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एसबीआई सर्कल वेलफेयर कमिटी का अंतर-सर्कल बैडमिंटन टूर्नामेंट भव्यता के साथ संपन्न, देशभर के खिलाड़ियों ने दिखाई खेल भावना

भोपाल भारतीय स्टेट बैंक सर्कल वेलफेयर कमिटी द्वारा आयोजित चार दिवसीय अंतर-सर्कल बैडमिंटन टूर्नामेंट का भव्य, अनुशासित एवं प्रेरणादायी समापन समारोह अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस प्रतिष्ठित खेल आयोजन में देशभर के विभिन्न सर्कलों से आए पुरुष एवं महिला खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन और खेल भावना का परिचय देते हुए प्रतियोगिता को यादगार बना दिया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि पोनमबलम मुरुगन, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन), भारतीय स्टेट बैंक, मुंबई रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि खेल गतिविधियाँ केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि वे अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को भी विकसित करती हैं, जो बैंकिंग जैसे सेवा क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने खिलाड़ियों के जोश, समर्पण और अनुशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन संगठन में ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करते हैं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रभाष कुमार सुबुद्धि, मुख्य महाप्रबंधक, भोपाल सर्कल (मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़) की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने सर्कल वेलफेयर कमिटी की सराहना करते हुए कहा कि खेल आयोजन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आपसी समन्वय और संगठनात्मक एकता को भी मजबूत बनाते हैं। समारोह में बैंक के वरिष्ठ प्रबंधन की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिनमें कुंदन ज्योति (महाप्रबंधक-1), ओंकारनाथ चौधरी (महाप्रबंधक-2), शुभकांता कानूनगो (महाप्रबंधक-सीएओ), सर्कल विकास अधिकारी मनीष मठपाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सर्कल वेलफेयर कमिटी के सचिव अमित शर्मा ने आयोजन की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करते हुए बताया कि चार दिनों तक चले इस टूर्नामेंट में उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा देखने को मिली तथा सभी मुकाबले अत्यंत अनुशासित और खेल भावना से परिपूर्ण रहे। इस अवसर पर लेडीज़ क्लब की अध्यक्षा एवं उनकी टीम, अधिकारी संघ, यूनियन, सेवा संगठन तथा ओबीसी एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ाया। दर्शकों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए पूरे आयोजन को उत्सव का स्वरूप प्रदान किया। फाइनल मुकाबलों के परिणाम महिला युगल फाइनल मुंबई मेट्रो बनाम चेन्नई विजेता: मुंबई मेट्रो रीना सिंह, सिमरन सिंघी महिला एकल फाइनल दिल्ली बनाम पटना विजेता: पटना सर्कल मनीषा रानी तिर्की पुरुष युगल फाइनल मुंबई मेट्रो बनाम चेन्नई विजेता: मुंबई मेट्रो दीप रंभिया, विराज कुवाले पुरुष एकल फाइनल बैंगलोर बनाम दिल्ली विजेता: बैंगलोर  निथिन एच. वी. समापन समारोह के दौरान विजेता, उपविजेता एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और टीमों को अतिथियों द्वारा ट्रॉफी, पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, निर्णायकों एवं सहयोगी संगठनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। यह चार दिवसीय अंतर-सर्कल बैडमिंटन टूर्नामेंट भारतीय स्टेट बैंक परिवार की एकता, स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक कार्य-संस्कृति का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा, जो आने वाले समय में ऐसे और आयोजनों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

