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मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: कर्मचारियों से जुड़े दो पुराने नियमों में होगा बदलाव

भोपाल  मोहन सरकार अपने कर्मचारियों (MP Government employees) से जुड़े दो बड़े नियमों में बदलाव करने जा रही है। वर्षों पहले 'दो ही बच्चे अच्छे' वाली जो बंदिशें लगाई थी, उसे हटाने पर सहमति बन गई है। आदेश कभी भी जारी हो जाएंगे। जिसके बाद उन सैकड़ों कर्मचारियों पर लटकी कार्रवाई की तलवार हट जाएगी, जिन्होंने जाने अनजाने में दो से अधिक बच्चे पैदा किए हैं। सरकार का यह फैसला राहत देने वाला होगा। दूसरी तरफ कुछ शर्तों के साथ अधिकारी, कर्मचारियों के लिए गिफ्ट लेना पहले से आसान हो जाएगा। ये एक वर्ष के भीतर अपनी एक सैलरी के बराबर गिफ्ट ले सकेंगे। ज्यादा कीमती गिफ्ट लेने पर कार्रवाई के दायरे में आएंगे। अधिकारी, कर्मचारियों को निवेश भी सोच समझकर ही करना होगा। गिफ्ट को कमाई का जरिया बनाया तो खैर नहीं निवेश की जाने वाली रकम, कमाई से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। ये सभी प्रावधान नए सिरे से तैयार किए जा रहे सिविल सेवा आचरण नियमों में किया जा रहा है। संशोधित सेवा नियम जारी होने बाकी है। सूत्रों के मुताबिक सरकार उक्त नियमों में संशोधन कर एक तरफ जहां राहत देने जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ गिफ्ट को कमाई का जरिया बनाने से रोकने को लेकर भी कई कड़े प्रावधान किए जाने पर विचार चल रहा है। वास्तविकता से दूर गिफ्ट लेने की शर्त पुराने नियमों के तहत अभी अधिकारी-कर्मचारी 1500 या इससे अधिक का गिफ्ट स्वीकार नहीं कर सकते। समय के साथ यह बात वास्तविकता से मैच नहीं खा रही है। विवाह आयोजन, विवाह वर्षगांठ, धार्मिक समारोह जैसे अवसरों पर एक सामान्य व्यक्ति, जो कि शासकीय सेवक नहीं है, उसे भी कई गुना अधिक राशि के नकद उपहार मिलते हैं। ऐसे में शासकीय सेवकों के लिए पूर्व से लागू शर्त अव्यावहारिक है। समिति ने केंद्र सरकार के नए प्रावधानों का अध्ययन किया और पाया कि यह शर्त वास्तव में अव्यावहारिक है। महंगे गिफ्ट के प्रवेश पर लग सकती है रोक मंत्रालय में लगे सीसीटीवी कैमरे इस बात के प्रमाण है कि दीपावली जैसे मौकों पर लाखों के गिफ्ट पैक को मंत्रालय में प्रवेश दिया जाता है। जिसके पीछे बड़ी फर्मों व लोगों का हाथ होता है। ये गिफ्ट पैक कुछ बड़े अफसरों के कैबिन से लग्जरी वाहनों में घरों तक पहुंचते हैं। रुकेंगे ऐसे मामले मध्यप्रदेश में इस आदेश के आने पर बच्चों को मारने की घटनाओं पर विराम लगेगा। बीते महीनों पहले छिंदवाड़ा के नांदनवाड़ी प्राइमरी स्कूल के टीचर बबलू डांडोलिया के पहले से तीन बच्चे थे। नौकरी जाने के डर से बबलू ने पत्नी राजकुमारी के गर्भवती होने की जानकारी छिपाई। 23 सितंबर को रात करीब 3 बजे घर में ही बच्चे का जन्म हुआ। इसके बाद दोनों नवजात को नांदनवाड़ी गांव के जंगल ले गए। यहां उन्होंने बच्चे लावारिस छोड़ा और उसे पत्थरों से दबा दिया। दूसरे दिन ग्रामीण जब जंगल की तरफ गए तो उन्हें बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। पत्थर हटाकर देखा तो मासूम जिंदा था। रातभर ठंड में पड़े होने और चींटियों के काटने की वजह से उसे इन्फेक्शन हो गया था। ग्रामीण उसे अस्पताल ले गए थे।

