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डॉ. यादव: सभी पात्र हितग्राही तक खाद्यान्न योजनाओं का लाभ पहुंचे समय पर

हर पात्र हितग्राही तक खाद्यान्न योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना सुनिश्चित हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ई केवाइसी एवं राइट फुल टारगेटिंग के बेहतर कार्य पर दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा  भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को खजुराहो स्थित कन्वेंशन सेंटर में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि हर पात्र हितग्राही तक खाद्यान्न वितरण का लाभ सुगमता से पहुंचे। जरूरतमंद गरीबों, श्रमिकों, किसानों और महिलाओं का कल्याण हमारी प्राथमिकता है। बैठक में मुख्य रूप से लक्षित सार्वजनिक प्रणाली, उपार्जन प्रक्रिया, तकनीकी नवाचार, सिंहस्थ 2028 की तैयारियों सहित विभिन्न विषयों पर रिव्यू किया गया। इस दौरान डॉ. यादव ने विभाग द्वारा किए गए नवाचारी प्रयासों की सराहना की, वहीं अन्य विषयों पर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।  बैठक में विभाग द्वारा पात्र हितग्राहियों के ई-केवाइसी एवं राइट फुल टारगेटिंग कार्य की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि यह प्रक्रिया नियमित अंतराल में दोहराई जाए, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही को नि:शुल्क खाद्यान प्राप्त हो सके। उल्लेखनीय है कि खाद्य संचालनालय द्वारा वृहद स्तर पर कैंपेन मोड में ई केवाइसी एवं राइट फुल टारगेटिंग का कार्य किया गया था। जिसमें चरण वार हितग्राहियों के वेरीफिकेशन के बाद 34 लाख से अधिक हितग्राहियों का पोर्टल से विलोपन किया गया। वहीं इस प्रक्रिया से प्रतीक्षा सूची से लगभग 14 लाख हितग्राहियों को नवीन पात्रता पर्ची जारी कर नि:शुल्क खाद्यान का वितरण किया जा रहा है।  समीक्षा बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई एवं मती रश्मि अरुण शमी सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। प्राथमिकता श्रेणी बनाकर 25.18 लाख नवीन श्रमिकों को नि:शुल्क वितरण बैठक में बताया गया कि ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों को निःशुल्क राशन का लाभ मिल सके, इसके लिए असंगठित एवं प्रवासी श्रमिकों की 29वीं प्राथमिकता श्रेणी बनाकर 7.25 लाख परिवारों के 25.18 लाख नवीन श्रमिकों को पात्रता पर्ची के माध्यम से निःशुल्क राशन वितरित किया जा रहा है। दो वर्ष में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में 5.25 करोड़ से अधिक पात्र हितग्राहियों को 19,935 करोड़ रुपये का 66.37 लाख मीट्रिक टन निःशुल्क खाद्यान्न वितरण किया गया। पीडीएस प्रदाय केंद्रों की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई।  प्रदेश में खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 में शामिल 536.23 लाख पात्र हितग्राहियों में से 93% यानी 497.08 लाख हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूर्ण किया जा चुका है। वहीं, प्रतीक्षारत 14 लाख नवीन पात्र हितग्राहियों को पात्रता पर्चियां जारी कर नि:शुल्क खाद्यान्न दिया जा रहा है। किसानों को एमएसपी के लाभ के साथ बोनस और प्रोत्साहन राशि भी मिली किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले इसके लिए प्रदेश सरकारी द्वारा रबी विपणन वर्ष 2024-25 और 2025-26 में एमएसपी पर गेंहू बेचने वाले किसानों को 29558.40 करोड़ रुपये की एमएसपी राशि और 1965 करोड़ रुपये के बोनस का भुगतान किया गया है। वहीं खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 19208.76 करोड़ रुपये की एमएसपी राशि एवं 337.11 