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मानसून की बेरुखी: बड़ा तालाब अधूरा, कलियासोत को चाहिए आधे से ज्यादा पानी

भोपाल  भोपाल में अब तक 15.8 इंच बारिश हो चुकी है, जो अब तक की औसत बारिश 13 इंच से पौने तीन इंच ज्यादा है। बावजूद अब तक डैम या तालाब नहीं छलके हैं। बड़ा तालाब 6.6 फीट है। कलियासोत डैम को पूरा भरने में साढ़े 10 फीट पानी की जरूरत है। पिछले साल जुलाई में ही 3 डैम- कोलार, भदभदा और कलियासोत डैम ओवरफ्लो हो गए थे। वहीं, बड़ा तालाब भी लबालब भर गया था। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार भोपाल में बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम की एक्टिविटी कम रही है। इस वजह से तालाब और डैम में ज्यादा पानी नहीं बढ़ा, लेकिन अगले सप्ताह से फिर से बारिश का दौर शुरू होगा। जिससे अगस्त के पहले सप्ताह तक अच्छा पानी आ सकता है। सीहोर में भी तेज बारिश की दरकार सीहोर में तेज बारिश होने से कोलांस नदी उफान पर आएगी, जिससे बड़ा तालाब में पानी और बढ़ेगा। यहां भी तेज बारिश की दरकार है। सीहोर में अब तक औसत साढ़े 17 इंच पानी गिर चुका है। बड़ा तालाब: इसकी जलभराव क्षमता 1666.80 फीट है। अभी इसमें 1660.20 फीट पानी है। इसे पूरा भरने में अभी 6.60 फीट पानी की और जरूरत है। पिछली बार बड़ा तालाब जुलाई में ही भर गया था, लेकिन इस बार अभी भी खाली है। बड़ा तालाब पूरा भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खुलते हैं। इस बार कैचमेंट एरिया में कम बारिश हुई है। जिससे कोलांस नदी लबालब होकर नहीं कही। कोलार डैम: इसका वॉटर लेवल 1516.40 फीट है। अभी इसमें 1490.74 फीट पानी जमा है। इस हिसाब से यह काफी खाली है। कोलार डैम से ही भोपाल शहर के 40% हिस्से में पानी की सप्लाई की जाती है। पिछली बार जुलाई में इसके गेट खोलने पड़े थे। केरवा डैम: कुल 1673 फीट वाले केरवा डैम में अब तक 1653.08 फीट पानी आ चुका है। बारिश नहीं होने से आवक फिलहाल थमी हुई है। कलियासोत डैम: डैम का वॉटर लेवल 1648.62 फीट है। इसकी कुल जलभराव क्षमता 1659 फीट है। इसके चलते डैम अभी भी साढ़े 10 फीट खाली है। बड़ा तालाब के गेट खुलने पर कलियासोत डैम में पानी आएगा और गेट खुल जाएंगे। पिछले साल जुलाई में ही 3 डैम- कोलार, भदभदा और कलियासोत डैम ओवरफ्लो हो गए थे। वहीं, बड़ा तालाब भी लबालब भर गया था। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार भोपाल में बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम की एक्टिविटी कम रही है। इस वजह से तालाब और डैम में ज्यादा पानी नहीं बढ़ा, लेकिन अगले सप्ताह से फिर से बारिश का दौर शुरू होगा। जिससे अगस्त के पहले सप्ताह तक अच्छा पानी आ सकता है।  

मानसून की बेरुखी: बड़ा तालाब अधूरा, कलियासोत को चाहिए आधे से ज्यादा पानी

भोपाल  भोपाल में अब तक 15.8 इंच बारिश हो चुकी है, जो अब तक की औसत बारिश 13 इंच से पौने तीन इंच ज्यादा है। बावजूद अब तक डैम या तालाब नहीं छलके हैं। बड़ा तालाब 6.6 फीट है। कलियासोत डैम को पूरा भरने में साढ़े 10 फीट पानी की जरूरत है। पिछले साल जुलाई में ही 3 डैम- कोलार, भदभदा और कलियासोत डैम ओवरफ्लो हो गए थे। वहीं, बड़ा तालाब भी लबालब भर गया था। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार भोपाल में बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम की एक्टिविटी कम रही है। इस वजह से तालाब और डैम में ज्यादा पानी नहीं बढ़ा, लेकिन अगले सप्ताह से फिर से बारिश का दौर शुरू होगा। जिससे अगस्त के पहले सप्ताह तक अच्छा पानी आ सकता है। सीहोर में भी तेज बारिश की दरकार सीहोर में तेज बारिश होने से कोलांस नदी उफान पर आएगी, जिससे बड़ा तालाब में पानी और बढ़ेगा। यहां भी तेज बारिश की दरकार है। सीहोर में अब तक औसत साढ़े 17 इंच पानी गिर चुका है। बड़ा तालाब: इसकी जलभराव क्षमता 1666.80 फीट है। अभी इसमें 1660.20 फीट पानी है। इसे पूरा भरने में अभी 6.60 फीट पानी