AI की निगरानी में रहेगा सिंहस्थ 2028: उज्जैन में सुरक्षा व्यवस्था होगी पूरी तरह स्मार्ट

उज्जैन  धार्मिक आस्था के सबसे बड़े आयोजनों में से एक सिंहस्थ महापर्व 2028 को लेकर उज्जैन में तैयारियां अब हाईटेक मोड पर पहुंच गई हैं। इस बार मेले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के जरिए भीड़ प्रबंधन से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक को पूरी तरह स्मार्ट बनाया जाएगा। सिंहस्थ 2028 को लेकर प्रशासन ने तैयारियों को तेज कर दिया है। विशेष पुलिस महानिदेशक उपेन्द्र जैन ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने साफ किया कि इस बार सिंहस्थ को AI आधारित निगरानी सिस्टम से लैस किया जाएगा। आधुनिक CCTV कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की मदद से संदिग्ध गतिविधियों और व्यक्तियों की पहचान की जाएगी। मेला क्षेत्र में संवेदनशील और अति-संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। वहीं भीड़ नियंत्रण, लापता लोगों की खोज, महिला सुरक्षा और अपराध रोकथाम के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है। इसके साथ ही ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर भी विस्तृत प्लान तैयार किया जा रहा है। डायवर्जन रूट, पार्किंग जोन और इमरजेंसी वाहनों के लिए अलग कॉरिडोर बनाए जाएंगे ताकि भारी भीड़ के बावजूद यातायात सुचारू बना रहे। टेंट सिटी और अस्थायी ढांचों की सुरक्षा को देखते हुए फायर सेफ्टी पर विशेष जोर दिया गया है। फायर ब्रिगेड को अलर्ट रखने और समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं आपदा प्रबंधन को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। एम्बुलेंस, मेडिकल टीम और रेस्क्यू यूनिट को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा की समीक्षा की।

सोलर पार्कों की आंतरिक विद्युत निकासी प्रणाली के संचालन एवं संधारण के लिये हुई ऑक्शन

भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने बताया है कि बुधवार 13 मई को प्रदेश में पहली बार सौर ऊर्जा के क्षेत्र में ई-रिवर्स ऑक्शन हुई है। उन्होंने बताया है कि रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (आरयूएमएसएल) द्वारा राज्य के विभिन्न सोलर पार्कों की आंतरिक विद्युत निकासी प्रणाली (उपकेन्द्र एवं उनसे संबंधित ट्रांसमिशन लाइनों) के संचालन एवं संधारण कार्य के लिये प्रदेश में पहली बार सफलतापूर्वक ई-रिवर्स ऑक्शन हुई। मंत्री  शुक्ला ने बताया कि ऑक्शन में प्रारंभिक न्यूनतम दर (वर्तमान प्रक्रिया) की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत कम दर प्राप्त हुई है। मंत्री  शुक्ला ने बताया कि यह कार्य आरयूएमएसएल द्वारा विकसित सोलर पार्कों के 33/220 केवी पूलिंग सब-स्टेशनों, संबद्ध 220 केवी ट्रांसमिशन लाइनों, सुरक्षा व्यवस्था, रख-रखाव तथा संपूर्ण आंतरिक विद्युत निकासी अवसंरचना के संचालन एवं संधारण से संबंधित है। इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 1930 एमवीए क्षमता के पूलिंग सब-स्टेशनों तथा लगभग 171 किलोमीटर लंबी 220 केवी ट्रांसमिशन लाइनों का संचालन एवं रख-रखाव किया जाएगा। मंत्री  शुक्ला ने बताया कि तकनीकी मूल्यांकन के बाद वित्तीय बोली में प्राप्त प्रारंभिक न्यूनतम दर (बेस्ट कोट/एल-1 रेट) रुपये 1,34,93,280.97 थी। इसके आधार पर ई-रिवर्स ऑक्शन हुई, जो लगभग 3 घंटे तक चली। प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया के परिणामस्वरूप अंतिम दर घटकर रुपये 88,43,280.97 प्राप्त हुई, जो प्रारंभिक एल-1 दर की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत कम है। मंत्री  शुक्ला ने बताया कि आरयूएमएसएल द्वारा अपनाई गई यह पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया सार्वजनिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा लागत में उल्लेखनीय बचत सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे संचालन एवं संधारण कार्यों में दक्षता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी। साथ ही प्रदेश की अक्षय ऊर्जा अवसंरचना को भी और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा। अपर मुख्य सचिव नवकरणीय ऊर्जा  मनु वास्तव ने बताया कि आरयूएमएसएल द्वारा रीवा, आगर, शाजापुर, नीमच एवं ओंकारेश्वर जैसी सोलर पार्क परियोजनाएँ पूर्व में विकसित की गई हैं। इन परियोजनाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट योजना, पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर सौर ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए विशेष पहचान बनाई है। रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है तथा इसे देश में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की एक मॉडल परियोजना माना जाता है। आरयूएमएसएल लगातार नवीन एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रियाओं के माध्यम से मध्यप्रदेश को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिये कार्य कर रहा है।  

