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गौवंश संरक्षण की दिशा में बड़ी पहल: मध्यप्रदेश पुलिस की तस्करों पर सख्त कार्रवाई

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेशभर में अवैध गौवंश एवं पशु तस्करी के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलता प्राप्‍त की है। पुलिस की सक्रिय, समन्वित और तकनीकी रूप से सशक्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप विगत 7 दिनों में 141 गौवंश एवं अन्‍य पशुओं को सुरक्षित मुक्त कराया गया। तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को भी जब्त किया गया है। छतरपुर (थाना नौगांव): हाईवे पर पुलिस की घेराबंदी थाना नौगांव पुलिस ने सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए फोरलेन हाईवे पर एक संदिग्ध 16 चक्का ट्रक को रोका। तलाशी के दौरान ट्रक में क्षमता से अधिक 45 मवेशी भरे पाए गए। इस कार्यवाही में पुलिस ने 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया। अनूपपुर (थाना कोतमा): अवैध हथियार के साथ तस्कर गिरफ्तार कोतमा पुलिस ने एक ट्रक से 22 नग भैंस/पाड़ा बरामद किए। इस कार्यवाही में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देशी कट्टा और 02 जिंदा कारतूस भी जप्त किए हैं। जप्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 26 लाख रुपये आंकी गई है। सिवनी (थाना कोतवाली): रात्रि गश्त के दौरान बड़ी सफलता सिवनी पुलिस ने एक कंटेनर वाहन को जब्त कर उसमें अवैध रूप से ले जाए जा रहे 27 गौवंश को मुक्त कराया। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में पुलिस ने एक वाहन से अवैध रूप से ले जाए जा रहे 39 गौवंश को भी मुक्त कराया। खरगोन एवं उमरिया खरगोन पुलिस ने दो अलग-अलग प्रकरणों में कार्यवाही करते हुए 04 गौवंश को मुक्त कराया। वहीं उमरिया पुलिस ने एक पिकअप वाहन को जब्त कर 04 मवेशियों (भैंस व पाड़ा) को तस्करों से मुक्त कराया। इन मामलों में पशु क्रूरता अधिनियम एवं मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गौवंश एवं अन्य पशुओं की तस्करी में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध सतत् कार्यवाही जारी है। यह कार्यवाही न केवल गौवंश संरक्षण बल्कि पशु क्रूरता की रोकथाम एवं कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

थाना करनपठार पुलिस ने आरोपी – तुलेश्वर सिह धुर्वे उर्फ सुघरू सिंह के कब्जे से अवैध रूप से लोहे की बका जप्त कर आर्म्स एक्ट के तहत कार्यवाही की गई।

अनूपपुर /करनपठार पुलिस अधीक्षक अनूपपुर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला अनूपपुर एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) अनुभाग पुष्पराजगढ के मार्गदर्शन में निरी. बीरेन्द्र कुमार बरकरे थाना प्रभारी करनपठार के नेतृत्व में सउनि. मुनीन्द्र गवले, प्रआऱ. 56 राजकुमार, प्र.आर.136 राजेन्द्र पडवार, चा. आर. 459 विक्रम मरावी, आर. 476 संतोष मरावी के द्वारा दिनांक 05/02/26 को जरिये मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई की एक व्यक्ति  ग्राम करपा ग्राउण्ड रंग मंच के पास खडा होकर बका लहरा  रहा है और आने जाने वालो को डरा धमका रहा है । सूचना की तस्दीक हेतु गवाहान केशव नायक पिता मोती नायक निवासी मेढाखार एवं हीरा सिंह पिता स्व. नेशू राम निवासी करपा  को मुखबिर की सूचना से अवगत कराने के  उपरान्त गवाहानों को सांथ में लेकर मुखबिर के बताये स्थान में पहुंचा मुखबिर के बताये हुलिया के अनुसार एक व्यक्ति मिला ,जो  पुलिस  को आता देखकर वहां से भागने का प्रयास करने लगा । जिसे हमराह स्टाफ व  गवाहों के घेरा बंदी कर पकडा गया जो नाम पता पूंछने पर वह व्यक्ति अपना नाम तुलेश्वर सिह धुर्वे उर्फ सुघरू सिंह पिता नान सिंह उम्र 24 वर्ष निवासी पंडानटोला मेढाखार थाना करनपठार जिला अनूपपुर (म.प्र.) का होना बताया । हिरासत में लेकर जामा तलाशी ली गई तो उसके दाहिने तरफ कमर में खोंचकर बका रखा होना पाया गया । जिसे मुताबिक जप्ती पत्रक के जप्त कर कब्जे पुलिस लिया गया । वापसी पर अपराध धारा 25B आर्म्स एक्ट का पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया । उपरोक्त कार्यवाही में निरी. वीरेन्द्र कुमार बरकरे के नेतृत्व में हमराह सउनि. मुनीन्द्र गवले, प्रआऱ. 56 राजकुमार, प्र.आर.136 राजेन्द्र पडवार , चा. आर. 459 विक्रम मरावी, आर.476 संतोष मराव  का  सराहनीय योगदान रहा ।

