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काशी की पावन धरा पर हुआ उज्जैनी के शौर्य का सूर्योदय

भोपाल.  भारतीय इतिहास के पन्नों पर कुछ क्षण ऐसे अंकित होते हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बन जाते हैं। अप्रैल 2026 की शुरुआत में धर्म नगरी वाराणसी के क्षितिज पर एक ऐसा ही स्वर्णिम अध्याय लिखा गया। बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी और बाबा महाकाल की नगरी अवंतिका (उज्जैन) का जब आध्यात्मिक संगम हुआ, तो 'विक्रमोत्सव-2026' के माध्यम से एक नया सांस्कृतिक इतिहास रचा गया। मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा आयोजित 3 दिवसीय महानाट्य 'सम्राट विक्रमादित्य' महज़ एक कलात्मक प्रस्तुति नहीं थी, बल्कि यह भारत के गौरव को पुनर्स्थापित करने का एक शंखनाद था। वाराणसी के बी.एल.डब्ल्यू. मैदान में 3 से 5 अप्रैल तक चले इस आयोजन ने न केवल दर्शकों का मन मोहा, बल्कि सुशासन, न्याय और पराक्रम की उस गाथा को जीवंत कर दिया, जो सदियों से हमारे रक्त में प्रवाहित है। ऐतिहासिक शुभारंभ: सुशासन के 2 सारथियों का संगम इस भव्य महानाट्य का शुभारंभ एक ऐतिहासिक दृश्य के साथ हुआ, जब मंच पर सुशासन के 2 आधुनिक ध्वजवाहक—मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ—एक साथ उपस्थित हुए। यह उपस्थिति इस बात का प्रमाण थी कि आज का भारत अपनी जड़ों की ओर लौट रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में सम्राट विक्रमादित्य को 'सुशासन का वैश्विक नायक' बताते हुए कहा कि विक्रमादित्य का जीवन राष्ट्र प्रेम, न्यायप्रियता और प्रजा-वात्सल्य का सर्वोच्च उदाहरण है। उन्होंने रेखांकित किया कि आज की युवा पीढ़ी को यह बताने की आवश्यकता है कि भारत के पास एक ऐसा शासक था, जिसके न्याय के सामने काल भी नतमस्तक था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान राम-लक्ष्मण और कृष्ण-बलराम की दिव्य जोड़ियों के साथ सम्राट विक्रमादित्य और उनके भाई राजा भर्तृहरि की जोड़ी का उल्लेख कर भारतीय भ्रातृ-प्रेम और त्याग की परंपरा को नई ऊँचाई दी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन को 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के संकल्प की सिद्धि बताया। उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का उत्तर प्रदेश से गहरा नाता है। सम्राट विक्रमादित्य ने ही आज से दो हजार वर्ष पूर्व अयोध्या की खोज की थी और भगवान राम के भव्य मंदिर का निर्माण करवाया था। उ.प्र. के मुख्यमंत्री योगी ने सम्राट विक्रमादित्य के नाथ संप्रदाय से जुड़ाव और चुनार के किले में उनकी साधना का उल्लेख कर दोनों राज्यों के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को नई गहराई प्रदान की। 'माँ गंगा से नर्मदा तक': पर्यटन और संस्कृति का नवीन सेतु महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य के तीन दिवसीय आयोजन की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता (MoU) रहा। "माँ गंगा से नर्मदा तक" थीम पर आधारित इस पहल का उद्देश्य काशी विश्वनाथ और महाकालेश्वर के बीच एक अभेद्य सांस्कृतिक गलियारा बनाना है। यह समझौता केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दोनों राज्यों के बीच पर्यटन के नए द्वार खोलेगा। इसके माध्यम से उत्तर प्रदेश के श्रद्धालु मध्यप्रदेश के आध्यात्मिक केंद्रों की ओर आकर्षित होंगे और मध्य प्रदेश के नागरिक काशी की महिमा से सीधे जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन का हिस्सा बताया, जिसमें केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना जैसी विकास योजनाओं के साथ-साथ सांस्कृतिक जुड़ाव को भी प्राथमिकता दी गई है। महानाट्य: कला और तकनीक का अद्भुत समन्वय वाराणसी के में जब महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंचन शुरू हुआ, तो लगा मानो काल का पहिया 2 हजार साल पीछे घूम गया हो। उज्जैन के 200 से अधिक कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सजीव युद्ध के दृश्य, गगनभेदी जयघोष, और न्याय के सिंहासन (बत्तीसी) की महिमा ने 80 हजार से अधिक प्रत्यक्ष दर्शकों को अपनी सीटों से बांधे रखा। मंच पर जब 'जय महाकाल' और 'हर-हर महादेव' के उद्घोष हुआ, तो पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। कलाकारों के संवादों में वह ओज था, जिसने युवाओं के भीतर राष्ट्रवाद की भावना से ओतप्रोत कर दिया। यह महानाट्य लोकरंजन के साथ-साथ लोक-शिक्षण का भी एक सशक्त माध्यम बना। डिजिटल गूँज: 50 लाख से अधिक की अभूतपूर्व पहुँच आधुनिक युग में किसी भी आयोजन की सफलता उसकी 'रीच' (पहुँच) से मापी जाती है। जनसंपर्क की दृष्टि से 'विक्रमोत्सव वाराणसी' ने नए कीर्तिमान स्थापित किए। डिजिटल रीच: सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों से इस आयोजन की पहुँच 51 लाख से अधिक लोगों तक रही। सोशल मीडिया ट्रेंड: 'विक्रमोत्सव वाराणसी' और 'सम्राट विक्रमादित्य' जैसे हैशटैग माइक्रोब्लॉगिंग साइट 'एक्स' (X) पर घंटों तक नेशनल टॉप ट्रेंड में रहे। जनभागीदारी: वाराणसी के विभिन्न मार्गों पर निकाली गई लोक कला यात्राओं ने 15 हजार से अधिक नागरिकों को सीधे जोड़ा। प्रदर्शनी के माध्यम से 20 हजार से अधिक लोगों ने भारतीय ज्ञान परंपरा का अवलोकन किया। काल गणना का भारतीय विज्ञान: विक्रमादित्य वैदिक घड़ी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उ.प्र. के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बाबा विश्वनाथ मंदिर के लिये 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी' भेंट की। यह घड़ी केवल समय बताने का यंत्र नहीं है, बल्कि यह हमारे ऋषियों की सूक्ष्म गणना और भारतीय पंचांग की शुद्धता का प्रतीक है। काशी विश्वनाथ मंदिर प्रांगण में इस घड़ी की स्थापना यह संदेश देती है कि भारत अब पश्चिम के 'ग्रीनविच' के बजाय अपने स्वयं के काल-बोध से दुनिया को दिशा दिखाएगा। योगी आदित्यनाथ ने इस घड़ी की प्रशंसा करते हुए इसे 'भारत की प्राचीन वैज्ञानिक समृद्धि का जीवंत प्रतीक' बताया। मध्यप्रदेश का सांस्कृतिक वैभव और पेवेलियन आयोजन स्थल पर स्थापित 'मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड' का पेवेलियन काशीवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। यहाँ आधुनिक तकनीक और प्राचीन कला का अनूठा संगम देखा गया। वी.आर. बॉक्स: वर्चुअल रियलिटी के माध्यम से आगंतुकों ने वाराणसी में बैठे-बैठे खजुराहो के मंदिरों, सांची के स्तूपों और ओरछा की भव्यता का अनुभव किया। प्रदर्शनी: 'आर्ष भारत' प्रदर्शनी के माध्यम से भारतीय ऋषि-वैज्ञानिकों के योगदान को दर्शाया गया। इसमें शिव पुराण, चौरासी महादेव और सम्राट विक्रमादित्य के अयोध्या से संबंध को लेकर जो साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, वे नई पीढ़ी के लिए ज्ञान का खजाना साबित हुए। हस्तशिल्प और कला: बुंदेलखंडी पेंटिंग्स, जनजातीय कला और मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध हैंडलूम-हैंडीक्राफ्ट के स्टॉल्स पर सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ी। 'माँ की रसोई': स्वाद का आध्यात्मिक सफर किसी भी उत्सव की पूर्णता भोजन से होती है। 'माँ की रसोई' के तहत मध्यप्रदेश के … Read more

