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मेपकास्ट द्वारा प्रदेश के 170 से अधिक संस्थानों में मनाया जाएगा राष्ट्रीय गणित दिवस

प्रदेश की वैज्ञानिक पहचान होगी अधिक सशक्त भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन जिले का ऐतिहासिक डोंगला पुनः भारतीय ज्ञान परंपरा, खगोल विज्ञान एवं गणितीय अनुसंधान के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।डोंगला प्राचीन काल से ही समय-गणना, सूर्य गति, पंचांग निर्माण और गणना का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।यहाँ से काल-गणना, ऋतु परिवर्तन तथा खगोलीय घटनाओं का सटीक अध्ययन किया जाता रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार इस ऐतिहासिक एवं वैज्ञानिक विरासत को पुनर्जीवित करने की दिशा में सतत प्रयास कर रही है।डोंगला को गणना, खगोल और वैज्ञानिक चेतना के केंद्र के रूप में विकसित करने का यह प्रयास प्रदेश की वैज्ञानिक पहचान को और अधिक सशक्त बनाएगा। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा राष्ट्रीय गणित दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में गणित के महत्व को रेखांकित करने के लिए विविध जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इसका मुख्य कार्यक्रम उज्जैन जिले के डोंगला में सोमवार 22 दिसम्बर को होगा। इसमें ‘’भारत की वैदिक गणित परंपरा” विषय पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यशाला में प्रदेश एवं देश के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञ, शोधार्थी, शिक्षाविद् एवं शिक्षक शामिल होंगे।इसमें वैदिक गणित की वैज्ञानिकता, आधुनिक गणित से उसका संबंध तथा शिक्षा में इसके अनुप्रयोग पर गहन विमर्श किया जाएगा।कार्यशाला के दौरान सहभागी सूर्य के उत्तरायण होने के खगोलीय क्षण के साक्षी भी बनेंगे, जो भारतीय ज्योतिष, गणित और खगोल विज्ञान की समृद्ध परंपरा से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ने का एक दुर्लभ एवं प्रेरक अनुभव प्रदान करेगा। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा प्रदेश के लगभग 38 जिलों में 170 से अधिक विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, वैज्ञानिक संस्थाओं, स्वैच्छिक संगठनों एवं विद्यालयों में गणित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इन कार्यक्रमों के अंतर्गत व्याख्यान, प्रतियोगिताएं, संवाद सत्र एवं प्रदर्शनियां आयोजित होंगी। विद्यार्थियों और आमजन तक गणित की उपयोगिता, तार्किक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पहुंचाने में स्वैच्छिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय गणित दिवस 22 दिसम्बर को महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य युवाओं में गणित के प्रति रुचि बढ़ाना, तार्किक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना तथा यह संदेश देना है कि गणित देश के वैज्ञानिक, तकनीकी और आर्थिक विकास की सशक्त आधारशिला है।  

स्वच्छता का सिंहासन बरकरार रखने की कवायद, इंदौर को 9वीं बार नंबर-1 बनाने महापौर ने की मैदानी समीक्षा

इंदौर स्वच्छता में लगातार आठ वर्षों से देशभर में सिरमौर बने इंदौर ने एक बार फिर स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में शहर को स्वच्छता के क्षेत्र में निरंतर अग्रणी बनाए रखने और इसे और सशक्त करने के उद्देश्य से रविवार सुबह महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जोन तीन अंतर्गत रामबाग लोखंडे पुल के पास क्षेत्रीय सफाई मित्रों के साथ आत्मीय संवाद किया। चाय एवं पोहा पर स्वच्छता व्यवस्था को लेकर चर्चा महापौर ने सफाई मित्रों के साथ चाय एवं पोहा पर स्वच्छता व्यवस्था को लेकर चर्चा की और उनसे सुधार के सुझाव भी मांगे। इस दौरान सफाई व्यवस्था को बनाए रखने में आ रही व्यवहारिक चुनौतियों और आवश्यक सुधारों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय पार्षद सुरेश टाकलकर, गजानंद गावडे, जोनल अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, सीएसआई सहित बड़ी संख्या में सफाई मित्र उपस्थित रहे। सफाई मित्रों का आभार महापौर ने सफाई मित्रों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे इंदौर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके समर्पण, मेहनत और अनुशासन के कारण ही इंदौर लगातार देश में स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने सफाई मित्रों से अपने अनुभव साझा करने का आग्रह किया और आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जाएगा।

