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MP के झाबुआ में 11 मोरों की मौत का मामला, रिपोर्ट में जहरीला पदार्थ खाने का संकेत

झाबुआ जिले की थांदला वन रेंज के तोरणिया में 11 मोर एक साथ मृत पाए गए। एक मोर घायल था, जिसे बचा लिया गया। खेत में छिड़के गए कीटनाशक मिश्रित अनाज के खाने से मोरों की मौत की आशंका जताई गई है। हालांकि पोस्टमार्टम में प्रारंभिक रूप से मौत का कारण फूड पाइजनिंग सामने आया है। मेघनगर तहसील और थांदला वन रेंज के तोरणिया के जंगल के बीच स्थित किसानों के खेतों में ये मोर बुधवार शाम को पड़े पाए गए। वन विभाग और पशुपालन विभाग की टीमों ने जांच की। गुरुवार को पशुपालन विभाग के चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम ने पोस्टमार्टम किया। इसमें फूड पाइजनिंग से मौतों की बात सामने आई है। अब विसरा जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। उसकी रिपोर्ट के बाद मौत की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी। उन्होंने वन विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौके पर खेतों पर में कीटनाशक भी पाया गया, संभव है कि कीटनाशक युक्त कोई अनाज खाने से मोरों की मौत हुई है। प्रभारी रेंजर तोल राम हटीला का कहना है कि कीटनाशक छिड़काव से मोरों की मौत के एंगल से जांच की जा रही है। जिसके भी खेत के कीटनाशक के कारण मोरों की मौत हुई है, उसको आरोपित बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षिप्रा नदी पर निर्माणाधीन घाटों का जायजा लिया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को उज्जैन में सिंहस्थ के लिए बनाए जा रहे घाटों के निर्माण कार्य का अवलोकन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु पूर्णिमा पर भगवान श्री विक्रांत भैरव के मंदिर पहुंचकर दर्शन और पूजन अर्चन किया तथा भगवान से देश प्रदेश की सुख समृद्धि की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माता क्षिप्रा को प्रणाम करने के बाद नौका विहार कर सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए जा रहे 29 किमी से अधिक लंबे घाट निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इन घाटों के निर्माण के बाद सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालु सुविधापूर्वक स्नान कर सकेंगे। जल मार्ग शुरू होने से भी श्रद्धालु जल, वायु और सड़क तीनों मार्ग से आसानी से मंदिरों तक पहुंच कर दर्शन कर सकेंगे। विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा , जनप्रतिनिधि श्री संजय अग्रवाल, श्री रवि सोलंकी तथा डॉ. अभिमन्यु यादव इस अवसर पर उपस्थित रहे। 

सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या, आरोपी को मिली दोहरी उम्र कैद की सजा

बुरहानपुर शहर के शिकारपुरा थाना क्षेत्र में सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या के बहुचर्चित मामले में विशेष न्यायालय पाक्सो एक्ट ने आरोपित गौरव उर्फ खुशाला को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने घटना के 13 माह में अपना फैसला सुनाया है। इसके साथ ही आरोपित पर 14 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय ने अपने फैसले में कहा है कि आरोपित को शेष जीवन काल के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाती है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने इस मामले को चिन्हित प्रकरणों की सूची में रखा था। विशेष लोक अभियोजक रामलाल रंधावे ने बताया कि दुष्कर्म और हत्या का यह जघन्य अपराध 18 मई 2024 को अंजाम दिया गया था। मृत बच्ची की मां ने शिकारपुरा थाने में शिकायत दर्ज कर बताया था कि बच्ची आंगनबाड़ी केंद्र गई थी। वहां से घर लौटने के बाद दोपहर करीब ढाई बजे घर के बाहर खेलने गई और वापस नहीं लौटी। पहले पुलिस को बच्ची के अपहरण की आशंका हुई, लेकिन किसी भी सीसीटीवी कैमरे में उसके नजर नहीं आने पर उसके साथ अनहोनी की आशंका में मोहल्ले में तलाश शुरू की गई। बीस मई को उसके घर के पीछे स्थित खंडहर मकान से बच्ची का शव बरामद किया गया था। जांच के दौरान पता चला कि आरोपित गौरव बच्ची को अपने साथ घर ले गया और दुष्कर्म के बाद बचने के लिए रस्सी से उसका गला घोंट कर खंडहर में फेंक दिया था। इस घटना को लेकर शहर में आक्रोश का माहौल निर्मित हो गया था।

