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बच्चों की सेहत से खिलवाड़! सैकरीन और गंदे पानी से तैयार आइस कैंडी पर छापा

 इंदौर  शहर में मिलावटखोर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सैकरीन से आइस कैंडी का निर्माण किया जा रहा था, जिसे खाद्य विभाग की टीम ने जब्त किया। टीम द्वारा राजाराम नगर स्थित डायमंड पेप्सी का औचक निरीक्षण किया गया। मौके पर मालिक मनोज कुशवाहा उपस्थित मिले। निरीक्षण के दौरान विभिन्न फ्लेवर जैसे मैंगो, ऑरेंज, काला खट्टा, कोकोनट एवं चॉकलेट फ्लेवर की आइस कैंडी का निर्माण एवं पैकिंग किया जाना पाया गया। बच्चों की सेहत से खिलवाड़ और सैंपलिंग मौके पर निर्माण कार्य में बोरिंग के पानी का उपयोग किया जाना पाया गया। जांच के दौरान निर्माण में सैकरीन का उपयोग किया जाना पाया गया, जो छोटे बच्चों के सेवन के लिए हानिकारक होता है। मौके से मैंगो आइस कैंडी, ऑरेंज कैंडी एवं सैकरीन के तीन सैंपल जांच के लिए गए। साथ ही मौके पर संग्रहित लगभग 300 लीटर आइस कैंडी जब्त की है। डेयरी उत्पादों और अन्य दुकानों पर जांच इसके अलावा तिलक नगर स्थित एफसी इंटरप्राइजेज का निरीक्षण किया गया। मौके पर प्रोपराइटर जिग्नेश मेहता मिले। यहां से टोन्ड मिल्क, कंडेंस्ड मिल्क, क्रीम, हनी एवं फ्लेवर्ड मिल्क के पांच सैंपल लिए। इसी प्रकार डेल्टा मार्केटिंग ओल्ड पलासिया का निरीक्षण किया गया, यहां प्रभारी पुष्पेंद्र चतुर्वेदी मिले। फ्लेवर्ड मिल्क, डेयरी बेस्ड ड्रिंक, लैक्टोज फ्री मिल्क, कुकीज एवं रस्क के कुल पांच सैंपल जांच के लिए गए। सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर कार्रवाई वहीं सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत के आधार पर जेल रोड स्थित विजय श्री सैंडविच से बेक समोसे का सैंपल लिया।

भोपाल शहर में संपर्क अभियान 2026’ के तहत होगा बिजली संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण

भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा “संपर्क अभियान 2026” का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत 14 मई को शहर वृत्त भोपाल अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान करना और उन्हें बिजली संबंधित विभिन्न सेवाओं और योजनाओं की जानकारी देना है। उपभोक्ताओं को शिविरों में मिलेंगी त्वरित सेवाएँ संपर्क अभियान के दौरान आयोजित किये जाने वाले शिविरों में उपभोक्ताओं को त्रुटिपूर्ण बिल, मीटर रीडिंग और अन्य बिलिंग संबंधी शिकायतों का तत्काल निराकरण किया जाएगा। साथ ही मात्र 5 रुपये में नवीन ग्रामीण घरेलू एवं कृषि पम्प कनेक्शन प्रदान किये जाएंगे साथ ही भार वृद्धि, नाम परिवर्तन, श्रेणी परिवर्तन, स्थाई कनेक्शन विच्छेदन, अस्थायी कनेक्शन, ई-केवायसी और अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC), बंद/खराब मीटर बदलना, स्मार्ट मीटर संबंधी शिकायतें, सर्विस केबल सुधार, वोल्टेज की समस्या और ट्रांसफार्मर से जुड़ी शिकायतों, बिजली बिलों का आंशिक एवं पूर्ण भुगतान, अग्रिम भुगतान पर छूट, बकाया राशि भुगतान, समाधान योजना तथा अन्य जनहितैषी योजनाओं की जानकारी और लाभ प्रदान करने की सुविधाएं मिलेंगी।    उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए चार अलग-अलग काउंटर रहेंगे उपलब्ध  संपर्क अभियान के दौरान आयोजित किये जाने वाले शिविरों में उपभोक्ताओं की सुविधा और सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली के लिए शिविरों में चार अलग-अलग काउंटर होंगे।              काउंटर नंबर 1 (हेल्प डेस्क): यहाँ उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे और टोकन प्राप्त करेंगे।            काउंटर नंबर 2 (बिलिंग सुधार): यहाँ बिजली बिल से संबंधित सभी शिकायतों (जैसे गलत रीडिंग, सुधार आदि) का तत्काल निराकरण किया जाएगा।            काउंटर नंबर 3 (नया कनेक्शन व अन्य सेवाएं): यहाँ ₹5 में नवीन कनेक्शन, भार वृद्धि और नाम परिवर्तन जैसे कार्यों के लिए आवेदन लिए जाएंगे।            काउंटर नंबर 4 (तकनीकी सेवाएं एवं भुगतान की सुविधा): बंद मीटर बदलने, वोल्टेज की समस्या और बकाया राशि के भुगतान/वसूली के लिए यह काउंटर कार्य करेगा। इन स्थानों पर लगेंगे शिविर  भोपाल शहर के विभिन्न वितरण केन्द्र/जोन में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें अयोध्या जोन में अयोध्या नगर, आनंद नगर जोन में पीएमएवाय मल्टी, भानपुर जोन में शंकर नगर नगर निगम ऑफिस, चांदबड़ जोन में राजेन्द्र नगर, इंडस्ट्रियल गेट वितरण केन्द्र में रूपनगर, करोंद जोन में संजीव नगर, बैरागढ़ जोन में वॉटर वर्क्स, ईमामीगेट जोन में बारेला गांव, बस स्टैंड जोन में रेतघाट, छोला जोन में नारियल खेड़ा, सिटी कोतवाली जोन में हाथीखाना स्क्वेयर, इंद्रविहार जोन में गांधीनगर बस स्टैंड, सुल्तानिया जोन में संजय नगर, बैरागढ़ चीचली सिटी जोन में सुमित्रा परिसर, दानिशकुंज सिटी जोन में दानिश हिल्स व्यू-1, मिसरोद शहर जोन में हिनौतिया डीएलएफ, अरेरा कॉलोनी वितरण केन्द्र में श्याम नगर, भदभदा जोन में सेवा सदन, कोटरा जोन में शबरी नगर, एम.पी. नगर जोन में गायत्री नगर, टी.टी. नगर जोन में टीटीआईटी, जहांगीराबाद जोन में न्यू भीम नगर, शक्तिनगर जोन में बरखेड़ा पठानी वार्ड ऑफिस, विद्या नगर जोन में राम फीडर, कटारा हिल्स वितरण केन्द्र में एमरॉल्ड-1, शाहपुरा जोन में यशोदा नगर एंव वल्लभ नगर जोन में लक्ष्मीपति क्षेत्र शामिल हैं, जहां उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायतों का समाधान किया जाएगा। क्या करना होगा उपभोक्ताओं को  संपर्क अभियान के दौरान आयोजित होने वाले शिविरों में मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को बिल सुधार के लिए अपना नवीनतम बिजली बिल लेकर आना होगा। शिकायत दर्ज कराने केलिए अपना मोबाइल नंबर और उपभोक्ता क्रमांक (IVRS) उपलब्ध कराना होगा ताकि निराकरण की सूचना प्राप्त हो सके। नए कनेक्शन के लिए समग्र आईडी, स्वामित्व दस्तावेज एवं पासपोर्ट साइज फोटो लाना होगा। काउंटर पर संबंधित अधिकारी से मिलने पर शिकायतों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इन शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी शिकायतों का निराकरण कराएं और कंपनी की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाएं। बिजली उपभोक्ता संपर्क अभियान 2026 संबंधी किसी भी जानकारी के लिए नजदीकी बिजली वितरण केन्द्र/जोन अथवा कॉल सेन्टर के टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का विपणन सत्र 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि के लिए आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में लगातार निर्णय लिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि को स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के इस निर्णय से अन्नदाता किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। केंद्र सरकार ने किसानों के हित संवर्धन के लिए ठोस कदम उठाए हैं। मध्यप्रदेश के किसान इन सभी प्रावधानों का लाभ प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत अनेक गतिविधियों आयोजित की जा रही हैं। प्रत्येक माह किसानों के कल्याण के लिए उन्नत यंत्रों की प्रदर्शनियां, किसान हितैषी योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ ही किसानों को नई कृषि तकनीक के प्रशिक्षण का लाभ दिलवाया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा फसलों के न्यूनत समर्थन मूल्य में वृद्धि किए जाने से मध्यप्रदेश और देश के किसान प्रत्यक्ष तौर पर लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश  अन्न उत्पादन में आगे है। इस नाते प्रदेश के रागी, मक्का,ज्वार और बाजरा उत्पादक किसानों को इस फैसले से विशेष लाभ होगा। विपणन सत्र 2026-27 के लिए खरीफ फसलों के न्यूतम समर्थन मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि केन्द्रीय मंत्रिमंडलीय समिति ने सूरजमुखी बीज के एमएसपी में सबसे अधिक 622 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि के साथ कपास में 557 रुपए प्रति क्विंटल, नाइजर सीड में 515 रुपए प्रति क्विंटल और तिल में 500 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। उत्पादन लागत पर किसानों को अनाजों में सर्वाधिक मूंग में सबसे अधिक 61 प्रतिशत लाभ रहने का अनुमान है। इसके बाद बाजरा और मक्का में 56 प्रतिशत और अरहर में 54 प्रतिशत लाभ का अनुमान है। जहां उड़द में यह प्रतिशत 51 है, वहीं रागी, हाइब्रिड ज्वार और धान में लागत पर 50 प्रतिशत लाभ किसानों को मिलेगा। तिलहन फसलों में मूंगफली, सूरज मुखी के बीज, तिली सोयाबीन, तिल,नायजर सीड और मध्यम रेशे के कपास में किसानों को लागत पर मार्जिन 50-50 प्रतिशत का अनुमान है।  

मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार वर्ष 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई तक

भोपाल प्रदेश में शासकीय कार्यप्रणाली में नवाचार, सुशासन और जनसेवा के उत्कृष्ट प्रयासों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा “मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार” (नवाचार हेतु) वर्ष 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने जानकारी दी कि यह पुरस्कार मध्यप्रदेश शासन के विभिन्न विभागों, विभागाध्यक्ष कार्यालयों तथा उनके अधीन कार्यरत निगम, मंडल, बोर्ड एवं संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारियों को उनके नवाचार आधारित उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार 01 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिये प्रदान किये जायेंगे। ऐसे कार्य जिनसे प्रशासनिक कार्यप्रणाली, सेवा प्रदाय व्यवस्था अथवा जनहित में सकारात्मक और प्रभावी परिवर्तन आया हो। “मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार” के अंतर्गत नागरिक सेवा प्रदाय, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सुशासन, शिक्षा एवं मानव संसाधन विकास, स्वास्थ्य एवं पोषण, अधोसंरचना, सामाजिक समावेश एवं सशक्तिकरण, रोजगार एवं आर्थिक विकास जैसे प्रमुख कार्यक्षेत्रों में किए गए नवाचारों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार की संख्या 15 होगी। प्रत्येक पुरस्कार के लिए 1 लाख रूपये का पुरस्कार दिया जाएगा। किसी एक कार्यक्षेत्र में एक से अधिक शासकीय सेवक पात्र पाए जाने पर पुरस्कार राशि समान रूप से वितरित की जाएगी। ऑनलाइन आवेदन 15 जुलाई 2026 किये जा सकेंगे। पुरस्कार से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश एवं आवेदन प्रक्रिया विभाग की वेबसाइट awards.mp.gov.in पर उपलब्ध है।  

विद्यार्थियों के शैक्षणिक दस्तावेजों की डिजिलॉकर में उपलब्धता और स्वयं पोर्टल पर पंजीयन करें सुनिश्चित