आमजन से जुड़ा बजट: 22 दिसंबर को सामाजिक न्याय संचालनालय में ‘बजट पर संवाद’ कार्यक्रम

भोपाल  वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये बजट तैयारी के संबंध में 'बजट पर संवाद' 22 दिसम्बर को सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग कल्याण संचालनालय भोपाल में सुबह 10:30 बजे से होगा। बजट पर संवाद में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों के साथ चर्चा कर आगामी बजट को अधिकाधिक जनोपयोगी और प्रभावशाली बनाए जाने के लिए बहुमूल्य सुझाव प्राप्त करेंगे। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूर्ण करने में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में कृत संकल्पित है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए और आम जनता से जुड़ी हुई विभिन्न सुविधाओं को प्रदान करने के लिए उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा के निर्देशन में वित्त विभाग बजट की तैयारी कर रहा है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, ग्रामीण- विकास, जनजाति, आर्थिक एवं वाणिज्यिक, जेंडर बजट, पर्यावरण के विशेषज्ञों से सुझाव प्राप्त करने के लिये बजट पर संवाद किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा ग़रीब,किसान, युवा, नारी शक्ति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह लगातार पाँचवाँ वर्ष है जब 'बजट पर संवाद' आयोजित किया जा रहा है। 'बजट पर संवाद' कार्यक्रम में बैंकिंग, अर्थशास्त्र, वित्त आयोग, उद्योग क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों जैसे कृषि, उद्यान, चिकित्सा, चार्टर्ड एकाउंटेंसी, फिल्म, में सफलता पूर्वक कार्य कर रहे हितधारकों को भी सुझाव देने के लिये आमंत्रित किया जा रहा है। आम जनता से समाचार पत्रों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (https://mp.mygov.in/group-issue/mpbudget/), दूरभाष (0755-2700800), ई-मेल (budget.mp@mp.gov.in) व पत्राचार के माध्यम से उनके सुझाव प्राप्त किए गए हैं। इससे विकास की राह पर निरंतर आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश के आगामी बजट में अपने सुझावों के माध्यम से सहभागिता निभाकर प्रदेश की प्रगति और समृद्धि में आम जनता भी अपना योगदान दे सकेगी।  

शहडोल से दर्दनाक खबर: MBBS फाइनल ईयर की छात्रा ने लगाई फांसी, तनाव में होने की आशंका

