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डिजिटल सुविधा का विस्तार: भोपाल में ऑनलाइन मिलेगा मैरिज सर्टिफिकेट, नहीं लगाने होंगे ऑफिस के चक्कर

भोपाल राजधानीवासियों को अब मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने के लिए निगम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे न ही किसी दलाल को रिश्वत देकर सर्टिफिकेट बनवाने की जरूरत पड़ेगी। क्योंकि अब यह काम ऑनलाइन होगा। टीएल की बैठक के दौरान निगमायुक्त संस्कृति जैन ने नागरिक सेवाओं को सरल और पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। शहर के नागरिक निगम की वेबसाइट पर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर मैरिज सर्टिफिकेट ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वार्ड में पदस्थ निगम कर्मचारी अपलोड किए गए दस्तावेजों के आधार पर मौके पर पंचनामा तैयार करेंगे और दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। सत्यापन पूरा होने के बाद संबंधित व्यक्ति डिजिटल मैरिज सर्टिफिकेट ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। निगम आयुक्त ने ऑनलाइन सर्टिफिकेट जारी करने की पूरी प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। चेतावनी: 50 दिन से ज्यादा कोई भी शिकायत लंबित न रहे बैठक के दौरान समय-सीमा की शिकायतों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए निगमायुक्त अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 50 दिनों तक कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए। निर्धारित अवधि में शिकायतों का निराकरण कर उन्हें विलोपित कराया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।    बड़े बकायादरों पर करें सख्ती राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए निगम आयुक्त ने संपत्तिकर और बकाया करों की प्रभावी वसूली के निर्देश दिए, विशेष रूप से बड़े बकायादारों से सख्ती से कर वसूली करने को कहा। साथ ही लीज रेंट की राशि भी अनिवार्य रूप से जमा कराने के निर्देश दिए गए।

सेहत पर संकट: मध्यप्रदेश में बच्चों और महिलाओं को तेजी से घेर रहा एनीमिया

भोपाल मध्यप्रदेश में पोषण और सेहत को लेकर एक चिंताजनक स्थिति सामने आई है। एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम 2025-26 की ताजा स्क्रीनिंग रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में पांच साल से कम उम्र के हर 10 में से पांच बच्चे (50%) और हर 10 में से तीन महिलाएं (30%) एनीमिया से पीड़ित हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि बड़ी आबादी अब भी कुपोषण और खराब खान-पान की समस्या से जूझ रही है। हालांकि, इस चिंताजनक तस्वीर के बीच एक सकारात्मक पहलू भी सामने आया है। मध्यप्रदेश ‘एनीमिया मुक्त भारत’ अभियान के क्रियान्वयन में लगातार छह माह से देशभर में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। इसका श्रेय हेल्थ वर्कर्स, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया जा रहा है, जो समय रहते मरीजों की पहचान कर उपचार उपलब्ध करा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इसे स्वास्थ्य तंत्र की प्रतिबद्धता और टीमवर्क का परिणाम बताया है।   70 लाख बच्चों की हुई डिजिटल जांच वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ‘दस्तक अभियान’ के तहत 70.62 लाख बच्चों की डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर से जांच की गई। इनमें से 35.21 लाख बच्चों में एनीमिया की पुष्टि हुई, जिनका उपचार शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही 9.42 लाख गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग में 3 लाख से अधिक महिलाएं मध्यम से गंभीर एनीमिया से ग्रसित पाई गईं, जिन्हें आयरन सुक्रोज और रक्ताधान जैसी सुविधाएं दी गईं। एनीमिया केवल थकान या कमजोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के मानसिक विकास में भी बड़ी बाधा बनता है। सरकार का लक्ष्य उपचार और जागरूकता के माध्यम से प्रदेश को पूरी तरह एनीमिया मुक्त बनाना है। बचाव के लिए क्या करें? पालक : आयरन और फोलेट का समृद्ध स्रोत। अंजीर व चुकंदर : रोजाना सेवन से खून बढ़ाने में सहायक। केला व शकरकंद : ऊर्जा के साथ पोटैशियम और मैग्नीशियम की पूर्ति। लौकी : विटामिन और मिनरल से भरपूर, कोलेस्ट्राल नियंत्रित रखने में मददगार।

