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HIV मामले में सतना में हाई वोल्टेज ड्रामा, जांच के दौरान अधिकारियों से तीखी बहस

सतना रविवार को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले में मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो व जिला प्रशासनिक अधिकारियों की बहस हो गई, जिसके बाद मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रिंयक कानूनगो ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जिला प्रशासन द्वारा मामले को दबाने के गंभीर आरोप लगाने का पोस्ट वायरल कर दिया। दरअसल मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो शहर के सिटी एसडीएम व प्रभारी सीएमएचओ पर इसलिए भडक़ उठे, क्योंकि एचआईवी कांड के पीडि़त अपने स्वजनों के साथ सुबह सात बजे सर्किट हाऊस में मौजूद नहीं दिखे। लिहाजा मानवाधिकार आयोग के सदस्य सिटी एसडीएम व सीएमएचओ के ऊपर बरस पड़े और कहा उन्हें यहां स्वयं जाकर नहीं ला सकते थे। जबकि उन्हें सीएमएचओ डॉक्टर मनोज शुक्ला द्वारा यह बताया भी गया कि पीडि़त के स्वजनों ग्रामीण इलाकों में निवासरत होने की वजह से सुबह सात बजे सर्किट हाऊस आने से इंकार करते हुए दस बजे के बाद आने को तैयार थे। बावजूद इसके प्रियंका कानूनगो कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे।   रात नौ बजे मैसेज के जरिए बताई मिलने की इच्छा जिला प्रशासनिक अधिकारियों की मानें तो विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होने की यात्रा पर निकले मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने अपने कटनी प्रवास के दौरान करीब रात नौ बजे सिटी एसडीएम को मैसेज के जरिए यह बताया कि उन्हें सर्किट हाऊस पर सुबह सात बजे एचआईवी ब्लड चढ़ाने वाले मामले में पीडि़तों से मुलाकात करनी है। लेकिन जब सुबह पीडि़त सर्किट हाऊस पर नहीं मिले तो वह प्रशासनिक अधिकारियों पर भडक़ उठें, जिस पर सिटी एसडीएम द्वारा बताया गया कि परिवार सुबह आने में असमर्थता बता रहे थे, लिहाजा उनके घर जाकर मिला जा सकता है। प्रियंक कानूनगो को सुबह आठ बजे दीनदयाल शोध संस्थान में आयोजित मानवाधिकार पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में सम्मिलित होने जाना था इसलिए मामले को दबाने के आरोप लगाते हुए मानवाधिकार आयोग के सदस्य चित्रकूट के लिए रवाना हो गए। मिलने का नहीं था कोई प्रोग्राम प्रियंक कानूनगो का HIV पीड़ितों से मिलने जाने का कोई प्रोग्राम नहीं था और न ऐसा कोई कार्यक्रम जारी था। लिहाज अब यह बात होने लगी है कि क्या वह पीड़ित बच्चों के परिजन ऐसे मिलने नहीं जा सकते थे। वास्तविकता में मानवाधिकार आयोग की टीम पीड़ितों के बयान लेने 29 को आ रही है। प्रमुख सवाल -क्या इस प्रकार उन्हें सार्वजनिक रुप से सर्किट हाऊस बुलाना उनकी पहचान उजागर करने जैसा नहीं? -क्या बिना पूर्व सूचना के पीडि़त को इस प्रकार बयान के लिए बुलाया जा सकता है? -बिना जांच टीम में शामिल बिना ऑफिशियल मानवधिकार आयोग के सदस्य इस प्रकार पीडि़तों के बयान दर्ज कर सकते है? हमे रात में यह सूचना मिलाी की उन्हें सुबह सात बजे पीडितों व उनके स्वजनों से मिलना है, लेकिन पीडितों के स्वजन इतना सुबह मिलने को तैयार नहीं थे। हालंकि उनके अधिकारिक यात्रा कार्यक्रम में इस बात का उल्लेख नहीं था- राहुल सिलाढिया, सिटी एसडीएम।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 3.77 लाख सोयाबीन उत्पादक किसानों को अंतरित की 810 करोड़ रुपए भावांतर राशि