रेल मार्ग से दुर्लभ प्रजाति के वन्यजीवों की तस्करी का बड़ा नेटवर्क एक्सपोज

भोपाल.  स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, भोपाल ने ट्रेन के प्रथम श्रेणी एसी कोच से दुर्लभ और प्रतिबंधित प्रजाति के वन्यजीवों की तस्करी में शामिल एक संगठित गिरोह के सरगना रविन्द्र उर्फ रमन कश्यप को उत्तर प्रदेश एसटीएफ की सहायता से लखनऊ से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार था और उस पर इनाम घोषित किया गया था। वह पिछले दो महीनों से लगातार अपनी लोकेशन बदलकर जांच एजेंसियों को चकमा दे रहा था। आरोपी को विशेष न्यायालय में पेश कर वन विभाग की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच जारी है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव), मध्यप्रदेश के निर्देशन में मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर ट्रेन नं. 19322, पटना–इंदौर एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट कोच में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, भोपाल, रेलवे सुरक्षा बल और वनमंडल भोपाल की संयुक्त टीम ने विगत 3 फरवरी को कार्रवाई की थी। कार्रवाई में संत हिरदाराम नगर स्टेशन से आरोपी अजय सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 311 जीवित दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के कछुए बरामद किए गए थे। इस संबंध में 3 फरवरी 2026 को वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था। प्रकरण की जांच के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर प्रदेश के नीमच, मंदसौर, रतलाम, इंदौर, देवास, उज्जैन, नागदा और शाजापुर सहित उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक साथ छापामार कार्रवाई की गई। पकड़े गये आरोपियों से पूछताछ में गिरोह के सरगना के रूप में रविन्द्र उर्फ रमन कश्यप का नाम सामने आया। जांच में सामने आया कि यह संगठित गिरोह रेल मार्ग के जरिए लंबे समय से दुर्लभ प्रजाति के जलीय वन्यजीवों की तस्करी में लिप्त था। गिरोह में पेट शॉप संचालक, पेट पैरेंट, डॉग ब्रीडर और रेल के एसी फर्स्ट कोच के अटेंडेंट भी शामिल थे। इस मामले में मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जांच जारी है। कार्रवाई के दौरान चार अलग-अलग प्रजातियों के कुल 313 जीवित दुर्लभ एवं प्रतिबंधित कछुए—इंडियन टेंट टर्टल, इंडियन रूफ्ड टर्टल, क्राउनड रिवर टर्टल और स्टार टॉर्टोइस—बरामद किए गए। इसके अलावा रोज-रिंग्ड पैराकीट प्रजाति के दो तोते भी जब्त किए गए। आरोपियों के पास से एक मोटरसाइकिल और सात मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया गीता भारती का विमोचन

