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मोतिहारी में गोलियों की तड़तड़ाहट, वर्चस्व की लड़ाई में दो की गई जान

मोतिहारी बिहार के मोतिहारी में गुरुवार की देर रात वर्चस्व की लड़ाई में दो गुटों द्वारा ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गई। वहीं इस फायरिंग की घटना में दो लोगों की मौत हो गई। सनसनीखेज वारदात से पूरा इलाका दहल उठा। मिली जानकारी के अनुसार, घटना संग्रामपुर थाना क्षेत्र में दरियापुर मठ के पास हुई है। मृतकों की पहचान धनंजय गिरी और गुड्डू यादव के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि गुरूवार देर रात सनोवर खान ने धनंजय गिरी और गुड्डू यादव को जानबूझकर फोन कर किसी बहाने से बुलाया था। सनोवर खान के बुलाने पर दोनों युवक बाइक पर सवार होकर उसे मिलने पहुंच गए।  बताया जा रहा है कि सनोवर खान पहले से ही दोनों की हत्या करने की फिराक में बैठा था, जैसे ही धनंजय गिरी और गुड्डू यादव  वहां पहुंचे तो सनोवर खान ने दोनों को गोलियों से भून दिया। वहीं दोनों की मौत हो गई। वारदात को अंजाम दे सनोवर खान फरार हो गया। दोनों मृतकों पर कई आपराधिक मामले दर्ज थे। बताया जा रहा है कि धनंजय गिरी हत्या के मामले में कुछ समय पहले ही  जमानत पर रिहा होकर आया था। सनोवर खान का भी आपराधिक इतिहास है, उस पर 25,000 का इनाम घोषित है। इधर घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फिलहाल पुलिस सनोवर खान की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी  कर रही है।

कश्‍मीर के लग्‍जरी शिकारे का मजा कैमूर में! लोगों को जल्‍द मिलेगी ‘सुकून डेस्टिनेशन’ की सौगात

10-12 झरनों और हरियाली के बीच हाउसबोट की सैर! करमचट डैम बनेगा नया आकर्षण पटना/कैमूर, वो लोग जो शिकारे पर सफर के लिए कश्‍मीर जाने की इच्‍छा दिल में दबाए बैठे हैं। उनकी ये दिली हसरत बिहार में पूरी होने वाली है। वो भी उनके मन लायक मौसम में! यहां न तो बहुत ठंड होगी और न ही दूर से आने की थकान। कैमूर जिले के दुर्गावती जलाशय का करमचट डैम अब पर्यटन के नक्शे पर उभरने वाला है। यहां पहली बार आधुनिक सुविधाओं से लैस हाउसबोट सेवा शुरू होने वाली है। यह हाउसबोट डैम में पहुंच भी चुके हैं। इसका उद्घाटन 24 अगस्त को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. सुनील कुमार करेंगे। लेकिन लंबे ट्रायल के बाद इसे आम लोगों के लिए खोला जाएगा। ऐसा दिखेगा नजारा इस करमचट डैम पर हाउसबोट पर यात्रा करने वालों को प्राकृतिक की जबरदस्‍त सुंदरता का अनुभव होने वाला है। हाउसबोट के सफर के रास्‍ते में उन्‍हें 10 – 12 झरने दिखेंगे। इसके अलावा डैम के चारों ओर फैली हरियाली इस रोमांचित करेन वाले सफर को और खास बनाएगी। लहरों पर यह सफर सुकून का नया ठिकाना होगा। यह जगह पर्यटकों के लिए सूकून के डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगी। जहां लोग पानी की लहरों पर रोमांचित करने वाली सुकून भरी शाम बिताने पहुंचेंगे। हाउसबोट की खासियत अभी इस हाउसबोट का ट्रायल चल रहा है। जिसे अच्‍छी तरह से टेस्‍ट करने और सभी सुविधाओं से लैस कर आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इस हाउसबोट होटल वाली तमाम सुविधा होंगी। बोट एसी कमरे, आधुनिक बाथरूम और किचन से लैस होंगे। जिस पर 8 से 10 लोगों के लिए आरामदायक सुविधा होगी। जहां लोग पानी की लहरों पर हरी भरी प्राकृतिक वादियों के बीच खाने पीने के साथ सुकून का वक्‍त बिता पाएंगे। 10 -12 झरनों से घिरा होगा रोमांचित नजारा : सीएफ इकोटूरिज्म सीएफ इकोटूरिज्म सत्यजीत कुमार ने बताया कि 24 अगस्‍त को इसका उद्घाटन कर दिया जाएगा। फिलहाल ये हाउसबोट ट्रायल के चरण में हैं। हाउसबोट पर सभी तरह की सुविधाएं मुहैया कराने और सुरक्षा मानकों के टेस्टिंग के पूरे होने के बाद इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। पर्यटन और रोजगार, दोनों को मिलेगा सहारा हाउसबोट सेवा से इस इलाके में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। कैमूर ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों से समृद्ध है। नई सुविधा से यहां आने वाले सैलानियों की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेंगे। होटल, रेस्टोरेंट, गाइड, परिवहन और हस्तशिल्प जैसे व्यवसायों को भी रफ्तार मिलेगी। करमचट डैम अब केवल पिकनिक और प्राकृतिक नजारों का ही ठिकाना नहीं रहेगा, बल्कि यह बिहार के पर्यटन मानचित्र पर एक रोमांचक और लग्जरी अनुभव के रूप में अपनी पहचान बनाएगा।

