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राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने किया साढ़े 4 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने शनिवार को गोविंदपुरा में साढ़े चार करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। उन्होंने कहा कि ये सुविधाएं स्थानीय विकास को अधिक गति प्रदान करेंगी। क्षेत्र में बढ़ती आबादी के साथ पीने के पानी की मांग भी बढ़ रही है, गोविंदपुरा में 9 पानी की टंकियों का निर्माण कराया जा रहा है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि भविष्य में पानी की समस्या नहीं होगी और पर्याप्त आपूर्ति होने से घर-घर नर्मदा जल पहुंचेगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्ड 74, कैलाश नगर में 1 करोड़ 80 लाख की लागत वाली पानी की टंकी तथा 23 लाख की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों आरसीसी नाली, रोडक्रॉस, रिटेनिंग वॉल एवं सीसी रोड का भूमि-पूजन किया। उन्होंने वार्ड 74 के कोलुआ में 28 लाख की लागत से सीसी रोड, आरसीसी नाली, पेविंग ब्लॉक रिटेनिंग वॉल के निर्माण कार्य के साथ महोली में 17 लाख के विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन भी किया। इसमें सीसी रोड का निर्माण, चबूतरा रेलिंग एवं कोटा स्टोन लगाने का कार्य तथा हनुमान मंदिर के पास आरसीसी नाली निर्माण शामिल है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्ड 68 अयोध्या नगर सेक्टर – एफ में 2 लाख लीटर क्षमता की पानी की टंकी के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किय, इसकी लागत करीब 2 करोड़ 26 लाख रुपए है। यह परियोजना क्षेत्रवासियों को सुचारू एवं सतत जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में श्रीमती शकुन लोधी, श्रीमती उर्मिला मौर्य, श्रीमती पूनम प्रजापति, श्री नीलेश गौर, श्री राजू लोधी, श्री लवकुश यादव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।  

दिसंबर तक हो लंबित छात्रवृत्ति का भुगतान : आयुक्त श्री सुमन

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वल्लभ भवन स्थित मीटिंग हॉल में हुई। बैठक की अध्यक्षता आयुक्त श्री सौरभ कुमार सुमन ने की। आयुक्त, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण श्री सुमन ने दिसंबर तक पूर्व वर्षों की लंबित छात्रवृत्तियों के भुगतान करने के निर्देश दिए। सीहोर जिले के बालक छात्रावास में सड़क निर्माण से संबंधित समस्या के निराकरण के लिए निर्देशित किया गया। सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना को ऑनलाइन करने की पहल भी की गई है। आयुक्त श्री सुमन ने बताया कि इससे जिलेवार जानकारी एक ही जगह पर उपलब्ध हो सकेगी। आयुक्त श्री सुमन ने विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति में जाति प्रमाणपत्र से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए दो वर्षों में चयनित लगभग 100 छात्रों के जाति-प्रमाणपत्रों का सत्यापन संबंधित जिलों के कलेक्टर कार्यालय से कराया जाए। साथ ही योजना का लाभ लेने वाले अपात्र विद्यार्थियों से प्राप्त राशि, शेष प्रकरणों में की गई वसूली एवं कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने उच्च न्यायालयों में लंबित अवमानना याचिकाओं में जवाब-दावा शीघ्र प्रस्तुत कर विभाग को अवगत कराने को कहा। सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों पर नाराज़गी व्यक्त करते हुए आयुक्त ने ग्वालियर और जबलपुर की शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अन्य राज्यों के छात्रों के छात्रवृत्ति आवेदन केवल ऑनलाइन प्राप्त किए जाएं, जिससे छात्रवृत्ति वितरण सुचारू रूप से किया जा सके।  

36,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव हुए प्राप्त, 27,800 रोजगार होंगे सृजित