सभी नागरिक क्यूआर कोड स्केन कर स्वच्छता सर्वेक्षण फीडबैक में करें सहभागिता : आयुक्त भोंडवे

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त  संकेत भोंडवे ने कहा है कि स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत आयोजित होने वाले विश्व के सबसे बड़े स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में मध्यप्रदेश अपनी संकल्पबद्धता और जन-सहयोग के अनूठे संगम के साथ अग्रणी भूमिका निभा रहा है। प्रदेश के कुल 406 नगरीय निकायों में स्वच्छता के प्रति जो उत्साह और चेतना जाग्रत हुई है, उसका प्रत्यक्ष प्रमाण नागरिकों द्वारा अब तक दर्ज कराए गए 19 लाख से अधिक फीडबैक हैं। यह संख्या न केवल नागरिकों की अपनी शहर की स्वच्छता के प्रति सजगता को दर्शाती है, बल्कि यह प्रदेश की उस सामूहिकता का भी परिचायक है जो मध्यप्रदेश को स्वच्छता के शिखर पर बनाए रखने के लिए तत्पर है। विभाग द्वारा इस विशाल जन-समर्थन को एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जो आगामी रैंकिंग में प्रदेश के शहरों की स्थिति को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होगा। नागरिकों से अनुरोध है कि वे उपरोक्त दिये गये क्यूआर कोड को स्केन कर स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में अपना फीडबैक दर्ज करे। स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के सर्वेक्षण की सबसे अभिनव और क्रांतिकारी विशेषता इसकी मूल्यांकन प्रणाली में किया गया मूलभूत परिवर्तन है, जिसमें 'नागरिक फीडबैक' और 'जन-शिकायत निवारण' (ग्रीवांस रिड्रेसल) को मुख्य आधार बनाया गया है। पूर्ववर्ती सर्वेक्षणों की तुलना में इस बार रैंकिंग की गणना में नागरिकों की प्रतिक्रिया और उनकी शिकायतों के त्वरित व प्रभावी समाधान को अत्यधिक महत्व और वेटेज प्रदान किया गया है। इससे स्वच्छता के प्रबंधन को केवल प्रशासनिक सक्रियता तक सीमित न रखकर इसे पूर्णतः नागरिक-केंद्रित बनाना है। अब शहरों की सफलता का पैमाना केवल कागजी आंकड़े नहीं, बल्कि धरातल पर नागरिकों का संतुष्टि स्तर और उनकी समस्याओं के निराकरण की गतिशीलता होगी। मध्यप्रदेश के 406 नगरों में नवीन व्यवस्था के अनुरूप कार्य योजना तैयार की गई है, जिसमें अपशिष्ट प्रबंधन और दृश्य स्वच्छता के साथ नागरिक संवाद को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। राज्य सरकार और नगरीय प्रशासन विभाग का निरंतर प्रयास है कि स्वच्छता के इस महाभियान में तकनीक और पारदर्शिता का समावेश कर हर नागरिक को इस प्रक्रिया का एक सक्रिय हिस्सा बनाया जाए। अब तक 19 लाख से अधिक नागरिकों का इस प्रक्रिया में सम्मिलित होना इस बात की पुष्टि करता है कि मध्यप्रदेश के नगर स्वच्छता के संस्कार से ओतप्रोत आधुनिक केंद्रों के रूप में विकसित हो रहे हैं। प्रशासन आगामी चरणों में भी इसी पारदर्शिता और जन-संवाद की नीति पर चलते हुए प्रदेश को स्वच्छता के क्षेत्र में पुनः कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है।  

