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भोपाल सार्वजनिक शौचालय का उपयोग हुआ महंगा, अब वसूले जाएंगे 10 रुपये

भोपाल  शहर में संचालित होने वाले सशुल्क सार्वजनिक शौचालय का शुल्क महंगा हो गया है। अब यहां जाने पर नागरिकों को छह के बजाए 10 रुपये देने होंगे। इसकी मंजूरी  महापौर मालती राय की अध्यक्षता वाली मेयर इन काउंसिल ने दे दी है। बैठक में इसके अलावा बरकतउल्ला विश्वविद्यालय परिसर सहित नीलबड़, संजीव नगर, मालीखेड़ी और प्रेमपुरा पर 25 करोड़ आठ लाख रुपये की लागत से नए विसर्जन घाट विकसित किए जाएंगे। कलियासोत डैम से जुड़े नालों की टेपिंग होगी परम्परागत पुराने विसर्जन घाटों पर एनजीटी की रोक के बाद नगर निगम ने यह जगह चिन्हित की हैं । वहीं बड़ा तालाब और कलियासोत डैम से जुड़े नालों की टेपिंग होगी। आइएसबीटी स्थित महापौर कार्यालय में मेयर इन कौंसिल की बैठक आयोजित की गई। एमआइसी के सामने करीब 15 प्रस्ताव रखे गए। सभी प्रस्तावों पर मेंबरों ने चर्चा कर पास कर दिए। यह प्रोजेक्ट एक मई 2025 को पूरा करना था ज्यादातर एचएफए के अधूरे प्रोजेक्ट के प्रस्ताव लाए गए। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्राम समरधा में आवासीय सह व्यवसायिक काम्पलेक्स के बैलेंस वर्क को पूरा करने के लिए 14 करोड़ 11 लाख के टेंडर बुलाने की मंजूरी दी गई। जबकि कलखेड़ा प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मेसर्स एस्कान इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड को 31 दिसंबर तक का एक्सटेंशन दिया गया है। फर्म को यह प्रोजेक्ट एक मई 2025 को पूरा करना था। नॉन स्लम EWS के लिए 26 आवंटियों को मंजूरी वहीं भौंरी, कलखेड़ा, बागमुगालिया फेस-एक, हिनोतिया आलम और रासलाखेड़ी प्रोजेक्ट में नॉन स्लम EWS के लिए 26 आवंटियों को मंजूरी दी गई। आलम नगर प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मेसर्स सांई कंस्ट्रक्शन को 15 दिसंबर तक का एक्सटेंशन। यह प्रोजेक्ट 16 जून 2025 को पूरा होना था। इसी तरह रासलाखेड़ी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मेसर्स पैराडाइज को 31 दिसंबर तक का एक्सटेंशन। यह प्रोजेक्ट 14 अप्रैल 2025 को पूरा होना था। बड़ा तालाब और कलियासोत डेम का होगा उद्धार अमृत 2.0 में कलियासोत नदी के रिज्युवेशन कार्य के लिए 36.68 करोड़ के टेंडर बुलाने की मंजूरी दी गई । इसी तरह अमृत 2.0 में बड़ा तालाब के रिज्युवनेशन कार्य के लिए 14.91 करोड़ के टेंडर बुलाने की मंजूरी दी। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक कलियासोत डेम में गर्मी के मौसम में पानी खत्म हो जाता है। इसमें पानी स्टोर रहे, इसके लिए स्टाप डेम बनाए जाएंगे। वहीं स्पॉट डेम में शुद्ध पानी रहे, इसके लिए आसपास बाउंड्री बनेगी। इसी तरह बड़ा तालाब में मिल रहे नालों की टेपिंग होगी। नालों के गंदी पानी को एसटीपी की तरफ मोड़ा जाएगा। अमृत मित्र को मिला एक्सटेंशन अमृत 2.0 में अमृत मित्र बनाए गए हैं। इसमें दो स्व सहायता समूह काम करते हैं, जो घर-घर जाकर पानी सेम्पल लेकर टेस्टिंग लैब में देते हैं । इन्हें हर सैम्पल के हिसाब से भुगतान किया जाता है। अमृत मित्र का टेंडर 18 जून को खत्म हो गया है । इसलिए एमआइसी में एक साल एक्सटेंशन की फाइल रखी गई। हालांकि मेंबरों ने इसे तीने महीने करने को ही कहा है।  

