samacharsecretary.com

अब दस्तावेज़ बनवाना पड़ेगा भारी, मध्य प्रदेश में स्टांप ड्यूटी में जबरदस्त इजाफा, किराए और प्रॉपर्टी एग्रीमेंट हुए महंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब एग्रीमेंट कराना या एफिडेविट खरीदना अब काफी महंगा होने जा रहा है। मध्य प्रदेश विधानसभा ने बुधवार को भारतीय स्टांप (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक, 2025 पास कर दिया, जिसमें सभी न्यायिक और गैर-न्यायिक उद्देश्यों के लिए स्टांप ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। इस बदलाव के बाद संपत्ति को लीज पर देने का समझौता या हथियार लाइसेंस और अन्य सेवाओं के नवीनीकरण के लिए नोटरी से एफिडेविट लेना महंगा होने जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि एक तरफ तो कहा जाता है कि हम टैक्स नहीं बढ़ा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ शुल्क में ऐसी बढ़ोत्तरी की जा रही है। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने संशोधन का बचाव करते हुए बताया कि स्टांप शुल्क में बढ़ोत्तरी सोच-समझकर ही की गई है। हालांकि शुल्क वृद्धि के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने सदन में जमकर नारेबाजी की और वॉकआउट कर दिया। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। एमपी में रेंट-प्रॉपर्टी एग्रीमेंट महंगा हो गया है। बुधवार को विधानसभा में 8 विधेयक चर्चा के बाद पारित किए गए। सदन में पेश किए गए भारतीय स्टांप मध्यप्रदेश संशोधन विधेयक का कांग्रेस ने जोरदार विरोध किया। विपक्षी विधायकों ने स्टांप शुल्क बढ़ाने को अनुचित बताते हुए सदन में नारेबाजी की और बाद में वॉकआउट किया। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि स्टांप ड्यूटी बढ़ाने से आम लोगों पर बोझ बढ़ेगा। स्टांप संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूछा कि जो लोग स्टांप ड्यूटी भरते हैं क्या उनसे अभिमत लिया। विधायक बाला बच्चन ने कहा कि इस विधेयक से आम लोगों की जेब खाली हो जाएगी। प्रदेश के वित्त मंत्री व उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने संशोधन के बारे में कहा कि शुल्क बहुत सोच-समझकर बढ़ाया गया है। एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए एफिडेविट पूरी तरह मुफ्त रखा गया है। बिल पास होने से राज्य को लोगों से सालाना 212 करोड़ रुपये अतिरिक्त जुटाने में मदद मिलने की संभावना है। विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने बिल की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इससे आम आदमी पर बोझ बढ़ेगा। नए बिल से एफिडेविट, प्रॉपर्टी एग्रीमेंट, डेवलपमेंट, कंसट्रक्शन या बॉन्ड एग्रीमेंट, कंसेंट डीड, रजिस्टर्ड डॉक्यूमेंट में सुधार, रिवॉल्वर और पिस्तौल के लाइसेंस का रिन्युअल, पार्टनरशिप डीड, पावर ऑफ अटॉर्नी और ट्रस्ट की संपत्ति के लिए दरों में 100% से 400% की वृद्धि की गई है। कितना पड़ेगा असर न्यूज18एमपी के मुताबिक, मध्य प्रदेश विधानसभा में स्टांप संशोधन बिल पास हो गया है। राज्य में अब एग्रीमेंट 5 गुना तक महंगा हो गया है, जिसके बाद एफिडेविट 50 के बजाय 200 रुपये में बनेगा। रेंट एग्रीमेंट के लिए 500 की जगह 1000 रुपये लगेंगे, प्रॉपर्टी एग्रीमेंट 1000 से 5000 रुपये हो गया है। कांग्रेस की सरकार से बिल वापस लेने की मांग विधानसभा में बिल पर बहस के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच भारी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष ने सरकार से इस बिल को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इससे आम आदमी पर असर पड़ेगा। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार राज्य के विकास की आवश्यकता का हवाला देते हुए बार-बार कर्ज ले रही है, जबकि दूसरी ओर आम आदमी पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल रही है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि स्टांप ड्यूटी को तर्कसंगत बनाने के लिए करीब 11 साल के बाद ये संशोधन प्रस्तावित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस संशोधन का असर केवल लगभग 10% दस्तावेजों की कीमतों पर पड़ेगा। बाकी के लिए स्टांप ड्यूटी अपरिवर्तित रहेगी। 

बुरहानपुर में युवती की हत्या पर बागेश्वर महाराज की प्रतिक्रिया, ‘बुर्का पहनने’ को लेकर दिया विवादास्पद बयान

