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उद्यानिकी मंत्री कुशवाह ने कहा- पुष्प उत्पादन को दिया जायेगा व्यवसायिक स्वरूप

प्रदेश में 45 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में होती है फूलों की खेती   भोपाल उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि प्रदेश में पुष्प उत्पादन को व्यावसायिक स्वरूप दिया जाएगा। पुष्पों के उत्पादन के प्रति किसानों को आकर्षित करने के लिये 30 जनवरी को राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा गुलाब उद्यान में किया जायेगा। प्रदर्शनी में पुष्प उत्पादक कृषक, पुष्प विशेषज्ञ, नर्सरी व्यवसाय से जुड़े उद्यमी, पुष्प उत्पादक संस्थाओं के प्रतिनिधि, कृषि विश्वविद्यलयों के छात्र तथा पुष्प प्रेमी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पुष्प उत्पादन में देश में द्वितीय स्थान पर है। प्रदेश के लगभग 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती की जा रही है जिसमें 5 लाख मी.टन फूलों का उत्पादन प्रतिवर्ष हो रहा है। प्रदेश में लगभग 40 हजार किसान फूलों की खेती से जुडे हुए है। मंत्री श्री कुशवाह ने बताया कि राज्य शासन का लक्ष्य फूलों के उत्पादन के व्यावसायिक स्वरूप प्रदान करते हुए किसानों की आय को दोगुना करना है। मध्यप्रदेश को पुष्प उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाना है। प्रदेश के ऐसे धार्मिक स्थान और शहर जिनमें फूलों की अधिक मांग रहती है उनके आस-पास पुष्प उत्पादन क्लस्टर विकसित करने कार्य योजना बनायी गई है। इसी कडी में उद्यानिकी विभाग द्वारा 2028 में होने वाले सिंहस्थ मेले को बडे अवसर के रूप में देख रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन के यादव पहल पर उज्जैन के आस पास लगभग 100 एकड में फूल उत्पादन का विशेष क्लस्टर विकसित करने पर कार्य किया जा रहा है। मंत्री श्री कुशवाह ने बताया कि प्रदेश के गुना जैसे छोटे जिले के किसानों द्वारा गुलाब उत्पादन में देश और विदेश में नई पहचान बनाई है। गुना का गुलाब दिल्ली, मुम्बई, बैंगलौर सहित विदेशों में भी अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा फूलों के उत्पादन को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) से भी जोडा गया है। अनेक हितग्राही योजना का लाभ उठा कर फूलों से बनने वाले उत्पादों से जुडे़ हुए है। मंत्री श्री कुशवाह ने बताया कि राज्य स्तरीय प्रदर्शनी बहु-उद्देशीय है         • फूलों की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देकर कृषकों की आय में वृद्धि करना।         • विभिन्न प्रजातियों में फूलों के व्यावसायिक उत्पादन को प्रोत्साहित करना।         • कृषकों को नवीन तकनीकों, उन्नत किस्मों एवं आधुनिक उत्पादन विधियों से जोड़कर उन्हें प्रोत्साहित करना।         • पुष्प उत्पादन एवं शोभायमान पौधों का उत्पादन करने वाली नर्सरियों को बढ़ावा देना।         • शहरी क्षेत्रों में शोभायमान वाटिकाओं, उद्यानों एवं हरित परिवेश के प्रति नागरिकों की रुचि विकसित करना।         • आमजन में पर्यावरण संरक्षण, हरित जीवनशैली एवं उद्यानिकी के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना।         पुष्प प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षण पुष्पों एवं प्रसंस्कृत उत्पादों का भव्य प्रदर्शनमें प्रदेश के विभिन्न जिलों में उत्पादित दुर्लभ, आकर्षक एवं रंग-बिरंगी पुष्प प्रजातियों तथा पुष्पों से निर्मित प्रसंस्कृत उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। इनमें प्रमुख रूप से-         • बहुवर्षीय पुष्प: गुलाब, ज़रबेरा, गेंदा, सेवंती, रजनीगंधा, ग्लेडियोलस, ऑर्किड, लिलियम, एंथुरियम, कारनेशन, गुड़हल, बोगनवेलिया आदि।         • मौसमी (एन्युअल) पुष्प: जीनिया, पैंजी, फ्लॉक्स, एस्टर, मेरीगोल्ड, जिरेनियम आदि।         • गमलों में शोभायमान पौधे: क्रोटन, ड्रैसीना, कोलियस, पाम, पर्पल हार्ट/जीजस हार्ट आदि।         · विशेष श्रेणियाँ: कैक्टस समूह, बोन्साई समूह एवं पुष्पों के प्रसंस्कृत उत्पाद।         उद्यानिकी कृषकों एवं उद्यमियों का सम्मान पुष्प एवं शोभायमान पौधों के उत्पादन तथा पुष्प प्रसंस्करण से जुड़े उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों, उद्यमियों एवं समूहों को प्रदर्शनी के दौरान सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।         थीम आधारित कलात्मक प्रस्तुतियाँ आयोजन स्थल पर पुष्पों से निर्मित कलात्मक आकृतियाँ, थीम आधारित संरचनाएँ एवं रचनात्मक डिज़ाइन प्रदर्शित की जाएँगी, जो प्रकृति, उद्यानिकी, कृषि एवं नवाचार का जीवंत संगम प्रस्तुत करेंगी। राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी प्रदेश में कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र की असीम संभावनाओं को उजागर करने के साथ-साथ हरित एवं सतत विकास का सशक्त संदेश देगा।  

