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उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वच्छता और चिकित्सकों की समय पर उपलब्धता के दिए निर्देश

जेपी अस्पताल के नवनिर्मित भवन में शीघ्र चिकित्सा सेवाएं प्रारंभ करें: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्वच्छता और चिकित्सकों की समय पर उपलब्धता के दिए निर्देश चिकित्सालय परिसर का निरीक्षण कर चिकित्सकों से की वन-टू-वन चर्चा भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल जयप्रकाश जिला चिकित्सालय भोपाल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों में दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने चिकित्सालय में स्वच्छता व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता, मरीजों के उपचार की प्रक्रिया और चिकित्सकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल के सभी प्रमुख विभागों के चिकित्सकों से वन-टू-वन चर्चा कर सेवाओं की गुणवत्ता का फीडबैक लिया और मरीजों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए कि अस्पताल के नवनिर्मित भवन में चिकित्सा सेवाएं शीघ्र प्रारंभ की जाएं, जिससे मरीजों को और अधिक सुसंगठित एवं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि नवनिर्मित भवन का शीघ्र उपयोग प्रारंभ किया जाए और आवश्यक संसाधन एवं उपकरण की समय पर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अस्पताल में संचालित प्रसूति सेवाओं, बच्चों के उपचार के लिये पी.आई.सी.यू. एवं एस.एन.सी.यू., जनरल सर्जरी, ईएनटी, आर्थोपेडिक सर्जरी, दंत सेवाओं, नेत्र सेवाओं और जनरल मेडिसिन विभाग की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने टेलीमेडिसिन सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श की सुविधा उनके नजदीकी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ही उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें उच्चस्तरीय चिकित्सा परामर्श के शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. मनीष शर्मा, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. संजय जैन, आर.एम.ओ. डॉ. प्रेमेंद्र शर्मा सहित सभी विभागों के चिकित्सक उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री को अस्पताल प्रबंधन ने आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से संचालित निशुल्क पैथोलॉजी, सी.टी. स्कैन और एम.आर.आई. सेवाओं की जानकारी दी। बताया गया कि वर्तमान में अस्पताल के ब्लड बैंक में होल ब्लड की सुविधा उपलब्ध है और इसके विस्तार के लिए कंपोनेंट सेपरेटर यूनिट की स्थापना की जा रही है, जिससे मरीजों को रक्त के सभी आवश्यक घटक (ब्लड कॉम्पोनेंट्स) अस्पताल से ही उपलब्ध हो सकेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ नर्मदा नदी के पावन जल में 6 मगरमच्छों का कराया जलप्रवेश

 जलीय वन्यजीव संरक्षण राज्य सरकार जीवों के संरक्षण के लिए है संकल्पबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ नर्मदा नदी के पावन जल में 6 मगरमच्छों का कराया जलप्रवेश जलीय पारिस्थितिक तंत्र एवं जल प्रवाह होगा सुदृढ़: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जीवों के संरक्षण के लिए संकल्पबद्ध है। माँ नर्मदा का वाहन माने जाने वाले मगरमच्छों को उनके नैसर्गिक आवास में पुनर्स्थापित करना हमारी सांस्कृतिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी है। मगरमच्छों के आवास के लिए यह अत्यंत अनुकूल है और उनकी उपस्थिति से नदी का पारिस्थितिक तंत्र एवं जल प्रवाह और अधिक सुदृढ़ होगा। यह महत्वपूर्ण पहल प्रदेश में चल रहे व्यापक वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रमों की श्रृंखला का एक हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को खंडवा जिले के नर्मदानगर (पुनासा) में विधिवत रूप से पूजन कर वन विहार भोपाल से लाये गये 6 मगरमच्छों को मां नर्मदा नदी के सलिल जल में स्वच्छंद छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में वन्यजीवों के साथ ही मगरमच्छ जलीय जीवों के संरक्षण एवं संवर्धन में निरंतर वृद्धि होगी। प्रदेश में सभी प्रकार के जीवों के संरक्षण अभियान के तहत भारतीय संस्कृति में मनुष्य एवं वन्यजीव परस्पर एक दूंसरे पर निर्भर हैं। मगरमच्छ जलीय पारिस्थितिक तंत्र की अहम कड़ी है। इंदिरा सागर परियोजना के बैक वाटर क्षेत्र में माँ नर्मदा के वाहन के संरक्षण एवं संवर्धन की दृष्टि से पूर्ण अनुकुल माहौल उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष वन विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तावित ओंकारेश्वर अभयारण्य के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना एवं जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि सामान्य वनमण्डल खण्डवा के कुल वनक्षेत्र- 283773.23 हेक्टेयर अंतर्गत प्रस्तावित ओंकारेश्वर अभ्यारण्य का कुल क्षेत्रफल 61407.09 हेक्टेयर है। जिसमें खंडवा वनमंडल अंतर्गत पुनासा, मूंदी, चांदगढ़, बलडी परिक्षेत्र शामिल हैं, वहीं देवास वनमंडल के सतवास, कॉटाफोड, पुंजापुरा, उदयनगर आदि परिक्षेत्र शामिल हैं। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, सांसद  ज्ञानेश्वर पाटिल, खंडवा की विधायक मती कंचन मुकेश तन्वे, मांधाता विधायक  नारायण पटेल, पंधाना विधायक मती छाया मोरे, खंडवा की महापौर मती अमृता अमर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष मती पिंकी सुदेश वानखेड़े सहित जनप्रतिनिधि, संभागायुक्त  सुदाम खाड़े, आईजी  अनुराग, डीआईजी  सिद्धार्थ बहुगुणा, कलेक्टर  ऋषव गुप्ता, मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक  शुभ रंजन सेन, मध्यप्रदेश के वन बल प्रमुख  वी.एन. अंबाड़े, वन संरक्षक खंडवा सु वासु कनौजिया, वन मंडल अधिकारी  राकेश डामोर और अधिकारी उपस्थित रहे।  

