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सागर जिले में सभी जर्जर स्कूल एवं अन्य भवन गिराने की कार्रवाई की जा रही है

अब तक 300 से अधिक जर्जर भवन गिराए गए भोपाल  सागर ज़िले में जर्जर स्कूल एवं अन्य भवनों को गिराकर नए भवन बनाने की कार्रवाई तेज़ी से की जा रही है। कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने विगत दिवस स्कूल शिक्षा विभाग के प्राचार्य की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि जिले में कोई भी स्कूल भवन सहित अन्य भवन क्षतिग्रस्त जर्जर नहीं हो इसके लिए तत्काल कार्रवाई कर दो दिवस में क्षतिग्रस्त भवनों को गिराया जाए। कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के निर्देश के बाद जिले के सभी जर्जर स्कूल भवन एवं अन्य भवन को गिराने की कार्रवाई युद्ध स्तर पर की गई। एक दिन में लगभग 50 से अधिक स्कूल भवन सहित अन्य भवनों को गिराया गया। कलेक्टर ने कहा कि कोई भी स्कूल भवन क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में उस भवन में स्कूल संचालित नहीं होना चाहिए। जिले के शिक्षा, राजस्व एवं नगरीय निकाय के अधिकारी और स्कूल के प्राचार्य यह सुनिश्चित करें कि किसी भी विद्यालय का भवन जर्जर स्थिति में हो, उसे तत्काल गिरा दिया जाए। कलेक्टर ने कहा कि कोई भी घटना होने पर संबंधित क्षेत्र के अधिकारी, स्कूल प्रबंधन, मकान मालिक दोषी होंगे। सभी स्कूल के प्राचार्य, भवन गिराने के बाद इसका प्रमाण पत्र संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे, जिसे सूचीबद्ध कर जिला शिक्षा अधिकारी प्रस्तुत करेंगे। कलेक्टर के निर्देश पर सागर, रहली, खुरई, राहतगढ, माल्थोन, देवरी में स्कूल भवन सहित अन्य भवनों को गिराने की कार्रवाई की गई है। नगर निगम क्षेत्र में भी नगर निगम के द्वारा अनेक जर्जर भवनों को जो कि चिन्हित किए गए थे, उनको गिराने की कार्रवाई की जा रही है। इसी प्रकार सभी नगरीय निकायों में भी यह कार्रवाई की जा रही है। अब तक जिले में 300 से अधिक भवनों को गिराने की कार्रवाई की गई है।  

रीवा में खौफनाक वारदात: मां और दादा के संबंधों ने छीना विवेक, पोते ने अंजाम दी हत्या

रीवा मध्य प्रदेश के रीवा जिले के बिछिया थाना क्षेत्र में एक दिन पूर्व हुई 80 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या की मुख्य वजह ससुर और बहू के बीच अवैध संबंध थे। अपने दादा और मां को आपत्तिजनक स्थिति में देखकर नाती (पोता) इस कदर आगबबूला हुआ कि उसने अपने ही दादा की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म कबूल कर लिया है। अवैध संबंधों के चलते हुआ विवाद पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी ने बताया कि उसके चचेरे दादा और उसकी मां के बीच लंबे समय से अवैध संबंध थे। आरोपी के पिता ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उसकी पत्नी के अपने चाचा ससुर के साथ संबंध थे। पीड़ित पति ने अपने चाचा को पहले भी घर आने-जाने से मना किया था, लेकिन वह पति की शराब की लत का फायदा उठाकर घर आता था और पत्नी के साथ अनैतिक कृत्य करता था।   आपत्तिजनक स्थिति में देख खोया आपा घटना वाले दिन यानी शनिवार को ससुर और बहू ने साथ बैठकर शराब पी। इसके बाद जब आरोपी बेटा घर पहुंचा, तो उसने अपनी मां और दादा को कमरे के भीतर आपत्तिजनक स्थिति में पाया। यह देखकर वह अपना आपा खो बैठा और आवेश में आकर दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान गंभीर चोटें आने के कारण 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान के निर्देश पर कोतवाली सीएसपी राजीव पाठक और बिछिया थाना प्रभारी मनीषा उपाध्याय के नेतृत्व में इस मामले की जांच की गई। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, जिसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में महिला ने भी अपनी गलती स्वीकार की और उसे पछतावा था, लेकिन कानूनन हत्या का दोषी उसका पुत्र पाया गया। न्यायालय में पेशी और जेल रिश्तों को शर्मसार कर देने वाले इस मामले में पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज किया है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को आज न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। यह पूरी घटना बिछिया थाना क्षेत्र के बदरांव इलाके की है, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है।

