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विजय शाह के खिलाफ कांग्रेस की दूसरी सुप्रीम कोर्ट याचिका, पद से हटाने की उठी मांग

भोपाल  कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान देने वाले मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह के खिला कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दाखिल की है. जिसमें मंत्री को पद से हटाने की मांग गई है. नेता ने अपनी याचिका में कहा है कि मंत्री शाह का आचरण संविधान के अनुच्छेद 164 (3) के तहत ली गई शपथ का उल्लंघन करता है. जिसके आधार पर याचिकाकर्ता ने मंत्री के खिलाफ क्वो-वारंटो रिट जारी करने की मांग की है, ताकि उन्हें मंत्री पद से हटाया जा सके। कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने अपनी याचिका में कहा है कि डॉ. अंबेडकर नगर के रायकुंडा गांव में आयोजित एक समारोह के दौरान मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. याचिका में कहा गया है कि ये टिप्पपणी किसी और के लिए नहीं बल्कि कर्नल सोफिया के लिए हो सकती है. कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने अपनी याचिका में कहा है कि डॉ. अंबेडकर नगर के रायकुंडा गांव में आयोजित एक समारोह के दौरान मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. याचिका में कहागया है कि ये टिप्पपणी किसी और के लिए नहीं बल्कि कर्नल सोफिया के लिए हो सकती है. कार्यक्रम में दिया था विवादित बयान दरअसल मंत्री विजय शाह ने मध्य प्रदेश के मही में जलसंरक्षण कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक बयान दिया था. जिसको लेकर काफी हंगामा मचा था. देशभर में मंत्रीय के बयान की निंदा की गई थी उन्हें पद से हटाने की मांग की गई थी. कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों और मुस्लिम संगठनों ने मंत्री शाह के बयान कको शर्मनाक बताया था और इस मुद्दे को लेकर बीजेपी पर जमकर निशाना साधा था. हालांकि विवाद बढ़ने के बाद मंत्री ने अपने बयान पर माफी मांग ली थी. 11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित हलमा कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था ‘उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा.’ ऑपरेशन सिंदूर की दी थी जानकारी कर्नल सोफिया कुरैशी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह और विदेश विभाग के सचिव विक्रम मिसरी ने एक साथ मिलकर ऑपरेशन सिंदूर के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. जिसमें इस ऑपरेशन को लेकर तमाम तरह की जानकारियां दी थीं और बताया था कि किस तरह से भारतीय सैनिकों ने इस ऑपरेशन को अंजाम देकर पाकिस्तान की कमर तोड़ दी थी. कर्नल सोफिया कुरैशी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का चेहरा बन गई थीं. मंत्री के बयान पर मचा बवाल इधर मंत्री के बयान पर बवाल मच गया और मामला कोर्ट तक पहुंच गया. हाई कोर्ट ने उनकी टिप्पणी पर नाराजगी जाहिर करते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए थे. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले को लेकर 19 मई को सुनवाई की थी और मंत्री शाह को जमकर फटकार लगाई थी. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मामले में SIT को जांच के निर्देश भी दिए थे. तीन सदस्यीय SIT का गठन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 19 मई को देर शाम को ही तीन सदस्यीय SIT का गठन किया गया था. 20 मई से जांच शुरू की गई और इस मामले में 125 लोगों के बयान दर्ज किए गए थे. तीन सदस्यीय SIT टीम में सागर रेंज के तत्कालीन IG प्रमोद वर्मा के साथ तत्कालीन SAF DIG कल्याण चक्रवर्ती और डिंडोरी SP वाहिनी सिंह को शामिल किया गया था. 20 मई को SIT ने विजय शाह केस की जांच शुरू की. 21 मई को SIT टीम महू के रायकुंडा गांव भी पहुंची थी, जहां मंत्री ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी की थी. SIT ने 22 मई को बेस कैंप में लोगों के बयान दर्ज करना शुरू किए. कार्यक्रम में शामिल 125 से ज्यादा लोगों को बुलाया. ये सिलसिला 5 दिन तक चला. इसमें वीडियो बनाने वाले पत्रकार से लेकर पूर्व मंत्री और स्टूडेंट से लेकर कुलपति तक के बयान दर्ज किए गए थे. कार्यक्रम में दिया था विवादित बयान दरअसल मंत्री विजय शाह ने मध्य प्रदेश के मही में जलसंरक्षण कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक बयान दिया था. जिसको लेकर काफी हंगामा मचा था. देशभर में मंत्रीय के बयान की निंदा की गई थी उन्हें पद से हटाने की मांग की गई थी. कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों और मुस्लिम संगठनों ने मंत्री शाह के बयान कको शर्मनाक बताया था और इस मुद्दे को लेकर बीजेपी पर जमकर निशाना साधा था. हालांकि विवाद बढ़ने के बाद मंत्री ने अपने बयान पर माफी मांग ली थी. मंत्री विजय शाह ने क्या कहा था 11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित हलमा कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था ‘उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा.’ ऑपरेशन सिंदूर की दी थी जानकारी कर्नल सोफिया कुरैशी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह और विदेश विभाग के सचिव विक्रम मिसरी ने एक साथ मिलकर ऑपरेशन सिंदूर के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. जिसमें इस ऑपरेशन को लेकर तमाम तरह की जानकारियां दी थीं और बताया था कि किस तरह से भारतीय सैनिकों ने इस ऑपरेशन को अंजाम देकर पाकिस्तान की कमर तोड़ दी थी. कर्नल सोफिया कुरैशी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का चेहरा बन गई थीं. मंत्री के बयान पर मचा बवाल इधर मंत्री के बयान पर बवाल मच गया और मामला कोर्ट तक पहुंच गया. हाई कोर्ट ने उनकी टिप्पणी पर नाराजगी जाहिर करते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए थे. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले को लेकर 19 मई को सुनवाई की थी और मंत्री शाह को जमकर फटकार लगाई थी. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मामले में SIT को जांच के निर्देश भी दिए थे. तीन सदस्यीय SIT का गठन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 19 मई को देर शाम को ही तीन सदस्यीय SIT का गठन किया गया था. … Read more