नीतीश कुमार का बड़ा ऐलान, 50,000 लोगों को मिलेगा रोजगार

बोधगया बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को बोधगया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के साथ मंच साझा करते हुए युवाओं और जन कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। गया जी में जनसभा को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की कि बिहार में एनडीए सरकार बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को मिलेगी नौकरी नीतीश कुमार ने कहा, चुनाव से पहले, हम 50,000 और लोगों को नौकरी और रोजगार प्रदान करेंगे। अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोज़गार दिया जाएगा। हमने हमेशा रोज़गार के लिए काम किया है जबकि अन्य (राजद) ने कुछ नहीं किया। हाल के फैसलों पर प्रकाश डालते हुए, मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन 400 रुपये से बढ़ाकर 1,100 रुपये प्रति माह कर दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों- महिलाओं, अल्पसंख्यकों और गरीबों के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा, "पहले बिहार की स्थिति बहुत खराब थी। किसी ने महिलाओं या मुसलमानों के लिए काम नहीं किया था। लेकिन हमने सबके लिए काम किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के लिए बहुत काम किया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने याद दिलाया कि 2018 तक हर घर में बिजली पहुंच गई थी। उन्होंने आगे कहा कि बिहारवासियों को प्रति माह 125 यूनिट बिजली पहले ही मुफ्त दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए गया का नाम बदलकर गया जी करने, फल्गु नदी पर रबर डैम और पुल का निर्माण, और बोधगया में एक गेस्ट हाउस और अन्य सुविधाओं के विकास सहित अन्य उपलब्धियों का जिक्र किया मुख्यमंत्री ने केंद्र की एनडीए सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस साल के केंद्रीय बजट में बिहार को एक विशेष पैकेज मिला है और राज्य ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स की मेजबानी की है। उन्होंने कहा, "बिहार को केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के लिए बहुत काम किया है।"  

आपदा से पशुओं का जीवन बचाने के लिए सरकार चला रही पशु चारा वितरण कार्यक्रम

* चारा वितरण का काम पशुओं की आवश्यकता के अनुसार किया जाता है * जिला प्रशासन के सहयोग से जिला पशुपालन पदाधिकारी के द्वारा चलाया जा रहा यह कार्यक्रम * बाढ़ जैसी आपदा में पशुपालकों को मदद पहुंचा रही है बिहार सरकार पटना, आपदा से प्रभावित पशुओं का जीवन बचाने के लिए बिहार सरकार का पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग पशु चारा वितरण कार्यक्रम चला रहा है। इसका लाभ इन दिनों बाढ़ प्रभावित इलाकों के पशुपालकों को हो रहा है। पशु चारा वितरण कार्यक्रम के तहत बाढ़ प्रभावित इलाकों के पशुओं के लिए विभाग इन दिनों पशु चारा मुहैया करवा रहा है। इससे बाढ़ जैसी आपदा में पशुपालकों को बड़ी मदद मिल रही है और पशुओं के जीवन की रक्षा हो रही है। पशु चारा वितरण कराने का कार्य जिला प्रशासन के सहयोग से जिला पशुपालन पदाधिकारी के द्वारा सम्पन्न किया जाता है। पशुओं के जीवन की रक्षा के लिए चारा वितरण का काम पशुओं की आवश्यकता के अनुसार किया जाता है। जिसमें  सामान्यतः बड़े जानवरों के लिये 6 किलोग्राम, छोटे जानवरों के लिए 3 किलोग्राम तथा भेड़-बकरियों के लिये 1 किलोग्राम चारा की आवश्यकता होती है। पशु शिविरों / अस्थायी शिविरों में एक बार में तीन दिन / एक सप्ताह के लिए चारा वितरण कराया जाता है। साथ ही, बाढ़ की स्थिति के अनुसार शिविर संचालन तक चारा वितरण कराया जाता है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन एवं सहयोग से शिविरों / अस्थाई शिविरों में पशुओं की संख्या के अनुसार चारा वितरण हो रहा है। चारा वितरण के पहले सभी प्रभावित पशुओं की प्रकार / संख्या के आधार पर गणना कर पशुपालकवार टोकन वितरण किया जाता है। इस टोकन के आधार पर क्रमानुसार चारा का प्रबंध कर वितरित किया जाता है। विशेष जानकारी पशुपालन निदेशालय, बिहार, पटना स्थित आपदा कोषांग (दूरभाष संख्या 0612-2230942) या पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना (दूरभाष संख्या 0612-2226049) से प्राप्त की जा सकती है।