शक्ति से सुरक्षा की ओर: सृजन कार्यक्रम का भव्य समापन

भोपाल . राजधानी के निशांतपुरा थाना क्षेत्र में कम्युनिटी पुलिसिंग की भावना को धरातल पर उतारते हुए आयोजित 16 दिवसीय 'सृजन' कार्यक्रम का भव्य समापन समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पुलिस विभाग और मुस्कान संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में गांधीनगर, आरिफ नगर, कमला नगर और एहसान नगर के लगभग 350 बच्चों ने भाग लेकर आत्मरक्षा और व्यक्तित्व विकास के गुर सीखे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. विनीत कपूर (DIG),मती किरण लता केरकेट्टा (DIG), मयूर खंडेलवाल (DCP ZONE-4), अमृत मीणा (AIG) और अक्षय चौधरी (ACP) निशातपुरा उपस्थित रहे। साथ ही थाना प्रभारी (TI) मनोज पटवा, एस.आई. अशोक शर्मा एवं निशातपुरा थाने का समस्त स्टाफ, मुस्कान संस्था, यूथ फैसिलिटेटर्स सहित उदय संस्था के स्टाफ की विशेष उपस्थिति रही। समारोह का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ, जिसके बाद बच्चों ने मराठी और गोंडी लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति देकर सांस्कृतिक विविधता का परिचय दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मार्शल आर्ट और पावर वॉक का प्रदर्शन रहा। बच्चों ने अपनी शारीरिक क्षमता और आत्मरक्षा कौशल का प्रदर्शन करते हुए 'शक्ति से सुरक्षा की ओर' के संकल्प को जीवंत कर दिया। बच्चों ने जब पुलिस की वर्दी पहनकर अनुशासित परेड की, तो हर कदम के साथ यह एहसास गहरा होता गया कि प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती—उसे बस अवसर और विश्वास चाहिए। कार्यक्रम का सबसे सशक्त, सबसे भावनात्मक क्षण तब आया, जब DCP जोन-4 मयूर खंडेलवाल ने अपनी पावर वॉक करती नन्ही बच्ची को, जो स्वयं पुलिस यूनिफ़ॉर्म में थी, अपनी IPS कैप महिला निरीक्षक के हाथों पहनवाई। यह दृश्य केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि बच्चों के लिए एक जीवित सपना था कि वे भी एक दिन इसी वर्दी में, इसी गरिमा के साथ समाज और देश की सेवा कर सकते हैं। उस एक पल ने बच्चों के मन में आत्मविश्वास बोया, उनकी आँखों में भविष्य जगाया और यह संदेश दे दिया कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और संकल्प हो तो कोई भी बच्चा अपने सपनों तक पहुँच सकता है। यही क्षण इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि बना। प्रशिक्षण के दौरान आए बदलावों पर चर्चा करते हुए बच्चों ने बताया कि इन 16 दिनों ने उनके भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को विकसित किया है। एक प्रतिभागी की माता ने भावुक होकर बताया कि कैसे उनकी बेटी अब पढ़ाई, घर के काम और प्रशिक्षण के बीच बेहतरीन संतुलन बना रही है। मुख्य अतिथियों ने अपने उद्बोधन में माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद की कमी को दूर करने और मजबूत पारिवारिक संबंध बनाने पर जोर दिया, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव आ सके। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षक गोविंद और अन्य समन्वयकों ने प्रशिक्षण की चुनौतियों और बच्चों के व्यवहार में आए सुधारों की रिपोर्ट साझा की। सभी 350 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए गए। यह आयोजन केवल एक प्रशिक्षण शिविर नहीं, बल्कि पुलिस एवं आमजन के मध्य बढ़ते विश्वास, सहयोग एवं सहभागिता का सशक्त प्रतीक है। ‘सृजन’ कार्यक्रम का उद्देश्य: ‘सृजन’ मात्र एक प्रशिक्षण शिविर नहीं, बल्कि सामुदायिक सुरक्षा की दिशा में एक मानवीय पहल है। इसके माध्यम से पुलिस प्रशासन बस्तियों के बच्चों तक पहुँचकर उन्हें मार्शल आर्ट, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं जीवन कौशल (Life Skills) का प्रशिक्षण प्रदान करता है, जिससे वे आत्मविश्वासी, सक्षम एवं जिम्मेदार नागरिक बन सकें और पुलिस को अपना विश्वसनीय साथी समझें।  