रोमांच का महाकुंभ इंदौर में — 31 जनवरी से उड़ान भरेगा टैंडम पैराग्लाइडिंग फेस्ट

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड एवं मध्यप्रदेश फ्लाइंग क्लब का संयुक्त आयोजन सिर्फ 2,999 रुपये में ले सकेंगे टैंडम पैराग्लाइडिंग का रोमांचक अनुभव www.mpfc.in और इंस्टाग्राम पेज mpflyingclub से होगी बुकिंग भोपाल मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की पहल से प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में एक नया और रोमांचक अध्याय जुड़ने जा रहा है। एडवेंचर स्पोर्ट्स प्रेमियों के लिए इंदौर में पहली बार टैंडम पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल का आयोजन 31 जनवरी एवं 1 फरवरी 2026 को शहर के मनोरम और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर कोरबन हिल्स में किया जाएगा। यह आयोजन मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड एवं मध्यप्रदेश फ्लाइंग क्लब के संयुक्त सहयोग से संपन्न होगा। सचिव पर्यटन एवं प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैया राजा टी. ने बताया कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक सौंदर्य, भौगोलिक विविधता और रोमांचक पर्यटन की अपार संभावनाओं से समृद्ध राज्य है। टैंडम पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल जैसे आयोजन प्रदेश को एडवेंचर टूरिज्म के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। संयुक्त संचालक (एडवेंचर टूरिज्म) डॉ. एस. के. श्रीवास्तव ने बताया कि फेस्टिवल के दौरान शुरुआती एवं अनुभवी प्रतिभागियों के लिए विशेष पैराग्लाइडिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे। कैप्टन मंधार महाजन (चीफ इंस्ट्रक्टर) ने बताया कि सभी उड़ानें प्रमाणित प्रशिक्षकों की निगरानी में कराई जाएंगी तथा अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा। निदेशक, मध्यप्रदेश फ्लाइंग क्लब श्री नीरज मुजूमदार ने बताया कि पैराग्लाइडिंग के लिए स्लॉट सीमित हैं। इच्छुक प्रतिभागी मात्र 2,999 रुपये में टैंडम पैराग्लाइडिंग का रोमांचक अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी एवं बुकिंग के लिए www.mpfc.in अथवा इंस्टाग्राम आईडी mpflyingclub पर संपर्क किया जा सकता है।  

नकल पर सख्ती! MP बोर्ड प्रवेश पत्र में QR टेक्नोलॉजी, स्कैन करते ही दिखेगी परीक्षार्थी की पहचान