31 मई तक 107 छात्रावासों में किचन निर्माण पूर्ण करने के दिए निर्देश

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने मंत्रालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्यों में हो रही लेटलतीफी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। राज्यमंत्री  गौर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में छात्रावासों में मेस संचालन और किचन निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि निर्माण एजेंसी, ठेकेदारों और विभाग के समन्वय की कमी के चलते योजनाओं में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 31 मई तक किचन निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुए, तो संबंधित अधिकारियों पर सीधे तौर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। 15 मई से शुरू होगी 'शौर्य संकल्प योजना' राज्यमंत्री ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अहम योजनाओं को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026' की शुरुआत 15 मई से की जाएगी। इसके तहत 4000 युवाओं को सेना, पुलिस, होमगार्ड एवं अन्य सैन्य बलों में भर्ती के लिए निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं, 'सरदार पटेल कोचिंग अध्ययन छात्रवृत्ति योजना' की टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए, जिससे जल्द से जल्द छात्र-छात्राओं को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा पाने का लाभ मिल सके। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि 31 चयनित कन्या छात्रावासों को 'आदर्श छात्रावास' बनाने से संबंधित सभी निर्माण कार्य 30 जून तक पूर्ण करने और रिक्त सीटों को जल्द भरने के निर्देश दिए। विदेश अध्ययन के लिए सालभर कर सकेंगे आवेदन राज्यमंत्री  गौर ने विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए 36 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। राज्यमंत्री  गौर ने चयनित छात्रों की राशि जल्द जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 जून तक पोर्टल में बदलाव कर ऐसा सिस्टम बनाएं जिससे विद्यार्थी सालभर (रोलिंग आधार पर) आवेदन कर सकें। उन्होंने 'दिल्ली छात्रगृह योजना' का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा, जिससे दिल्ली के संस्थानों में पढ़ रहे प्रदेश के अधिक से अधिक ओबीसी विद्यार्थी 10 हजार रुपये प्रतिमाह सहायता का लाभ उठा सकें। विमुक्त, घुमंतु, अर्द्धघुमंतू वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ रही सरकार विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए  गौर ने कहा कि विभाग द्वारा कराया जा रहा सर्वे आने वाले वक्त में सुखद परिणाम देगा। उन्होंने कहा कि इस समुदाय के लोगों के लिए आवास की सुविधा उपलब्ध करवाने के प्रयासों को गति दें। उन्होंने विभागीय नवाचारों की भी तारीफ की। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि स्व-सहायता समूहों के जरिए सरकार इन वंचित वर्गों को समाज की मुख्यधारा में ला रही है। बैठक में विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. ई. रमेश कुमार, आयुक्त  सौरभ कुमार सुमन, संचालक (विमुक्त, घुमंतु, अर्द्धघुमंतू कल्याण)  बुद्धेश वैद्य उपस्थित रहे। 

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने त्यागी पायलट और फॉलो वाहन सुविधा

भोपाल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आहवान पर राष्ट्रहित में उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने एक बड़ा निर्णय लिया है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने अपने कारकेड में उपलबध कराई गई फॉलो एवं पायलट वाहन सुविधामय स्टाफ सहित तत्काल लौटा दिया है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की अपील केवल एक सुझाव नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण मंत्र है। उन्होंने जोर देते हुए कहा "पेट्रोलियम ईंधनों की बचत आज की अनिवार्य आवश्यकता है। यह न केवल सरकारी खजाने पर बोझ कम करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने विश्वास जताया कि इस पहल से न केवल संसाधनों की बचत होगी, बल्कि समाज में ऊर्जा संरक्षण के प्रति एक सकारात्मक संदेश भी जाएगा। उन्होंने नागरिकों से भी आग्रह किया कि वे अपनी दैनिक जीवन शैली में ईंधन की बचत को प्राथमिकता दें क्योंकि ऊर्जा की बचत ही ऊर्जा का उत्पादन है।  