की और जरूरत है। पिछली बार बड़ा तालाब जुलाई में ही भर गया था, लेकिन इस बार अभी भी खाली है। बड़ा तालाब पूरा भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खुलते हैं। इस बार कैचमेंट एरिया में कम बारिश हुई है। जिससे कोलांस नदी लबालब होकर नहीं कही। कोलार डैम: इसका वॉटर लेवल 1516.40 फीट है। अभी इसमें 1490.74 फीट पानी जमा है। इस हिसाब से यह काफी खाली है। कोलार डैम से ही भोपाल शहर के 40% हिस्से में पानी की सप्लाई की जाती है। पिछली बार जुलाई में इसके गेट खोलने पड़े थे। केरवा डैम: कुल 1673 फीट वाले केरवा डैम में अब तक 1653.08 फीट पानी आ चुका है। बारिश नहीं होने से आवक फिलहाल थमी हुई है। कलियासोत डैम: डैम का वॉटर लेवल 1648.62 फीट है। इसकी कुल जलभराव क्षमता 1659 फीट है। इसके चलते डैम अभी भी साढ़े 10 फीट खाली है। बड़ा तालाब के गेट खुलने पर कलियासोत डैम में पानी आएगा और गेट खुल जाएंगे। पिछले साल जुलाई में ही 3 डैम- कोलार, भदभदा और कलियासोत डैम ओवरफ्लो हो गए थे। वहीं, बड़ा तालाब भी लबालब भर गया था। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार भोपाल में बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम की एक्टिविटी कम रही है। इस वजह से तालाब और डैम में ज्यादा पानी नहीं बढ़ा, लेकिन अगले सप्ताह से फिर से बारिश का दौर शुरू होगा। जिससे अगस्त के पहले सप्ताह तक अच्छा पानी आ सकता है।  

वर्दी पर दाग: स्कॉर्पियो चोरी में कॉन्स्टेबल गिरफ्तार, गैंग के 5 और साथी पकड़े गए

ग्वालियर  क्राइम को कंट्रोल करने का काम पुलिस करती है, लेकिन अगर पुलिस ही खुद क्रिमिनल बन जाए तो आप क्या कहेंगे. कुछ ऐसा ही चौंकाने वाला मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आया है. यहां चोरी के एक मामले में खुद आरक्षक फंस गया. मामले का खुलासा हुआ तो पुलिस भी हैरान रह गई. आरोपी आरक्षक ने अपने दोस्त के साथ मिलकर गाड़ी चोरी कर ली. फिलहाल पुलिस ने आरोपी आरक्षक को गिरफ्तार कर लिया है. अब पुलिस की टीम चोरी के मामले को लेकर आरोपियों से पूछताछ कर रही है. पुलिस ने चोरी के आरोपियों को किया गिरफ्तार, डबरा शहर के शुगर मिल कैंपस से स्कॉर्पियो चोरी के मामले में बढ़ा खुलसा देखने को मिला है. इस चोरी की घटना में एक पुलिस आरक्षक भी शामिल निकला. आरक्षक 1003 रवि जाटव ग्वालियर का रहने वाला है, जो कि थाना कालीपीथ जिला राजगढ़ में पदस्थ है. बड़ी बात ये रही कि आरक्षक को पकड़ने गाई पुलिस को स्कॉर्पियो चोरी करने वाला एक चोर बॉबी बाथम भी उसी के साथ मिला. पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार दोनों आरोपियों को डबरा सिटी पुलिस गिरफ्तार कर थाने लाई है, जहां उन्हें न्यायालय में पेश किया और 2 दिन का PR लेकर आगे की पूछताछ भी की जा रही है. इस मामले में डबरा सिटी पुलिस ने पहले भी 4 आरोपियों को पकड़ा था. आपको बता दें कि 10 जुलाई की रात डबरा इलाके में रहने वाले अवतार रावत की घर से गई चोरी की स्कॉर्पियो कार और अन्य स्थानों से चोरी गया 6 तोला सोना जब्त किया था. इन आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह पुलिस आरक्षक रवि जाटव के साथ मिलकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया करते थे. पुलिस की जांच में पता चला कि 10 जुलाई की रात डबरा निवासी अवतार रावत के घर से स्कॉर्पियो कार चोरी की गई थी। इस मामले में पुलिस ने पहले चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनसे 6 तोला चोरी का सोना भी बरामद किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये आरोपी पुलिस आरक्षक रवि जाटव के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। स्कॉर्पियो चोरी के दिन रवि जाटव भी मौके पर मौजूद था और वही गाड़ी को चलाकर ले गया था।  