भोपाल  विद्यार्थियों का सर्वांगीण हित, हमारी प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को सरलता और सुलभता से सुविधाएं उपलब्ध हो, इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। समस्त विश्वविद्यालयों द्वारा विद्यार्थियों की अंकसूची, उपाधि एवं अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों की डिजिलॉकर में उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे विद्यार्थियों को सुरक्षित, प्रमाणित एवं सरल डिजिटल सेवाओं का लाभ मिल सके। साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी का स्वयं पोर्टल पर पंजीयन कराते हुए उन्हें उपलब्ध पाठ्यक्रमों में रुचि एवं आवश्यकता अनुसार चयन के लिए प्रेरित कर, शैक्षणिक उन्नयन से जोड़ा जाए। विश्वविद्यालयों के कार्यों का प्रभाव, सामाजिक परिवर्तन की अभिप्रेरणा बने। विश्वविद्यालय, सामाजिक परिवर्तन के वाहक बनें। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को भोपाल स्थित निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के सभागार में, (एनएडी-डिजिलॉकर) एवं स्वयं पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन" विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ अवसर पर कही। मंत्री  परमार ने एनएडी-डिजिलॉकर एवं स्वयं पोर्टल के क्रियान्वयन में, देश भर में प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर संतोष व्यक्त किया एवं देश भर में प्रदेश को अग्रणी बनाने के लिए प्रोत्साहित भी किया। उच्च शिक्षा मंत्री  परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के यशस्वी नेतृत्व में, हमारा प्रदेश उच्च शिक्षा को आधुनिक, नवाचारयुक्त, पारदर्शी एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। हमारा लक्ष्य हर विद्यार्थी तक सरल, सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना है। मंत्री  परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में, यह एक महत्वपूर्ण पहल है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसरण में, नई शिक्षा व्यवस्था में तकनीक केवल सुविधा का ही माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का सशक्त आधार है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी डिजिटल रूप से सक्षम, ज्ञानसम्पन्न एवं वैश्विक अवसरों के लिए तैयार बने। विश्वविद्यालयों में परीक्षा एवं परिणाम को पारदर्शितापूर्ण बनाने की दिशा में कार्य हो रहा है। डिजिटल मूल्यांकन पद्धति से परीक्षा एवं परिणाम की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। मंत्री  परमार ने कहा कि विद्यार्थी को संवेदनशील एवं श्रेष्ठ नागरिक बनाना, विश्वविद्यालयों का दायित्व है। इसके लिए राष्ट्रहित एवं समाज हित में संस्कार रोपित करने की आवश्यकता हैं। मंत्री  परमार ने कहा कि शिक्षकों के आचरण को विद्यार्थी आत्मसात करते हैं, इसलिए शिक्षण व्यावहारिक होना चाहिए। मंत्री  परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए, भारतीय दृष्टि के साथ शैक्षणिक परिदृश्य सृजन करना होगा। मंत्री  परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तकनीक आधारित शिक्षण, डिजिटल गवर्नेंस एवं गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देना, हमारी प्राथमिकताओं में समाहित है। एनएडी-डिजिलॉकर के माध्यम से विद्यार्थियों के शैक्षणिक दस्तावेज सुरक्षित, प्रमाणित एवं डिजिटल रूप में सहज उपलब्ध होंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी तथा समय और संसाधनों की बचत होगी। एनएडी-डिजिलॉकर, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता को सुदृढ़ बना रहा है। वहीं (स्वयं) पोर्टल, युवाओं को देश के श्रेष्ठ शिक्षकों एवं संस्थानों से ऑनलाइन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहा है। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय, छात्र हित को प्राथमिकता देते हुए एनएडी-डिजिलॉकर एवं स्वयं पोर्टल का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें जिससे विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।  राजन ने कहा कि विश्वविद्यालय, स्वयं पोर्टल के विनियमन को अपनाते हुए समस्त विद्यार्थियों का स्वयं पोर्टल पर पंजीयन एवं परीक्षा में प्रतिभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालय, अकादमिक कैलेंडर का शत प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें ताकि विद्यार्थियों के शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हों।  राजन ने विश्वविद्यालयों को पारदर्शितापूर्ण प्रशासनिक प्रबंधन के लिए, समर्थ पोर्टल पर शिफ्ट करने के लिए भी प्रेरित किया। उद्घाटन सत्र में स्वागत उद्बोधन देते हुए मप्र निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के चेयरमैन प्रो खेमसिंह डेहरिया ने, कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। विषयविद सु दीक्षा राजपूत संयुक्त सचिव विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली एवं  अभिनव शर्मा क्षेत्रीय समन्वयक एनएडी-डिजिलॉकर ने, कार्यशाला की प्रासंगिकता, आवश्यकता एवं महत्ता के आलोक में अपने विचार साझा किए। कार्यशाला में विभिन्न तकनीकी सत्रों में विषयविद एनएडी-डिजिलॉकर एवं स्वयं पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत संवाद करेंगे और विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी करेंगे। कार्यशाला में आयुक्त उच्च शिक्षा  प्रबल सिपाहा, मप्र निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के प्रशासनिक सदस्य  महेशचंद चौधरी एवं आयोग के सचिव डॉ देवेंद्र सिंह गुर्जर सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरु एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे। 