ओपीएम फैक्ट्री में गंभीर दुर्घटना, कर्मचारी गंभीर रूप से घायल

शहडोल ओरियंट पेपर मिल अमलाई के टीशू प्लांट-3 में बीती रात एक बड़ा हादसा हो गया। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी मनीष सिंह का हाथ मशीन में फंस गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें शहडोल अस्पताल लाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जबलपुर रेफर किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनीष सिंह निवासी पानी टंकी के पास, ओपीएम कॉलोनी, बीती रात ड्यूटी के दौरान टीशू प्लांट-3 में कार्यरत थे। इसी दौरान एक मशीन में उनका हाथ फंस गया। कुछ ही सेकेंड में उनका शरीर भी मशीन की ओर खिंच गया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। मोबाइल प्रतिबंध बना बाधा हादसे के वक्त ड्यूटी पर तैनात अन्य कर्मचारियों के पास मोबाइल रखने की अनुमति नहीं थी, जिससे तत्काल किसी को सूचना नहीं दी जा सकी। मनीष काफी देर तक घायल अवस्था में वहीं पड़े तड़पते रहे। काफी समय बाद जब अन्य कर्मचारियों को घटना की जानकारी मिली, तब उन्हें मिल के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद शहडोल जिला अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन स्थिति गंभीर होने पर कुछ ही देर में उन्हें जबलपुर भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि घायल मनीष सिंह को होश नहीं आया है और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। प्रबंधन की लापरवाही पर सवाल मिल कर्मचारियों के अनुसार, मिल परिसर में आए दिन इस तरह के हादसे होते रहते हैं, जिनका मुख्य कारण प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी है। पहले इन घटनाओं की जानकारी और तस्वीरें आम लोगों तक पहुंच जाती थीं, लेकिन कुछ समय पहले मिल प्रबंधन ने कर्मचारियों के ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन रखने पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके चलते अब हादसों की सूचना समय पर न तो परिवारजनों को मिल पाती है और न ही अन्य कर्मचारियों को।

CM डॉ. यादव ने ग्वालियर सड़क हादसे पर जताया गहरा शोक, की आर्थिक मदद की घोषणा

CM यादव ने ग्वालियर में सड़क दुर्घटना में चार कांवड़ियों के निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया, 4-4 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता ग्वालियर हादसे पर CM यादव ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता CM डॉ. यादव ने ग्वालियर सड़क हादसे पर जताया गहरा शोक, की आर्थिक मदद की घोषणा मृतकों के परिजन को दी जाएगी 4-4 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता  ग्वालियर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र में पवित्र कांवड़ यात्रा के दौरान हुई सड़क दुर्घटना में 4 कांवड़ियों के आकस्मिक निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतक कावड़ियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए बाबा महाकाल से दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं श्रीचरणों में स्थान देने के लिए प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट करते हुए चारों मृतकों के निकटतम परिजनों को 4-4 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2025 की अर्द्धरात्रि लगभग 12:30 से 1 बजे के मध्य ग्वालियर के शीतला माता मंदिर चौराहा, शिवपुरी लिंक रोड पर घाटीगांव निवासी छह कांवड़ियों को एक अनियंत्रित कार द्वारा टक्कर मारे जाने से 4 कांवड़ियों की मृत्यु हो गई और 2 कांवड़िये घायल हो गए थे। कार चालक मौक़े से फ़रार हो गया था, जिसे बाद में पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। जिला प्रशासन ग्वालियर द्वारा चिकित्सकों को बेहतर एवं नि: शुल्क इलाज करने के निर्देश दिए है। पीड़ितों को प्रशासन की ओर से हर संभव मदद भी उपलब्ध कराई जा रही है। उल्लेखनीय है कि सड़क दुर्घटना में घाटीगांव निवासी मृतकों में श्री वकील पुत्र गिरवर (40 वर्ष), श्री रमेश पुत्र पांडेय (38 वर्ष), श्री दिनेश पुत्र बेताल (21वर्ष) एवं श्री छोटू पुत्र अंतराम (18 वर्ष) शामिल हैं तथा दो कांवड़िये घायल हैं।  