इसी मामले में डबरा सिटी पुलिस ने सराफा बाजार के व्यापारी राजेंद्र सोनी को भी हिरासत में लिया था, जिन्होंने चोरी का सोना खरीदा था। टीआई यशवंत गोयल ने बताया कि राजेंद्र सोनी से चोरी का सोना बरामद कर लिया गया है और उसे नोटिस देकर छोड़ दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में गहन जांच कर रही है ताकि चोरी के इस नेटवर्क का और खुलासा हो सके।  एसडीओपी सौरभ कुमार ने कहा कि “हमने स्कॉर्पियो चोरी के मामले में पुलिस आरक्षक रवि जाटव और बॉबी बाथम को गिरफ्तार किया है। जांच में पाया गया कि रवि जाटव चोरी की घटनाओं में शामिल था। अन्य आरोपियों से 6 तोला सोना बरामद किया गया है, और सराफा व्यापारी से भी माल जप्त कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है।”   स्कॉर्पियो की चोरी वाले दिन आरक्षक रवि जाटव भी साथ मौजूद था. वहीं स्कॉर्पियो को चलाकर ले गया था. वहीं पुलिस ने चोरी का सोना खरीदने वाले डबरा सराफा बाजार के सराफा व्यापारी राजेंद्र सोनी को भी पकड़ा था, जिसे पुलिस ने पूछताछ कर चोरी का सोना बरामद करने के बाद छोड़ दिया है. टीआई यशवंत गोयल का कहना है कि सोनी से चोरी का माल जब्त कर नोटिस देकर उसे छोड़ा गया है.

मौसम विभाग का अलर्ट: जबलपुर और आसपास के जिलों में मूसलधार बारिश के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस बार के मानसूनी सीजन में अबतक कुल 21 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। हालांकि, आज 23 जुलाई तक औसत 13.7 इंच बारिश होना चाहिए थी। यानी अबतक प्रदेशभर में सामान्य से औसत से 7.3 इंच अधिक बारिश हुई है। ऐसे में सिर्फ चंद दिनों की बारिश से ही प्रदेशभर में सीजन का आधे से ज्यादा बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। मध्य प्रदेश की सामान्य औसत बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है। अब तक प्रदेश में औसत 21 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो सामान्य बारिश से 15 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में अबतक 10 इंच से भी कम बारिश हो सकी है। फिर एक्टिव हो रहा स्ट्रॉन्ग सिस्टम वहीं, लगभग हफ्तेभर से लगे ब्रेक के बाद एमपी में एक बार फिर बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हुआ है। मौसम केंद्र ने बुधवार को जबलपुर समेत 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आज जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सागर, दमोह, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, मौसम विभाग ने जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सागर, दमोह, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर में अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिरने का अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में गरज-चमक, आंधी और हल्की बारिश का दौर रहेगा। शाजापुर में नदी से मछली पकड़ने गए 27 वर्षीय विशाल केवट की आकाशीय बिजली की चपेट में आकर मौत हो गई। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि मध्यप्रदेश में फिलहाल मानसून ट्रफ और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हुआ है। अगले चार दिन तक कहीं भारी तो कहीं अति भारी बारिश का अलर्ट है। 24 को इन जिलों में बारिश का अलर्ट भोपाल में दिनभर धूप रही। शाम 4 बजे के बाद मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। इससे पूरा शहर तरबतर हो गया। टीकमगढ़, नर्मदापुरम, सागर, इंदौर, छिंदवाड़ा, दमोह, उज्जैन, हरदा, शाजापुर में भी बारिश का दौर चला। रात में भी कई जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने गुरुवार को पन्ना, सतना, रीवा, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बाकी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश होने की संभावना है। MP में 21 इंच गिर चुका पानी भारत में मानसून (Monsoon) की एंट्री 24 मई को हुई। मानसून ने सबसे पहले केरल पहुंचा। फिर कर्नाटक में दस्तक दी। तमिलनाडु, गोवा, महाराष्ट्र, मिजोरम, मणिपुर, नगालैंड, आंध्र प्रदेश होते हुए 16 जून को मानसून एमपी आया। 