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का भुगतान मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत किया गया है। चावल उत्पादक किसानों को लाभ पहुंचाते हुए वर्ष 2024-25 में 9.64 लाख मीट्रिक टन चावल का केन्द्रीय पूल में रिकार्ड परिदान किया गया। सरकार द्वारा भंडारण क्षमता को भी बढ़ाया गया है। लाडली बहनों को भी मिल रहा उज्जवला योजना का लाभ मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना अंतर्गत सम्मिलित महिलाओं और प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की कनेक्शनधारी महिलाओं को दो साल में 616.97 लाख रिफिल प्रदाय कर 911.32 करोड़ रुपये के अनुदान का भुगतान किया गया है।  सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूसन नेटवर्क के कार्य को अभियान के रूप में लें समीक्षा बैठक में बताया गया कि शहरी गैस वितरण को मजबूत बनाने के लिए मध्यप्रदेश शहरी गैस वितरण (सीजीडी) नेटवर्क विकास एवं विस्तार नीति 2025 इस वर्ष 14 फरवरी को लागू की गई। साथ ही एनओसी जारी करने के लिए सिंगल विण्डो पोर्टल शुरू किया गया। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूसन नेटवर्क के कार्य को अभियान के रूप में चलाने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि इससे उपभोक्ताओं को लाभ होगा। इससे अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का कार्य करें।  नवाचार-एसएमएस मॉनिटरिंग से राशन प्रदाय व्यवस्था को बनाया और पारदर्शी विभाग द्वारा बीते दो वर्ष में नवाचार के कई कदम उठाए गए। इसके तहत राशन प्रदाय व्यवस्था को पारदर्शी बनाते हुए हितग्राहियों तक राशन पहुंचने और वितरण संबंधी हर कदम की सूचना एसएमएस द्वारा दी जा रही है। इसके अलावा 26 जनवरी और 2 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में राशन वितरण का सार्वजनिक वाचन अनिवार्य किया गया है। जन पोषण केंद्र की शुरुआत सार्वजनिक प्रदाय में नवाचार करते हुए इंदौर जिले की 30 उचित मूल्य की दुकानों को जन पोषण केंद्र के रूप में बदला गया है, जिसके माध्यम से दुकानदारों की मासिक आय में भी 10 से 15 हजार रुपये तक की वृद्धि हुई। जल्द ही प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसका विस्तार किया जाएगा।  मॉनिटरिंग में तकनीक का उपयोग मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल कमाण्ड कन्ट्रोल सेंटर से मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई।  इसके अलावा मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन की गतिविधिर्या की रियल टाईम मानिटरिंग के लिए माईश्चर एप, फ्यूमिगेशन एप तथा इंस्पेक्शन एप विकसित किए गए हैं।  उचित मूल्य की दुकानों पर लगेंगी आधुनिक पीओएस मशीनें समीक्षा बैठक में विभाग द्वारा आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना के बारे में बताया गया कि राशन वितरण व्यवस्था को अधिक तेज और पारदर्शी बनाते हुए उचित मूल्य दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीन लगाई जाएगी, जिसमें पीओएस मशीन से तौल कांटे का इंटिग्रेशन एवं आईरिस स्केनर का प्रावधान है।  लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत स्मार्ट पीडीएस योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। इसके अलावा शासकीय गोदामों की छत पर सोलर पैनल लगाने, भण्डारण प्रक्रिया का मॉर्डनाइजेशन और गोदामों का अपग्रेडेशन करने के साथ उन्न्त तकनीकी की सहायता से विभिन्न स्तरों पर डेटा सिंक्रोनाइजेशन के कार्य भी किए जाएंगे।  सिंहस्थ-2028 में अखाड़ों के लिए जारी होंगे अस्थायी राशन कार्ड सिंहस्थ-2028 के लिए खाद्यान्न सामग्री के वितरण के लिए तैयार की गई … Read more