पीएम मोदी के बिहार दौरे पर चिराग पासवान का बयान, विपक्ष के सवालों का किया खंडन

पटना केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पत्रकारों से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे और विपक्ष के बयानों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि बिहार प्रधानमंत्री की प्राथमिकता में है, जिसका सबूत पिछले एक साल में उनके लगभग नौवें दौरे से मिलता है। चिराग ने दावा किया कि इस बार भी पीएम बिहार को करोड़ों रुपये की सौगात देकर जाएंगे। प्रधानमंत्री का बिहारी और बिहार के लिए प्यार साफ दिखता है, जो राज्य को विकसित करने की गति को बढ़ाएगा। विपक्ष ने पीएम के दौरे पर सवाल उठाए, लेकिन चिराग ने इसे उनकी हताशा करार दिया। उन्होंने कहा, “विपक्ष को यह नागवार गुजर रहा है कि पीएम बिहार के लिए लगातार काम कर रहे हैं। पहले वे कहते थे कि पीएम बिहार नहीं आते और सिर्फ चुनाव के समय याद करते हैं। लेकिन अब पीएम ने बिहार के लिए लाखों-करोड़ों की योजनाओं का शुभारंभ किया है।” चिराग ने बताया कि कई नई योजनाओं की शुरुआत भी पीएम के हाथों होगी। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “उनके पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए सिर्फ झूठ बोलते हैं। केंद्र सरकार या डबल इंजन सरकार पर प्रहार करने के लिए उनके पास कोई आधार नहीं है।” लालू यादव ने पोस्ट कर कहा कि पीएम नीतीश कुमार और बिहार की राजनीति का “पिंडदान” करके चले जाएंगे। इस पर चिराग ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा, “यह शब्दावली गलत है। नीतीश कुमार के लिए इस तरह की भाषा इस्तेमाल करना उचित नहीं है। नीतियों पर सवाल उठाएं, लेकिन इस तरह की बात कहना मेरी निंदा के योग्य है।” तेजस्वी यादव ने दावा किया कि 2029 में राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे। चिराग ने इस पर करारा जवाब दिया और कहा, “राजद और कांग्रेस पूरी तरह कमजोर हो चुके हैं। राजद ने बिहार में जनाधार खो दिया है और कांग्रेस देशभर में सिमट गई है। फिर भी वे राहुल गांधी को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश में घूम रहे हैं, जो उनकी कमजोरी को दर्शाता है।” संसद में आए नए बिल को लेकर तेजस्वी के बयान को चिराग ने घबराहट का नतीजा बताया। उन्होंने कहा, “यह लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई से घबराए हुए हैं। जब भी भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसा जाता है, कांग्रेस और राजद जैसे दलों को तकलीफ होती है, क्योंकि उनका आधार ही भ्रष्टाचार रहा है। कांग्रेस के शासनकाल में हुए घोटाले और राजद के भ्रष्टाचार की चर्चा दुनिया में है। केंद्र सरकार जब ऐसे बिल लाती है, तो इनका पर्दाफाश होता है।” चिराग ने जोर देकर कहा कि जब भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई होती है, तो ये दल परिवार के अन्य सदस्यों को सत्ता सौंपते हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र की नीतियां बिहार को आगे बढ़ाने और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में मदद करेंगी। इस दौरान उन्होंने विपक्ष से सकारात्मक मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की।  

