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मोनालिसा फरमान की भागने की कहानी में नया मोड़, वायरल वीडियो ने बढ़ाई सस्पेंस

इंदौर  महाकुंभ से चर्चित हुई वायरल गर्ल मोनालिसा भोसले की कहानी में नया मोड़ आ गया है। फरमान खान से शादी के बाद शुरू हुए विवाद में नया ट्विस्ट आ गया है। फरमान पर रेप केस दर्ज होने के बाद उसका एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वह मोनालिसा के भागने की बात कह रहा है।  फरमान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वह खुद के अजमेर (राजस्थान) में होने की जानकारी देते हुए कहता है कि वह मोनालिसा की तलाश कर रहा है। वीडियो में वह कहता है, ‘हैलो फ्रेंड्स, मैं अजमेर-पुष्कर आया हुआ हूं, मोनालिसा भाग गई है, उसे ढूंढने अजमेर-पुष्कर आया हूं।’ इंदौर की मोनालिसा से केरलम में शादी रचाने वाले फरमान ने यह नहीं बताया कि मोनालिसा कब से और कैसे लापता हो गई है। फरमान के नए वीडियो से कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या सच में मोनालिसा भाग गई है? यदि यह सच है तो आखिर उसने यह कदम क्यों उठाया? क्या उसे किसी तरह बरगलाया गया था जिसका अहसास होने पर उसने यह कदम उठाया? या फिर फरमान ने अपने खिलाफ केस दर्ज होने के बाद कोई नई चाल चल दी है? मोनालिसा भोंसले को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) की जांच में नाबालिग पाया गया है, जिसके बाद उसकी उम्र को लेकर उठा विवाद और गहरा गया है। सनोज मिश्रा बोले- फरमान भाग सकता है बांग्लादेश इस बीच मोनालिसा को अभिनेत्री का रोल देकर फिल्म बनाने वाले डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने फरमान के वीडियो को फर्जी करार देते हुए कहा कि इसका फायदा उठाकर फरमान विदेश भाग सकता है। उन्होंने कहा कि वह नेपाल के रास्ते बांग्लादेश भाग सकता है। सनोज मिश्रा ने कहा, 'वीडियो बहुत वायरल हो रहा है, जिसमें जिहादी वायरल गर्ल को ढूंढ रहा है अजमेर में। वह फेक वीडियो है, इस ध्यान देने की जरूरत नहीं है। ध्यान इस पर देने की जरूरत है कि इसका फायदा उठाकर वह नेपाल के रास्ते बांग्लादेश भाग सकता है।' 16 साल की निकली मोनालिसा, फरमान पर केस दर्ज मोनालिसा के परिवार के सदस्यों और शिकायतकर्ता दुबे ने कहा कि आयोग द्वारा की गई जांच के अनुसार, महेश्वर सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड से पता चलता है कि उसकी जन्मतिथि 30 दिसंबर, 2009 है और इसका मतलब है कि शादी के समय उसकी उम्र 16 साल और दो महीने थी। लड़की के पिता की शिकायत पर पुलिस ने 25 मार्च को महेश्वर थाने में खान के खिलाफ कथित अपहरण और पॉक्सो अधिनियम और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।

अनचाहे गर्भ को छुपाने के लिए बढ़ी लड़कियों की भीड़, अस्पतालों में अबॉर्शन पिल बन रही हैं खतरे की वजह