प्रदेश के हर युवा को रोजगार दिलाएगी सरकार विकास का कारवां यूं हीं चलता रहेगा – हमने जो कहा, वो करके भी दिखाया जावरा में बनेगा आऊटडोर-इनडोर स्टेडियम, वन स्टॉप सेंटर भी बनाया जाएगा जावरा में हेरिटेज भवन निर्माण और स्कूल मरम्मत के लिए दिए जाएंगे 2-2 करोड़ रुपए ग्राम शुजापुर और पिपलौदा में बनेगा बालिका छात्रावास 145 करोड़ की लागत वाले 33 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन जावरा में हुआ सोयाबीन भावांतर राशि अंतरण का राज्य स्तरीय सम्मेलन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भावांतर, केवल एक योजना नहीं किसानों के प्रति सरकार का श्रद्धाभाव है। भावांतर की राशि किसानों के अधिकार की राशि है। यह राशि किसानों की समृद्धि के प्रति सरकार के संकल्प का प्रतीक है। किसानों के कल्याण के लिए हम कभी भी पीछे नहीं रहेंगे। नए वर्ष 2026 को हमने अन्नदाताओं के कल्याण को ही समर्पित किया है। अगले वर्ष हम कृषि उत्सव मनाएंगे। किसान भाइयों की समृद्धि का उल्लास मनाएंगे। आधुनिक तरीके से खेती, कृषि विस्तार सेवाएं और नई-नई तकनीकों को हम गांव-गांव तक पहुंचाएंगे, जिससे किसान भाई अपनी खेती-किसानी को और बेहतर बनाने के लिए सही समय पर सही निर्णय ले सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश की जनता से जो वादा किया, वह पूरा करके भी दिखाया है। प्रदेश के विकास का यह कारवां कभी रूकेगा नहीं। हम विकास के प्रकाश से किसी को भी वंचित नहीं रहने देंगे। प्रदेश की प्रगति में सबकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों को अभी 1500 रुपए दिए जा रहे हैं, इस राशि को 3 हजार रूपये तक बढ़ाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर जरूरतमंद और हुनरमंद युवा को हमारी सरकार रोजगार उपलब्ध कराएगी। प्रदेश के 32 लाख से अधिक किसानों को सरकार सोलर पम्प उपलब्ध कराएगी। सोलर पंप की कुल लागत पर हम किसानों को 90 प्रतिशत तक अनुदान भी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रतलाम जिले के जावरा में सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत किसानों को भावांतर राशि वितरण के लिए आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 3.77 लाख से अधिक सोयाबीन उत्पादक किसानों को 810 करोड़ रुपए की भावांतर राशि बैंकखातों में सिंगल क्लिक से अंतरित की। इसमें रतलाम जिले के 12 हजार 386 किसान भी शामिल हैं, जिनके खातों में 20.74 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक से भेजे गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज की भावांतर राशि को मिलाकर हमारी सरकार अबतक प्रदेश के 6.25 लाख से अधिक सोयाबीन उत्पादक किसानों को करीब 1300 करोड़ रुपए की भावांतर राशि का भुगतान कर चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने करीब 145 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाले 33 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर रतलाम जिलेवासियों को भी नये साल की अग्रिम सौगातें दीं। इसमें 18 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 127 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 21 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सभी विकास कार्य रतलाम जिले