सभी निवेशकों का स्वागत है मध्यप्रदेश में निवेशकों को सभी क्षेत्रों में दिया जा रहा है आगे बढ़ने का अवसर तेलंगाना और मध्यप्रदेश की जोड़ी है हीरा-मोती की तरह निवेशकों की सहूलियत के लिये बनाई 18 निवेश नीतियाँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हैदराबाद में ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश’ सत्र को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में अनेक क्षेत्रों में निवेश की विद्यमान संभावनाओं को साकार करने के लिए सभी मिलकर कार्य करेंगे। मध्यप्रदेश की प्रोत्साहनकारी निवेश नीतियों से निरंतर निवेश आ रहा है। आज सभी के संयुक्त प्रयासों से अपने प्रदेश के साथ संपूर्ण देश की प्रगति का विचार रखते हुए क्रियान्वयन की राह पर आगे बढ़ना है। मध्यप्रदेश सरकार की 18 नवीन निवेश नीतियाँ निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। निवेशकों के लिये आवश्यक हुआ तो इन नीतियों की परिधि के बाहर जाकर भी उद्योगपतियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पलक-पांवड़े बिछाकर सभी निवेशकों का स्वागत कर रही है। हम हैदराबाद के निवेशकों के साथ एक नई डोर जोड़ने के लिये आये है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हैदराबाद में अनेक उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में निवेश की इच्छा जताई है। इसमें 36 हजार 600 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए जिससे लगभग 27 हजार 800 रोजगार सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को हैदराबाद में आयोजित ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश’ सत्र में उद्योगपतियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सत्र का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्य राज्यों में उन्होंने बिना राजनैतिक एजेंडा के सिर्फ एक उद्देश्य, औद्योगिक निवेश को लेकर यात्राएं की हैं। ऐसे इंटरैक्टिव सेशन मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास की बहुआयामी संभावनाओं को बताने और निवेश के लिए आमंत्रित करने का माध्यम बने हैं। यह क्रम चलता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विचारों का उद्योगपतियों और निवेशकों ने समर्थन करते हुए करतल ध्वनि से स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मैं बाबा महाकाल की नगरी से हूं। मध्यप्रदेश देश का एक मात्र राज्य है, जहां हीरा निकलता है। तेलंगाना राज्य में मोती निकलते हैं। इस प्रकार से हमारी जोड़ी हीरा-मोती की तरह है। हैदराबाद के लोग मोती की पहचान कर लेते हैं, उनके लिए आदमी पहचानना तो बहुत आसान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हैदराबाद एक ऐसा शहर है, जो भविष्य को भांप कर आगे बढ़ता है। इसका अर्थ यह है कि हैदराबाद आने वाले समय का अनुमान लगाने में सक्षम है। यहां निवेशकों के साथ एक नई डोर जोड़ने के लिए आए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुका है। देश ने कई मिथकों को तोड़कर अंतरिक्ष सहित सभी क्षेत्रों में विकास की तेज गति हासिल की है। भारत अब रेल कोच भी निर्यात करने की स्थिति में है। मध्यप्रदेश में बीईएमएल को 18 हजार करोड़ लागत की रेल कोच निर्माण की यूनिट लगाने के लिए भूमि आवंटित की गई है। प्रदेश में डिफेंस टेक्नोलॉजी में बड़ा निवेश हो रहा है। राज्य में सभी क्षेत्रों के निवेशकों को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाईड्रा पॉवर पंप स्टोरेज का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट नीमच में चंबल नदी पर बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण आगामी 2 वर्ष में पूर्ण हो जाएगा। यह एक बड़ा प्रकल्प है। मध्यप्रदेश सरकार निवेशकों से किए हर संकल्प को पूरा कर रही है। राज्यों के बीच साहचर्य का भाव है, देश बदल रहा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्यों के बीच साहचर्य की भावना विकसित हो रही है। मध्यप्रदेश नदियों का मायका है और हमारे पास पर्याप्त जल उपलब्ध है। मध्यप्रदेश सरकार ने राजस्थान के साथ चल रहे सालों पुराने जल विवाद को खत्म कर पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना को आगे बढ़ाया है। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए केन्द्र सरकार 90 प्रतिशत राशि प्रदान कर रही है। आज का समय स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने और प्रदेश को आगे बढ़ाने का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में अब देश बदल रहा है। राज्य सरकार उद्योगपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश में भी अपना कार्य शुरू करने का अवसर दे रही है। उद्योग-व्यापार बढ़ने से गरीबों और जरूरतमंदों को रोजगार मिलता है। वन-टू-वन बैठकों में प्राप्त निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हैदराबाद में आयोजित ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश’ सत्र में उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा की। चर्चा के दौरान 10 कम्पनियों द्वारा 36 हजार 600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए गए। इससे लगभग 27 हजार 800 रोजगार सृजित होंगे। प्रमुख निवेश प्रस्ताव में एजीआई ग्रीनपैक कम्पनी द्वारा पैकेजिंग इंजीनियरिंग सेक्टर में 1500 करोड़ रुपये, एक्सिस एनर्जी वेंचर्स इंडिया कम्पनी द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर में 29 हजार 500 करोड़ रुपये, अनंत टेक्नालॉजीज कम्पनी द्वारा एयरो स्पेस सेक्टर में एक हजार करोड़, ऑटोमेटस्की सॉल्यूशंस कम्पनी द्वारा आईटी सेक्टर में एक हजार करोड़, कोलाबेरी इंक कम्पनी द्वारा फार्मा एण्ड ट्रेडिंग सेक्टर में एक हजार करोड़ रुपये, डर्माक्योर फार्मास्युटिकल्स कम्पनी द्वारा नवकरणीय ऊर्जा एवं आईटी सेक्टर में 150 करोड़ रुपये, विंडपोनिक्स इण्डिया कम्पनी द्वारा नवकरणीय ऊर्जा एवं कृषि सेक्टर में 280 करोड़ रुपये, विंटेज कॉफी एण्ड बेवरेजेस लिमिटेड कम्पनी द्वारा फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में 1100 करोड़ रुपये, विश्वनाथ प्रोजेक्ट्स लिमिटेड कम्पनी द्वारा अधोसंरचना सेक्टर में 350 करोड़ रुपये और वुमेनोवा एग्रो फूड पार्क प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी द्वारा फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में 720 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव दिया गया। ग्रीनको ग्रुप के ग्रुप प्रेसिडेंट एवं फाउंडर श्री महेश कोली का अनुभव ग्रीनको ग्रुप प्रेसिडेंट श्री महेश कोली ने बताया कि ग्रीनको ने पिछले 10 वर्षों में मध्यप्रदेश में 12 हजार करोड़ रूपये से अधिक का निवेश से 3 हजार मेगावॉट क्षमता वाले नवकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट स्थापित किए हैं। आने वाले पाँच वर्षों में 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना भी तैयार है, जो मध्यप्रदेश के प्रति उनके विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि नीमच में 1,900 मेगावॉट का हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट किसी भी अन्य देश में 8 से 10 वर्ष में पूरा होता, जबकि मध्यप्रदेश में यह 3 वर्षों से भी कम समय में पूरा हुआ है। … Read more