भोपाल   डॉक्टर की सलाह के बिना गर्भपात की दवाएं लेने का चलन महिलाओं और युवतियों के लिए गंभीर संकट बनता जा रहा है। हाल ही में बुरहानपुर में दवा दुकान से गर्भपात की दवा लाकर खिलाने से एक गर्भवती छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। शहर के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में भी हर दिन ऐसी युवतियां व महिलाएं पहुंच रही हैं, जिनकी हालत दवा लेने के बाद बिगड़ जाती है। सरकारी अस्पतालों में ऐसे औसतन करीब आधा दर्जन मामले सामने आ रहे हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि कई बार गर्भपात अधूरा रह जाता है जिससे अत्यधिक रक्तस्राव होने से युवतियों, महिलाओं के शरीर का सिस्टम फेल होने लगता है। ऐसे कई मामले जानलेवा साबित होते हैं। नियमों की अनदेखी, खुलेआम बिक रहीं दवाएं कलेक्टर की गाइडलाइन के बावजूद मेडिकल स्टोर्स पर इन दवाओं की बिक्री पर कोई सख्ती नहीं है। बिना प्रिस्क्रिप्शन के दवाएं बेची जा रही हैं, यहां तक कि पुरुषों को भी आसानी से उपलब्ध करा दी जाती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भपात एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसे तय समय-सीमा और डॉक्टर की निगरानी में ही किया जाना चाहिए। सोनोग्राफी और जरूरी जांच के बाद ही दवा दी जानी चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि अधूरे गर्भपात के कारण अत्यधिक खून बहने से महिलाओं का ब्लड प्रेशर गिर जाता है और शरीर का सिस्टम फेल होने लगता है। कई मामलों में जान तक चली जाती है। कैलाशनाथ काटजू, हमीदिया और अन्य अस्पतालों में रोजाना ऐसे आधा दर्जन मामले सामने आ रहे राजधानी के ही सरकारी और निजी अस्पतालों में ऐसे कई केस आते हैं। कैलाशनाथ काटजू, हमीदिया और अन्य अस्पतालों में रोजाना ऐसे आधा दर्जन मामले सामने आ रहे हैं, जहां महिलाएं या लड़कियां अनचाहे गर्भ को छुपाने खुद ही दवा खरीदकर खा लेती हैं। कई मामलों में गर्भपात अधूरा रह जाता है, जिससे संक्रमण और अत्यधिक रक्तस्राव होता है। ऐसे में कई युवतियों की हालत गंभीर हो जाती है। काटजू अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योति खरे इस मुद्दे पर महिलाओं, युवतियों में जागरूकता की जरूरत जताती हैं। उनका कहना है कि हर दिन ऐसी महिलाएं व युवतियां अस्पताल पहुंच रही हैं, जो अधिक रक्तस्राव के कारण एनीमिया का शिकार हो रही हैं। बिना प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की बिक्री पर सख्ती और महिलाओं को जागरूक करना बेहद जरूरी है। प्रमुख बिंदु महिलाओं को अधूरे गर्भपात से बढ़ रहा खतरा बिना डॉक्टरी सलाह अबॉर्शन पिल जानलेवा बनीं अत्यधिक रक्तस्राव से हो रहा एनिमिया मेडिकल स्टोर्स में बिना पर्चा बिक रहीं दवाएं

डिंडौरी ट्रक टक्कर हादसा: पांच लोगों की मौत, प्रशासन ने हर परिवार को 4-4 लाख रुपये की सहायता दी

डिंडौरी  डिंडोरी जिले के गाड़ासरई थाना क्षेत्र में अमरकंटक मुख्य मार्ग पर रविवार रात हुआ भीषण सड़क हादसा कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सड़क पर शवों के चीथड़े बिखर गए थे। इस बीच एक घायल युवक उदय प्रताप सिंह की कहानी सामने आई, जिसने बताया कि किस तरह वह चमत्कारिक रूप से मौत के मुंह से बच निकला। पेशाब करने गया, तो बच गई जान घायल उदय प्रताप सिंह ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले वह पेशाब करने के लिए वाहन से दूर चला गया था। वापस लौटते समय उसे एक हल्की टक्कर लगी, जिससे वह दूर गिर गया और गंभीर चोट से बच गया। उदय के मुताबिक, अगर वह वहीं मौजूद रहता तो शायद उसकी भी जान चली जाती। हादसे की भयावह तस्वीर उदय ने बताया कि ट्रक की चपेट में आने से उसके तीन परिजनों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे। सड़क पर मांस के टुकड़े बिखर गए थे और दृश्य बेहद डरावना था। हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। ड्राइवर की झपकी बनी हादसे की वजह पुलिस पूछताछ में ट्रक चालक रमेश पटेल ने स्वीकार किया कि उसे झपकी लग गई थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि चालक अकेले ही करीब 300 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर रहा था और उसके साथ कोई सहायक भी नहीं था। बिना पर्याप्त आराम के वाहन चलाना इस हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। प्रशासन ने शुरू किया जागरूकता अभियान घटना के बाद पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता जिला प्रशासन ने मृतकों के परिवारों के लिए राहत राशि की घोषणा की है। मृतकों की पत्नियों को 600 रुपये मासिक पेंशन, 5 हजार रुपये अंत्येष्टि सहायता, रेड क्रॉस सोसायटी से 50 हजार रुपये और संबल योजना के तहत 4 लाख रुपये की सहायता देने के आदेश जारी किए गए हैं।