ओरछा को पर्यटन में वैश्विक मुकाम दिलाने मास्टर प्लान तैयार होगा

भोपाल  मुख्य सचिव अनुराग जैन ने ओरछा में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाएँ समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण की जाएँ जिससे ओरछा को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने ओरछा शहर के आर्थिक, सामाजिक विकास को देखते हुए इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए।मुख्य सचिव जैन रविवार को पर्यटन नगरी ओरछा पहुंचे और  विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया तथा निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को  समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री जैन ने ओरछा में मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीराम राजा सरकार के दर्शन किए।मुख्य सचिव उन्होंने जुझार महल एवं हरदौल वाटिका का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि वेंडर जोन का निर्माण इस तरह करें जिससे पर्यटकों को आवागमन में सुविधा हो।उन्होंने कहा कि खजुराहो महोत्सव को ध्यान में रखते हुए बुंदेलखंड सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। मुख्य सचिव ने आर्कियोलॉजिकल पार्क पहुंचकर निर्देश दिए कि ओरछा का मास्टर प्लान तैयार करें। पीपीपी मोड पर चल रहे कार्यों में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करें जिससे उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। मुख्य सचिव श्री जैन कंचना घाट भी पहुंचे और बेतवा नदी पर स्थित नवीन ब्रिज निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कंचना घाट पर संचालित पिंक टॉयलेट संचालन कार्य सेल्फ हेल्प ग्रुप को देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से संरक्षित भवनों की स्थिति, पर्यटक सुविधाओं और आवश्यक रखरखाव उपायों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन धरोहरों को संरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी हैमुख्यसचिव श्री जैन ने राय प्रवीण महल एवं तुलसी घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण  पूर्ण हों। उन्होंने जहांगीर महल का अवलोकन किया। उन्होंने होटल बेतवा रिट्रीट में श्रीराम राजा लोक और ओरछा में चल रहे विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। वर्तमान में आ रहे पर्यटकों एवं भविष्य में आने वाले पर्यटकों की संभावनाओं के दृष्टिगत कार्ययोजना तैयार की जाए।  उन्होंने निर्देश दिए कि शहर की सभी होटलों की स्टार रेटिंग कराई जाए। जुझार सिंह महल को बुंदेलखंड सांस्कृतिक केंद्र की तर्ज पर विकसित किया जाए। एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जाए। बुंदेली कला, पेंटिंग एवं टेराकोटा से बनने वाले उत्पादों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग की जाए और उन्हें ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाकर विक्रय किया जाए। इस अवसर पर जिले के अधिकारी सहित कंसल्टेंट मौजूद रहे।  

लाड़ली बहना योजना में 31वीं किस्त की घोषणा, 1.26 करोड़ महिलाओं के खाते में 1500 रुपये आएंगे