20 जून तक मानसून ने सभी जिलों को करव कर लिया। तब से सूबे में झमाझम बारिश हो रही है। अब तक 21 इंच बारिश हो चुकी है। जबकि 13.7 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है।  एक साथ एक्टिव हुए दो साइक्लोनिक सिस्टम इसी के साथ प्रदेश के अन्य इलाकों में गरज-चमक, आंधी और हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दरअसल प्रदेश में मानसून ट्रफ और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। इस कारण से कहीं भारी तो कहीं अति भारी बारिश की स्थिति बन रही है। ये स्थिति फिलहाल चार-पांच दिन तक बनी रहने की संभावना है। भोपाल में दिन में धूप, शाम को तेज बारिश इससे पहले मंगलवार को भोपाल, इंदौर, टीकमगढ़ समेत 20 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश का दौर चला। भोपाल में दिनभर धूप खिली रही, लेकिन शाम 4 बजे के बाद मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। इससे पूरा शहर तरबतर हो गया। टीकमगढ़, नर्मदापुरम, सागर, इंदौर, छिंदवाड़ा, दमोह, उज्जैन, हरदा, शाजापुर में भी बारिश का दौर चला। रात में भी कई जिलों में बारिश हुई। इस बार 7.3 इंच बारिश ज्यादा मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 21 इंच बारिश हो चुकी है जबकि अब तक 13.7 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 53% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों में भी बेहतर स्थिति है। यहां 80% से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे हैं। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है।

भोपाल में ट्रैफिक कंट्रोल के लिए बड़ा फैसला: ई-रिक्शा 12 मार्गों से बाहर, पार्किंग पर भी रोक

भोपाल   राजधानी भोपाल की स्कूलों के बाद आज से शहर के 12 व्यस्ततम और अहम वीवीआईपी जगहों पर ई-रिक्शा चलाने और पार्किंग पर प्रतिबंध है। दरअसल 27 जून को हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ई-रिक्शा चलाने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया था। पहले 7 दिन दी जाएगी समइाइश इन सभी मार्गों को भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने दो पैमानों पर तय किया है। पहला ये कि इन सभी मार्गो पर नगर सेवा बाहन पहले से संचालित है। दूसरा यह कि इन सड़कों पर ई-रिक्शा की ज्यादा संख्या होने के कारण ट्रैफिक जाम के हालात बनते हैं। दो दिन पहले ई-रिक्शा से स्कूली छात्र-छात्राओं के परिवहन पर भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने प्रतिबंध लगाया था। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि अगले सात दिनों तक प्रतिबंधित मार्गों पर ई-रिक्शा चलाने और पार्क करने वाले चालकों को समइाइश दी जाएगी। इसके बाद चालान होंगे। यहां ई-रिक्शा व उसकी पार्किंग प्रतिबंधित -राजभवन से पॉलिटेक्निक चौराहा – पॉलिटेक्निक चौराहा से स्टेट हैंगर – बोट क्लब – हमीदिया रोड-अल्पना से भोपाल टॉकीज -अपेक्स बैंक से रोशनपुरा – लिंक रोड-1 बोर्ड ऑफिस चौराहा से अपेक्स बैंक तक – काटजू अस्पताल तिराहा से रंगमहल तिराहा तक – वन्दे मातरम से 10 नंबर स्टॉप तक -10 नंबर से नेशनल अस्पताल तक – 10 नंबर से साढ़े 10 नंबर तक – सेंटर प्वाइंट से रोशनपुरा तक – जीजी फ्लाईओवर  सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला यातायात पुलिस के अनुसार, भोपाल की इन सड़कों पर वीआईपी मूवमेंट और उच्च यातायात घनत्व अधिक होता है। आम नागरिकों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। ई-रिक्शा की धीमी गति और बेतरतीब पार्किंग व्यवस्था कई बार दुर्घटनाओं और जाम का कारण बनती है। स्कूली बच्चों को ले जाने पर भी सख्त रोक भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 20 जुलाई 2025 को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा, स्कूली छात्रों को अब ई-रिक्शा से नहीं ले जाया जा सकता। यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। ट्रैफिक पुलिस इस विषय पर जागरूकता अभियान भी चला रही है। भोपाल में 7,000 से अधिक ई-रिक्शा संचालित भोपाल क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के मुताबिक, भोपाल में 7,000 से अधिक ई-रिक्शा संचालित हैं। इनमें से ज्यादातर बिना परमिट के संचालित हैं। भोपाल टॉकीज़ से करोंद चौराहा और अयोध्या बाईपास तक ई रिक्शा के चलते भारी ट्रैफ़िक जाम लगता है। भोपाल आरटीओ ने यह आंकड़े पिछले साल जारी किए थे। अब इनकी संख्या और बढ़ गई होगी।  