प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाने की तैयारी, इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार ने किया बड़ा दांव, कैबिनेट में लिए गए फैसले

 भोपाल राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने और सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में मंत्रि-परिषद ने एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। विकास की गति को निरंतर बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए कुल 10,801 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। यह निर्णय न केवल राज्य के परिवहन को सुगम बनाएगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी लाएगा। सोलहवें वित्त आयोग की अवधि तक जारी रहेंगी योजनाएं सरकार ने स्पष्ट किया है कि बुनियादी ढांचे का विकास किसी एक वित्तीय वर्ष तक सीमित नहीं रहेगा। मंत्रि-परिषद ने इन विकास कार्यों को सोलहवें वित्त आयोग की पूरी अवधि, यानी 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर जारी रखने की स्वीकृति दी है। यह कदम दीर्घकालिक नियोजन और परियोजनाओं के समयबद्ध निष्पादन में सहायक सिद्ध होगा। एन्यूटी और एनडीबी परियोजनाओं के लिए भारी निवेश स्वीकृत बजट का एक बड़ा हिस्सा लंबित भुगतानों और बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए रखा गया है:     एन्यूटी भुगतान: सड़क परियोजनाओं के एन्यूटी भुगतान के लिए सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा, यानी 4,564 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इससे ठेकेदारों और निजी निवेशकों का विश्वास बना रहेगा।     MP सड़क विकास निगम (NDB): बाह्य वित्तपोषित सड़क परियोजनाओं के अंतर्गत न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की सहायता से चल रहे कार्यों के लिए 5,322 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि ग्रामीण और शहरी संपर्क मार्गों के सुधार में मील का पत्थर साबित होगी। बी.ओ.टी. (BOT) मॉडल को नया बल     बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) मॉडल के तहत चल रही परियोजनाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए सरकार ने विशेष ध्यान दिया है:     बी.ओ.टी. मार्गों के विकास, रखरखाव और प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।     बी.ओ.टी. परियोजनाओं की समाप्ति पर आवश्यक भुगतान और कानूनी दायित्वों को पूरा करने के लिए 765 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। परिवहन और आर्थिक विकास का आधार लोक निर्माण विभाग की इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के दूरस्थ अंचलों को मुख्य शहरों से जोड़ना और व्यापारिक मार्गों की गुणवत्ता में सुधार करना है। उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि ईंधन की बचत और दुर्घटनाओं में कमी आने की भी संभावना है। मंत्रि-परिषद के इस निर्णय से निर्माण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। सरकार की इस मंशा से साफ है कि आगामी पांच वर्षों में राज्य का सड़क नेटवर्क एक नए स्वरूप में नजर आएगा। बाह्य वित्तीय संस्थाओं जैसे NDB का सहयोग यह दर्शाता है कि राज्य की सड़क परियोजनाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार की जा रही हैं। सागर की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना की लागत राशि 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से सागर जिले की सागर तहसील के 27 ग्रामों की 7200 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ होगा। सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) के लिए 2250 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) का कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने, ग्रामीण युवाओं के माध्यम से कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना करने, नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने और प्रदेश के वन पट्टा धारियों के लिए हस्तचलित/बैलचलित कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराने के उद्देश्यों से योजना के आगामी 5 वर्षों के निरन्तर संचालन के लिए 2250 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। योजना के क्रियान्वयन से फार्म पावर उपलब्धता में वृद्धि होगी। कृषि यंत्रों के उपयोग से श्रमिकों पर निर्भरता में कमी आएगी और लागत एवं समय की बचत सहित रोजगार सृजन होगा। इससे वन-पट्टा धारी कृषक लाभान्वित होगे। भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1005 करोड़ रूपये का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने के लिए लगभग 1005 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया। प्रदेश में नवीन चिकित्‌सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए 1674 करोड़ रूपये की स्वीकृति परिषद द्वारा प्रदेश में भारत सरकार की सहायता से नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की योजना को आगामी पांच वर्षों तक चलाए जाने के लिए 1674 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसमें जिला चिकित्सालय को चिकित्सा महाविद्यालय से समबद्ध किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं के लिए 3553.35 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्याह्न भोजन सहित विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों के सुचारू संचालन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता और 3553.35 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240.42 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240.42 करोड़ रूपये और आगामी 5 वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि तक संचालन एवं निरंतरता की स्वीकृति दी गई है। 8 नये वंन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति इसके साथ ही भारत सरकार की स्वीकृति अनुसार मैहर, मउगंज, पांढुरना, धार में मनावर एवं पीथमपुर, इंदौर में लसूडिया एवं सावेर, झाबुआ में पेटलावद इस प्रकार कुल 8 नये वंन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति दी गई। लोक निर्माण के अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसके अंतर्गत बी.ओ.टी. मार्गों का विकास एवं पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रूपये, बी.ओ.टी. परियोजनाओं की समाप्ति पर भुगतान के लिए 765 करोड़ रूपये, एन्यूटी भुगतान के लिए 4564 करोड़ रूपये और म.प्र. सड़क विकास निगम (एन.डी.बी.) बाह्य वित्त परियोजना के लिए 5322 करोड़ रूपये की स्वीकृति सहित सोलहवे वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखे जाने की स्वीकृति दो गई है।