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन में पंडित मुस्तफा आरिफ उज्जैन की पुस्तक 'गीता भारती' का विमोचन किया। इस पुस्तक में भगवद गीता के श्लोक 'हिन्दी मुक्तक' के रूप में लिखकर संकलित किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लेखक को इस काव्य सृजन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पंडित मुस्तफा आरिफ ने इस पुस्तक की रचना के बारे में बताया कि जहां धर्म है, वहां कर्म सर्वोपरि है। इसी कारण सभी धर्म- प्रधान हैं। कुरान शरीफ की 6666 आयतों पर 10 हजार हिंदी पद रचने के बाद परमात्मा-प्रदत्त सदबुद्धि ने उन्हें कर्म- आधारित धर्म ग्रंथों की ओर मोड़ा है। श्रीमद भगवद्गीता के कर्म-दर्शन ने उन्हें गहराई से प्रेरित किया। उनकी लेखनी परमात्मा की कृपा से गीतामय होकर शोध-यात्रा पर निकली, जिसकी परिणति श्रीमद भगवद्गीता के 700 संस्कृत श्लोकों पर 786 हिंदी मुक्तकों में हुई। पं. आरिफ ने बताया कि यह ग्रंथ सनातन हिंदू दर्शन को आत्मसात करने का अभिनव अनुभव रहा है, जो भारत की संस्कृति और अनेकता में एकता की परम्परा को जन-जन तक पहुंचाने की प्रेरणा देता है। पुस्तक में गीता के गहन संदेश- कर्मयोग, भक्तियोग, ज्ञानयोग और मोक्ष को 786 भावपूर्ण हिंदी मुक्तकों में बांधा गया है। यह हिंदी मुक्तक जीवन की जटिलताओं में स्पष्ट करते हैं। मुक्तकों के प्रत्येक छंद सरल भाषा में रचे गए हैं, जिससे साधारण व्यक्ति गीता का सार समझ सके। पं. आरिफ का विश्वास है कि हिंदू और इस्लामी ग्रंथों में कई समानताएं हैं, जैसे दोनों ईश्वरीय प्रेरणा पर जोर देते हैं। इन ग्रंथों का अध्ययन शोध की भी अनंत संभावनाएं खोलने में सहायक है। भारत के विश्व गुरू होने के जो आधार हैं, वे भी अध्ययन के फलस्वरूप स्पष्ट होते हैं।  

एनएसजी भारत का अभेद्य कवच, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- हम हर हाल में सुरक्षित