अब नहीं बच पाएंगे फरहान और साहिल! भोपाल लव जिहाद केस में पॉक्सो के तहत कार्रवाई तय

भोपाल राजधानी भोपाल के एक निजी कॉलेज की छात्राओं को दोस्ती के नाम पर जाल में फंसाकर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के संगीन मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड फरहान और उसके साथी साहिल के खिलाफ भोपाल जिला अदालत ने पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप तय कर दिए हैं। आरोपियों पर एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने और उसका अश्लील वीडियो बनाकर धमकाने का आरोप है। अदालत में पेश चालान के अनुसार, पीड़िता ने अपनी नाबालिग बहन को आरोपियों से बचाने के लिए इंदौर भेजा था। इसके बावजूद फरहान इंदौर पहुंच गया और किराए के कमरे में घुसकर उसके साथ मारपीट और दुष्कर्म किया। प्रेम-प्रसंग का दिखावा कर रहा था आरोपी मामले की जांच में यह भी सामने आया कि फरहान पीड़िता से प्रेम-प्रसंग का नाटक कर उसे अपने साथ रखने और धर्म परिवर्तन करने का दबाव बना रहा था। जब पीड़िता ने विरोध किया, तो उसे और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी दी गई। इंदौर में हुई घटना की शिकायत पीड़िता की नाबालिग बहन ने पुलिस से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह भोपाल में अपनी बड़ी बहन के पास आई और दोनों बहनों ने अप्रैल 2025 में इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कराई। इसी के बाद फरहान और उसके गिरोह के अन्य सदस्यों के खिलाफ आधा दर्जन से अधिक मामले सामने आए।  विज्ञापन 25 जुलाई को गवाहों की सूची पेश होगी पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत की न्यायाधीश नीलम मिश्रा ने फरहान और साहिल के खिलाफ आरोप तय किए हैं। इस मामले में पुलिस पहले ही चालान प्रस्तुत कर चुकी है। साक्ष्य और फॉरेंसिक रिपोर्ट भी अदालत में दाखिल की जा चुकी है। 25 जुलाई को गवाहों की सूची पेश की जाएगी। कानूनी जानकारों के मुताबिक, पॉक्सो एक्ट के तहत पीड़िता के बयान और साक्ष्य के आधार पर आरोपियों को सजा मिलना लगभग तय माना जा रहा है, भले ही कुछ गवाह अदालत में उपस्थित न हों। आधा दर्जन छात्राएं बनीं थीं शिकार इस साल अप्रैल में भोपाल के बागसेवनिया, जहांगीराबाद और अशोका गार्डन थानों में फरहान, साहिल, अबरार, नबील और साद सहित कई अन्य आरोपियों के खिलाफ कई लड़कियों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं। आरोप है कि इन युवकों ने पहले दोस्ती की, फिर विश्वास जीतकर दुष्कर्म किया, अश्लील वीडियो बनाए और फिर धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक दबाव बनाया।भोपाल पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। इसके अलावा राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है और राज्य सरकार को सिफारिशों के साथ अपनी रिपोर्ट सौंपी है। आयोगों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने इस गंभीर मामले में शुरुआत में लापरवाही बरती। दीदी के दोस्त ने किया नाबालिग से दुष्कर्म पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि फरहान उसकी बड़ी बहन का कॉलेज मित्र था और बहाने से उसके कमरे पर आता-जाता था। एक दिन वह बहन के कॉलेज चले जाने के बाद आया और उसे घुमाने के बहाने बाहर ले गया। वहीं अशोका गार्डन क्षेत्र में उसने जबरन दुष्कर्म किया और घटना का वीडियो बना लिया। इसके बाद जब पीड़िता भोपाल से बाहर गई, तो वहां भी फरहान पहुंच गया और धमकाकर वीडियो दिखाते हुए दबाव बनाया। साहिल ने भी उसी वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल कर दुष्कर्म किया। फरहान ने माता-पिता और भाई को जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने को मजबूर कर दिया। जब अत्याचार हद से ज्यादा बढ़ गया, तब उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। भोपाल लव जिहाद केस tit  कॉलेज मामले में अब तक क्या हुआ   चालान में मुख्य आरोपी के रूप में फरहान खान का नाम सामने आया है, जो छोटा चंबल इलाके का निवासी है। फरहान को इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड बताया गया है। उसके साथ साहिल खान, सैयद अली अहमद, साद उर्फ शम्सउद्दीन, मोहम्मद नबील और अबरार को भी आरोपी बनाया गया है। सभी पर छात्राओं को प्रेमजाल में फंसाकर नशीली चीजें पिलाकर गैंगरेप, मारपीट, वीडियो रिकॉर्डिंग और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के संगीन आरोप हैं। कॉलेज में प्रेमजाल और दरिंदगी की शुरुआत चालान में बताया गया है कि फरहान वर्ष 2017 में कोकता क्षेत्र के एक निजी कॉलेज में एमबीए की पढ़ाई के लिए दाखिल हुआ था। यहीं से उसने कॉलेज में पढ़ने वाली बाहर से आई गरीब हिंदू छात्राओं को टारगेट करना शुरू किया। जो लड़कियां अकेली रहती थीं या किराये पर दूसरे छात्रों के साथ रहती थीं, उन्हें गिरोह के सदस्य प्रेमजाल में फंसाते और फिर नशा देकर शारीरिक शोषण करते। चालान में यह भी उल्लेख है कि फरहान और उसके साथी पीड़िताओं के साथ यौन शोषण की रिकॉर्डिंग करते और फिर वीडियो के जरिए उन्हें धमकाते थे। आरोपी ये कहते थे कि यदि वे चुप नहीं रहीं या धर्मांतरण के लिए राजी नहीं हुईं तो उनके जीवन को बर्बाद कर दिया जाएगा।   पीड़िताओं के साथ अमानवीय बर्ताव पुलिस ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों ने कई युवतियों के साथ ऐसी दरिंदगी की जिसकी कल्पना तक मुश्किल है। एक मामला ऐसा भी सामने आया है जहां फरहान तीन युवतियों को एक साथ निर्वस्त्र कर शारीरिक शोषण करते हुए न केवल उन्हें पीट रहा था, बल्कि हिंदू धर्म के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां भी कर रहा था। फरहान के मोबाइल से यह वीडियो और अन्य डिजिटल सबूत पुलिस ने जब्त कर कोर्ट में चालान के साथ पेश किए हैं।   वीडियो बना कर बनाया जाता था दबाव फरहान और उसके गिरोह का काम करने का तरीका बेहद सुनियोजित था। वे पहले युवतियों को प्रेमजाल में फंसाते, फिर उन्हें नशे में धुत कर यौन शोषण करते और वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करते थे। किसी भी पीड़िता द्वारा विरोध करने पर उन्हें वीडियो वायरल करने और उनके करियर व सामाजिक जीवन को तबाह कर देने की धमकी दी जाती थी।   एक पीड़िता ने बताया कि जब उसकी छोटी बहन पर भी फरहान बुरी नजर रखने लगा तो उसने उसे इंदौर भेज दिया। लेकिन फरहान वहां भी पहुंच गया और उसे कमरे में बंद कर बुरी तरह से पीटा।    आरोपियों की वीसी के जरिए पेशी मामले की गंभीरता … 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हीरे ने चमकाई किस्मत: छतरपुर के मजदूर को एक साथ मिले 8 हीरे, बना लखपति