स्कूलों में ई-रिक्शा पर प्रतिबंध लगेगा, बच्चों की सेफ्टी  …….  शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए शुक्रवार को कंट्रोल रूम में एक मीटिंग हुई। सांसद आलोक शर्मा ने जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। मीटिंग में लेफ्ट-टर्न को सुधारने, ई-रिक्शा पर नियंत्रण रखने, ट्रांसफार्मर हटाने और पार्किंग व्यवस्था को ठीक करने जैसे मुद्दों पर बात हुई। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को उनके अधूरे प्लान के लिए फटकार लगाई गई और उन्हें एक हफ्ते में ट्रैफिक एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर लेफ्ट टर्न सुधार का प्लान पेश करने का निर्देश दिया गया। शहर के 42 चौराहों पर लेफ्ट टर्न की समस्या को दूर करने के लिए 3 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। ई-रिक्शा पर रोक ई-रिक्शा के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई गई और कलेक्टर ने कहा कि बच्चों को ई-रिक्शा में स्कूल भेजना सुरक्षित नहीं है। इसलिए स्कूलों में ई-रिक्शा को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया गया, क्योंकि यह बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी था। मीटिंग में सड़कों से अतिक्रमण हटाने और कंडम वाहनों को हटाने पर भी बात हुई। सांसद शर्मा ने ट्रांसफार्मर और खंभों को हटाने की बात कही और पार्किंग व्यवस्था को आम लोगों के लिए आसान बनाने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार सांसद आलोक शर्मा ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार भी लगाई। दरअसल, पीडब्ल्यूडी अधिकारी बिना किसी वर्किंग प्लान के मीटिंग में पहुंच गए थे। इस पर सांसद ने नाराजगी जताई। मीटिंग में संबंधित विभागों को कुछ निर्देश दिए गए। उन्हें मैनिट के ट्रैफिक विशेषज्ञों की मदद से सभी 42 चौराहों की समीक्षा रिपोर्ट और एस्टीमेट तैयार करने को कहा गया। इससे जल्द से जल्द काम शुरू किया जा सके। ऐसा करने से ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और लोगों का आना-जाना आसान हो जाएगा। साथ ही, चौराहों की सुरक्षा और दृश्यता भी बेहतर हो जाएगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धेय चंद्रशेखर आजाद को दी श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की माटी के गौरव, स्वतंत्रता संग्राम के नायक श्रद्धेय चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मात्र 13 साल की उम्र में स्कूल के बाहर धरना देते गिरफ्तार किए गए चंद्रशेखर ने अपना नाम 'आजाद' और पिता का नाम 'स्वाधीनता' बताया था। उन्होंने कहा कि वे सच्चे राष्ट्रवादी थे। मां भारती के ऐसे सपूत के ऋण से राष्ट्र कभी उऋण न हो सकेगा।  

राजेंद्र शुक्ला ने स्वास्थ्य जागरूकता पर दिया ज़ोर, बोले–बीमारी से लड़ने से पहले जानना ज़रूरी