को सुंदर, स्वच्छ और नागरिक सुविधाओं के मामले में अव्वल बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मालवा के गांधी के नाम से प्रसिद्ध डॉ. लक्ष्मीनारायण पाण्डेय की जीवनी पर केन्द्रित पुस्तिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगी कृषि विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया और सम्मेलन में आए किसानों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत-अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर जावरा नगर में एक आधुनिक आऊटडोर-इनडोर स्टेडियम बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि निराश्रित महिलाओं के अल्प आश्रय के लिए जावरा में वन स्टॉप सेंटर बनाया जाएगा। जावरा में हेरिटेज भवन के निर्माण और एक बेहद पुराने जीर्ण-शीर्ण स्कूल की सम्पूर्ण मरम्मत के लिए मुख्यमंत्री ने इन दोनों कार्यों के लिए 2-2 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी बेटियां भी पढ़ाई-लिखाई में किसी से पीछे नहीं रहेंगी। उन्होंने रतलाम जिले के ग्राम शुजापुर और ग्राम पिपलौदा में एक-एक नवीन बालिका छात्रावास भवन बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का लाभ रतलाम जिले को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय परियोजना से राजस्थान के 15 जिले और मध्यप्रदेश के मालवा और चंबल अंचल के 15 जिले (30 से अधिक जिले) कृषि सिंचाई की स्थायी सुविधा से लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध पालन में भी वृहद स्तर पर वृद्धि करने की ओर तेजी से अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मालवा क्षेत्र में करीब 5 हजार करोड़ रुपए लागत से एक नया आधुनिक फोर-लेन हाई-वे बनने जा रहा है। यह हाई-वे रतलाम जिले की सीमा से भी गुजरेगा। इस हाई-वे के निर्माण के लिए किसानों की सभी मांगे मानी जाएंगी। आवश्यकता हुई तो, भूमि अधिग्रहण के लिए मुआवजा राशि भी बढ़ा दी जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि जावरा के डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडे एक ऐसा व्यक्तित्व है जिनके कृतित्व से क्षेत्र आलोकिक हुआ है। डॉ. पांडे ने अपने परिश्रम से जन सेवा की मिसाल कायम की है। मुझे प्रसन्नता है कि मुझे उनका सानिध्य मिला है और उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला है। डॉ. लक्ष्मी नारायण पांडे के चरित्र को हमें अंगीकार करना चाहिए उनका व्यक्तित्व बहुआयामी रहा है। मध्यप्रदेश शासन की जनहित कार्य नीतियों का जिक्र करते हुए श्री तोमर ने कहा कि आज प्रदेश के लाखों किसान भावांतर जैसी योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार सफलतापूर्वक सर्वाहारा वर्ग के लिए कार्य कर रही है। किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीड है। जहां-जहां फसलों को नुकसान हुआ प्रदेश सरकार द्वारा वहां किसानों को राहत राशि प्रदान की गई है। कृषि मंत्री एंदल सिंह कंषाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिनव रूप से जनकल्याणकारी कार्यों की शुरुआत की है। किसान के हित में कार्य करने वाले मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृषक हित में सदैव अग्रणी रहे हैं। कंषाना ने प्रदेश के किसानों की ओर से … Read more