MP में भाजपा का बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, कई प्रभारियों को मिली नई जिम्मेदारियां

भोपाल भारतीय जनता पार्टी की मध्य प्रदेश इकाई में प्रभारी की नियुक्ति की गई है। यह नियुक्तियां मोर्चा, प्रकोष्ठ और कार्यालय व्यवस्था प्रभारी की हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के हस्ताक्षरों से जारी आदेश में कहा गया है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की सहमति से प्रदेश मोर्चा प्रभारी मनोरंजन मिश्रा, प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी आशुतोष तिवारी और कार्यालय व्यवस्था प्रभारी जितेंद्र लिटोरिया को बनाया गया है। प्रदेश में भाजपा अपने संगठन को निरंतर व्यवस्थित और मजबूत करने के मकसद से नियुक्तियां कर रहा है। प्रदेश अध्यक्ष खण्डेलवाल को विष्णु दत्त शर्मा के स्थान पर जिम्मेदारी सौंपी गई। लंबी जद्दोजहद के बाद खंडेलवाल ने प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया। विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों की भी नियुक्ति हो चुकी है; कुछ नियुक्तियां वर्तमान विशेष हैं। राज्य में एक तरफ जहां संगठन को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं, वहीं दूसरी ओर, सरकार में राजनीतिक नियुक्तियां होनी हैं। इन नियुक्तियों को लेकर पार्टी में लंबे अरसे से मंथन का दौर जारी है। तमाम दिग्गज निगम मंडलों में अपनी अथवा समर्थकों की नियुक्तियां करना चाहते हैं। इसके लिए वे संगठन और सरकार में अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रहे हैं। सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि पहले निगम मंडल पदाधिकारियों की नियुक्ति होगी और उसके बाद ही राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार का रस्ता भी साफ हो सकता है। राज्य में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में अभी समय है और पार्टी की कोशिश यही है कि इन चुनावों से पहले तमाम नियुक्तियां कर ली जाएं। वहीं, दूसरी ओर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के कार्य में भी पार्टी पदाधिकारी पूरी सक्रियता से लगे हुए हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर संसद और विधायक भी एसआईआर अभियान की सफलता के लिए जगह-जगह दौरा और बैठक कर पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश भी जारी कर रहे हैं। साथ ही उन्हें कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम से भी अवगत कराया जा रहा है।

मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी: खंडवा के वोटर्स को भोपाल-दतिया में कर दिया मैप, अधिकारी बोले—जल्द सुधारे जाएंगे नाम