भोपाल मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) द्वारा आयोजित 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 10 फरवरी से प्रारंभ होने जा रही हैं। इस बार परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीकी रूप से लीकप्रूफ बनाने के लिए मंडल ने कुछ बदलाव किए हैं। इसमें प्रवेश पत्र पर क्यूआर कोड लगाने की व्यवस्था बनी है। इसको स्कैन करते ही परीक्षार्थी की पूरी जानकारी खुल जाएगी। यह क्यूआर कोड एक विशेष सुरक्षा उपाय के रूप में कार्य करेगा। परीक्षा केंद्र पर क्यूआर कोड स्कैन करते ही विद्यार्थी की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी, जिससे पहचान की पुष्टि आसानी से हो सकेगी। माशिमं ने परीक्षा संबंधी नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें प्रवेश पत्रों की नई क्यूआर कोड व्यवस्था पर जोर है। नए निर्देशों के तहत 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र के पीछे क्यूआर कोड लगा रहेगा। यह क्यूआर कोड एक विशेष सुरक्षा उपाय के रूप में कार्य करेगा। परीक्षा केंद्र पर क्यूआर कोड स्कैन करते ही विद्यार्थी की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी, जिससे पहचान की पुष्टि आसानी से हो सकेगी। क्यूआर कोड को स्कैन करने के लिए केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष और पर्यवेक्षकों को अपने मोबाइल पर एमपीबीएसई एडमिट कार्डरीडर एप डाउनलोड करना होगा। इसके अलावा सभी विषयों की उत्तरपुस्तिकाओं पर बारकोड लगाए जाएंगे। परीक्षक इसी बारकोड के आधार पर उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करेंगे, जिससे किसी भी प्रकार का पक्षपात समाप्त होगा और मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष बनी रहेगी। उत्तरपुस्तिकाओं पर लगे बारकोड को स्कैन कर विद्यार्थियों के प्राप्तांक सीधे आनलाइन सिस्टम में अपलोड किए जाएंगे। इस व्यवस्था से फर्जी विद्यार्थियों पर लगाम लग सकेगी। बता दें, कि इस बार परीक्षा में करीब 16 लाख विद्यार्थी 3856 केंद्रों पर शामिल होंगे। पिछली परीक्षाओं में ग्वालियर, मुरैना, भिंड में फर्जी विद्यार्थियों व नकल प्रकरण के मामले सामने आने के बाद मंडल सुरक्षा के काफी एहतियात बरत रहा है। ईमानदारी की पेटी का प्रावधान पिछले वर्ष की तरह इस बार भी सभी केंद्रों पर नकल की पर्ची रखने एक पेटी रखने के लिए निर्देशित किया गया है। ये पेटी ईमानदारी की पेटी कहलाएगी। इसमें गाइड, चिट, किताबों के पेज और अन्य सामग्री को कक्ष में जाने से पहले ही सरेंडर करना होगा। पेटी पर स्पष्ट रूप से लिखा जाएगा कि यह पेटी स्वेच्छा से नकल सामग्री परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले डाल सकता है। पूरक उत्तर पुस्तिका की व्यवस्था खत्म परीक्षार्थियों को 32 पेज की मुख्य विषय और 20 पेज की वोकेशनल और संस्कृत विषय की उत्तरपुस्तिका दी जाएगी। पूरक कापी नहीं दी जाएगी। माशिमं के सचिव बुद्धेश कुमार वैद्य ने बताया बोर्ड परीक्षा की पूरी तैयारी कर ली गई है। तकनीक की मदद से पारदर्शी व निष्पक्ष परीक्षा कराने का प्रयास रहेगा। इसके लिए आनलाइन सिस्टम के आधार पर एप के माध्यम से मानीटरिंग की जाएगी। प्रवेश पत्र पर क्यूआर कोड और उत्तरपुस्तिकाओं पर बारकोड लगेगा।  

एमएसएमई की स्टार्टअप आइडिया टू स्केल थीम पर आधारित झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