एनएसजी भारत का अभेद्य कवच, इनसे हैं हम हर हाल में सुरक्षित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारे भरोसे की गारंटी है एनएसजी काउंटर टेररिस्ट ग्रुप के आधुनिकीकरण के लिए 200 करोड़ रूपए की डीपीआर तैयार सरकार जल्द ही इस दिशा में आगे बढ़ेगी भोपाल के पास तूमड़ा में खुलेगा आकस्मिक आपदा प्रबंधन के लिए अत्याधुनिक प्रशिक्षण केन्द्र लाल परेड मैदान में हुआ नेशनल सिक्योरिटी गार्ड शो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ एक माह तक चलेगा एनएसजी एवं म.प्र. पुलिस का यह साझा प्रशिक्षण कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यद्यपि हमारी संस्कृति हमें सबके सुख की कामना करना सिखाती है, पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में दुनिया यह भी जान गई है कि यदि कोई हमें छेड़ेगा, तो हम उसे नहीं छोड़ेंगे। जो जिस भाषा में समझें, उसे उसी भाषा में समझाना जरूरी है।अतिवादी ताकतें देश के विकास में बड़ी बाधक हैं। हमें ऐसी ताकतों से पूरी मजबूती से निपटना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (नेशनल सिक्युरिटी गार्ड) भारत का अभेद्य सुरक्षा कवच है। एनएसजी के कारण ही हमारी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था बेहद सुदृढ़ है। देश में बीते काल में हुई किसी भी प्रकार की अतिवादी, अप्रिय घटनाओं एवं असामान्य परिस्थितियों में एनएसजी गार्ड की पूरी मुस्तैदी से मौजूदगी ने हमें यह एहसास कराया है कि एनएसजी है तो हम हर हाल में सुरक्षित हैं। एनएसजी देश की सीमा के भीतर नागरिक सुरक्षा की पक्की गारंटी की तरह है। उन्होंने कहा कि एनएसजी के जवान अपनी जान की परवाह किए बिना राष्ट्र की रक्षा में तत्पर रहते हैं। यह बल अपनी पेशेवर क्षमता, अनुशासन और तकनीकी दक्षता के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को लाल परेड मैदान में आयोजित एनएसजी-शो में सहभागिता कर एनएसजी द्वारा मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों के लिए आयोजित समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन के साझा कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाल परेड मैदान में आयोजित एनएसजी शो देखा और कमांडो के प्रदर्शन की सराहना की। शो के दौरान एनएसजी जवानों ने मॉक टेररिस्ट अटैक का रीयलस्टिक सीन क्रिएट कर इस तरह के अटैक्स को काउंटर कर पूरी क्षमता से निपटने के लिए एनएसजी द्वारा अपनाई जाने वाली पूरी प्रकिया एवं कार्यवाही का सजीव प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह शो पुरुषार्थ और साहस से पराक्रम की पराकाष्ठा के प्रदर्शन का परिचायक है। इस प्रशिक्षण प्रदर्शन में जवानों ने हवा में उड़ते हुए जो करतब दिखाए हैं, वे सच में अद्भुत है। एनएसजी जवान हमारी सुरक्षा व्यवस्था की धुरी हैं। जल, थल, नभ हर तरह से देश पर किसी भी तरह की चुनौतियां और कठिनाइयां आ सकती हैं, इनसे निपटने की तैयारियों के लिए यह प्रशिक्षण और पूर्वाभ्यास बेहद महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण कार्यक्रम सह एनएसजी शो के शुभारंभ अवसर पर पुलिस बैंड द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी प्रकार के टेररिस्ट अटैक से निपटने के लिए हम अपने सुरक्षा बलों, एटीएस और सीटीजी को और अधिक मजबूत करेंगे। सीटीजी के आधुनिकीकरण के लिए सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार की है। जल्द ही हम इस दिशा में आगे बढ़ने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि टेररिस्ट अटैक को पूरी दक्षता से काउंटर करने सभी जरूरी प्रशिक्षण के लिए हमारी सरकार भोपाल जिले की हुजुर तहसील के ग्राम तूमड़ा में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केन्द्र खोलेगी। इस सेंटर के जरिए हम अपने सुरक्षा बलों को किसी भी प्रकार की आकस्मिक आपदा एवं अतिवादी ताकतों से निपटने के लिए पूरी क्षमता से तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में है, इसलिए यह सेंटर देश की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हमारे जवान अपने हथियार और बुद्धिमत्ता से सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों की सेवा और सुरक्षा के लिए हमारी सरकार हर समय तत्पर है। हमारी एटीएस आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत दीवार बनकर खड़ी है। इनकी मदद के लिए तैयार की गई काउंटर टेररिस्ट ग्रुप (सीटीजी) हमारी असॉल्ट यूनिट, आधुनिक हथियारों और मॉडर्न टेक्निक से लैस है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को अपने सशस्त्र बलों पर बेहद गर्व है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत की अलग पहचान बन रही है। वर्ष 1984 में एनएसजी की स्थापना हुई। एक समय था जब हमारे देश के प्रधानमंत्री भी अपने घर में सुरक्षित नहीं हुआ करते थे। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की माला पहनाते हुए हत्या कर दी गई। एनएसजी का स्लोगन 'सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा' है, जो विजय भाव की अनुभूति कराता है। एनएसजी जवानों का शौर्य और निष्ठा बेजोड़ है। जब भी देश में कोई संकट आता है। हमारे एनएसजी जवान (ब्लैक कैट कमांडोज़) देशवासियों को पूरी सुरक्षा देते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब हमारी सेना देश के दुश्मनों को उनके घर में घुसकर मारने का माद्दा रखती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से आज हमें यह भरोसा दिलाया है। यहां मध्यप्रदेश पुलिस के साथ एटीएस, सीटीजी के प्रशिक्षण की शुरुआत हुई है। आज के विकासशील दौर में आतंकवाद, नक्सलवाद बहुत घातक है। इनसे लड़ने के लिए बलों को हर तरह के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। देश ने 35 साल पुरानी एक बड़ी समस्या (नक्सलवाद) को खत्म कर दिया है। हमारा मध्यप्रदेश आज पूरी तरह नक्सलमुक्त हो चुका है। इसमें हमारे सशस्त्र बलों का बड़ा योगदान है। सुरक्षा बलों के कारण ही भारत दुनिया के सबसे सशक्त तीन देशों की कतार में शामिल हुआ है। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि एनएसजी और म.प्र. पुलिस का यह साझा प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 अप्रैल से 4 मई 2026 तक करीब एक माह चलेगा। इस दौरान काउंटर अटैक सहित करीब 8 प्रमुख विषयों पर जवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान पुलिस जवान काउंटर/टेररिस्ट अटैक से निपटने की ट्रेनिंग लेंगे और अपने कला, कौशल और टेक्निक को बेहतर से बेहतर बनाएंगे। हम नई चुनौतियों को लेकर तैयार हो रहे हैं। हमारी एटीएस और एसटीएफ पूरी क्षमता से काम कर रही … Read more

मध्य प्रदेश में भाजपा स्थापना दिवस पर 14 जिलों में वर्चुअल पार्टी कार्यालय भूमिपूजन

