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MP बोर्ड परीक्षा कल से: 16 लाख छात्र होंगे परीक्षा में शामिल, चोरी रोकने के लिए तैनात होगा तीसरी आंख और फ्लाइंग स्क्वॉड

भोपाल  मध्य प्रदेश में कल से माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। इस बार प्रदेश भर में 16 लाख से ज्यादा छात्र अपने भविष्य की परीक्षा देंगे। प्रशासन ने परीक्षा को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जिसमें वीडियोग्राफी से लेकर सीसीटीवी कैमरों तक की मदद ली जा रही है। परीक्षा का कार्यक्रम और समय बोर्ड द्वारा जारी संशोधित टाइम टेबल के अनुसार परीक्षाएं सुबह 9:00 बजे से 12:00 बजे की शिफ्ट में आयोजित की जाएंगी। 12वीं बोर्ड: परीक्षाएं कल यानी 10 फरवरी से शुरू होंगी। 10वीं बोर्ड: परीक्षाएं 13 फरवरी 2026 से प्रारंभ होंगी। शिक्षा मंडल ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि छात्रों को संशोधित समय सारणी के प्रति जागरूक किया जाए ताकि किसी भी प्रकार का भ्रम न रहे। सुरक्षा के त्रि-स्तरीय इंतजाम परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए प्रशासन ने 'फुलप्रूफ' योजना तैयार की है: सीसीटीवी और वीडियोग्राफी: प्रदेश के 3856 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी से निगरानी रखी जाएगी। थानों से प्रश्न-पत्र निकालने से लेकर वितरण तक की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है। फ्लाइंग स्क्वॉड (उड़नदस्ते): हर जिले में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात रहेंगे। इनमें प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल होंगे, जो केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। भोपाल में विशेष तैयारी: राजधानी में 104 केंद्रों पर 57 हजार से अधिक छात्र परीक्षा देंगे। छात्रों की संख्या का गणित इस वर्ष कुल 16 लाख से अधिक विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं: कक्षा 10वीं : लगभग 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी। कक्षा 12वीं : लगभग 7 लाख विद्यार्थी। विशेषज्ञों की सलाह: सेहत और तनाव का रखें ध्यान परीक्षाओं के दबाव को देखते हुए विशेषज्ञों ने छात्रों को पर्याप्त नींद लेने और संतुलित आहार लेने की सलाह दी है। अभिभावकों के लिए भी टिप्स जारी किए गए हैं कि वे घर का माहौल सकारात्मक रखें और बच्चों पर अत्यधिक अंकों का दबाव न बनाएं, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से सपोर्ट करें।

