पद पर तैनात थे. खास बात यह है कि आजाद मात्र दो महीने बाद रिटायर होने वाले हैं, ऐसे समय में हुई छापेमारी प्रशासनिक हलकों में सवाल खड़े कर रही है. पत्नी और परिवार के नाम जमीन-जायदाद SVU की रिपोर्ट के अनुसार, पटना शास्त्रीनगर में उनकी पत्नी के नाम 6 प्लॉट हैं, जबकि जहानाबाद में परिवार के नाम 4 प्लॉट मिले हैं. इनकी कुल अनुमानित कीमत ₹1.78 करोड़ बताई गई है. साथ ही पटना स्थित आवास से ₹28 लाख की एफडी भी मिली है. अलग-अलग इंसयोरेंस और बैंकिंग स्कीम में की गई 1.54 करोड़ की निवेश राशि भी जांच के घेरे में है. साथ ही 48 लाख रुपये के बैंक बैलेंस और 26 लाख रुपये के सोने व 8.6 लाख रुपये की चांदी के आभूषणों की रसीदें मिली हैं. अनिल आजाद का आरोप- स्प्रिट माफियाओं ने फंसाया छापेमारी के बाद मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में अनिल आजाद ने खुद को निर्दोष बताया और दावा किया कि यह कार्रवाई स्प्रिट माफियाओं की साजिश है. उनका कहना है कि उन्होंने औरंगाबाद में 25 अवैध स्प्रिट फैक्ट्रियां बंद कराईं, जिससे माफिया उनसे नाराज थे. उन्होंने कहा- नेताओं और स्प्रिट कारोबारियों की मिलीभगत के कारण मेरे खिलाफ बदले की कार्रवाई की गई है. मैं जांच में पूरा सहयोग कर रहा हूं और सच सामने आएगा. भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत FIR दर्ज SVU ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(b), 13(2) और IPC की धारा 61(2)(a) के तहत केस दर्ज किया है. केस में कहा गया है कि 2000 से अब तक Income Sources से अधिक संपत्ति जमा की गई है. 

25 नवंबर के बाद झारखंड में ठंड का जोर, सनसनाती हवाएं करेंगी कंपकंपा

रांची झारखंड में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। 25 नवंबर से राज्य में कनकनी बढ़ेगी जिससे लोगों को हाल बेहाल होगा। मौसम विभाग के मुताबिक 25 नवंबर से तापमान में गिरावट होगी। मौसम विभाग के मुताबिक झारखंड में कई इलाकों में आंशिक बादल और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी है। हालांकि इसकी संभावना बहुत कम है। अगले 2-3 दिनों तक यही स्थिति बनी रहने की उम्मीद है। इसके बाद 25 नवंबर से तापमान में गिरावट होगी जिससे ठंड बढ़ेगी। तापमान गिरने के साथ ही सनसनाती हवाएं एक बार फिर ठिठुरन बढ़ाएंगी। इस अचानक आने वाले ठंड के अटैक को देखते हुए खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अपना विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। मौसम विभाग ने अपील की है कि वे मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखें और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति के लिए तैयार रहें। फिलहाल, राज्य में किसी बड़े अलर्ट की आवश्यकता नहीं बताई गई है।  

बिहार BJP में हलचल: दिलीप जायसवाल के मंत्री बनते ही नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अटकलें तेज