भोपाल गणतंत्र दिवस पर राज्य स्तरीय समारोह में लाल परेड मैदान पर के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा “Startup – Idea to Scale” थीम पर आधारित झांकी का प्रदर्शन किया गया। झांकी दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र रही। झांकी के प्रथम दृश्य में यूनिकॉर्न (Unicorn) को प्रदर्शित किया गया, जो राज्य में स्टार्टअप्स की वैश्विक सफलता, नवाचार आधारित उद्यमिता एवं सतत (Sustainable) विकास का प्रतीक है। यह दृश्य मध्यप्रदेश में विकसित हो रहे सशक्त स्टार्टअप इकोसिस्टम को दर्शाता है। झांकी में आगे आधुनिक इलेक्ट्रिक परिवहन, रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन, मेगा इनक्यूबेशन/इनोवेशन सेंटर, हेल्थ-टेक, शिक्षा एवं कौशल विकास में एआर/वीआर तकनीक तथा स्टार्टअप्स की विकास यात्रा को IDEA → PROTOTYPE → GTM (Go-To-Market) → SCALE चरणों के माध्यम से प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया गया। अंतिम दृश्य में आधुनिक बुलेट ट्रेन के माध्यम से तेज, सतत एवं भविष्य उन्मुख औद्योगिक विकास का प्रतीकात्मक चित्रण किया गया। यह सम्पूर्ण झांकी आयुक्त उद्योग श्री दिलीप कुमार के नेतृत्व में विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा तैयार एवं प्रस्तुत की गई, जिसके माध्यम से एमएसएमई एवं स्टार्टअप्स की भूमिका को रेखांकित करते हुए वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर एवं विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य का सशक्त संदेश दिया गया।  

मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि का असर, 28 जिलों में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी

भोपाल मध्यप्रदेश में ठंड के बीच बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरु हो गया है। मंगलवार को शाजापुर, आगर-मालवा और गुना में ओले गिरे। वहीं, करीब 18 जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश देखने को मिली। मौसम विभाग ने 28 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां-यहां ओले-बारिश का असर आगर-मालवा, शाजापुर और गुना में ओले गिरे हैं। वहीं, गुना, शाजापुर, बड़वानी, छतरपुर, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, शिवपुरी, ग्वालियर, टीकमगढ़, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, आगर-मालवा और शाजापुर में बारिश भी हुई। साथ ही रतलाम, शाजापुर और आगर जिलों में तेज आंधी भी चली। जिससे किसानों की फसलों बुरी तरह नुकसान पहुंचा है।   इन 28 जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, दतिया, रीवा, सतना, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर जिलों बारिश हो सकती है।   मौसम विभाग के द्वारा जारी बुलेटिन अनुसार, ग्वालियर, भिंड, मुरैना और श्योपुर जिलों में घने कोहरे और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कैसा रहेगा मौसम वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान एवं निकटवर्ती क्षेत्रों पर चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में माध्य समुद्र तल से 3.1 से 4.5 किमी की ऊँचाई पर अवस्थित है। एक ट्रफ मध्य एवं ऊपरी क्षोभमंडल की पछुआ पवनों में माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊँचाई पर लगभग देशांतर 65° पू. से अक्षांश 22° उ. के उत्तर की ओर विस्तृत है। इसके अलावा एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन दक्षिण-पश्चिम राजस्थान एवं निकटवर्ती क्षेत्रों पर माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है। ट्रफ लाइन वर्तमान में पूर्वोत्तर अरब सागर से उत्तर पंजाब तक, सौराष्ट्र, कच्छ तथा पश्चिम राजस्थान से होकर माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊँचाई तक विस्तृत है। वहीं, 30 जनवरी की रात से उत्तर-पश्चिम भारत पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा।

