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बिजली कर्मचारियों से मारपीट के आरोप में तीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा भोपाल शहर वृत्त के पूर्व शहर संभाग अंतर्गत बाग फरहत अफजा ऐशबाग में बिजली कर्मचारियों के साथ मारपीट करने वाले तीन आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। कंपनी के इंडस्ट्रियल गेट कार्यालय प्रबंधक संजय बारमासे ने बताया कि बाग फरहत अफजा निवासी श्रीमती शहजादी बी द्वारा विद्युत देयक बकाया 1 लाख 41 हजार 669 रुपए जमा नहीं किया जा रहा था। उन्होंने उक्त मकान सीमा बेगम को विक्रय कर दिया। सीमा बेगम को बताया गया कि आपके द्वारा क्रय किये गये मकान का विद्युत देयक बकाया है। यदि बकाया देयक जमा नहीं किया तो विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद उन्होंने शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए कर्मचारियों को अभद्रता की और मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस पर मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा आरोपितों सीमा बेगम, आशु एवं समीर के खिलाफ ऐशबाग थाने में भारतीय न्‍याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 296(बी), 132, 351(3) , 3(5) में एफआईआर दर्ज कराई गई है। थाना एशबाग ने भी प्रकरण पर संज्ञान लेकर विवेचना शुरू कर दी है। बिजली कंपनी के मैदानी कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ ड्यूटी के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा मारपीट / दुर्व्यवहार की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने तुरन्त एफ.आई. आर. कराने के निर्देश दिए हैं। कंपनी ने कहा है कि प्रायः देखने में आ रहा है कि बिजली कर्मियों पर ड्यूटी के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा मारपीट / दुर्व्यवहार किया जा रहा है। चूंकि ऐसी घटनाएं विद्युत अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल गिराती हैं, इसलिए कंपनी के कार्यक्षेत्र में कार्यरत सभी नियंत्रणकर्ता अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि मैदानी अधिकारी-कर्मचारियों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार या मारपीट की घटनाओं को पूरी गंभीरता से लिया जाए।  

हनीट्रैप मामले में बीजेपी विधायक कालू सिंह ठाकुर का नाम, होटल मैनेजर ने दर्ज कराई FIR

धार  मध्यप्रदेश के धार जिले की धरमपुरी विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक कालू सिंह ठाकुर को हनीट्रैप में फंसाने की कोशिश का मामला सामने आया है। विधायक ने एक महिला पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह उन्हें ब्लैकमेल कर रही है और दो करोड़ रुपये की मांग कर रही है। मामले की गंभीरता इतनी बढ़ गई कि विधायक को अपनी बात मीडिया के सामने रखनी पड़ी। अब उनके होटल मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने महिला और उसके पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मदद मांगने आई महिला, बाद में धमकी विधायक कालू सिंह ठाकुर के अनुसार 23 दिसंबर को एक महिला धमनोद स्थित उनके कार्यालय में मदद मांगने पहुंची थी। अगले दिन महिला भोपाल स्थित उनके आवास पर भी आई और 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मांगी। विधायक ने मानवीय आधार पर उसे एक हजार रुपये देकर वापस भेज दिया। इसके बाद महिला का रवैया बदल गया और उसने झूठे केस में फंसाने की धमकी देना शुरू कर दिया। दो करोड़ नहीं दिए तो केस की धमकी विधायक का आरोप है कि भोपाल से लौटने के बाद महिला ने फोन कर कहा कि आपने मुझे गलत काम के लिए भोपाल बुलाया था। अब अगर दो करोड़ रुपये नहीं दिए गए तो वह एफआईआर दर्ज करवा देगी। विधायक ने तत्काल भोपाल में पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और लिखित आवेदन भी सौंपा, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। होटल मैनेजर की शिकायत पर एफआईआर आखिरकार विधायक के होटल की मैनेजर बबीता पाटीदार ने ब्लैकमेलिंग के आरोप में महिला दीपिका ठाकुर और उसके पति कासिम खान के खिलाफ धार थाने में एफआईआर दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विधायक ने जताई नाराजगी इस पूरे प्रकरण को लेकर विधायक कालू सिंह ठाकुर ने पहले भी आरोप लगाया था कि उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। फिलहाल यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, वहीं पुलिस जांच के बाद ही पूरे सच का खुलासा हो सकेगा।