विंध्य में जीएसटी फर्जीवाड़ा खुलासा, सीधी, सतना और कटनी में 9 स्थानों पर छापेमारी, 8 फर्में कागजों पर

जबलपुर  केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) आयुक्तालय, जबलपुर ने टैक्स चोरी और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट पास करने वाले बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। केंद्रीय जीएसटी आयुक्त लोकेश लिल्हारे के नेतृत्व और निर्देशन में विभाग की एंटी इवेजन टीम ने सीधी, सतना और कटनी जिलों में नौ स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। खुफिया जानकारी मिली थी विभाग को खुफिया जानकारी मिली थी कि इन क्षेत्रों में कई ऐसी फर्में पंजीकृत हैं जो केवल कागजों पर चल रही हैं और इनका उपयोग कोयले की फर्जी बिलिंग कर गलत तरीके से आइटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का लाभ उठाने के लिए किया जा रहा है। छापामार कार्रवाई के दौरान टीम को चौंकाने वाले तथ्य मिले। जांच की गई नौ फर्मों में से आठ फर्में अपने पंजीकृत पते पर अस्तित्वहीन यानी गैर-परिचालन की पाई गईं। इन फर्मों का मौके पर कोई नामो-निशान नहीं था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इनका गठन केवल सरकारी राजस्व को चूना लगाने के लिए किया गया था। बहरहाल, विभाग अब इन फर्मों द्वारा काटे गए बिलों और पास की गई आइटीसी की गहन जांच कर रहा है, ताकि राजस्व हानि का सही आकलन किया जा सके। कमिश्नर लोकेश लिल्हारे ने स्पष्ट किया है कि टैक्स चोरी करने वालों और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ विभाग की यह सख्ती आगे भी जारी रहेगी। इन फर्मों के खिलाफ की गई कार्रवाई मेसर्स महादेव ट्रेडर्स (सीधी) मेसर्स मिश्रा ट्रेडिंग कंपनी (सीधी) मेसर्स गायत्री एंटरप्राइजेज (सीधी) मेसर्स जय श्री बालाजी कोल ट्रेडर्स (कटनी) मेसर्स रिशाल एसोसिएट्स (सतना) मेसर्स भव्यंश सेल्स एंड लाजिस्टिक्स (सतना) मेसर्स श्री बालाजी एसोसिएट (सीधी) मेसर्स कुमार ट्रेडिंग कंपनी (कटनी) मेसर्स आदित्य फिलिंग स्टेशन (सीधी)  

विधायक नारायण सिंह पट्टा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी को वाटर प्यूरीफायर समर्पित किया

  घुघरी   विधायक नारायण सिंह पट्टा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी को समर्पित किया वाटर प्यूरीफायर  घुघरी  शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अस्पताल परिसर में मरीजों को स्वच्छ और शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से क्षेत्रीय विधायक नारायण सिंह पट्टा ने विधायक निधि से 'वाटर प्यूरीफायर सह कोल्ड यूनिट' प्रदाय की है। आज विधायक श्री पट्टा ने विधिवत पूजन कर इस यूनिट की शुरुआत की और इसे चिकित्सालय प्रबंधन को समर्पित किया। मरीजों को मिलेगी राहत अस्पताल में लंबे समय से शुद्ध और ठंडे पेयजल की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, विशेषकर गर्मियों के मौसम में परिजनों को पानी के लिए भटकना पड़ता था। इस नई इकाई के लगने से अब अस्पताल में आने वाले लोगों को 24 घंटे स्वच्छ और शीतल जल मिल सकेगा। कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित लोकार्पण के इस अवसर पर मुख्य रूप से निम्नलिखित गणमान्य नागरिक एवं अधिकारी उपस्थित रहे:  * नारायण सिंह पट्टा: विधायक (बिछिया विधानसभा)  * डॉ. नीरज राज: खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO)  * विनय चौकसे: तकनीकी विशेषज्ञ  * वरिष्ठ जन: नेतराम साहू, पंकज झरिया, मेवा धुर्वे  * अन्य: अस्पताल का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी। इस दौरान विधायक श्री पट्टा ने अस्पताल प्रबंधन को मशीन के उचित रखरखाव के निर्देश दिए और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने का आश्वासन दिया। अस्पताल स्टाफ और ग्रामीणों ने इस जनहितैषी कार्य के लिए विधायक का आभार व्यक्त किया।