विकास, विश्वास और दूरदर्शिता के साथ आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि शासन का मूल उद्देश्य जनता की सेवा है। सत्ता में रहकर यदि जनता के कार्य न किए जाएँ, तो सत्ता का कोई औचित्य नहीं रह जाता। यही भावना वर्तमान राज्य सरकार के प्रत्येक निर्णय की आधारशिला है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने मंगलवार को एक निजी चैनल को दिये साक्षात्कार में मध्यप्रदेश की आर्थिक प्रगति, राज्य सरकार के 2 वर्षों की उपलब्धियों, आगामी बजट दृष्टि, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, सड़क कनेक्टिविटी तथा जनकल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से अपने विचार रखे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व की सराहना करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि बीते 2 वर्षों में प्रदेश ने विकास का नया अध्याय लिखा है। इस अवधि में रोजगार सृजन, ग्रामीण एवं शहरी कनेक्टिविटी, शिक्षा ढांचे के विस्तार, सिंचाई सुविधाओं के व्यापक विकास तथा बुनियादी अधोसंरचना में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि यह विकास यात्रा जनता के विश्वास की शक्ति से आगे बढ़ रही है। आगामी बजट, जनभागीदारी और दूरदर्शिता पर आधारित उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने बताया कि राज्य सरकार आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अधिक परिणाम वाले बजट ढांचे की दिशा में कार्य कर रही है। यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि जनता की मूलभूत आवश्यकताओं पर आधारित विकास का रोडमैप बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में रोलिंग बजट प्रणाली लागू करने की दिशा में भी कार्य कर रही है, जिससे योजनाओं को लचीला और परिणाम-केंद्रित बनाया जा सके। साथ ही, जनता से सुझाव लेकर उन्हें बजट प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जा रहा है। केंद्र के साथ प्रभावी समन्वय उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने जानकारी दी कि वे हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के साथ प्री-बजट बैठक में सम्मिलित हुए, जहाँ उन्होंने मध्यप्रदेश की विकास आवश्यकताओं को मजबूती से रखा। विशेष रूप से आगामी सिंहस्थ/कुंभ आयोजन से जुड़े पूंजीगत विकास कार्यों के लिए लगभग 2000 करोड़ रुपये के प्रावधान का विषय प्रमुखता से उठाया गया। विकसित भारत@2047 में मध्यप्रदेश की अग्रणी भूमिका उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का “विकसित भारत@2047” का संकल्प देश के भविष्य की दिशा तय करने वाला है। मध्यप्रदेश इस राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य, सिंचाई और कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक बदलाव उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रदेश की तस्वीर तेजी से बदली है। प्रत्येक जिले में स्वास्थ्य ढांचा मजबूत किया जा रहा है और चिकित्सा शिक्षा का विस्तार हो रहा है। आयुष्मान भारत योजना गरीबों के लिए वरदान सिद्ध हुई है, जिससे लाखों परिवारों को मुफ्त इलाज का लाभ मिल रहा है। सिंचाई के क्षेत्र में योजनाबद्ध विस्तार से खेतों तक पानी पहुँचा है, कृषि उत्पादन बढ़ा है और किसानों की आय में सुधार हुआ है। वहीं सड़क और कनेक्टिविटी विकास की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत कर रही है। शिक्षा और बच्चों से संवाद सरकार की प्राथमिकतता। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि बच्चों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं को समझना सरकार की प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। कर व्यवस्था पर स्पष्ट संदेश उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने स्पष्ट किया कि जनता से लिया गया कर जनता की सुविधाओं और विकास कार्यों पर ही खर्च किया जाता है। सरकार का हर निर्णय जनहित केंद्रित है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विकास, सुशासन और पारदर्शिता के साथ निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।  

स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना में ऐतिहासिक प्रगति की ओर मध्यप्रदेश : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