खंडवा एसआईआर के कार्य में बीएलओ द्वारा शुरुआत में की गई टेबलटॉप एक्सरसाइज का खामियाजा मतदाताओं के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। इसी कार्यशैली की भेंट चढ़े शहर के कुछ मतदाता अब अपना नाम खोज रहे हैं। भैरोतालाब वार्ड की अमीना पत्नी शरीफ का नाम भोपाल की हजूर विधानसभा में बीएलओ द्वारा मैप कर दिया गया। अमीना का मायका भुसावल का है और शहर में परिवार के साथ निवास कर रही हैं। भोपाल से उसका कोई लेना-देना नहीं है। इसी प्रकार रमा कॉलोनी निवासी रितु शर्मा का नाम दतिया के डिरोलीपर गांव में बीएलओ द्वारा मैप कर दिया गया है, जबकि इनका मायका राजगढ़ का है। इस प्रकार के कुछ मामले शहर में सामने आ रहे हैं जो कि मतदाताओं के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।   इसे लेकर पर्यवेक्षक जिला निर्वाचन प्रफुल्ल शुक्ला ने बताया कि यह भोपाल बीएलओ स्तर पर मैपिंग की त्रुटि है। उन्होंने बताया कि यह बीएलओ द्वारा शुरुआत में की गई टेबलटॉप एक्सरसाइज के दौरान हुई होगी। एक जैसे नाम होने के चलते ऐसा हुआ होगा। मतदाता को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि बीएलओ जब मतदाता की जानकारी गणना पत्रक के आधार पर भरेगा तो वहां स्वीकार नहीं होगा और सही मतदाता की जानकारी भरने के लिए वहां के बीएलओ को यह नाम अनमैप करना पड़ेंगे। जैसे ही वहां से अनमैप हुआ कि यहां का बीएलओ मतदाता की जानकारी भर सकेगा। इस प्रकार के नामों को लेकर हम लोग भी वहां के निर्वाचन अधिकारी से संपर्क कर त्रुटि से अवगत करवाने के साथ नाम को अनमैप करवाएंगे।

19 लाख की लूट का पर्दाफाश: मास्क हटते ही सामने आए दोनों भाई, पुलिस ने ऐसे किया ट्रेस

जबलपुर कृषि उपज मंडी के अनाज व्यापारी के मुनीम से 19 लाख रुपये की लूट के आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित सगे भाई हैं, जिन्होंने लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद शहर की गई गलियों में भ्रमण किया, ताकि वे कहीं भी सीसीटीवी कैमरे में न आ सकें। लेकिन आरोपितों की तमाम कवायद के बाद भी पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों को खंगालते हुए आखिर में दोनों को दबोच ही लिया। आरोपित व्यापार में घाटे और कर्ज से परेशान थे। उधार लौटने का दबाव बढ़ने और व्यापार ठप होने पर जब कोई विकल्प नहीं सूझा तो लूट की वारदात की। यह जानकारी शुक्रवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष में पत्रकारों से बातचीत में पुलिस अधिकारियों ने दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपित ग्रीन सिटी के गोल्डन टाउन कालोनी निवासी मोहित मनवानी उर्फ राहुल (26) और ऋषि मनवानी (18) है।   आरोपितों के कब्जे से लूट की राशि के 14 हजार 71 हजार 490 रुपये बरामद किए गए हैं। उनके कब्जे से लूट के लिए प्रयोग की गई बिना नंबर की मोपेड और हमले करने के लिए खरीदी गई चाइना राड भी जब्त की गई है। आरोपित कर्ज से उबरने के लिए लगातार मेहनत कर रहे थे। जब सफल नहीं हुए तो अपराध के रास्ते पर चल पड़े। उन्होंने दो बार लूट की अलग-अलग योजना बनाई। लेकिन घटना को अंजाम देने की हिम्मत नहीं जुटा सकें। कुछ समय पूर्व वे विजय नगर के एचडीएफसी बैंक गए। जहां, कृषि उपज मंडी के एलएलजी सेल्स के मुनीम विकास साहू को काफी रुपये नकद लेकर अकेले जाते देखा। उसकी रैकी की। फिर बुधवार की शाम को मुनीम जब रुपये लेकर लौट रहा था तो कृषि उपज मंडी के पास सुनसान जगह पर रोका। उस पर राड से हमला कर उसकी मोपेड में टंगा रुपयों से भरा बैग लूट लिया। कैमरे में दिखा बिना मास्क का चेहरा आरोपितों की तलाश में कंट्रोल रूम आरक्षक पूनम, पूर्णिमा ने कई सीसीटीवी कैमरे फुटेज निकाले। सायबर सेल के निरीक्षक कपूर सिंह मरावी ने घटना के समय सक्रिय मोबाइल नंबर खंगाले। इसके साथ ही विजय नगर थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह पवार, बृजेंद्र तिवारी, एसआइ संदीप पटेल ने लगातार छानबीन की। गुमराह करने फेरा लगाकर पहुंचे घर, चुकाया कर्ज लूट के बाद दोनों भाई मोपेड से फ्लाइओवर के रास्ते भागे। पुलिस को चकमा देने के लिए एक घंटा तक इधर-उधर घूमते रहे। फिर लंबा फेरा लगाकर अमखेरा होकर पीछे के रास्ते माढ़ोताल में अपने घर पहुंचे। लूट की राशि से अपने क्रेडिट कार्ड का बिल भरा। कुछ स्वजन और व्यापारियों की उधारी चुकाई। पूछताछ में पता चला है कि दोनों भाई पर 15 लाख रुपये से अधिक कर्ज था। आरोपित कुल तीन भाई और दो बहन हैं। एक बहन का विवाह पक्का हो गया था, उसके लिए भी रुपये की व्यवस्था का उन पर दबाव था।

दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर बड़ा सड़क हादसा, ट्राले से टकराई कार; सूरत के परिवार के कई सदस्य घायल

रतलाम दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। शिवगढ़ थाना क्षेत्र के काजलिया पाड़ा स्थित जामण नदी के पास सुबह करीब 09 बजे आगे चल रहे ट्राले में पीछे से एक तेज रफ्तार कार (जीजे 05 आर क्यू 1421) जा घुसी। जोरदार टक्कर में कार सवार दंपति और उनके दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में 4 लोग घायल सूचना मिलते ही शिवगढ़ थाना पुलिस और एनएचएआई की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने क्षतिग्रस्त कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला। सभी घायलों को पुलिस और एनएचएआई की एम्बुलेंस की मदद से रतलाम मेडिकल कालेज पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। एयर बैग समय पर खुलने से घायलों की जान बच गई।   शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था परिवार पुलिस के अनुसार कार में गुजरात के सूरत के सिल्क कपड़े के व्यापारी और उनका परिवार सवार था। घायलों की पहचान 38 वर्षीय साहिल कुमार पुत्र संजय कुमार साध, उनकी पत्नी 35 वर्षीय स्वेनका, बेटा 15 वर्षीय शनय और छोटा बेटा 04 वर्षीय श्यान के रूप में हुई है। यह परिवार सूरत से नोएडा एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। ट्राले के चालक से भी पूछताछ की जा रही है।

बड़ा फैसला: हाईकोर्ट ने MP सिविल जज परीक्षा का रिज़ल्ट दोबारा जारी करने को कहा, 191 पद खाली—एक भी ST उम्मीदवार चयनित नहीं