विगत दो सप्‍ताह में लगभग 21 लाख रूपये से अधिक की संपत्ति जब्‍त

भोपाल  मध्यप्रदेश रेलवे पुलिस द्वारा रेल यात्रियों की सुरक्षा, संपत्ति संरक्षण एवं जनविश्वास कायम रखने के उद्देश्य से लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जीआरपी जबलपुर, ग्वालियर एवं इंदौर द्वारा चोरी एवं जेवरात संबंधी मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए 21 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्‍त की है। वहीं इंदौर जीआरपी ने ईमानदारी एवं तत्परता का परिचय देते हुए यात्री का जेवरों से भरा बैग सुरक्षित लौटाकर सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। जीआरपी जबलपुर थाना जबलपुर द्वारा रनिंग ट्रेनों एवं रेलवे स्टेशन क्षेत्र में चलाये जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के दौरान एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से सोने का मंगलसूत्र, चेन, बाली, लॉकेट एवं चांदी की पायल सहित लगभग 2 लाख 85 हजार रूपये की संपत्ति जब्‍त की है। एक अन्‍य कार्यवाही में जबलपुर की टीम द्वारा एक महिला चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी के आभूषण जप्त किये गये। महिला आरोपी द्वारा यात्रियों की भीड़ का फायदा उठाकर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया जाता था। कार्रवाई के दौरान उसके कब्जे से 8 हजार 750 रूपए मूल्य के आभूषण जब्‍त किये गये। जीआरपी ग्वालियर जीआरपी ग्वालियर द्वारा ट्रेनों एवं रेलवे स्टेशन क्षेत्र में जेवरात एवं नगदी चोरी करने वाले गिरोह के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए विभिन्न प्रकरणों में संलिप्त आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों द्वारा अलग-अलग ट्रेनों में यात्रियों के पर्स, नगदी एवं सोने-चांदी के आभूषण चोरी करने की घटनाओं को अंजाम दिया गया था। लगातार निगरानी, मुखबिर सूचना एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से चोरी गये सोने-चांदी के आभूषण एवं नगदी सहित लगभग 7 लाख 30 हजार रूपये की संपत्ति जब्‍त की है। जीआरपी इंदौर जीआरपी इंदौर ने रेलवे स्टेशन इंदौर से ट्रॉली बैग चोरी का मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्‍जे से लगभग 2 लाख 82 हजार रूपये की संपत्ति जब्‍त की है। इसके अतिरिक्त जीआरपी इंदौर ने ईमानदारी, संवेदनशीलता एवं तत्परता का परिचय देते हुए ट्रेन में छूटे लगभग 8 लाख 50 हजार रूपए मूल्य के जेवरों से भरे बैग को कुछ ही घंटों में सुरक्षित खोजकर संबंधित यात्री के सुपुर्द किया। जीआरपी की इस सराहनीय कार्रवाई से यात्रियों में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना और अधिक मजबूत हुई है। यह कार्रवाई रेल पुलिस की जनसेवा, जिम्मेदारी एवं मानवता के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है।  