जल संरक्षण से सिंचाई विस्तार तक सरकार का फोकस: मंत्री श्री चौहान

भोपाल. अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री  नागर सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश सरकार जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र का रकबा बढ़ाने का लक्ष्य लेकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके। मंत्री  चौहान आलीराजपुर जिले के ग्राम मोरासा में हथनी बैराज परियोजना-02 के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री  चौहान ने ग्राम मोरासा में हथनी बैराज परियोजना-02 के का भूमिपूजन किया। परियोजना की लागत 471.03 लाख रुपये है। इस परियोजना से ग्राम मोरासा के 324 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे आसपास के क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।इस परियोजना से जल संग्रहण क्षमता में वृद्धि होगी और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। मंत्री  चौहान ने कहा कि इस बैराज के निर्माण से आसपास के क्षेत्रों के कुएं, तालाब और बोरिंग का जलस्तर बेहतर होगा। इससे सिंचाई का रकबा बढ़ेगा और किसान वर्षा पर निर्भर नहीं रहेंगे। उन्होंने फाटा परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद अब किसान ग्रीष्म ऋतु में भी फसल ले पा रहे हैं, जबकि पूर्व में खेती केवल बरसात तक सीमित रहती थी। मंत्री  चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं ग्रामीण अंचलों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं और “लखपति दीदी” के रूप में पहचान बना रही हैं। किसानों को किसान सम्मान निधि की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में दी जा रही है। वहीं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए गरीब और पात्र परिवारों को नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। मंत्री  चौहान ने युवाओं से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण कर रोजगार प्राप्त करने का आह्वान किया। साथ ही जो युवा औपचारिक शिक्षा पूरी नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें खेती के साथ वैकल्पिक व्यवसाय अपनाने की सलाह दी। मोबाइल रिपेयरिंग, मोटर मैकेनिक, वेल्डिंग, कियोस्क संचालन, कंप्यूटर प्रशिक्षण जैसे कार्यों के माध्यम से जिले में ही रोजगार के अवसर सृजित करने पर उन्होंने विशेष जोर दिया। किसानों से खेती के साथ पशुपालन और बकरी पालन अपनाकर आय बढ़ाने की भी अपील की।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, जल संसाधन विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

केंद्रीय गृह मंत्रालय का आदेश, MP के दो IPS अफसरों को IB में असिस्टेंट डायरेक्टर पद पर पोस्टिंग

भोपाल   मध्य प्रदेश के दो IPS अफसरों को IB में पोस्टिंग मिली है। इसके बाबत केंद्रीय गृह मंत्रालय का आदेश जारी हो गया है। दोनों अधिकारी भोपाल से रिलीव कर दिए गए हैं । मध्य प्रदेश के 2 IPS अधिकारियों के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। केंद्रीय गृह विभाग ने मध्यप्रदेश कैडर के दो भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अफसरों को प्रतिनियुक्ति गृह विभाग की एजेंसी, इंटेलिजेंस ब्यूरों में तैनात किया है। इस संबंध में आदेश जारी करते हुए दोनों ही अफसरों को राजधानी भोपाल से केंद्र के लिए रिलीव कर दिया है। 2018 बैच के मृगांकी डेका और अभिनव चौक को बड़ी जिम्मेदारी आपको बता दें कि जिन दो IPS अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनयुक्ति मिली है, उनमें 2018 बैच के मृगांकी डेका और अभिनव चौक के नाम शामिल है।  अभिनव चौक राजधानी भोपाल के जोन-3 में पुलिस उपायुक्त के तौर पर सेवारत थे जबकि मृगांकी डेका के पास सहायक पुलिस निरीक्षक के रूप में पुलिस महानिदेशालय में तैनात थी। इससे पहले जारी हुई लिस्ट में 24 आईपीएस अफसरों का तबादला किया गया था। इस आदेश में करीब दर्जन भर जिलों के पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों का भी अन्यत्र जिलों में तबादला कर दिया गया था। लिहाजा ये इन हो IPS अफसरों के  लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। 