भोपाल  दिसंबर का महीना दस्तक दे चुका है। इसी के साथ मध्य प्रदेश की लाखों महिलाओं की निगाहें एक बार फिर से लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की अगली किस्त पर टिक गई हैं। इस बार इस योजना की 31वीं किस्त जारी की जाएगी। इसके तहत 1.26 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में 1250 की राशि डाली जाती थी। वहीं 30वीं किस्त से बहनों के खाते में 1500 रुपए भेजे जा रहे हैं। इससे राज्य सरकार हर महीने योजना पर 1859 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर रही है। आपको बता दें कि ये महीना बहनों के लिए खास होने वाला है। चलिए आपको बताते हैं हम ऐसा क्यों कह रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 9 दिसंबर को छतरपुर जिले के राजनगर से सीएम मोहन यादव किस्त जारी कर सकते है।हालांकि अभी तक अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। इससे पहले 12 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी से लाड़ली बहनों के खाते में 30वीं किस्त (1250+250= 1500 रू) के रूप में कुल 1857 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित किए गए थे। इस योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी, तब से अक्टूबर 2025 तक बैंक खातों में 44 हजार 917 करोड़ 92 लाख रू का अंतरण कर चुके हैं। जानिए किस जिले में कितनी लाड़ली बहनें     लाड़ली बहना योजना में सबसे अधिक लाभार्थी इंदौर जिले में हैं, जहाँ 4 लाख 40 हजार 723 महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। इसके बाद सागर में 4 लाख 19 हजार 903, रीवा में 4 लाख 3 हजार 182, छिंदवाड़ा में 3 लाख 90 हजार 311, धार में 3 लाख 82 हजार 417, जबलपुर 3 लाख 81 हजार 848 ,बालाघाट जिले में 3 लाख 47 हजार 816, उज्जैन में 3 लाख 40 हजार 203, मुरैना में 3 लाख 33 हजार 821 ,छतरपुर में 3 लाख 24 हजार 454, खरगोन में 3 लाख 13 हजार 741, भोपाल में 3 लाख 9 हजार 20 तथा ग्वालियर जिले में 3 लाख 5 हजार 969 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।     राजगढ़ में 2 लाख 95 हजार 459, शिवपुरी में 2 लाख 87 हजार 943, देवास में 2 लाख 85 हजार 496, विदिशा में 2 लाख 74 हजार 946, भिंड में 2 लाख 72 हजार 343, बेतूल में 2 लाख 71 हजार 474 ,सिवनी जिले में 2 लाख 68 हजार 187, मंदसौर में 2 लाख 62 हजार 827, रतलाम में 2 लाख 50 हजार 176, रायसेन में 2 लाख 46 हजार 390, दमोह में 2 लाख 45 हजार 143, सीहोर में 2 लाख 42 हजार 717, और कटनी में 2 लाख 41 हजार 302 बहनों को राशि का लाभ मिला है।     बड़वानी में 2 लाख 37 हजार 60, गुना में 2 लाख 28 हजार 604, खंडवा में 2 लाख 16 हजार 372, नर्मदापुरम में 2 लाख 9 हजार 837, सिद्धी में 2 लाख 9 हजार 706, टीकमगढ़ में 2 लाख 7 हजार 79, नरसिंहपुर में 2 लाख 8 हजार 734 ,सिंगरौली जिले में 1 लाख 97 हजार 4, मंडला में 1 लाख 95 हजार 153, झाबुआ में 1 लाख 92 हजार 511, शहडोल में 1 लाख 88 हजार 729, पन्ना में 1 लाख 82 हजार 220, शाजापुर में 1 लाख 73 हजार 900, नीमच में 1 लाख 57 हजार 658, तथा अशोक नगर में 1 लाख 55 हजार 387 महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हुई हैं।     दतिया में 1 लाख 44 हजार 239, अनूपपुर में 1 लाख 26 हजार 54, अलीराजपुर में 1 लाख 23 हजार 492, आगर मालवा में 1 लाख 17 हजार 255, उमरिया में 1 लाख 9 हजार 113, श्योपुर में 1 लाख 8 हजार 673, और हरदा जिले में 93 हजार 516 बहनों को योजना की राशि का लाभ मिला है। निवाड़ी जिले में 80 हजार 157 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। 2023 में शुरू हुई थी लाड़ली बहना योजना     मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मई 2023 में लाड़ली बहना योजना शुरू की गई थी।इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इसमें रक्षा बंधन पर अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रूपये की विशेष सहायता राशि तीन बार प्रदान की गई। 2023 अगस्त में राशि को 1000 से बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया ।     नवंबर 2025 में राशि में 250 की फिर वृद्धि की गई है और अब इस योजना के तहत 1500 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 18,000 रुपये मिलते हैं।लाड़ली बहनों को जून 2023 से नवंबर 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 30 किश्तों का अंतरण किया गया है।     इस प्रकार योजना के आरंभ से अब तक 44,917.92 करोड़ रूपये की राशि का सीधा अंतरण लाभार्थी महिलाओं के खातों में किया जा चुका है।प्रदेश के सभी 52 जिलों में कुल 1,26,36,250 (एक करोड़ 26 लाख 36 हजार 250) महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। लाड़ली बहना योजना में ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।     घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में … Read more

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश, ग्राम पंचायतों के सहयोग से छोटे गांवों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करें

ग्राम पंचायतों के समन्वय से छोटी बसाहटों में पेयजल आपूर्ति कार्य को प्राथमिकता से करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल रीवा जिले में जल जीवन मिशन एवं हिनौती गौधाम विकास कार्यों की समीक्षा की रीवा  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जारी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों के समन्वय से छोटी बसाहटों में भी पेयजल आपूर्ति से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि इन बसाहटों तक शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनका प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि हर घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुँचाने के लक्ष्य को साकार करने में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बीच प्रभावी समन्वय महत्वपूर्ण है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने हिनौती गौधाम के विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने शेड निर्माण के प्रस्ताव को क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप पुनरीक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गौवंश विहार को नैचुरल फॉर्मिंग (प्राकृतिक खेती) के मॉडल पर उन्नयन किया जाना है, इसके लिए हर संभव सहयोग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाये। बैठक में अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मती दीपाली रस्तोगी; प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी  पी. नरहरि; एमडी मध्यप्रदेश जल निगम  वी. एस. चौधरी, संचालक पंचायत  छोटे सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुस्लिम बनकर शादी की थी तैयारी, अब शुभम गोस्वामी के नाम से करेंगे वापसी