गुरु पूर्णिमा पर्व: ओंकारेश्वर दर्शन करने आए जलगांव की 15 वर्षीय बालिका डूबी, फेफड़ों में पानी भरा

खंडवा गुरु पूर्णिमा पर्व पर ओंकारेश्वर दर्शन के लिए जलगांव (महाराष्ट्र) से आए तीर्थयात्री परिवार के लिए यह दिन पीड़ा भरा बन गया। दर्शन के बाद नर्मदा घाट पर स्नान करते समय 15 वर्षीय बालिका निकिता पुत्री रतिलाल का पैर फिसला और वह गहरे पानी में डूब गई। परिवार के लोगों ने स्थानीय लोगों की मदद से निकिता को बाहर निकाला और तुरंत ओंकारेश्वर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। लेकिन वहां वेंटिलेटर व अन्य जरूरी मेडिकल सुविधाओं का अभाव होने के कारण रवि वर्मा ने उसे निजी अस्पताल सनावद रेफर किया।चिकित्सकों के अनुसार, डूबने के दौरान निकिता के फेफड़ों में अत्यधिक पानी भर गया था, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। उसे वेंटिलेटर की आवश्यकता थी, इसलिए तत्काल उसे एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।   घाट पर नहीं था सुरक्षा बल, नहीं दिखे होमगार्ड गौरतलब है कि गुरु पूर्णिमा जैसे बड़े पर्व पर भी घाट पर कोई होमगार्ड या सुरक्षा बल तैनात नहीं था।हादसे के समय निकिता को बचाने में स्थानीय लोगों ने अहम भूमिका निभाई।यदि मौके पर सुरक्षा कर्मी होते तो संभवतः हादसे से बचा जा सकता था। हर वर्ष होते हैं ऐसे हादसे ओंकारेश्वर में नर्मदा स्नान के दौरान डूबने की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ के बावजूद प्रशासन की ओर से पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए जाते, जिससे हर वर्ष कई दर्दनाक हादसे सामने आते हैं।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जीवन में आया स्वर्णिम बदलाव

सफलता की कहानी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जीवन में आया स्वर्णिम बदलाव खंडवा  खंडवा जिले की श्रीमती पप्पी सुदामा चौधरी ने अपनी मेहनत, हौसले और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से एक ऐसी मिसाल कायम की है, जो ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। पप्पी ने स्व-सहायता समूह की सहायता से 2 लाख रुपये का ऋण लेकर एक जनरल स्टोर शुरू किया, जिससे उनकी मासिक आय 20 से 22 हजार रुपये हो गई है। यह कहानी न केवल उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता की है, बल्कि सामाजिक बदलाव और महिला सशक्तिकरण की भी जीवंत तस्वीर है। पप्पी सुदामा बताती हैं कि पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। ग्रामीण परिवेश में महिलाओं के लिए बाहर जाकर काम करना मुश्किल था, और सामाजिक पाबंदियों ने उनके सपनों को सीमित कर रखा था।स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। समूह की अन्य महिलाओं ने उन्हें प्रोत्साहित किया और व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया। 2 लाख रुपये के ऋण से शुरू किए गए जनरल स्टोर में रोजमर्रा के सामान की बिक्री ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि उनके परिवार के विचारों में भी सकारात्मक बदलाव लाया। अब उनका परिवार उनका पूरा समर्थन करता है। पप्पी की मेहनत और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें शिव शक्ति स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष बनाया। वे अब अन्य महिलाओं को प्रशिक्षित करती हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं। पप्पी कहती हैं, “यदि महिलाएं ठान लें, तो कुछ भी असंभव नहीं है।थोड़े से हौसले और मेहनत की जरूरत है।” उनकी दुकान से होने वाली आय ने उनके बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाया है और परिवार की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में मदद की है। पप्पी सुदामा चौधरी ने शासन का धन्यवाद देते हुए कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने मुझे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया और मेरे परिवार के जीवन को बेहतर बनाया। वे इस योजना को ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान मानती हैं, जिसने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि सामाजिक बंधनों से हटकर नई पहचान बनाने का अवसर भी दिया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने पप्पी जैसी लाखों ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है। यह योजना स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ऋण, प्रशिक्षण और बाजार तक पहुंच प्रदान करती है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। पप्पी की कहानी इस मिशन की सफलता का जीवंत प्रमाण है। पप्पी का यह छोटा-सा प्रयास न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे समुदाय के लिए प्रेरणा बन रहा है।  

केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह से प्रदेश की विभिन्न पैक्स के कार्यकर्ताओं को मिली सराहना

केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह ने मध्यप्रदेश के सहकारी कार्यकर्ताओं के साथ किया संवाद महिला प्रतिनिधियों ने साझा किये केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह से संवाद के अनुभव केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह से प्रदेश की विभिन्न पैक्स के कार्यकर्ताओं को मिली सराहना भोपाल  केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारिता मंत्रालय के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर गुजरात के आणंद में अमूल एवं नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के विविध विकास कार्यों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर देशभर से आये सहकारी समितियों के सदस्यों, विशेषकर महिला प्रतिनिधियों से संवाद कर सहकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान को सराहा। इसमें मध्यप्रदेश की विभिन्न पैक्स (प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों) के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए, जिस पर उन्हें सराहना मिली। धार जिले की श्रीमती रुचिका परमार – नवाचार की ओर बढ़ती पैक्स केंद्रीय मंत्री शाह को धार जिले की नौगांव पैक्स की प्रबंधक श्रीमती रुचिका परमार ने बताया कि उनकी संस्था से 2508 सदस्य जुड़े हैं और प्रतिवर्ष लगभग ₹15 करोड़ मूल्य का नकद एवं खाद वितरण किया जाता है। संस्था समर्थन मूल्य योजना और पीडीएस संचालन के साथ अनुपयोगी भूमि पर मैरिज गार्डन की योजना पर कार्य कर रही है। मंत्री शाह ने इस प्रस्ताव की सराहना करते हुए उन्हें जिला सहकारी बैंक से ऋण के लिए आवेदन करने की सलाह दी एवं पैक्स को आयवर्धक गतिविधियाँ जैसे हर घर नल योजना का रखरखाव, सीएससी सेंटर, डेयरी इकाई, माइक्रो एटीएम और बैंक मित्र जैसी सेवाएँ शुरू करने के लिये प्रेरित किया। किसान श्रीमती सुदामा अछालिया – आधुनिक तकनीकों से बढ़ी आय केंद्रीय मंत्री शाह को धार जिले की कृषक श्रीमती सुदामा अछालिया ने बताया कि वे ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक का उपयोग कर टमाटर, मक्का और सोयाबीन जैसी फसलों की वैज्ञानिक खेती कर रही हैं। संस्था से उन्हें बिना ब्याज पर ऋण भी प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों के उपयोग से उनकी उत्पादकता में 75 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। मंत्री शाह ने उन्हें एनएएफईडी और एनसीसीएफ के माध्यम से पंजीकरण कर फसलें एमएसपी पर बेचने की सलाह दी, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसान मंडी में बेहतर दाम पाएँ तो स्वतंत्र हैं, लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दर होने पर भारत सरकार उनकी फसल खरीदेगी। श्रीमती सुदामा ने मक्का की बुवाई के लिए हाथ से चलने वाली मशीन सब्सिडी पर उपलब्ध कराने का सुझाव दिया, जिस पर केंद्रीय मंत्री शाह ने बताया कि एक नई योजना के तहत पैक्स के माध्यम से कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। रायसेन के कुंवर सिंह दांगी – नेपियर घास से बढ़ी आमदनी केंद्रीय मंत्री शाह को रायसेन जिले की सलामतपुर पैक्स के प्रतिनिधि कुंवर सिंह दांगी ने बताया कि उनकी समिति ने 50 एकड़ क्षेत्र में नेपियर घास की खेती प्रारंभ की है, जिससे किसानों को प्रति एकड़ ₹1 लाख तक का लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि संस्था का मशरूम वर्ल्ड कंपनी से टाईअप भी हुआ है। मंत्री शाह ने पैक्स के बायलॉज में किए गए संशोधन का उल्लेख करते हुए उन्हें जिला सहकारी बैंक के निरीक्षक से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर नई गतिविधियों को जोड़ने की सलाह दी। दांगी ने बताया कि उनकी समिति प्रधानमंत्री अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत 2 एकड़ भूमि पर 3000 टन क्षमता का वेयरहाउस स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। खरगोन के वीरेंद्र सिंह चौहान – जनऔषधि केंद्र से ग्रामीणों को राहत केंद्रीय मंत्री शाह को खरगोन पैक्स के सदस्य वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि उनकी संस्था जन औषधि केंद्र का संचालन कर रही है, जहाँ बाजार मूल्य से 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती दवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। छह माह में ₹8 लाख की औषधियाँ बेची गई हैं। केंद्र स्थानीय अस्पताल से मात्र 300 मीटर दूर है, जिससे लोगों को सुविधा हो रही है। उन्होंने बताया कि एक बी-फार्मा केमिस्ट को नियुक्त किया गया है और प्रचार के लिए घरों में पेम्फलेट वितरण एवं हाट में उद्घोषणा की जा रही है। मंत्री शाह ने सुझाव दिया कि गाँव में प्रचार कर लोगों को जागरूक करें कि यहाँ डायबिटीज की दवाएँ मात्र 20 प्रतिशत, बीपी की दवाएँ 10 प्रतिशत, और मौसमी बीमारियों की दवाएँ 35 प्रतिशत लागत में मिलती हैं, जिससे केंद्र की लोकप्रियता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी सराहा कि डॉक्टर अब जन औषधि की दवाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। सहकारिता आंदोलन को गति देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि देश में दो लाख नई पैक्स का गठन किया जाएगा, जो उत्पादन, अनाज विक्रय और ग्रामीण सेवा वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी। साथ ही, एक राष्ट्रीय सहकारी विश्वविद्यालय तथा तीन नई डेयरी आधारित सहकारी समितियाँ स्थापित की जाएंगी, जिससे सहकारिता क्षेत्र को शिक्षित, संगठित और व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाया जा सकेगा। पैक्स को बहुआयामी संस्था में रूपांतरित करने का आह्वान कार्यक्रम के समापन पर केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि पैक्स को केवल खाद या बीज वितरण तक सीमित न रखें। उन्हें खाली जमीन का उपयोग, मशीन किराये पर देना, जनऔषधि केंद्र का संचालन, और नई कृषि तकनीकों का प्रयोग करते हुए गांवों को आत्मनिर्भर बनाना चाहिए। उन्होंने सभी सहकारी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे मॉडल बायलॉज, कृषि एप्स, और नवीन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर अपनी समिति को आर्थिक रूप से सक्षम एवं सेवा-प्रधान इकाई के रूप में विकसित करें।  