छतरपुर  मालेगांव ब्लास्ट केस में NIA की स्पेशल कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया. साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत सात आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया. इसके बाद साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि उन्हें और भगवा को बदनाम करने की बड़ी साजिश रची गई थी. इसी पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बागेश्वर धाम सरकार के बागेश्वर महाराज ने कहा कि जब यह घटना घटी थी, तभी बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से भगवा आतंकवाद की कहानी तैयार कर दी गई थी. उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे से भगवा को आतंकवाद से जोड़ने की कोशिश की गई, जबकि भगवा सनातन धर्म का प्रतीक है, जो सबको अपनाने वाला, दया और करुणा से भरा हुआ होता है. योजनाबद्ध तरीके से भगवा आतंकवाद की कहानी तैयार की गई बागेश्वर महाराज ने कहा कि अब यह पूरी तरह से सिद्ध हो गया है कि भगवा आतंकवाद नाम की कोई चीज नहीं होती, न हो सकती है. अब इस झूठी कहानी पर विराम लग गया है. बुरहानपुर में एक हिंदू बेटी की हत्या पर भी बागेश्वर महाराज ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि देश में थूक जिहाद, लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसी साजिशें चल रही हैं. कुछ कुंठित मानसिकता के लोग हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनके मकसद पूरे न होने पर उनकी हत्या कर देते हैं. देश में थूक जिहाद और लव जिहाद जैसी साजिशें चल रही हैं हिंदू बेटियों से उन्होंने अपील की  दुर्गा बनो, काली बनो, लेकिन कभी बुर्के वाली मत बनो. उन्होंने कहा कि हम दिन-रात प्रयास कर रहे हैं कि हिंदू जागे. जात-पात मिटाकर एक हों, तभी आने वाली पीढ़ी को बचाया जा सकता है.

शहडोल में 24 लीटर ऑयल पेंट पर 3.38 लाख खर्च, बदनावर विधायक ने घोटाले का आरोप लगाया

शहडोल /भोपाल  मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल उठे जब शहडोल जिले के दो स्कूलों में महज 24 लीटर ऑयल पेंट पर 3.38 लाख रुपये खर्च किए जाने का मामला उठा। यह मुद्दा धार जिले के बदनावर विधायक भंवर सिंह शेखावत ने जोरशोर से सदन में उठाया और सरकार से सवाल किया कि आखिर ऐसे गड़बड़ी पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है। विधायक ने सदन में उठाए सवाल विधायक के अनुसार, शहडोल जिले के ब्यौहारी विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निपनिया और संकदी में रंगाई-पुताई के लिए किए गए बिलों में भारी गड़बड़ी सामने आई है। सिर्फ 24 लीटर ऑयल पेंट में 1.69 लाख और 2.31 लाख रुपये खर्च होना दर्शाता है कि काम से ज्यादा बिलिंग हुई है। इस पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि रंगाई-पुताई के साथ-साथ अन्य मरम्मत कार्य भी किए गए थे। स्कूलों में नवीन दरवाजे लगाना, खिड़कियों की मरम्मत, छत सुधार और भवन की रंगाई जैसे काम सुधाकर कंस्ट्रक्शन, ब्यौहारी के माध्यम से कराए गए। इन कार्यों के एवज में क्रमश: 1.69 लाख और 2.31 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि मामले की संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण शहडोल संभाग द्वारा जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि कोई गड़बड़ी मिलती है तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। मरम्मत कार्यों पर 19 करोड़ खर्च कर रही सरकार शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने स्कूलों की मरम्मत के लिए विशेष बजट भी स्वीकृत किया है। जिन जिलों में 140 से अधिक छात्र संख्या वाले हाईस्कूल/हायर सेकंडरी स्कूल हैं, वहां 50 लाख रुपये प्रति जिला, और जहां छात्र संख्या 140 से कम है, वहां 25 लाख रुपये प्रति जिला के हिसाब से कुल 19 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।  

इंदौर में बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं मिलेगा, हाईकोर्ट ने भी लगाई मुहर, नहीं होगा बदलाव