कृषि मंत्री कंषाना ने कहा- प्रदेश में दिया जा रहा है प्राकृतिक खेती को बढ़ावा

भोपाल प्रदेश में रासायनिक मुक्त एवं विष-रहित खाद उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक अभिनव पहल के अंतर्गत सागर स्थित पी.टी.सी. ग्राउंड में जैविक/प्राकृतिक हाट बाजार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना शामिल हुए। कृषि मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्राकृतिक एवं जैविक खेती किसानों के साथ-साथ आमजन के स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किसान भाइयों से अपील की कि वे रासायनिक खादों के स्थान पर प्राकृतिक खेती को अधिक से अधिक अपनाएं, जिससे भूमि की उर्वरता बनी रहे और सुरक्षित, पौष्टिक खाद्यान्न का उत्पादन हो सके। कृषि मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयासरत है और भविष्य में इस दिशा में और भी योजनाएं लागू की जाएंगी। जैविक/प्राकृतिक हाट बाजार के माध्यम से किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा और उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं विष-रहित खाद्य सामग्री मिलेगी। कार्यक्रम में स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित जैविक अनाज, फल-सब्जियां एवं अन्य उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया। बड़ी संख्या में किसानों एवं नागरिकों की उपस्थिति रही।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- विकास में कोई कमी नहीं रखेंगे, हम सब मिलकर प्रदेश को बनायेंगे समृद्ध

शाजापुर में बनेगा मेडिकल कॉलेज, शुजालपुर को मिलेगा आयुर्वेदिक कॉलेज दो साल में शाजापुर जिले को मिली कई सौगातें मुख्यमंत्री निवास में हुआ अभिनंदन एवं आभार कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अपनेपन से कुछ और बेहतर करने की नई ऊर्जा मिलती है। शाजापुर जिले ने प्रदेश को विचारों की दिशा दी है। इसलिए विकास में पहला हक भी शाजापुर का है। हम शाजापुर जिले के विकास में कोई कमी नहीं रखेंगे। मक्सी के साथ-साथ अब शाजापुर में भी बदलाव की बयार बह रही है। हम सब मिलकर मध्यप्रदेश को एक विकसित और समृद्ध प्रदेश बनायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का शाजापुर जिले के जनप्रतिनिधियों, उद्योग संघ, डाक्टर्स एसोशिएशन, कर्मचारी संघ, अधिवक्ता संघ, उद्योग भारती के गणमान्य जनों एवं कार्यकर्ताओं ने पुष्पहारों के साथ अंगवस्त्रम ओढ़ाकर एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर मुख्यमंत्री निवास पर अभिनन्दन कर आभार व्यक्त किया। बीते 2 साल के दौरान शाजापुर जिले को विकास की विभिन्न सौगातें देने के लिए आयोजित इस अभिनंदन समारोह में जिले के जनप्रतिनिधियों ने बीते दो साल की उपलब्धियों का हर्षित होकर जिक्र किया और समवेत् स्वर में 2 साल-बेमिसाल का उद्घोष किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2 