जबलपुर  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सिविल जज जूनियर डिवीजन  भर्ती परीक्षा-2022 के परिणाम पर बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) अभ्यर्थियों के चयन पर पुनर्विचार किया जाए। जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकल पीठ ने “एडवोकेट यूनियन फॉर डेमोक्रेसी एंड सोशल जस्टिस” की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया।  याचिका में भर्ती के नियम 194 में संशोधन को चुनौती दी गई थी। दरअसल, सिविल जज भर्ती-2022 में कुल 199 पदों के लिए विज्ञापन निकला था, जिसमें बैकलॉग के पद भी शामिल थे। इसमें अनारक्षित वर्ग: 48 में से 17 बैकलॉग,  SC: 18 में से 11 बैकलॉग , ST: 121 में से 109 बैकलॉग ,  OBC: 10 में से 1 बैकलॉग है।  वहीं हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि मुख्य परीक्षा में एससी उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 45% और एसटी के लिए 40% अंक मानें जाएं. वहीं इंटरव्यू में भी 20 अंकों की बाध्यता में राहत देने के निर्देश दिए गए हैं. कोर्ट का कहना है कि पात्र उम्मीदवारों को मौका देना न्याय की मूल भावना है. अब एक्जाम सेल को जल्द ही नई सूची कोर्ट में पेश करनी होगी. यह फैसला कई परिवारों की उम्मीदें फिर से जगा रहा है. मेन्स और इंटरव्यू के बाद अंतिम रूप से 89 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए। हैरानी की बात यह रही कि इन 89 चयनित अभ्यर्थियों में ओबीसी वर्ग के 15 अभ्यर्थी तो शामिल थे, लेकिन SC वर्ग के केवल 3 और ST वर्ग का एक भी अभ्यर्थी जगह नहीं बना पाया। याचिकाकर्ता का कहना था कि इतनी बड़ी संख्या में बैकलॉग पद होने के बावजूद SC-ST अभ्यर्थियों का इतना कम प्रतिनिधित्व संवैधानिक आरक्षण के मूल उद्देश्य पर सवाल खड़े करता है।  साथ ही नियम 194 में किए गए संशोधन को भी असंवैधानिक बताया गया। हाईकोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए अंतिम निर्णय तक सुरक्षित रखा है, लेकिन फिलहाल SC-ST अभ्यर्थियों के चयन पर पुनर्विचार करने का स्पष्ट निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि यदि कोई अभ्यर्थी योग्य पाया जाता है तो उसे नियुक्ति में प्राथमिकता दी जाए।  दों के खाली रहने को 'अत्यंत गंभीर' बताया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर और पुष्पेंद्र शाह ने तर्क दिया कि परीक्षा सेल ने आरक्षण नीति का सही ढंग से पालन नहीं किया। बैकलॉग पदों को अनारक्षित वर्ग को देना, न्यूनतम योग्यता में छूट न देना और साक्षात्कार में कम अंक देना भेदभाव को दर्शाता है। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि सिविल जज परीक्षा के परिणामों में 191 पदों के बदले केवल 47 अभ्यर्थियों का चयन व्यवस्था की गंभीर त्रुटि को दर्शाता है। अजजा वर्ग के निर्धारित पदों को भरा ही नहीं जा सका। एक राज्य के तौर पर यह निराशाजनक है। सरकार वंचित वर्ग के उत्थान में पूरी तरह विफल साबित हुई है। हम न्यायपालिका या आरक्षण पर प्रश्न नहीं उठा रहे, किंतु परिणाम बताते हैं कि आरक्षित वर्ग को आज भी सीखने और तैयारियों के संसाधन और अवसर उपलब्ध नहीं हैं। राज्य को इस बात के प्रयास बढ़ाने होंगे, जिसमें वंचित समुदाय को बेहतर अवसर मिल सकें। लगातार हो रहा विरोध सबसे बड़ी चिंता यह रही कि 191 सीटों में से एसटी वर्ग का एक भी उम्मीदवार चयनित नहीं हुआ, जबकि 121 सीटें एसटी वर्ग की खाली रह गईं. एससी वर्ग से भी केवल एक ही अभ्यर्थी का चयन हुआ. कोर्ट ने इसे बेहद गंभीर माना. वहीं परिणाम आने के बाद दलित, आदिवासी व ओबीसी वर्ग के उम्मीदवार लगातार विरोध कर रहे थे. अब संशोधित सूची आने से इस विवाद पर बड़ा असर पड़ सकता है और डिजर्विंग उम्मीदवारों को न्याय मिल सकता है. सिलेक्शन नहीं हो पाने की एक वजह यह बताई एडवोकेट मोहर सिंह बताते हैं कि इस बार का एग्जाम काफी कठिन था। कानूनों से ज्यादा सवाल कोर्ट के जजमेंट्स से जुड़े हुए थे। इस कारण अभ्यर्थियों को जवाब देने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। वैकल्पिक एग्जाम भी कठिन था, जिसके कारण कम अभ्यर्थी ही मुख्य परीक्षा तक पहुंच पाए। मुख्य परीक्षा में भी 50% अंक लाना जरूरी था। अधिकतर स्टूडेंट 50% का आंकड़ा नहीं छू पाए और पहले ही बाहर हो गए। इस तरह का था परीक्षा पैटर्न प्रारंभिक परीक्षा     प्रारूपः वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्यीय प्रश्न)     अवधि: 2 घंटे     कुल अंकः 150 (150 प्रश्न, प्रत्येक 1 अंक का) मुख्य परीक्षा     प्रारूपः वर्णनात्मक (निबंध-आधारित)     अवधिः प्रत्येक पेपर के लिए 3 घंटे     कुल पेपर: 4     कुल अंक: 400 (प्रत्येक पेपर 100 अंकों का) विषय : भारत का संविधान, सिविल प्रक्रिया संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, लेखन कौशल और न्यायालयीन अभ्यास जैसे विषय शामिल थे। अनिवार्यता : सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 200 अंक और अन्य वर्गों के लिए 190 अंक लाना जरूरी। मौखिक साक्षात्कार कुल अक: 50 चयनः अंतिम चयन के लिए मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के कुल अंकों को जोड़ा गया।