स्पेनिश टीवी सीरीज़ रूरल टूरिज्म ऑफ द वर्ल्ड में दिखेगी मध्यप्रदेश की संस्कृति, ग्रामीण- प्राकृतिक वैभव और अध्यात्म का संगम

भोपाल  मध्यप्रदेश के ग्रामीण पर्यटन और समृद्ध सांस्कृतिक वैभव को अब वैश्विक मंच पर एक नई और विशिष्ट पहचान मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी विजन और नेतृत्व में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश तेजी से एक 'ग्लोबल फिल्मिंग हब' के रूप में स्थापित हो रहा है। इसी कड़ी में स्पेन के प्रतिष्ठित प्रोडक्शन हाउस ‘कलर्स कम्युनिकेशन ग्रुप’ द्वारा निर्मित अंतर्राष्ट्रीय टेलीविजन सीरीज़ "रूरल टूरिज्म ऑफ द वर्ल्ड" की शूटिंग प्रदेश के विभिन्न पर्यटन अंचलों में हुई। इस गौरवशाली पहल से मध्यप्रदेश की अनूठी जीवन शैली और पर्यटन स्थलों का प्रदर्शन दुनिया के 80 से अधिक देशों में किया जाएगा, जिससे राज्य की पर्यटन संभावनाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई उड़ान मिलेगी। सावरवानी, धूसावानी, चिमटीपुर और तामिया की जनजातीय परंपरा का हुआ फिल्मांकन अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के तहत छिंदवाड़ा जिले की नैसर्गिक सुंदरता और यहां की जीवंत जनजातीय संस्कृति ने स्पेनिश फिल्म क्रू को गहराई से प्रभावित किया है। टीम ने जिले के सावरवानी, धूसावानी, चिमटीपुर और तामिया क्षेत्र में प्रवास कर ग्रामीण जीवन, स्थानीय परंपराओं और पातालकोट की विशिष्ट जीवन शैली को कैमरे में कैद किया। विशेष रूप से पातालकोट में संपन्न जनजातीय विवाह की पारंपरिक रस्मों और प्राकृतिक सौंदर्य का फिल्मांकन किया गया है। स्पेनिश डायरेक्टर जुआन फ्रूटोस ने धूसावानी होमस्टे में मिले आत्मीय आतिथ्य की सराहना करते हुए कहा कि यदि कोई वास्तविक भारत की जड़ों को जानना चाहता है, तो उसे मध्यप्रदेश के इन गांवों का अनुभव अवश्य लेना चाहिए। स्पेन में हुए एमओयू के मिल रहे सुखद परिणाम यह महत्वपूर्ण उपलब्धि इसी वर्ष जनवरी-2026 में स्पेन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मेले 'FITUR मैड्रिड 2026' के दौरान हुए रणनीतिक समझौतों और एमओयू (MoU) का सुखद परिणाम है। पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. और अपर प्रबंध संचालक  अभय अरविंद बेडेकर के मार्गदर्शन में प्रदेश को एक 'फिल्म फ्रेंडली डेस्टिनेशन' के रूप में वैश्विक पटल पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इस सीरीज़ में न केवल ग्रामीण संस्कृति, बल्कि सांची स्तूप, भीमबेटका की गुफाएं, सतपुड़ा नेशनल पार्क और उज्जैन के  महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग जैसी ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक धरोहरों को भी शामिल किया गया है, जो प्रदेश के बहुआयामी पर्यटन वैभव को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेंगी। मध्यप्रदेश बनेगा ग्लोबल फिल्मिंग हब इस वैश्विक पहल से न केवल मध्यप्रदेश की अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडिंग सुदृढ़ होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार, होमस्टे और हस्तशिल्प जैसी गतिविधियों को भी भारी प्रोत्साहन मिलेगा। कलेक्टर छिंदवाड़ा  हरेंद्र नारायन एवं जिला प्रशासन के समन्वय से संपन्न हुई यह शूटिंग राज्य को विश्व सिनेमा के मानचित्र पर एक जीवंत और सांस्कृतिक कैनवास के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। आने वाले समय में ऐसे अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स से मध्यप्रदेश का पर्यटन क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छुएगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा शूटिंग के लिए आवश्यक अनुमति, लॉजिस्टिक सहयोग, सुरक्षा व्यवस्था और ऑन-ग्राउंड समन्वय उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पहल राज्य को “फिल्म फ्रेंडली डेस्टिनेशन” के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। बीते कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश ने फिल्म पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। बॉलीवुड फिल्मों, वेब सीरीज़ और अंतर्राष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री प्रोजेक्ट्स के लिए प्रदेश लगातार पसंदीदा लोकेशन बन रहा है। इससे न केवल राज्य की वैश्विक ब्रांडिंग मजबूत हो रही है, बल्कि स्थानीय रोजगार, ग्रामीण पर्यटन और सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल रहा है। मध्यप्रदेश आज केवल “टाइगर स्टेट” नहीं, बल्कि विश्व सिनेमा के लिए प्रकृति, संस्कृति, अध्यात्म और अनुभवों से भरा एक जीवंत कैनवास बन चुका है।