शहडोल बिरसा मुंडा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में अध्ययनरत एमबीबीएस फाइनल ईयर की छात्रा ने रविवार सुबह घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना शनिवार सुबह करीब चार बजे की बताई जा रही है। प्रारंभिक तौर पर आत्महत्या का कारण मानसिक तनाव माना जा रहा है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस का क्या कहना पुलिस के अनुसार मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत 25 वर्षीय छात्रा शिखा बैगा, पिता सोहनलाल बैगा, की मौत फांसी लगाने से हुई है। रविवार सुबह जब उसकी बहन कमरे में पहुंची तो शिखा को फांसी के फंदे पर लटका देखा। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने छात्रा के कमरे से मोबाइल और टैबलेट जब्त किए हैं। जांच में सामने आया है कि छात्रा ने अपने ही नंबर पर एक संदेश टाइप किया था, जिसमें उसने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए अगले जन्म में भी उन्हें माता-पिता बनाने की बात लिखी है। संदेश में पढ़ाई को लेकर मानसिक उलझन और तनाव का उल्लेख भी किया गया है। पुलिस इन्हीं तथ्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है। हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी बताया गया कि शिखा मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी। रविवार को अवकाश होने के कारण वह शनिवार दोपहर पिता के साथ घर आई थी। इससे पहले करीब दो माह पूर्व कॉलेज में भी उसने आत्महत्या का प्रयास किया था। उस समय रूममेट्स की सूचना पर कॉलेज प्रबंधन ने हस्तक्षेप कर उसकी काउंसलिंग कराई थी और स्वजनों को भी अवगत कराया था। शिखा के पिता सोहनलाल बैगा रेलवे में लोको पायलट के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पांच बेटियां हैं, जिनमें शिखा दूसरे नंबर की थी। मेडिकल कॉलेज वालों ने क्या कहा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. गिरीश बी. रामटेक ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की छात्रा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की है। यह अत्यंत दुखद है। छात्रा ने हॉस्टल में पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसकी काउंसलिंग और उपचार कराया जा रहा था, लेकिन यह अनुमान नहीं था कि वह ऐसा कदम उठा लेगी। जांच जारी कोतवाली थाने में पदस्थ उप निरीक्षक उपेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया है। आत्महत्या का कारण अभी अज्ञात है। मर्ग कायम कर विवेचना की जा रही है। छात्रा के मोबाइल में टाइप किए गए संदेशों की भी जांच की जा रही है।

वीडियो वायरल: रीवा में अवैध वसूली का आरोप, ट्रक ड्राइवर ने RTO कर्मचारी को चलती गाड़ी में खिड़की से लटकाया

रीवा हनुमना बॉर्डर पर आरटीओ विभाग की कथित अवैध वसूली के खिलाफ एक ट्रक ड्राइवर का गुस्सा इस कदर फूटा कि उसने वसूली करने वाले व्यक्ति को ट्रक से लटकाकर कई किलोमीटर तक गाड़ी दौड़ाई। इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो में शख्स ट्रक की खिड़की पर लटककर जान की भीख मांगता और पैर पड़ता नजर आ रहा है, जबकि ड्राइवर उसे रीवा तक ले जाने की बात कह रहा है। ट्रक ड्राइवर ने आरटीओ कर्मी को खिड़की पर लटकाकर दौड़ाया ट्रक ट्रक ड्राइवर का आरोप है कि आरटीओ कर्मी नाके पर अवैध वसूली के नाम पर लगातार परेशान किया जा रहा था। वीडियो सामने आने के बाद आरटीओ विभाग और मऊगंज जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि यह वीडियो कब का है इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। परंतु ट्रक में बैठे ड्राइवर और खलासी स्पष्ट रूप से यह बोल रहे हैं कि तुम्हें मऊगंज से रीवा तक ले जाएंगे। इंटरनेट मीडिया में वीडियो सामने आया है मामले की जांच के लिए आरटीओ रीवा को लिखा गया है जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। संजय जैन कलेक्टर मऊगंज।

बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, संस्कार और आत्मविश्वास जरूरी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बच्चों को शिक्षित, संस्कारित बनाने के साथ ही उनमें आत्मविश्वास की भावना जागृत करने की जरूरत है जिससे यह बच्चे आगे चलकर देश को आर्थिक महाशक्ति तक पहुंचाने में अपनी भूमिका का निर्वहन कर सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल रीवा के निजी विद्यालय के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि बच्चों द्वारा दी गई प्रस्तुतियाँ यह दर्शाती हैं कि उनमें कितनी प्रतिभा है। उन्होंने कहा कि यह बच्चे ऐसे समय के विद्यार्थी हैं जब देश काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन्हीं बच्चों को ही 2047 में जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा तब विश्वगुरू बनकर देश का नेतृत्व करने में अपना योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों द्वारा दी गई प्रस्तुतियाँ उनके आत्मविश्वास को प्रदर्शित कर रहीं थीं। बच्चों को गढ़ने में अध्यापक की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। बच्चों में दया, करूणा व परोपकार के भाव जागृत करें जिससे यही बच्चे समाज में अपना उत्कृष्ट स्थान बना सकें। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वह धैर्य रखकर अपने मंजिल की तरफ बढ़ें। कार्यक्रम में नगर निगम के अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि विद्यालय के अध्यापक, विद्यार्थी तथा उनके परिजन उपस्थित रहे।  