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अजब-गजब मामला सामने आया है। मुस्लिम युवती से शादी करने के लिए अमन ने इस्लाम धर्म अपना लिया था। तीन साल बाद भी शादी नहीं हुई तो आहत होकर फिर से हिंदू धर्म में घर वापसी होगी। गुफा मंदिर में अमन खान की घर वापसी गुफा मंदिर में अमन खान की घर वापसी होगी। इसके पहले मंत्रोचारण के साथ उनका मुंडन कराया जाएगा फिर विधिवत हिंदू धर्म में पुनः प्रवेश कराया जाएगा। गुफा मंदिर में महंत और कर्मकांडी ब्राम्हण घर वापसी कराएंगे। अमन खान से शुभम गोस्वामी के नए नाम के साथ घर वापसी होगी। इस्लाम धर्म अपनाने के बाद धोखा बताया जाता है कि तीन साल पहले अमन हिंदू था। मुस्लिम लड़की के प्रेम में पड़कर और शादी के लिए शुभम मुस्लिम बन गया था। इस्लाम धर्म अपनाने के बाद भी शादी नहीं कराने का आरोप लगाया है। प्रेम में धोखा खाने और आहत होकर घर वापसी कर रहे है। 

सरकारी आदेश के तहत क्रिसमस की छुट्टियों में बदलाव, स्कूलों और CBSE के लिए नया शेड्यूल लागू

जबलपुर  एमपी के कई जिलों में इस बार क्रिसमस पर स्कूलों में लंबी छुट्टी नहीं मिलेगी, केवल दो दिन का अवकाश रहेगा। मिशनरी और सीबीएसई स्कूलों में क्रिसमस पर सिर्फ दो दिन की छुट्टी होगी, जबकि शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से चार जनवरी तक रहेगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सीबीएसई स्कूलों को भी राज्य सरकार के निर्धारित अवकाश नियमों का पालन करना होगा, जिसके कारण क्रिसमस की छुट्टियों में कटौती की गई है। सरकारी स्कूलों में क्रिसमस पर केवल 25 दिसंबर को एक दिन का अवकाश रहेगा, जिसके बाद नियमित कक्षाएं संचालित होंगी। छुट्टी का शेड्यूल जारी जिले के मिशनरी और सीबीएसई स्कूलों में इस बार क्रिसमस पर छात्रों को लंबी छुट्टी का लाभ नहीं मिलेगा। क्रिसमस पर्व पर केवल दो दिन का अवकाश दिया जाएगा। शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से चार जनवरी तक रहेगा। कई स्कूलों ने इसका आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है। जिले में लगभग 70 सीबीएसई स्कूल संचालित किए जाते हैं, जिसमें मिशनरी स्कूल भी शामिल हैं। पिछले वर्षों में सीबीएसई स्कूलों में 23 दिसंबर से शीतकालीन अवकाश शुरू हो जाता था, जो एक या दो जनवरी तक चलता था। लेकिन इस बार छुट्टियों के नियमों में सख्ती की गई है। सरकारी नियमों का पालन जरूरी शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस बार सीबीएसई स्कूलों को भी राज्य सरकार के निर्धारित अवकाश नियमों का पालन करना होगा। इसी कारण क्रिसमस की छुट्टियों में कटौती की गई है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों और अभिभावकों पर पड़ा है। सरकारी स्कूलों में स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार केवल 1 दिन 25 दिसंबर को क्रिसमस अवकाश रहेगा। इसके बाद नियमित कक्षाएं संचालित होंगी। इसके बाद 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहेगा और सभी स्कूल पांच जनवरी से खुलेंगे।  

संजय टाइगर रिजर्व में वन्य प्राणियों की गिनती, शाकाहारी-मांसाहारी प्रजातियों में बढ़ोतरी की खुशखबरी