डिजिटल सिस्टम पर बड़ा सवाल: ग्वालियर में छात्रों के आंकड़ों में 67 हजार का अंतर, 34 हजार नाम गायब

ग्वालियर सरकार एक ओर डिजिटल इंडिया और पेपरलेस वर्किंग का दावा कर रही है, वहीं ग्वालियर जिले के शिक्षा विभाग में पोर्टलों के आंकड़ों में भारी विसंगति देखने को मिली है। यूडाइस पोर्टल और एजुकेशन पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के बीच 67 हजार छात्रों का बड़ा अंतर मिला है। तकनीकी रूप से इन दोनों पोर्टलों पर बच्चों का नामांकन एक समान होना चाहिए, लेकिन मैदानी स्तर पर बरती गई लापरवाही ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। ड्रॉप बॉक्स में कैद 34 हजार छात्रों का भविष्य 67 हजार छात्रों के इस अंतर में सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा 34 हजार 'लापता' बच्चों का है। दरअसल, ये बच्चे लापता नहीं हैं, बल्कि तकनीकी रूप से एजुकेशन पोर्टल के 'ड्रॉप बॉक्स' में पड़े हुए हैं। नियमानुसार, जब कोई छात्र एक स्कूल छोड़कर दूसरे स्कूल में जाता है, तो नए स्कूल को उसे ड्रॉप बॉक्स से 'इंपोर्ट' कर अपने पोर्टल पर दिखाना होता है। लेकिन ग्वालियर के स्कूलों ने इन 34 हजार बच्चों को सिस्टम में स्वीकार (Accept) ही नहीं किया। नतीजा यह है कि ये छात्र पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं और इनका शैक्षणिक रिकॉर्ड अधर में लटका हुआ है।   पोर्टल की इस अव्यवस्था का सीधा असर गरीब और जरूरतमंद छात्रों की आर्थिक सहायता पर पड़ रहा है। जिले के स्कूलों में 48 हजार छात्रों की छात्रवृत्ति प्रोफाइल अब तक अपडेट नहीं की गई है। प्रोफाइल अपडेट न होने और तकनीकी त्रुटियों के कारण इन छात्रों की छात्रवृत्ति लटक गई है। शैक्षणिक सत्र बीतने को है, लेकिन संकुल और स्कूल स्तर पर प्राचार्यों की सुस्ती ने हजारों विद्यार्थियों को उनके हक की राशि से वंचित कर रखा है। लापरवाही की मुख्य वजह विभागीय सूत्रों के अनुसार, जनपद शिक्षा केंद्रों और स्कूलों में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटरों और जिम्मेदार अधिकारियों ने डेटा फीडिंग को गंभीरता से नहीं लिया। यूडाइस पोर्टल पर भरी गई जानकारी को एजुकेशन पोर्टल से मैच नहीं किया गया। यह विसंगति जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) की हालिया समीक्षा बैठक में खुलकर सामने आई, जिसमें बीआरसी (BRC) डबरा और बीआरसी शहर क्रमांक-2 की कार्यप्रणाली पर सबसे ज्यादा सवाल उठे। डीईओ की सख्त चेतावनी मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि: ड्रॉप बॉक्स में लंबित सभी 34 हजार बच्चों को तत्काल संबंधित स्कूल पोर्टल पर इंपोर्ट किया जाए।     67 हजार छात्रों के डेटा गैप को शून्य (Zero) पर लाया जाए।     छात्रवृत्ति प्रोफाइल को लॉक करने और स्वीकृत करने की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर पूरी की जाए। सभी बीईओ, बीआरसी सहित संकुल प्राचार्यों को पोर्टल के अंतर को जल्द से जल्द ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। हमारा लक्ष्य है कि डेटा विसंगति दूर हो और जो बच्चे ड्रॉप बॉक्स में हैं, वे भी पोर्टल पर अपडेट हो जाएं। – हरिओम चतुर्वेदी, जिला शिक्षा अधिकारी, ग्वालियर

बिजली बिल नहीं भरा तो थमी लिफ्ट, PM आवास में घंटों फंसे रहे रहवासी

भोपाल कोटरा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनी गंगा नगर मल्टी में नगर निगम की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। रविवार को सी-1 और सी-3 ब्लाक की दोनों लिफ्टें करीब पांच घंटे तक बंद रहीं, जिससे इन ब्लाकों में रहने वाले परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। 9 मंजिला इमारत में रहने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और बीमार लोगों के लिए यह स्थिति बेहद कष्टदायक रही। बिजली कंपनी ने कनेक्शन क्यों काटा सी-1 ब्लॉक के फ्लैट नंबर 602 में रहने वाले परशुराम कुम्हारे ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे अचानक लिफ्ट बंद हो गई। लिफ्ट मेन से जानकारी लेने पर पता चला कि नगर निगम ने बिजली का बिल जमा नहीं किया था, जिसके कारण बिजली कंपनी ने कनेक्शन काट दिया। कुम्हारे ने बताया कि उनकी पत्नी का हाल ही में ऑपरेशन हुआ है और वे स्वयं भी 62 वर्ष के हैं। ऐसे में बार-बार सीढ़ियों से ऊपर-नीचे जाना उनके लिए बेहद मुश्किल भरा रहा।   20 हजार रुपये मेंटेनेंस शुल्क रहवासियों का कहना है कि इस मल्टी में रहने के लिए वे 20 हजार रुपये मेंटेनेंस शुल्क देते हैं और लगभग 29 लाख रुपये में फ्लैट खरीदा है । इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं की यह हालत बेहद निराशाजनक है। लोगों का आरोप है कि यहां रहने वाले नागरिकों को निगम की ओर से कोई ठोस सुविधा नहीं मिल रही है। पजेशन मिलने में देरी अब सुविधाएं नदारद रहवासियों का आरोप है कि पहले पजेंशन देने में निगम ने देरी की और सुविधाएं यहां नदारद हैं। जिन लोगों को पजेशन मिला है। वह लोग यहां आकर बस रहे हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ नहीं है। कुम्हारे ने बताया कि सुबह से लेकर शाम तक शिकायत करने के बाद शाम पांच बजे बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने दोबारा कलेक्शन जोड़ा तब लिफ्ट चालू हुई।  