मेट्रोपोलिटन एरिया के बीच में शाजापुर सबसे अच्छी जगह है। शाजापुर 2 मेट्रोपोलिटन का केन्द्र बिन्दु है। शाजापुर में जल्द ही मेडिकल कॉलेज बनेगा। वहीं शुजालपुर में भी आयुर्वेदिक कॉलेज का निर्माण कराया जा रहा है। मक्सी बहुत पहले औद्योगिक केन्द्र बन गया था लेकिन उसका विकास रूका हुआ था। अब मक्सी भी विकास की नई राह पर है। शाजापुर में भी विकास के कई काम हो रहे हैं। उन्होंने शाजापुर जिले के नागरिकों से कहा कि हम आपके लिए वो सब कुछ करेंगे, जो आप चाहेंगे। शाजापुर के विधायक श्री अरुण भीमावद ने कहा कि मुख्यंमत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश का गौरव हैं। दो साल की अल्प अवधि में भी मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की काया पलट दी है। शाजापुर जिले को तो सबसे अधिक सौगातें मिली हैं। इसलिए यहां के नागरिक अभिभूत हैं। हम सब हमेशा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के ऋणी रहेंगे। विधायक श्री भीमावद ने कहा कि इन्दौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन रीजन के प्रस्तावित क्षेत्र में शाजापुर जिले के अधिकांश हिस्सा को इस रीजन के दायरे में ले लिया गया है। इससे संपूर्ण जिलेवासियों में हर्ष का माहौल है, क्योंकि अब इस क्षेत्र के विकास की नई गति मिलेगी। विधायक श्री भीमावद ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शाजापुर विधानसभा के मक्सी क्षेत्र में 8000 करोड़ रुपये निवेश वाली सोलर प्लेट बनाने वाले उद्योग की सौगात दी है। इसका भूमि-पूजन भी हो चुका है। इससे जिले के विकास को नये पंख मिल गये हैं। उन्होंने बताया कि शाजापुर जिला 2 महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं (पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना एवं नर्मदा-कालीसिंध परियोजना) से लाभान्वित हुआ। शाजापुर में मेडिकल कॉलेज की सौगात, आलू-प्याज की मंडी को मंजूरी, शाजापुर शहर का एबी रोज-4 लेन, मक्सी से मोहन बड़ौदिया बायपास निर्माण को मंजूरी मिल गई है। इन सभी सौगातों से जिले के सभी नागरिक बेहद खुश और अभिभूत हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हृदय से आभार व्यक्त किया। कालापीपल विधायक श्री घनश्याम चंद्रवंशी ने कहा कि 2 साल में कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में भी विकास के कई काम मंजूर होकर प्रारंभ हो गए हैं। कालापीपल क्षेत्र में एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं बहुप्रतीक्षित रोड का न केवल भूमिपूजन हो गया है, बल्कि उसका निर्माण कार्य भी अब प्रारंभ हो गया है। उन्होंने इस बड़ी सौगात के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार जताया। इस अवसर पर शाजापुर जिले से आए श्री हेमराज सिंह सिसौदिया, श्री दिनेश तिवारी, अन्य जनप्रतिनिधि, डॉक्टर्स, व्यापारी, उद्योगपति और बड़ी संख्या में नागरिकगण भी उपस्थित थे।  