194वीं SLBC बैठक में मुख्य सचिव ने की अध्यक्षता, बैंकिंग योजनाओं की हुई समीक्षा

भोपाल  मुख्य सचिव अनुराग जैन की अघ्यक्षता में मंत्रालय में 194 वीं राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक हुई। बैठक में 192 एवं 193 वीं बैठक का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 के बैंक बिजनिस, क्रेडिट प्लान, प्रदेश में नवीन बैंक शाखाओं की अद्यतन स्थिति, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, अटल पेंशन योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पीएम स्वनिधि, पीएम विश्वकर्मा स्कीम, के अलावा कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य विषयों पर चर्चा की गयी।    मुख्य सचिव अनुराग जैन ने पीएम स्वनिधि योजना के 19196 प्रकरणों के लंबित रहने पर नाराजगी व्यक्त की एवं संबंधित बैंक प्रबंधकों को नोटिस देने के निर्देश दिये। साथ ही सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण 15 दिन में करने के लिए निर्देशित किया। स्वामित्व योजना का लाभ हितग्राहियों को देने के निर्देश दिये गये। मुख्य सचिव ने विभिन्न योजनाओं में इंश्योरंस क्लेम की जानकारी देने वित्तीय जागरूकता अभियान चलाने के लिए वित्त विभाग को निर्देशित किया। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा, संसदीय कार्य, अनुपम राजन,  प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश राघवेंद्र  कुमार सिंह, प्रमुख सचिव राजस्व विवेक कुमार पोरवाल एवं बैंकों के मुख्य महाप्रबंधक, प्रबंधक एवं निदेशक उपस्थित थे।       