छतरपुर  कहते हैं जब किस्मत खराब होती है तो ऊट पर बैठे इंसान को भी कुत्ता काट लेता है और जब किस्मत अच्छी होती है तो पत्थर भी हीरे बन जाते हैं. ऐसा ही कुछ किस्मत का खेल छतरपुर जिले के रहने वाले मजबूर यादव परिवार के साथ हुआ है. लगातार मेहनत ने ऐसा भाग्य का ताला खोला की मजदूर परिवार को एक साथ 8 हीरे मिल गए हैं. अब इस परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. परिवार को ये हीरे खुदाई के दौरान मिले हैं. मजदूर दंपति को एक साथ मिले 8 हीरे दरअसल यह मामला छतरपुर जिले की तिलवा पंचायत के कटिया गांव का है. यहां रहने वाले मजदूर दंपति हरगोविंद यादव और उनकी पत्नी पवन देवी यादव पन्ना की उथली खदान में पिछले 5 सालों से हीरा खदान पर खुदाई कर रहे थे. दोनों पति पत्नी पूरी मेहनत और लगन से हीरे की खोज में लगे रहे और जब किस्मत पलटी तो एक साथ 8 हीरे निकले, जिसमें कुछ कच्चे कुछ पक्के हैं. जिसकी कीमत लगभग 10 से 12 लाख बताई जा रही है. मजदूर दंपति द्वारा आठों हीरों को पन्ना के हीरा संग्रहालय में जमा करा दिया जाएगा. इसके बाद हीरो की कीमत का आकलन होगा और नीलामी के बाद टैक्स काटकर मजदूर को पैसे दे दिए जाएंगे. पिछले साल भी मजदूर को मिला था हीरा पिछले साल भी पन्ना जिले की हीरा खदान में 19.22 कैरेट का हीरा एक मजदूर को मिला था, जिसकी कीमत 80 लाख थी. पन्ना जिले के अहिरगंवा गांव में रहने वाले चुनवादा गौंड ने सिर्फ 200 रुपये की रसीद कटवा कर हीरा कार्यालय से 20 मई 2024 को कृष्ण कल्याणपुर के पटी क्षेत्र में हीरा खदान ली. पट्टा बनवाया उसे 8×8 मीटर की जगह उत्खनन के लिए दी गई थी. चुनवादा ने पत्नी और बच्चों के साथ मिलकर खदान में हीरा तलाशना शुरू किया. करीब 2 महीने की मेहनत के बाद उसे 19.22 कैरेट का हीरा मिला, जिसकी कीमत करीब 80 लाख थी. पिछली बार वाली गलती अब नहीं करेंगे मजदूर हरगोविंद यादव ने बताया, "हम पिछले 5 सालों से हीरे के लिए खुदाई कर रहे थे. इस बार भगवान ने सुन ली और एक साथ 8 कच्चे पक्के हीरे मिले हैं. जिनकी कीमत लगभग 10 से 12 लाख है. पिछली बार भी हीरा मिला था, लेकिन जानकारी के अभाव के कारण उस हीरे की कीमत मात्र एक लाख रुपए मिली थी. इस बार ये गलती नहीं करेंगे और इन हीरों को विधिवत जमा करेंगे, ताकि उन्हें हीरों की सही कीमत मिल सके.