खेलो एमपी यूथ गेम्स–2025: देश में पहली बार खेल विभाग और सभी खेल संघ मिलकर करेंगे ऐतिहासिक आयोजन

पहली बार पारंपरिक खेलों और क्रिकेट को किया गया शामिल यूथ गेम्स के प्रतिभागियों को राज्य टीम में मिलेगी प्राथमिकता भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने रविवार को “खेलो एमपी यूथ गेम्स–2025- मध्यप्रदेश का ओलंपिक” के आयोजन को लेकर प्रेसवार्ता को संबोधित किया। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि यह देश में पहली बार ऐसा होगा, जिसमें खेल विभाग के साथ सभी मान्यता प्राप्त खेल संघ मिलकर समन्वित रूप से प्रतियोगिताओं का संचालन करेंगे। मंत्री श्री सारंग ने जानकारी दी कि खेलो एमपी यूथ गेम्स-2025- मध्यप्रदेश का ओलंपिक” 10 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक संपन्न होगा। चयन प्रक्रिया ब्लॉक स्तर से प्रारंभ होगी, जिसमें ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताएँ 10 से 15 जनवरी, जिला स्तरीय 16 से 20 जनवरी, संभाग स्तरीय 21 से 25 जनवरी एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएँ 28 से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएँगी। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यूथ गेम्स में भाग लेने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भविष्य में राज्य टीम के चयन में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। खेल संघों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा समन्वय अधिकारी भी नियुक्त किये गये हैं। खेलों के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से उद्घाटन एवं समापन समारोह में खेल प्रेमियों को आमंत्रित किया जायेगा तथा राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधियों को भी अतिथि के रूप में आमंत्रण दिया जायेगा। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स–2025 में कुल 27 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। प्रयास यह रहेगा कि जिन खेलों की परंपरा एवं लोकप्रियता जिस क्षेत्र में है, वहाँ उन्हीं स्थानों पर संबंधित प्रतियोगिताएँ करायी जाएँ। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर एवं नर्मदापुरम में प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में बना खेलों के लिये सकारात्मक माहौल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेल और खिलाड़ियों के लिये देश में सकारात्मक माहौल बना है, इसी का परिणाम है कि विश्व पटल पर खेलों के माध्मय से देश का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में खेल, खिलाड़ी और खेल मैदानों के उन्नयन के हम निरंतर कार्य कर रहे हैं। खेल विभाग विशेषकर युवाओं को खेलों के प्रति आकर्षित करन के लिये विभिन्न कार्यक्रम कर रहा है। पारंपरिक खेलों को पहली बार किया गया शामिल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि “खेलो एमपी यूथ गेम्स–2025- मध्यप्रदेश का ओलंपिक” में पहली बार पारंपरिक खेलों को भी शामिल किया गया है। इस बार पिट्टू और रस्साकशी को भी यूथ गेम्स में शामिल किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि क्रिकेट की युवाओं में लोकप्रियता को देखते हुए इसबार महिला और पुरूष क्रिकेट भी यूथ गेम्स का हिस्सा होंगे। सभी खेल संघों के साथ किया गया समन्वय मंत्री श्री सारंग ने बताया कि पहले यूथ गेम्स और खेल संघों के आयोजन अलग-अलग होते थे। दोनों की ही चयन प्रक्रिया अलग हुआ करती थी, लेकिन पहली बार खेल विभाग और सभी खेल संघ मिलकर यूथ गेम्स का आयोजन कर रहे हैं। इससे आयोजन का विस्तार होने के साथ ही खिलाड़ियों को भी यूथ गेम्स में प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी खेल संघों के साथ समन्वय कर यूथ गेम्स का फोर्मेट तैयार किया गया है। जिससे राज्य स्तर की टीम में खिलाड़ियों को अवसर मिल सके। ब्लॉक स्तर से होगी चयन प्रक्रिया मंत्री श्री सारंग ने बताया कि इस आयोजन में ब्लॉक स्तर से चयन प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। जिला स्तर पर प्रदेश के 313 विकासखंडों की भागीदारी होगी तथा राज्य स्तर पर भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सागर, उज्जैन एवं शहडोल प्रदेश के 08 संभागों की टीमें सहभागिता करेंगी। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि तीन चरणों (ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर) में 14 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी, जिनमें एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, हॉकी, जूडो, खो-खो, मल्लखम्ब, तैराकी, वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, टेबल टेनिस, योगासन, टेनिस एवं शतरंज शामिल हैं। वहीं चार चरणों (ब्लॉक, जिला, संभाग एवं राज्य स्तर) में 7 खेलों-बास्केटबॉल, फुटबॉल, कबड्डी, व्हॉलीबॉल, क्रिकेट, पारंपरिक खेल पिट्टू एवं रस्साकस्सी की प्रतियोगिताएँ होंगी। इसके अतिरिक्त 6 खेलों-ताईक्वांडो, फेंसिंग, रोईंग, क्याकिंग-कैनोईंग, शूटिंग एवं आर्चरी की प्रतिस्पर्धाएँ सीधे राज्य स्तर पर आयोजित की जाएँगी। इन जिलों में होंगे विभिन्न खेलों के आयोजन भोपाल में एथलेटिक्स, फेंसिंग, पुरुष क्रिकेट, क्याकिंग-कैनोईंग, रोईंग, तैराकी, शूटिंग, पुरुष हॉकी एवं बॉक्सिंग प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी। इंदौर में बास्केटबॉल, वेटलिफ्टिंग, टेबल टेनिस एवं टेनिस, शिवपुरी में महिला क्रिकेट, ग्वालियर में महिला हॉकी, पिट्टू एवं बैडमिंटन, उज्जैन में मल्लखम्ब, योगासन, कबड्डी, रस्साकशी एवं कुश्ती, जबलपुर में खो-खो एवं आर्चरी, रीवा में फुटबॉल एवं जूडो, नर्मदापुरम में ताईक्वांडो एवं शतरंज तथा सागर में व्हॉलीबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जायेगा। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स–2025 राज्य के उभरते खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करेगा और एमपी को खेलों के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।  