लाड़ली बहना योजना महिलाओं को बना रही आर्थिक रूप से सशक्त

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार के लिये माताओं और बहनों का सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना मातृ शक्ति के कल्याण के लिये प्रदेश शासन द्वारा संचालित सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है। आज यहाँ पर रक्षाबंधन, भाईदूज और दीवाली सहित सभी त्यौहार एक साथ मनाने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नरसिंहपुर जिले के ग्राम मुंगवानी में आयोजित मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 36वीं किस्त के राशि अन्तरण और हितलाभ वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश की 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में 1835 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 296 करोड़ रुपये लागत के 40 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना महिलाओं को आर्थिक संबल देने के साथ ही उन्हें सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अब तक योजना में 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि लाड़ली बहनों के खातों में अंतरित की जा चुकी है। रानी दुर्गावती के पराक्रम के सम्मान में जबलपुर व सिंग्रामपुर में हुईं कैबिनेट बैठकें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान नरसिंह की यह भूमि रानी दुर्गावती के पराक्रम की साक्षी है। रानी दुर्गावती के सम्मान में प्रदेश सरकार द्वारा जबलपुर और सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक आयोजित की है। वहीं आदिवासी शहीद भभूत सिंह के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान के सम्मान में भी विशेष कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है। वर्तमान में प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से 6 पर महिला सांसद हैं, जबकि 27 महिला विधायक एवं 5 महिला मंत्री कार्यरत हैं। कम्प्यूटर एवं सुरक्षा के क्षेत्र में महिलाएं आ रहीं हैं आगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना के माध्यम से बेटियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि कम्प्यूटर और सुरक्षा के क्षेत्र में भी महिलाएं आगे आ रही है। पुलिस विभाग में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। उन्होंने बताया कि 4 लाख से अधिक महिलाएँ स्वरोजगार से जुड़ी हैं। रेडीमेड कपड़ा उद्योग एवं कारखानों में कार्य करने वाली महिलाओं को 5000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। साथ ही 34 लाख महिला कृषकों को दुग्ध उत्पादन से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि 25 गाय या भैंस का पालन करने वाले पशुपालकों को सरकार द्वारा 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। उड़द पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नरसिंहपुर जिला गन्ने की खेती के लिए प्रसिद्ध है और यह शक्कर का कटोरा है। इससे यहां के 20 हजार से अधिक परिवारों को रोजगार मिल रहा है। गाडरवारा की तुअर दाल प्रदेश ही नहीं देश में भी अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। नरसिंहपुर जिला सोयाबीन और गेहूं के उत्पादन में भी अग्रणी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गेहूं, चना, सरसों, मसूर एवं उड़द की समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित कर रही है। उड़द पर 600 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस भी दिया जाएगा। मध्यप्रदेश देश का सबसे अधिक गेहूं खरीदी करने वाला राज्य है। किसानों के हित में 23 मई तक खरीदी की जा रही है। आवश्यकता हुई तो आगे भी खरीदी की अवधि बढ़ाई जाएगी। मध्यप्रदेश में हो रहा तेजी से विकासात्मक बदलाव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से देश बदल रहा है और इसके साथ ही मध्यप्रदेश में भी तेजी से बदलाव हो रहा है। सिकलसेल, कुपोषण से लड़ने में प्रदेश सरकार सफल हो रही है। लाड़ली लक्ष्मी योजना से 53 लाख बेटियों की जिंदगी में बदलाव आ रहा है। प्रदेश की 80 लाख बेटियों को शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति दी जा रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में 55 हजार रुपये की राशि दी जा रही है। सड़क दुर्घटना में घायलों के उपचार का 1.50 लाख रुपये का खर्च देगी सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री राहत योजना में नरसिंहपुर जिले में बेहतर कार्य हो रहा है। इस योजना में सड़क दुर्घटना में घायलों के उपचार के लिए डेढ़ लाख रुपये तक का सारा खर्च सरकार दे रही है। पहले दुर्घटना के समय घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने के लिए लोग डरते थे, लेकिन अब उन्हें डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि मानवीय पहल कर घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्तियों को सरकार द्वारा 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदाय की जा रही है। जल की एक-एक बूंद बचाने की अपील मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान की चर्चा करते हुए कहा कि जल है, तो जीवन है, जल है तो खेती है और जल है तो समृद्धि है। हमारे धार्मिक अनुष्ठानों में भी जल का विशेष महत्व है। प्रदेश के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण का अभियान चलाया जा रहा है। इसमें आमजन को सहभागी बनना चाहिए। उन्होंने नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव विकासखंड के ग्राम मेख में एक मालगुजार द्वारा 21 एकड़ जमीन तालाब निर्माण के लिए दान किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि यह अनुकरणीय उदाहरण है। परिवार को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जायेगा। जिले की धरोहरों पर केंद्रित कैलेंडर का विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरसिंहपुर जिले की ऐतिहासिक धार्मिक एवं पुरातात्विक धरोहरों पर आधारित कलेंडर का विमोचन किया। कैलेंडर में बरमान घाट, मृगनाथ तपोवन आश्रम, दादा दूल्हादेव महाराज, नरसिंह मंदिर, चौगान का किला, बरहेटा की पुरातात्विक धरोहर, गरूण मंदिर, बिनेकी टोला के शैल चित्र, मां राजराजेश्वरी त्रिपुरसुंदरी मंदिर, पीतल नगरी चीचली, गुरू गुफा अमोदा शंकर घाट को शामिल किया गया है। 40 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में 296 करोड़ 34 लाख रुपये की लागत के 40 विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमि-पूजन किया। इसमें 215 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत के 17 कार्यों का भूमि-पूजन एवं 80 करोड़ 68 लाख रुपये लागत के 23 कार्यों का लोकार्पण के कार्य शामिल है। मुंगवानी में बनेगा कॉलेज, शेढ़ नदी पर बनेगा पुल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव के ग्राम … Read more

अनूपपुर के बिजुरी से ट्रांजिट विजिट पर जबलपुर पहुंचे CM मोहन यादव, रायपुर के लिए हुए रवाना

जबलपुर  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का आज शाम डुमना एयरपोर्ट पहुंचने पर आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री शाम करीब 7.10 बजे अनूपपुर जिले के बिजुरी से हेलीकॉप्टर द्वारा ट्रांजिट विजिट पर डुमना एयरपोर्ट पहुँचे थे। डुमना एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री का स्वागत जिला पंचायत अध्यक्ष आशा गोंटिया, जबलपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  संदीप जैन एवं उपाध्यक्ष  प्रशांत केशरवानी, नगर निगम अध्यक्ष  रिकुंज विज, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष  अखिलेश जैन, नगर अध्यक्ष  रत्नेश सोनकर, ग्रामीण जिला अध्यक्ष  राजकुमार पटेल, पूर्व मंत्री  हरेंद्र जीत सिंह बब्बू, पूर्व महापौर  प्रभात साहू,  पंकज दुबे,  सुभाष तिवारी रानू,  सोनू बचवानी,  रंजीत पटेल,  प्रणीत वर्मा,  अंकित द्विवेदी,  कौशल सूरी,  मुरली दुबे आदि ने किया। डुमना एयरपोर्ट पर  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की आगवानी संभागायुक्त धनंजय सिंह, उप पुलिस महानिरीक्षक अतुल सिंह, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय एवं नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने की। मुख्यमंत्री डॉ यादव डुमना एयरपोर्ट से शाम लगभग 7.50 बजे वायुयान से रायपुर रवाना हुये