इंदौर  नो हेलमेट, नो पेट्रोल का नियम इंदौर में लागू रहेगा। हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। साथ ही इस नियम को लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है। कलेक्टर के आदेश के बाद इंदौर में लागू इस नियम के खिलाफ हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई थी। इंदौर के बाद भोपाल और जबलपुर में भी नियम लागू हो गया है कि बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं मिलेगा। हाईकोर्ट ने नियम को सही ठहराया वहीं, हाईकोर्ट ने इस नियम को सही ठहराया है। इंदौर बेंच ने कहा कि यह नियम लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि यह नियम सही है। याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि यह नियम सही नहीं है। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है। एक अगस्त से इंदौर में नियम लागू इंदौर में यह नियम एक अगस्त से लागू किया है। कलेक्टर आशीष सिंह के बाद यह आदेश लागू किया है। हाईकोर्ट में आदेश के बाद दो जनहित याचिकाएं लगाई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि इस नियम से लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर के बीच में हेलमेट की जरूरत नहीं है क्योंकि वहां ट्रैफिक धीमा रहता है। सारे तर्क को खारिज कर दिया वहीं, याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में कई तर्क दिए हैं। उनलोगों ने कहा कि बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं देना सही नहीं है। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट में भी ऐसा कोई नियम नहीं है। शहर में ट्रैफिक बहुत ज्यादा है। गाड़ियां धीरे चलती हैं। शहर में कई बाइक पर पांच-पाच लोग सवार रहते हैं। पुलिस को उनका चालान काटना चाहिए। पुलिस भी हेलमेट नहीं लगाती है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सरकारी विभागों में हेलमेट का नियम शुरू हो गया है। यह तो अस्थायी ऑर्डर है। हाईकोर्ट भी अपने कर्मचारियों के लिए ऐसा नियम लागू करेगा। कोर्ट में भी बिना हेलमेट की एंट्री नहीं होगी।

कुबेरेश्वर धाम हादसे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के विधायकों ने मांगा जवाब, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