बिल्डिंग न्यू इंडिया (एमपी चैप्टर) कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योजनाबद्ध एवं तेज़ गति से आगे बढ़ रही है। प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल अस्पतालों, जिला अस्पतालों सहित ग्रामीण शहरी हर स्तर के स्वास्थ्य संस्थानों तक व्यापक उन्नयन कार्य निरंतर जारी है, जिससे आम नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल भोपाल में निजी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के "बिल्डिंग न्यू इंडिया (एमपी चैप्टर)" कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण सहित विभिन्न समसामयिक विषयों में अपने विचार साझा किए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि आईपीएचएस मानकों के अनुरूप लगभग 30 हजार मानव संसाधनों की स्वीकृति दी गई है, जिनकी भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। इसके माध्यम से कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों को फर्स्ट रेफरल यूनिट के रूप में सशक्त किया जा रहा है, जिससे जिला अस्पतालों पर दबाव कम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में ही गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि निरोगी काया अभियान के अंतर्गत अब तक 1.5 करोड़ से अधिक नागरिकों की निःशुल्क स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। प्रदेश में मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है तथा राष्ट्रीय औसत के स्तर तक पहुंचने की दिशा में राज्य तेजी से अग्रसर है। स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि की जा रही है। साथ ही ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए टेलीमेडिसिन व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया गया है, जिससे ग्रामीण स्तर पर ही विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध हो रहा है। विंध्य क्षेत्र के विकास पर प्रकाश डालते हुए उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि जो क्षेत्र कभी पिछड़ेपन का प्रतीक माना जाता था, आज वह सिंचाई, सड़क, रेल, एयर कनेक्टिविटी, पर्यटन एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। रीवा एयरपोर्ट, फोरलेन सड़कों का विस्तार तथा नई रेल परियोजनाएं विंध्य क्षेत्र की प्रगति का प्रतीक बन चुकी हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप योग, प्राणायाम, प्राकृतिक खेती एवं गौ संरक्षण को बढ़ावा देना समाज के समग्र स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्राकृतिक खेती से न केवल भूमि की उर्वरता बनी रहती है, बल्कि मानव स्वास्थ्य भी सुरक्षित होता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य स्वस्थ नागरिक, सशक्त प्रदेश और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश है, और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ठोस रोडमैप के साथ निरंतर कार्य किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों एवं उनके प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया गया।  

स्पेस टेक नीति लागू करने में हम देश में सबसे अव्वल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री को मंत्रीगण ने दी सफल दावोस यात्रा की बधाई मंत्रिपरिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित उपलब्धियों की दी जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 15 जनवरी को मध्यप्रदेश में हुई एआई कॉन्फ्रेंस ने सफलता के नए आयाम स्थापित किए। इस कॉन्फ्रेंस के जरिए बड़े-बड़े नामी संस्थान हमसे जुड़े हैं। हमारी सरकार एआई को नए विजन के साथ लागू करेगी। इससे प्रदेश में प्रशासनिक क्षमता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी कॉन्फ्रेंस के दौरान ही मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 लागू की गई। स्पेस टेक नीति लागू करने के मामले में मध्यप्रदेश पूरे देश में अव्वल स्थान पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को सरकार को मिली उपलब्धियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सफल दावोस यात्रा के लिए मंत्रीगण ने पुष्प-गुच्छ देकर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव हाल ही में वर्ल्ड इकोनामिक फोरम – 2026 में शामिल होने दावोस गए थे। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री गडकरी ने मध्यप्रदेश को दी कई राष्ट्रीय राजमार्गों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि बीता सप्ताह मध्यप्रदेश में अनेकानेक गतिविधियों से परिपूर्ण रहा। गत 17 जनवरी को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने विदिशा में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश को 4400 करोड़ रुपए की लागत से 181 किमी लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों की 4 परियोजनाओं सहित प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 50 सड़कों के निर्माण के लिए 4500 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने सीआरएफ योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश को सड़क विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त रूप से 1600 करोड़ रुपए देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए घोषित सभी सड़क परियोजनाओं के पूरा होने पर मध्यप्रदेश राष्ट्रीय राजमार्गों के घनत्व के मामले में देश में अग्रणी भूमिका में होगा। सफल रही दावोस यात्रा, भारत का था सबसे बड़ा दल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि वर्ल्ड इकानामिक फ़ोरम के लिए की गई दावोस यात्रा का मध्यप्रदेश को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि दावोस में सबसे बड़ा दल भारत का ही था। वहां दुबई के बड़े पदाधिकारियों सहित मैनचेस्टर यूनाइटेड फुटबॉल क्लब के एक्जीक्यूटिव्स से भी मुलाकात हुई। उन्होंने मध्यप्रदेश को लेकर बेहद पाज़ीटिव रेस्पांस दिया है। प्रारंभ हुआ महाकाल महोत्सव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मकर संक्राति के दिन 14 जनवरी 2026 से उज्जैन में महाकाल महोत्सव प्रारंभ किया गया है। यह एक बड़ा कदम है, जो महाकाल की धरती पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का विषय होगा। भोपाल में प्रारंभ हुए वृद्धजनों की सेवा के दो प्रकल्प – एक निशुल्क, दूसरा सशुल्क मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल शहर में एक सामाजिक संगठन द्वारा वृद्धजन के लिए बड़ी पहल की गई है। राज्य सरकार के आर्थिक सहयोग से संगठन द्वारा भोपाल में दो नए प्रकल्प शुरू किए गए हैं। इसमें एक नि:शुल्क श्रेणी का है और दूसरा पेड सर्विस (सशुल्क) है। उन्होंने कहा कि इस वृद्धजन निवास स्थान 'संध्या छाया' में कोई भी जरूरतमंद वृद्ध निशुल्क लाभ ले सकता है। यहां जरूरत के अनुसार पेड सर्विस भी पूरी सेवा भावना के साथ उपलब्ध कराई जा रही है। धार में शांतिपूर्वक संपन्न हुई बसंत पंचमी, पूजा भी कराई गई, नमाज भी अता कराई गई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से कहा कि शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधि और स्थानीय जनता के परस्पर सहयोग और सामंजस्य से धार में बड़े सौहार्दपूर्ण वातावरण में बसन्त पंचमी मनाई गई। माननीय उच्चतम न्यायालय की गाइडलाइन के अनुसार धार में बसन्त पंचमी के दिन न केवल माता वाग्देवी की पूजा अर्चना, हवन-पूजन कराईं गई, बल्कि पूरे रस्मों-रिवाज़ से शुक्रवार की नमाज भी अता कराई गई। सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे की नई मिसाल कायम करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार जिले की जनता, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और व्यवस्था बहाली में अहम् योगदान देने वाले प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों सहित प्रदेश की जनता को बधाई और साधुवाद दिया।  