सीधी  मध्य प्रदेश के सीधी में स्थित संजय टाइगर रिजर्व में सर्वे चल रहा है। मांसाहारी और शाकाहारी वन्य प्राणियों का आकलन किया जा रहा है। संजय टाइगर रिजर्व के 9 परिक्षेत्रों में सर्वेक्षण का काम चल रहा है। 124 बीट के 250 कर्मचारी और 11 वालेंटियर सुबह 6 से 9 बजे तक कार्य कर रहे है। सीधी जिला आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र कहा जाता है। जहां कुसमी क्षेत्र में स्थापित संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र माना गया है। अखिल भारतीय बाघ आकलन वर्ष 2026 के तहत यहां लगभग चार साल के बाद सर्वेक्षण किया जा रहा है। जिम्मेदार विभाग मांसाहारी, शाकाहारी और वन्यजीव का आकलन कर रहे है। इसके लिए 250 कर्मचारियों की अलग-अलग टीमें काम कर रही है। इन कर्मचारियों में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-हरियाणा समेत अन्य राज्यों के लोग शामिल हैं। संजय टाइगर रिजर्व के एसडीओ सुधीर मिश्रा ने बताया कि अभी मांसाहारी प्राणियों का सर्वेक्षण हुआ है। शाकाहारी समेत वन्यजीवों का भी आकलन होना है। उन्होंने बताया कि खुशी की बात ये है कि संजय टाइगर के रिजर्व के कुछ ऐसे स्थान, जहां पहले बाघ के पैरों के चिन्ह नहीं मिला करते है अब वहां भी बाघ के पैरों के चिन्ह मिल रहे है। साथ ही जल्द ही अन्य जीवों का सर्वेक्षण भी पूरा कर रिपोर्ट बना तैयार की जाएगी।