स्व. अटलजी के विराट व्यक्तित्व, उच्च आदर्शों एवं दूरदर्शी नेतृत्व से मिलती है प्रेरणा : राज्यपाल मंगुभाई पटेल

स्व. अटल बिहारी वाजपेयी राष्ट्रनीति के शिखर पुरुष, राजनीति के अजातशत्रु और भारतीय लोकतंत्र की मर्यादा के प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उपराष्ट्रपति, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने चार विद्वानों को ‘अटल अलंकरण’ से किया सम्मानित भोपाल उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि स्व. श्री अटलजी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार और मिशन थे। उनके कर्म, आदर्श और सुशासन की दृष्टि आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक प्रकाश हैं। वे रविवार को इंदौर में आयोजित भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्व. श्री अटल जी का जीवन ऐसे ग्रंथ की भाँति था, जिसका प्रत्येक पृष्ठ नैतिकता, उत्कृष्टता और राष्ट्रधर्म की राह दिखाता है। स्व. श्री अटल जी केवल राजनेता नहीं थे, बल्कि वे कवि, चिंतक, अद्भुत नेतृत्व गुणों से संपन्न, विनम्र, संवेदनशील और स्वाभिमानी राष्ट्रभक्त थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्व. श्री अटलजी का जीवन विचारों की दृढ़ता, राष्ट्रधर्म और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उनका व्यक्तित्व ऐसा था जिसने हर काल और हर युग में भारतीय राजनीति को दिशा दी। उनकी राजनीतिक यात्रा भारतीय लोकतंत्र की प्रेरक गाथा है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जन्म जयंती वर्ष के अवसर पर इंदौर में ‘शून्य से शतक’ कार्यक्रम का गरिमामय रूप से आयोजन किया गया। इस गरिमामय समारोह में देश के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चार प्रतिष्ठित विद्वानों को ‘अटल अलंकरण’ से अलंकृत किया। उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि मां अहिल्या की पावन धरती पर आकर उन्हें विशेष प्रसन्नता है। उन्होंने अटल फाउंडेशन के मंच से स्व. श्री अटल जी के जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटल जी संवाद, समावेशी विकास और मानवीय सुशासन में विश्वास रखते थे। सांसद, कवि और प्रधानमंत्री—हर भूमिका में उन्होंने सार्वजनिक विमर्श को गरिमा दी और सिद्ध किया कि राजनीति सिद्धांतनिष्ठ और करुणामय हो सकती है। उन्होंने अटल सरकार की प्रमुख उपलब्धियों प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, दिल्ली मेट्रो, नए राज्यों का गठन (झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड) तथा पोखरण परमाणु परीक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने आधुनिक भारत की नींव मजबूत की। उपराष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन ने कहा कि स्व. श्री अटल जी की विरासत को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं और देश को विकसित भारत–2047 के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटल जी भले हमारे बीच शारीरिक रूप से न हों, लेकिन उनके आदर्श सदैव हमारे हृदयों में जीवित रहेंगे और राष्ट्र को दिशा देते रहेंगे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल का प्रेरक संबोधन राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने अटल जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म शताब्दी के पावन अवसर पर विचार अभिव्यक्त करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व और हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटल जी की जन्म शताब्दी केवल पुण्य स्मरण का प्रसंग नहीं, बल्कि उनके विराट व्यक्तित्व, उच्च आदर्शों और दूरदर्शी नेतृत्व से प्रेरणा प्राप्त करने का पावन क्षण है। उन्होंने स्वयं को भाग्यशाली बताते हुए कहा कि उन्हें स्व. श्री अटल जी के सानिध्य में कार्य करने का अवसर मिला, जहाँ उनके महान आभामंडल में रहकर उन्हें करीब से देखने, समझने और उनसे प्रेरित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि स्व. श्री अटल जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को कुछ शब्दों में समेटना संभव नहीं है, वे एक विराट व्यक्तित्व और एक चलता-फिरता महाकाव्य थे। उनकी वाणी में ओज था, जो जनमानस में ऊर्जा और राष्ट्रभाव का संचार करती थी। वे असंख्य कार्यकर्ताओं के लिए प्रकाश-पुंज थे। उनका जीवन ऐसे ग्रंथ की भाँति था, जिसका प्रत्येक पृष्ठ नैतिकता, उत्कृष्टता और राष्ट्रधर्म की राह दिखाता है। स्व. श्री अटल जी केवल राजनेता नहीं थे, बल्कि वे कवि, चिंतक, अद्भुत नेतृत्व गुणों से संपन्न, विनम्र, संवेदनशील और स्वाभिमानी राष्ट्रभक्त थे। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने गठबंधन राजनीति के दौर में भी संवाद, समन्वय और समानता के उच्च आदर्श प्रस्तुत किए, जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में मील का पत्थर हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि यदि हम स्व. श्री अटल जी के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में देश और समाज के लिए योगदान कर सकें, तो वही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।  युगपुरूष थे अटल जी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर इंदौर में अटल फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अटल जी ऐसे व्यक्तित्व रहे, जिन्होंने जीवन के प्रत्येक क्षण में देश को गौरवान्वित करने के कार्य किये। भारतीय राजनीति में अटल जी एक युगपुरुष के समान रहे हैं। प्रधानमंत्री रहते हुए देश को परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्र बनाने की उनकी दूरदृष्टि अद्वितीय रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल जी ने भारतमाता और लोकतंत्र को गौरवान्वित किया। पहली बार संयुक्तराष्ट्र संघ में हिंदी में संबोधन देकर देश की इच्छाशक्ति और भाषा तक को नायाब बनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. अटल जी ने नेता प्रतिपक्ष की पवित्र भूमिका निभाई। 50 वर्ष तक इस भूमिका में रहे है। आपातकाल में भी बिना संकोच के साहित्य के माध्यम से देश में शुचिता और स्वाभिमान का भाव जागृत करने में भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजनीति के शिखर पुरूष, राजनीति के अजातशत्रु और विचारों की दृढ़ता रखते हुए वे भारतीय मर्यादा के प्रतीक बने। भारत रत्न श्री अटल वाजपेयी जी को हमारे बीच के कई लोगों ने देखा भी है। वास्तव में वे एक ऐसा व्यक्तित्व थे, जिसने अपने जीवन के प्रत्येक क्षण में अपनी हर एक जगह महत्ता स्थापित की। प्रारंभ में अटल जी की संघ के एक प्रचारक के रूप में पहचान बनी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत माता के चरणों में सतत नमन करने वाले, अपने जीवन को न्यौछावर करने वाले अटल जी ने पत्रकार के रूप में भी पहचान बनाई। … Read more