हर घर अन्न-हर थाली में पोषणः प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से बिहार में 2 करोड़ से अधिक परिवार हो रहे हैं लाभान्वित

ई-पीओएस मशीन से राशन वितरण में आई पारदर्शिता और दक्षता पटना, बिहार सरकार खाद्य सुरक्षा की दिशा में निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। वर्तमान में राज्य में 2.06 करोड़ परिवार आज राशन कार्ड के माध्यम से प्रतिमाह खाद्यान्न का लाभ उठा रहे हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत बिहार में प्रतिमाह औसतन 4,25,019 मीट्रिक टन खाद्यान्न का वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत पूर्विकता प्राप्त गृहस्थी (PHH) के 1.83 करोड़ परिवारों को प्रत्येक लाभुक को 05 किलोग्राम खाद्यान्न (1 किलोग्राम गेहूँ एवं 4 किलोग्राम चावल) निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है तथा अन्त्योदय अन्न योजना (AAY) के अंतर्गत 22.81 लाख परिवारों को प्रति परिवार 35 किलोग्राम खाद्यान्न (7 किलोग्राम गेहूँ एवं 28 किलोग्राम चावल) निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा जन वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी व भ्रष्टाचार मुक्त बनाने हेतु सभी जनवितरण केंद्रों पर ई-पीओएस मशीन (ई-पॉइंट ऑफ सेल) की व्यवस्था की गई है जिसमें हर लाभुक का नाम, पहचान, वितरित खाद्यान्न की मात्रा, वितरण की तारीख एवं समय का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है। प्रत्येक लेन-देन की जानकारी रियल टाइम में नियंत्रण कक्ष तक पहुँचती है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश समाप्त हो गई है। इस तकनीक ने राशन वितरण प्रणाली को और अधिक दक्ष, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाया है।

करमचट डैम में पहली बार शुरू हुई ‘हाउसबोट’ सुविधा

–    हाउसबोट सुविधा पर्यटन प्रेमियों को एक बड़ा तोहफा –    24 अगस्त को होगा उद्घाटन   पटना,  कैमूर जिले के दुर्गावती जलाशय स्थित करमचट डैम अब पर्यटकों के लिए और भी आकर्षक बनने जा रहा है। यहां जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाउसबोट सेवा की शुरुआत होने वाली है। यह हाउसबोट डैम परिसर में पहुंच चुकी है और इसका उद्घाटन आगामी 24 अगस्त को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. सुनील कुमार करेंगे। करमचट डैम पहले से ही प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली के लिए चर्चित है, लेकिन हाउसबोट सेवा की शुरू होने के बाद यह स्थल पर्यटकीय द्ष्टिकोण से और मजबूत हो जाएगा। हाउसबोट में पर्यटकों को सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, ताकि वे न केवल प्रकृति का आनंद उठा सकें बल्कि अपने बोट के सफर को और आरामदायक और यादगार भी बना सकें। इस हाउसबोट में आने वाले पर्यटकों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बोट में एक एसी युक्त कमरा, एक बाथरूम और एक किचन की व्यवस्था है। इसमें एक बार में 8 से 10 लोगों के बैठने की क्षमता होगी। अभी इसका ट्रायल चल रहा है और जल्द ही इसका उद्घाटन होने के बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इसमें खाने पीने की भी उत्तम व्यवस्था होगी।   सीएफ इकोटूरिज्म सत्यजीत कुमार ने बताया कि करमचट डैम पहले से ही बहुत खूबसूरत है। यह चारों तरफ से पहाड़ियों से घिरा हुआ है और यहां आने से 10-12 झरने देखने का आनंद मिलता है। यह डैम काफी दूर तक फैला है और इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाने अब हाउसबोट की सुविधा शुरू की जा रही है जिससे लोग यहां आएं और रोमांच के साथ प्रकृति का आनंद ले सकें। इसके साथ ही रोजगार के भी कई अवसर सृजित होंगे।        हाउसबोट सुविधा शुरू होने से इस इलाके में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। कैमूर जिले का यह इलाका ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों से समृद्ध है। इस पहल से न केवल पर्यटन को नई दिशा मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। हाउसबोट संचालन से जुड़े प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कार्यों में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही आस-पास के इलाकों में होटल, रेस्टोरेंट, गाइड, परिवहन और हस्तशिल्प से जुड़े व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा।