वनधन संवाद कार्यशाला में मध्यप्रदेश के वनधन केंद्रों के प्रतिनिधियों को दिया प्रशिक्षण

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ की उत्पादन इकाई लघु वनोपज प्रसंस्करण एवं अनुसंधान केंद्र, बरखेड़ा पठानी, भोपाल में आयोजित ‘वनधन संवाद’ कार्यशाला में न्यूजीलैंड से आए विशेषज्ञों ने शहद संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन की आधुनिक तकनीकों पर विस्तृत जानकारी साझा की। कार्यशाला का उद्देश्य वन समितियों और वनधन केंद्रों को शहद संग्रहण, ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग एवं मार्केटिंग की उन्नत तकनीकों से जोड़ना तथा मध्यप्रदेश के शहद को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाना है। कार्यशाला में न्यूजीलैंड के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य  ईशान जयवर्धने,  बायरन पीटर टेलर एवं सु प्रियम अरोरा ने सहभागिता करते हुए वनधन विकास केंद्रों के प्रतिनिधियों को शहद उत्पादन की उत्कृष्ट पद्धतियों, गुणवत्ता नियंत्रण तथा वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रसंस्करण तकनीकों से अवगत कराया। विशेषज्ञों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए और बताया कि वैज्ञानिक तरीकों एवं आधुनिक प्रबंधन से शहद उत्पादन को अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जा सकता है। कार्यशाला में मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ की प्रबंध संचालक मती कमलिका मोहंता ने वनधन केंद्रों एवं वन समितियों को सशक्त बनाने पर बल देते हुए शहद के ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन और निर्यात को बढ़ावा देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों के अनुभवों से प्रदेश के वनधन केंद्रों को नई दिशा मिलेगी। न्यूजीलैंड से आये प्रतिनिधिमंडल ने एमएफपी पार्क की प्रयोगशाला तथा शहद प्रसंस्करण इकाई का भ्रमण भी किया और वहां संचालित व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। कार्यशाला में ट्रायफेड, एपीडा तथा विश्व बैंक के प्रतिनिधियों सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए वन विभाग के अधिकारियों एवं वनधन केंद्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।  

प्रधानमंत्री मोदी की अपील के अनुक्रम में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने काफिले से हटाई फॉलो एवं पायलट सुविधा

भोपाल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और पेट्रोलियम ईंधनों के किफायती एवं विवेकपूर्ण उपयोग के संबंध में की गई अपील के अनुक्रम में उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने उनके काफिले के लिये उपलब्ध कराई गई फॉलो एवं पायलट वाहन सुविधा, संबंधित स्टाफ सहित, वापस कर दी है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने ऊर्जा संरक्षण एवं सुरक्षा के दृष्टिगत नागरिकों से ईंधन की बचत को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम ईंधनों की बचत केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के हित, पर्यावरण संरक्षण एवं राष्ट्रहित से जुड़ा विषय है। सरकार जनहित में संसाधनों के सर्वोत्तम एवं जिम्मेदार उपयोग के लिए सतत प्रतिबद्ध है।  