नकली नोटों की गड्डी थमाकर महिला के जेवरात ले उड़े जालसाज

भोपाल राजधानी के जहांगीराबाद इलाके में नकली नोटों की गड्डी थमाकर एक महिला के जेवरात लेकर गायब होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दो जालसाजों के खिलाफ ठगी का केस दर्ज किया है। आरोपियों ने महिला का रास्ता रोककर उन्हें बातों में उलझाया और लूटपाट तथा चोरी का डर दिखाकर जेवरात उतरवाकर एक पोटली में बंधवा दिए।बाद में महिला ने देखा तो पोलटी के अंदर पत्थर बंधा मिला और नोटों की गड्डी में कागज की कतरन लगी हुई थी।पुलिस बताए गए हुलिए के आधार पर जालसाजों की तलाश कर रही है। जानकारी के अनुसार बरखेड़ी जहांगीराबाद में रहने वाली केशरबाई यादव (55) आंगनबाड़ी में काम करती हैं। बीते शुक्रवार को वह अपने पासबुक की एंट्री कराने के लिए न्यू मार्केट स्थित बैंक गई थी। वहां से लौटते समय वह लिली टॉकीज तिराहे पर बस से उतरी और घर जाने लगी। रशीदिया स्कूल रोड पर रास्ते में उन्हें दो युवक मिले। युवकों ने कहा कि अम्मा आप थक गई होगी थोड़ी देर बैठ जाओ हम आपको पानी पिलाते हैं। युवकों की बातों में आकर केशरबाई एक मकान के सामने चबूतरे पर बैठ गई। इस दौरान युवकों ने नोटों की गड्डी देते हुए कहा कि यह एक लाख रुपए हैं, आप इसे अपने थैले में संभाल कर रख लो, हम आपके लिए नाश्ता लेकर आते हैं। इसके साथ ही युवकों ने यह भी कहा कि इलाके में लूटपाट और चोरी का डर है, इसलिए आप अपने गहने भी उतारकर थैले में रख लीजिए। उसके बाद केशरबाई ने मंगलूसत्र, कान के टॉप्स और चांदी की चेन उतारकर युवकों को दे दी। उन्होंने जेवरात एक पोटली में बांधे और केशरबाई के थैले में रखकर नाश्ता लेने का कहकर चले गए। काफी देर बाद भी जब दोनों युवक वापस नहीं लौटे तो केशरबाई ने अपना थैला चेक किया। उन्होंने देखा तो पोटली के अंदर पत्थर बंधा हुआ था, जबकि नोटों की गड्डी में कागज लगे हुए थे। उसके बाद वह तुरंत ही घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजनों ने पहले दोनों युवकों की तलाश की, लेकिन जब उनका कुछ पता नहीं चला तो रविवार को थाने जाकर केशरबाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। बताए गए हुलिए और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की मदद से आरोपियों का पता लगाया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई: मंत्री विजय शाह पर कर्नल कुरैशी के मामले में चार बार माफी की मांग

भोपाल  मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में आज, 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार पहले ही अपनी रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है। अब अदालत के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए या नहीं। सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। सुप्रीम कोर्ट के रुख और संभावित निर्देशों को देखते हुए कानूनी, राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर लगातार समन्वय किया जा रहा है। दिल्ली में मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक सुनवाई से ठीक पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में मंत्री विजय शाह को लेकर बने राजनीतिक और कानूनी हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले थे। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मंत्री शाह को लेकर बने हालात पर चर्चा की। सीनियर वकीलों से भी इस मामले में सलाह ली गई है, ताकि कोर्ट में सरकार अपना पक्ष मजबूती से रख सके। सरकार कुछ मामलों में जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग कोर्ट से कर सकती है। इस मुद्दे पर भी पार्टी और सरकार स्तर पर मंथन हुआ है। दो दिन पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह को फिर से माफी मांगने के लिए कहा गया था। इसके बाद 7 फरवरी को मंत्री शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, जिसका वीडियो भी जारी किया गया। पूरे मामले में यह उनकी चौथी माफी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सुनवाई को देखते हुए सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और कोर्ट के रुख पर लगातार नजर बनाए हुए है। बता दें, मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को महू के रायकुंडा में ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने वरिष्ठ वकीलों से भी सलाह ली है, ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखा जा सके। सरकार यह भी विचार कर रही है कि कुछ बिंदुओं पर जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग अदालत से की जाए। इस पहलू पर पार्टी और सरकार, दोनों स्तरों पर मंथन हुआ है। प्रदेश अध्यक्ष की मुलाकात और माफी का दबाव इस पूरे घटनाक्रम से पहले, दो दिन पूर्व बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह से एक बार फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया। इसी क्रम में 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना की, जिसका वीडियो भी जारी किया गया। यह इस पूरे विवाद में उनकी चौथी माफी थी। क्या है पूरा विवाद? मामले की जड़ 11 मई 2025 की है, जब मंत्री विजय शाह ने महू के रायकुंडा क्षेत्र में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। यह बयान सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया हुई। इस बयान को सेना, महिलाओं और एक समुदाय के प्रति आपत्तिजनक बताते हुए विरोध दर्ज कराया गया, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। पहली और दूसरी माफी: विवाद बढ़ने पर मंत्री विजय शाह ने 13 मई 2025 को पहली बार माफी मांगी। उन्होंने कहा, “सोफिया बहन ने देश का मान-सम्मान बढ़ाया है। मैं उन्हें सैल्यूट करता हूं। दुखी मन से और इतनी विपरीत परिस्थितियों में अगर मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया है, तो मैं दस बार माफी मांगने को तैयार हूं।” अगले दिन, 14 मई 2025 को लगभग इसी शब्दों में उन्होंने दोबारा माफी दोहराई। हालांकि, इन दोनों माफियों को लेकर यह सवाल उठता रहा कि क्या वे पर्याप्त और बिना शर्त थीं। तीसरी माफी: 23 मई 2025 का विस्तृत बयान 23 मई 2025 को मंत्री विजय शाह ने एक लंबा बयान जारी करते हुए तीसरी बार माफी मांगी। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए जघन्य हत्याकांड से उनका मन विचलित था और उसी मानसिक स्थिति में उनसे भाषाई भूल हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म, जाति या समुदाय को ठेस पहुंचाना नहीं था और वे भारतीय सेना, कर्नल सोफिया कुरैशी तथा देशवासियों से पूरी तरह क्षमा प्रार्थी हैं। चौथी माफी: 7 फरवरी 2026, कोर्ट की सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से ठीक पहले, 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने चौथी बार सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनके शब्द देशभक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में निकल गए थे, जो उनकी वास्तविक भावना के अनुरूप नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है, इस घटना से उन्होंने आत्ममंथन किया है और भविष्य में ऐसी गलती दोहराई नहीं जाएगी। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी नजर अब पूरे मामले की दिशा सुप्रीम कोर्ट की आज की सुनवाई से तय होगी। अदालत यह निर्णय कर सकती है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ेगी या राज्य सरकार की दलीलों और माफियों को देखते हुए कोई अन्य रास्ता अपनाया जाएगा।  