सीहोर मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ में हुई श्रद्धालुओं की मौत पर मानव अधिकारी आयोग के बाद बीजेपी और कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी सरकार में पूर्व मंत्री रही कुसुम महदेले ने कथावाचक प्रदीप मिश्रा पर हमला बोला है। उन्होंने मामले को लेकर सोशल मीडिया एक्स (X) पर पोस्ट किया है।  सीहोर में तीन दिनों में पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम आए 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मंगलवार को कथित तौर पर भगदड़ के कारण दो महिलाओं की जान चली गई, बुधवार को तीन श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई और आज गुरुवार सुबह एक युवक का शव जिला अस्पताल पहुंचाया गया। सूत्रों के मुताबिक, मृतक की पहचान उपेंद्र गुप्ता (22 वर्ष) के रूप में हुई है। मृतक गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) का बताया जा रहा है। इस घटना के बाद सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस दोनों के विधायक सवाल उठा रहे हैं और जांच की मांग कर रहे हैं। एक ओर जहां सरकार ने इस घटनाक्रम पर न्यायिक जांच कराने का आश्वासन दिया है। वहीं पूर्व मंत्री कुसुम महदेले ने पंडित प्रदीप मिश्रा पर कड़ी टिप्पणी की है। इसके साथ ही मानवाधिकार आयोग ने इसको लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है। जानें कुबेरेश्वर धाम का क्या है पूरा मामला…     बुधवार (6 अगस्त) को पंडित प्रदीप मिश्रा के जरिए सीहोर की सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक 11 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा निकाली गई। इसमें दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के शामिल होने का दावा किया गया।     मंगलवार को कथित तौर पर भगदड़ के कारण दो महिलाओं की जान चली गई, बुधवार को अलग-अलग कारणों से अलग-अलग जगहों पर तीन श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई और आज गुरुवार सुबह एक युवक का शव जिला अस्पताल पहुंचाया गया। खबर है कि श्रद्धालु की हार्ट अटैक से मौत हुई है। पूर्व मंत्री कुसुम महदेले की प्रतिक्रिया पूर्व मंत्री कुसुम महदेले ने पंडित प्रदीप मिश्रा को रुद्राक्ष वितरण बंद करने की सलाह दी है। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि इस तरह के आयोजनों से सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर खतरे उत्पन्न होते हैं और इनसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। महदेले ने मांग की है कि सरकार को इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए और धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा के उपाय बढ़ाने चाहिए। कुबेरेश्वर धाम की घटना पर उठ रहे सवाल भाजपा और कांग्रेस दोनों के नेताओं ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। भाजपा विधायक कंचन तनवे ने पंडित प्रदीप मिश्रा से रुद्राक्ष वितरण बंद करने की अपील की। कांग्रेस विधायक राजेन्द्र कुमार सिंह ने भी महदेले के विचार का समर्थन किया और कहा कि धर्म में आडंबर की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्मगुरुओं का उद्देश्य लोगों को अच्छा इंसान बनाना होना चाहिए, न कि इस तरह के हंगामों को बढ़ावा देना। पंडित प्रदीप मिश्रा पर हो कार्रवाई पूर्व मंत्री कुसुम महदेले ने ट्वीट कर पंडित प्रदीप मिश्रा को रुद्राक्ष वितरण बंद करने की नसीहत दी है। उन्होंने लिखा- कुबरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण बंद होना चाहिए। सरकार को पंडित प्रदीप मिश्रा पर कार्रवाई करना चाहिए। लोगों को धर्म के प्रति उन्मादी ना बनाएं। उन्होंने सवाल उठाया है कि तुम्हारे रुद्राक्ष बांटने से पुण्य मिल रहा है या हत्याएं हो रही है? कांग्रेस ने स्थानीय प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार सीहोर में कुबरेश्वर धाम पर हुई अव्यवस्था और मौतों पर कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने भी बड़ा बयान दिया है। कहा- बड़ा आयोजन होता है सरकार जिम्मेदारी की रहती है। कुबेरेश्वर धाम को लेकर व्यवस्था सरकार को करना चाहिए थी। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए प्लान तैयार होना था। हादसे का जिम्मेदार स्थानीय प्रशासन है। सरकार को इस घटना पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और हादसे ना हो इसको लेकर कदम भी उठाना चाहिए। मंगलवार को भगदड़ में दो श्रद्धालुओं की हुई मौत मंगलवार को कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण के दौरान मची भगदड़ में दो महिलाओं की मौत हुई थी। उनकी पहचान बुधवार को हुई है। मृतकों के नाम..     जसवंती बेन (उम्र 56 वर्ष) पति चंदू भा, निवासी, ओम नगर राजकोट गुजरात     संगीता गुप्ता (उम्र 48 वर्ष) पति मनोज गुप्ता, निवासी फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश बुधवार को इन श्रद्धालुओं की हुई मौत     चतुर सिंह (उम्र 50 वर्ष) पिता भूरा पांचवल, निवासी गुजरात – बताया जा रहा है कि चतुर सिंह की दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल के पीछे स्थित आनंद होटल के पास अचानक तबीयत बिगड़ गई। वे खड़े-खड़े गिर गए। जिससे उनकी मौत हो गई।     ईश्वर सिंह (उम्र 65 वर्ष) पिता मवासीराम यादव, निवासी, रोहतक हरियाणा – बताया जा रहा है कि ईश्वर सिंह की शाम करीब 4 बजे कुबेरेश्वर धाम में तबीयत बिगड़ गई। वे अचानक चक्कर आने से गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई।     दिलीप सिंह (उम्र 57 वर्ष) निवासी रायपुर छत्तीसगढ़ – दिलीप सिंह को बुधवार शाम करीब सवा 7 बजे कुबरेश्वर धाम से जिला अस्पताल लाया गया। बताया जा रहा है कि उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। गुरुवार को एक श्रद्धालु की गई जान गुरुवार सुबह एक डेड बॉडी जिला अस्पताल लाई गई। सूत्रों के मुताबिक, मृतक का नाम उपेंद्र गुप्ता (22) पिता प्रेम गुप्ता वर्ष निवासी बड़ा टोला, जिला गोरखपुर, उत्तर प्रदेश है। उपेंद्र को अचानक स्वास्थ्य खराब हो जाने के कारण जिला अस्पताल लाया गया था। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हार्ट अटैक के कारण मौत होना बताया गया। ये श्रद्धालु हुए घायल     सुनीता, निवासी हरियाणा – सुनीता नाम की एक महिला कावड़ ले जाते समय भोपाल-इंदौर हाईवे पर गिरने से घायल हो गई।     पूजा सैनी, निवासी मथुरा – कुबेरेश्वर धाम में मथुरा से आई पूजा सैनी नाम की महिला भी गिरने से जख्मी हो गई।     मनीषा, निवासी नागपुर – नागपुर की मनीषा भी अचानक धाम में पास बेहोश हो गई। इन्हें अस्पताल लाया गया है। कुबेरेश्वर धाम की घटना को शॉर्ट में समझें     पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम में 11 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। वहीं कुबेरेश्वर धाम आए 6 श्रद्धालुओं की अलग-अलग कारणों से अलग-अलग जगहों पर मौत हो गई।     कुसुम महदेले ने पंडित प्रदीप … Read more