उज्जैन में ट्रांसमिशन लाइनों के लिए बड़ा खतरा बना चीनी मांझा

एमपी ट्रांसको चलाएगा “जागरूकता अभियान" भोपाल उज्जैन शहर और आसपास के क्षेत्रों में चीनी मांझा एक्सट्रा हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। पतंगबाजी के दौरान चीनी मांझा 132 केवी और 220 केवी ट्रांसमिशन लाइनों पर फंसने से न केवल बिजली आपूर्ति बाधित होती है, बल्कि ट्रांसमिशन नेटवर्क की सुरक्षा पर भी सीधा असर पड़ने के साथ ही पतंग उड़ाने वाले के लिए भी यह घातक हो सकता है। मानव जीवन के साथ ट्रांसमिशन लाइनों की सुरक्षा के लिए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा उज्जैन में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें इसके खतरे और बचाव के उपायों के संबंध मे बताया जायेगा। क्यों है चीनी मांझा ट्रांसमिशन सिस्टम के लिए खतरनाक एमपी ट्रांसको उज्जैन के कार्यपालन अभियंता श्री धन सिंह भलावी ने बताया कि चीनी मांझा ट्रांसमिशन लाइन के लिए इसलिए खतरनाक होता है कि यह धात्विक लेप युक्त होता है जो विद्युत का अच्छा चालक होता है। जब यह एक्स्ट्रा हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों के संपर्क में आता है तो लाइन ट्रिपिंग, फ्लैशओवर और शॉर्ट सर्किट जैसी स्थितियाँ बन जाती हैं। इससे इंसुलेटर, जम्पर और कंडक्टर जैसे संवेदनशील उपकरण क्षतिग्रस्त होते हैं और पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो जाती है। साथ ही चीनी मांझा ट्रांसमिशन प्रणाली के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। उज्जैन में यह क्षेत्र हैं संवेदनशील पिछले कुछ वर्षों में उज्जैन मे चीनी मांझे के कारण कई बार ट्रांसमिशन लाइनें ट्रिप हुई हैं। उज्जैन शहर क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों में 132 केवी ट्रांसमिशन लाइनों की कम से कम दो बार ट्रिपिंग के साथ विद्युत दुर्घटनाओं की घटनाएँ भी सामने आई हैं। विशेष रूप से पंवासा क्षेत्र से गुजरने वाली 132 केवी उज्जैन-रतड़िया और 132 केवी उज्जैन-भैरूगढ़ ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे और आसपास अवैध निर्माण पाए गए हैं। इन क्षेत्रों में लाइन के ठीक नीचे मकान बने होने से जोखिम और अधिक बढ़ गया है। प्रतापनगर, महावीरनगर, पंवासा, पांड्याखेड़ी, सेठीनगर और वागेश्वर धाम जैसे इलाके चीनी मांझे के कारण ट्रांसमिशन दुर्घटनाओं की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील माने गए हैं। चलाया जायेगा जागरूकता अभियान श्री भलावी ने जानकारी दी कि एमपी ट्रांसको द्वारा उज्जैन शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके माध्यम से नागरिकों को ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास पतंग न उड़ाने, चीनी मांझे का उपयोग न करने और विद्युत सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। एमपी ट्रांसको ने नागरिकों से अपील की है कि ट्रांसमिशन लाइनों की सुरक्षा में सहयोग करें, क्योंकि थोड़ी-सी लापरवाही बड़े हादसे और व्यापक बिजली आपूर्ति बाधित होने का कारण बन सकती है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- चाहे जिस खेल में रहें, हमेशा अपना उत्कृष्ट दीजिए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेल हमेशा से हमारी भारतीय संस्कृति का एक अहम अंग रहा है। हमारे व्यक्तित्व के विकास में एक प्रमुख पक्ष के रूप में खेलों में हमारे जीवन को दिशा दी है। हमने खेलों को स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है। हमारे खिलाड़ी प्राय: हर खेल में देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिलाड़ियों से आव्हान किया कि वे चाहे जिस किसी भी खेल के खिलाड़ी रहें, अपनी लगन और मेहनत से हमेशा अपना उत्कृष्ट देने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इन्दौर में एक निजी स्कूल द्वारा आयोजित 7वें नेशनल रैंकिंग पिकलबॉल टूर्नामेंट-2025 को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश राज्य ऑलम्पिक एसोशिएशन के संरक्षक भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैदिककाल से हमारी संस्कृति में खेलों का बड़ा योगदान रहा है। कई मामलों में भारतीयों ने अपने दौर से भी आगे बढ़कर विश्व में खेलों में नाम कमाया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के नवनिर्माण में खिलाड़ियों की भी अहम भूमिका है। खिलाड़ियों के योगदान से हम अपनी भावी पीढ़ी के लिए एक सकारात्मक वातावरण तैयार कर रहे हैं। इससे न केवल नए खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं, बल्कि खेल अधोसंरचना के विकास को भी नए आयाम मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सबसे तेज गति से औद्योगिक प्रगति करने वाला राज्य बन रहा है। औद्योगिक विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाईयों, कुटीर एवं ग्रामोद्योग सहित कृषि एवं संबंद्ध क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। देश को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में मध्यप्रदेश का सर्वाधिक योगदान होगा। निजी स्कूल के अध्यक्ष श्री स्वप्निल कोठारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पुरुषार्थ से ही व्यक्तित्व का विकास होता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे मोबाइल की रील से बाहर निकलें, मैदान में आकर परिश्रम करें, तभी वे देश के लिए पसीना और रक्त बहाने के योग्य बनेंगे। उन्होंने सभी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संकल्प 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' में सक्रिय रूप से सहभागी बनकर अधिकतम योगदान देने की अपील की। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री बलवंत, श्री गणेश अग्रवाल, श्री गोपाल अग्रवाल, श्री सुनील सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे। कार्यक्रम में विभिन्न खेलों में नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान भी किया गया।  