डॉ. यादव ने निर्माणाधीन गीता भवन का अवलोकन किया, स्थानीय लोगों के साथ चाय की चुस्की भी

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को उज्जैन प्रवास के दौरान शासकीय माधव विज्ञान महाविद्यालय के समीप निर्माणाधीन गीता भवन का अवलोकन किया। जानकारी दी गई कि यह भवन जी प्लस टू निर्मित किया जाएगा, अप्रैल 2026 में इसके पूर्ण होना होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसकी निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी पीआईयू है।  गीता भवन की कुल क्षमता 1250 सीटर होगी। इसका निर्माण 5.11 एकड़ में लागत लगभग 34 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। इस दौरान विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, संजय अग्रवाल, संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजी उमेश जोगा, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, एडीएम अतेंद्र सिंह गुर्जर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने सुबह की चाय की चुस्की उज्जैनवासियों के साथ ली मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भगवान बृहस्पति मंदिर में दर्शन करने के बाद पास के तेलीवाड़ा चौराहे पर शहर की पुरानी चाय की दुकान पर स्थानीय लोगों के साथ चाय पी और चर्चा की। उन्होंने दुकान संचालक से हालचाल पूछा, चाय पीने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चाय के पैसे दिए, दुकानदार द्वारा संकोच के कारण पैसे नहीं लेने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये तो लेना ही होंगे।    

देश में पहली बार: किन्नरों के धर्मांतरण का मामला, सागर की घटना ने खड़ा किया विवाद

सागर  किन्नरों का 'जबरन धर्मांतरण ' और 'प्रताड़ना' को लेकर संभवत: देश का पहला मामला सागर से सामने आया है। एक किन्नर ने दबाव न झेल पाने के कारण सुसाइड कर लिया। उसके गुरु ने बकायदा पुलिस थाने में आवेदन देकर 'रंगमहल के मुखिया' पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हिन्दू संगठनों ने इस मामले में लामबंद होकर पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग भी की है। जानकारी अनुसार हिन्दू किन्रर रानी ठाकुर और हिंदू संगठनों ने मोतीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है। बकायदा लिखित शिकायत देकर कहा है कि 'किन्नर गुरु किरण नायक उर्फ कलीम खान' और उसके कुछ साथी हिंदू किन्नरों पर नमाज पढ़ने, रोजा रखने और जबरन गोमांस खाने का दबाव बनाते हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इसी प्रताड़ना से आहत होकर उनके एक साथी मोना किन्नर ने बुधवार को टीकमगढ़ में अपनी जान दे दी। किन्नर गुरु किरण नायक उर्फ कलीम खान पर गंभीर आरोप किन्नर रानी ठाकुर ने शिकायत में कहा है कि सागर में किन्नरों के गुरु किरण नायक उर्फ कलीम खान जो 'रंगमहल' में रहते हैं, उसे पूरी तरह मस्जिद बना दिया गया है। वे रानी व उसके चेले मोना किन्नर को दो साल से जबरन नमाज पढ़वा रहे थे। जब मना किया तो प्रताड़ित करने लगे, मारपीट भी की गई। जान से मारने की धमकी भी देते हैं। शिकायत में हिन्दू किन्नरों को जबरन गोमांस-बकरे का मांस खाने के लिए दबाव डाला जाता है। रानी का आरोप है कि हमें जलाकर मारने तक की धमकी दी जा रही है। सुसाइड नहीं हत्या की आशंका, जांच की जाए किन्नर रानी ठाकुर ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाए हैं कि, उनका चेला धर्मांतरण और प्रताड़ना के कारण काफी तनाव में था। वह एक दिन पहले ही टीकमगढ़ स्थित घर गया और खबर आई कि उसने फांसी लगा ली। लेकिन यह आत्महत्या नहीं है, उसकी हत्या हो सकती है, क्योंकि उस पर धर्मांतरण का भारी दबाव था। रानी का दावा है कि उसके पास इस सबकी मोबाइल में रिकॉर्डिंग भी है, जिसकी जांच कर सकते हैं। हिन्दू संगठन थाने पहुंचे, कार्रवाई की मांग मामले में हिन्दू संगठनों जिनमें बजरंग दल और शिवसेना नेताओं ने रानी ठाकुर के साथ थाने पहुंचकर इस मामले में तीखा विरोध जताया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन ने धर्मांतरण मामले में आरोपी किन्नर गुरु किरण नायक उर्फ कलीम खान पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।  