मध्य प्रदेश में 16 अप्रैल से भीषण गर्मी, रतलाम में तापमान 41°C, अन्य शहरों में बढ़े पारे

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब धीरे-धीरे तेज गर्मी का असर देखने को मिल रहा है. 16 अप्रैल से हीटवेव का असर दिखेगा. धार, खरगोन, खंडवा, सीधी और सिंगरौली में लू चलने का अलर्ट है. वहीं 15 अप्रैल से नया वेदर सिस्टम है, पर इसका असर नहीं होगा. इस दौरान लू चलेगी. मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि प्रदेश में अब भीषण गर्मी पड़ेगी. गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विज्ञान केंद्र ने बचाव की एडवाइजरी जारी कर दी है. रविवार को पांच शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहा. रतलाम में तापमान सबसे ज्यादा 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।  रतलाम सबसे गर्म, आसमान से बरस रही आग प्रदेश में इस वक्त रतलाम जिला सबसे गर्म रिकॉर्ड किया गया है, जहाँ अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अब आसमान साफ रहने और बादलों की आवाजाही बंद होने के कारण दिन के तापमान में और भी तेजी से उछाल आएगा। तीखी धूप ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है। रतलाम के बाद खजुराहो में 40.4 डिग्री, धार, मंडला-नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री, दमोह, रीवा-टीकमगढ़ में 39.5 डिग्री, खरगोन में 39.2 डिग्री, रायसेन, छिंदवाड़ा, उमरिया, सतना और मलाजखंड में पारा 39 डिग्री, बैतूल-सागर में 38.8 डिग्री, गुना-शाजापुर में 38.4 डिग्री, नौगांव में 38.2 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, सिवनी-सीधी में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में सबसे ज्यादा 39.2 डिग्री, भोपाल में 38.6 डिग्री, ग्वालियर में 36.1 डिग्री, उज्जैन में 38.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 38.7 डिग्री सेल्सियस रहा। 15 अप्रैल से नया सिस्टम, पर असर नहीं, लू चलेगी मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल को नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है, लेकिन यह कमजोर रहेगा। यानी, अब प्रदेश में तेज गर्मी वाला दौर ही रहेगा। गर्मी बढ़ने से लोग उससे बचने के तरीके भी तलाश रहे हैं। कोई मुंह पर कपड़ा बांधकर घर से बाहर निकल रहा है तो कोई गन्ने का ज्यूस, कोल्ड्रिंक्स, आइस्क्रीम का लुत्फ उठा रहा है। गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवाइजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहे। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। वहीं, 16 अप्रैल से तेज गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा। धार, खरगोन, खंडवा, सीधी और सिंगरौली में लू चलने का अलर्ट है। 16 अप्रैल से 'हीटवेव' का हाई अलर्ट IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 16 अप्रैल से मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में हीटवेव (लू) चलने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग का मानना है कि इस साल गर्मी अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकती है। अप्रैल के महीने में ही पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के संकेत मिल रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरी तरह समाप्त होने से अब केवल गर्म शुष्क हवाएं ही प्रदेश को अपनी चपेट में लेंगी। गर्मी तोड़ेगी रिकॉर्ड विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में किसी भी प्रकार की राहत की उम्मीद नहीं है। तीखी धूप और लू के चलते लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी तापमान में 2 से 3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की जा सकती है। अप्रैल में लगातार 9 दिन तक बारिश बता दें कि अबकी बार अप्रैल में भीषण गर्मी की बजाय आंधी-बारिश और ओले वाला मौसम रहा। 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश में कहीं न कहीं मौसम बदला। इस दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा पानी गिरा। 15 से ज्यादा जिलों में ओलावृष्टि हुई तो करीब 45 जिलों में पानी गिरा। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में पड़ती है तेज गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तेज गर्मी पड़ती है।

रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का समापन, गडकरी और शिवराज भी होंगे उपस्थित

भोपाल  केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्गमंत्री नितिन गडकरी आज मध्य प्रदेश के एकदिवसीय प्रवास पर आ रहे हैं। वे यहां रायसेन में आयोजित राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव 2026 प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। जनसम्पर्क अधिकारी अनुभा सिंह ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार केन्द्रीय मंत्री गडकरी दोपहर दो बजे भोपाल से प्रस्थान कर दोपहर 02.20 बजे रायसेन स्थित दशहरा मैदान पहुचेंगे तथा यहां राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना की समीक्षा करेंगे। इसके उपरांत उन्नत कृषि महोत्सव प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण में सम्मिलित होंगे। केन्द्रीय मंत्री गडकरी शाम 05.10 बजे रायसेन से भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे। भोपाल से रायसेन पहुंचेंगे गडकरी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी दोपहर 12 बजे भोपाल से प्रस्थान कर रायसेन के दशहरा मैदान पहुंचेंगे। वे यहां सबसे पहले राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। इसके बाद वे उन्नत कृषि महोत्सव प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस अवसर पर उनके साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। किसानों की समस्याओं को लेकर पहुंचेंगे जीतू पटवारी उन्नत कृषि महोत्सव में मध्य प्रदेश पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भी आने का ऐलान किया है। वे किसानों की समस्याओं को लेकर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। गौरतलब है कि किसानों को जागरूक करने के लिए यह उन्नत कृषि महोत्सव 11 अप्रैल से रायसेन के दशहरा मैदान में आयोजित किया जा रहा है, जिसका आज सोमवार को अंतिम दिन है।  नहीं जा पा रहे जीतू पटवारी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में रायसेन में तीन दिवसीय कृषि मेले का आज समापन हो रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी आज इस मेले के समापन में शामिल होंगे। इधर, एमपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी आज रायसेन के इस कृषि मेले में शामिल होकर किसानों की परेशानियां बताने का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के कारण वे रायसेन नहीं जा पा रहे है। रायसेन रोड पर आनंद नगर पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोका गया है। पुलिस के पहरे में पटवारी, नहीं मिली अनुमति पीसीसी चीफ जीतू पटवारी आज सुबह से ही रायसेन जाने की तैयारी में थे। पटवारी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि वे टकराव नहीं बल्कि संवाद चाहते थे। उन्होंने कहा, “मेरा मन कृषि मेले में जाने का है और मैंने पहले ही कहा था कि जब शिवराज जी अनुमति देंगे, तभी जाऊंगा।” पटवारी के मुताबिक, उन्होंने पत्र लिखकर अनुमति मांगी थी और तय किया था कि अगर अनुमति नहीं मिली तो वे मेले के आखिरी दिन वहां पहुंचेंगे। पटवारी ने बताया कि सुबह उनके पास पुलिस अधिकारियों का फोन आया, जिसमें कहा गया कि सरकार नहीं चाहती कि वे मेले में आएं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें रोकने के लिए रास्तों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वे केवल मेले में जाकर खेती की आधुनिकता को समझना चाहते थे, लेकिन सरकार विपक्ष की उपस्थिति से घबरा गई है।  

तत्कालीन सरकार द्वारा डॉ अंबेडकर को नहीं दिया गया उचित सम्मान: मुख्यमंत्री डॉ यादव