 पटना  बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के मंत्री बनने के बाद से ही सोशल मीडिया पर अगले यानी नए प्रदेश के नाम पर अटकलें शुरू हो गई हैं। एक आदमी, एक पद पर आम तौर पर अमल करने वाली भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लगभग तीन साल से टल रहा है। 2024 के जनवरी में मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल पूरा हो रहा था, लेकिन लोकसभा चुनाव के लिए उन्हें मिला कार्यकाल विस्तार ऐन-केन-प्रकारेण बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में भाजपा बिहार में आनन-फानन में या जल्दबाजी में नया प्रदेश अध्यक्ष बनाएगी, इसकी संभावना ना के बराबर हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बाद बदलाव हो सकता है।   फिर भी भाजपा के बारे में सोशल मीडिया पर लिखने वाले दावे और समीकरण के साथ नए नामों की चर्चा कर रहे हैं। चल रहे नाम में एक नाम तो पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा के बेटे नीतीश मिश्रा का है, जिनको इस बार मंत्री नहीं बनाया गया है। नीतीश कैबिनेट के 26 मंत्रियों में मंगल पांडेय ब्राह्मण से इकलौते मंत्री हैं। नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से पहली बार मंत्री बने नीतीश मिश्रा 2015 में भाजपा में शामिल हुए थे। पिछली सरकार में वो उद्योग मंत्री रहे थे, जो विभाग अब दिलीप जायसवाल को दिया गया है। ब्राह्मण जाति से नीतीश मिश्रा का नाम चर्चा में, मंत्री नहीं बने हैं इस बार अपने पिता जगन्नाथ मिश्रा की सीट झंझारपुर से पांचवीं बार जीते नीतीश मिश्रा की चिंता करने वाले कह रहे हैं कि पार्टी ने उनके बारे में कुछ बड़ा सोचा है, इसलिए अभी मंत्रिमंडल से ड्रॉप कर दिया गया है। मिथिला की 37 सीटों में 31 सीटें एनडीए के पास आई हैं। दरभंगा-मधुबनी की 20 में 19 सीटों पर महागठबंधन को हार मिला है। महागठबंधन ने जो 6 सीटें जीती है, उसमें समस्तीपुर की 3 और बेगूसराय की 2 सीटें शामिल हैं। दलित जाति से चल रहा जनक राम का नाम, बसपा से भाजपा में आए थे पूर्व मंत्री नीतीश की पिछली कैबिनेट से इस मंत्रिमंडल तक नहीं पहुंच पाए बीजेपी के मंत्रियों में जनक राम भी शामिल हैं। कैबिनेट में इस बार 5 दलित मंत्री हैं, जिनमें बीजेपी से सिर्फ लखेंद्र रौशन का नाम है। बाकी 4 दलित मंत्रियों में जेडीयू के अशोक चौधरी व सुनील कुमार, लोजपा के संजय पासवान और हम के संतोष सुमन मांझी हैं। पीएम नरेंद्र मोदी से प्रभावित होकर 2013 में बसपा से भाजपा में आए जनक राम 2014 में गोपालगंज से भाजपा सांसद बने थे। 2019 में सीट जेडीयू को गई तो बाद में उनको एमएलसी बनाया गया और फिर वो नीतीश सरकार में दो बार मंत्री बने। चर्चा करने वाले कह रहे हैं कि उनको इसलिए ड्रॉप किया गया है, क्योंकि बीजेपी अगला अध्यक्ष दलित जाति से बना सकती है। ओबीसी से संजीव चौरसिया का नाम, जनसंघ से जुड़े पिता गंगा प्रसाद राज्यपाल भी रहे भाजपा के अगले प्रदेश अध्यक्ष के लिए पटना जिले की दीघा सीट से लगातार तीसरी बार विधायक बने संजीव चौरसिया का नाम भी लिया जा रहा है। संजीव चौरसिया का परिवार संघ से जुड़ा रहा है और उनके पिता जनसंघ के जमाने से भाजपा के साथ हैं। उनका कारोबारी परिवार पार्टी के संघर्ष के दिनों का साथी है। संजीव के पिता गंगा प्रसाद 1980 में भाजपा के गठन के बाद बिहार में पार्टी के कोष प्रमुख बना गए थे। गंगा प्रसाद को 1994 में पार्टी ने एमएलसी बनाया और अगले तीन टर्म तक वो विधान पार्षद रहे। बाद में गंगा प्रसाद को मेघालय और सिक्किम का राज्यपाल भी बनाया गया। संजीव चौरसिया 2015 से लगातार दीघा से जीत रहे हैं। संघ और पार्टी में काम के नाम पर उनके मंत्री बनने की चर्चा थी, लेकिन अब जब उनका नंबर सरकार में नहीं आया है तो यह चर्चा है कि उनका नंबर संगठन में लगने वाला है। भूमिहार जाति से विवेक ठाकुर का भी नाम, पिता सीपी ठाकुर भाजपा में कई पदों पर रहे बिहार बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए भूमिहार जाति से नवादा के लोकसभा सांसद विवेक ठाकुर का नाम भी चल रहा है। विवेक के पिता सीपी ठाकुर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्र में मंत्री रहे हैं। नीतीश की मौजूदा कैबिनेट में कुल दो भूमिहार मंत्री बनाए गए हैं। बीजेपी से विजय कुमार सिन्हा और जेडीयू से विजय कुमार चौधरी। एनडीए के 202 विधायकों में भूमिहार जाति के 22 एमएलए जीते हैं। ऐसे में 3-4 भूमिहार मंत्री बनने की अटकलें थीं। 32 विधायकों वाले राजपूत जाति को 4 मंत्री पद मिला है। विवेक ठाकुर का नाम लेने वाले बता रहे हैं कि पार्टी नया अध्यक्ष भूमिहार जाति से बना सकती है, क्योंकि ब्रह्मर्षि समाज को समर्थन और विधायक के हिसाब से नीतीश मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी नहीं मिल पाई है।  

UP से गिरफ्तार JSSC पेपर लीक मास्टरमाइंड, रांची में हुई पेशी और भेजा गया जेल

रांची झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) पेपर लीक मामले में सीआईडी को बड़ी सफलता मिली है। केंद्रीय जांच एजेंसी (सीआईडी) ने इस प्रकरण के मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड विनय शाह को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर रांची लाया है। आरोपी को सीआईडी की विशेष अदालत (स्पेशल कोर्ट) में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार, विनय शाह रेलवे में सेक्शन इंजीनियर के पद पर कार्यरत है और मूल रूप से झारखंड की राजधानी रांची का निवासी है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह यूपी के शाहपुर स्थित हनुमंत नगर कॉलोनी में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए नेपाली सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने रांची के जेड स्क्वायर होटल में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पेपर लीक की पूरी योजना तैयार की थी। सीआईडी ने बताया कि विनय शाह ने मनोज कुमार, शशिभूषण दीक्षित और संदीप त्रिपाठी के साथ मिलकर साजिश रची थी। इस मामले में इससे पहले आईआरबी के करीब एक दर्जन जवानों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।  

तेज रफ़्तार बनी काल: राष्ट्रीय राजमार्ग पर भयानक सड़क दुर्घटना, 3 की मौके पर मौत

दरभंगा बिहार के दरभंगा जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि दो गंभीर रुप से घायल हो गए। वहीं मौके पर चीख-पुकार मच गई। मिली जानकारी के अनुसार, घटना रविवार तड़के NH 27 दिल्ली मोड़ के पास ओवरब्रिज की है। कार पटना से मधेपुरा आ रही थी। इस दौरान गाड़ी अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 2 की हालत नाजुक बनी हुई। गाड़ी भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। बताया जा रहा है कि गाड़ी में 7 लोग सवार थे। फिलहाल घायलों का इलाज अस्पताल जारी है। मौके पर पहुंची पुलिस  ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।