16 जनवरी 2026: लाड़ली बहनों के खाते में आएगी योजना की अगली किस्त, जानें राशि और पात्रता

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार की ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। ​वर्तमान में योजना के तहत 1 करोड़ 26 लाख पात्र महिलाओं को 1,500 रुपए प्रति माह (18000 रु सालाना) दिए जा रहे हैं। दिसंबर 2025 तक योजना की 31 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और अब जनवरी में 32वीं किस्त जारी होना है। मिली जानकारी के अनुसार, सीएम डॉ. मोहन यादव 16 जनवरी 2026 को पात्र महिलाओं के खाते में 32वीं किस्त के 1500-1500 रुपए माखन नगर, नर्मदापुरम से जारी करेंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण राज्य के सभी जिलों में किया जाएगा। हालांकि अब तक महिला एवं बाल विकास विभाग या मोहन सरकार द्वारा इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ध्यान रहें जिन महिलाओं ने इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करा रखा है और पात्रता की शर्तों को पूरा करती हैं, उन्हें अगली किस्त का लाभ मिलेगा। जिन महिलाओं ने ईकेवाईसी नहीं करवाई है, उनकी राशि अटक या रुक सकती है। कब शुरू हुई थी लाड़ली बहना योजना     मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लाड़ली बहना योजना मई 2023 में शुरू की गई थी। योजना के उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, परिवार में उनके निर्णय अधिकार को मजबूत करना तथा स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सतत सुधार सुनिश्चित करना है।     10 जून 2023 को योजना की पहली किस्त जारी की गई थी। योजना की शुरुआत में 1000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती थी, जिसे अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 1,250 रुपये किया गया। इसके बाद नवंबर 2025 से राशि में पुनः 250 रुपये की वृद्धि की गई।     इसके अतिरिक्त अगस्त 2023, 2024 व 2025 में रक्षाबंधन के मौके पर 250 रुपये की विशेष सहायता राशि भी बहनों को प्रदान की गई। वर्तमान में सामान्य हितग्राही महिलाओं को 1500 रुपए प्रतिमाह दिए जाते हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाओं को 900 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं।     योजना की शुरुआत (जून 2023) से लेकर दिसंबर 2025 तक लगभग 48,632 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी है। योजना में किसे मिलता है लाभ पात्रता:     मध्य प्रदेश की स्थानीय निवासी हो।     विवाहित महिला के साथ निर्धन, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल हैं।     21 से 60 वर्ष तक की आयु की महिलाएं पात्रता के दायरे में आती हैं। अपात्र:     स्वयं/ परिवार की सम्मिलित रूप से स्वघोषित वार्षिक आय 2.5 लाख से अधिक हो या आयकरदाता हो।     ​जिनके पास संयुक्त रूप से 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि हो। ​जिनके परिवार के पास चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) हो।     स्वयं / परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्‍य सरकार के शासकीय विभाग/ उपक्रम/ मण्‍डल/ स्‍थानीय निकाय में नियमित/स्‍थाईकर्मी/     संविदाकर्मी के रूप में नियोजित हो अथवा सेवानिवृत्ति उपरांत पेंशन प्राप्त कर रहा हो। लाभार्थी सूची में ऐसे चेक करें अपना नाम     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर     क्लिक करें।     दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।     कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।     मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।     ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी।  

पानी का प्रदूषण: हाईकोर्ट ने कहा- नालों में सीवेज मिलना बंद हो, पॉल्युशन बोर्ड की रिपोर्ट में 99 मिलियन लीटर सीवेज का खुलासा