जेके हॉस्पिटल में ‘डेंटल केयर अवेयरनेस कैंपेन 2025’ का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने की पहल, बोले – इलाज से पहले जागरूकता जरूरी उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला की पहल: कहा—इलाज से पहले जरूरी है जागरूकता राजेंद्र शुक्ला ने स्वास्थ्य जागरूकता पर दिया ज़ोर, बोले–बीमारी से लड़ने से पहले जानना ज़रूरी भोपाल  राजधानी भोपाल स्थित एलएन मेडिकल कॉलेज और जेके हॉस्पिटल परिसर में आज 22 जुलाई को 'मास्टर हेल्थ प्रो' (Master Health Pro) के तत्वावधान में ‘डेंटल केयर अवेयरनेस कैंपेन 2025’ का शुभारंभ हुआ। इस जनहितैषी कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. राजेंद्र शुक्ला ने कहा,“हमारी सरकार इलाज से ज्यादा रोकथाम व जनजागरूकता को प्राथमिकता दे रही है। दांतों की सेहत केवल मुख तक सीमित नहीं, यह पूरे शरीर की सेहत से जुड़ी होती है। हमें लोगों को बचपन से ही दंत स्वच्छता की शिक्षा देनी होगी।”देशभर के डेंटल विशेषज्ञ और छात्र हुए शामिल कार्यक्रम में देशभर से आए डेंटल सर्जन्स, एक्सपर्ट्स और सैकड़ों डेंटल स्टूडेंट्स ने सहभागिता की। विशेषज्ञों ने मौखिक स्वच्छता, बच्चों में दांतों की समस्याएं, आधुनिक जीवनशैली और खानपान के प्रभाव जैसे विषयों पर ज्ञानवर्धक जानकारी साझा की। डॉ. अनुपम चौकसे का विज़न: हर नागरिक तक पहुँचे मौखिक स्वास्थ्य का संदेश एलएनसीटी ग्रुप के सचिव डॉ. अनुपम चौकसे ने अपने संबोधन में कहा – “इस जागरूकता अभियान से प्रदेश की आम जनता को न केवल दंत चिकित्सा की जानकारी मिलेगी, बल्कि वे समय रहते मुंह व दांतों से जुड़ी बीमारियों से बचाव भी कर सकेंगे। हमारा लक्ष्य है कि हम इस अभियान को गांव-गांव और स्कूल-स्कूल तक पहुँचाएं, ताकि दंत स्वच्छता को हम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का हिस्सा बना सकें।” उन्होंने यह भी कहा कि एलएनसीटी ग्रुप शिक्षा के साथ-साथ समाजसेवा को भी अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी मानता है। उनका विज़न है कि बच्चों को स्कूल स्तर से ही डेंटल हाइजीन की शिक्षा दी जाए, ताकि एक स्वस्थ व जागरूक भारत का निर्माण हो सके। कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां: मुफ्त मौखिक परीक्षण शिविर स्कूली छात्रों के लिए डेंटल हाइजीन वर्कशॉप डेंटल अवेयरनेस मोबाइल वैन का शुभारंभ विशेष डॉक्यूमेंट्री का लोकार्पण गौरवशाली उपस्थिति ने कार्यक्रम को बनाया विशेष: कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे – डॉ. गिरीश चंद्र वर्मा, चेयरमैन, महार्षि ग्रुप डॉ. अनुपम चौकसे, सचिव, एलएनसीटी ग्रुप धर्मेंद्र गुप्ता, डायरेक्टर, एलएनसीटी ग्रुप डॉ. चंद्रेश शुक्ला, अध्यक्ष, मप्र राज्य डेंटल काउंसिल डॉ. सुरेश एलांगोवन, चेयरमैन, मास्टर हेल्थ प्रो इंडिया प्रा. लि. इन सभी अतिथियों ने दंत स्वास्थ्य शिक्षा को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने पर बल दिया और भारत को इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाने की बात कही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धेय बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर किया नमन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, श्रद्धेय लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर उनका पुण्य स्मरण कर शत-शत नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रृद्धेय तिलक ने ही पहली बार सम्पूर्ण स्वराज की आवाज बुलंद की थी और देशभक्ति से ओत-प्रोत विचारों से पूरे राष्ट्र को स्वतंत्रता पाने के लिए जागृत किया था। राष्ट्र जागरण में उनका योगदान अमिट रहेगा।  

पीडब्ल्यूडी सलाहकार समिति की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा, मंत्री ने दिए निर्देश

लोक निर्माण मंत्री की अध्यक्षता में विभागीय सलाहकार समिति की बैठक संपन्न लोक निर्माण विभाग की रणनीतियों पर मंथन, मंत्री की अध्यक्षता में बैठक आयोजित पीडब्ल्यूडी सलाहकार समिति की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा, मंत्री ने दिए निर्देश निर्माण गुणवत्ता, अभियंताओं के प्रशिक्षण और सड़क विकास रणनीति पर हुआ विस्तार से मंथन भोपाल लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को विभागीय सलाहकार समिति की बैठक में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को और अधिक बेहतर बनाने पर विशेष बल देते हुए अभियंताओं के कौशल विकास की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय अभियंताओं को राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण दिलाया जाए, जिससे वे गुणवत्तापूर्ण निर्माण तकनीकों और नवीनतम इंजीनियरिंग विधाओं से परिचित हो सकें। बैठक में सलाहकार समिति सदस्य प्रशांत पोल, विक्रांत सिंह तोमर, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग सुखवीर सिंह, प्रबंध संचालक एमपीआरडीसी भरत यादव, प्रबंध संचालक भवन निर्माण सी.