किसान कल्याण वर्ष में हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने का है संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बाबई-मोहासा औद्योगिक क्षेत्र के विकास से स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में देश के साथ बदल रहा मध्यप्रदेश भी दो सिंचाई परियोजनाएं मंजूर होने पर सोहागपुर वासियों ने किया मुख्यमंत्री का आत्मीय अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को हर क्षेत्र में लगातार बड़ी सौगातें मिल रही हैं। पिछले 11 वर्षों के कालखंड में संपूर्ण देश के साथ हमारा प्रदेश भी बदल रहा है। राज्य सरकार ने वर्ष-2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है। पूरे साल में अनेक किसान हितैषी निर्णय लिए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बुंदेलखंड से केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान की शुरुआत की है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के कई जिलों के किसानों के खेतों में फसलें लहलहाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की प्रगति में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद् की बैठक में नर्मदापुरम जिले में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 215 करोड़ 47 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इससे सोहागपुर और पिपरिया क्षेत्र के किसानों एवं स्थानीय जनजातीय भाई-बहनों को अनुपम सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार की शाम मुख्यमंत्री निवास में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सोहागपुर विधायक श्री विजयपाल सिंह ने क्षेत्रवासियों को मिली सौगातों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। सोहागपुर से आए पार्टी पदाधिकारी, स्थानीयजन एवं विस्थापित जनजातीय परिवारों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय अभिनंदन किया। विरासत भी और विकास भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का वार्षिक बजट अब 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपए हो चुका है। प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने के लिए हमारी सरकार संकल्पित है और इसके सुखद परिणाम अब जमीन पर नजर आने लगे हैं। नर्मदापुरम जिले में बाबई-मोहासा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इससे निकट भविष्य में सोहागपुर-पिपरिया और आसपास के क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार विरासत के संरक्षण के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रदेश के गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए जनहितैषी निर्णय लिए गए हैं। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पचमढ़ी में कैबिनेट बैठक आयोजित कर हमने क्षेत्र के गौरव राजा भभूत सिंह का स्मरण किया। इसी प्रकार इंदौर, खजुराहो, ग्वालियर जैसे स्थानों पर भी कैबिनेट बैठकों में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सोहागपुर विधानसभा के 63 गांवों को मिलेगा पर्याप्त जल विधायक श्री विजयपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का कोना-कोना सिंचाई सुविधा से लैस हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोहागपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता से किया अपना वादा निभाया और आज कैबिनेट ने क्षेत्रवासियों के कल्याण के लिए लगभग 226 करोड़ रुपए लागत की दो महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। उन्होंने कहा कि तवा परियोजना (दायीं तट नहर) की बागरा शाखा नहर होज सिंचाई परियोजना से बाबई एवं सोहागपुर तहसील के 33 गांवों की 4200 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। वहीं, तवा परियोजना की दांयी तट नहर से पिपरिया ब्रांच केनाल होज सिंचाई परियोजना से 6000 हैक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। परियोजना से सोहागपुर तहसील के 30 ग्राम लाभान्वित होंगे। दोनों परियोजनाओं से सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के आसपास रहने वाला जनजातीय समुदाय सर्वाधिक लाभान्वित होगा और उन्हें स्वच्छ पेयजल के साथ सिंचाई की सुविधा भी मिलेगी। अभिनंदन समारोह में नर्मदापुरम के लोकसभा सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सदस्य श्रीमती माया नारोलिया, श्री राजेंद्र सिंह, श्री महेश उपाध्याय सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे।  