केन्द्रीय गृह मंत्री का सेमरिया क्षेत्र में आगमन हमारे लिए गौरव का क्षण है: उप मुख्यमंत्री

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने बसामन मामा गौअभ्यरण्य में 25 दिसंबर को आयोजित होने वाले प्राकृतिक खेती माडल के लोकार्पण तथा किसान एवं सहकारिता सम्मेलन की तैयारियों का जायजा लिया। उप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल, पार्किंग स्थल, नवनिर्मित भोजन शाला, गौशाला, मंदिर तथा प्राकृतिक खेती के लिए बनाये गये विभिन्न प्रकल्पों का निरीक्षण किया। उप मुख्यमंत्री ने गौअभ्यारण्य के प्रशासनिक भवन परिसर में आयोजित बैठक में सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह 25 दिसंबर को बसामन मामा गौअभ्यारण्य का दौरा करेंगे। केन्द्रीय गृह मंत्री किसान एवं सहकारिता सम्मेलन में निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा भूमिपूजन करने के साथ विशाल जनसभा को सम्बोधित करेंगे। केन्द्रीय गृह मंत्री बसामन मामा गौअभ्यारण्य का भ्रमण कर गौवंश की सेवा के लिए किये जा रहे प्रयासों की जानकारी लेंगे। साथ ही उद्यानिकी तथा खेती के लिए गौअभ्यारण्य में विकसित किये जा रहे प्राकृतिक एवं जैविक खेती के लिए माडल का लोकार्पण करेंगे। इस माडल में जैविक विधि से उगाये गये पौधे, जैवविविधता से जुड़े 60 तरह के बीज तथा 12 तरह के जैविक खाद कीटनाशकों का प्रदर्शन किया जायेगा। केन्द्रीय गृह मंत्री का सेमरिया क्षेत्र में आगमन हमारे लिए गौरव का क्षण है। उप मुख्यमंत्री ने सम्मेलन की मंच व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, वाहन की पार्किंग, साफ-सफाई तथा पेयजल व्यवस्था तथा बिजली की आपूर्ति के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये। बैठक में उपस्थित अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर तथा एसडीएम सिरमौर दृष्टि जायसवाल ने सम्मेलन के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। गौ-अभ्यारण्य प्रबंधन समिति के सचिव सेवानिवृत्त उप संचालक पशुपालन डॉ. राजेश मिश्रा ने गौअभ्यारण्य में किये जा रहे कार्यों का विवरण दिया। बैठक में जिला पंचायत श्रीमती नीता कोल, पूर्व विधायक श्री के.पी. त्रिपाठी,  श्री राजेश पाण्डेय अन्य जनप्रतिनिधिगण संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री ने बसामन मामा तीर्थ जाकर दर्शन तथा पूजा अर्चना की। 

एलएनसीटी यूनिवर्सिटी में हुआ भव्य दीक्षांत समारोह! 5 विभूतियों को मिली मानक उपाधि