इंट्रा स्टेट कनेक्टिविटी स्थापित करने वाला देश का पहला राज्य मध्यप्रदेश

प्रदेश के तीन सेक्टरों में 20 नवम्बर से होगा नियमित संचालन मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा लोक-निजी भागीदारी से शुरू होगी सेवा भोपाल  मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस पर प्रदेश को पर्यटन के क्षेत्र में नई सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 नवंबर को राजा भोज एयरपोर्ट भोपाल से ‘पीएम श्री हवाई पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा’ का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू, भारत के विधि और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल, पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के फ्लैगऑफ़ के साथ तीनों हेलीकॉप्टर उज्जैन के लिए प्रस्थान करेंगे। हेलीकॉप्टर सेवा का नियमित संचालन 20 नवम्बर 2025 से होगा। पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा राज्य के पर्यटन स्थलों के बीच हवाई संपर्क को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ‘पीएम श्री हवाई पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा’ प्रारंभ की जा रही है। लोक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के अंतर्गत यह सेवा मध्यप्रदेश के पर्यटन को नई उड़ान देगी।  अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश देश में इंट्रा स्टेट एयर कनेक्टीविटी संचालित करने वाला प्रथम राज्य है। ‘पीएम श्री हवाई पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा’ प्रदेश में प्रमुख धार्मिक, वन्यजीव एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के बीच यात्रा अधिक सुविधाजनक और आकर्षक बनेगी। यह पहल मध्यप्रदेश को एक नए पर्यटन आयाम की ओर अग्रसर करेगी, जिससे राज्य के एडवेंचर, हेरिटेज, और स्पिरिचुअल टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी तथा देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए यात्रा अनुभव और भी समृद्ध होगा। ‘पीएम श्री हवाई पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा’ का संचालन प्रत्येक सेक्टर में सप्ताह में पांच दिन किया जाएगा। सेवा संचालन के लिए सेक्टर-1 में मेसर्स ट्रांस भारत एविएशन तथा सेक्टर-2 और सेक्टर-3 में मेसर्स जेट सर्व एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के साथ तीन वर्ष की अवधि के लिए अनुबंध निष्पादित किए गए हैं। प्रारंभिक चरण में निजी ऑपरेटर द्वारा प्रत्येक सेक्टर में हेलीकॉप्टर संचालित किए जाएंगे जिनमें कम से कम छह यात्री सीटें होंगी। इन तीन सेक्टरों में होगा हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन सेक्टर 1: इंदौर – उज्जैन – ओंकारेश्वर सेक्टर 2: भोपाल – मढ़ई – पचमढ़ी सेक्टर 3: जबलपुर – बांधवगढ़ – कान्हा  