डॉ अंबेडकर के सम्मान में पंच तीर्थ का विकास का निर्णय एक ऐतिहासिक कदम तत्कालीन सरकार द्वारा डॉ अंबेडकर को नहीं दिया गया उचित सम्मान: मुख्यमंत्री डॉ यादव तुलसी नगर अंबेडकर मैदान में डॉ अंबेडकर जयंती कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि डॉ.भीमराव अंबेडकर के समग्र योगदान को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा पंच तीर्थ का विकास किया गया है। इसके पूर्व डॉ अंबेडकर को भारत रत्न दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में संविधान के निर्माण और विधि ,शिक्षा,दलित वर्ग के कल्याण आदि क्षेत्रों में डॉ. अंबेडकर की योगदान को दृष्टिगत रखते हुए पंच तीर्थ के विकास का यह ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके पूर्व की सरकारों ने डॉ. अंबेडकर की उपलब्धियां को महत्व नहीं दिया। उन्हें उनके जीवन में जो सम्मान दिया जा सकता था तत्कालीन सरकार द्वारा नहीं दिया गया। मध्यप्रदेश डॉ अंबेडकर की जन्म भूमि है। महू (डॉ अंबेडकर नगर)में  स्मारक के निर्माण सहित देश में पंच तीर्थ का विकास किया गया है। उनकी दीक्षाभूमि न सिर्फ नागपुर थी बल्कि लंदन में भी वे उच्च शिक्षा के लिए गए। इस नाते  वहां स्मारक और पुस्तकालय का निर्माण किया गया है, जिसे देश-विदेश के लोग देखने पहुंचते हैं।  मुख्यमंत्री डॉ यादव रविवार को भोपाल के तुलसी नगर स्थित डॉ अंबेडकर मैदान में अंबेडकर जयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आजादी के उस दौर में जब अंग्रेजों को भगाकर  देश को आजाद करने का संकल्प चल रहा था और ऐसे समय में जब देश  सैकड़ों साल की गुलामी के बाद आजादी की  तरफ कदम बढ़ा रहा था ऐसे में हमारे समाज की कठिनाइयों का और आपस की  कमजोरी का उचित समाधान करने के लिए डॉ आंबेडकर आगे आए। समाज के अंदर हमारे अनुसूचित जाति, जनजाति ओबीसी सभी वर्गों के बीच की कठिनाइयों का समाधान जब तक नहीं करेंगे तब तक आने वाले समय में संकट  रहेगा। इस संकट को डॉ. भीमराव अंबेडकर ने पहचाना कि हमें  समाज को संगठित और एकत्रित रखना है। भारत के सभी वर्गों के बीच सम्मान का भाव रखना है। समानता का भाव लाना है। आपस की एकजुटता को बढ़ाना है। इसलिए सच्चे अर्थों में भारत की आत्मा में लोकतंत्र का दीपक जलाने के लिए मध्य प्रदेश के लाल संविधान के शिल्पी डॉ भीमराव अंबेडकर को आज सभी कोटि-कोटि  नमन करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि  बाबा साहब अंबेडकर के अनुयायियों के लिए उनके जन्म स्थान को तीर्थ स्थान बनाने का काम  किया गया है। महू की धरती पवित्र धरती  है। भारत के पहले विधि मंत्री, भारतीय संविधान के जनक और भारतीय गणराज्य के निर्माता के सम्मान में पंच तीर्थ बनाने के लिए  पूरी ताकत लगाई गई और वे  तीर्थं  दुनिया के सामने स्थापित हो गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर वर्तमान केंद्र सरकार ने ही वर्ष 2016 में यह पहल की। पंच तीर्थ के रूप में जिन स्थानों का विकास किया गया  है, उनमें महू (जन्मभूमि), लंदन (शिक्षा भूमि), नागपुर (दीक्षा भूमि), दिल्ली (महापरिनिर्वाण स्थल), और मुंबई (चैत्य भूमि) शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर को समर्पित महू और नागपुर हैं जहां बाबा साहब का जन्म हुआ,उन्होंने बौद्ध धर्म की दीक्षा प्राप्त की,वो दीक्षा भूमि नागपुर और शिक्षा भूमि लंदन भी है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता है जब मैं लंदन गया तो मैंने बाबा साहब अंबेडकर की शिक्षा भूमि को भी देखा।वह मकान  भी देखा। आज वह तीर्थ  दुनिया के सामने  है। समाधि स्थल का  भी विकास हुआ है। दीक्षा भूमि भी आस्था का केंद्र है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि आज आपके बीच में मैं केवल इतना ही कहना चाहूंगा कि सच में बाबा साहब का वह स्लोगन जो हम सबको ताकत देता है, शिक्षा शेरनी का दूध है जो पियेगा वो ताकतवर होगा। वे शिक्षा के महत्व को सदैव प्रतिपादित करते रहे। इसलिए हम सब उनके इस स्लोगन को भी याद रखते हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने उपस्थित जन समुदाय को तीन दिवसीय कार्यक्रम और बाबा साहब की जयंती की  बधाई दी। कार्यक्रम को विधायक भगवान दास सबनानी और अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ यादव का पुष्पहारों से स्वागत किया गया। बौद्ध समाज और डॉक्टर अंबेडकर जयंती आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं महिला प्रकोष्ठ की सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री डॉ यादव का स्वागत किया।   