 भोपाल आज भाजपा का 47वां स्थापना दिवस है। इस मौके पर मध्यप्रदेश के 17 जिलों में कार्यालयों का भूमिपूजन किया गया। भोपाल के प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्राथमिक और सक्रिय सदस्यों का सम्मेलन आयोजित किया गया। भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस प्रदेशभर में बूथ स्तर पर मनाया जा रहा है। पार्टी कार्यालयों तथा कार्यकर्ताओं के निवास पर पार्टी का झंडा फहराया गया, कार्यालयों की सजावट कर मिठाई बांटी जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एवं क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल प्रदेश कार्यालय में सुबह ध्वजारोहण किया। इसके बाद 14 जिलों में पार्टी के जिला कार्यालयों का भूमिपूजन एवं तीन जिलों में कार्यारंभ समारोह किया।कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि आज भाजपा मजबूत संगठन बनकर उभरा है। हम 2047 के विकसित भारत के संकल्प को साथ लेकर चलेंगे। अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचे यही हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा अगले स्थापना दिवस 2027 को प्रदेश सभी 62 जिला कार्यालय का शिलान्यास होगा। वीडियो कांफ्रेंस रूम, पुस्तकालय कार्यालय होगा। अगले एक साल में सभी कार्यालय अत्याधुनिक होंगे। सुविधा सम्पन्न रहेंगे। सभी कार्यालय सोलर बिजली से रोशन होंगे। मोर्चा प्रभारी जिला जिला प्रभारी जिलों में नीचे तक जाए इसका रोडमेप बना रहे हैं। हमारा दल कार्यकर्ता सम्पन्न हो, अगले चुनाव तक हम नीचे तक मजबूत हो इस दिशा में काम करेंगे। खंडेलवाल ने कहा कार्यकर्ता सद्भाव से रहे। ऐसा आचरण करे कि हमारा सम्मान रहे हमारी विचार धारा का सम्मान रहे। हमारे आग्रह पर भाजपा के स्थापना दिवस के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केरल दौरा निरस्त किया उनका आभार और अभिनंदन है। इस दौरान भाजपा के दिवंगत नेताओं के परिवारों का सम्मान किया गया। सीएम ने मंच से नीचे उतरकर विजेश लुणावत, गौरीशंकर जी, बसंत गुप्ता सहित अन्य दिवंगत नेताओं के परिवारों को सम्मानित किया। सीएम बोले- हमने भाजपा को देखा, जिसकी विचारधार अमर हो गई सीएम ने कहा- कौन सा फीनिक्स पक्षी है जो राख बनकर फिर जीवित हो जाता है, हमने वह पक्षी नहीं देखा, लेकिन हमने भाजपा को देखा है, जिसकी विचारधारा अटल और अमर हो गई है। हमारे नेताओं का चरित्र और दर्शन अद्भुत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नेतृत्व से भाजपा के हर कार्यकर्ता का मनोबल बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन का दौर लंबे समय तक चला, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में सरकार ने अपने वादों को पूरा किया और 24 दलों के साथ सफलतापूर्वक शासन चलाया। प्रदेश अध्यक्ष बोले- 62 जिलों में बीजेपी कार्यालय हो, हमारा लक्ष्य बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा की विचारधारा सहभागिता पर आधारित है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी और अन्य नेताओं ने आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपने मूल विचारों से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि पार्टी 17 जिलों में कार्यालय निर्माण की शुरुआत कर रही है। लक्ष्य है कि अगले स्थापना दिवस से पहले प्रदेश के सभी 62 जिलों में भाजपा के अपने कार्यालय हों। खंडेलवाल ने बताया कि प्रत्येक कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम और पुस्तकालय की व्यवस्था होगी। यहां संगठन और पार्टी विचारधारा से जुड़ी पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी। कार्यक्रम में दिवगंत नेताओं के परिजनों का हुआ सम्मान भोपाल में हुए कार्यकर्ता सम्मेलन में सीएम-प्रदेशाध्यक्ष के अलावा क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल समेत में भाजपा के पदाधिकारी, स्थानीय मंत्री, सांसद और विधायक मौजूद रहे। इस मौके पर बीजेपी नेताओं ने दिवंगत नेताओं और कार्यकर्ताओं के परिजनों का सम्मान किया। पूर्व विधायक स्वर्गीय रमेश शर्मा के परिजनों का सम्मान करने के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं मंच से नीचे उतरकर उनके पास पहुंचे। इसके बाद सीएम, प्रदेशाध्यक्ष का संबोधन हुआ फिर बीजेपी कार्यालयों का भूमिपूजन किया गया। एमपी के 17 जिलों में भाजपा के जिला कार्यालयों के लिए जमीन पहले ही खरीदी जा चुकी थी। अब यहां जिला कार्यालयों का निर्माण कार्य औपचारिक रूप से शुरू हुआ है। सभी बूथों पर बांटी जा रही मिठाई कार्यक्रम में वरिष्ठजनों का सम्मान भी किया गया। भाजपा के स्थापना दिवस पर पांच, छह एवं सात अप्रैल को प्रदेश कार्यालय सहित सभी मंडल, जिला कार्यालयों पर पुष्पमाला सजावट, दीपमालिका और रंगोली और विद्युत साज-सज्जा की गई। सभी बूथों पर पार्टी का झंडा फहराकर मिठाई बांटी जा रही है। सात से 12 अप्रैल तक गांव-बस्ती चलो अभियान भाजपा सात से 12 अप्रैल तक गांव-बस्ती चलो अभियान चलाएगी। इसके तहत पार्टी पदाधिकारी, सांसद, विधायक, जिला पंचायत, जनपद पंचायत अध्यक्ष, महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर परिषद अध्यक्ष, सभी पार्षद और पार्टी के सभी कार्यकर्ता अभियान में भाग लेंगे। बता दें कि इन कार्यक्रमों में सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान, पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान, समाज के विभिन्न वर्गों के बुद्धिजीवियों एवं गणमान्य व्यक्तियों से संपर्क और उनका सम्मान, केंद्र सरकार एवं एनडीए शासित प्रदेश सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर चर्चा की जाएगी।