मोहन सरकार की खुशी की खबर: कर्मचारियों के लिए डीए बढ़ोतरी और एरियर का ऐलान

भोपाल  राज्य सरकार प्रदेश के करीब 7.5 लाख कर्मचारियों को बड़ी सौगात देने जा रही है। सरकार कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए) 3 प्रतिशत बढ़ाने का फैसला ले सकती है। 1 नवंबर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर घोषणा हो सकती है। नया बढ़ा हुआ डीए 1 जुलाई 2025 से प्रभावशील माना जाएगा। इसे नवंबर और दिसंबर के वेतन में शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही जुलाई से अक्टूबर तक के चार महीने का एरियर भी कर्मचारियों को दिया जाएगा। वित्त विभाग के अनुमान के अनुसार, सरकार पर हर महीने लगभग 125 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा। वहीं, एरियर समेत कुल वित्तीय भार करीब 600 करोड़ रुपये तक पहुंचेगा। वर्तमान में प्रदेश के कर्मचारियों को 55% महंगाई भत्ता मिल रहा है। पहले यह 52% था, जिसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 27 मई को 3% बढ़ाने की घोषणा की थी। यह बढ़ोतरी जनवरी से लागू हुई थी और इसका भुगतान जून से शुरू किया गया था। उस समय के एरियर का भुगतान कर्मचारियों को पांच किस्तों में किया गया था। संभावना है कि इस बार भी सरकार दिसंबर से मार्च तक चार किस्तों में एरियर भुगतान की प्रक्रिया अपनाएगी।  वर्तमान में मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को जनवरी 2025 से 55 फीसदी महंगाई भत्ते का लाभ मिल रहा है और अब जुलाई 2025 से फिर 3 फीसदी डीए बढ़ने की उम्मीद है। खबर है कि एक नवंबर को प्रदेश के स्थापना दिवस सीएम मोहन यादव 3 फीसदी महंगाई भत्ता वृद्धि का ऐलान कर सकते है जिसके बाद महंगाई भत्ता 55 से बढ़कर 58 प्रतिशत हो जाएगा । नई दरें जुलाई से लागू होंगी ऐसे में जुलाई अगस्त सितंबर और अक्टूबर का भी एरियर मिलेगा।बढ़े हुए डीए का लाभ नवंबर की सैलरी के साथ दिसंबर में दिया जा सकता है। एरियर की राशि एकमुश्त देने की बजाय चार किस्तों में दिसंबर से मार्च तक दी जा सकती है। इससे हर महीने लगभग 125 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा।  एरियर समेत कुल वित्तीय भार करीब 600 करोड़ रुपये तक पहुंचेगा। पेंशनर्स की महंगाई राहत में हो चुकी है वृद्धि मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने 4.50 लाख पेंशनर्स को सौगात देते हुए महंगाई राहत में 2 से 6 फीसदी वृद्धि की है। राज्य सरकार ने छठवें वेतनमान का लाभ ले रहे पेंशनर्स की मंहगाई राहत की दर को 6 फीसदी बढाते हुए 246% से 252% कर दिया है। वहीं सातवें वेतनमान का लाभ ले रहे पेंशनर्स की डीआर 2 फीसदी बढ़ाते हुए 53% से बढ़ाकर 55% कर दी गई है। नई दरें सितंबर 2025 से लागू होंगी, ऐसे में अक्टूबर से खाते में बढ़ी हुई पेंशन राशि का लाभ मिलेगा।इस संबंध में वित्त विभाग ने आदेश भी जारी कर दिए है।इधर, मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी एवं पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा ने राज्य सरकार से पेंशनरों की महंगाई राहत जुलाई 2025 से तीन प्रतिशत की वृद्धि के साथ जुलाई से सितंबर तक का एरियर देने की मांग की है। अबतक इन राज्यों के कर्मचारियों का बढ़ चुका है डीए दिवाली से पहले केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय कर्मचारियों व पेंशनर्स के महंगाई भत्ते और राहत की दरों में 3% की वृद्धि की थी, जिसके बाद जनवरी 2025 से डीए 55% से बढ़कर 58% हो गया है। केंद्र के बाद अब राज्य सरकारों ने भी डीए वृद्धि की घोषणा करना शुरू कर दिया है। अबतक राजस्थान, गुजरात, बिहार, सिक्किम, हरियाणा, उत्तराखंड, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश , हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, असम, झारखंड, अरूणाचल प्रदेश ,ओडिशा और जम्मू सरकार ने अपने कर्मचारियों पेंशनरों का DA बढ़ा दिया है। बढ़े हुए डीए का लाभ कर्मचारियों की सैलरी व पेंशनर्स की पेंशन में अक्टूबर की सैलरी के साथ नवंबर में दिया जाएगा ।