जबलपुर  मप्र हाईकोर्ट में मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रिपोर्ट पेश करके चौंकाने वाला खुलासा किया है। बोर्ड का कहना है कि जबलपुर के नालों का पानी जहरीला है। इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस जहरीले पानी से पैदा की जा रहीं सब्जियां कैसी होंगी? इस रिपोर्ट पर चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने  गहरी चिंता जताई है। बेंच ने अपना विस्तृत अंतरिम आदेश सुनाते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) की रिपोर्ट का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अगली सुनवाई 4 फरवरी को निर्धारित करके बेंच ने सरकार को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने कहा है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने सरकार को कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सुझावों पर तत्काल अमल किया जाए और इसकी रिपोर्ट पेश की जाए। मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी को तय की गई है। लॉ स्टूडेंट के पत्र को माना याचिका जबलपुर के एक लॉ स्टूडेंट समर्थ सिंह बघेल ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र भेजकर जबलपुर में नाले के पानी से सब्जियां पैदा किए जाने को चुनौती दी है। हाईकोर्ट इस पत्र की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में कर रहा है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत मित्र के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ सेठ और राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता विवेक शर्मा हाजिर हुए। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में गंभीर और चौंकाने वाले तथ्य पेश किए हैं। बोर्ड द्वारा 23 नवंबर 2025 को विभिन्न नालों, स्रोतों और खेतों से लिए गए पानी के नमूनों की जांच में साफ हुआ है कि यह पानी अत्यधिक दूषित है और इसमें बीओडी, टोटल कोलीफॉर्म व फीकल कोलीफॉर्म तय मानकों से कहीं अधिक पाए गए हैं। यह पानी न तो पीने योग्य है, न नहाने योग्य और न ही खेती के लिए सुरक्षित, इसके बावजूद इसका खुलेआम उपयोग हो रहा है। चेतावनी-गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है प्रदूषण नियंत्रण मंडल की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि नालों का यह दूषित पानी किसी भी स्थिति में वॉटर पाइप लाइन में मिल गया, तो इससे गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है। हाईकोर्ट ने रिपोर्ट की गंभीरता को देखते हुए सरकार को निर्देश दिए हैं कि घरों से निकलने वाले सीवेज को सीधे नालों में जाने से तत्काल रोका जाए और नाले के पानी के किसी भी तरह के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाए। जहरीले पानी से खेती पर प्रतिबंध की मांग अपनी रिपोर्ट में PCB ने कहा है कि यह पानी पूरी तरह अनट्रीटेड सीवेज है, जिसमें फीकल कोलीफॉर्म जैसे घातक तत्व मौजूद हैं। ये तत्व मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं। ऐसे पानी से की जा रही खेती को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए, विशेषकर वे खेत जो शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे में हैं या नालों के गंदे पानी से सिंचाई कर रहे हैं। वापस घरों में पहुंच रहा जहरीला पानी PCB के अनुसार, जबलपुर शहर में प्रतिदिन लगभग 174 एमएलडी सीवेज उत्पन्न होता है, जबकि उपलब्ध 12 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स केवल 75.14 एमएलडी ही ट्रीट कर पा रहे हैं। वह भी कई बार आंशिक रूप से या रखरखाव के कारण बंद रहते हैं। नतीजतन, करीब 98.86 एमएलडी गंदा पानी रोज नालों और नदियों में जाकर वापस घरों में पहुंच रहा है। नवंबर में नालों से लिए थे सैंपल प्रदूषण बोर्ड की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट सिद्धार्थ सेठ ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग और प्रदूषण नियंत्रण मंडल की संयुक्त टीम ने 23 नवंबर 2025 को ओमती नाला, मोती नाला, खूनी नाला सहित अन्य प्रमुख नालों से पानी के सैंपल लेकर जांच की थी। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि पानी में बीओडी, टोटल कॉलीफॉर्म और फीकल कॉलीफॉर्म की मात्रा निर्धारित मानकों से कहीं अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार यह पानी पीने, नहाने, खेती या किसी भी अन्य उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं है। नगर निगम पर लगा था 17.80 करोड़ का दंड मामले में यह भी सामने आया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने जबलपुर नगर निगम पर 17.80 करोड़ रुपए का पर्यावरणीय दंड लगाया था। यह जुलाई 2020 से 31 मार्च 2025 के बीच घरों से सीधे नदियों और नालियों में सीवेज व प्रदूषित जल मिलाने के कारण लगाया गया था, लेकिन अब तक नगर निगम ने यह राशि जमा नहीं की है। दंड की वसूली की जिम्मेदारी जबलपुर जिला कलेक्टर की है, जिस पर हाईकोर्ट ने जवाब तलब किया है। 98.86 मिलियन लीटर दूषित पानी नालों में पहुंच रहा रिपोर्ट के अनुसार जबलपुर शहर में प्रतिदिन लगभग 174 मिलियन लीटर सीवेज उत्पन्न होता है। शहर में वर्तमान में 12 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट हैं, जिनमें से केवल 75.14 मिलियन लीटर सीवेज का ही उपचार हो पा रहा है। ये ट्रीटमेंट प्लांट भी पूरी क्षमता से कार्यरत नहीं हैं। परिणामस्वरूप करीब 98.86 मिलियन लीटर अनुपचारित और दूषित पानी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नालों में पहुंच रहा है। सरकार व नगर निगम को नोटिस जबलपुर शहर में नालियों से गुजर रहीं पाइपलाइनों पर सवाल उठाने वाली एक अन्य जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने राज्य सरकार व नगर निगम को नोटिस जारी किए हैं। डेमोक्रेटिक लॉयर्स फोरम के अध्यक्ष ओपी यादव की ओर से दाखिल याचिका में राहत चाही गई है कि इन्दौर के भगीरथपुरा जैसे हालात जबलपुर में न बनें, इसके लिए नगर निगम को जरूरी निर्देश दिए जाएं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रविन्द्र कुमार गुप्ता का पक्ष सुनने के बाद बेंच ने नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