मुख्यमंत्री ने इंदौर में इंदौरी पोहा जलेबी का लिया लुत्फ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज रविवार को इंदौर में आगमन हुआ। वे इंदौर में मप्र पिकलबॉल एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के पश्चात एयरपोर्ट के रास्ते में अचानक गाड़ी रुकवाई और कालानी नगर स्थित मौसा पराठा हॉउस में इंदौरी पोहा जलेबी और चाय का लुफ्त लिया। इस दौरान उन्होंने रेस्टोरेंट के वर्कर्स के साथ सहज अंदाज में फ़ोटो भी खिंचवाए और उनका अभिवादन भी स्वीकारा। साथ ही रेस्टोरेंट के संचालक से चर्चा भी की। इस दौरान जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, विधायक श्री रमेश मेंदोला और श्री सुमित मिश्रा और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहें। 

एमपी में अमित शाह का हाई-प्रोफाइल विजिट: दो दिन अलर्ट मोड पर रहेगा प्रशासन, चप्पे-चप्पे पर पहरा

ग्वालियर  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 24 दिसंबर को मध्य प्रदेश के ग्वालियर पहुंच सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, शाह यहां रात्रि विश्राम भी करेंगे और उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे। इस यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया गया है। जिस वीआईपी होटल में गृह मंत्री ठहरेंगे, उसे पुलिस ने पहले ही घेरे में ले लिया है। शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों ने होटल का दौरा कर सुरक्षा का पूरा खाका तैयार किया। राजनीतिक हलचल बढ़ी, कांग्रेस की नजर भी बैठक पर अमित शाह के ग्वालियर में रात्रि विश्राम करने की खबर से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। भाजपा नेताओं का मानना है कि गृह मंत्री मुख्यमंत्री के साथ ग्वालियर-चंबल अंचल के प्रमुख भाजपा नेताओं और दिग्गजों के साथ बंद कमरे में महत्वपूर्ण बैठक कर सकते हैं। चंबल क्षेत्र में पार्टी की रणनीति, संगठनात्मक मजबूती और आगामी राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। अहम मानी जा रही बैठक यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि चंबल अंचल भाजपा के लिए हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है। अगले दिन यानी 25 दिसंबर को अमित शाह ग्वालियर के मेला मैदान में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं। मेला मैदान में तीन विशाल डोम लगाए जा रहे हैं, जिनमें करीब 30 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। नो मैन्स जोन घोषित सुरक्षा के लिहाज से पूरे आयोजन स्थल को नो मैन्स जोन घोषित किया जाएगा। डोम के अंदर-बाहर पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। कार्यक्रम स्थल तक आने वाले रास्तों पर बैरिकेड्स लगाए जाएंगे, ताकि किसी तरह की असुरक्षा की गुंजाइश न रहे।   अमित शाह की यह यात्रा सिर्फ एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं लग रही। रात्रि विश्राम और संभावित बैठकों ने इसे राजनीतिक दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। भाजपा के स्थानीय नेता इसे पार्टी के लिए सकारात्मक संदेश के रूप में देख रहे हैं, जबकि विपक्षी खेमे में भी इस पर नजर टिकी हुई है। कुल मिलाकर, ग्वालियर इस क्रिसमस पर राजनीतिक गहमागहमी का केंद्र बनने जा रहा है।