जहर के ‘तड़के’ ने उजाड़ा परिवार, पन्ना में अंधविश्वास के चलते 5 लोगों की हालत गंभीर

पन्ना बुंदेलखंड के हिस्सों में शिक्षा की कमी कहे या स्वस्थ व्यवस्था पर लोगो का विश्वास ना करना या फिर यूं कहें अंधविश्वास की जड़ें समाज में इतनी गहरी हो चूंकि हैं, की फिर से एक मामले ने इस चर्चा को हवा दी है जिसकी यह खौफनाक तस्वीर सामने आई है मध्य प्रदेश के पन्ना से। यहां एक ही परिवार के पांच लोग मौत के मुंह में जाते-जाते बचे। ​मामला धरमपुर जमुनिया गांव का है, जहां रात के खाने में 'कुदवा की रोटी' और 'चने की भाजी' खाना एक परिवार को भारी पड़ गया। झाड़फूंक काम नहीं आई खाना खाते ही राजकुमार, हरिराम, रिंकी, अनामिका और छोटे आदिवासी को तेज उल्टियां और चक्कर आने लगे। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि चीख-पुकार मचने के बाद परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय पूरी रात घर पर झाड़फूंक करवाते रहे। जब हालत नाजुक हो गई और झाड़फूंक काम नहीं आई, तब ग्रामीणों की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुन्नौर ले जाया गया।   डॉक्टरी इलाज ही बचा सकता है जान डॉक्टरों ने इसे गंभीर फूड पॉइजनिंग बताया है। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को आज जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया गया है। फिलहाल डॉक्टर उनकी जान बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं। यह घटना सबक है कि बीमारी में दुआ और झाड़फूंक नहीं, बल्कि सही समय पर डॉक्टरी इलाज ही जान बचा सकता है। रात में कुदवा की रोटी ओर चना की भाजी खाई थी जिसके बाद तवियत बिगड़ गई आगा की कुछ बाहरी भीतरी हो गया है इस लिए खबर में ही पहले झाड़ फूक करवा ली जब तवियत सही नही हुई तो पहले गुन्नौर लेकर गए बाद में पन्ना आए।   