ओरछा में मकर संक्रांति के अवसर पर श्रद्धालुओं ने बेतवा नदी में डुबकी लगाई, रामराजा के दर्शन

निवाड़ी  देशभर में आज यानि 15 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जा रहा है. मध्य प्रदेश में लोग नर्मदा, शिप्रा, बेतवा नदी में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. इसी क्रम में रामराजा नगरी ओरछा में भी आस्था का सैलाब उमड़ा. बड़ी संख्या में श्रद्धालु बेतवा नदी में डुबकी लगाने पहुंचे. साथ ही बेतवा नदी के किनारे लगे मेले का लोग आनंद ले रहे हैं. पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए. ओरछा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब मकर संक्रांति के अवसर पर मध्य प्रदेश के धार्मिक व पर्यटन नगरी ओरछा में आस्था का अद्भुत सैलाब उमड़ पड़ा. पर्व के शुभ मुहूर्त के साथ ही भक्तों ने बेतवा नदी में आस्था की पवित्र डुबकी लगाई. मान्यता है कि इस दिन स्नान करने से पापों का क्षय होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है. स्नान के बाद श्रद्धालु सीधे ओरछा के प्रसिद्ध रामराजा सरकार मंदिर पहुंचे. जहां दर्शन करने वालों की भीड़ देखने लायक थी. श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में दान, तिल-गुड़ वितरण और ब्राह्मण सेवा जैसे पुण्य कार्य करते नजर आए. सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ टीम रही मौजूद कई परिवारों ने इस अवसर पर गरीबों को वस्त्र और अन्नदान कर मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व और बढ़ा दिया. दूसरी तरफ प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह सक्रिय दिखे. भीड़ नियंत्रण से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक हर कदम पर सतर्कता देखने को मिली. घाटों पर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिस बल हर एक आवाजाही पर नजर रखे हुए हैं. संवेदनशील घाटों पर एसडीआरएफ की टीमें लगातार मौजूद रहीं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए साजो-सामान के साथ तैयार रही. स्थानीय प्रशासन ने भी चिकित्सा सहायता, लाइटिंग, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक नियंत्रण जैसी व्यवस्थाओं को संभाल रखा था. जिससे भक्तों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े. देवभूमि ओरछा में मकर संक्रांति का यह दृश्य भक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक गरिमा का सुंदर संगम बन गया.

एमपी में कड़ाके की सर्दी, तापमान 5 डिग्री से नीचे, ग्वालियर और भोपाल में ठिठुरन, मावठा गिरने की आशंका