जीएसपी से ट्राइडेंट में 12 लाख के पैकेज पर प्लेसमेंट होना गर्व की बात

भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल ने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास गतिविधियों को अधिक प्रभावी, परिणाममुखी और उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के साथ बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराना राज्य शासन की प्राथमिकता है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी कौशल विकास गतिविधियों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें। मंत्री  टेटवाल बुधवार को भोपाल स्थित संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक एवं “कौशलम संवाद” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश समीक्षा बैठक में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, निर्माण कार्यों तथा उनकी भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। मंत्री  टेटवाल ने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए विभाग स्तर पर मॉनिटरिंग टीम गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैं निर्माण कार्यों की प्रति माह नियमित समीक्षा करूंगा। मंत्री  टेटवाल ने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी के लिए प्रभावी एसओपी तैयार करने तथा राज्य स्तरीय टीम द्वारा प्रत्येक माह भौतिक निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।  कौशलम संवाद” में साझा हुए सफलता और नवाचार के अनुभव “कौशलम संवाद” कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों, पूरे प्रदेश की आईटीआई एवं ग्लोबल स्किल्स पार्क के प्रशिक्षण अधिकारियों, प्रशिक्षणार्थियों और पूर्व प्रशिक्षणार्थियों ने वर्चुअली सहभागिता कर मंत्री  टेटवाल से अपने अनुभव और सफलता साझा की। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणार्थियों एवं प्रशिक्षण अधिकारियों ने विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सफल प्लेसमेंट, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धियों तथा नवाचार आधारित पहलों की जानकारी साझा की। संवाद में उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण, 100 प्रतिशत प्लेसमेंट प्राप्त ट्रेड्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी प्रशिक्षण, अंतर्राष्ट्रीय रोजगार अवसर तथा नवाचार आधारित परियोजनाओं को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया। कौशल विकास और तकनीकी तथा डिजिटल सहयोग के लिये हुआ एमओयू कार्यक्रम में एमपी ऑनलाइन एवं एसएसआर ग्लोबल स्किल्स पार्क के मध्य तकनीकी एवं डिजिटल तथा कौशल विकास सहयोग के लिए एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। साथ ही आईटीआई प्रवेश विवरणिका 2026 का विमोचन एवं प्रवेश प्रचार पोस्टर का अनावरण भी किया गया। "वियरेवल इलेक्ट्रिकल सेफ्टी मॉनीटरिंग डिवाइस" जैसे पेटेंट आधारित नवाचार कॉन्सेप्ट की प्रस्तुति तथा ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, इंदौर से ऑनलाइन संवाद कार्यक्रम भी किया गया। प्रदेश के युवाओं की उपलब्धियों ने बढ़ाया गौरव कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों ने अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों को मंत्री  टेटवाल से साझा किया। एसएसआर ग्लोबल स्किल्स पार्क की प्रशिक्षणार्थी सु वर्चश्वनी पाठक का चयन ट्राईडेंट ग्रुप, बुधनी में 12 लाख रूपये वार्षिक पैकेज पर हुआ है। मंत्री  टेटवाल ने कहा कि यह प्लेसमेंट जीएसपी के लिये गर्व की बात है। प्रदेश की बेटियों की तकनीकी दक्षता और आत्मविश्वास का प्रेरणादायी उदाहरण है। अंतर्राष्ट्रीय प्लेसमेंट के अंतर्गत एडवांस रेफ्रिजरेशन एवं एयर कंडीशनिंग ट्रेड के 5 प्रशिक्षणार्थियों तथा एडवांस मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल सर्विसेज ट्रेड के एक प्रशिक्षणार्थी का चयन दुबई स्थित टीटीई इंजीनियरिंग में हुआ है। मंत्री  टेटवाल ने प्रशिक्षणार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के युवा अपनी तकनीकी दक्षता और कौशल के बल पर राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर पहचान स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने चयनित प्रशिक्षणार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी संस्थाओं से निरंतर जुड़े रहें तथा अन्य युवाओं को भी कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जोड़ने में सहयोग करें। उन्होंने सभी को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मंत्री  टेटवाल ने प्रशिक्षण अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पित प्रयासों से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और बेहतर रोजगार अवसर प्राप्त हो रहे हैं। कार्यक्रम में संचालक कौशल विकास  बसंत कुर्रे, सीईओ एमपीएसएसडीईजीबी एवं सीईओ एसएसआर ग्लोबल स्किल्स पार्क  गिरीश शर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।