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस ने रामायण से संबंधित प्रदर्शनी का किया लोकार्पण

भोपाल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने रविवार को जबलपुर के मानस भवन परिसर में रामायण से संबंधित प्रदर्शनी का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनी में लगे विभिन्न चित्रों, मूर्तियों व आलेखों को देखा। उन्होंने श्रीराम के आदर्शों के चित्रण, सनातन संस्कृति तथा अध्यात्मिकता की सराहना की। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा बाल्मीक, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अजय विश्नोई, डॉ. अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, प्रशांत पाल, अखिलेश जैन, रत्नेश सोनकर, प्रख्यात चिकित्सक डॉ. जामदार सहित आयोजक व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। जबलपुर में चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का आयोजन जबलपुर में 2 से 4 जनवरी तक मानस भवन में चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। यह कॉन्फ्रेंस भगवान श्रीराम के आदर्शों को आम जन तक पहुंचाने के साथ आध्यात्मिक और पौराणिकता को अक्षुण्ण बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भगवान श्रीराम के वनवास के दौरान मध्यप्रदेश से गुजरे पथों को चिन्हित करने में मदद मिलेगी, जिससे इन स्थानों का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विकास संभव होगा और पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। आयोजकों द्वारा इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न स्थानों में सुंदरकांड का पाठ निरंतर किया जा रहा है, ताकि धर्ममय वातावरण में यह कार्यक्रम भव्यता के साथ संपन्न हो। गौरतलब है कि वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का पहला कार्यक्रम जबलपुर में 2016 में आयोजित किया गया था।  