भोपाल   मध्य प्रदेश में तापमान लगातार लुढ़कता जा रहा है, जिससे ठंड की रफ्तार और तेज होती जा रही है. सुबह के वक्त घना कोहरा होने से विजिविलिटी अभी भी कम बनी हुई है. वहीं मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने की वजह से मावठा गिरने की भी संभावना जताई है. ग्वालियर से भोपाल तक भीषण ठंड का दौर जारी है, जबकि जबलपुर संभाग में भी कड़ाके की ठंड की पड़ रही है. शहडोल जिले का कल्याणपुर एमपी में सबसे ज्यादा ठंडा बना हुआ है, जिसके चलते यहां लोग घरों में दुबके नजर आ रहे हैं. मध्य प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार को भी पारा 5 डिग्री से नीचे चला गया है. मौसम विभाग की माने तो 16 जनवरी से हिमालयी क्षेत्र में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो रहा है। इसके असर से 3-4 दिन बाद एमपी में मावठा यानी, बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, वर्तमान में पश्चिमी हिस्से के पास से एक ट्रफ गुजर रही है, लेकिन इसका असर प्रदेश में नहीं है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस को स्ट्रॉन्ग बताया जा रहा है इसलिए कई जिलों में बारिश या बादल की स्थिति बनने के आसार है। दूसरी ओर, पूर्व-उत्तर भारत के ऊपर समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर जेट स्ट्रीम हवाएं 204 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से बह रही है। जिसका असर एमपी में भी देखने को मिल रहा है। बुधवार को भोपाल समेत कई जिलों में दिन में भी सर्द हवाएं चली। हालांकि, तेज धूप खिलने की वजह से ठंड से राहत भी मिलती रही।  सूबे के ग्वालियर से लेकर भोपाल संभाग के जिलों में इस सय तेज ठंड का दौर ठंड का दौर जारी है, जबकि जबलपुर संभाग में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। शहडोल के कल्याणपुर में प्रदेश में सबसे अधिक ठंड पड़ रही है। प्रदेश में गुरुवार तड़के के हालातों पर गौर करें तो पारा 5 डिग्री से नीचे चला गया है। मौसम विभाग ने आगामी कुछ दिनों के लिए कड़ाके की ठंड होने की संभावना जताई है। कई जगहों पर शीतलहर का दौर भी जारी है। मौसम विभाग की मानें तो सर्द हवाओं के चलते शीतलहर का प्रकोप आने वाले कुछ दिनों तक लगातार इसी तरह से जारी रहने की संभावना है, जिससे सर्दी का सितम और बढ़ेगा। उत्तरी हिस्से में कोहरे का असर प्रदेश के उत्तरी हिस्से यानी, ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में कोहरे का असर बरकरार है। गुरुवार सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, सतना, गुना, राजगढ़, रतलाम, मंडला समेत कई जिलों में हल्का कोहरा रहा। कोहरे की वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली ट्रेनें निर्धारित समय से लेट हो रही है। इनमें सबसे ज्यादा असर मालवा, झेलम और सचखंड एक्सप्रेस में हो रहा है। इसके अलावा पंजाब मेल, जन शताब्दी समेत एक दर्जन ट्रेनें भी प्रभावित हो रही है। कल्याणपुर-करौंदी सबसे ठंडे, ग्वालियर में 7.1 डिग्री दर्ज प्रदेश के उत्तरी हिस्से में ठंड और कोहरे का असर है। मंगलवार-बुधवार की रात शहडोल के कल्याणपुर में 4.8 डिग्री और कटनी के करौंदी में 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रीवा में 5.8 डिग्री, मंदसौर-चित्रकूट में 6.1 डिग्री, खजुराहो में 6.2 डिग्री, उमरिया में 6.8 डिग्री, दतिया-मंडला में 7 डिग्री, राजगढ़-नौगांव में 7.2 डिग्री, पचमढ़ी में 7.8 डिग्री, शिवपुरी में 8 डिग्री, दमोह-सीधी में 9 डिग्री, रायसेन-श्योपुर में 9.4 डिग्री रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 9.8 डिग्री, इंदौर में 10.2 डिग्री, उज्जैन में 11.2 डिग्री और जबलपुर में तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया। कोल्ड वेव या कोल्ड डे का अलर्ट भी नहीं मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश में कहीं भी कोल्ड वेव यानी, शीतलहर का अलर्ट नहीं है। न ही कहीं कोल्ड डे रहेगा। इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। मावठ (बारिश) गिरने की संभावना वहीं मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में मावठ (बारिश) गिरने की पूरी संभावना है, क्योंकि हिमालयी क्षेत्र में वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है, जिसके चलते एमपी में भी स्ट्रॉन्ग सिस्टम बन सकता है, ऐसे में उत्तर मध्य प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जो किसानों की फसलों के लिए अमृत के समान होगी। यहां तापमान में आई गिरावट भोपाल, ग्वालियर, पचमढ़ी, शहडोल, दतिया, मुरैना, रायसेन समेत कई जिलों में तापमान 5 डिग्री तक पहुंच गया है, जबकि मध्य प्रदेश में रातें भी सर्द हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, 3 से 4 दिनों में तापमान में और भी गिरावट हो सकती है, क्योंकि यहां सर्द हवाओं का रुख तेज बना हुआ है।