पर्यटकों की भारी डिमांड: पचमढ़ी में सर्दियों से पहले होटल 60% तक फुल, सफारी किराए में बढ़ोतरी

नर्मदापुरम मध्य प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पर्यटकों की संख्या एक बार फिर बढ़ने जा रही है। चार दिन बाद विंटर वेकेशन शुरू होने के साथ ही बड़ी संख्या में सैलानी पचमढ़ी का रुख करेंगे। इसी के साथ 24 दिसंबर से 2 जनवरी तक पचमढ़ी में पीक सीजन घोषित किया गया है। पर्यटकों को अब जिप्सी सफारी के लिए प्रति पर्यटन स्थल पुराने किराए से एक हजार रुपए अधिक चुकाने होंगे। यह बढ़ा हुआ किराया 2 जनवरी तक लागू रहेगा। वहीं होटलों के कमरों के किराए में भी 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी गई है।   12 से 14 दिन की एडवांस बुकिंग, होटल 60% तक फुल पचमढ़ी में अगले 12 से 14 दिनों के लिए एडवांस बुकिंग चल रही है। कई होटल पहले ही 60 प्रतिशत तक बुक हो चुके हैं। होटल संचालकों के अनुसार, इस समय होटलों में कमरे 2000 रुपए से शुरू हो रहे हैं और पीक सीजन के दौरान किराया बढ़ा रहेगा। पचमढ़ी में करीब 100 छोटे-बड़े होटल हैं, लेकिन भीड़ बढ़ने पर कमरों की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं रहती। टैक्सी किराए में बढ़ोतरी एक टैक्सी संचालक ने बताया कि पीक सीजन के दौरान जिस भी पर्यटन स्थल के लिए तय किराया है, उस पर एक हजार रुपए अतिरिक्त देना होगा। बढ़ा हुआ किराया 2 जनवरी तक प्रभावी रहेगा। नए साल के लिए 60% से ज्यादा बुकिंग नए साल के जश्न को लेकर पचमढ़ी में खासा उत्साह है। होटल और रिसॉर्ट्स में 31 दिसंबर और 1 जनवरी के लिए 60 प्रतिशत से अधिक बुकिंग पहले ही हो चुकी है। शनिवार-रविवार को भी बड़ी संख्या में पर्यटक पचमढ़ी पहुंच रहे हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात पर्यटकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस विभाग ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। पचमढ़ी की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पिपरिया एसडीओपी को सौंपी है। पचमढ़ी में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ ही रात में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी और जाम से निपटने के लिए विशेष पॉइंट चिन्हित किए जा रहे हैं। इस दौरान कैमरों से निगरानी की जाएगी। पचमढ़ी और पिपरिया थाना स्टाफ भी लगातार गश्त करेगा।   ये हैं पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थल, जो लुभाते हैं पर्यटकों का दिल पांडव गुफाएं: मान्यता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान यहां समय बिताया। कृतिक झरने: बी-फॉल, रजत प्रपात (करीब 350 फीट ऊंचा) और अप्सरा विहार। धूपगढ़: पचमढ़ी का सबसे ऊंचा बिंदु, जहां से सूर्यास्त का दृश्य बेहद आकर्षक होता है। धार्मिक स्थल: चौरागढ़ और जटाशंकर प्रमुख शिव मंदिर हैं, जहां महाशिवरात्रि पर भारी भीड़ उमड़ती है।