बालाघाट जिला अब नक्सल मुक्त, 12 कमांडरों ने AK-47 समेत हथियार सौंपे

बालाघाट  मध्यप्रदेश से माओवादी ढांचे का अंतिम किला भी ढह गया है. देश के सबसे खतरनाक और एक करोड़ इनामी माओवादी नेता सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) रामधेर मज्जी ने सोमवार तड़के अपने 11 टॉप कमांडरों के साथ हथियार डाल दिए. यह सरेंडर छत्तीसगढ़ में खैरागढ़ जिले के बाकरकट्टा थाना क्षेत्र के कुमही गांव में हुआ, जहां रामधेर ने AK–47 पुलिस के हवाले कर दी. उसके साथ DVCM और ACM स्तर के आतंकी चंदू उसेंडी, ललिता, जानकी, प्रेम, रामसिंह दादा और सुकैश पोट्टम भी हथियारों के साथ सामने आए. छह महिला नक्सलियों ने भी INSAS, SLR और .303 जैसे हथियार सौंप दिए. दशकों से तीन राज्यों में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के लिए यह सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है. मध्य प्रदेश का यह प्रमुख नक्सल प्रभावित जिला, जिसकी पहचान 1990 के दशक से नक्सली हिंसा और सक्रियता के लिए रही है, अब आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है। यह उपलब्धि केंद्रीय गृह मंत्रालय की मार्च 2026 की तय समय सीमा से पहले हासिल हुई है। अब सिर्फ एक नक्सली दीपक सक्रिय बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक, नक्सलियों ने पुनर्वास से पुनर्जीवन तक सरकार की नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया है। इससे जिला लगभग नक्सली मुक्त हो गया है। जिले में अब सिर्फ एक नक्सली दीपक सक्रिय है। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि वह भी जल्द सरेंडर कर देगा। एमएमसी जोन प्रभारी रामधेर मज्जी भी शामिल आत्मसमर्पण करने वालों में एमएमसी जोन प्रभारी रामधेर मज्जी भी शामिल रहे, जिन्होंने एक AK-47 राइफल सौंपकर समर्पण किया। उनकी गार्ड और हार्डकोर नक्सली मानी जाने वाली सुनीता ओयाम कुछ वक्त पहले ही बालाघाट पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर चुकी थी। इस दौरान कुल 12 हथियार सौंपे गए, जिनमें दो एके-47, दो इंसास, एक एसएलआर और दो .303 राइफलें शामिल हैं। प्रमुख नक्सली, जिन्होंने किया समर्पण सरेंडर करने वाले अन्य प्रमुख नक्सलियों में चंदू उसेंडी (डीवीसीएम), ललिता (डीवीसीएम), जानकी (डीवीसीएम), प्रेम (डीवीसीएम), राम सिंह दादा (एसीएम), सुकेश पोट्टम (एसीएम), लक्ष्मी (पीएम), शीला (पीएम), सागर (पीएम), कविता (पीएम) और योगिता (पीएम) शामिल हैं। इन नक्सलियों ने पुनर्वास योजना के तहत सरेंडर किया है। उन्हें राज्य सरकार की मौजूदा पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और सामाजिक पुनर्स्थापन का आश्वासन दिया गया है। 29 नवंबर को महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में 11 नक्सलियों का एक दल आत्मसमर्पण कर चुका है, जिसका नेतृत्व अनंत उर्फ विकास नागपुरे कर रहा था, जो पिछले महीने हॉक फोर्स के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की हत्या में शामिल था. NDTV ने कुछ दिनों पहले ही अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में खुलासा किया था कि रामधेर अब सिर्फ अपने बचे हुए 14 हथियारबंद कैडरों के साथ दक्षिणी MMC ज़ोन के घने जंगलों में छिपा हुआ था. सुरक्षा एजेंसियों ने  बताया था कि यही समूह पूरी MMC संरचना का आखिरी किला है. 29 नवंबर को अनंत उर्फ विकास नागपुरे के सरेंडर के बाद रामधेर नेटवर्क से बिल्कुल अलग-थलग पड़ चुका था. अनंत ने जाते हुए चार कैडरों को यही जिम्मा दिया था कि रामधेर से संपर्क करें और उसे हथियार डालने के लिए तैयार करें. इससे मध्यप्रदेश के लिए यह हफ्ता ऐतिहासिक बन गया है. सिर्फ 24 घंटे पहले बालाघाट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में MMC के KB डिविजन के 10 बड़े नक्सलियों ने ₹2.36 करोड़ के इनाम के साथ सरेंडर किया था. NDTV ने तभी रिपोर्ट किया था कि इसके बाद ( मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़) यानि दक्षिणी MMC ज़ोन हिल जाएगा और रामधेर की यूनिट भी टूट जाएगी और अब, कुछ ही घंटों में, वह आखिरी दीवार भी ढह गई. इससे मध्यप्रदेश अब लगभग पूरी तरह नक्सल-मुक्त माना जा रहा है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को ही कहा था कि “आज का दिन MP पुलिस के नक्सल विरोधी अभियान की सबसे बड़ी जीत है. डिंडौरी और मंडला पहले ही मुक्त थे, बालाघाट भी अब बड़े पैमाने पर नक्सल मुक्त हो रहा है. यह ऑपरेशन ‘सरेंडर करो या समाप्त हो जाओ' की नीति की ऐतिहासिक सफलता है.” उत्तर MMC ज़ोन पहले ही खाली हो चुका था. अब दक्षिणी MMC ज़ोन के सबसे बड़े नाम रामधेर के सरेंडर के बाद पूरे MMC क्षेत्र जो तीन राज्यों तक फैला था, का सफाया माना जा रहा है. इससे कान्हा नेशनल पार्क, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और पूरे जंगल कॉरिडोर की सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ेगा. जो दस नक्सली रविवार को आत्मसमर्पण करने पहुंचे, वे MMC ज़ोन के कान्हा–भोरा देव (KB) डिवीजन से जुड़े थे, जो छत्तीसगढ़ के कबीरधाम और MP के बालाघाट व मंडला जिलों में सक्रिय था. आत्मसमर्पण करने वालों में MMC ज़ोन के विशेष जोनल समिति सदस्य सुरेंद्र उर्फ कबीर सोड़ी (50), राकेश ओड़ी उर्फ मनीष, और एरिया कमेटी सदस्य लालसिंह मरावी, सलीता उर्फ सावित्री, नवीन नुप्पो उर्फ हिड़मा, जैशीला उर्फ ललिता ओयम, विक्रम उर्फ हिड़मा वट्टी, जरीना उर्फ जोगी मुसक और समर उर्फ सोमरू शामिल हैं. इनकी उम्र 26 से 50 वर्ष के बीच है और ये सभी छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के रहने वाले हैं. इनमें से कई पर ग्रामीणों की हत्याओं का गंभीर आरोप है, जिन्हें पुलिस मुखबिर समझकर मारा गया था. रविवार का आत्मसमर्पण उस घटना के 36 दिन बाद हुआ है, जब 14 लाख के इनाम वाली नक्सली सुनीता ने हथियार डाले थे, रविवार का दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि इसी से एक दिन पहले MP पुलिस और रामधेर की टीम के बीच MP–छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर मुठभेड़ हुई थी. 2025 में अब तक MP पुलिस ने टारगेटेड ऑपरेशंस में 10 खतरनाक नक्सलियों का एनकाउंटर किया है, जिन पर कुल 1.86 करोड़ रुपये का इनाम था.