विश्व ध्यान दिवस पर मध्यप्रदेश पुलिस की ऐतिहासिक सहभागिता

2800 केंद्रों से 50 हजार से अधिक पुलिसकर्मी सामूहिक ध्यान से जुड़े भोपाल  विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर 21 दिसंबर को हार्टफुलनेस फाउंडेशन के सहयोग से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा एक व्यापक एवं अनुकरणीय सामूहिक ध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ध्यान सत्र के शुभारंभ अवसर पर हार्टफुलनेस प्रशिक्षकों एवं समन्वयकों की उपस्थिति में ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस सत्र में प्रदेश के सभी जिलों के थानों में पदस्थ पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु प्रत्येक जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया, जबकि प्रत्येक थाने में पुलिस समन्वयक निर्धारित किए गए थे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रातः 10:00 बजे से 11:15 बजे तक रिलैक्सेशन, गाइडेड ध्यान एवं आत्मावलोकन सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण हार्टफुलनेस मुख्यालय कान्हा शांतिवनम, हैदराबाद से किया गया। विश्व स्तर पर आयोजित इस ध्यान सत्र में लगभग एक करोड़ लोगों ने सहभागिता की, जिसमें मध्यप्रदेश पुलिस के 2800 केंद्रों से 50 हजार से अधिक पुलिसकर्मी जिला, थाना एवं बीट स्तर तक ज़ूम माध्यम से जुड़े। यह मध्यप्रदेश पुलिस के लिए न केवल एक अभूतपूर्व सहभागिता रही, बल्कि पुलिस कल्याण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान भी स्थापित हुआ। साप्ताहिक ध्यान कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देशानुसार 21 दिसंबर 2025 से प्रदेश के सभी पुलिस थानों में साप्ताहिक ध्यान कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश पुलिस एवं हार्टफुलनेस संस्था के मध्य फरवरी 2025 में हुए एमओयू के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत पुलिसकर्मियों को निःशुल्क ध्यान प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। थाना, यातायात, महिला थाना, अजाक, अपराध शाखा सहित सभी इकाइयों में प्रत्येक रविवार को नियमित ध्यान सत्र आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान हार्टफुलनेस फाउंडेशन के प्रणेता एवं वैश्विक आध्यात्मिक मार्गदर्शक पूज्य दाजी द्वारा मध्यप्रदेश पुलिस में साप्ताहिक ध्यान को सुदृढ़ करने की दिशा में 1200 रिलैक्सेशन एवं मेडिटेशन सेंटर्स को पुलिस थानों एवं पुलिस लाइनों में प्रारंभ करने की घोषणा की गई। ऑनलाइन सामूहिक ध्यान सत्र 21 दिसंबर को शुभारंभ के अवसर पर हार्टफुलनेस प्रशिक्षकों एवं समन्वयकों की उपस्थिति में ऑनलाइन माध्यम से सामूहिक ध्यान सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रातः 9:30 बजे से सत्रबद्ध रूप से मार्गदर्शन, ध्यान प्रक्रिया की सरल विधियां, रिलैक्सेशन अभ्यास, कान्हा शांतिवनम से लाइव ध्यान सत्र, माननीय मुख्यमंत्री का प्रेरक संदेश तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में पुलिस मुख्यालय से उप पुलिस महानिरीक्षक श्री विनीत कपूर (PSO To DGP) द्वारा ध्यान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उन्होंने ध्यान को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा से जोड़ते हुए इसके ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहलुओं की व्याख्या की। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि नियमित ध्यान किस प्रकार पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता, मानसिक संतुलन, निर्णय क्षमता एवं तनाव प्रबंधन में सहायक सिद्ध होता है। वैश्विक निःशुल्क ऑनलाइन ध्यान सत्र विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर आज रात्रि 8:00 बजे, हार्टफुलनेस के ग्लोबल गाइड पूज्य श्री दाजी द्वारा 20 मिनट का निःशुल्क वैश्विक ऑनलाइन ध्यान सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक एवं पुलिसकर्मियों सहभागिता करेंगे। मानसिक सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम यह सामूहिक ध्यान कार्यक्रम पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, आत्मसंयम एवं सकारात्मक सोच को सुदृढ़ करने की दिशा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ है। ध्यान एवं आत्मावलोकन से पुलिसकर्मियों में कार्यक्षमता, निर्णय क्षमता एवं मानवीय संवेदनशीलता में वृद्धि होती है, जो प्रभावी, संवेदनशील एवं जनोन्मुखी पुलिसिंग की आधारशिला है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा इस प्रकार के आयोजनों से यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश पुलिस न केवल कानून-व्यवस्था के दायित्वों के प्रति प्रतिबद्ध है, बल्कि अपने बल के मानसिक, भावनात्मक एवं नैतिक सशक्तिकरण के लिए भी सतत प्रयासरत है।  