हाइवे पर अवैध कट पर सुप्रीम कोर्ट की नजर, NHAI ने शुरू किया सुधार अभियान

भोपाल  भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग (NHAI) पर रोजाना भीषण हादसे हो रहे हैं। भारत सरकार भी समय-समय पर एडवाइजरी जारी कर रहा है। लेकिन, हाईवे के किनारे बने ढाबा और पेट्रोल पंप हादसों को न्योता दे रहे हैं।जिसके चलते ना सिर्फ हाईवे के बीच में वाहन खड़े हो रहे हैं बल्कि दुर्घटना भी तेजी से बढ़ी है। एनएच 30 के स्लीमनाबाद से जबलपुर होते हुए धूमा (सिवनी) तक अवैध तरीके से 60 से अधिक स्टापेज बनाए गए हैं। जिसके लिए ढाबा और पेट्रोल पंप संचालकों ने दोनों सड़कों के बीच में मिट्टी से भरकर बराबर कर दिया है। ऐसे में अब राइट से लेफ्ट और लेफ्ट से राइट जाने वाले वाहन कहीं से भी टर्न हो जाते हैं, नतीजन बड़ी दुर्घटना हो जाती है। सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी के चेयरमैन बीते एक माह से मध्यप्रदेश के दौरे पर हैं। उन्होंने देखा कि इंदौर, भोपाल, नरसिंहपुर में हाइवे पर अवैध डिवाइडर कट बनाए गए हैं। फायदे के लिए हाईवे पर कर लिया कब्जा कटनी जिले के स्लीमनाबाद से लेकर जबलपुर होते हुए नागपुर रोड में धूमा के बीच में एनएचएआई ने जांच की। इस दौरान 60 से अधिक स्थानों में हाईवे के बीच में अवैध रास्ता और स्टापेज बने मिले। एनएचएआई की तरफ से नोटिस भी दिए गए, लेकिन स्थिति जस की तस है। अब जबकि सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी कमेटी ने इस और ध्यान देते हुए राज्य सरकार और एनएचएआई को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बीते एक सप्ताह के दौरान 50 से अधिक ऐसे स्थानों को जेसीबी मशीन की मदद से ध्वस्त किया गया है। शिवहरे ढाबे की सबसे खराब स्थिति जबलपुर-धूमा के पास में शिवहरे ढाबा और पेट्रोल पंप है। दोनों के मालिक एक ही है। इन्होंने अपने फायदे और अधिक से अधिक ग्राहकों को रोकने के लिए हाईवे के बीच में मिट्टी डालकर प्लेन कर दिया। ऐसे में नागपुर से जबलपुर और जबलपुर से नागपुर जाने वाली अधिकतर गाड़ी इसी ढाबे या फिर पेट्रोल पंप पर रुकती है। एनएचएआई ने कई बार नोटिस जारी किया है। पुलिस से शिकायत भी की, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। बुधवार को एनएचएआई के अधिकारियों ने हाइवे के बीच में बिछाई गई मिट्टी को जेसीबी से अलग किया है। हिदायत दी है कि अगर फिर से ऐसा कृत्य किया जाता है, तो कानूनी कार्रवाई करते हुए FIR कराई जाएगी। एनएचएआई का शुरू हुआ अभियान सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी के चेयरमैन जस्टिस अभय मनोहर सप्रे सड़कों पर हो रहे हादसे को जानने के लिए लगातार अलग-अलग रोड में घूम-घूमकर देख रहे हैं। हाल ही में जस्टिस अभय मनोहर जब इंदौर, भोपाल और नरसिंहपुर दौरे पर थे, तब उन्होंने देखा कि हाईवे के बीच में अवैध तरीके से रोड को कट करते हुए डिवाइडर बनाए गए हैं, जिसके चलते वाहन चालक कहीं से भी गाड़ी को टर्न कर देता है। जिसके चलते गंभीर सड़क हादसे होते है। चेयरमैन जस्टिस अभय मनोहर के सख्त निर्देश के बाद राज्य सरकार और एनएचएआई ने अवैध डिवाइडर कट बनाने वालों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। जबलपुर में बीते एक सप्ताह के दौरान 50 से अधिक वह स्थान जहां पर कि डिवाइडर बनाए गए थे, उन्हें बंद किए गए हैं। लोकल लोग बनाते हैं दबाव एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू ने दैनिक भास्कर से कहा कि कई दिनों से हिदायत दी जा रही है कि पेट्रोल पंप और ढाबे के सामने अवैध तरीके से बनाए गए डिवाइडर कट को बंद कर दिया जाए, क्योंकि इससे दुर्घटनाएं हो रही है, लेकिन लोकल के लोगों के कारण हमारी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया। धीरे-धीरे ये लोग अपनी सुविधा अनुसार हाईवे पर डिवाइडर कट बनाते चले गए। जब हाईवे बनाया जा रहा था, तब यह प्लान किया था कि बीच में जो जगह छोड़ी गई है, उसमे पौधे लगेंगे। लेकिन, रोड किनारे के ढाबे और पेट्रोल पंप संचालकों ने अनअथोराइज एक्सेस बना रखे हैं। कई बार इन्हें समझाया भी, पर नहीं माने। एक सप्ताह में पूरे अवैध डिवाइडर खत्म किए जाएंगे एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू का कहना है कि एक सप्ताह के भीतर जितने भी अवैध डिवाइडर कट बने हैं, उन्हें खत्म किया जाएगा। इसके साथ ही भविष्य में अब दोबारा कोई इस तरह का काम ना करता है, तो उसके खिलाफ एफआईआर भी थाने में दर्ज करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि एनएचआई की एक टीम अब लगातार ऐसे लोगों पर निगरानी भी रखेगी, जो कि हाईवे में अवैध काम करते है। एनएचएआई के मुताबिक हाईवे में अभी तक स्लीमनाबाद से धूमा के बीच 40 लोगों की जान गई हैं, जिसमें 6 लोगों ने अवैध डिवाइडर के चलते जान गंवाई है। 8 अगस्त को चेयरमैन लेंगे बैठक सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी के चेयरमैन इन दिनों मध्यप्रदेश के दौरे में है। अभी तक उन्होंने भोपाल,इंदौर सहित कई अन्य जिलों में जाकर हाईवे और सड़क की स्थिति देखी। 8 अगस्त को चेयरमैन जस्टिस अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार मे होगी। जिसमें कलेक्टर,एसपी सहित ट्रैफिक पुलिस, एनएचएआई, स्टेट हाईवे के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी की बैठक में भी अवैध डिवाइडर कट की समीक्षा की जाएगी। हाईवे पर अचानक नहीं लगा सकते ब्रेक…मानें जाएंगे दोषी, क्या बोली सुप्रीम कोर्ट रोड सेफ्टी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक अहम फैसला सुनाया है. इस फैसले में कोर्ट ने ये स्पष्ट किया कि हाईवे पर बिना चेतावनी अचानक वाहन रोकना लापरवाही माना जाएगा. कोर्ट ने ये टिप्पणी एक ऐसे मामले की सुनवाई के दौरान की जिसमें एक गंभीर सड़क हादसे में एक युवक का पैर काटना पड़ा. ये मामला साल 2017 में तमिलनाडु के कोयंबटूर से जुड़ा हुआ है. हाईवे पर अचानक ब्रेक बन सकता है बड़ा खतरा सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नेशनल हाईवे तेज स्पीड से सफर के लिए बनाए जाते हैं. ऐसे में अगर कोई ड्राइवर अचानक गाड़ी रोकता है और पीछे आने वाले वाहनों को संकेत नहीं देता है, तो ये न सिर्फ उसकी बल्कि दूसरों की जान को भी खतरे में डाल सकता है. कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि भारत के कई हाईवे पर शोल्डर या स्पीड … Read more