भारत पेट्रोलियम द्वारा भारत गैस एजेंसी ग्रामीण वितरण को सुदृढ़ बनाने सरबाही गांव में दी गई थी

लेकिन एजेंसी संचालक की दबंगई व मनमानी से आमजनता प्रभावित हो रही हैं ब्योहारी ब्योहारी तहसील के ग्राम पंचायत सरबाही खुर्द में ग्रामीण क्षेत्रों के वितरण हेतु राकेश बैस सरबाही को गैस एजेंसी थी गई। लेकिन एजेंसी संचालक द्वारा संचालन स्थल के बजाय गैस एजेंसी ग्राम पंचायत पसगडी में और दूसरी शाखा एजेंसी ब्योहारी के बार्ड क्र-02 शुक्ला पेट्रोल पंप के पीछे अवैध रूप से संचालित की जा रही है। ब्योहारी-भारत गैस एजेंसी ग्रामीण वितरक सरबाही राकेश बैस द्वारा मनमानी रेट पर गैस बेंची जा रही है। गैस लेने एजेंसी पहुंचे उपभोक्ता ने बताया कि राकेश बैस भारत गैस एजेंसी ग्रामीण वितरक सरबाही खुर्द 181161,के संचालक द्वारा कनेक्शनधारी घरेलू उपभोक्ताओं को गैस देने की बजाय गैस को महंगे दामों पर ब्योहारी में ब्लैककर बेंचा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो नगरीय क्षेत्र में व्यवसायिक उपयोग करने बालों को भारत गैस एजेंसी संचालक राकेश बैस और उसके सहयोगियों द्वारा बिना बुकिंग के दुकानदारों को मनमानी दामों में ब्लैक में सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं वितरण केन्द्र के दर्ज उपभोक्ता ओं को ई-केवाईसी के नाम पर परेशान कर एक सौ नब्बे रुपए जमा करा जबरन एक गैस पाइप  दी जा रही है। लोगों का आरोप है कि भारत गैस एजेंसी के संचालक द्वारा अपने उपभोक्ताओं को युद्ध का हवाला देते हुए गैस की कमी बता लोगों को ब्लैक में दो हजार रुपए में भरा सिलेंडर दिया जा रहा है। भारत गैस एजेंसी ग्रामीण वितरक राकेश बैस द्वारा सरवाही खुर्द की एजेंसी पसगडी सीधी रोड़ में संचालित की जाती है जिसकी एक शाखा एजेंसी ब्योहारी के रीवा रोड़ में शुक्ला पेट्रोल पम्प के पीछे स्थित है जहां सैकड़ों की संख्या में भरे गैस सिलेंडर रखें है। जिसे गैस एजेंसी संचालक राकेश बैस द्वारा काला बाजारी कर ऊंचे दामों में ब्लैक में सिलेंडर बेचें जा रहे हैं। जरुरत मंद उपभोक्ता मोबाइल फोन से बुकिंग कर अपने गैस का लम्बे समय तक इंतजार करते हैं फिर थक हार कर अंत में एजेंसी संचालक के कथित दलालों को गैस का डबल रेट देकर ब्लैक में सिलेंडर खरीदते हैं। भारत गैस एजेंसी के संचालक राकेश बैस की दबंगई व मनमानी से पूरे क्षेत्र के गैस उपभोक्ता परेशान हैं। और यहां का जिम्मेदार प्रशासनिक अमला सबकुछ जानकर भी अंजान बना हुआ है। जिससे आमजन मानस भारत गैस की उपलब्धता के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।और वहीं शहरीय क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी दुकान में भारत गैस का घरेलू लाल सिलेंडर गाहे-बगाहे आपको देखने को मिल जाएगा।

विश्वास सारंग के सरकारी बंगले में चोरी की वारदात, प्रशस्ति पत्र और मेडल हुए लापता