120 चिकित्सकों-वैद्यों ने 400 से अधिक मरीजों को दिया निःशुल्क परामर्श

भोपाल  अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के पांचवें दिन रविवार को कॉन्फ्रेन्स हॉल में केता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मेलन में प्रदेश की विभिन्न प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के प्रबंधक, वन-धन केन्द्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया एवं उनके क्षेत्रों में संग्रहित लघु वनोपजों जैसे- आंवला, अमलतास फली, भृंगराज, पचांग, मुई आंवला, हर्रा कचरिया, भिलावा, गिलोय, बायबडंग, नागरमोथा, गोरखमुण्डी, हिंगोट, देवदाली, बेलगूदा, पलाश गोंद, कटसरैया इत्यादि की उपलब्धता की जानकारी दी गई। वन मेले में अब तक 1 करोड़ रूपये से अधिक के हर्बल औषधियों और वन उत्पादों की बिकी हो चुकी है। अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में पांचवें दिन आयोजित क्रेता विक्रेता सम्मेलन में मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ की एमडी डॉ. समीता राजोरा ने बताया कि वनोपज सहकारी समितियों और वन-धन केन्द्रों के प्रतिनिधियों द्वारा दि गई जानकारी के आधार पर लघु वनोपज प्रसंस्करण केन्द्र उच्च गुणवत्ता की औषधियों के क्रय का अनुबंध किया जायेगा। सम्मेलन में मुख्य वन संरक्षक श्री अशोक कुमार, प्रबंधक लघु वनोपज संघ श्रीमती नेहा श्रीवास्तव एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती गीतांजली जे. उपस्थित रहीं । अंतर्राष्ट्रीय वन मेले की लोकप्रियता अब चरम पर पहुंच गई है। राजधानी के साथ ही आस-पास के क्षेत्रों से आने वाले सैलानियों के लिये यह मेला और यहां उपलब्ध आयुर्वेदिक उत्पादों के प्रति रुझान स्पष्ट झलक रहा है। विंध्य हर्बल एम.एफ.पी. पार्क द्वारा निर्मित शहद, च्यवनप्राश, त्रिफला, अर्जुन चाय और अन्य स्वास्थ्यवर्धक औषधियों की अब तक 4 लाख रुपये से अधिक की बिक्री हो चुकी है। प्रदर्शनी की भव्यता एवं इनके द्वारा तैयार किये गये गुणवत्ता युक्त नवीन उत्पादों व उत्पादों की नवीन पैकिंग देखकर इन्हें खरीदने में आगंतुकों ने खासी रूचि दिखाई। रविवार को आयोजित निःशुल्क चिकित्सा शिवरों में जांच एवं उपचार के लिये आयुर्वेद चिकित्सकों एवं नाड़ी वैद्यों से परामर्श के लिये बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। मेला प्रबंधन द्वारा बुजुर्गों एवं चलने में असमर्थ व्यक्तियों के लिए व्हील चेयर एवं गोल्फ कार्ट की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिसकी सराहना की जा रही है। निःशुल्क चिकित्सा परामर्श के लिये स्थापित ओ.पी.डी. में 120 आयुर्वेदिक चिकित्सकों एवं नाड़ी वैद्यों ने 400 से अधिक मरीजों को निःशुल्क परामर्श देकर लाभान्वित किया। निःशुल्क ओ.पी.डी. आने वाले दिनों में भी मेला अवधि में जारी रहेगी। रविवार को वन मेले में शालेय विद्यार्थियों के एकल और समूह नृत्य प्रतियोगिता में 11 विद्यालयों के 117 विद्यार्थियों ने भाग लिया। दोपहर बाद सैलानियों न कठपुतली शो, पंजाबी भांगडा, ऑर्केस्ट्रा का आनन्द लिया और शाम 7.00 बजे से सुप्रसिद्ध प्ल बैंक सिंगर श्री नीरज श्रीधर, बॉम्बे वाइकिंग्स की मनोरंजन से भरपूर म्यूजिकल प्रस्तुति हुई। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को लघु वनोपज संघ की एमडी डॉ. समीता राजोरा ने पुरस्कार प्रदान किये। सोमवार 22 दिसम्बर के कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में पूर्वान्ह 10.30 से 3.00 बजे तक विद्यार्थियों की इन्स्ट्रुमेंटल म्यूजिक की प्रस्तुति और अपरान्ह 3.00 से 3.45 बजे तक लोकसंगीत की प्रस्तुति होगी। अपरान्ह 3.00 से 5.00 बजे तक आयुर्वेदिक चिकित्सकों, पारम्परिक वैद्यों और फील्ड अधिकारियों के साथ परिचर्चा आयोजित की जायेगी। अपरान्ह 4.30 से 6.30 बजे तक बायोडायवर्सिटी बोर्ड द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता, चित्रांशु म्युजिक ऑर्केस्ट्रा और सायं 7.00 से 10.00 बजे तक विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जायेगी।  