एसबीआई सर्कल वेलफेयर कमिटी का अंतर-सर्कल बैडमिंटन टूर्नामेंट भव्यता के साथ संपन्न, देशभर के खिलाड़ियों ने दिखाई खेल भावना

भोपाल भारतीय स्टेट बैंक सर्कल वेलफेयर कमिटी द्वारा आयोजित चार दिवसीय अंतर-सर्कल बैडमिंटन टूर्नामेंट का भव्य, अनुशासित एवं प्रेरणादायी समापन समारोह अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस प्रतिष्ठित खेल आयोजन में देशभर के विभिन्न सर्कलों से आए पुरुष एवं महिला खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन और खेल भावना का परिचय देते हुए प्रतियोगिता को यादगार बना दिया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि पोनमबलम मुरुगन, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन), भारतीय स्टेट बैंक, मुंबई रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि खेल गतिविधियाँ केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि वे अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को भी विकसित करती हैं, जो बैंकिंग जैसे सेवा क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने खिलाड़ियों के जोश, समर्पण और अनुशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन संगठन में ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करते हैं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रभाष कुमार सुबुद्धि, मुख्य महाप्रबंधक, भोपाल सर्कल (मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़) की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने सर्कल वेलफेयर कमिटी की सराहना करते हुए कहा कि खेल आयोजन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आपसी समन्वय और संगठनात्मक एकता को भी मजबूत बनाते हैं। समारोह में बैंक के वरिष्ठ प्रबंधन की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिनमें कुंदन ज्योति (महाप्रबंधक-1), ओंकारनाथ चौधरी (महाप्रबंधक-2), शुभकांता कानूनगो (महाप्रबंधक-सीएओ), सर्कल विकास अधिकारी मनीष मठपाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सर्कल वेलफेयर कमिटी के सचिव अमित शर्मा ने आयोजन की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करते हुए बताया कि चार दिनों तक चले इस टूर्नामेंट में उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा देखने को मिली तथा सभी मुकाबले अत्यंत अनुशासित और खेल भावना से परिपूर्ण रहे। इस अवसर पर लेडीज़ क्लब की अध्यक्षा एवं उनकी टीम, अधिकारी संघ, यूनियन, सेवा संगठन तथा ओबीसी एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ाया। दर्शकों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए पूरे आयोजन को उत्सव का स्वरूप प्रदान किया। फाइनल मुकाबलों के परिणाम महिला युगल फाइनल मुंबई मेट्रो बनाम चेन्नई विजेता: मुंबई मेट्रो रीना सिंह, सिमरन सिंघी महिला एकल फाइनल दिल्ली बनाम पटना विजेता: पटना सर्कल मनीषा रानी तिर्की पुरुष युगल फाइनल मुंबई मेट्रो बनाम चेन्नई विजेता: मुंबई मेट्रो दीप रंभिया, विराज कुवाले पुरुष एकल फाइनल बैंगलोर बनाम दिल्ली विजेता: बैंगलोर  निथिन एच. वी. समापन समारोह के दौरान विजेता, उपविजेता एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और टीमों को अतिथियों द्वारा ट्रॉफी, पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, निर्णायकों एवं सहयोगी संगठनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। यह चार दिवसीय अंतर-सर्कल बैडमिंटन टूर्नामेंट भारतीय स्टेट बैंक परिवार की एकता, स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक कार्य-संस्कृति का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा, जो आने वाले समय में ऐसे और आयोजनों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