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और वीआईपी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खेल मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी आवास में चोरों ने सेंध लगा दी। चोरों ने आवास के स्टोर रूम का ताला तोड़कर अंदर रखे मेडल और प्रशस्ति-पत्र उठा ले गए। यह घटना 3 अप्रैल की बताई जा रही है। खुलासा होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई।  जानकारी के अनुसार, मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले पर यह वारदात हुई। टीटी नगर पुलिस ने बंगले के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि साफ-सफाई या अन्य काम के बहाने बंगले में आने-जाने वाले किसी बाहरी व्यक्ति का इस चोरी में हाथ हो सकता है। सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। यह घटना इसलिए भी संवेदनशील मानी जा रही है क्योंकि यह एक वीआईपी इलाके में हुई, जहां सुरक्षा व्यवस्था अन्य क्षेत्रों की तुलना में कहीं अधिक कड़ी रहती है। मंत्री आवास में इस तरह की चोरी ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है। सबसे हैरानी की बात यह है कि चोर बेखौफ अंदाज़ में वारदात को अंजाम देकर निकल गए और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी. जिस बंगले की सुरक्षा में गार्ड तैनात हों, वहां इस तरह की घटना होना कई सवाल खड़े करता है. यह मामला सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी सेंध का संकेत माना जा रहा है।  घटना के बाद सुरक्षा गार्ड ने टीटी. नगर थाना में इसकी शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि चोरों की पहचान की जा सके. पुलिस संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है और हर एंगल से जांच की जा रही है।  पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की इस घटना के बाद आम लोगों के बीच भी चिंता का माहौल है. जब एक मंत्री का बंगला सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना लाजमी है. फिलहाल पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा. इस घटना ने एक बार फिर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।  पुलिस के अनुसार, मंत्री विश्वास सारंग के बंगले से ट्रॉफियां, मोमेंटो, शील्ड और प्रशस्ति-पत्र चोरी हुए हैं। स्टोर रूम में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होने के कारण पुलिस को आरोपियों की शिनाख्त में परेशानी हो रही है। 

बड़े तालाब के पास रसूखदारों के 347 अवैध बंगलों पर शुरू हुई बुलडोजर कार्रवाई

 भोपाल भोपाल की लाइफलाइन कही जाने वाली बड़ी झील शहर की पहचान है लेकिन भीड़ भाड़ और अवैध निर्माण ने यहां घूमने आने वालों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं. अब प्रशासन ने एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है. क्योंकि बड़ा तालाब के किनारे बने अतिक्रमणों पर बुलडोजर चलना शुरू हो गया है. 6 अप्रैल से शुरू हुआ यह अभियान 21 अप्रैल तक चलेगा. कुल 15 दिनों तक चलने वाली इस कार्रवाई में जिला प्रशासन ने 347 अतिक्रमण चिन्हित किए हैं, जो तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) के 50 मीटर दायरे में आते हैं।  पहले दिन भदभदा में चला ‘पीला पंजा’अभियान के पहले दिन भदभदा इलाके में बुलडोजर एक्शन देखने को मिला. यहां 9 दुकानों पर प्रशासन का बुलडोजर चला. कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी भी विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके. स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने विरोध जताया, लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है और पीछे नहीं हटेगी।  भोज वेटलैंड रूल्स के बाद सख्ती प्रशासन का कहना है कि 16 मार्च 2022 को भोज वेटलैंड रूल्स लागू होने के बाद बड़ा तालाब से 50 मीटर के दायरे में किसी भी तरह के निर्माण को अवैध माना जाएगा. इसी नियम के तहत सभी निर्माण हटाए जाएंगे. प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई तालाब की पारिस्थितिकी, जलस्तर और पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है।  राजा भोज ने कराया था झील का निर्माण भोपाल की बड़ी झील को भोजताल या अपर लेक भी कहा जाता है. 11वीं शताब्दी में राजा भोज द्वारा निर्मित भारत की सबसे पुरानी मानव निर्मित झीलों में से एक है. यह आज भोपाल शहर की पहचान भी है. यह शहर के पीने के पानी का मुख्य स्रोत है और 2002 में इसे 'रामसर साइट' का दर्जा मिला. यहां बोट क्लब, खूबसूरत व्यू और वॉटर स्पोर्ट्स पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।  ये इलाके हैं नो-कंस्ट्रक्शन जोन लेक के फुल टैंक लेवल से 50 मीटर का एरिया, जो भोज वेटलैंड और रामसर साइट का भी हिस्सा है, वेटलैंड नियमों के तहत नो-कंस्ट्रक्शन जोन है और अभी भी इस जोन में सैकड़ों फार्म हाउस, बंगले, मैरिज हॉल, रेस्टोरेंट से लेकर छोटे घर और झुग्गियां बनी हुई हैं। इन सब में बिशनखेड़ी, सूरज नगर, खानूगांव, बैरागढ़ और ऐसे एरिया सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। टास्क फोर्स ने नया सर्वे शुरू किया डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर द्वारा बनाई गई 17 लोगों की टास्क फोर्स को ADM अंकुर मेश्राम लीड कर रहे हैं। यह टीम झील के आसपास के मना किए गए एरिया में सर्वे और डिमार्केशन और बाद में पहचाने गए अतिक्रमणों को हटाने के प्रोसेस पर नजर रखेगी। जब उनसे पूछा गया कि क्या डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन इस बार अतिक्रमण हटाने को लेकर सीरियस है, तो उन्होंने कहा, 'प्रोसेस पहले ही शुरू हो चुका है। अगर आपके मन में कोई खास स्ट्रक्चर है और जब उसे गिरा दिया जाता है, तभी आप मानेंगे कि अतिक्रमण हटाया जा रहा है, यह एक अलग बात है।' 5 प्वॉइंट में पढ़िए पूरी खबर का सार 1. रामसर साइट और वेटलैंड नियमों के तहत तालाब के FTL (Full Tank Level) से 50 मीटर तक कोई भी पक्का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। 2. बिशनखेड़ी, सूरज नगर, खानूगांव और बैरागढ़ में सबसे ज्यादा अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं, जिनमें रसूखदारों के बंगले और मैरिज हॉल शामिल हैं। 3. NGT के निर्देशों पर पहले भी तीन बार सर्वे हो चुका है, लेकिन इस बार टास्क फोर्स में राजस्व, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ पर्यावरणविद भी शामिल हैं। 4. हब्बीनामा, इनायतनामा और वक्फ बोर्ड की जमीनों के दावों के कारण प्रशासन को कड़ी चुनौती मिल रही है, जिसे लेकर NGT पहले ही नाराजगी जता चुका है। 5. SDM टी.टी. नगर ने अपने क्षेत्र में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है, जो संकेत है कि इस बार मामला केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा  