सरकारी नौकरी करने वालों के लिए राहत की उम्मीद? एमपी में 5-डे वर्किंग पर नए संकेत

भोपाल  मध्यप्रदेश में कोरोना काल के दौरान से सरकारी दफ्तरों में 5-डे वर्किंग का कल्चर लागू है। शनिवार और रविवार को अवकाश रहता है। पूर्व में कई बार 5-डे वर्किंग के आदेश को आगे बढ़ाकर जारी रखा गया है लेकिन क्या नए साल यानी जनवरी 2026 से सरकारी दफ्तरों में 5-डे वर्किंग का कल्चर बंद हो जाएगा ये अटकलें बीते कुछ दिनों से तेजी से चल रही थीं। लेकिन अब सूत्रों से जो जानकारी मिल रही है वो सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी है। 5-डे वर्किंग को लेकर नए संकेत प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में 5-डे वर्किंग को लेकर सूत्रों से खबर मिल रही है कि सरकार 5-डे वर्किंग की व्यवस्था सरकारी दफ्तरों में जारी रख सकती है। ये खबर प्रदेश के सात लाख से ज्यादा सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए राहत भरी है। छुट्टियों पर पुनर्विचार के लिए सामान्य प्रशासन, वित्त, गृह और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की समिति बनाई गई है इसका उद्देश्य स्वैच्छिक सहित कर्मचारियों को प्रति वर्ष मिलने वाले अन्य अवकाश पर पुनर्विचार करना है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक इसमें 5-डे वर्किंग के कल्चर को खत्म कर 6-डे वर्किंग कल्चर की व्यवस्था लागू करना शामिल नहीं है।   जयंतियों पर मिलने वाले अवकाश कम किए जाएं- कर्मचारी संघ 5-डे वर्किंग की व्यवस्था को लेकर मध्यप्रदेश कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी का कहना है कि सरकार द्वारा अन्य महापुरुषों की जयंती के नाम पर जो अवकाश घोषित किए जा रहे हैं। उनको भले ही कम कर दिया जाए लेकिन प्रत्येक शनिवार का अवकाश लागू रहने दिया जाए। प्रदेश के कर्मचारी इस व्यवस्था में रच गए हैं और इससे सरकार को 400 करोड़ की बचत भी हो रही है। उमाशंकर तिवारी ने आगे कहा कि जब सरकार आनंद विभाग बनाकर कर्मचारियों को मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रखने की कोशिश कर रही है तो फिर यह शनिवार का अवकाश निरस्त नहीं होना चाहिए।