अमित शाह का तोहफा: MP में 550 करोड़ की मदद, बिजली बिल में आएगी राहत

भोपाल भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल (IISER) में जल्द ही ऐसा रिसर्च पार्क तैयार किया जाएगा जहां भविष्य की बिजली तैयार करने के फॉर्मूले खोजे जाएंगे। 550 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस सोलर रिसर्च पार्क एवं सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए सरकार ने 52 एकड़ जमीन दी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह सिर्फ सोलर प्लांट नहीं, बल्कि क्लीन एनर्जी की नई तकनीकों की प्रयोगशाला होगा जहां सूरज, हवा, पानी और और हाइड्रोजन से सस्ती और ज्यादा बिजली बनाने पर काम होगा। यह रिसर्च सेंटर आइसर के केमिस्ट्री, फिजिक्स, अर्थ एंड एनवायरनमेंटल केमिस्ट्री, इलेक्ट्रिकल और केमिकल इंजीनियरिंग, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभागों द्वारा मिलकर स्थापित किया जा रहा है।   क्या होगा यहां खास यहां वैज्ञानिक सिर्फ सोलर पैनल नहीं लगाएंगे, बल्कि यह समझेंगे कि पैनल ज्यादा बिजली कैसे बनाएं, बादलों और रात में ऊर्जा कैसे स्टोर हो और बिजली बिना नुकसान घरों तक कैसे पहुंचे। सेंटर में एआइ आधारित ऊर्जा प्रबंधन, क्वांटम सेमीकंडक्टर, स्मार्ट ग्रिड और ग्रीन हाइड्रोजन जैसी भविष्य की तकनीकों पर भी काम होगा।   छात्रों के लिए नई राह आइसर और अन्य तकनीकी संस्थानों के छात्रों को यहां किताबों से हटकर जानकारी मिलेगी। वे लाइव प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री एक्सपेरिमेंट और हाईटेक लैब में रिसर्च कर सकेंगे। इससे स्टार्टअप, पेटेंट और इंटरनेशनल कोलेबोरेशन बढ़ेंगे। ऊर्जा क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए यह बड़ा प्लेटफॉर्म साबित होगा। इसके साथ ही आइसर में एमटेक रिन्यूएबल एनर्जी कोर्स भी शुरू किया जाएगा।   सोलर रिसर्च पार्क का भूमिपूजन गृह मंत्री 13 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। कार्यक्रम में ऊर्जा कंपनियों के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक और नीति निर्माता शामिल होंगे। भूमिपूजन के साथ ही परियोजना का निर्माण औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। शहर को क्या मिलेगा     ग्रीन एनर्जी उपयोग बढ़ेगा     प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी     लोकल जॉब्स बढ़ेंगी     नई इंडस्ट्री निवेश आएगा     स्मार्ट बिजली सप्लाई मॉडल विकसित होंगे। इन 5 कामों पर फोकस     ज्यादा बिजली बनाने वाले सोलर सेल     सस्ता ग्रीन हाइड्रोजन     बिजली सप्लाई में कम नुकसान     कार्बन उत्सर्जन में कमी     विंड एनर्जी को सस्ता बनाना 52 करोड़ की भूमि होगी चिन्हित- आइसर निदेशक हमें ऊर्जा अनुसंधान के लिए 52 एकड़ भूमि मिली है, जहां रिन्यूएबल एनर्जी, सोलर पैनल्स और ग्रीन हाइड्रोजन पर शोध होगा। हमारा लक्ष्य है सौर पैनलों से अधिकतम ऊर्जा कैप्चर और हाइड्रोजन परिवहन को अधिक कुशल बनाना।- प्रो. गोवर्धन वास, निदेशक, आइसर