कृषि मंत्री कंषाना ने कहा- प्रदेश में दिया जा रहा है प्राकृतिक खेती को बढ़ावा

भोपाल प्रदेश में रासायनिक मुक्त एवं विष-रहित खाद उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक अभिनव पहल के अंतर्गत सागर स्थित पी.टी.सी. ग्राउंड में जैविक/प्राकृतिक हाट बाजार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना शामिल हुए। कृषि मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्राकृतिक एवं जैविक खेती किसानों के साथ-साथ आमजन के स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किसान भाइयों से अपील की कि वे रासायनिक खादों के स्थान पर प्राकृतिक खेती को अधिक से अधिक अपनाएं, जिससे भूमि की उर्वरता बनी रहे और सुरक्षित, पौष्टिक खाद्यान्न का उत्पादन हो सके। कृषि मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयासरत है और भविष्य में इस दिशा में और भी योजनाएं लागू की जाएंगी। जैविक/प्राकृतिक हाट बाजार के माध्यम से किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा और उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं विष-रहित खाद्य सामग्री मिलेगी। कार्यक्रम में स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित जैविक अनाज, फल-सब्जियां एवं अन्य उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया। बड़ी संख्या में किसानों एवं नागरिकों की उपस्थिति रही।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- विकास में कोई कमी नहीं रखेंगे, हम सब मिलकर प्रदेश को बनायेंगे समृद्ध

शाजापुर में बनेगा मेडिकल कॉलेज, शुजालपुर को मिलेगा आयुर्वेदिक कॉलेज दो साल में शाजापुर जिले को मिली कई सौगातें मुख्यमंत्री निवास में हुआ अभिनंदन एवं आभार कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अपनेपन से कुछ और बेहतर करने की नई ऊर्जा मिलती है। शाजापुर जिले ने प्रदेश को विचारों की दिशा दी है। इसलिए विकास में पहला हक भी शाजापुर का है। हम शाजापुर जिले के विकास में कोई कमी नहीं रखेंगे। मक्सी के साथ-साथ अब शाजापुर में भी बदलाव की बयार बह रही है। हम सब मिलकर मध्यप्रदेश को एक विकसित और समृद्ध प्रदेश बनायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का शाजापुर जिले के जनप्रतिनिधियों, उद्योग संघ, डाक्टर्स एसोशिएशन, कर्मचारी संघ, अधिवक्ता संघ, उद्योग भारती के गणमान्य जनों एवं कार्यकर्ताओं ने पुष्पहारों के साथ अंगवस्त्रम ओढ़ाकर एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर मुख्यमंत्री निवास पर अभिनन्दन कर आभार व्यक्त किया। बीते 2 साल के दौरान शाजापुर जिले को विकास की विभिन्न सौगातें देने के लिए आयोजित इस अभिनंदन समारोह में जिले के जनप्रतिनिधियों ने बीते दो साल की उपलब्धियों का हर्षित होकर जिक्र किया और समवेत् स्वर में 2 साल-बेमिसाल का उद्घोष किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2 मेट्रोपोलिटन एरिया के बीच में शाजापुर सबसे अच्छी जगह है। शाजापुर 2 मेट्रोपोलिटन का केन्द्र बिन्दु है। शाजापुर में जल्द ही मेडिकल कॉलेज बनेगा। वहीं शुजालपुर में भी आयुर्वेदिक कॉलेज का निर्माण कराया जा रहा है। मक्सी बहुत पहले औद्योगिक केन्द्र बन गया था लेकिन उसका विकास रूका हुआ था। अब मक्सी भी विकास की नई राह पर है। शाजापुर में भी विकास के कई काम हो रहे हैं। उन्होंने शाजापुर जिले के नागरिकों से कहा कि हम आपके लिए वो सब कुछ करेंगे, जो आप चाहेंगे। शाजापुर के विधायक श्री अरुण भीमावद ने कहा कि मुख्यंमत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश का गौरव हैं। दो साल की अल्प अवधि में भी मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की काया पलट दी है। शाजापुर जिले को तो सबसे अधिक सौगातें मिली हैं। इसलिए यहां के नागरिक अभिभूत हैं। हम सब हमेशा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के ऋणी रहेंगे। विधायक श्री भीमावद ने कहा कि इन्दौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन रीजन के प्रस्तावित क्षेत्र में शाजापुर जिले के अधिकांश हिस्सा को इस रीजन के दायरे में ले लिया गया है। इससे संपूर्ण जिलेवासियों में हर्ष का माहौल है, क्योंकि अब इस क्षेत्र के विकास की नई गति मिलेगी। विधायक श्री भीमावद ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शाजापुर विधानसभा के मक्सी क्षेत्र में 8000 करोड़ रुपये निवेश वाली सोलर प्लेट बनाने वाले उद्योग की सौगात दी है। इसका भूमि-पूजन भी हो चुका है। इससे जिले के विकास को नये पंख मिल गये हैं। उन्होंने बताया कि शाजापुर जिला 2 महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं (पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना एवं नर्मदा-कालीसिंध परियोजना) से लाभान्वित हुआ। शाजापुर में मेडिकल कॉलेज की सौगात, आलू-प्याज की मंडी को मंजूरी, शाजापुर शहर का एबी रोज-4 लेन, मक्सी से मोहन बड़ौदिया बायपास निर्माण को मंजूरी मिल गई है। इन सभी सौगातों से जिले के सभी नागरिक बेहद खुश और अभिभूत हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हृदय से आभार व्यक्त किया। कालापीपल विधायक श्री घनश्याम चंद्रवंशी ने कहा कि 2 साल में कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में भी विकास के कई काम मंजूर होकर प्रारंभ हो गए हैं। कालापीपल क्षेत्र में एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं बहुप्रतीक्षित रोड का न केवल भूमिपूजन हो गया है, बल्कि उसका निर्माण कार्य भी अब प्रारंभ हो गया है। उन्होंने इस बड़ी सौगात के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार जताया। इस अवसर पर शाजापुर जिले से आए श्री हेमराज सिंह सिसौदिया, श्री दिनेश तिवारी, अन्य जनप्रतिनिधि, डॉक्टर्स, व्यापारी, उद्योगपति और बड़ी संख्या में नागरिकगण भी उपस्थित थे।  