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार, 20 दिसंबर को शिक्षा और गौरव का उत्सव देखने को मिला। कोलार रोड स्थित एलएनसीटी यूनिवर्सिटी में चौथे दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जहां छात्र-छात्राओं के सपनों को नई उड़ान मिली। दीक्षांत समारोह में कर्नाटक राज्य के राज्यपाल थवारचंद गहलोत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाने के लिए केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते और भाजपा राष्ट्रीय महा सचिव अरुण सिंह भी बतौर विशेष अतिथि मौजूद रहे। मध्य प्रदेश शासन में राज्य मंत्री कृष्णा गौर, भोपाल की हुजूर विधानसभा से विधायक रामेश्वर शर्मा, एमपी प्राइवेट यूनिवर्सिटी रेगुलेटरी कमिशन के प्रेसिडेंट डॉ खेम सिंह डहरिया भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में अंडरग्रैजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट समेत 835 और एचडी के 29 छात्र छात्राओं ने डिग्री प्राप्त की। वहीं 34 गोल्ड मैडल और 1 मेमोरल मेडल भी दिया गया। पांच विशिष्ट जनों को मिली मानक उपाधि समारोह के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पांच व्यक्तियों को मानक उपाधि से सम्मानित किया गया: सतीश मालवीय – राजनीतिज्ञ, दीपक जायसवाल – राष्ट्रीय अध्यक्ष, नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (NFITU), मनोज कुमार पांडे – दिव्यांगजन पुनर्वास विशेषज्ञ, ब्रह्मऋषि सच्चिदानंद स्वामी – आध्यात्मिक युग और रवीश रोशन – डायरेक्टर, केगर अच्छे मनुष्य के साथ समाज के हर क्षेत्र में अच्छा ही होता है : जय नारायण चौकसे यूनिवर्सिटी के चांसलर जय नारायण चौक से ने सभी छात्र-छात्राओं को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी और कहा,“ज्ञान का कोई अंत नहीं होता। जीवन में कुछ पाने के लिए हमेशा मन में इच्छा रखनी चाहिए। आप अच्छे मनुष्य बनें, क्योंकि अच्छे मनुष्य के साथ समाज के हर क्षेत्र में अच्छा ही होता है।” उन्होंने फैकल्टी सदस्यों और अभिभावकों की भूमिका को भी सराहते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग के बिना छात्रों की यह सफलता संभव नहीं थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एलएनसीटी ग्रुप भविष्य में शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करता रहेगा। संबोधन के अंत में उन्होंने सभी डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, बड़े सपने देखें और उन्हें साकार करने का साहस रखें। शिक्षा का वास्तविक अर्थ समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देना : डॉ अनुपम चौकसे एलएनसीटी ग्रुप के सेक्रेटरी डॉ. अनुपम चौकसे ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए शिक्षा के वास्तविक उद्देश्य और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर दिया। अपने संबोधन में डॉ. अनुपम चौकसे ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि यह उनकी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि एलएनसीटी ग्रुप का लक्ष्य केवल डिग्रियां बांटना नहीं, बल्कि ऐसे युवा तैयार करना है जो समाज के लिए उपयोगी, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बन सकें। डॉ. चौकसे ने कहा कि आज के समय में शिक्षा का वास्तविक अर्थ समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देना है। छात्र जिस भी क्षेत्र में जाएं, वहां अपनी योग्यता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों से पहचान बनाएं। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखते रहने और बदलते समय के साथ खुद को अपडेट रखने की सलाह दी। छात्र-छात्राओं को दिलाई गई दीक्षांत प्रतिज्ञा यूनिवर्सिटी के कुलपति ने डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को दीक्षांत प्रतिज्ञा दिलाई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। LNCT प्रबंधन और फैकल्टी की गरिमामयी उपस्थिति इस विशेष अवसर पर एलएनसीटी ग्रुप के सेक्रेटरी डॉ. अनुपम चौकसे, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर धर्मेंद्र गुप्ता, वाइस चेयरपर्सन पूनम चौकसे, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ श्वेता अनुपम चौकसे, पूजा चौकसे वी सी एन के थापक सहित सभी विभागों के डीन, डायरेक्टर्स और सीनियर फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे।

ऊंचाई पर निर्मित मेट्रो ट्रेन ट्रेक से सफर करते हुए भोपाल की सुंदरता देखना विशेष अनुभव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेट्रो ट्रेन को शनिवार की शाम सुभाष नगर से एम्स मेट्रो स्टेशन तक 7 किलोमीटर का सफर किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने भी उनके साथ यात्रा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेट्रो ट्रेन से विकास को पंख लग जाते हैं। इससे शहर के विकास की नई कहानी शुरू हो जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एम्स मेट्रो रेल स्टेशन पर उपस्थित नागरिकों और मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफर के दौरान भी अनेक यात्रियों से बातचीत की और उनके अनुभव जाने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल की इस मेट्रो ट्रेन यात्रा में अपना अनुभव बताते हुए कहा कि ऊंचाई पर बने ट्रेक से ट्रेन यात्रा करते हुए दोनों ओर शहर की हरियाली और सुंदरता देखने का अनुभव भी अपने आप में बेजोड़ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में यह शहरी ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में बड़ी सौगात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी यात्रियों सहित एम्स आने वाले रोगियों और नागरिकों के लिए यह महत्वपूर्ण सुविधा है। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री श्री मनोहरलाल का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर मेट्रो से जुड़े हर कार्य के लिये केंद्र सरकार आवश्यक धनराशि भी प्रदान कर रही है। मध्यप्रदेश में शहरी विकास योजनाओं में भारत सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। आज ही 262 विकास कार्यों की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेट्रो ट्रेन के शुभारंभ पर समस्त राज्य की जनता को बधाई दी। केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहरलाल ने भोपाल को मिली इस विशेष सुविधा को समय की बचत और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने भोपालवासियों को मेट्रो ट्रेन प्रारंभ होने पर बधाई दी। इस अवसर पर भोपाल मेट्रो रेल कार्पोरेशन के पदाधिकारी, अनेक जनप्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे।  