बी. चक्रवर्ती सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री सिंह ने ‘लोकपथ’ मोबाइल ऐप पर प्राप्त जन-शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागरिकों की समस्याओं का समय-सीमा में त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग की प्राथमिकता जनसेवा है और जन-विश्वास बनाए रखने के लिए जवाबदेही और तत्परता अनिवार्य है। बैठक में सड़क निर्माण एवं उन्नयन की दीर्घकालिक रणनीति पर भी गंभीरतापूर्वक चर्चा हुई। मंत्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोक निर्माण का मूल उद्देश्य जन-कल्याण होना चाहिए, इसलिए योजनाओं का निर्माण आमजन की आवश्यकताओं को केंद्र में रखकर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक परियोजना ऐसी हो जो जनता को सुगमता, सुविधा और सुरक्षा प्रदान कर सके। उपस्थित अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं और प्रस्तावों पर विस्तार से जानकारी दी और निर्माण की गुणवत्ता बढ़ाने तथा तकनीकी उन्नयन के लिए किए जा रहे प्रयासों की रूपरेखा प्रस्तुत की।  

स्पेन से सीखेंगे उन्नत खेती के गुर: किसानों का दल विदेश भेजेगी राज्य सरकार — सीएम डॉ. यादव

कृषि, उद्यानिकी और फल उत्पादन की उन्नत तकनीकी प्रबंधन की जानकारी के लिए कृषक दल जाएंगे स्पेन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के प्राकृतिक खेती और हरित ऊर्जा पर आधारित उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर करेंगे प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सफल दुबई-स्पेन यात्रा के लिए मंत्रीगण ने किया अभिवादन मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 13 से 19 जुलाई तक दुबई-स्पेन की सफल निवेश यात्रा से प्रदेश को वैश्विक निवेश के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान मिली है और यूरोप तथा खाड़ी देशों में यह संदेश पहुंचा है कि मध्यप्रदेश निवेश मित्र राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस यात्रा में कुल 11 हजार 119 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिससे लगभग 14 हजार से अधिक रोजगार सृजन की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। दुबई-स्पेन की सफल निवेश यात्रा के लिए मंत्रीगण ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुष्प गुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर उनका अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्पेन में उद्यानिकी, फल उत्पादन और कृषि क्षेत्र का प्रबंधन सराहनीय और अनुकरणीय है। इस क्षेत्र में आधुनिकतम तकनीक अपनाने के लिए प्रदेश के कृषक दलों को स्पेन भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वस्त्र व्यवसाय में लगे अंतर्राष्ट्रीय समूह, हरित ऊर्जा के उपयोग और प्राकृतिक खेती से उत्पादित सामग्री को विशेष महत्व देते हैं। इस दृष्टि से मध्यप्रदेश के उत्पादों का अंतर्राष्ट्रीय बाजार में विशेष महत्व है। राज्य सरकार प्रदेश के उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करने की पहल करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई, मैड्रिड, बार्सिलोना में आयोजित “इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश’’ कार्यक्रम एवं “प्रवासी भारतीयों से चर्चा’’ में 1000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। मध्यप्रदेश में टेक्समास (दुबई) के साथ एमओयू हुआ है। अरब देशों में मध्यप्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने के लिये अरब चैम्बर ऑफ कामर्स के साथ भी एमओयू किया गया। इसी तरह निवेश, तकनीकी सहयोग और सतत ‍डिजिटल अधोसंरचना विकास के लिये सबमर टेक्नॉलाजीस एस.