खेलो एमपी यूथ गेम्स–2025: देश में पहली बार खेल विभाग और सभी खेल संघ मिलकर करेंगे ऐतिहासिक आयोजन

पहली बार पारंपरिक खेलों और क्रिकेट को किया गया शामिल यूथ गेम्स के प्रतिभागियों को राज्य टीम में मिलेगी प्राथमिकता भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने रविवार को “खेलो एमपी यूथ गेम्स–2025- मध्यप्रदेश का ओलंपिक” के आयोजन को लेकर प्रेसवार्ता को संबोधित किया। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि यह देश में पहली बार ऐसा होगा, जिसमें खेल विभाग के साथ सभी मान्यता प्राप्त खेल संघ मिलकर समन्वित रूप से प्रतियोगिताओं का संचालन करेंगे। मंत्री श्री सारंग ने जानकारी दी कि खेलो एमपी यूथ गेम्स-2025- मध्यप्रदेश का ओलंपिक” 10 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक संपन्न होगा। चयन प्रक्रिया ब्लॉक स्तर से प्रारंभ होगी, जिसमें ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताएँ 10 से 15 जनवरी, जिला स्तरीय 16 से 20 जनवरी, संभाग स्तरीय 21 से 25 जनवरी एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएँ 28 से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएँगी। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यूथ गेम्स में भाग लेने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भविष्य में राज्य टीम के चयन में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। खेल संघों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा समन्वय अधिकारी भी नियुक्त किये गये हैं। खेलों के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से उद्घाटन एवं समापन समारोह में खेल प्रेमियों को आमंत्रित किया जायेगा तथा राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधियों को भी अतिथि के रूप में आमंत्रण दिया जायेगा। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स–2025 में कुल 27 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। प्रयास यह रहेगा कि जिन खेलों की परंपरा एवं लोकप्रियता जिस क्षेत्र में है, वहाँ उन्हीं स्थानों पर संबंधित प्रतियोगिताएँ करायी जाएँ। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर एवं नर्मदापुरम में प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में बना खेलों के लिये सकारात्मक माहौल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेल और खिलाड़ियों के लिये देश में सकारात्मक माहौल बना है, इसी का परिणाम है कि विश्व पटल पर खेलों के माध्मय से देश का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में खेल, खिलाड़ी और खेल मैदानों के उन्नयन के हम निरंतर कार्य कर रहे हैं। खेल विभाग विशेषकर युवाओं को खेलों के प्रति आकर्षित करन के लिये विभिन्न कार्यक्रम कर रहा है। पारंपरिक खेलों को पहली बार किया गया शामिल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि “खेलो एमपी यूथ गेम्स–2025- मध्यप्रदेश का ओलंपिक” में पहली बार पारंपरिक खेलों को भी शामिल किया गया है। इस बार पिट्टू और रस्साकशी को भी यूथ गेम्स में शामिल किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि क्रिकेट की युवाओं में लोकप्रियता को देखते हुए इसबार महिला और पुरूष क्रिकेट भी यूथ गेम्स का हिस्सा होंगे। सभी खेल संघों के साथ किया गया समन्वय मंत्री श्री सारंग ने बताया कि पहले यूथ गेम्स और खेल संघों के आयोजन अलग-अलग होते थे। दोनों की ही चयन प्रक्रिया अलग हुआ करती थी, लेकिन पहली बार खेल विभाग और सभी खेल संघ मिलकर यूथ गेम्स का आयोजन कर रहे हैं। इससे आयोजन का विस्तार होने के साथ ही खिलाड़ियों को भी यूथ गेम्स में प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी खेल संघों के साथ समन्वय कर यूथ गेम्स का फोर्मेट तैयार किया गया है। जिससे राज्य स्तर की टीम में खिलाड़ियों को अवसर मिल सके। ब्लॉक स्तर से होगी चयन प्रक्रिया मंत्री श्री सारंग ने बताया कि इस आयोजन में ब्लॉक स्तर से चयन प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। जिला स्तर पर प्रदेश के 313 विकासखंडों की भागीदारी होगी तथा राज्य स्तर पर भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सागर, उज्जैन एवं शहडोल प्रदेश के 08 संभागों की टीमें सहभागिता करेंगी। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि तीन चरणों (ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर) में 14 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी, जिनमें एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, हॉकी, जूडो, खो-खो, मल्लखम्ब, तैराकी, वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, टेबल टेनिस, योगासन, टेनिस एवं शतरंज शामिल हैं। वहीं चार चरणों (ब्लॉक, जिला, संभाग एवं राज्य स्तर) में 7 खेलों-बास्केटबॉल, फुटबॉल, कबड्डी, व्हॉलीबॉल, क्रिकेट, पारंपरिक खेल पिट्टू एवं रस्साकस्सी की प्रतियोगिताएँ होंगी। इसके अतिरिक्त 6 खेलों-ताईक्वांडो, फेंसिंग, रोईंग, क्याकिंग-कैनोईंग, शूटिंग एवं आर्चरी की प्रतिस्पर्धाएँ सीधे राज्य स्तर पर आयोजित की जाएँगी। इन जिलों में होंगे विभिन्न खेलों के आयोजन भोपाल में एथलेटिक्स, फेंसिंग, पुरुष क्रिकेट, क्याकिंग-कैनोईंग, रोईंग, तैराकी, शूटिंग, पुरुष हॉकी एवं बॉक्सिंग प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी। इंदौर में बास्केटबॉल, वेटलिफ्टिंग, टेबल टेनिस एवं टेनिस, शिवपुरी में महिला क्रिकेट, ग्वालियर में महिला हॉकी, पिट्टू एवं बैडमिंटन, उज्जैन में मल्लखम्ब, योगासन, कबड्डी, रस्साकशी एवं कुश्ती, जबलपुर में खो-खो एवं आर्चरी, रीवा में फुटबॉल एवं जूडो, नर्मदापुरम में ताईक्वांडो एवं शतरंज तथा सागर में व्हॉलीबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जायेगा। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स–2025 राज्य के उभरते खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करेगा और एमपी को खेलों के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।  