MP पुलिस ट्रेनिंग में धार्मिक अनुशासन की पहल, रामचरित मानस का हर रात होगा सामूहिक पाठ

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस ट्रेनिंग सेंटर्स में जवानों को अब प्रतिदिन बैरक में रामचरित मानस की चौपाइयों का सामूहिक पाठ करना होगा। मंगलवार को एडीजी प्रशिक्षण राजाबाबू सिंह ने सभी पुलिस ट्रेनिंग सेंटर्स के एसपी की बैठक में यह निर्देश दिए। कहा गया कि ट्रेनिंग करने वाले पुलिस के जवान प्रतिदिन रात में सोने से पहले अपनी बैरक में साथ बैठकर चौपाइयों का सामूहिक पाठ करेंगे, ताकि चौपाइयों के अर्थ को अपने असल जीवन में उतार सकें। ट्रेनिंग सेंटर्स के जिला अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि सेंटर में मानस की एक-एक प्रति रावाई जाए। भगवान राम ने सीखीं कई कलाएं एडीजी राजाबाबू सिंह ने  बताया कि कई रंगरुट नौ माह की ट्रेनिंग भी नहीं कर पा रहे। वे घर के नजदीक वाला पीटीएस चाह रहे हैं। उनसे प्रत्यक्ष रूप से बात कर मानस की चौपाइयों के सामूहिक पाठ के लिए कहा गया है, क्योंकि भगवान राम 14 वर्ष वनवास में रहे, उसी दौरान उन्होंने जंगल में जीवित रहने की कला, अपरिचित वातावरण में ढलना और दुश्मन को परास्त करने की कला सीखी थी। 