मानसिक स्वास्थ्य और ध्यान आधारित पुलिसिंग की नई दिशा

डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा को प्रथम ‘हार्टफुलनेस चेंज मेकर अवार्ड’ भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस में मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन एवं संवेदनशील पुलिसिंग को सुदृढ़ करने की दिशा में किए गए दूरदर्शी प्रयासों के लिए पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा को हार्टफुलनेस संस्था द्वारा ‘प्रथम हार्टफुलनेस चेंज मेकर अवार्ड’ से सम्मानित करने की घोषणा की गई। यह घोषणा हैदराबाद स्थित कान्हा शांतिवनम में आयोजित भव्य समारोह में भारत के माननीय उपराष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति में की गई। डीजीपी श्री मकवाणा का मानना है कि एक सशक्त एवं प्रभावी पुलिस बल की नींव सशक्त और संतुलित मन पर आधारित होती है। उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश पुलिस ने न केवल दशकों से चली आ रही नक्सल समस्या के उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की, बल्कि ‘नशे से दूरी है जरूरी’ जैसे व्यापक सामाजिक अभियानों को भी प्रभावी रूप से जन-आंदोलन का स्वरूप दिया। इन प्रयासों के लिए मध्यप्रदेश पुलिस को पूर्व में ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। हार्टफुलनेस मेडिटेशन से पुलिसिंग में सकारात्मक परिवर्तन पुलिसकर्मियों के बढ़ते कार्यभार, तनावपूर्ण परिस्थितियों एवं मानसिक दबाव को दृष्टिगत रखते हुए वर्ष 2022 से मध्यप्रदेश पुलिस में हार्टफुलनेस मेडिटेशन को अपनाया गया। इस पहल को सुदृढ़ करने के लिए फरवरी 2025 में हार्टफुलनेस संस्था के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी किया गया। बेहतर निर्णय क्षमता और बदलती छवि डीजीपी श्री मकवाणा ने ध्यान और रिलैक्सेशन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चुनौतीपूर्ण पुलिस सेवा में इमोशनल इंटेलिजेंस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे शांत जल में गहराई तक सब कुछ स्पष्ट दिखाई देता है, उसी प्रकार स्थिर और संतुलित मस्तिष्क ही सही और समयबद्ध निर्णय लेने में सक्षम होता है। इस पहल के सकारात्मक परिणाम धरातल पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। वर्तमान में प्रदेशभर में लगभग 800 हार्टफुलनेस प्रशिक्षक सक्रिय हैं तथा पुलिस विभाग अपने इन-हाउस प्रशिक्षक भी तैयार कर रहा है। इससे पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है तथा समाज में पुलिस के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है। यह तकनीक पुलिसकर्मियों के साथ-साथ उनके परिवारों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी सिद्ध हो रही है। राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल बनने की दिशा में पहल मानसिक शांति, अनुशासन और संवेदनशीलता आधारित यह प्रयोग संभवतः देश में अपनी तरह का पहला प्रयास है, जिसमें इतने बड़े स्तर पर किसी पुलिस बल द्वारा ध्यान को संस्थागत रूप से अपनाया गया है। यह पहल भविष्य में एक राष्ट्रीय मॉडल के रूप में उभरने की क्षमता रखती है। आईजी प्रशासन श्री रुचिवर्धन मिश्रा के अनुसार योग एवं ध्यान के माध्यम से पुलिस बल के तनाव को कम कर उनके शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक संतुलन को सशक्त करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। वर्तमान में प्रदेश के सभी प्रशिक्षण संस्थानों में नवआरक्षकों को नियमित रूप से मेडिटेशन कराया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम स्वरूप कार्य के प्रति उनकी अभिवृत्ति में सुधार एवं सामान्य तनाव स्तर में कमी देखी जा रही है।