लालू यादव को करारा झटका, राजद विधायक पहुंचे पीएम मोदी की सभा में

गया/ नवादा विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की पार्टी को बड़ा झटका लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गया दौरे के दौरान नवादा से राष्ट्रीय जनता दल की वर्तमान विधायक विभा देवी और रजौली विधायक प्रकाश वीर पीएम मोदी के मंच पर दिखाई दिए। इसके बाद सियासी गलियारे में हड़कंप मच गया। दोनों विधायक जल्द ही सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाईटेड का दामन थामने जा रहे हैं। दोनों को विशेष तौर पर पीएम मोदी के मंच पर बुलाया गया था। हालांकि, जदयू की ओर से इसकी औपचारिक घोषणा अब तक नहीं की गई है। राजबल्लभ प्रसाद ने कभी वोट का सौदा नहीं किया जानकारी के मुताबिक, पूर्व राज्य मंत्री राजवल्लभ प्रसाद यादव की पत्नी विभा देवी लंबे समय से राजद से नाराज चल रही थीं। वहीं, प्रकाश वीर भी पार्टी में अपनी अनदेखी से असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। हाल में ही उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और राजद नेताओं पर कई आरोप लगाए थे। हाल में ही विभा देवी प्रेस वार्ता कर कहा था कि ने कहा कि उन्होंने, उनके जेठ कृष्णा प्रसाद, स्व. जेहल प्रसाद या जेल में बंद राजबल्लभ प्रसाद ने कभी वोट का सौदा नहीं किया। यह नवादा है, राघोपुर नहीं, जहां एक दिन में करोड़ों रुपये बांटे जाते हैं। उन्होंने कहा कि नवादा के सैकड़ों परिवारों से उनका नाता है। उन्हें हर बात की जानकारी है। परिवार की छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है पूर्व मंत्री राजबल्लभ यादव की पत्नी और नवादा सदर से राजद विभा देवी ने कहा कि तेजस्वी और उनके कुछ करीबी नेताओं द्वारा उनके और उनके परिवार पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उनके सम्मानित परिवार की छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है। विभा देवी ने कहा कि वह राजनीति में अपना सम्मान बेचकर नहीं आई हैं। उन्होंने कभी घूस नहीं ली और न ही भ्रष्टाचार किया। विभा देवी ने आरोप लगाया कि जब सरकार बनाने-बिगाड़ने का खेल चल रहा था, तब तेजस्वी के साथ रहने वाले उनके कुछ करीबी नेताओं ने उनसे भारी धनराशि की मांग की थी। वह यह रकम नहीं दे सकीं। इसके बावजूद उन्होंने और विधायक प्रकाश वीर ने पार्टी नहीं छोड़ी। जबकि कई नेताओं ने उन्हें पाला बदलने का प्रलोभन दिया था। उन्होंने कहा कि यही उनकी गलती थी कि वह तेजस्वी को गलत काम के लिए पैसा नहीं दे सकीं।

सीएम नीतीश ने दिलाई पुराने दौर की याद, पूछा- लालू-राबड़ी शासनकाल में क्या हाल था?