मानसून की बेरुखी: बड़ा तालाब अधूरा, कलियासोत को चाहिए आधे से ज्यादा पानी

भोपाल  भोपाल में अब तक 15.8 इंच बारिश हो चुकी है, जो अब तक की औसत बारिश 13 इंच से पौने तीन इंच ज्यादा है। बावजूद अब तक डैम या तालाब नहीं छलके हैं। बड़ा तालाब 6.6 फीट है। कलियासोत डैम को पूरा भरने में साढ़े 10 फीट पानी की जरूरत है। पिछले साल जुलाई में ही 3 डैम- कोलार, भदभदा और कलियासोत डैम ओवरफ्लो हो गए थे। वहीं, बड़ा तालाब भी लबालब भर गया था। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार भोपाल में बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम की एक्टिविटी कम रही है। इस वजह से तालाब और डैम में ज्यादा पानी नहीं बढ़ा, लेकिन अगले सप्ताह से फिर से बारिश का दौर शुरू होगा। जिससे अगस्त के पहले सप्ताह तक अच्छा पानी आ सकता है। सीहोर में भी तेज बारिश की दरकार सीहोर में तेज बारिश होने से कोलांस नदी उफान पर आएगी, जिससे बड़ा तालाब में पानी और बढ़ेगा। यहां भी तेज बारिश की दरकार है। सीहोर में अब तक औसत साढ़े 17 इंच पानी गिर चुका है। बड़ा तालाब: इसकी जलभराव क्षमता 1666.80 फीट है। अभी इसमें 1660.20 फीट पानी है। इसे पूरा भरने में अभी 6.60 फीट पानी की और जरूरत है। पिछली बार बड़ा तालाब जुलाई में ही भर गया था, लेकिन इस बार अभी भी खाली है। बड़ा तालाब पूरा भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खुलते हैं। इस बार कैचमेंट एरिया में कम बारिश हुई है। जिससे कोलांस नदी लबालब होकर नहीं कही। कोलार डैम: इसका वॉटर लेवल 1516.40 फीट है। अभी इसमें 1490.74 फीट पानी जमा है। इस हिसाब से यह काफी खाली है। कोलार डैम से ही भोपाल शहर के 40% हिस्से में पानी की सप्लाई की जाती है। पिछली बार जुलाई में इसके गेट खोलने पड़े थे। केरवा डैम: कुल 1673 फीट वाले केरवा डैम में अब तक 1653.08 फीट पानी आ चुका है। बारिश नहीं होने से आवक फिलहाल थमी हुई है। कलियासोत डैम: डैम का वॉटर लेवल 1648.62 फीट है। इसकी कुल जलभराव क्षमता 1659 फीट है। इसके चलते डैम अभी भी साढ़े 10 फीट खाली है। बड़ा तालाब के गेट खुलने पर कलियासोत डैम में पानी आएगा और गेट खुल जाएंगे। पिछले साल जुलाई में ही 3 डैम- कोलार, भदभदा और कलियासोत डैम ओवरफ्लो हो गए थे। वहीं, बड़ा तालाब भी लबालब भर गया था। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार भोपाल में बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम की एक्टिविटी कम रही है। इस वजह से तालाब और डैम में ज्यादा पानी नहीं बढ़ा, लेकिन अगले सप्ताह से फिर से बारिश का दौर शुरू होगा। जिससे अगस्त के पहले सप्ताह तक अच्छा पानी आ सकता है।  

मानसून की बेरुखी: बड़ा तालाब अधूरा, कलियासोत को चाहिए आधे से ज्यादा पानी

भोपाल  भोपाल में अब तक 15.8 इंच बारिश हो चुकी है, जो अब तक की औसत बारिश 13 इंच से पौने तीन इंच ज्यादा है। बावजूद अब तक डैम या तालाब नहीं छलके हैं। बड़ा तालाब 6.6 फीट है। कलियासोत डैम को पूरा भरने में साढ़े 10 फीट पानी की जरूरत है। पिछले साल जुलाई में ही 3 डैम- कोलार, भदभदा और कलियासोत डैम ओवरफ्लो हो गए थे। वहीं, बड़ा तालाब भी लबालब भर गया था। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार भोपाल में बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम की एक्टिविटी कम रही है। इस वजह से तालाब और डैम में ज्यादा पानी नहीं बढ़ा, लेकिन अगले सप्ताह से फिर से बारिश का दौर शुरू होगा। जिससे अगस्त के पहले सप्ताह तक अच्छा पानी आ सकता है। सीहोर में भी तेज बारिश की दरकार सीहोर में तेज बारिश होने से कोलांस नदी उफान पर आएगी, जिससे बड़ा तालाब में पानी और बढ़ेगा। यहां भी तेज बारिश की दरकार है। सीहोर में अब तक औसत साढ़े 17 इंच पानी गिर चुका है। बड़ा तालाब: इसकी जलभराव क्षमता 1666.80 फीट है। अभी इसमें 1660.20 फीट पानी है। इसे पूरा भरने में अभी 6.60 फीट पानी की और जरूरत है। पिछली बार बड़ा तालाब जुलाई में ही भर गया था, लेकिन इस बार अभी भी खाली है। बड़ा तालाब पूरा भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खुलते हैं। इस बार कैचमेंट एरिया में कम बारिश हुई है। जिससे कोलांस नदी लबालब होकर नहीं कही। कोलार डैम: इसका वॉटर लेवल 1516.40 फीट है। अभी इसमें 1490.74 फीट पानी जमा है। इस हिसाब से यह काफी खाली है। कोलार डैम से ही भोपाल शहर के 40% हिस्से में पानी की सप्लाई की जाती है। पिछली बार जुलाई में इसके गेट खोलने पड़े थे। केरवा डैम: कुल 1673 फीट वाले केरवा डैम में अब तक 1653.08 फीट पानी आ चुका है। बारिश नहीं होने से आवक फिलहाल थमी हुई है। कलियासोत डैम: डैम का वॉटर लेवल 1648.62 फीट है। इसकी कुल जलभराव क्षमता 1659 फीट है। इसके चलते डैम अभी भी साढ़े 10 फीट खाली है। बड़ा तालाब के गेट खुलने पर कलियासोत डैम में पानी आएगा और गेट खुल जाएंगे। पिछले साल जुलाई में ही 3 डैम- कोलार, भदभदा और कलियासोत डैम ओवरफ्लो हो गए थे। वहीं, बड़ा तालाब भी लबालब भर गया था। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार भोपाल में बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम की एक्टिविटी कम रही है। इस वजह से तालाब और डैम में ज्यादा पानी नहीं बढ़ा, लेकिन अगले सप्ताह से फिर से बारिश का दौर शुरू होगा। जिससे अगस्त के पहले सप्ताह तक अच्छा पानी आ सकता है।  