सरकारी बस सेवा का विस्तार, सीधे जुड़ेंगे करोड़ों लोग हर इलाके से

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार एक नई परिवहन कंपनी  बनाने जा रही है। यह राज्य भर में चलने वाली सभी प्राइवेट बसों के संचालन पर निगरानी रखेगी। यह कंपनी प्रदेश में पहले बंद हो चुके सड़क परिवहन निगम से पूरी तरह अलग होगी। साथ ही, पूरी तरह आधुनिक और व्यावसायिक दृष्टिकोण से काम करेगी। कंपनी न केवल शहरों में सिटी ट्रांसपोर्ट का संचालन करेगी, बल्कि उपनगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी बस सेवाएं उपलब्ध कराएगी। प्रदेश के प्रमुख शहर जैसे भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा और सागर में पहले से ही अलग-अलग सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनियां कार्यरत हैं। भोपाल में बीसीएलएल (BCLL) और इंदौर में एआईसीटीएल (AICTSL) जैसे मॉडल को अब नई राज्य स्तरीय कंपनी के तहत लाया जाएगा। यह कंपनी इन सभी का संचालन करेगी।   गांवों तक पहुंचेंगी बसें इस कंपनी का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब बस सेवाएं केवल शहरों या उनके आसपास के उपनगरों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि ये सेवाएं दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंचेगी। अभी ग्रामीण बस सेवाओं के लिए कोई व्यवस्थित प्रणाली नहीं है, लेकिन नई कंपनी इन क्षेत्रों में भी बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुनिश्चित करेगी। हर बस पर होगा कंपनी का नियंत्रण इस नई परिवहन कंपनी के पास राज्य में संचालित सभी प्राइवेट बसों के रूट, किराया, परमिट और सेवा की गुणवत्ता तय करने का अधिकार होगा। वर्तमान में बसों के परमिट सीधे आरटीओ के माध्यम से जारी किए जाते हैं, लेकिन अब ये परमिट राज्य स्तरीय कंपनी के नाम पर होंगे। इसके बाद कंपनी अपने नियमों और शर्तों के अनुसार ऑपरेटर को परमिट ट्रांसफर करेगी। मध्य प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचेगी सरकारी बसें… नई परिवहन कंपनी की स्थापना: मध्य प्रदेश सरकार एक नई राज्य स्तरीय परिवहन कंपनी बनाएगी, जो राज्य में सभी प्राइवेट बसों के संचालन पर निगरानी रखेगी। ग्रामीण क्षेत्रों तक बस सेवाएं: यह कंपनी अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बस सेवाएं उपलब्ध कराएगी। कंपनी का नियंत्रण: राज्य स्तरीय कंपनी के पास रूट, किराया, परमिट और सेवा की गुणवत्ता तय करने का अधिकार होगा, और परमिट कंपनी के नाम पर जारी किए जाएंगे। यात्रियों की सुरक्षा: बसों की गुणवत्ता और यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक कंट्रोल विंग बनाया जाएगा, जिसमें अनुभवी इंजीनियर शामिल होंगे। बिजली कंपनी जैसे ढांचे में काम: यह परिवहन कंपनी मप्र पॉवर मैनेजमेंट कंपनी की तरह सभी ट्रांसपोर्ट एजेंसियों की निगरानी और संचालन करेगी। यात्रियों की सुरक्षा का रखेगी खयाल बसों की गुणवत्ता और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक कंट्रोल विंग बनाया जाएगा। इसमें ऑटोमोबाइल क्षेत्र के अनुभवी इंजीनियर शामिल होंगे। यह टीम बसों की नियमित जांच, सेवा मानकों की निगरानी और शिकायतों के निवारण का कार्य करेगी। बिजली कंपनी की तरह होगा ढांचा नई परिवहन कंपनी का ढांचा भी मप्र पॉवर मैनेजमेंट कंपनी की तरह होगा, जो राज्य की सभी बिजली कंपनियों की होल्डिंग कंपनी है। इसी तरह यह परिवहन कंपनी सभी ट्रांसपोर्ट एजेंसियों की निगरानी और संचालन करेगी। गांव से शहर तक का सफर होगा आरामदायक मध्य प्रदेश सरकार का यह कदम राज्य के परिवहन ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना न केवल शहरी क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को बेहतर करेगी, बल्कि यह ग्रामीण इलाकों में भी एक मजबूत सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की स्थापना करेगी। नई परिवहन कंपनी के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि प्रदेश के हर नागरिक को सुरक्षित, आरामदायक और किफायती परिवहन सेवाएं मिल सकें।