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने क्रिकेटर और कोच अमय खुरासिया की पुस्तक 74 वर्ष बाद पुस्तक का विमोचन किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास में क्रिकेटर और केरल के कोच अमय खुरासिया द्वारा लिखित हिन्दी पुस्तक " 74 वर्ष बाद" का विमोचन किया। इस दौरान अमय खुरासिया की बेटी और पुस्तक की सह-लेखिका अमयसी कीर्ति खुरासिया भी उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमय खुरासिया और सह-लेखिका अमयसी कीर्ति को बधाई दी। यह पुस्तक अंग्रेजी भाषा में भी लिखी गई है। यह पुस्तक भगवान श्रीकृष्ण के गीता में दिए उपदेशों और युद्ध नीतियों की वर्तमान दौर में उपयोगिता पर आधारित है। खुरासिया ने कोच के रूप में गीता और भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों का प्रयोग क्रिकेट टीम की रणनीति बनाने में किया। इसके फलस्वरूप केरल राज्य की टीम ने रणजी ट्रॉफी के इतिहास में 74 वर्ष में पहली बार फाइनल तक का सफर तय किया। दिलीप ट्रॉफी जैसे देश के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पहली बार केरल के छह खिलाड़ी एक साथ चुने गए। इस पुस्तक के संदर्भ में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, संजय बांगर, श्रीलंका के पूर्व कप्तान दिलीप मेंडिस और बीसीसीआई के पूर्व सचिव संजय जगदाले सहित केरल निवासी अभिनेता मोहनलाल ने भी अपना अभिमत व्यक्त किया हैं।  

राज्य सरकार अम्बेडकर के मार्ग पर चलने के लिए कटिबद्ध: उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भोपाल. उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि केंद्र एवं राज्य सरकार बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के आदर्शो पर चलते हुए वंचित समुदाय को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में मल्हार स्मृति मंदिर, देवास में “नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा” अंतर्गत हितग्राही सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे । उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिले। गांव-गांव, घर-घर संपर्क किया जाएगा । यदि कोई पात्र व्यक्ति वंचित रह गया हो तो उनकी सूची तैयार कर लाभ दिया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए बताया कि केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण बिल लाने के लिए विशेष सत्र बुलाया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना सहित अन्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देवास जिले ने इन योजनाओं के क्रियान्वयन में सराहनीय कार्य किया है. बाबा साहेब के योगदान का स्मरण उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने गरीब, शोषित एवं कमजोर वर्ग के लिए संघर्ष किया। उनका जन्म मध्यप्रदेश के महू में हुआ। प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने समरसता एवं समानता का संदेश दिया तथा संविधान निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने “नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा” के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। साथ ही पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को लाभ वितरित किया गया। सफाई मित्रों को शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विधायक देवास श्रीमती गायत्रीराजे पवार, विधायक हाटपीपल्या मनोज चौधरी, अन्य जन प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।  