महाराष्ट्र शिक्षण मंडल जबलपुर के शताब्दी समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच का संबंध केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संत परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और समाज सुधार की साझी विरासत से जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को जबलपुर में महाराष्ट्र शिक्षण मंडल के शताब्दी वर्ष समारोह को इंदौर से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी विशेष रूप से मौजूद रहे। शिक्षा के क्षेत्र में गौरवशाली इतिहास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्था के 100 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा कि वर्ष 1926 में स्थापित इस संस्था ने आजादी से पहले और बाद में शिक्षा के क्षेत्र में महती भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों के आधार पर बाजीराव पेशवा, शिंदे, होलकर और गायकवाड़ राजवंशों ने मध्यप्रदेश के विकास और संस्कृति के संरक्षण में अहम योगदान दिया है। नई शिक्षा नीति और पीएम एक्सीलेंस कॉलेज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की नई शिक्षा नीति को लागू करने में मध्य प्रदेश अग्रणी राज्यों में से एक है। प्रदेश सरकार ने 55 जिलों में 'पीएम एक्सीलेंस कॉलेज' प्रारंभ किए हैं। साथ ही, पाठ्यक्रमों में लोकनायकों और जननायकों की जीवनियों को शामिल किया गया है, जिससे युवा पीढ़ी प्रेरणा ले सके। उन्होंने बताया कि सरकार ने खरगोन में टंट्या मामा विश्वविद्यालय, गुना में तात्या टोपे विश्वविद्यालय और ग्वालियर में रानी अवंतिबाई विश्वविद्यालय शुरू किये हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के लिए नई पीढ़ी को तैयार करना होगा : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि अब केवल इतिहास पर गर्व करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के लिए नई पीढ़ी को तैयार करना होगा। श्री फडणवीस ने कहा कि यदि महाराष्ट्र शिक्षण मंडल जबलपुर में मराठी भाषा सिखाने के लिए कोई नया उपक्रम या कोर्स शुरू करता है, तो महाराष्ट्र सरकार उसके लिए आवश्यक निधि और पूरा सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की नई शिक्षा नीति में मातृभाषा में शिक्षा, यहां तक कि मेडिकल और इंजीनियरिंग में भी मातृभाषा को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने 'स्वराज्य' के साथ 'स्वधर्म' और 'स्वभाषा' का नारा दिया था। उन्होंने पानीपत के युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि मराठों ने केवल अपने साम्राज्य के लिए नहीं, बल्कि समूचे भारत की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने कहा कि मराठी व्यक्ति कभी संकुचित विचार नहीं रखता बल्कि उसका दृष्टिकोण हमेशा राष्ट्रव्यापी और वैश्विक होता है। उन्होंने संस्था को भविष्य के लिए आगाह करते हुए कहा कि हमने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और कम्युनिकेशन का दौर देखा है, लेकिन अब दुनिया 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' की लहर की ओर बढ़ रही है। इसका शिक्षा क्षेत्र पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने संस्था के पदाधिकारियों का आह्वान किया कि वे अगले 25 से 50 वर्षों की योजना बनाएं और विद्यार्थियों को एआई की चुनौतियों के लिए तैयार करें। श्री फडणवीस ने प्रधानमंत्री के मंत्र 'विकास भी और विरासत भी' का उल्लेख करते हुए कहा कि वही समाज आगे बढ़ता है, जिसे अपनी विरासत पर गर्व होता है। उन्होंने प्रशांत पाल द्वारा लिखित पुस्तकों का जिक्र करते हुए कहा कि अब भारत का सच्चा इतिहास साक्ष्यों के साथ सामने आ रहा है, जो पुरानी भ्रांतियों को तोड़ रहा है। श्री फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में चुनाव की व्यस्तता के बावजूद वे इस कार्यक्रम में शामिल हुए, क्योंकि जहां महाराष्ट्र का नाम और शिक्षण का विषय जुड़ा हो, वहां वे आए बिना नहीं रह सकते। कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र शिक्षण मंडल की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। जबलपुर के विकास की रूपरेखा में श्री फडणवीस का विजनरी योगदान: लोक निर्माण मंत्री सिंह लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि संस्कारधानी जबलपुर के विकास के वर्तमान स्वरूप की नींव रखने में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडणवीस की अहम भूमिका रही है। उन्होंने श्री फडणवीस को एक 'विजनरी' नेता बताया। उन्होंने एक पुराना संस्मरण साझा करते हुए बताया कि जब श्री फडणवीस विधायक थे, तब उन्होंने जबलपुर प्रवास के दौरान देर रात 'बड़ा फुहारा' और 'छोटा फुहारा' जैसी घनी बस्तियों का दौरा किया था। उस समय उन्होंने कहा था कि इच्छाशक्ति हो तो जबलपुर तेजी से आगे बढ़ सकता है। उनके द्वारा सुझाए गए बिंदुओं पर ही शहर के विकास की रूपरेखा तैयार की गई। मंत्री श्री सिंह ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश में अधोसंरचना विकास के लिए वे महाराष्ट्र के नवाचारों का अनुसरण करेंगे और वहां के 'इन्फ्रास्ट्रक्चर मॉडल' का अध्ययन करेंगे।  स्थानीय भाषा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक : परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने अपने संस्मरण साझा करते हुए बताया कि वे स्वयं इस विद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं और यहां उन्होंने 4 महीने तक शिक्षा ग्रहण की है। उन्होंने कहा कि 40-42 साल पहले जबलपुर में अच्छी शिक्षा के लिए महाराष्ट्र हाई स्कूल, क्राइस्ट चर्च और मॉडल स्कूल जैसे कुछ ही प्रतिष्ठित संस्थान थे। उन्होंने नई शिक्षा नीति की सराहना करते हुए कहा कि अब स्थानीय भाषाओं और भारतीय संस्कृति, जैसे रामायण और गीता को भी शिक्षण पद्धति में शामिल किया जा रहा है, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। समारोह में राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीक, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अजय विश्नोई, डॉ. अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, वरिष्ठ समाज सेवी व चिंतक प्रशांत पाल, अखिलेश जैन, नगर अध्यक्ष  रत्नेश सोनकर, प्रख्यात चिकित्सक डॉ. जामदार सहित महाराष्ट्र शिक्षण मंडल के पदाधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी की मन की बात का किया श्रवण