प्रदीप मिश्रा की कथा से लौट रहे भक्तों की गाड़ी का एक्सीडेंट, खड़े ट्रक से भिड़ंत में एक की मौत

इंदौर गुरुवार अलसुबह इंदौर के कनाड़िया बायपास पर एक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई, जबकि लगभग 14 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  इंदौर शहर के बिचौली मर्दाना क्षेत्र में रात करीब साढ़े तीन बजे ओवरब्रिज पर एक तूफान गाड़ी खड़े हुए ट्रक से टकरा गई। हादसे में तूफान गाड़ी में सवार 13 में से एक व्यक्ति की मौत हो गई और 11 लोग घायल हो गए। इनमें से एक को कोई चोट नहीं लगी है। सभी घायलों को इलाज के लिए एमवायएच अस्पताल में भर्ती किया गया है। जानकारी के मुताबिक ये सभी खरगोन जिले के निवासी हैं, जो कुबरेश्वर धाम से लौट रहे थे। ऐसे हुआ हादसा एक ट्रक टायर फटने की वजह से ओवर ब्रिज पर खड़ा हुआ था। देर रात कुबरेश्वर धाम से लौट रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी का ड्राइवर ओवर ब्रिज पर ट्रक को देखकर रुक नहीं पाया। गाड़ी ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। मौके पर ही मंटू पिता मुन्नालाल वर्मा निवासी इंदिरा नगर, खरगोन की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने की मदद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां से गुजर रहे लोगों ने तत्काल पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से वाहन में फंसे घायलों को बाहर निकाला गया। पुलिस के मुताबिक, दो घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका उपचार चल रहा है। वह बीकॉम पीजी कॉलेज का छात्र था और पार्ट टाइम सब्जी का ठेला भी लगाता था। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाकर रास्ते को चालू करवाया। पुलिस ने ट्रक चालक को भी पकड़ लिया है। हादसे में घायल हुए लोगों के नाम     कीर्ति पति संतोष उम्र 35 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     संदीप पिता अमर सिंह उम्र 34 साल निवासी जैत पुर खरगोन     गौरव पिता बद्रीलाल उम्र 45 साल निवास इंदिरा नगर खरगोन     संतोष पिता मोतीलाल उम्र 39 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     मोहन पिता सखाराम उम्र 58 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     वासुबाई पति आनंद राम उम्र 60 साल निवासी संजय नगर खरगोन     विमलाबाई पति शंभू सिंह उम्र 60 साल निवासी इंदिरा नगर खरगोन     मनु वर्मा पति कक्का उम्र 45 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     विमला बाई पति सुरेश उम्र 40 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     भगवती बाई पति बंसीलाल उम्र 40 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     कंचन पति कर्मा उम्र 42 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन  