करणी सेना–पुलिस झड़प: सीएम ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए, रिपोर्ट तलब

हरदा  हरदा में करणी सेना परिवार के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा राजपूत छात्रावास में घुसकर किए गए लाठीचार्ज पर सीएम ने संज्ञान लिया है।सीएम ने ट्वीट कर लिखा, हरदा छात्रावास प्रकरण का संज्ञान लेकर मैंने जिला प्रशासन से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। हमारी सरकार के लिए सामाजिक न्याय और परस्पर सद्भाव सर्वोच्चय प्राथमिकता है। मप्र में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। हरदा में विवाद की पूरी टाइम लाइन     विवाद की शुरुआत 11–12 जुलाई को हुई। करणी सेना परिवार के नेता आशीष सिंह राजपूत ने आरोप लगाया कि उनके साथ हीरा खरीदने के नाम पर ₹18 लाख की धोखाधड़ी हुई, जिसकी उन्होंने मोगली थाने में शिकायत दर्ज करवाई। आशीष राजपूत ने विकास लोधी, मोहित वर्मा, उमेश तपानिया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।     12–13 जुलाई को पुलिस ने आरोपी मोहित वर्मा को गिरफ्तार किया और उसे कोर्ट ले जाने का प्रयास किया। इस दौरान करीब 40–50 करणी सेना कार्यकर्ता कोर्ट परिसर और मुख्य मार्ग पर आकर अदालत के रास्ते पर आरोपी को सौंपने की मांग की इसको लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ।     पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बातचीत की कोशिश की, लेकिन जब प्रदर्शनकारी नहीं हटे तो आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठीचार्ज किया। इस दौरान 4–5 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, जिनमें जिला अध्यक्ष सुनील राजपूत, आशीष राजपूत भी शामिल थे।     3 जुलाई रविवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने खंडवा बायपास हाईवे और अन्य मार्गों को बंद कर दिया। जाम के कारण स्कूल, एम्बुलेंस प्रभावित हुए तो पुलिस ने तीन बार तक लाठीचार्ज किया, साथ में तीन बार वाटर कैनन, आंसू गैस फायरिंग की गई। पुलिस ने नियम तोड़ने के आरोप में सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। 60 से ज्यादा लोगों को जेल भेज दिया गया।     कोर्ट के बाहर और राजपूत छात्रावास में घुसकर क्षेत्र के साथ भी क्षेत्र को खाली कराने के लिए दोबारा बल प्रयोग किया गया।     14 जुलाई को 60 से ज्यादा गिरफ्तारियों की पुष्टि हुई। इसके बाद शांति बनाए रखने के लिए हरदा में प्रशासन ने Section 163 BNS (पूर्व 144) लागू कर दी गई।     पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह हरदा पहुंचे, उन छात्रों से मिले जिनके ऊपर लाठीचार्ज किया गया था। स्थानीय लोगों ने पुलिस पर बच्चों सहित महिलाओं को पीटने का आरोप लगाते हुए न्यायिक जांच की मांग की।     15 जुलाई को करणी सेना परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर को शर्तों के साथ रिहा किया गया। उन्होंने आंदोलन शांतिपूर्ण रखने और आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया     प्रशासन ने अधिकृत रिपोर्ट तैयार की और वीडियो फुटेज जारी कर यह दिखाने की कोशिश की कि पुलिस कार्रवाई समूह विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि स्थानीय कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई थी ।

अलीराजपुर में सुबह 6 बजे से हो रही लगातार बारिश से उर नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा

भोपाल  मध्यप्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी है। आज 18 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट है। अलीराजपुर में सुबह 6 बजे से हो रही लगातार बारिश से उर नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पुलिया से 3 फीट ऊपर पानी बह रहा है। पानी घरों में घुस गया है। बैतूल जिले के सारणी में सतपुड़ा बांध के 5 गेट 2 फीट तक खोले गए हैं। इन गेटों को आज सुबह 10:45 बजे खोलकर 8390 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। डिंडौरी और मंडला में भी तेज बारिश जारी है। यहां नर्मदा नदी में पानी बढ़ रहा है। कई जगहों पर पुल डूब गए हैं। मंडला के सुभाष वार्ड में पानी निकासी नहीं होने के चलते सड़क पर तीन फीट के ऊपर पानी भर गया है। डिंडौरी में नर्मदा घाटों पर बने मंदिर डूब गए हैं। मंगलवार को 25 से ज्यादा जिलों में हुई बारिश मंगलवार को ग्वालियर, भोपाल, इंदौर समेत 25 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। सबसे ज्यादा ग्वालियर में 2.3 इंच पानी गिर गया। खरगोन में डेढ़ इंच, सीधी में 1 इंच और उमरिया में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। शाजापुर और रायसेन में भी तेज बारिश का दौर चला। भोपाल, दतिया, इंदौर, नर्मदापुरम, श्योपुर, शिवपुरी, मंडला, सागर, सिवनी, बालाघाट, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, आगर-मालवा, देवास समेत कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। हालांकि, बीते 24 घंटे में बारिश या वर्षाजनित हादसों में किसी मौत की खबर नहीं है। इस मानसूनी सीजन में मध्यप्रदेश में औसत 18.2 इंच बारिश हो गई है, जो कोटे से आधी है। अब तक की औसत बारिश से यह 72% यानी 5.6 इंच ज्यादा है। अब तक 10.6 इंच पानी गिरता है। निवाड़ी ऐसा जिला है, जहां एक महीने में ही बारिश का आंकड़ा 103% यानी 31.46 इंच पहुंच गया है। इस जिले की सामान्य बारिश साढ़े 30 इंच है। इंदौर और उज्जैन संभाग के जिले पिछड़े हुए हैं। 5 बड़े शहरों में भोपाल में 14.5 इंच, इंदौर में 7 इंच, ग्वालियर में 18.5 इंच, जबलपुर में 21.6 इंच और उज्जैन में 8 इंच पानी गिरा है। वहीं, टीकमगढ़ में 91% (33 इंच), छतरपुर में 75% (28 इंच), शिवपुरी में 82% (25.3 इंच) और मंडला में 75% (35 इंच) बारिश हो चुकी है।

1971 वॉर में शहीदों का बांग्लादेश ने 54 साल बाद अब किया सम्मान, जवान के घर भिंड पहुंचा स्मृति चिन्ह , पत्नी हुई भावुक