ज्योतिर्लिंग भक्तों के लिए खुशखबरी: एमपी में नि:शुल्क वीआईपी दर्शन की सुविधा शुरू

खंडवा 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक में अब श्रद्धालु नि:शुल्क वीआइपी दर्शन का लाभ उठा सकेंगे। मध्यप्रदेश में मौजूद ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में प्रशासन ने एक अहम पहल शुरू की है। रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए इस पहल को शुरू किया गया है। बता दें कि, ओंकारेश्वर में आने वाले श्रद्धालुओं को रक्तदान करने पर नि:शुल्क वीआइपी दर्शन कराए जाएंगे। इसके लिए यहां एक स्थाई ब्लड डोनेशन यूनिट भी मंदिर परिसर में स्थापित की जाएगी। कलेक्टर ने दिए निर्देश खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने इसके लिए श्रीजी मंदिर ट्रस्ट प्रबंधन को इसके लिए एक माह में स्थाई ब्लड डोनेशन यूनिट तैयार करने के निर्देश जारी किए है।   लंबे समय से की जा रही थी मांग लंबे समय से जय महाराणा रक्तदान समूह भारत खंडवा द्वारा भी इसकी मांग की जा रही थी। भारत में तिरूपति आंध्रप्रदेश, शिर्डी महाराष्ट्र के मंदिरों में वीआइपी दर्शन के लिए रक्तदान की पात्रता है। इसी आधार पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में भी रक्तदाताओं को वीआइपी दर्शन की मांग की जा रही थी। इन्हें मिलेगी मदद कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने यह व्यवस्था आरंभ करने को कहा है। रक्तमित्र शैलू मंडलोई ने बताया कि रक्तदान में मिले रक्त से गरीब और असहाय मरीजों की मदद की जा सकती है। थैलेसिमिया जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्चों का जीवन बचया जा सकता है।