एल. के साथ एमओयू किया गया। दुबई में इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्टील मेन्युफेक्चरिंग, हॉस्पिटैलिटी, डिफेंस, वेयरहाउसिंग और सस्टेनेबल सिटी जैसे क्षेत्रों में कम्पनियों से कुल 6801 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। स्पेन में डिजिटल, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन में कम्पनियों से 4318 करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें उन्नत बायोफ्यूल और एसएएफ प्रोजेक्ट्स में 4000 करोड़ रुपये का एक बड़ा निवेश प्रस्ताव भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह यात्रा मध्यप्रदेश को निवेश के नए क्षेत्रों में व्यापार की संभावनाएं बनाने और उसे वैश्विक मंच पर एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने में अभूतपूर्व रूप से सफल रही है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी और सांस्कृतिक संबंध भी मजबूत होंगे। महाकाल की सवारी में मंत्रीगणों को किया आमंत्रित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संपूर्ण वैश्विक जगत में विख्यात 12 ज्योतिर्लिंगों में से उज्जैन की धरती पर भूतभावन महाकाल बाबा विराजमान हैं। श्रावण तथा भाद्र मास में बाबा महाकाल की सवारी के रूप में आमजन के बीच पहुंचते हैं। बाबा महाकाल की सवारी का स्वरूप प्रत्येक सोमवार को अलग-अलग रूप में देखा जाता है। बाबा महाकाल की गौरवशाली सवारी में उपस्थित होने के लिए मंत्रि-परिषद के सभी साथियों के लिए उज्जैन के स्थानीय प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई। अब तक 21 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खरीफ-2025 के लिए कुल उपलब्ध उर्वरक 31.52 लाख मीट्रिक टन था, जिसमें से 20 जुलाई तक 21.05 लाख मीट्रिक टन वितरण हो चुका है। विपणन संघ के डबललॉक केन्द्रों पर इलेक्ट्रॉनिक टोकन सिस्टम लगाने की व्यवस्था कराई जा रही है। डबललॉक केन्द्रों पर किसानों को सुविधा से, व्यवस्थित ढंग से उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले के लिये ट्रांजिट रेक, प्राप्त होने वाली संभावित रेक, जिले में उपलब्ध स्कंध का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये एवं इसकी जानकारी समस्त जन-प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाये। विपणन संघ के विक्रय केन्द्रों एवं पैक्स में निर्धारित अनुपात अनुसार उर्वरक का भंडारण करवाया जा रहा है। रासायनिक उर्वरकों की विक्रय दरों का अनुमोदन किया गया है। जैव-विविधता एवं पर्यावरण संरक्षण की पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जैव विविधता से सम्पन्न क्षेत्रों की पहचान कर उक्त क्षेत्र में सतत संरक्षण के लिये बायोस्फियर रिजर्व स्थापित किये जा रहे हैं। बायोस्फियर रिजर्व घोषित होने से उक्त क्षेत्र में सतत विकास और जैव विविधता एवं पर्यावरण का संरक्षण सुनिश्चित होता है। पचमढ़ी क्षेत्र को 1999 में, अचानकमार-अमरकंटक को 2011 में एवं पन्ना को 2011 में बायोस्फियर रिजर्व घोषित किया गया है। लगभग 15 वर्षों के अंतराल के बाद राज्य शासन के प्रयास एवं पहल से कान्हा, पेंच एवं बांधवगढ़ को भी बायोस्फियर रिजर्व घोषित किये जाने के लिये प्रोजेक्ट डॉक्यूमेंट तैयार कर भारत सरकार/यूनेस्को को प्रेषित किये गये हैं तथा इन्हें यूनेस्को के वर्ल्ड नेटवर्क ऑफ बायोस्फियर रिजर्व में नामांकित करने के लिये प्रयास करेंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण एवं पर्यटन तथा रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल तथा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने अभिवादन किया। मंत्रि-परिषद की बैठक राष्ट्रगीत वंदे-मातरम के सामूहिक गायन के साथ प्रारंभ हुई।