इलाज से लौटे सपने, स्वास्थ्य विभाग की सार्थक पहल ने बदली कई ज़िंदगियां

भोपाल. स्वास्थ्य विभाग की सार्थक पहल से कोई फिर चला सकेगा गाड़ी, तो कोई फिर पकड़ सकेगा कलम दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश एवं इनाली फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से एक सराहनीय और मानवीय पहल निरंतर संचालित की जा रही है। इस पहल के अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों में निःशुल्क इलेक्ट्रॉनिक कृत्रिम अंग प्रदान कर दिव्यांगजनों के जीवन में नई आशा और आत्मविश्वास का संचार किया जा रहा है। अब तक बैतूल, रीवा एवं सागर जिलों में क्रमशः 123, 110 एवं 95 दिव्यांग हितग्राहियों को निःशुल्क इलेक्ट्रॉनिक कृत्रिम हाथ प्रदान किए जा चुके हैं। इसी क्रम में भोपाल जिले में 26 एवं 27 जनवरी को सिविल अस्पताल हथईखेड़ा, भोपाल में दो दिवसीय निःशुल्क इलेक्ट्रॉनिक कृत्रिम हाथ वितरण शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान कुल 123 दिव्यांग हितग्राहियों को निःशुल्क इलेक्ट्रॉनिक कृत्रिम हाथ लगाए गए। यह शिविर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत आयोजित किया गया, जो विभाग की एक प्रभावी एवं सफल पहल के रूप में सामने आया है। कृत्रिम हाथ प्राप्त करने के पश्चात अब ये सभी हितग्राही सामान्य व्यक्तियों की भांति अपने दैनिक कार्यों के साथ-साथ आजीविका से जुड़ी गतिविधियाँ भी सहजता से कर सकेंगे। ये इलेक्ट्रॉनिक कृत्रिम हाथ 1 से 7 किलोग्राम तक वजन उठाने में सक्षम हैं, जिससे लाभार्थियों की कार्यक्षमता और आत्मनिर्भरता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। शिविर में लाभान्वित हितग्राही कृत्रिम हाथ प्राप्त कर अत्यंत प्रसन्न एवं भावुक नजर आए। उनके चेहरों पर लौटी मुस्कान इस पहल की सफलता को स्वयं बयां कर रही थी। इस प्रयास से उनके जीवन में पुनः आशा, आत्मविश्वास और सम्मानजनक जीवन जीने की भावना सशक्त हुई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा आगामी दिनों में इंदौर जिले में भी इसी प्रकार के निःशुल्क इलेक्ट्रॉनिक कृत्रिम हाथ वितरण शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक पात्र दिव्यांगजनों को इस योजना का लाभ प्रदान किया जा सके।