चौरागढ़ महादेव के लिए श्रद्धालु निकले त्रिशूल लेकर, सतपुड़ा में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे

छिंदवाड़ा  सतपुड़ा की वादियों में  हर-हर महादेव के जयकारे गुंजायमान हो गए हैं। महादेव मेले में 30 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहले दिन विभिन्न इलाकों से पचमढ़ी स्थित चौरागढ़ महादेव के लिए निकले। मेले को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। वैसे तो ये मेला पचमढ़ी में भरता है, लेकिन श्रद्धालु छिंदवाड़ा जिले से होकर ही इस मेले में जा रहे हैं। खासतौर से महाराष्ट्र से आने वाले श्रद्धालु परासिया, दमुआ, जुन्नारदेव से गुजरकर दर्शन करने के लिए रवाना हो गए। महादेव मेला जाने के लिए श्रद्धालु भूरा भगत और पचमढ़ी वाले रास्ते से पहुंचते हैं। 15 दिन तक चलने वाले मेले में मप्र और महाराष्ट्र के लगभग पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। वजनी त्रिशूल लेकर निकले श्रद्धालु यात्रा के दौरान श्रद्धालु भारी वजनी त्रिशूल लेकर ऊंची-नीची पहाड़ियों पर पैदल निकले। ये त्रिशूल महादेव को चढ़ाए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, भोजन और पार्किंग की व्यवस्था भूरा भगत क्षेत्र, मटकुली में की गई है। छोटा महादेव मंदिर (जमुनिया) में भी मेला लगा है, जो पेंच नदी के तट पर स्थित है। महादेव मेला रूट पर विशेष जांच डीएसपी यातायात रामेश्वर चौबे ने बताया कि मेला रूट के साथ ही भूरा भगत क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही यातायात व्यवस्था संभालने के लिए तकरीबन 250 पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। छिंदवाड़ा से लेकर मटकुली सीमा और भूरा भगत मार्ग पर 30 जगह चेकिंग पाइंट बनाए गए हैं। शराब पीकर वाहन चलाने वालों को लेकर महादेव मेला रूट पर विशेष जांच कर कार्रवाई की गई। पुलिस ने देहात थाने के आगे और कुआं बादला में दो स्थानों पर चेकिंग पाइंट बनाए हैं। जहां पर वाहन चालकों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच की जा रही है। इसके साथ ही परासिया व जुन्नारदेव थाना क्षेत्र में दो स्थानों पर भी वाहन चालकों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई। एक्सीडेंटल पाइंट स्थानीय पुलिस ने चिह्नित किए हैं, जिन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पचमढ़ी के साथ ही जुन्नारदेव से तामिया मार्ग और दमुआ मार्ग पर भी हादसों को रोकने इंतजाम किए गए हैं। यह है मेले का इतिहास 16वीं सदी की बात है जब भूरा भगत बचपन से ही प्रभु की आराधना में लीन रहते थे। एक बार भजन के दौरान वे समाधि में चले गए। 24 घंटे बाद उनकी समाधि टूटी। इसके बाद वे घर त्यागकर प्रभु की भक्ति में लीन हो गए। किवदंतियों के अनुसार चौरागढ़ की पहाड़ियों में साधना के दौरान उन्हें महादेव के दर्शन हुए थे। उन्होंने महादेव से वरदान मांगा कि मैं आपके ही चरणों में रहूं और यहां आने वालों को आपका मार्ग बता सकूं। तब से महाशिवरात्रि पर मेले की परंपरा शुरू हुई। भूराभगत हैं भोलेनाथ के द्वारपाल महादेव मेला चौरागढ़ महादेव, पचमढ़ी में लगता है। भूरा भगत का मंदिर छिंदवाड़ा जिले के दमुआ ब्लाक में स्थित है। दमुआ से भूराभगत की दूरी 27 किमी है और ये रास्ता काफी संकरा है। मान्यता अनुसार महादेव मंदिर जाने से पहले श्रद्धालुओं ने भूरा भगत के दर्शन और पूजन किया। उन्हें भगवान भोलेनाथ का द्वारपाल कहा जाता है। किवदंती है कि भूरा भगत भगवान शिव के भक्त थे और महादेव ने उन्हें आशीर्वाद दिया था कि उनके दर्शन के बिना यात्रा अधूरी है। उनकी मूर्ति एक द्वारपाल की तरह भक्तों का मार्गदर्शन करती है। महाशिवरात्रि मेले में यहां भारी भीड़ होती है।