पीएम मोदी ने देश के नागरिकों से बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक दवाएँ न लेने का आहवान भोपाल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के प्रसिद्ध कार्यक्रम मन की बात के 129वें संस्करण को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर जिले के शिप्रा में श्रवण किया। मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2025 में अंतरिक्ष यात्री सुभांशु शुक्ला की सफल वापसी, भारत द्वारा सिन्दूर ऑपरेशन, पुरूष और महिला क्रिकेट टीम द्वारा खिताबी जीत तथा दिव्यांग महिला क्रिकेट टीम का चैम्पियन बनना प्रमुख घटनाएं रही। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि अगले वर्ष 26 जनवरी 2026 को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनायेंगा। हम अपनी विरासत को नहीं भूले। उन्होंने आगे कहा कि देश के नागरिक बिना चिकित्सकीय सलाह के एन्टिबॉयोटिक दवाइयों का सेवन न करें। शासकीय स्वास्थ्य केन्द्र शिप्रा में आयोजित कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल, सांसद शंकर लालवानी, हितानंद शर्मा, रायसिंह सेंधव, श्रवण चावड़ा, सुमित मिश्र, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी  सिद्धार्थ जैन सहित नागरिक मौजूद रहे।  

ग्राम सुजापुर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया पूर्व सांसद स्व. लक्ष्मी नारायण पांडेय की प्रतिमा का अनावरण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को रतलाम जिले के जावरा विधानसभा क्षेत्र के गांव सुजापुर में जावरा विधायक राजेंद्र पांडेय एवं उनके परिवार द्वारा विकसित किए गए स्मृति कुंज में स्थापित मालवा के गांधी के नाम से सुविख्यात जावरा मंदसौर नीमच क्षेत्र के पूर्व सांसद स्व. लक्ष्मी नारायण पांडेय की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। जावरा क्षेत्र के विधायक राजेंद्र पांडेय ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं सभी अतिथियों को साफा पहनाकर पुष्प हारों से स्वागत किया। पांडेय परिवार के सदस्य गणों ने भी अतिथियों का आतमीय स्वागत किया। पूर्व सांसद स्व. लक्ष्मी नारायण पांडेय एवं जावरा के विधायक राजेंद्र पांडे के गृह गांव सुजापुर में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल, मंदसौर जावरा नीमच क्षेत्र के सांसद सुधीर गुप्ता राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर, हितानंद शर्मा, विधायक राजेंद्र पांडे, जावद विधायक ओमप्रकाश सखलेचा, नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार, मनासा विधायक अनिरुद्ध मारू, सुवासरा विधायक एवं पूर्व मंत्री हरदीप सिंह डंग, रतलाम ग्रामीण क्षेत्र के विधायक मथुरा लाल डामोर, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया सहित जनप्रतिनिधि गण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्र के ग्रामीण जन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन महेश सोनी ने किया। प्रदीप उपाध्याय ने आभार माना।  

जातिगत बयानबाजी पर सख्त रुख: IAS अफसरों पर सवाल, मंत्रालय कर्मचारी संघ की CM से हस्तक्षेप की मांग