महाकाल जाने वालों को झटका: उज्जैन स्टेशन पर 31 ट्रेनों का प्लेटफार्म परिवर्तन

उज्जैन रेलवे प्रशासन ने उज्जैन रेलवे स्टेशन पर आने वाली 31 ट्रेनों के प्लेटफार्म में बदलाव किया है। 10 फरवरी से ट्रेनें बदले हुए प्लेटफार्म पर ठहरेगी। इसके तहत सात ट्रेनें अब आठ नंबर प्लेटफार्म से संचालित होंगी। जबकि चार ट्रेनें सात नंबर प्लेटफार्म पर आएंगी। इस बदलाव से श्री महाकालेश्वर मंदिर दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को खासी परेशानी होगी। उन्हें अब सात व आठ नंबर से एक नंबर की ओर पैदल आना पड़ेगा। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि यात्रियों की सुविधा, सुगम आवागमन तथा सभी प्लेटफार्मों के समान उपयोग को करने के उद्देश्य से रतलाम मंडल द्वारा उज्जैन रेलवे स्टेशन पर एक महत्वपूर्ण सुधार किया गया है। इसके तहत स्टेशन पर 31 ट्रेनों के आगमन एवं प्रस्थान के प्लेटफार्म में परिवर्तन किया जा रहा है। यह बदलाव 10 फरवरी प्रभावी होगा।   इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य प्लेटफार्म क्रमांक एक पर बढ़ते यात्री दबाव को कम करना, भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाना तथा स्टेशन संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाना है। प्लेटफार्म परिवर्तन के बाद यात्रियों को प्लेटफार्म तक पहुंचने में अधिक सुविधा होगी। इस बदलाव से विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों तथा दिव्यांग यात्रियों को लाभ होगा, क्योंकि अब उन्हें स्टेशन के अंतिम छोर तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यात्री होंगे परेशान उज्जैन स्टेशन पर रोजाना 76 यात्री ट्रेनों को आवागमन होता है। इनमें अधिकांश यात्री उज्जैन में श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने के लिए आते है। रेलवे ने 31 ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले हैं। यात्रियों को महाकाल जाने के लिए इंदौरगेट व मुख्य स्टेशन की ओर आना होगा। जिससे प्लेटफार्म नंबर सात व आठ से एक नंबर तक अपना सामान उठाकर पैदल आना होगा। नागदा एंड की ओर लिफ्ट व एस्केलेटर की सुविधा नहीं होने से उन्हें परेशानी होगी। इन ट्रेनों के प्लेटफार्म में किया बदलाव इंदौर शहीद कैप्टन तुषार महाजन सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर छह के बजाए पांच पर, कामाख्या-डा अंबेडकर नंबर एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर छह के बजाए पांच पर, नागपुर-इंदौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर पांच के बजाए छह पर, प्रयागराज-डा अंबेडकर नंबर एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर पांच के बजाए छह पर, गांधीधाम-इंदौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर एक के बजाए पांच पर, इंदौर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर एक के बजाए आठ पर, इंदौर-दौंड एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर चार के बजाए आठ पर, इंदौर-आसरवा एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर एक के बजाए आठ पर आएगी। मन्नारगुड-जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर पांच के बजाए छह पर, वाराणसी-इंदौर एक्सप्रेस छह के बजाए चार पर, यशवंतपु-डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस छह के बजाए पांच पर, बरेली-इंदौर एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर चार से अब आठ पर, इंदौर-ऊना हिमाचल एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर छह से अब आठ पर, मदुरै-बीकानेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस छह के बजाए पांच पर, ग्वालियर-दौंड सुपरफास्ट एक्सप्रेस छह के बजाए पांच पर, तिरुवंतपुरम-इंदौर एक्सप्रेस छह के बजाए पांच पर, वाराणसी-इंदौर एक्सप्रेस छह के बजाए चार पर आएगी एवं जाएगी। इनमें भी बदलाव इसके अलावा रेलवे ने 12 पैसेंजर ट्रेनों के प्लेटफार्म भी बदले हैं। इनमें नागदा-उज्जैन पैसेंजर को प्लेटफार्म नंबर दो के बजाए छह पर, उज्जैन-रतलाम मेमू प्लेटफार्म नंबर पांच के बजाए दो पर, उज्जैन-इंदौर मेमू प्लेटफार्म नंबर पांच के बजाए आठ पर, उज्जैन-नागदा पैसेंजर पांच के बजाए छह पर, उज्जैन-इंदौर पैसेंजर आठ के बजाए सात पर, भोपाल-उज्जैन पैसेंजर पलेटफार्म नंबर दो के बजाए सात पर। इंदौर-उज्जैन मेमू प्लेटफार्म नंबर पांच से अब आठ पर, उज्जैन-भोपाल पैसेंजर प्लेटफार्म नंबर आठ से सात पर, नागदा-उज्जैन पैसेंजर पांच से अब सात पर, रतलाम-उज्जैन मेमू प्लेटफार्म पांच से दो तथा चित्तौड़गढ- उज्जैन मेमू प्लेटफार्म नंबर दो से आठ पर भेजा गया है।