भोपाल: लाल परेड ग्राउंड में NSG कमांडो का जोरदार पावर शॉ

भोपाल  भोपाल में सोमवार को लाल परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो ने पावर शॉ दिखाया। कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरकर इमारत में घुसने, आतंकियों से मुकाबला करने, बम खोजने और निष्क्रिय करने, डॉग स्क्वॉड के जरिए आईईडी पहचानने और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी कार्रवाई का लाइव प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में मोहन यादव, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, NSG के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सीएम बोले- 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा- सीपीजी काउंटर टेररिज्म ग्रुप बनाने के लिए मप्र सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर ली है। भविष्य में सभी प्रकार के खतरों से निपटने के लिए भोपाल के ग्राम तूमड़ा में सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया के सामने पहचान बन रही है। जब देश के प्रधानमंत्री भी सुरक्षित नहीं थे और राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से सुरक्षा मुहैया कराई। जब भी देश में किसी संकट से सामना होता है, तब एनएसजी कमांडो रक्षा करते हैं। मुझे एनएसजी पर गर्व है। 'कोई हमें छेड़ेगा तो करारा जवाब मिलेगा' सीएम कहा कि हमारी सेना देश के दुश्मनों के घर में घुसकर मारने का काम करती है। हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन यदि कोई हमें छेड़ेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। यह संयुक्त प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संकल्प से सिद्धि का अभियान है। हम सर्वजन सुखाय की बात करते हैं। जो जिस प्रकार का है, उसे उसी प्रकार की भाषा में जवाब देने की तैयारी होनी चाहिए। डॉ. यादव ने कहा कि हमारे बलों को सभी प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। भारत और प्रदेश को आगे बढ़ने में कई लोग बाधा डालते हैं। हमने नक्सलवाद पर काबू पा लिया है। मप्र पुलिस और भारत सरकार ने मिलकर ऐसी गतिविधियों को रोकने में सफलता पाई है। 'हवा में उड़ते बजरंगबली जा रहे हों' सीएम ने कहा कि हमारे कमांडो ने क्या-क्या नहीं दिखाया। जैसे हवा में बजरंगबली जा रहे हों। हमारे जवानों ने भी शानदार करतब दिखाए। काल भैरव के गणों ने भी गजब प्रदर्शन किया। आपका प्रदर्शन अद्भुत रहा। आकस्मिक आपदा के लिए हम अपनी सशक्त भूमिका निभाना चाहते हैं। हमारे जवान सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। खाली हाथ होते हुए भी वे दो-दो, चार-चार लोगों को उठाकर पटक रहे थे। यह देखकर आनंद आया। डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान कमांडो ने Mi-17 helicopter से स्लिथरिंग कर इमारत में प्रवेश किया और हाउस इंटरवेंशन की कार्रवाई दिखाई। K-9 डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान की, वहीं बम निष्क्रियकरण और एंटी-ड्रोन तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया। कमांडो ने बहुमंजिला भवन पर हमले को निष्क्रिय करने, आतंकियों से हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और आम लोगों को सुरक्षित निकालने की ड्रिल भी प्रदर्शित की। इसके साथ ही वीआईपी सुरक्षा, क्राव मागा तकनीक और अंडरवॉटर डाइविंग से जुड़ी कार्रवाई भी दिखाई गई।

सागर जोन के अतिरिक्त प्रभार के तौर पर नर्मदापुरम आईजी मिथिलेश शुक्ला को जिम्मेदारी, गृह विभाग ने जारी किया आदेश

सागर  मध्य प्रदेश सरकार ने नर्मदापुरम जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) मिथिलेश शुक्ला को सागर जोन का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी मिथिलेश शुक्ला अब नर्मदापुरम के साथ-साथ सागर जोन की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। यह अतिरिक्त प्रभार अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक के लिए दिया गया है। 31 मार्च को सागर जोन की आईजी हिमानी खन्ना के सेवानिवृत्त होने के बाद पद रिक्त हुआ था। अब इस पद पर शुक्ला को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। मिथिलेश शुक्ला अपने कार्यकाल में अच्छा प्रशासनिक अनुभव रखते हैं।