भोपाल मध्य प्रदेश काडर के आइएएस अधिकारी आचरण नियमों के विपरीत जाकर बयानबाजी कर रहे हैं। इससे सामाजिक वातावरण भी बिगड़ रहा है। आइएएस अधिकारियों की असभ्य बयानबाजी पर रोक लगाकर समुचित कार्रवाई करने की मांग को लेकर मंत्रालय अधिकारी कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव से मांग की है। इस संबंध में संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा सचिव कार्मिक को अभ्यावेदन दिया गया। नायक ने कहा कि बीते कुछ माह से मध्य प्रदेश काडर के आइएएस अधिकारियों द्वारा आचरण नियमों के विपरीत जाकर लगातार असंवैधानिक बयानबाजी की जा रही है, जिससे प्रदेश की जनता में असुरक्षा, भय, भ्रम तथा अविश्वास का वातावरण बन रहा है। उदाहरण देकर की कार्रवाई की मांग नायक ने दिए अभ्यावेदन में कुछ घटनाएं उदाहरण देते हुए बताया कि पदोन्नति नियम 2025 के क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित एवं उच्च स्तरीय शासकीय बैठक में तत्कालीन अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया आरक्षण को बढ़ाने की मांग करने लगे। मीटिंग में मौजूद दो अन्य वरिष्ठ आइएएस अधिकारियों ने उनका समर्थन कर दिया, जबकि कैबिनेट का फैसला हो जाने के बाद उस पर सरकारी मीटिंग में प्रश्न उठाना अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। 23 नवंबर को अजाक्स कर्मचारी संगठन के सम्मेलन में बोलते हुए आइएएस अधिकारी संतोष वर्मा ने कहा कि जब तक कोई ब्राह्मण उनके बेटे को अपनी बेटी दान में नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनवाता, तब तक क्रीमी लेयर लागू नहीं हो सकती। इससे पूरे देश में ब्राह्मण समाज के आंदोलन शुरू हो गए। इसी सम्मेलन में ही आइएएस अधिकारी मीनाक्षी सिंह ने कहा कि जातिवादी होना और जातिवादी मानसिकता रखना आज के वक्त की मांग है और हमें जातिवादी होना चाहिए। उन्होंने आइएएस आचरण नियमों के तहत समुचित कार्रवाई की कार्रवाई की मांग की है।

गाड़ियों पर नकली HSRP लगाने वालों की अब खैर नहीं, परिवहन विभाग की कड़ी निगरानी शुरू

भोपाल अगर आप अपने वाहन पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगवाने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। सड़क किनारे की दुकानों या अनाधिकृत वेंडर्स से नंबर प्लेट लगवाना आपको कानूनी पचड़े में डाल सकता है। मध्य प्रदेश परिवहन विभाग ने प्रदेश में चल रहे नकली एचएसआरपी के फर्जीवाड़े को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ग्वालियर स्थित परिवहन आयुक्त कार्यालय ने प्रदेश के सभी क्षेत्रीय आरटीओ, अतिरिक्त क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि बाजार में नकली नंबर प्लेट बनाने व बेचने वालों पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए। नियम विरुद्ध काम करने वालों पर कसेगा शिकंजा परिवहन विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ असामाजिक तत्व और निजी दुकानदार अवैध रूप से हूबहू असली जैसी दिखने वाली 'नकली हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट' बनाकर वाहनों पर लगा रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 50 और 51 के तहत यह दंडनीय अपराध है। प्रदेश में एचएसआरपी लगाने का अधिकृत कार्य केवल वाहन विनिर्माताओं (ओईएमएस) के अधिकृत डीलरों द्वारा ही किया जा रहा है। अब यदि कोई अनाधिकृत व्यक्ति ऐसी प्लेट बनाते या बेचते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।   पंजीयन पुस्तिका से मिलान अनिवार्य वाहन स्वामी को परिवहन विभाग की वेबसाइट (http://vahan.parivahan.gov.in) से अपनी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) का नया प्रिंट लेना होगा। आरसी पर अंकित 'लेजर कोड' का मिलान वाहन पर लगी नंबर प्लेट के लेजर कोड से करना अनिवार्य है। पुराने वाहनों की यह है प्रक्रिया विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, एक अप्रैल 2019 या उसके बाद खरीदे गए वाहनों पर डीलर द्वारा बिक्री के समय ही प्लेट लगाई जाती है। लेकिन एक अप्रैल 2019 से पूर्व निर्मित पुराने वाहनों के लिए वाहन मालिकों को खुद पहल करनी होगी। इसके लिए वाहन स्वामी को 'एसआईएएम' के आधिकारिक पोर्टल (https://www.siam.in) पर जाकर 'बुक एचएसआरपी' लिंक के जरिए आनलाइन स्पाट बुक करना होगा। डीलर का चयन : वाहन मालिक अपनी सुविधा अनुसार अपने नजदीकी डीलर का चयन कर सकते हैं। ऑनलाइन भुगतान : प्लेट लगवाने हेतु शुल्क का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा। नकद राशि का भुगतान किसी भी स्थिति में मान्य नहीं होगा।