मध्यप्रदेश में ठंड और कोहरे का कहर, मौसम विभाग ने 2 दिन में बारिश की चेतावनी जारी की

भोपाल   मध्य प्रदेश में जैसे-जैसे कोहरा छट रहा है ठंड के तीखे तेवर नजर आने लगे हैं। यानी आसमान साफ होते ही उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने एक बार फिर न्यूनतम तापमान तेजी से नीचे गिराया है। आलम ये है कि, प्रदेश के कुछ हिस्सों में तो कोहरा है, लेकिन जहां कोहरा नहीं, वो इलाका ठंड की चपेट में है। सबसे सर्द रात उमरिया और रीवा जिले में दर्ज हुई। यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं, मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों तक मौसम शुष्क रहने और उसके बाद मावठी बारिश के आसार जताए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के उमरिया, रीवा सबसे ठंडे रहे। यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज हुआ। इसके बाद खजुराहो में भी खासा ठंड रही। यहां न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में पारा 11 डिग्री के आसपास रहा, जबकि जबलपुर में ये 10.8 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के पहाड़ी पर्यटन स्थल पचमढ़ी में भी पारा 9.4 डिग्री तक गिर गया है। इन जिलों में 10 डिग्री से कम तापमान, उज्जैन सबसे ज्यादा प्रदेश के कई जिलों में पारा 10 डिग्री के नीचे दर्ज हुआ। इनमें खजुराहो 7.4 डिग्री, मंडला 7.9 डिग्री, नौगांव 8.8 डिग्री और सतना 8.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं राजगढ़, शिवपुरी, पचमढ़ी, दमोह और मलाजखंड में भी तापमान 9 से 10 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। उज्जैन में रात का पारा सबसे अधिक 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।   कई जिलों में कोहरे का असर रविवार सुबह प्रदेश के करीब 10 जिलों में मध्यम कोहरा छाया रहा। इनमें भोपाल, उज्जैन, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, मंडला और सतना में कोहरे की वजह से दृश्यता कम रही। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में कोहरा छंटने की संभावना है, लेकिन सुबह और रात के समय सिहरन बनी रहेगी।   10 फरवरी से फिर 'मावठा' गिरने के आसार मौसम विभाग की मानें तो हिमालयी क्षेत्र में 8 फरवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इस सिस्टम का असर 10 फरवरी तक एमपी में दिखाई देने लगेगा। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में मावठा वाली बारिश हो सकती है। हालांकि, आज और कल बारिश या ओलावृष्टि की संभावना कम है, लेकिन 10 फरवरी के बाद मौसम बदल सकता है।