बैतूल में छह दिवसीय आदि बाज़ार महोत्सव का शुभारंभ 21 दिसंबर को

भोपाल  भारत की जनजातीय कला, संस्कृति को प्रदर्शित करने तथा जनजातीय समुदाय के लिए आजीविका के अवसरों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से बैतूल में 21 दिसम्बर को शुभारंभ किया जा रहा है। छह दिवसीय आदि बाज़ार महोत्सव के शुभारंभ में भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ मर्यादित द्वारा जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में किया जा रहा है। केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके मुख्य अतिथि होंगे। श्री हेमंत खंडेलवाल, विधायक, बैतूल विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर TRIFED की क्षेत्रीय प्रबंधक, श्रीमती प्रीति मैथिल ने बताया कि आदि बाज़ार में देशभर से 50 प्रतिभाशाली कारीगर भाग ले रहे हैं, जिनमें मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना एवं पूर्वोत्तर राज्यों के कारीगरों के साथ-साथ बैतूल जिले के स्थानीय कारीगर भी शामिल हैं। जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल आदि बाज़ार में भारत की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और शिल्पकला देखने को मिलेगी। आगंतुकों को महेश्वरी, चंदेरी और बाघ प्रिंट साड़ियाँ एवं सूट, डोकरा धातु शिल्प, बांस शिल्प, ब्लैक आयरन क्राफ्ट, जनजातीय पेंटिंग्स, शहद, उपहार, तथा स्थानीय जैविक उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला देखने और खरीदने का अवसर मिलेगा। महोत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी होंगी।  

उप मुख्यमंत्री ने सांसद कप खेल प्रतियोगिता का किया शुभारंभ

खेलों से तन मन स्वस्थ्य रहने के साथ मिलती है अनुशासन की सीख: उप मुख्यमंत्री भोपाल  रीवा जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में 29 अगस्त से सांसद कप खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इस क्रम में रीवा विधानसभा क्षेत्र की सांसद कप खेल प्रतियोगिता का मार्तण्ड उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने शुभारंभ किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों से तन मन स्वस्थ्य रहने के साथ हमें जीवन में अनुशासन की सीख मिलती है। खेलों से प्रतिस्पर्धा की भावना का विकास होता है। सांसद श्री जनार्दन मिश्र ने जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में सांसद कप प्रतियोगिता आयोजित कराके खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया है। सांसद कप खेल प्रतियोगिता में फुटबाल, कबड्डी, बालीवाल, क्रिकेट, कराटे, खो खो जैसे खेलों के साथ-साथ परंपरागत ग्रामीण खेलों जैसे गेंद गिप्पी की भी प्रतियोगिताएं हो रही हैं। सांसद कप खेल प्रतियोगिताओं का भव्य समापन 25 दिसंबर को स्पोटर्स काम्पलेक्स रीवा में किया जायेगा। स्पोटर्स काम्पलेक्स में राष्ट्रीय और विश्व स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए फुटबाल मैदान, एथलेटिक्स तथा इंडोर खेलों की सुविधा है। यह विन्ध्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए बड़ी सौगात है। समारोह में उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। समारोह में अध्यक्ष नगर निगम श्री व्यंकटेश पाण्डेय,श्रीमती हेमलता सिंह, संभागीय खेल अधिकारी एम.के. धौलपुरी तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।  

भारत जल्द ही बनेगा विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था : केंद्रीय संचार मंत्री श्री सिंधिया