भिंड  चंबल को वीरों की भूमि कहा जाता है. इस क्षेत्र के अनेकों वीर सपूतों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए. ऐसे ही भिंड के 12 वीर सपूतों ने 1971 के भारत-पाकिस्तान जंग में लड़ते हुए शहीद हो गए थे. पाकिस्तान का पूर्वी हिस्सा जो कि वर्तमान में बांग्लादेश है वह भी अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहा था. बांग्लादेश को आजाद कराने में भारत ने अहम भूमिका निभाई थी. सन् 1971 के युद्ध के करीब 54 साल बाद बांग्लादेश की सरकार ने शहीद भारतीय जवानों को सम्मानित किया है. 54 साल बाद शहीद जवान को मिला सम्मान 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान जंग में भिंड के 12 वीर सपूत शहीद हुए थे, इसमें से एक शहीद राम लखन गोयल भी थे. दो दिन पहले अचानक भिंड शहर के सैनिक कॉलोनी में आर्मी की एक गाड़ी पहुंची. गाड़ी में मौजूद आर्मी के जवानों ने आवाज लगाई तो घर से एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला लीला देवी गोयल बाहर निकली. लीला देवी अचानक घर के सामने आर्मी के जवानों के देख अचंभित रह गई. एक जवान ने उनसे पूछा कि क्या वे शहीद राम लखन गोयल की पत्नी हैं? लीला देवी ने कहा कि हां, मैं शहीद राम लखन गोयल की पत्नी हूं. वहां खड़े सेना के दो जवानों ने उनके पैर छुए और बताया कि वह उनके शहीद पति का सामान लेकर आया है. बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने किया सम्मानित सेना के जवानों ने गाड़ी से एक बॉक्स निकाला. जिसमें बांग्लादेश की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर, एक शील्ड और एक हफ्ता सहित एक पत्र था. वह लेटर बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना और तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद अब्दुल हमीद की ओर से भेजा गया था. प्रमाण पत्र में लिखा हुआ था कि बांग्लादेश सरकार 1971 के भारतीय शहीद जवान का सम्मान कर रही है. यह सम्मान पत्र करीब 7 साल पहले जारी किया गया था. शहीद राम लखन गोयल की पत्नी लीला देवी ने ईटीवी भारत से बातचीत में कहा, "यह सम्मान तो अच्छा है, लेकिन बहुत देर कर दी. मेरे पति देश के लिए शहीद हो गए. उसके बाद से मैं अकेली रह रही हूं. मेरी शादी के कुछ ही दिन बाद वह शहीद हो गए थे. तार के माध्यम से पता चला था कि वह शहीद हो गए हैं. मेरा कोई बच्चा भी नहीं है. मैंने परिवार का भतीजा गोद लिया है."

जबलपुर- हिंदू लड़कियों के धर्मांतरण की कोशिश, ट्रेनर अमन खान का कर था ब्रेनवॉश

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर में जिम में ट्रेनिंग देने के नाम पर धर्म परिवर्तन करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जी हां जिम की एक महिला सहकर्मी ने अधारताल थाने में आकर शिकायत की है कि जिम का ट्रेनर अमन खान न केवल उसके साथ गाली गलौज करता है, बल्कि बेड टच भी करता है। पीड़िता ने बताया कि अमन खान लंबे समय से उसे इस्लाम के फायदे बात कर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बना रहा था।   बात नहीं मानने पर करता था बैड टच  पीड़िता ने बताया कि जब उसने अमन खान की बात नहीं सुनी तो वह उसके साथ गाली गलौज और बेड टच करने की कोशिश करता है। पीड़िता के साथ घट रही घटना की जानकारी जैसे ही टाइगर फोर्स को लगी तो देर रात टाइगर फोर्स के लोग पीड़िता को लेकर अधारताल थाने पहुंचे। पीड़िता और टाइगर फोर्स के लोगों ने थाने में बताया कि अमन खान जिम में आने वाली लड़कियों को अपना नाम पहले तो अमन राज बताता था, फिर उनको धीरे-धीरे बातों में लेकर इस्लाम के फायदे बताकर मुस्लिम धर्म अपनाने की बात कहता था। जब लड़कियां उसकी बात नहीं सुनती तो फिर उनके साथ अभद्र व्यवहार और बेड टच जैसी हरकत करता था।  टाइगर फ़ोर्स ने सख्त कार्रवाई की मांग की  टाइगर फोर्स ने मांग की है कि अमन खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए जिम के संचालक के ऊपर भी कार्रवाई की जाए। टाइगर फोर्स का कहना है कि जिम में इतने लंबे समय से सारी चीज चल रही है और जिम संचालक को पता ना हो, ऐसा मुमकिन नहीं है। वहीं पुलिस ने पीड़िता और टाइगर फोर्स की शिकायत के आधार पर मामला कायम कर अमन खान को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धेय ब्रह्मानंद यादव के निधन पर शोक व्यक्त किया