सशस्त्र सेना झंडा दिवस: राज्यपाल पटेल को लगाया गया ध्वज, लोकभवन में कार्यक्रम आयोजित

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल को सशस्त्र सेना दिवस के अवसर पर ध्वज लगाया गया। लोकभवन में सोमवार को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया गया। राज्यपाल  पटेल को सैनिक कल्याण संचालनालय मध्यप्रदेश के संचालक बिग्रेडियर अरूण नायक (से.नि.) ने ध्वज लगाया। राज्यपाल  पटेल ने सशस्त्र सेना कल्याण निधि के लिए सहयोग राशि भी प्रदान किया। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की है कि सशस्त्र सेना के लिए अधिक से अधिक राशि का अशंदान करें। सशस्त्र सेनाओं के प्रति कृतज्ञता प्रदर्शन में सभी सहभागी बनें।               

डॉ मोहन यादव ने उपभोक्ता संरक्षण और खाद्य आपूर्ति विभाग का किया मूल्यांकन

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा प्रारंभ मुख्यमंत्री जी ने विभाग द्वारा पीडीएस अंतर्गत संपन्न ईकेवायसी प्रक्रिया को सराहा, विभाग को बधाई दी भोपाल  * प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में 5.25 करोड़ से अधिक हितग्राहियों को 22 हजार 800 करोड़ की लागत का 66.25 लाख मेट्रिक टन नि:शुल्का खाद्यन्न वितरण। * पीडीएस अंतर्गत 536.23 लाख हितग्राहियों में से 497.08 लाख हितग्राहियों का हुआ ईकेवायसी। * ईकेवायसी के बाद 34.87 लाख हितग्राहियों का पोर्टल से बिलोपन। इससे प्रतिमाह 32.43 करोड़ की बचत प्रतीक्षारत लगभग 14 लाख नवीन हितग्राहियों को पात्रता पर्ची जारी कर नि:शुल्क  खाद्यन्न का वितरण। * केवायसी करने के 72 घण्टे में पात्रता पर्ची जारी की। * लाड़ली बहनों एवं उज्जवला योजना से लाभान्वित महिलाओं को विगत दो वर्ष में 911.3 करोड़ राशि का अनुदान।  * शहरी गैस वितरण कंपनी को अपेक्षित सहयोग के लिए जिला स्तर पर सिंगल विडों पोर्टल का शुभारंभ।  * इंदौर जिले की 30 उचित मूल्य दुकानों का जन पोषण केंद्र के रूप में उन्नयन।  * पात्र हितग्राहियों के मोबाइल पर एसएमएस द्वारा राशन प्रदाय की सूचना। * मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल से मॉनिटरिंग।  * उचित मूल्य दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीन लगाई जाएंगी।  * वर्ष 2024-25 में गेहूं के समर्थन मूल्य पर 125 रुपए और वर्ष 2025-26 में 175 रुपए का बोनस दिया गया।  * खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों को मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना में प्रोत्साहन राशि का भुगतान। * मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा संचालित गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग  के लिए इमेजिनेशन मेजरमेंट एप, फुमिगेशन एप और इंस्पेक्शन एप बनाए गए हैं। * गोदामो की छत पर सोलर पैनल की स्थापना प्रस्तावित है। * सिंहस्थ 2028 के लिए मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य दुकानों की स्थापना और अखाड़ों की मांग अनुसार अस्थाई राशन कार्ड जारी किया जाना प्रस्तावित है। अखाड़ों को अस्थाई गैस कनेक्शन भी जारी किए जाएंगे।