उज्जैन में ट्रांसमिशन लाइनों के लिए बड़ा खतरा बना चीनी मांझा

एमपी ट्रांसको चलाएगा “जागरूकता अभियान" भोपाल उज्जैन शहर और आसपास के क्षेत्रों में चीनी मांझा एक्सट्रा हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। पतंगबाजी के दौरान चीनी मांझा 132 केवी और 220 केवी ट्रांसमिशन लाइनों पर फंसने से न केवल बिजली आपूर्ति बाधित होती है, बल्कि ट्रांसमिशन नेटवर्क की सुरक्षा पर भी सीधा असर पड़ने के साथ ही पतंग उड़ाने वाले के लिए भी यह घातक हो सकता है। मानव जीवन के साथ ट्रांसमिशन लाइनों की सुरक्षा के लिए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा उज्जैन में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें इसके खतरे और बचाव के उपायों के संबंध मे बताया जायेगा। क्यों है चीनी मांझा ट्रांसमिशन सिस्टम के लिए खतरनाक एमपी ट्रांसको उज्जैन के कार्यपालन अभियंता श्री धन सिंह भलावी ने बताया कि चीनी मांझा ट्रांसमिशन लाइन के लिए इसलिए खतरनाक होता है कि यह धात्विक लेप युक्त होता है जो विद्युत का अच्छा चालक होता है। जब यह एक्स्ट्रा हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों के संपर्क में आता है तो लाइन ट्रिपिंग, फ्लैशओवर और शॉर्ट सर्किट जैसी स्थितियाँ बन जाती हैं। इससे इंसुलेटर, जम्पर और कंडक्टर जैसे संवेदनशील उपकरण क्षतिग्रस्त होते हैं और पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो जाती है। साथ ही चीनी मांझा ट्रांसमिशन प्रणाली के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। उज्जैन में यह क्षेत्र हैं संवेदनशील पिछले कुछ वर्षों में उज्जैन मे चीनी मांझे के कारण कई बार ट्रांसमिशन लाइनें ट्रिप हुई हैं। उज्जैन शहर क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों में 132 केवी ट्रांसमिशन लाइनों की कम से कम दो बार ट्रिपिंग के साथ विद्युत दुर्घटनाओं की घटनाएँ भी सामने आई हैं। विशेष रूप से पंवासा क्षेत्र से गुजरने वाली 132 केवी उज्जैन-रतड़िया और 132 केवी उज्जैन-भैरूगढ़ ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे और आसपास अवैध निर्माण पाए गए हैं। इन क्षेत्रों में लाइन के ठीक नीचे मकान बने होने से जोखिम और अधिक बढ़ गया है। प्रतापनगर, महावीरनगर, पंवासा, पांड्याखेड़ी, सेठीनगर और वागेश्वर धाम जैसे इलाके चीनी मांझे के कारण ट्रांसमिशन दुर्घटनाओं की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील माने गए हैं। चलाया जायेगा जागरूकता अभियान श्री भलावी ने जानकारी दी कि एमपी ट्रांसको द्वारा उज्जैन शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके माध्यम से नागरिकों को ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास पतंग न उड़ाने, चीनी मांझे का उपयोग न करने और विद्युत सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। एमपी ट्रांसको ने नागरिकों से अपील की है कि ट्रांसमिशन लाइनों की सुरक्षा में सहयोग करें, क्योंकि थोड़ी-सी लापरवाही बड़े हादसे और व्यापक बिजली आपूर्ति बाधित होने का कारण बन सकती है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- चाहे जिस खेल में रहें, हमेशा अपना उत्कृष्ट दीजिए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेल हमेशा से हमारी भारतीय संस्कृति का एक अहम अंग रहा है। हमारे व्यक्तित्व के विकास में एक प्रमुख पक्ष के रूप में खेलों में हमारे जीवन को दिशा दी है। हमने खेलों को स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है। हमारे खिलाड़ी प्राय: हर खेल में देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिलाड़ियों से आव्हान किया कि वे चाहे जिस किसी भी खेल के खिलाड़ी रहें, अपनी लगन और मेहनत से हमेशा अपना उत्कृष्ट देने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इन्दौर में एक निजी स्कूल द्वारा आयोजित 7वें नेशनल रैंकिंग पिकलबॉल टूर्नामेंट-2025 को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश राज्य ऑलम्पिक एसोशिएशन के संरक्षक भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैदिककाल से हमारी संस्कृति में खेलों का बड़ा योगदान रहा है। कई मामलों में भारतीयों ने अपने दौर से भी आगे बढ़कर विश्व में खेलों में नाम कमाया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के नवनिर्माण में खिलाड़ियों की भी अहम भूमिका है। खिलाड़ियों के योगदान से हम अपनी भावी पीढ़ी के लिए एक सकारात्मक वातावरण तैयार कर रहे हैं। इससे न केवल नए खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं, बल्कि खेल अधोसंरचना के विकास को भी नए आयाम मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सबसे तेज गति से औद्योगिक प्रगति करने वाला राज्य बन रहा है। औद्योगिक विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाईयों, कुटीर एवं ग्रामोद्योग सहित कृषि एवं संबंद्ध क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। देश को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में मध्यप्रदेश का सर्वाधिक योगदान होगा। निजी स्कूल के अध्यक्ष श्री स्वप्निल कोठारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पुरुषार्थ से ही व्यक्तित्व का विकास होता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे मोबाइल की रील से बाहर निकलें, मैदान में आकर परिश्रम करें, तभी वे देश के लिए पसीना और रक्त बहाने के योग्य बनेंगे। उन्होंने सभी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संकल्प 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' में सक्रिय रूप से सहभागी बनकर अधिकतम योगदान देने की अपील की। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री बलवंत, श्री गणेश अग्रवाल, श्री गोपाल अग्रवाल, श्री सुनील सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे। कार्यक्रम में विभिन्न खेलों में नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान भी किया गया।