सदैव कार्य निष्ठा की शिक्षा और प्रेरणा मिली श्रद्धेय ब्रह्मानंद यादव जी से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ब्रह्मानंद जी ने जीवन का हर क्षण मां भारती को न्यौछावर किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धेय ब्रह्मानंद यादव के निधन पर शोक व्यक्त किया भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के लिए संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले उनके पूज्य ससुर श्रद्धेय ब्रह्मानंद यादव जी से सदैव 'कार्य निष्ठा' की शिक्षा और प्रेरणा मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके देवलोकगमन पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि गहन शोक की इस घड़ी में यही शिक्षा व प्रेरणा मुझे संबल प्रदान करती है कि मैं विदेश यात्रा पर मध्यप्रदेश के विकास के संकल्प को पूरा कर पाऊं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रद्धेय ब्रह्मानंद यादव जी एक शिक्षक थे और उन्होंने जीवन का हर क्षण मां भारती की सेवा के लिए न्यौछावर कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की एवं शोकाकुल परिजन के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा की शांति एवं मोक्ष के लिए प्रार्थना की है।  

राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव गुप्ता ने किया स्वागत

भोपाल मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मनोनीत मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा का बुधवार दोपहर को राजभवन आगमन हुआ। न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा का राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर राजभवन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मनोनीत न्यायमूर्ति सचदेवा का स्वागत किया। विदित हो कि राज्यपाल मंगुभाई पटेल 17 जुलाई 2025 को प्रात: 10 बजे राजभवन के सांदीपनि सभागार में न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति पद की शपथ दिलाएंगे।  

विदिशा में GRP की बड़ी कार्रवाई, रेलवे स्टेशन से किया 20 बच्चों का रेस्क्यू , 6 तस्कर गिरफ्तार

विदिशा   मध्य प्रदेश के विदिशा रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरपीएफ और सोशल वेलफेयर सोसाइटी की संयुक्त कार्रवाई में 20 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया है। यह बच्चे बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले हैं, और इन्हें मुंबई होते हुए सूरत ले जाया जा रहा था, जहां इनसे साड़ी फैक्ट्रियों में काम करवाया जाना था। ऐसे हुआ बच्चों का रेस्क्यू  विदिशा सोशल वेलफेयर सोसाइटी की दीपा शर्मा ने बताया कि जानकारी मिली थी कि बड़ी संख्या में बच्चों को ले जाया जा रहा है । जानकारी के आधार पर ये कार्रवाई की गई। हमारी टीम ने आरपीएफ के साथ मिलकर रात भर स्टेशन पर निगरानी की, और सुबह करीब 5 बजे ट्रेन के पहुंचते ही कार्रवाई को अंजाम दिया गया। रेस्क्यू के दौरान कुछ तस्कर मौके से फरार हो गए, जबकि 6 आरोपी को पकड़ लिया गया है। ट्रेन का स्टॉपेज दो मिनिट का था , चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका गया और 34 लोगों को उतारा गया, जिनमें से 20 बच्चे नाबालिक निकले । जानकारी ये भी है कि कुछ बच्चे ट्रेन से आगे निकल चुके हैं, जिन्‍हें उज्जैन स्टेशन पर रेस्क्यू किया जाएगा। पकड़े गए लोगों से हो रही पूछताछ  रेस्क्यू किए गए बच्चों को अब बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा और फिर बाल संप्रेषण गृह में अस्थाई रूप से रखा जाएगा। फिलहाल जीआरपी थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह और उनकी टीम, बच्चों को ले जाने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।  जानकारी के अनुसार ये सभी बच्चे बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले हैं और इन्हें ट्रेन के ज़रिए मुंबई होते हुए गुजरात के सूरत शहर ले जाया जा रहा था। वहां इनसे साड़ी फैक्ट्रियों में जबरन मजदूरी करवाई जानी थी। विदिशा सोशल वेलफेयर सोसाइटी की प्रमुख दीपा शर्मा ने बताया कि संस्था को इन बच्चों की तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर आरपीएफ के साथ मिलकर रात भर स्टेशन पर निगरानी की गई। सुबह करीब 5 बजे जैसे ही संदिग्ध ट्रेन स्टेशन पर पहुंची टीम ने तत्काल कार्रवाई कर ट्रेन को चेन पुलिंग के ज़रिए रोका।  कार्रवाई के दौरान कुल 34 लोगों को ट्रेन से उतारा गया जिनमें से 20 बच्चे नाबालिग पाए गए। मौके पर हड़कंप मच गया, कुछ तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले लेकिन 6 तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दीपा शर्मा ने आगे बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कुछ बच्चे ट्रेन से आगे निकल चुके हैं जिन्हें उज्जैन स्टेशन पर रेस्क्यू करने की तैयारी की जा रही है। रेस्क्यू किए गए बच्चों को अब बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा और उसके बाद अस्थाई रूप से बाल संप्रेषण गृह में रखा जाएगा। फिलहाल जीआरपी थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह और उनकी टीम पकड़े गए तस्करों से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि वे पूरे तस्करी नेटवर्क का खुलासा करने के लिए हर पहलू की गहन जांच कर रही है। मानव तस्करी क्या है ("मानव तस्करी" का अर्थ)? मानव तस्करी एक संगठित अपराध है जिसमें लोगों को धोखे से, जबरदस्ती या लालच देकर उनका शोषण करने के लिए कहीं और ले जाया जाता है, जैसे कि जबरन मजदूरी या यौन शोषण के लिए। "मानव तस्करी" से कैसे बचा जा सकता है? लोगों को जागरूक बनाकर, बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखकर, और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस या सामाजिक संस्थाओं को देकर मानव तस्करी से बचा जा सकता है। "मानव तस्करी" की सूचना कहां दी जा सकती है? आप 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 100 (पुलिस) या किसी भी नजदीकी थाने या सामाजिक संस्था को "मानव तस्करी" की जानकारी दे सकते हैं। क्या बच्चों को काम पर लगाना "मानव तस्करी" में आता है? अगर किसी नाबालिग को जबरन या धोखे से मजदूरी करवाई जा रही है, तो वह मानव तस्करी और बाल शोषण दोनों की श्रेणी में आता है। क्या "मानव तस्करी" के लिए सज़ा का प्रावधान है? हाँ, भारत में "मानव तस्करी" एक गंभीर अपराध है। दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास तक की सज़ा और जुर्माने का प्रावधान है।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दी ब्रह्मानंद यादव को श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ससुर ब्रह्मानंद यादव के निधन पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने श्रद्धांजलि अर्पित की एवं शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी संवेदनाएँ प्रकट कीं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वर्गीय यादव ने अपना जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अनुषांगिक संगठनों के कार्य में समर्पित करते हुए राष्ट्र सेवा में योगदान दिया। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।  