हम सैकड़ों हाथों से कमाएं और हजारों हाथ से बांटे हमारे डीएनए में है उद्यमशीलता देश का सबसे तेज गति से औद्योगिक विकास करने वाला राज्य बना मध्यप्रदेश भारत ने अच्छाई, सच्चाई और संपन्नता को बांटा है विश्व से भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा शक्ति ही सदैव नया इतिहास लिखती है। युवाओं की असीम ऊर्जा, नवाचार और उद्यमशील सोच से ही हमारा मध्यप्रदेश लगातार प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रदेश युवा ऊर्जा से भरपूर है और सामूहिक प्रयासों से हम विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमशीलता हम भारतीयों के डीएनए में है। उद्यमिता हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रही है, जिसे आज के नव उद्यमी आधुनिक तकनीक, नवाचार और अपने हुनर से नई दिशा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में यंग इंटरप्रेन्योर फोरम समिट–2025 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के नव उद्यमियों ने अपनी मेधा, कौशल और आधुनिक तकनीकी ज्ञान का उपयोग कर रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया है। अपनी लगन, मेहनत और आत्मविश्वास से उन्होंने स्वयं का नया मुकाम बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय उद्यमिता की विशेषता यही है कि हम केवल लाभार्जन तक ही सीमित नहीं रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के हित से भी सदैव जुड़े रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवा उद्यमियों ने जोखिम उठाने की क्षमता तथा अपने साहस से समाज और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा उद्यमियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सब जो भी करना चाहते हैं, पूरे मनोयोग और आत्मविश्वास के साथ करें। शुरुआत कर ली है तो विस्तार की ओर बढ़ें तथा अगर विस्तार कर रहे हैं तो पूरी समाज को साथ में लेने का प्रयास करें। सरकार सहयोगी बनकर हमेशा आप सबके साथ खड़ी है। नव उद्यमियों को उनका व्यापार-व्यवसाय, बिजनेस यूनिट, औद्योगिक इकाई की स्थापना सहित इसमें उत्पादन प्रारंभ करने तक सभी जरूरी मदद मुहैया कराई जायेगी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने सपनों को साकार करने की ओर पूरी ताकत और मेहनत से आगे बढ़ें तथा अपने नवाचारों और उद्यमशीलता से आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में फार्मा से लेकर एग्रीकल्चर तक, फिशरीज से लेकर फूड प्रोसेसिंग तक, टेक्नोलॉजी से लेकर टूरिज्म तक ऑटोमोबाइल से लेकर मैनुफैक्चरिंग, हर क्षेत्र में निवेश आ रहा है और रोजगार के नये-नये अवसर सृजित हो रहे हैं। उद्यमिता तभी सफल है जब वह राष्ट्र-कल्याण से भी जुड़ी हो। नये भारत के निर्माण का सुनहरा अवसर युवा उद्यमियों को मिला है तो देश के विकास में अमिट योगदान दीजिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत का उज्जवल भविष्य आज हमारे साथ है। युवाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में विचार, आस्था, उद्यम और निवेश के माध्यम से समाज को दिशा दी है। किसी ने राष्ट्र और मूल्यों को वैचारिक दिशा दी, किसी ने युवाओं को उद्देश्य और अनुशासन से जोड़ा, किसी ने उद्यमिता का आत्मविश्वास जगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत उपभोक्ता नहीं, उत्पादक राष्ट्र बने, यही आज की आवश्यकता है और यह काम युवाओं के संकल्प से ही पूरा होगा। युवा ही भारत को 5 ट्रिलियन इकोनॉमी वाली अर्थव्यवस्था बनाएंगे। भारत में लोक-कल्याण का संस्कार रही है उद्यमिता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में उद्यमिता लोक कल्याण के संस्कार के रूप में हमारे रक्त में बहती है। देश सिर्फ रोजगार से नहीं, उद्यमिता से आगे बढ़ता है। उद्यम से कई लोगों को रोजगार मिलता है, अर्थव्यस्था का पहिया घूमता है। मध्यप्रदेश तेजी से विकसित होते राज्यों में अग्रणी है। पिछले दो वर्ष में हमने उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में निर्णायक और दूरगामी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हमने नया इन्वेस्ट एमपी 3.0 पोर्टल प्रारंभ किया