वर्दी पर दाग: स्कॉर्पियो चोरी में कॉन्स्टेबल गिरफ्तार, गैंग के 5 और साथी पकड़े गए

ग्वालियर  क्राइम को कंट्रोल करने का काम पुलिस करती है, लेकिन अगर पुलिस ही खुद क्रिमिनल बन जाए तो आप क्या कहेंगे. कुछ ऐसा ही चौंकाने वाला मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आया है. यहां चोरी के एक मामले में खुद आरक्षक फंस गया. मामले का खुलासा हुआ तो पुलिस भी हैरान रह गई. आरोपी आरक्षक ने अपने दोस्त के साथ मिलकर गाड़ी चोरी कर ली. फिलहाल पुलिस ने आरोपी आरक्षक को गिरफ्तार कर लिया है. अब पुलिस की टीम चोरी के मामले को लेकर आरोपियों से पूछताछ कर रही है. पुलिस ने चोरी के आरोपियों को किया गिरफ्तार, डबरा शहर के शुगर मिल कैंपस से स्कॉर्पियो चोरी के मामले में बढ़ा खुलसा देखने को मिला है. इस चोरी की घटना में एक पुलिस आरक्षक भी शामिल निकला. आरक्षक 1003 रवि जाटव ग्वालियर का रहने वाला है, जो कि थाना कालीपीथ जिला राजगढ़ में पदस्थ है. बड़ी बात ये रही कि आरक्षक को पकड़ने गाई पुलिस को स्कॉर्पियो चोरी करने वाला एक चोर बॉबी बाथम भी उसी के साथ मिला. पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार दोनों आरोपियों को डबरा सिटी पुलिस गिरफ्तार कर थाने लाई है, जहां उन्हें न्यायालय में पेश किया और 2 दिन का PR लेकर आगे की पूछताछ भी की जा रही है. इस मामले में डबरा सिटी पुलिस ने पहले भी 4 आरोपियों को पकड़ा था. आपको बता दें कि 10 जुलाई की रात डबरा इलाके में रहने वाले अवतार रावत की घर से गई चोरी की स्कॉर्पियो कार और अन्य स्थानों से चोरी गया 6 तोला सोना जब्त किया था. इन आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह पुलिस आरक्षक रवि जाटव के साथ मिलकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया करते थे. पुलिस की जांच में पता चला कि 10 जुलाई की रात डबरा निवासी अवतार रावत के घर से स्कॉर्पियो कार चोरी की गई थी। इस मामले में पुलिस ने पहले चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनसे 6 तोला चोरी का सोना भी बरामद किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये आरोपी पुलिस आरक्षक रवि जाटव के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। स्कॉर्पियो चोरी के दिन रवि जाटव भी मौके पर मौजूद था और वही गाड़ी को चलाकर ले गया था।  इसी मामले में डबरा सिटी पुलिस ने सराफा बाजार के व्यापारी राजेंद्र सोनी को भी हिरासत में लिया था, जिन्होंने चोरी का सोना खरीदा था। टीआई यशवंत गोयल ने बताया कि राजेंद्र सोनी से चोरी का सोना बरामद कर लिया गया है और उसे नोटिस देकर छोड़ दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में गहन जांच कर रही है ताकि चोरी के इस नेटवर्क का और खुलासा हो सके।  एसडीओपी सौरभ कुमार ने कहा कि “हमने स्कॉर्पियो चोरी के मामले में पुलिस आरक्षक रवि जाटव और बॉबी बाथम को गिरफ्तार किया है। जांच में पाया गया कि रवि जाटव चोरी की घटनाओं में शामिल था। अन्य आरोपियों से 6 तोला सोना बरामद किया गया है, और सराफा व्यापारी से भी माल जप्त कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है।”   स्कॉर्पियो की चोरी वाले दिन आरक्षक रवि जाटव भी साथ मौजूद था. वहीं स्कॉर्पियो को चलाकर ले गया था. वहीं पुलिस ने चोरी का सोना खरीदने वाले डबरा सराफा बाजार के सराफा व्यापारी राजेंद्र सोनी को भी पकड़ा था, जिसे पुलिस ने पूछताछ कर चोरी का सोना बरामद करने के बाद छोड़ दिया है. टीआई यशवंत गोयल का कहना है कि सोनी से चोरी का माल जब्त कर नोटिस देकर उसे छोड़ा गया है.