नकली डेयरी कारोबार का भंडाफोड़: मिल्क मैजिक ब्रांड में मिलावटी सामान से बनते थे प्रोडक्ट

भोपाल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने डेयरी उद्योग में बड़े पैमाने पर मिलावट और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ी सफलता हासिल की है।प्रवर्तन निदेशालय के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने 11 मई, 2026 को जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्रबंध निदेशक किशन मोदी के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत आधिकारिक तौर पर आरोप पत्र दाखिल किया। पूर्व संज्ञान सुनवाई के बाद, भोपाल स्थित विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम न्यायालय ने आरोपों का औपचारिक संज्ञान लिया है।जांच से मिल्क मैजिक ब्रांड के तहत बेचे जाने वाले मिलावटी डेयरी उत्पादों के निर्माण से जुड़े एक बेहद चिंताजनक गिरोह का खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, कंपनी ने प्राकृतिक मिल्क फैट को पाम ऑयल और अन्य हानिकारक पदार्थों से बदलकर संगठित धोखाधड़ी की। ये मिलावटी उत्पाद न केवल घरेलू बाजारों में व्यापक रूप से वितरित किए गए, बल्कि विदेशों में भी निर्यात किए गए, जिससे समाज के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हुआ। संघीय एजेंसी ने खुलासा किया कि कंपनी ने अपने अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुगम बनाने के लिए अत्यधिक भ्रामक तरीकों का इस्तेमाल किया।धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत की गई जांच में पता चला कि कंपनी ने प्रतिष्ठित संस्थानों से कथित तौर पर प्राप्त जाली प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्ट निर्यात निरीक्षण एजेंसी को आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत की थीं। निर्यात के लिए नकली रिपोर्ट तैयार की जांच एजेंसी ने बताया कि निर्यात की मंजूरी हासिल करने के लिए कंपनी ने प्रतिष्ठित लैब्स की फर्जी टेस्ट रिपोर्ट्स जमा की थीं। संबंधित प्रयोगशालाओं से सत्यापन कराने पर कई रिपोर्ट्स नकली पाई गईं। ईडी के मुताबिक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कंपनी ने मिलावटी डेयरी उत्पादों का निर्यात कर करीब 19.69 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की। ईडी ने कहा कि यह राशि कंपनी के बैंक खातों के माध्यम से संचालित की गई, जिसे पीएमएलए के तहत “अपराध की आय” (Proceeds of Crime) माना गया है। मामले में एजेंसी पहले ही कंपनी की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर चुकी है। कंपनी के अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही इस पूरे मामले की जांच भोपाल के हबीबगंज थाना और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। कंपनी के निदेशकों और अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किए गए थे। ईडी ने कार्रवाई करते हुए कंपनी के प्रबंध निदेशक किशन मोदी को 13 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया था, जबकि तत्कालीन CEO सुनील त्रिपाठी को 20 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। एजेंसी के मुताबिक कंपनी के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच जारी है और आने वाले समय में मामले में और खुलासे हो सकते हैं। जांच करने पर, संबंधित प्रयोगशालाओं ने पुष्टि की कि ये रिपोर्टें वास्तव में मनगढ़ंत थीं। प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि मिलावटी सामानों के इन धोखाधड़ीपूर्ण निर्यातों के माध्यम से कंपनी ने लगभग 19.69 करोड़ रुपए की आपराधिक आय अर्जित की। यह धनराशि विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से भेजी गई थी और इसे औपचारिक रूप से आपराधिक आय के रूप में मान्यता दी गई है। यह मामला हबीबगंज पुलिस स्टेशन और भोपाल की आर्थिक अपराध शाखा में कंपनी के निदेशकों और अधिकारियों के खिलाफ दर्ज कई एफआईआर से उत्पन्न हुआ। जांच के शुरुआती चरण में, प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपियों से जुड़ी अचल संपत्तियों को जब्त करने के लिए एक अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया था।

विकसित मध्यप्रदेश 2047 का सपना बच्चों के सर्वांगीण विकास से होगा साकार: मंत्री भूरिया