दूल्हे के पिता ने दांव पलटा: ‘मुझे बहू नहीं बेटी चाहिए’, 51 लाख वापस किए

भिंड मध्यप्रदेश के भिंड में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां शादी का मंडप सजा चुका था, मेहमान मौजूद थे और रस्में चल रही थीं। तभी एक वाक्या हुआ, जिसने पूरी शादी का माहौल बदल दिया। अनोज पाठक जो भिंड की एक मार्केटिंग सोसायटी में असिस्टेंट मैनेजर हैं। उन्होंने शादी में मिले दहेज के 51 लाख रूपये लौटा दिए। पाठक परिवार के इस कदम ने स्पष्ट कर दिया कि शादी किसी लेन-देन नहीं बल्कि दो परिवारों और संस्कारों का मेल है। अनोज पाठक ने दहेज के 51 लाख रूपये ठुकराकर केवल 1 रूपये और एक नारियल स्वीकार किया। दहेज लौटाया तो हैरानी में पड़ा परिवार शादी के दौरान जब लड़के पक्ष ने लड़की पक्ष को दहेज की राशि लौटाई तो वह हैरानी में पड़ गए। उन्हें लगा कि कहीं किसी बात पर लड़की वाले बिफर तो नहीं गए, लेकिन अनोज पाठक और उनकी मनोरमा पाठक ने लड़की वालों को बताया कि यह फैसला नाराजगी में नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने के लिए लिया है। दहेज के कारण परिवारों योग्य रिश्ते नहीं मिलते दादा सुरेश पाठक ने कहा कि आज भी दहेज के कारण मध्यमवर्गीय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को अच्छे रिश्ते नहीं मिल पाते हैं। इसको देखते हुए हमने फैसला लिया है कि हम अपने इंजीनियर पोते की शादी जानबूझकर मध्यवर्गीय परिवार में बिना दहेज के की है। हमारे समाज में जब तक बहू को घर में बेटी की तरह सम्मान नहीं मिलेगा। तब तक समाज आगे नहीं बढ़ेगा।   दूल्हा है इंजीनियर दूल्हा आकर्ष पाठक छत्तीसगढ़ इंजीनियर है। उसके पिता अनोज पाठक मार्केटिंग सोसायटी में असिस्टेंट मैनेजर हैं। पिता का कहना था कि ये कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। ये सालों पुराना संकल्प था। लड़के के पिता बोले- बेटी बोझ नहीं लड़के के पिता अनोज पाठक ने बताया कि बेटियां कोई बोझ नहीं है और विवाह कोई लेन-देन का सौदा नहीं है। दूल्हे के पिता ने मेरे दो बेटे हैं। मैं चाहता था कि अपने बेटों की शादी में बहू के रूप में बेटी लेकर आऊंगा। अक्सर मध्यमवर्गीय परिवार संकोच में रहते हैं कि शादी में अगर ज्यादा दहेज नहीं देंगे। तो अच्छे घर में बेटियों की शादी नहीं होगी।