भोपाल, इंदौर और जबलपुर में कोहरे ने घेरा, दृश्यता सिर्फ 1 किलोमीटर तक सीमित

भोप्ला  मध्य प्रदेश में इस बार नवंबर की शुरुआत से ही ठंड का मौसम सामान्य से पहले सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह-शाम ठंड के साथ घना कोहरा छाया रहा, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पचमढ़ी में सबसे कम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। घना कोहरा और विजिबिलिटी शनिवार की सुबह कई शहरों में कोहरे का असर देखा गया। शाजापुर में घना कोहरा छाया, जबकि अकोदिया और शुजालपुर में विजिबिलिटी केवल 100 मीटर तक सीमित रही।  मध्य प्रदेश में बर्फीली हवाओं की वजह से ठंड का तेज असर जारी है. प्रदेश के हर हिस्से में कड़ाके की सर्दी देखने को मिल रही है. शीतलहर का असर देखने को मिल रहा है. प्रदेश के 8 शहरों भोपाल, राजगढ़, इंदौर, खंडवा, शाजापुर, नरसिंहपुर और खरगोन में शुक्रवार को शीतलहर का असर देखने को मिला. राजधानी में शनिवार (22 नवंबर) की सुबह कोहरा देखने को मिला. पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा शहर पहाड़ी राज्यों जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी का दौर जारी है. इस वजह से प्रदेश में कंटीली हवाएं चल रही हैं. पचमढ़ी में शुक्रवार को तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके साथ ही पचमढ़ी राज्य का सबसे ठंडा शहर रहा. इसके अलावा राजगढ़ में 8 डिग्री, शाजापुर जिले के गिरवर में 8.3 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री और छतरपुर जिले के नौगांव में न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. शहर/क्षेत्र विजिबिलिटी (मीटर) शाजापुर घना कोहरा अकोदिया, शुजालपुर 100 भोपाल, दतिया, इंदौर, जबलपुर 1000 गुना, ग्वालियर, सतना, रीवा, खजुराहो 500–1000 न्यूनतम तापमान शुक्रवार-शनिवार की रात में कई शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। शहर/स्थान न्यूनतम तापमान (°C) पचमढ़ी 6.2 भोपाल, इंदौर 9.4 ग्वालियर 13 उज्जैन, जबलपुर 11.8 राजगढ़ 8.2 खरगोन 8.6 नौगांव 8.8 नरसिंहपुर 9.4 उज्जैन में पुलिस कर्मियों के लिए चाय की व्यवस्था उज्जैन पुलिस अधीक्षक ने ठंड को देखते हुए रात में गश्त करने वाले पुलिस कर्मियों के लिए चाय उपलब्ध कराने का इंतजाम किया है। एक स्थान पर चाय बनाई जा रही है और गश्त पर तैनात कर्मियों तक पहुंचाई जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का क्या कहना है? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हाल ही में विंड पैटर्न बदला है। उत्तरी हवाओं के प्रभाव से पहले तेज ठंड थी, लेकिन अब राहत मिलने की संभावना है। इस बार नवंबर के पहले सप्ताह से ही ठंड सक्रिय है, जबकि आम तौर पर दूसरे सप्ताह में कड़ाके की ठंड पड़ती है। अक्टूबर में बारिश का रुझान माह औसत बारिश (इंच) सामान्य बारिश (इंच) प्रतिशत वृद्धि अक्टूबर 2.8 1.3 121% मध्य प्रदेश के लोगों को अगले कुछ दिनों में ठंड और कोहरे के चलते सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से ड्राइवरों को सीमित विजिबिलिटी वाले इलाकों में धीमी गति से वाहन चलाने की चेतावनी दी गई है। जबलपुर और नर्मदापुरम में धुंध और कोहरा देखने को मिला. नर्मदापुरम में विजिबिलिटी 500 मीटर रह गई थी. बड़े शहरों में सर्वाधिक न्यूनतम तापमान ग्वालियर में 12.8 डिग्री सेल्सियस मापा गया. जबलपुर में 11.1 और उज्जैन में 11.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा. प्रदेश का सर्वाधिक तापमान उज्जैन में 29.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. 8 शहरों में कोल्ड वेव का अलर्ट मौसम विभाग ने प्रदेश के 8 शहरों भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, शाजापुर, खंडवा, खरगोन और नरसिंहपुर में कोल्ड वेव का यलो अलर्ट जारी किया है. आगामी चार दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की जाएगी. शेष सभी जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा. जानिए, नवंबर में 5 बड़े शहरों का मौसम… भोपाल: इस बार टूट गया ओवरऑल रिकॉर्ड नवंबर में भोपाल में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में नवंबर में रात का तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था, लेकिन इस साल 16 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री रहा। इस तरह नवंबर की सर्दी का ओवरऑल रिकॉर्ड बन गया है। यहां इस महीने बारिश होने का ट्रेंड भी है। 10 साल में तीन बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। इंदौर: 5.6 डिग्री तक जा चुका न्यूनतम पारा इंदौर में नवंबर में ठंड का असर रहता है। खासकर दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से गिरता है। इस वजह से रातें ठंडी हो जाती हैं और टेम्प्रेचर 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। 25 नवंबर 1938 को पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। इंदौर में कभी-कभार बारिश भी हो जाती है। दिन में 31 से 33 डिग्री के बीच तापमान रहता है। ग्वालियर: 1927 में 3 इंच पानी गिरा था पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो नवंबर में ग्वालियर में पारा 8 डिग्री तक पहुंच चुका है। 54 साल पहले वर्ष 1970 में टेम्प्रेचर 3 डिग्री गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। 2 नवंबर 2001 को दिन का तापमान 37.3 डिग्री तक रहा, जबकि यह सामान्य तौर पर 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। ग्वालियर में इस महीने बारिश भी होती है। 1927 में पूरे महीने 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। 10 साल में 3 बार ऐसा ही मौसम रह चुका है। जबलपुर: 1946 में 6 इंच से ज्यादा बारिश जबलपुर में पिछले 10 साल में 2022 में न्यूनतम पारा 7.8 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। ओवरऑल रिकॉर्ड 12 नवंबर 1989 को दर्ज किया गया था, तब टेम्प्रेचर 3.9 डिग्री तक पहुंच गया था। 1946 में पूरे महीने 6 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। 10 साल में दो बार बारिश हो चुकी है। दिन में 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान रहता है। उज्जैन: न्यूनतम तापमान 10-11° के बीच उज्जैन में 30 नवंबर 1974 को रात का तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 6 नवंबर 2008 को दिन का तापमान 36.5 डिग्री रहा था। पिछले 10 साल की बात करें तो न्यूनतम तापमान 10-11 … Read more