है। ह नया पोर्टल निवेशकों को नीति, अनुमति, प्रोत्साहन तथा एआई आधारित फिजिबिलिटी जैसी कई सुविधाएं एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के पास एक लाख एकड़ का विशाल लैंड बैंक है, मध्यप्रदेश में जीपीएस प्रणाली द्वारा औद्योगिक भूमि बैंक का सुदृढ़ीकरण किया गया है, ताकि निवेशकों को समय पर और उपयुक्त भूमि उपलब्ध हो सके। हमारा उद्देश्य प्रदेश में न केवल निवेश-अनुकूल नीतियां तैयार करना है, बल्कि इनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी है। नये स्टार्टअप्स के लिए राज्य सरकार ने लागू की है समग्र और दूरदर्शी नीति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी साल फरवरी में हुई जीआईएस से मध्यदेश को 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। इनमें से रुपये 8.57 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। प्रदेश में आज 6 हजार 400 से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं, जिनमें से 3 हजार से अधिक स्टार्टअप यानी लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप्स महिलाओं द्वारा संचालित है। उन्होंने बताया कि नये स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार ने एक समग्र और दूरदर्शी नीति लागू की है। इसके अंतर्गत सीड फंड के रूप में प्रति स्टार्टअप 30 लाख तक सहायता, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा मान्यता वाले स्टार्टअप्स के लिए 100 करोड़ का निवेश कोष, निवेश अथवा ऋण पर 18 प्रतिशत तक सहायता और 72 लाख तक सब्सिडी दी जा रही है। घरेलू पेटेंट के लिए रुपये 5 लाख तक की और अंतर्राष्ट्रीय पेटेंट के लिए रुपये 20 लाख की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश मे रुपये 43 लाख 20 लाख 4 वर्षों में 3 हजार अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं। पिछले हजार से अधिक नई 26 विनिर्माण इकाइयां स्थापित हुईं। इनमें 66 हजार करोड़ से अधिक निवेश और 1 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने यंग इंटरप्रेन्योर फोरम समिट के आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में हुई यह नई पहल अब देश-विदेश में भी नव उद्यम का नया अलख जगायेगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के संकल्प से विश्व के लिए इकोनॉमिक पावर हाउस बनेगा नया भारत केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर राज्य विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के हृदय स्थल मध्यप्रदेश को अपनी क्षमता और संकल्प से राष्ट्रपटल पर … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा नव उद्यमी नवाचार, स्पष्ट सोच और सामाजिक दायित्व के साथ बढ़े आगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नव उद्यमियों से आह्वान किया कि वे नवाचार, स्पष्ट सोच और सामाजिक दायित्व के साथ आगे बढ़ें। प्रदेश में अधिकाधिक निवेश करें। प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिये अनुकूल वातावरण संसाधन और सविधाएं है। राज्य शासन द्वारा निवेशकों को सभी संभव सहयोग दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि उद्योग न केवल संपन्नता, बल्कि हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है। “वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना के साथ भारत और मध्यप्रदेश उद्यमिता के नए शिखर छुएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज इंदौर में यंग एंटरप्रेन्योर्स फाउंडेशन (YEF)  द्वारा आयोजित नव उद्यमियों के भारत समिट 2025 को सम्बोधित कर रहे थे। इस प्रतिष्ठित आयोजन में केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, श्री दीपक विस्पुते, श्री राज सोमानी, श्री सिद्धार्थ सिंह, श्री विकास खेमानी, विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री मधु वर्मा, श्रीमती मालिनी गौड़, डॉ. निशांत खरे, श्री सावन सोनकर, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और पुलिस कमिश्नर श्री संतोष सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। यह समिट नेतृत्व, उद्यमिता, आध्यात्मिकता और अगली पीढ़ी