अब चाल-ढाल से भी होगी पहचान, विदिशा में अपराधियों का पूरा बायोमेट्रिक डेटा तैयार

विदिशा जिले में अब संगीन वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर अपराधियों की खैर नहीं है। पुलिस विभाग अपराधियों पर नकेल कसने के लिए तकनीक का सहारा लेते हुए एक ऐसी डिजिटल कुंडली तैयार कर रहा है, जिससे बच पाना लगभग नामुमकिन होगा। इसके लिए विभाग द्वारा विशेष 'मेजरमेंट कलेक्शन यूनिट' का गठन किया गया है। यह यूनिट अपराधियों का बायोडाटा ठीक उसी तरह तैयार कर रही है, जैसे आम नागरिकों का आधार कार्ड बनाया जाता है। शुरुआती चरण में गंभीर अपराधों में संलिप्त, संपत्ति संबंधी अपराधी और कोर्ट में पेशी पर आने वाले बंदियों का संपूर्ण विवरण दर्ज करना शुरू कर दिया गया है। पुतलियों की स्कैनिंग और 'चाल' का भी होगा रिकॉर्ड पुलिस मुख्यालय से प्राप्त अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से अब अपराधियों की पहचान के लिए केवल नाम-पता काफी नहीं होगा। मेजरमेंट कलेक्शन यूनिट में अपराधियों की सटीक ऊंचाई, चेहरे के चार अलग-अलग कोणों (एंगल्स) से लिए गए उच्च गुणवत्ता वाले फोटोग्राफ और पूरे शरीर की कद-काठी का रिकॉर्ड रखा जा रहा है। तकनीक का स्तर इतना सूक्ष्म है कि अपराधियों की आंखों की पुतलियों (आईरिस रेटिना) की स्कैनिंग भी की जा रही है। इसके अलावा, अपराधी के चलने का तरीका यानी उसकी 'चाल' (गैट एनालिसिस) को भी वीडियो के माध्यम से रिकॉर्ड किया जा रहा है, ताकि हुलिया बदलने पर भी उसे पहचाना जा सके। चौराहों पर लगे कैमरों से होगी लाइव ट्रैकिंग इस हाईटेक डाटा का सबसे बड़ा लाभ अपराधियों की धरपकड़ में मिलेगा। शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को इस डाटाबेस से जोड़ा जाएगा। यदि कोई वांछित अपराधी फरार होता है, तो कैमरों में उसकी चाल-ढाल या चेहरे की हल्की सी झलक मिलते ही सिस्टम पुलिस को अलर्ट कर देगा। इतना ही नहीं, यदि अपराधी किसी स्थान पर अपने फिंगर प्रिंट का उपयोग करता है या किसी वारदात स्थल पर उसके निशान मिलते हैं, तो तत्काल उसकी कुंडली सामने आ जाएगी। निजता के अधिकार के चलते पुलिस ने विकसित किया अपना सिस्टम तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, अपराधियों का यह डाटा आधार के सर्वर से भी लिया जा सकता था, लेकिन 'राइट टू प्राइवेसी' (निजता के अधिकार) और कानूनी पेचिदगियों के चलते पुलिस विभाग आधार का डाटा साझा नहीं कर सकता। यही कारण है कि पुलिस विभाग अपना स्वतंत्र डिजिटल तंत्र विकसित कर रहा है। विदिशा जैसे जिलों से शुरू हुआ यह डाटा सीधे स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एसटीआरबी) और नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) से लिंक किया जा रहा है, जिससे अपराधी एक राज्य से दूसरे राज्य में भागकर भी अपनी पहचान नहीं छुपा पाएगा। हर थाने में लगेगी बायोमेट्रिक मशीन पुलिस की योजना इस व्यवस्था को भविष्य में प्रत्येक थाने तक विस्तार देने की है। वर्तमान में यह जिला मुख्यालय स्तर पर संचालित है, लेकिन आने वाले समय में हर थाने में फिंगर प्रिंट लेने वाली बायोमेट्रिक मशीनें और एचडी कैमरे लगाए जाएंगे। हालांकि, इसके लिए पर्याप्त तकनीकी स्टाफ की आवश्यकता होगी। स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित होते ही हर थाने में आने वाले संदिग्धों और अपराधियों का डाटा तत्काल पोर्टल पर अपलोड होने लगेगा। अपराधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग और उनकी धरपकड़ को त्वरित बनाने के लिए मेजरमेंट कलेक्शन यूनिट बनाई गई है। इसमें आधुनिक उपकरण स्थापित किए जा चुके हैं। वर्तमान में गंभीर और संपत्ति संबंधी अपराधियों का डाटा जुटाया जा रहा है, जिसे नेशनल ग्रिड से जोड़ा जा रहा है। पर्याप्त स्टाफ मिलते ही यह व्यवस्था जिले के सभी थानों में अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी। – रोहित काशवानी, एसपी, विदिशा।