ससुराल से बहू लापता, साथ ले गई 67 लाख और ज़ेवर – बॉक्स देखकर उड़ गए ससुर के होश

जबलपुर  लव मैरिज के चार साल बाद बहू घर में रखे 15 लाख की जूलरी और 67 लाख 50 हजार रुपए लेकर चंपत हो गयी। ससुर ने राशि की आवश्यकता पड़ने पर बॉक्स को खोला तो देखा की जेवरात और नगदी गायब हैं। पीड़ित ससुर की शिकायत पर जबलपुर पुलिस ने आरोपी बहू के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसके संबंध में पतासाजी प्रारंभ कर दी है। पुलिस को महिला के संबंध में कोई सुराग नहीं मिल पाया है। 2021 में की थी शादी सिविल लाइन थाना प्रभारी अनूप कुमार नामदेव ने बताया कि दिनेश कुमार चौबे, उम्र 66 वर्ष, निवासी साई बाबा मंदिर के सामने राजकुमारी भवन डुप्लेक्स नंबर 02 ने शिकायत की है। उन्होंने बताया कि उसके बेटे कार्तिकेय चौबे ने पूजा गुर्जर (चौबे) से नामक युवती से 13 जून 2021 को प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद से बहू और बेटा उसके घर पर रहते थे। उसने कचनार कैसल्य में डूपलेक्स खरीदने का सौदा किशोर कुकरेजा आदिवासी तिलहरी गोरा बाजार से 52 लाख 50 हजार रुपए में किया था। फर्नीचर के लिए 10 लाख रुपए का भुगतान करना था। घर में की थी राशि जमा उसके पास स्वयं की आय के 18 लाख 50 हजार रुपए थे और अन्य रिश्तेदारों से उधार लेकर शेष राशि एकत्रित की थी। इसके अलावा 15 लाख के जेवरात उसके पूर्वज एवं स्वयं के विवाह के समय के थे। उसने जेवरात और रकम अपनी बहू पूजा गुर्जर (चौबे) को सुरक्षित घर में रखने के लिए दी थी। बहू ने जेवरात और रकम अपने कमरे में पलंग में बने बॉक्स में रख दी थी। रुपए और जेवरात गायब मिले उसकी बहू 21 जून 2025 को घर से चली गयी थी। उसे रुपए कि आवश्यकता पड़ी तो लड़के कार्तिकय चौबे के साथ ऊपर के कमरे में जाकर पलंग के बॉक्स को खोला तो रुपए और जेवरात गायब थे। जेवरात व रुपए के संबंध में अपनी पत्नी वीना चौबे और लड़के कार्तिकय चौबे से पूछा तो जानकारी नहीं होने की बात कही। 68 लाख कैश और जूलरी लेकर चली गई बहू बहू अपने साथ 68 लाख 50 हजार रुपए नगद एवं घर में रखे जेवर ले गयी है। पूछताछ करने पर उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर पीड़ित ने थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने महिला के विरूध्द धारा 316(2) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर उसकी तलाश प्रारंभ कर दी है। अभी तक आरोपी बहू के संबंध में कोई सुराग नहीं मिल पाया है।  