इंदौर: आबकारी विभाग ने 1.75 करोड़ रुपये की बीयर की 2.23 लाख लीटर नष्ट की, तीन दिन तक चला अभियान

इंदौर  इंदौर जिले के सिमरोल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मेमदीग्राम में आबकारी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग द्वारा निर्धारित नियमों और मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए विभिन्न ब्रांडों की एक्सपायर हो चुकी बीयर को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य जन स्वास्थ्य की रक्षा करना और बाजार में असुरक्षित सामग्री की आपूर्ति को रोकना था। यहां स्थित माउण्ट एवरेस्ट ब्रेवरीज लिमिटेड में यह सभी विभिन्न ब्रांड्स की बीयर बनाई गई थी। लाखों लीटर बीयर और करोड़ों का नुकसान नष्ट की गई बीयर की मात्रा और उसकी कीमत काफी अधिक है। जानकारी के अनुसार कुल 23154 पेटियों में भरी हुई 2 लाख 23 हजार 316 लीटर बीयर को नष्ट किया गया है। यदि इसके डिस्टलरी मूल्य की बात करें तो इसकी कीमत लगभग पौने 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह पूरी प्रक्रिया उपायुक्त आबकारी संजय तिवारी की अध्यक्षता में गठित एक विशेष समिति की देखरेख में पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई ताकि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन न हो। समय पर डिमांड न मिलने से खराब हुआ स्टॉक सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी ने इस मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि माउण्ट एवरेस्ट ब्रेवरीज द्वारा यह बीयर मध्य प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली, असम और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में सप्लाई करने के लिए तैयार की गई थी। हालांकि, संबंधित राज्यों से समय पर मांग प्राप्त नहीं होने के कारण इस स्टॉक को निश्चित समय सीमा के भीतर भेजा या निर्यात नहीं किया जा सका। निर्माण तिथि से 6 माह की अवधि बीत जाने के बाद इकाई प्रभारी ने स्वयं आबकारी विभाग को इसकी सूचना दी थी। तीन दिन तक चली नष्टीकरण की प्रक्रिया आबकारी विभाग ने इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत स्टॉक के सत्यापन और गणना की प्रक्रिया शुरू की। जन स्वास्थ्य और उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए पिछले तीन दिनों से लगातार नष्टीकरण की कार्यवाही की जा रही थी। बीयर को नष्ट करने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया गया। बोतलों में भरी बीयर को बहाकर नष्ट किया गया, जबकि केन में भरी बीयर को बुलडोजर और जेसीबी मशीनों की मदद से कुचल दिया गया। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी की गई। 

भोपाल: अवैध कॉलोनियों पर शिकंजा, कलेक्टर के निर्देश पर 25 आरोपियों पर FIR दर्ज

भोपाल  कलेक्टर भोपाल कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के निर्देश पर जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। बिना अनुमति कृषि भूमि पर प्लॉट काटकर बेचने और अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करने के मामलों में कुल 25 लोगों के खिलाफ विभिन्न थानों में FIR दर्ज की गई है। प्रशासन की जांच में सामने आया कि संबंधित लोगों द्वारा कृषि भूमि का भू-उपयोग परिवर्तन कराए बिना ही प्लॉटिंग कर कॉलोनियों का निर्माण किया जा रहा था। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए अलग-अलग थाना क्षेत्रों में प्रकरण दर्ज किए गए हैं। जानकारी के अनुसार,  •    जगदीशपुर, अरवलिया, अचारपुरा और हज्जामपुरा क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग करने वाले 15 लोगों के खिलाफ ईंटखेड़ी थाना में मामला दर्ज किया गया है।  •    सेवनिया ओंकारा क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के मामले में सूखी सेवनिया थाना में 4 लोगों पर FIR दर्ज हुई है। वहीं कुराना क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग करने पर परवलिया थाना में 6 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। प्रशासन का कहना है कि बिना वैधानिक अनुमति कृषि भूमि पर की जा रही प्लॉटिंग न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों के साथ धोखाधड़ी भी है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।