के लिए दूरदर्शी सोच को एक सशक्त मंच पर एक साथ लाने वाला ऐतिहासिक आयोजन रहा। देशभर से आए प्रभावशाली वक्ताओं, युवा उद्यमियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विचारशील व्यक्तित्वों ने अपने अनुभव साझा किए। उद्योग से जीवन संवारने की स्पष्ट नीति के साथ मध्यप्रदेश में उद्योग का नया संकल्प मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि युवा शक्ति ही भारत के भविष्य की आधारशिला है। उद्यमिता और नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नव उद्यमी युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश देश का सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाला राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पहली बार उद्योग विभाग को सीधे मुख्यमंत्री स्तर पर प्राथमिकता दी है, ताकि निर्णय तेज़ी से हों और निवेशकों का विश्वास और मजबूत हो। मुख्यमंत्री  डॉ. यादव ने कहा कि “उद्योग से जीवन संवारने” की स्पष्ट नीति के साथ मध्यप्रदेश में उद्योग का नया संकल्प लिया गया है। यह नीति न केवल आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित करेगी। जल संसाधन और सौहार्द का नया अध्याय डॉ. मोहन यादव ने बताया कि पीकेसी (PKC) योजना और नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से राज्य को जल-संपन्न बनाने की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के बीच जल-साझेदारी ने एक नया मोड़ लिया है। पड़ोसी राज्यों को पानी देने का निर्णय केवल परियोजना नहीं, बल्कि सौहार्द और सहयोग का नया अध्याय है। ग्रीन एनर्जी में ऐतिहासिक उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रीनको प्रोजेक्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां कुछ राज्यों और देशों में यह परियोजना 4 से दस वर्षों में पूरी हुई, वहीं मध्यप्रदेश में यह दुनिया का बड़ा प्रोजेक्ट दो साल से भी कम समय में तय होकर आज लोकार्पण की स्थिति तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मजबूत संबंधों, भरोसे और तेज़ निर्णय प्रक्रिया का परिणाम है। निवेश के नए कीर्तिमान डॉ. मोहन यादव ने बताया कि भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में में  32 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं, जिनमें से 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश का भूमिपूजन पहले ही हो चुका है। उन्होंने जानकारी दी कि 25 दिसम्बर को 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश का भूमिपूजन/लोकार्पण एक ही स्थान पर संपन्न होगा, जो अपने आप में ऐतिहासिक है। यह कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मतिथि के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री की उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कई  सेक्टर्स में भी अपार संभावनाएं है। इन संभावनाओं के मद्देनजर इन्हें विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार  पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता और सही दिशा देने वाले मंच ही राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी उद्यमी की सफलता का रहस्य X-Factor नहीं बल्कि D-Factor है। यह D-Factor है—Dreamers (सपने देखने वाले), Doers (उन्हें जमीन पर उतारने वाले) और Disrupters (नवाचार से व्यवस्था बदलने वाले), जो भारत की प्रगति की असली शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि आज का युवा भारत नई सोच, साहस और जोखिम लेने की क्षमता से लैस है। यह वही युवा है जो नींद से ज्यादा रणनीति को महत्व देता है और असली विकास और असली प्रगति  में विश्वास रखता है। उन्होंने कहा कि बड़े और साहसिक विचार ही वास्तविक बदलाव की नींव रखते हैं। श्री सिंधिया ने अपने व्यक्तिगत जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि न्यूयॉर्क में नौकरी के बाद भारत लौटकर शून्य से शुरुआत करना आसान नहीं था, लेकिन धैर्य, परिश्रम और निरंतर प्रयास ने सफलता का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि resilience दिखावा नहीं, बल्कि शांत और निरंतर संघर्ष है। 