मंत्री पटेल की अगुवाई में हुई श्रम विभागीय समीक्षा, नीतियों पर हुआ मंथन

भोपाल  पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में श्रम विभागीय परार्मशदात्री समिति की बैठक सम्पन्न हुई।  बैठक में श्रमिक हित में किये जाने वाले नवाचारों के संबंध में सदस्यों को अवगत कराया गया। श्रम विभाग की नई पहल, SHREE (श्रमिक हेल्थ रेजुवेशन एजुकेशन एण्ड इंटरप्राइज) पहल का उ‌द्देश्य विभिन्न सरकारी निकायों के संसाधनों का उपयोग करके मध्यप्रदेश में श्रमिकों की स्थिति को समग्र रूप से बेहतर बनाना है। स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्‌यम और कार्यस्थल के वातावरण में सुधार पर ध्यान केंद्रित कर मानव संसाधन का कायाकल्प और सशक्तिकरण करना है, जिससे सतत् सामाजिक-आर्थिक विकास हो सके। स्वास्थ्य, शिक्षा, उ‌द्यम और कार्यस्थल सुधार को एकीकृत करके SHREE न केवल राज्य में बल्कि पूरे भारत में श्रमिक कल्याण और विकास के लिए एक आदर्श स्थापित करेगा। श्रम विभाग द्वारा श्रम स्टार रेटिंग सूचकांक भी प्रस्तावित किया गया है, जिसके संबंध में सचिव श्रम विभाग ‌द्वारा अवगत कराया गया कि यह रेटिंग सूचकांक वैश्विक स्तर पर श्रम कल्याण मानकों को उत्कृष्ट बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वैश्विक बाजार ‌द्वारा नैतिक स्त्रोतों, निष्पक्ष श्रम प्रथाओं और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने की प्रणाली को अत्यधिक महत्व दिया जा रहा है। विनिर्माण और सेवा उ‌द्योगों में श्रम कल्याण के महत्व को समझते हुए विभिन्न कार्यप्रणाली के आधार पर व्यवसायों को रेटिंग दिये जाने से उपभोक्ता तथा परिचालन उत्कृष्टता प्राप्त की जा सकेगी। बैठक में विधायक श्रीमती अर्चना चिटनीस, देवेन्द्र रामनारायण सखवारे, बृजेन्द्र सिंह यादव, श्रीमती अनुभा मुंजारे, विष्णु खत्री और श्रम विभाग के सचिव रघुराज राजेन्द्रन, अपर सचिव श्रम बसंत कुर्रे और आयुक्त श्रीमती रजनी सिंह उपस्थित थी।  

अपर मुख्य सचिव राजन बोले – बागवानी उत्पादों की वैल्यू चेन समय की सबसे बड़ी जरूरत

बागवानी उत्पादों के मूल्य संवर्धन के लिए राज्यस्तरीय वेबिनार आयोजित भोपाल प्रदेश में बागवानी उत्पादों की मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा “म.प्र. में क्लस्टर आधारित फल एवं सब्जी मूल्य श्रृंखला विकास एवं नवाचार और तकनीकी के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का रूपांतरण” विषय वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण अनुपम राजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। अपर मुख्य सचिव राजन ने कहा कि बागवानी उत्पादों की वैल्यू चैन विकसित करना समय की मांग है। मध्यप्रदेश उद्यानिकी क्षेत्र में समृद्ध राज्य है। प्रदेश के किसानों को उनके उत्पाद का वाजिब दाम मिल सके। इसके लिए उत्पादन से उपभोक्ता तक की प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाया जाना है। इसके लिए विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने किसानों, किसान संगठनों, खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों तथा रिसोर्स पर्सन तथा उद्यानिकी अमले के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई। आयुक्त उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण श्रीमती प्रीति मैथिल ने कहा कि इस वेबिनार का मुख्य उद्देश्य, बागवानी उत्पादों की मूल्य श्रृंखला को सशक्त बनाना है, इससे किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि किसानों का कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) भी जागरूकता और सक्रियता के साथ अपनी भूमिका निर्वाहन करें। अपर संचालक उद्यानिकी के.एस. किराड़ ने कहा कि बागवानी किसानों को अधिक लाभ उपलब्ध कराने के लिए उत्पादों को नवीन तकनीक तथा नवाचार के माध्यम से प्रसंस्कृत कर मूल्य वर्धन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस काम में कृषक संगठन बेहतर भूमिका निभा सकते है। यह समूह विपणन भंडारण, प्रसंस्करण एवं निर्यात की दशा में सार्थक प्रयास कर सकते है। वेबिनार में कृषक संगठनों के प्रतिनिधि, खाद्य प्रसंस्करण उद्यमी, जिला रिसोर्स पर्सन, उद्यानिकी विभाग का मैदानी अमला सम्मिलित हुआ।