मौसम विभाग का अलर्ट: जबलपुर और आसपास के जिलों में मूसलधार बारिश के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस बार के मानसूनी सीजन में अबतक कुल 21 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। हालांकि, आज 23 जुलाई तक औसत 13.7 इंच बारिश होना चाहिए थी। यानी अबतक प्रदेशभर में सामान्य से औसत से 7.3 इंच अधिक बारिश हुई है। ऐसे में सिर्फ चंद दिनों की बारिश से ही प्रदेशभर में सीजन का आधे से ज्यादा बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। मध्य प्रदेश की सामान्य औसत बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है। अब तक प्रदेश में औसत 21 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो सामान्य बारिश से 15 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में अबतक 10 इंच से भी कम बारिश हो सकी है। फिर एक्टिव हो रहा स्ट्रॉन्ग सिस्टम वहीं, लगभग हफ्तेभर से लगे ब्रेक के बाद एमपी में एक बार फिर बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हुआ है। मौसम केंद्र ने बुधवार को जबलपुर समेत 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आज जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सागर, दमोह, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, मौसम विभाग ने जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सागर, दमोह, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर में अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिरने का अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में गरज-चमक, आंधी और हल्की बारिश का दौर रहेगा। शाजापुर में नदी से मछली पकड़ने गए 27 वर्षीय विशाल केवट की आकाशीय बिजली की चपेट में आकर मौत हो गई। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि मध्यप्रदेश में फिलहाल मानसून ट्रफ और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हुआ है। अगले चार दिन तक कहीं भारी तो कहीं अति भारी बारिश का अलर्ट है। 24 को इन जिलों में बारिश का अलर्ट भोपाल में दिनभर धूप रही। शाम 4 बजे के बाद मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। इससे पूरा शहर तरबतर हो गया। टीकमगढ़, नर्मदापुरम, सागर, इंदौर, छिंदवाड़ा, दमोह, उज्जैन, हरदा, शाजापुर में भी बारिश का दौर चला। रात में भी कई जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने गुरुवार को पन्ना, सतना, रीवा, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बाकी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश होने की संभावना है। MP में 21 इंच गिर चुका पानी भारत में मानसून (Monsoon) की एंट्री 24 मई को हुई। मानसून ने सबसे पहले केरल पहुंचा। फिर कर्नाटक में दस्तक दी। तमिलनाडु, गोवा, महाराष्ट्र, मिजोरम, मणिपुर, नगालैंड, आंध्र प्रदेश होते हुए 16 जून को मानसून एमपी आया। 20 जून तक मानसून ने सभी जिलों को करव कर लिया। तब से सूबे में झमाझम बारिश हो रही है। अब तक 21 इंच बारिश हो चुकी है। जबकि 13.7 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है।  एक साथ एक्टिव हुए दो साइक्लोनिक सिस्टम इसी के साथ प्रदेश के अन्य इलाकों में गरज-चमक, आंधी और हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दरअसल प्रदेश में मानसून ट्रफ और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। इस कारण से कहीं भारी तो कहीं अति भारी बारिश की स्थिति बन रही है। ये स्थिति फिलहाल चार-पांच दिन तक बनी रहने की संभावना है। भोपाल में दिन में धूप, शाम को तेज बारिश इससे पहले मंगलवार को भोपाल, इंदौर, टीकमगढ़ समेत 20 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश का दौर चला। भोपाल में दिनभर धूप खिली रही, लेकिन शाम 4 बजे के बाद मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। इससे पूरा शहर तरबतर हो गया। टीकमगढ़, नर्मदापुरम, सागर, इंदौर, छिंदवाड़ा, दमोह, उज्जैन, हरदा, शाजापुर में भी बारिश का दौर चला। रात में भी कई जिलों में बारिश हुई। इस बार 7.3 इंच बारिश ज्यादा मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 21 इंच बारिश हो चुकी है जबकि अब तक 13.7 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 53% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों में भी बेहतर स्थिति है। यहां 80% से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे हैं। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है।