आजादी के 100 साल को ध्यान में रखते हुए तैयार करें शहरों के विकास की योजना : केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल

भोपाल में हुई शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिये समन्वय से करें योजना का क्रियान्वयन अधोसंरचना विकास के कार्यों में बजट का हो सही उपयोग भोपाल  केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा है कि शहरों के विकास के लिये केन्द्र सरकार से मिलने वाली बजट राशि का पूरा उपयोग समय पर किया जाए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत की जो कल्पना की है, उसे तभी पूरा किया जा सकेगा, जब केन्द्र और राज्य सरकार पूरे समन्वय के साथ कार्य करेंगी। केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल शनिवार को भोपाल के कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर मे शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक (उत्तरी एवं मध्य राज्य) को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के शहरी विकास मंत्री, राज्य मंत्री, भारत सरकार एवं राज्यों के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के लिये तैयार की गई कार्य दिशा पुस्तिका का विमोचन किया। केन्द्रीय शहरी मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत की शहरी आबादी अनुमान के मुताबिक कुल आबादी की 50 प्रतिशत तक हो जाएगी। जब हम इसे ध्यान में रखते हुए शहरी योजनाओं का क्रियान्वयन करेंगे, तभी विकसित और आत्मनिर्भर भारत बना सकेंगे। उन्होंने कहा कि शहरी कार्य मंत्रालय ने योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिये देश में क्षेत्रवार राज्यों की बैठक करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि हर राज्य की भौगोलिक स्थिति और परेशानियां अलग है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि राज्यों के विकास के लिये केन्द्र सरकार सपोर्टिंग सिस्टम के रूप में काम करती है, ठोस प्रयास तो राज्य सरकारों को ही करना होगा। ठोस कार्य योजना करें तैयार केन्द्रीय शहरी मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि क्षेत्रीय बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन और शहरी परिवहन व्यवस्था पर मुख्य रूप से चर्चा की जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में तैयार मकानों के आवंटन न होने पर चिंता प्रकट की। राज्य सरकारों को यह प्रयास करना होगा कि जनता की वित्तीय हिस्सेदारी में प्रभावी रूप से किया जाये। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि सबको आवास केन्द्र सरकार की फ्लेगशिप योजना है। इस योजना को पूरा करने के लिये प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ प्राइवेट रियल्टी सेक्टर के उद्यमियों को प्रोत्साहित करना होगा। मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों को बनाया जा रहा है आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि प्रदेश में नगरीय निकायों को आर्थिक और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी के किनारे बसे शहरों में सीवरेज कार्य को प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार ने संकल्प लिया है कि नर्मदा नदी में गंदा पानी न मिलाया जाये। उन्होंने बताया कि प्रदेश की नगरीय क्षेत्रों में सम्पत्तियों की जीआई मेपिंग की गई है। इस कार्य से सम्पत्ति कर में 150 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने अमृत योजना में अधूरे कामों को पूरा करने के लिये केन्द्र से मदद दिये जाने का आग्रह किया। कार्यक्रम को केन्द्रीय सचिव आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय नई दिल्ली श्री श्रीनिवास कटिकिथला ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक के आयोजन के बारे में जानकारी दी। वीडियो फिल्म का प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा नागरिकों को दी जाने वाली ऑनलाइन सेवाओं पर केन्द्रित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन किया गया। फिल्म में पानी के सदुपयोग, अर्बन लॉकर, व्हीकल फ्यूल निगरानी सिस्टम और अन्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की जानकारी दी गई। बैठक के प्रारंभ में अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे और आयुक्त नगरीय विकास श्री संकेत भोंडवे ने उल्लेखनीय उपलब्धियों की जानकारी दी। सत्र में चर्चा उद्घाटन सत्र के बाद विभिन्न राज्यों और केन्द्र सरकार के अधिकारियों के बीच योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर बिन्दुवार चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में 9 लाख 46 हजार आवासों में 8 लाख 79 हजार आवास निर्माण किये जा चुके है। पूर्ण आवासों के आधार पर मध्यप्रदेश प्रथम सर्वेश्रेष्ठ राज्यों में शामिल है। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में 60 हजार आवासों को स्वीकृति दी जा चुकी है। केन्द्र सरकार के अधिकारियों ने कहा कि जिन हितग्राहियों के प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान बनाए जा चुके हैं, उनकी सुरक्षा की गारंटी राज्य सरकार को देना चाहिए। अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने बताया कि मध्यप्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों की आवास समस्या के हल के लिये उद्योगपतियों की मदद से किफायती आवास तैयार करने का कार्य राज्य सरकार कर रही है। सत्र में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा की प्रगति पर भी चर्चा की गई। सत्र में बताया गया कि प्रदेश में बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन बनाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। केन्द्र सरकार के अधिकारियों का कहना था कि प्रदेश में बनाई जा रही मेट्रोपॉलिटन सिटी में मेट्रो नेटवर्क के लिये राज्य सरकार को डीपीआर बनाने का कार्य प्राथमिकता से करना चाहिए। सत्र में अमृत योजना के बारे में जानकारी दी गई कि विभाग ने 6 हजार 500 प्रकरणों में स्वीकृति जारी की है। प्रदेश में ब्लैक लिस्टेड ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जा रही है। हाल ही में 40 ठेकेदारों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है। सत्र में अमृत 3.0 पर भी चर्चा की गई।