दालें प्रोटीन का सबसे बढ़ा स्रोत, इसकी उत्पादकता और पोषण बढ़ाने के लिए आगे आएं किसान

भोपाल . मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की उपजाऊ धरती, समृद्ध जल संसाधन और अनुकूल जलवायु हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। इकार्डा जैसे अंतर्राष्ट्री य अनुसंधान संस्थान का सशक्त होना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। भारत में अन्न केवल उत्पादन नहीं, बल्कि जीवन, संस्कृति और संस्कार का आधार है “अन्न देवो भव:” हमारी कृषि परंपरा का मूल मंत्र है। मध्यप्रदेश ‘कृषक कल्याण वर्ष’ मना रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘बीज से बाजार तक’ किसान के साथ खड़ी सरकार ने दलहन आत्मनिर्भरता मिशन की शुरुआत की है। इसका लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक दलहन उत्पादन को 350 लाख टन तक पहुंचाना, आयात निर्भरता कम करना और किसानों की आय बढ़ाना है। इस मिशन किसानों को बेहतर बीज, आधुनिक भंडारण और सुनिश्चित विपणन की सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा दाल उत्पादक एवं उपभोक्ता देश है। दलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है, जिससे इस मिशन का सर्वाधिक लाभ प्रदेश के किसानों को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सीहोर जिले के अमलाहा स्थित खाद्य दलहन अनुसंधान केंद्र में दलहन आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय शुष्क क्षेत्र कृषि अनुसंधान केंद्र (ICARDA) सीहोर के नवनिर्मित प्रशासनिक भवन, प्रशिक्षण केंद्र तथा अत्याधुनिक प्लांट टिशु कल्चर प्रयोगशाला का लोकार्पण भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इकार्डा का यह नवीन भवन प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए नई आशाओं और संभावनाओं का द्वार खोलेगा। यह केंद्र वैज्ञानिक खेती, उन्नत तकनीक और वैश्विक कृषि अनुभव को किसानों से जोड़ने में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंचाई विस्तार और जल संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि इकार्डा द्वारा विकसित वैज्ञानिक मॉडल प्रदेश की योजनाओं को मजबूत आधार प्रदान करेंगे। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय और इकार्डा का यह संयुक्त प्रयास मध्यप्रदेश को टिकाऊ और समृद्ध कृषि का राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक मॉडल बना सकता है। उन्होंने कहा कि सीहोर का यह राष्ट्रीय सम्मेलन दलहन क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों, मूल संवेदनाओं और भविष्य की संभावनाओं पर गहन विमर्श का सशक्त मंच बनेगा और नीति निर्धारण व अनुसंधान के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय कृषि मंत्रालय एवं इकार्डा की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह अनुसंधान केंद्र प्रदेश की कृषि को नई दिशा देगा और किसानों के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश भारत का फूड बॉस्केट है। भारतीय संस्कृति में अन्न देवता के माध्यम से समाज पल्लवित होता है। प्रधानमंत्री  मोदी ने देश के विकास और कल्याण के लिए 4 श्रेणियां गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण बताई हैं। हमारी भारतीय सभ्यता में कृषि आधारित जीवन शैली विकसित हुई। आधुनिक समय में खेती में कई प्रकार के विकार आ गए। खेती में रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से हमारी जीवन शैली में बदलाव आया। प्रधानमंत्री  मोदी ने हमेशा किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा। अमेरिका जैसे देश ने भारत की बात मानी। उन्होंने कहा कि दाल हर भारतीय परिवार की प्रतिदिन की थाली का अभिन्न हिस्सा और हर मौसम में भारतीय परिवारों की जरूरत है। इसका उत्पादन और खपत बताता है कि दलहन क्षेत्र में हमें और अधिक काम करने की जरूरत है। इसलिए अब मध्यप्रदेश में दलहन फसलों का उत्पादन तेजी से बढ़ायेंगे। इसके लिए हम