इंदौरवासियों के लिए खुशखबरी: मेट्रो की अंडरग्राउंड बाधा खत्म, रेडिसन तक सफर तय

इंदौर वर्ष 2025 में इंदौर को प्रदेश की पहली मेट्रो चली और हजारों शहरवासियों ने मेट्रो में सफर का आनंद भी लिया। सुपर प्रायोरिटी कारिडोर के 5.9 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो चलाने के पूर्व वर्ष के शुरुआत में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी ने निरीक्षण कर इंदौर के मेट्रो ट्रेक को सुरक्षित बताया। इसके बाद मई माह में इस सुपर कॉरिडोर पर मेट्रो की शुरुआत हुई। मेट्रो की शुरुआत में लोगों को निशुल्क सफर का ऑफर दिया गया। इसका लाभ भी शहरवासियों ने बढ़ चढ़कर लिया। निशुल्क व रियायती दरों पर टिकट के साथ इंदौरवासियों ने अपने परिवार व मित्रों के साथ शहर की पहली मेट्रो में बैठकर सफर किया। मेट्रो की अंडरग्राउंड की उलझन सुलझी यह वर्ष मेट्रो के लिए चुनौती थी कि बंगाली व खजराना के बीच मेट्रो अंडर ग्राउंड होगी या नहीं। वर्ष के समाप्त होते-होते दिसंबर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि इस हिस्से में मेट्रो को अंडरग्राउंड किया जाएगा और इस कार्य पर 865 करोड़ का जो खर्च आएगा उसे राज्य शासन वहन करेगी। इस तरह इस वर्ष मेट्रो की अंडरग्राउंड की उलझन सुलझी। मेट्रो प्रोजेक्ट में वर्ष 2026 का शहरवासियों के लिए उम्मीद भरा होने वाला है। मार्च तक शहरवासी सुपर कारिडोर से रेडिसन चौराहे तक मेट्रो में बैठ सफर का लुत्फ ले पाएंगे। अंडरग्राउंड मेट्रो के निर्माण के लिए एजेंसी हुई तय इंदौर में 31.32 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो की रिंग तैयार होना है। पूर्व में इसमें से 22.62 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड था और 8.7 किमी हिस्सा अंडर ग्राउंड था। अंडरग्राउंड हिस्से के निर्माण के लिए इस वर्ष फरवरी माह में हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी लि., टाटा प्रोजेक्ट लि. के संयुक्त उपक्रम को 2190.91 करोड़ में निर्माण को ठेका मिला। गौरतलब है कि अंडरग्राउंड मेट्रो निर्माण हिस्से में एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) द्वारा 1600 करोड़ का लोन दिया जा रहा है। फिलहाल निर्माण एजेंसी ने एयरपोर्ट, रानी सराय सहित मेट्रो के अन्य प्रस्तावित सात अंडर ग्राउंड मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए सर्वे कार्य शुरु कर दिया है। अंडरग्राउंड हिस्से में छोटा गणपति मेट्रो स्टेशन को लेकर इस क्षेत्र रहवासियों ने विरोध भी किया। मंत्री विजयवर्गीय ने एक दीपावली मिलन समारोह के कार्यक्रम में कहा कि यह स्टेशन नहीं बनेगा लेकिन बाद में अधिकारियों ने कहा कि छोटा गणपति पर नेटम तकनीक से जमीन के नीचे ब्लास्टिंग कर सुरंग तैयार की जाएगी। इससे जमीन के ऊपर की इमारतों को ज्यादा नुकसान नहीं होगा। वही मेट्रो के अंडरग्राउंड मुद्दे पर हाई कोर्ट में एक सुनवाई भी जारी है। इंदौर से उज्जैन व पीथमपुर तक मेट्रो चलाने का रास्ता हुआ साफ इस वर्ष इंदौर से उज्जैन व इंदौर से पीथमपुर के बीच मेट्रो चलाने की योजना पर भी राज्य सरकार ने मुहर लगाई। दिल्ली मेट्रो रेल कापोर्ररेशन ने इसकी डीपीआर भी तैयार कर ली है। नए साल में मेट्रो के अधिकारियों के समक्ष और केबिनेट के सामने इस प्रोजेक्ट को रखा जाएगा। इन कमियों ने भी मेट्रो निर्माण कार्य पर उठाया सवाल     एक्सपेंशन ज्वाइंट हुए चोरी: मेट्रो के सात किलोमीटर हिस्से एल-की से 71 स्थानों तांबे के एक्सपेंशन ज्वाइंट चोरी होने के मामला मार्च में सामाने आया और निर्माण एजेंसी ने पुलिस थाने में चोरी की एफआईआर दर्ज करवाई। निर्माण कार्य के दौरान ही सुरक्षा पर सवाल उठे।     स्टेशन पर गिरी फाल सीलिंग: मई में सुपर कारिडोर पर मेट्रो के शुभारंभ के पहले जब मेट्रो के एमडी निरीक्षण के लिए इंदौर आए थे। उसी दौरान एक स्टेशन पर फाल सीलिंग गिरने की घटना हुई। जांच कमेटी बनी और पांच स्टेशनों पर उसे खामियां भी मिली। शुभारंभ के ठीक पहले बदले मेट्रो स्टेशन के नाम: मेट्रो के शुभारंभ के ठीक एक दिन पहले स्थानीय नेताओं सुपर कारिडोर के पांचो स्टेशन के वीरांगनाओं के नाम पर करने निर्देश दिए और अफसरों को भागते दौड़ते स्टेशन के नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी करना पड़ी। नहीं शुरु हो पाया बार कोड स्कैन टिकटिंग सिस्टम: ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के मिसाइल व ड्रोन में तकनीकी सहयोग देने वाली तुर्किये की कंपनी से जुड़ी कंपनी को इंदौर मेट्रो को बार कोड स्कैनर का जुड़ाव पाने पर कंपनी का ठेका कैंसिल किया गया। इसके स्थान पर मेट्रो में मैन्युअल टिकटिंग की व्यवस्था को लागू किया गया।