गया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फिर से लालू-राबड़ी राज की याद दिला दी। गयाजी में पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के दौरान मंच पर उन्होंने लोगों से पूछा कि 2005 से पहले क्या हाल था?  बिहार का कितना बुरा हाल था? पहले कोई ठीक से कपड़ा तक नहीं पहन पाता था? कोई महिलाओं के लिए काम नहीं किया। मुस्लिमों के लिए भी कोई काम नहीं किया। लेकिन, हमलोगों की सरकार बनी तो सब लोगों के लिए काम किया। अब सब काम ठीक से हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज 13,000 करोड़ रुपए से अधिक की योजनाओं का उद्घाटन किया जा रहा है, जिससे बिहार को अत्यधिक लाभ मिलेगा। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी को हृदय से धन्यवाद देता हूं। यहां के कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री जी बेगूसराय के सिमरिया जाकर नवनिर्मित गंगा पुल का उद्घाटन करेंगे। मैं उनका अभिनंदन एवं नमन करता हूं। हम यह बताना चाहते हैं कि गया और बोधगया में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु एवं पर्यटक आते हैं। पहले यहां की स्थिति बहुत खराब थी। पूर्ववर्ती सरकारों ने इस दिशा में कोई विशेष कार्य नहीं किया। हमने एक-एक चीज़ को ध्यान में रखते हुए कार्य शुरू किया और अब यहां सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी गई हैं। गया में फल्गु नदी पर रबर डैम के माध्यम से ‘सीता सेतु’ का निर्माण कराया गया है। बोधगया में ‘महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र’ की स्थापना कराई गई है। हमने गया का नाम बदलकर 'गयाजी' कर दिया है। अब एक ओर बोधगया है और दूसरी ओर गयाजी। पहले की सरकारों ने कोई ठोस काम नहीं किया मुख्यमंत्री ने बिहार के संदर्भ में कुछ और बातें साझा करना चाहूंगा। 24 नवंबर 2005 को एनडीए सरकार के गठन से पहले की सरकारों ने कोई ठोस काम नहीं किया। लेकिन हमारी सरकार आने के बाद हमने पूरे बिहार में योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य शुरू किए। आज बिहार हर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली समेत हर क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। इन कार्यों के अतिरिक्त हाल ही में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। बिहार में वृद्धजन, दिव्यांगजन एवं विधवा महिलाओं को दी जाने वाली पेंशन राशि को 400 रुपए से बढ़ाकर 1,100 रुपए कर दिया गया है, जिससे 1.12 करोड़ लाभार्थियों को सीधा फायदा होगा। पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2018 में हमने ‘हर घर बिजली’ योजना के अंतर्गत राज्य के सभी घरों तक बिजली पहुंचा दी थी। बिजली आपूर्ति की दरें भी काफी रियायती रखी गईं। इस वर्ष हमने बिजली को पूर्णतः निःशुल्क करने का निर्णय लिया है। अब तक हमने 10 लाख सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं तथा 39 लाख लोगों को विभिन्न रूपों में रोजगार उपलब्ध कराया है। चुनाव से पूर्व यह संख्या 50 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य है। साथ ही, अगली सरकार बनने पर आगामी पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का संकल्प लिया गया है। हमने महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग के लिए काम किया है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि बिहार में नए उद्योगों की स्थापना हेतु राज्य सरकार विशेष प्रोत्साहन प्रदान करेगी। बिहार के समग्र विकास हेतु केंद्र सरकार का पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है। चुनाव के उपरांत बिहार को विशेष वार्षिक  सहायता प्राप्त होगी। फरवरी 2025 के बजट में मखाना बोर्ड, एयरपोर्ट और कोसी क्षेत्र के विकास हेतु विशेष राशि आवंटित की गई है। हमने महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग के लिए काम किया है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का पुनः अभिनंदन करता हूं।

देवघर में खौफनाक घटना: आवारा कुत्ते के हमले से मासूम घायल, मां बनी ढाल

देवघर देश भर में कुत्तों का आतंक कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है। देश के अलग-अलग राज्यों से आए दिन कुत्तों द्वारा इंसान पर हमला करने की खबरें आती रहती हैं। ताजा मामला झारखंड के देवघर से आया है जहां एक आवारा कुत्ते ने ढाई साल के मासूम बच्चे पर बुरी तरह से हमला कर दिया। मामला जिले के पालोजोरी थाना के महुआ डाबर गांव का है। बताया जा रहा है कि दोपहर को ढाई साल का शकीबुल हसन नामक मासूम बच्चा गली में खेल रहा था। इस दौरान आवारा कुत्ते ने उसे पकड़कर बुरी तरह से नोंच डाला। करीब 10 मिनट के बाद बेटे के शोर मचाने की आवाज सुनकर मां दौड़ी आई। मां ने पहले कुत्ते को डराकर भगाने का प्रयास किया, लेकिन कुत्ते ने बच्चे को नहीं छोड़ा। फिर पत्थर मारा तो कुत्तों ने बच्चे को छोड़ा और वहां से भाग गया। बच्चे की मां ने बताया कि कुत्ते ने बालक के चेहरे पर कई बार काटा। बेटा जितना शोर मचा रहा था, कुत्ता उतना ही उसे नोच रहा था। बच्चे के चाचा ने बताया कि इस समय पालोजोरी में आवारा कुत्तों का आतंक है। भतीजा को कई जगह पर काटा था, इसलिए डॉक्टर की सलाह पर दुमका लेकर आए। उन्होंने बताया कि पालोजोरी में तो आवारा कुत्तों की वजह से लोगों ने अपने बच्चों का घर से निकलना बंद कर दिया है। कुत्ते झुंड में बैठे रहते हैं और छोटे बच्चे को देखकर हमला कर देते हैं। गनीमत थी कि भतीजे पर एक की कुत्ता ने हमला किया, अगर कई सारे कुत्ते होते तो कुछ भी अनहोनी हो सकती थी।