निवेशकों को मध्यप्रदेश की सरल निवेश नीति से करवायेंगे अवगत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेन पहुँचे, बोले दुबई जैसे ही स्पेन का दौरा भी होगा सफल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों को मध्यप्रदेश की सरल निवेश नीति से करवायेंगे अवगत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल        मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार की रात स्पेन के मैड्रिड पहुँचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सीधे सरल व्यक्तित्व से सभी अभिभूत हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई से विमान द्वारा मैड्रिड पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश को उद्योग संपन्न राज्य बनाने के लिए उनका यह प्रवास दुबई के जैसे ही सफल होगा।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में मध्यप्रदेश सहित भारत के सभी राज्य एक छत के नीचे निवेश और उद्योग से रोजगार सम्पन्न बनाने के लिए निवेशकों को आमंत्रित कर रहे है।        मुख्यमंत्री डॉ यादव मध्यप्रदेश में वैश्विक निवेश और रोजगार के नये अवसरों को सृजित करने के लिये वहाँ के उद्योगपतियों को निवेश के लिये सरकार की सरल एवं उपयोगी नीतियों से अवगत करवायेंगे। इससे प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। रोजगार सृजन के साथ तकनीकी उन्नयन और संस्कृति से अवगत होकर निवेशकों के माध्यम से मध्यप्रदेश को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा। औद्योगिक विकास और आर्थिक रूप से समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने में उनकी यह यात्रा कारगर साबित होगी।         मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों को पर्यटन, आईटी एवं अधोसंरचना क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के लिये आकर्षित करेंगे।