बच्चों का सर्वांगीण विकास ही विकसित मध्यप्रदेश @2047 की आधारशिला: मंत्री  भूरिया “परिणामोन्मुखचाइल्ड बजटिंग कार्यशाला में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विभागीय समन्वय पर दिया जोर भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि मध्यप्रदेश के बच्चों का सर्वांगीण विकास ही राज्य के सतत और समावेशी विकास की आधारशिला बनेगी। मंत्री सुश्री भूरिया बुधवार को होटल कोर्टयार्ड मैरियट में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'चाइल्ड बजटिंग इन मध्यप्रदेश' विषयक प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। बजट 2026-27: बच्चों के लिए रिकॉर्ड आवंटन मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि वर्ष 2026-27 के राज्य बजट में बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता दिखती है। उन्होंने मुख्य वित्तीय प्रावधानों को साझा करते हुए कहा कि बजट में इस वर्ष 26 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि की गई है।स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में 23 हजार 747 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें 'पोषण 2.0' जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। राज्य के कुल व्यय का 13.7 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर व्यय के लिये आवंटित किया गया है। 19 विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता मंत्री सुश्री भूरिया ने स्पष्ट किया कि बच्चों का विकास केवल संबंधित बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने कहा चाइल्ड बजट स्टेटमेंट में अब 19 विभागों को शामिल किया गया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य और सामाजिक न्याय जैसे सभी विभागों को एक निर्धारित लक्ष्य अनुसार मिलकर काम करना होगा। विभागों के बीच जब बेहतर समन्वय होगा, तभी बजट का वास्तविक लाभ धरातल पर दिखेगा। जिलों की विशिष्ट आवश्यकताओं पर ध्यान मंत्री सुश्री भूरिया ने प्रदेश के 55 जिलों की विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि हर जिले में बच्चों की आवश्यकताएं अलग हो सकती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्थानीय आवश्यकताओं को समझें और उसी के अनुरूप कार्य योजना बनाएं। 3 करोड़ बच्चे हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी" : आयुक्त सुश्री निधि निवेदिता महिला एवं बाल विकास आयुक्त सुश्री निधि निवेदिता ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कि राज्य की लगभग 40 प्रतिशत आबादी 3 करोड़ बच्चे हैं। उन्होंने कहा कि चाइल्ड बजट की रिपोर्टिंग को अधिक वैज्ञानिक और पारदर्शी बनाना अनिवार्य है।विभागों को केवल आंकड़ों पर नहीं, बल्कि साक्ष्यों पर ध्यान देना होगा कि उनकी योजनाओं का वास्तविक लाभ बच्चों तक कैसे पहुँच रहा है। 5 वर्षों की सफलता और 'इक्विटी' पर जोर : विलियम हैनलोन जूनियर यूनिसेफ मध्यप्रदेश के चीफ फील्ड स्टॉफ, श्री विलियम हैनलोन ने कहा कि मध्यप्रदेश 'चाइल्ड बजटिंग' के 5 सफल वर्ष पूरे कर चुका है और यह केवल खर्च की रिपोर्टिंग से आगे बढ़कर 'परिणाम-आधारित' बजटिंग की ओर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश की अधिकांश जनजातीय आबादी को देखते हुए बजट में लिंग और भौगोलिक स्थिति के आधार पर समानता का ध्यान रखा जाना चाहिए। विकसित भारत @2047' के लिए रणनीतिक निवेश : क्रिस्टीना पोपीवानोवा यूनिसेफ की सोशल पॉलिसी चीफ (दिल्ली) सुश्री क्रिस्टीना पोपीवानोवा ने मध्यप्रदेश की इस पहल को संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार कन्वेंशन के अनुरूप बताया।उन्होंने कहा कि 2047 तक 'विकसित भारत' का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब बच्चों में निवेश को 'लाभार्थी' के नजरिए से नहीं बल्कि 'उत्पादकता' के आधार पर देखा जाए । महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक श्री अभिताभ अवस्थी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए बाल बजट के अंतर्गत 75 हजार 587 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह राशि राज्य के कुल बजट का 19.4 प्रतिशत और सकल घरेलू उत्पाद का 4.1 प्रतिशत है। वर्ष 2022 में बाल बजटिंग की पहल शुरू करने के बाद, मध्यप्रदेश अब इसके पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस प्रक्रिया में विभागों की भागीदारी 17 से बढ़कर 19 हो गई है, जो राज्य की "होल ऑफ गवर्नमेंट अप्रोच"को दर्शाती है। कार्यशाला के तकनीकी सत्रों का संचालन यूनिसेफ की सामाजिक नीति विशेषज्ञ सुश्री पूजा सिंह द्वारा किया गया। इसमें शामिल 19 विभागों के प्रतिनिधियों ने बजट प्रक्रिया और क्रियान्वयन के अपने अनुभव साझा किए।