मनुष्य से मनुष्य का प्रेम, सनातन संस्कृति की है विशेषता

2300 करोड़ रुपए की योजना से 50 हजार हैक्टेयर सिंचाई का बढ़ेगा रकबा और लाभान्वित होंगे 122 गांव जैतपुर बनेगी नगर पंचायत शहडोल को गीता भवन, मेडिकल कॉलेज में सीट वृद्धि और नए महाविद्यालय की मिली सौगात मिनी ओलंपिक मापदंड पर आधारित स्विमिंग पूल का शहडोल के धनपुरी में हुआ शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वॉटर पार्क लोकार्पण कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सच्चा वादा-पक्का काम ही राज्य सरकार की पहचान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय भाई-बहनों के सर्वांगीण विकास में जुटी है। जनजातीय भाई-बहनों का राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को माता शबरी जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि निष्कपट भक्ति, समर्पण और साधना की सर्वोच्च प्रतीक शबरी मैया ने सारा जीवन रघुवर की प्रतीक्षा की। प्रेम में समर्पित इस प्रतीक्षा का फल केवल माता शबरी को ही नहीं मिला बल्कि स्वयं भगवान राम को भी मिला। मनुष्य से मनुष्य का प्रेम ही सनातन संस्कृति की विशेषता है। भगवान श्रीराम और माता शबरी का प्रेम बताता है कि हमारे समाज में जातिवाद के लिए कोई स्थान नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शहडोल जिले के धनपुरी में नगर पालिका द्वारा 20 करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए वॉटर पार्क के लोकार्पण अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का साफा तथा गजमाला पहनाकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता भवन निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इसके बन जाने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाइब्रेरी और कोचिंग जैसी शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहडोल सिंचाई काम्पलेक्स निर्माण की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत सोन नदी पर 4 माइक्रो सिंचाई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। लगभग 2300 करोड़ रुपए की इस योजना से 50 हजार हैक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ेगा, जिससे 122 गांव को लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैतपुर को नगर पंचायत बनाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल मेडिकल कॉलेज में सीट वृद्धि के संबंध में विभाग से प्रस्ताव प्राप्त होने पर सीट वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहडोल जिले में 160 करोड रुपए लागत से 45 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा जैतपुर महाविद्यालय में कला और विज्ञान संकाय के भवन निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन महाविद्यालय आरंभ करने की भी घोषणा की। उन्होंने 3 किलोमीटर लंबे मॉडल रोड निर्माण पर भी सहमति प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माता बहनों के कल्याण के लिए पूरी सरकार समर्पित है इसीलिए लाड़ली बहना योजना सहित महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लखपति दीदी योजना, लखपति ड्रोन दीदी योजना, रजिस्ट्री में माता-बहनों को 2 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। लोकसभा-विधानसभा में भी बहनों को आरक्षण मिलने वाला है। आने वाला समय माता-बहनों का है, हमारी संस्कृति बहनों के आधार पर ही पुष्पित पल्लवित होती रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का सम्मान लगातार बढ़ रहा है। भारत वैश्विक मंच पर प्रमुख आर्थिक शक्ति बन कर उभर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरीका से हुए समझौते में किसानों के हितों को सबसे ऊपर रखा है। केंद्र हो या राज्य सरकार युवा,गरीब, किसान और महिलाओं का कल्याण सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि हो या उद्योग सभी क्षेत्रों में लगातार प्रगति कर रहा है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 44 लाख हैक्टेयर हुआ है। युवाओं को भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेती को लाभप्रद बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से ही वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों को बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 30 लाख सोलर पम्प उपलब्ध कराए जाएंगे। दुग्ध उत्पादन, दलहन उत्पादन के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। इन सब गतिविधियों से परिवारों के पोषण की स्थिति में भी सुधार होगा। सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ.यादव के नेतृत्व में देश-प्रदेश में विकास की गंगा बह रही है। इसी का परिणाम है कि धनपुरी को मिनी ओलंपिक के मापदंड पर आधारित स्विमिंग पूल की सौगात मिली है। विधायक जय सिंह मरावी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा क्षेत्र को दी जा रही सौगात के लिए उनका आभार माना। मरावी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को क्षेत्र में आवश्यक विकास कार्यों और जन अपेक्षाओं से अवगत कराया। नगर पालिका धनपुरी की अध्यक्ष श्रीमती रविंदर कौर छाबड़ा ने स्वागत भाषण दिया तथा नगर पालिका द्वारा निर्मित वॉटर पार्क और अन्य संचालित गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर नगरीय निकाय तथा पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे।  

एमपी ट्रांसको के 220 केवी सबस्टेशन हंडिया में 200 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने हरदा जिले के ट्रांसमिशन नेटवर्क को सुदृढ़ करते हुए अपने 220 केवी सबस्टेशन हंडिया में नया 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उसे सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति और अधिक सुदृढ़, विश्वसनीय एवं निर्बाध होगी। सबस्टेशन की क्षमता मे बढोत्तरी एम पी ट्रांसको के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश शांडिल्य ने जानकारी दी कि यह ट्रांसफार्मर पुराने 160 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर के स्थान पर पुरानी फाउंडेशन पर ही अधिक क्षमता के नये 220/132/33 केवी,200 एम वी ए पावर ट्रांसफार्मर को स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया है । इस स्थापना के पश्चात सबस्टेशन की कुल क्षमता 480 एमवीए से बढ़कर 520 एमवीए हो गई है। हरदा जिले की ट्रांसफामेशन कैपेसिटी में वृद्धि हरदा जिले में एमपी ट्रांसको अपने कुल 04 एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है, इसमें 220 के.व्ही के 01 , 132 के.व्ही. के , 03 सबस्टेशन शामिल है ,जिनकी कुल ट्रांसफारमेशन क्षमता बढ़कर अब 879 एम.व्ही.ए. की हो गई है। यह क्षेत्र होंगे लाभान्वित 220 के वी सबस्टेशन में इस पावर ट्रांसफार्मर के उर्जीकृत होने से सबस्टेशन से जुड़े हरदा, खातेगांव,कन्नौद,सुल्तानपुर,गोपालपुर, नसरुल्लागंज, सतवास, फतेहाबाद क्षेत्र लाभान्वित होगें।