9 पार्षद सीटों पर उप निर्वाचन के नतीजे आए, नगरीय निकायों में बदला सियासी समीकरण

भोपाल 9 नगरीय निकायों में आज एक-एक पार्षद के उप निर्वाचन के परिणाम घोषित किये गये। घोषित परिणामों में 6 पार्षद भारतीय जनता पार्टी के और 3 पार्षद इंडियन नेशनल कांग्रेस के हैं।  सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री अभिषेक सिंह ने जानकारी दी है कि भोपाल जिले के नगरीय निकाय बैरसिया के वार्ड 7 में भारतीय जनता पार्टी की सुश्री शाइस्ता सुल्तान, नगरीय निकाय सिवनी के वार्ड 11 में भारतीय जनता पार्टी की सुश्री निधि, इंदौर जिले के नगरीय निकाय सांवेर के वार्ड 7 में इंडियन नेशनल कांग्रेस की सुश्री हसीना और नगरीय निकाय गौतमपुरा के वार्ड 15 में भारतीय जनता पार्टी के श्री शंकरलाल, मंडला जिले के नगरीय निकाय बिछिया के वार्ड 13 में इंडियन नेशनल कांग्रेस की सुश्री राजकुमारी धुर्वे, शहडोल जिले के नगरीय निकाय खांड के वार्ड 8 में इंडियन नेशनल कांग्रेस के श्री शशिधर त्रिपाठी, छिंदवाड़ा जिले के नगरीय निकाय न्यूटन चिखली के वार्ड 4 में भारतीय जनता पार्टी की सुश्री निकिता बरखे और खरगोन जिले के नगरीय निकाय भीकनगाँव के वार्ड 5 में भारतीय जनता पार्टी की श्रीमती कमलेश कौशल को विजेता घोषित किया गया है। पन्ना जिले के नगरीय निकाय ककरहटी के वार्ड 13 में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी श्री हीरालाल आदिवासी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किये गये हैं।  

एमपी ट्रांसको को मिला गौरव, इंजीनियर तिवारी के शोधकार्य को वैश्विक मंच पर मिली सराहना

एमपी ट्रांसको के इंजीनियर तिवारी के शोधपत्र को अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में मिली सराहना MP ट्रांसको के इंजीनियर तिवारी को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर सम्मान, शोधपत्र को मिली सराहना इंजीनियर तिवारी का कमाल, MP ट्रांसको के शोधपत्र की अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में हुई तारीफ एमपी ट्रांसको को मिला गौरव, इंजीनियर तिवारी के शोधकार्य को वैश्विक मंच पर मिली सराहना तकनीकी समाधान और सुझावों को विशेषज्ञों ने माना उपयोगी भोपाल  मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) में कार्यरत कार्यपालन अभियंता हितेश कुमार तिवारी द्वारा प्रस्तुत तकनीकी शोधपत्र को जयपुर में आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में सराहना मिली। यह सम्मेलन अमेरिका मुख्यालय स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर्स (IEEE) के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। तिवारी का शोधपत्र "प्रस्तावित 2×800 मेगावाट उत्पादन इकाइयों से विद्युत निकासी के लिये ट्रांसमिशन सिस्टम नेटवर्क की तकनीकी-आर्थिक योजना" विषय पर आधारित है। यह शोध पत्र डॉ. राजीव कुमार चौहान एवं डॉ. संजय कुमार मौर्य के सहयोग से 5वें IEEE अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया। इसमें सतत ऊर्जा एवं भविष्य की विद्युत परिवहन प्रणालियों पर भी गहन मंथन हुआ। ट्रांसमिशन क्षेत्र के लिए सुझाये अनेक उपाय सम्मेलन का उद्देश्य सतत ऊर्जा समाधान एवं भविष्य की विद्युत प्रणालियों के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकी विकास को साझा करना भी था। तिवारी द्वारा प्रस्तुत शोधपत्र ने न केवल विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया, बल्कि ट्रांसमिशन प्रणाली की योजना, निष्पादन और मूल्यांकन के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शन भी प्रस्तुत किया। शोधपत्र में तिवारी ने ट्रांसमिशन सिस्टम की स्थिरता, सामान्य परिचालन परिस्थितियों में प्रदर्शन तथा आपात स्थिति में ग्रिड की लचीलापन क्षमता का विश्लेषण विशेषज्ञों के सामने रखा। उनके द्वारा दिए गए तकनीकी समाधान और सुझावों को बिजली क्षेत्र के दिग्गज विशेषज्ञों ने गंभीरता से लिया और ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना। एमपी ट्रांसको के लिए यह एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है।