केन्द्र सरकार के साथ हम-कदम होकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार दालों के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार के हर मिशन, हर संकल्प की पूर्ति में हर जरूरी सहयोग देगी। हम देश में दाल समृद्धि का संकल्प मिल-जुलकर पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भावांतर भुगतान योजना से सोयाबीन की उपज की 1500 करोड़ रूपये से अधिक राशि किसानों के खातों में पहुंची है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, लेकिन उपयुक्त प्रबंधन के अभाव में प्रदेश का बड़ा भू-भाग सिंचाई से वंचित था। हमारी सरकार आने के बाद प्रदेश में सिंचाई का रकबा 44 लाख हैक्टेयर बढ़ा है। देश की पहली केन-बेतवा राष्ट्रीय लिंक नदी जोड़ो परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी जोड़ो परियोजना से प्रदेश में सिंचाई का रकबा और तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि हमने आने वाले सालों में प्रदेश का सिंचाई का रकबा 100 लाख हैक्टेयर तक करने का लक्ष्य रखा है। दलहन उत्पादन में अग्रणी है मध्यप्रदेश : केन्द्रीय मंत्री  चौहान केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  चौहान ने कहा कि अमेरिका और यूरोप के 27 देशों से हमारा समझौता हुआ है। उन्होंने अमेरिका के साथ कृषि समझौते में किसानों के हितों की रक्षा की गई है। सीहोर का शरबती गेहूं दुनिया में धूम मचाएगा। देश के बासमती चावल और मसालों को 18 प्रतिशत टैरिफ से लाभ मिलेगा। टेक्सटाइल निर्यात बढ़ने से कपास उत्पादक किसानों को फायदा होगा। देश को दलहन में आत्मनिर्भर बनाना है। देश में मूंग को छोड़कर अन्य दालों का उत्पादन घट गया। दाल हमें विदेश से आयात करना पड़े यह देश के हित में नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार को बधाई देते हुए कहा कि हमारा मध्यप्रदेश आज भी दलहन उत्पादन में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल गेहूं, सोयाबीन और धान ही नहीं उगाना चाहिए, बल्कि फसल चक्रण पर ध्यान देना चाहिए। देश में चना, मसूर और उड़द का उत्पादन बढ़ाना है। इकार्डा के माध्यम से दलहन फसलों के उन्नत बीज तैयार किए जाएंगे। केन्द्रीय कृषि मंत्री  चौहान ने कहा कि देश का कृषि मंत्रालय अब दिल्ली से नहीं, गांव और खेतों से चल रहा है। हमारे कृषि वैज्ञानिक प्लांट टिशू कल्चर के माध्यम से मसूर सहित अन्य दलहन फसलों की नई और उन्नत किस्में तैयार हो रही हैं। किसानों को ज्यादा उत्पादन वाले और रोग रहित बीच उपलब्ध कराना है। दलहन आत्म निर्भरता मिशन के अंगर्तग दालों के कलस्टर बनाए जाएंगे। इकार्डा के सहयोग से बीज ग्राम और बीज हब बनाए जाएंगे। प्रगतिशील और आदर्श किसानों को एक हैक्टेयर में दलहन उत्पादन के लिए 10 … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 5 शावकों के जन्म पर किया हर्ष व्यक्त

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 5 शावकों के जन्म पर किया हर्ष व्यक्त मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान के चीता परिवार में 5 शावकों के जन्म पर हर्ष व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में एक और अभूतपूर्व उपलब्धि दर्ज की गई है। मादा चीता आशा ने 5 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है, जिससे भारत के चीता पुनर्स्थापन अभियान को नई मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब भारत में जन्मे चीतों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है, जबकि कूनो में कुल चीतों की संख्या 35 तक पहुँच गई है। यह उपलब्धि मध्यप्रदेश को देश में वन्य जीव संरक्षण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करती है। इस सफलता का श्रेय समर्पित वन अमले और पशु चिकित्सकों की सतत निगरानी, वैज्ञानिक प्रबंधन और अथक मेहनत को जाता है। कूनो में हो रहा यह सकारात्मक विकास भारत की जैव-विविधता संरक्षण यात्रा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।