देव प्रबोधिनी एकादशी पर राम पथ गमन क्षेत्र जगमगाएगा 3,51,111 दीपों से

देव प्रबोधिनी एकादशी पर राम पथ गमन क्षेत्र होगा 3,51,111 दीपों से रोशन राम पथ गमन के जिलों में दीपोत्सव पर्व-2025 का आयोजन एक नवम्बर को भोपाल  देव प्रबोधिनी एकादशी के अवसर पर 1 नवंबर, 2025, विक्रम संवत् – 2082, कार्तिक शुक्ल एकादशी पर सायं दीपोत्सव पर्व-2025 के तहत राम पथ गमन क्षेत्र के 9 स्थलों पर 3,51,111 दीपों से रामचंद्र जी, माता सीता, माँ नर्मदा, माँ मंदाकिनी की दीप आराधना की जाएगी। दीप प्रज्वलन के साथ ही भक्ति संगीत संध्या का आयोजन भी किया जाएगा। भक्ति संगीत संध्या में प्रदेश के ख्यातिलब्ध कलाकार भाग लेंगे। रामचन्द्र पथ गमन न्यास द्वारा यह आयोजन राम पथ गमन के चिह्नांकित जिलों में जिला प्रशासन के सहयोग से संयोजित किया जाएगा। न्यास द्वारा चित्रकूट के राघव प्रयाग घाट-पंचवटी घाट, अमरकंटक के रामघाट, मैहर की आल्हा तलैया, नर्मदापुरम् के सेठानी घाट, कटनी के कटायेघाट तालाब, पन्ना के धरम सागर तालाब, उमरिया के प्राचीन सगरा मंदिर में होगा। जबकि शहडोल के सीतामढ़ी (गंधिया) में आयोजन 5 नवंबर को किया जाएगा। न्यास के सीईओ  एन.पी. नामदेव ने बताया कि आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करने वाला यह आयोजन जन-जन तक प्रभु रामंचद्र जी के आदर्शों को सम्प्रेषित करेगा। अनूपपुर जिले में स्थित अमरकंटक में रामघाट पर माँ नर्मदा के पुण्य तट पर 51,000 दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। माँ नर्मदा उद्गम मंदिर के मुख्य पुजारी के साथ 7 पुरोहित माँ नर्मदा की महाआरती करेंगे। इस अवसर पर जबलपुर के  मनीष अग्रवाल भक्ति गायन की प्रस्तुति देंगे। इसी तरह सतना जिले के चित्रकूट स्थित राघव प्रयाग घाट पर 1,11,111 दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। चित्रकूट के पावन घाट पर 15 पंडितों द्वारा माँ मंदाकिनी की महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर सागर के “विभोर” इंडियन फ्यूजन बैंड द्वारा रामचंद्र केंद्रित भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। चित्रकूट के पंचवटी घाट पर 21 हजार दीप प्रज्वलन के साथ ही माँ मंदाकिनी की महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर बालाघाट की सु मुस्कान चौरसिया भक्ति गायन की प्रस्तुति देंगी।  शारदा देवी की नगरी मैहर में आल्हा तलैया के पुण्य तट पर 51000 दीप प्रज्वलित होंगेसाथ ही 7 पंडितों द्वारा माँ शारदा की महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर सागर की सु साक्षी पटेरिया एवं साथी भक्ति गीतों की प्रस्तुति देंगी। नर्मदापुरम् के सेठानी घाट पर 51000 दीप आराधना के साथ 7 पंडितों द्वारा माँ नर्मदा की महाआरती की जाएगी। भोपाल के दीप म्यूजिकल ग्रुप के कलाकार राम भजनों में अवधी और मध्यप्रदेश के लोकांचलों में रचे-बसे गीतों की प्रस्तुति देंगे। दीपोत्सर्ग के कार्यक्रम में कटनी के कटायेघाट पर 15,000 दीप प्रज्वलन एवं 5 पंडितों द्वारा महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर नर्मदापुरम् के  नमन तिवारी एवं साथी लोकगीतों एवं भजनों से वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे।  पन्ना के धरम सागर तालाब के तट पर 11 हजार दीप प्रज्वलन के साथ महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर पन्ना की सु वेदिका मिश्रा एवं साथी कलाकार भजनों की प्रस्तुति देंगे। उमरिया के प्राचीन सगरा मंदिर प्रांगण में 31,000 दीप अर्पण किए जाएंगे और महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर कटनी के  सत्यम आरख एवं साथी भक्ति गायन की प्रस्तुति देंगे। शहडोल के रामचंद्र पथ गमन स्थल सीतामढ़ी(गंधिया) में 5 नवंबर को 11,000 दीप प्रज्ज्वलन के साथ रामचंद्र और माता सीता की महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर उमरिया की सु बबली यादव एवं साथी भक्ति गीतों की प्रस्तुति देंगी।