स्थानीय चुनाव: उम्मीदवारों के लिए नई नियमावली, शपथ पत्र में दर्ज करनी होगी अपने खिलाफ आपराधिक प्रकरण की जानकारी

भोपाल  महापौर, नगरपालिका अध्यक्ष के साथ पार्षद पद का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को अब अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक प्रकरण की पूरी जानकारी शपथ पत्र में देनी होगी। इतना ही नहीं, लोकसभा व विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की तरह प्रतिदिन का चुनावी खर्च का ब्यौरा देना होगा।  राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी बदलाव का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। उम्मीदवारों के चुनाव खर्च की लिमिट नगरीय विकास एवं आवास विभाग के परामर्श से तय की जाएगी। प्रदेश के नगर निकायों में महापौर, नगर पालिका एवं नगर परिषद अध्यक्ष और पार्षद पद के चुनाव पांच साल में होते हैं। कुछ नगरपालिका और नगर परिषदों को छोड़ 90 फीसदी निकायों में यह चुनाव वर्ष 2027 में होंगे। इसके पहले 2022 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर निकायों में चुनाव कराए गए थे। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव दीपक सिंह ने आदेश जारी किया है। जिसके तहत पार्षद पद के उपचुनाव भी नई व्यवस्था से होंगे। कितने केस दर्ज, चल-अचल संपत्ति कितना बताना होगा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि चुनाव लड़ने वाले महापौर, नगरपालिका अध्यक्ष, पार्षद पद के उम्मीदवार को अपनी खुद, पत्नी या पति और तीन बच्चों की आमदनी और चुकाए जाने वाले टैक्स की जानकारी भी देना होगी। यह भी बताना होगा कि उसकी आय का साधन क्या है? लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार जिस तरह से सोशल मीडिया अकाउंट, ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर की डिटेल देते हैं, उसी तरह इन्हें भी जानकारी देना होगा। राज्य निर्वाचन आयोग को बताना होगा कि दो साल या अधिक समय की सजा वाले कितने आपराधिक मामले उन पर दर्ज हैं। इसकी थाने में दर्ज एफआईआर, थाना और जिला का ब्यौरा बताने के साथ न्यायालय में चल रहे केस और अन्य ब्यौरे देने होंगे। इसके साथ ही संयुक्त स्वामित्व वाली चल और अचल संपत्ति की जानकारी भी शपथ पत्र में देना तय किया गया है। साथ ही उम्मीदवार द्वारा शेयर और कंपनियों में किए गए निवेश का ब्यौरा भी देना होगा। साथ ही कितना कर्ज लिया और दिया गया है तथा किन सरकारी एजेंसियों का कितना बकायादार उम्मीदवार है, इसकी जानकारी देने का प्रावधान भी इसमें किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी साफ किया है कि उम्मीदवार अपने घर पर लगे फ्लश शौचालय और जलवाहित शौचालय की भी लिखित जानकारी देंगे। चुनाव में कितना खर्च होगा, इसकी लिमिट होगी तय आयोग ने कहा है कि चुनाव में किस तरह से धन बल का उपयोग किया जाता है, राज्य निर्वाचन आयोग इससे वाकिफ है। इसलिए नगरीय विकास और आवास विभाग द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग के साथ चर्चा कर चुनाव में होने वाले खर्च की अधिकतम सीमा भी तय की जाएगी। आयोग के उम्मीदवारों द्वारा जो खर्च किया जाएगा और उसका भुगतान किया जाएगा उसकी पूरी डिटेल दी जाएगी। इसके साथ ही चुनाव खर्च का एक अलग रजिस्टर बनाया जाएगा। चुनाव खर्च की जानकारी तीस दिन के भीतर देना भी अनिवार्य किया गया है। इसमें यह व्यवस्था भी की गई है कि प्रत्याशी के चुनावी खर्च की जानकारी कोई भी व्यक्ति दस रुपए की फीस जमा करके ले सकेगा।