52 लाख से अधिक विद्यार्थियों को सिंगल क्लिक से जारी की 303 करोड़ की राशि

देव दीपावली से पहले मनी विद्यार्थियों की दीवाली राज्य सरकार हर समय विद्यार्थियों के साथ है प्रदेश में हो रहे हैं 369 सांदीपनि विद्यालय, 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज तैयार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए पहले मां सरस्वती को प्रसन्न करना पड़ता है, अर्थात् विद्यार्थियों के लिए मन लगाकर पढ़ाई में मेहनत करना जरूरी है। बच्चे खूब पढ़ें, आगे बढ़ें, इसके लिए सरकार हर समय विद्यार्थियों के साथ खड़ी है। राज्य सरकार सभी विद्यार्थियों को त्वरित रूप से सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सुखद परिणाम है कि प्रदेश में सामान्यत: छात्रवृत्ति अप्रैल के महीने में सत्र खत्म होने पर मिलती थी, वह अब अक्टूबर माह में ही विद्यार्थियों के खातों में जारी की जा रही है। पात्र विद्यार्थियों को स्कूटी, लैपटॉप, ड्रेस और साइकिल आदि भी समय पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश के 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में समेकित छात्रवृत्ति योजना की 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से जारी की जा रही है। आज देव दीपावली से पहले विद्यार्थियों की दीपावली मन रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समेकित छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत राशि अंतरण के लिए मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से विद्यार्थियों के खातों में राशि जारी की। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा मंत्रीगण का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया गया। राज्य स्तरीय कार्यक्रम से प्रदेश के सभी जिले वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में शिक्षा व्यवस्था में नई पहल की जा रही है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। देश में सबसे अच्छे शासकीय विद्यालय मध्यप्रदेश में बने हैं। गत माह ही राज्य सरकार द्वारा शिक्षा का अधिकार के अंतर्गत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 8 लाख 50 हजार विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति की गई। प्रदेश के निजी विद्यालयों में 20 प्रतिशत सीटों पर जरूरतमंद परिवार के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। प्रदेश में 369 सांदीपनि विद्यालय, 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज तैयार हो रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 6 और 9वीं के 4 किमी दूर रहने वाले 1 करोड़ विद्यार्थियों को नि:शुक्ल साइकिलें वितरित की हैं। बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले 5 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए गए हैं। विद्यार्थियों को नीट, क्लेट, जेईई सहित सभी प्रकार की कोचिंग भी नि:शुल्क प्रदान करने के लिए योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को डॉक्टर, इंजीनियर, वकील बनने के साथ उद्यमी बन लोगों को रोजगार देने वाला बनने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी के लिए विद्यार्थियों को सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होना चाहिए। जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के बच्चों को शिक्षा के नए आयाम दिए जा रहे हैं। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में गुणवत्ता शिक्षा के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार शालेय शिक्षा की बेहतरी के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विद्यार्थियों की उपस्थिति की ट्रेकिंग के साथ शैक्षणिक स्टॉफ की उपस्थिति और उनके द्वारा संचालित गतिविधियों की भी ट्रेकिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्कूली विद्यार्थियों से संवाद और उन्हें प्रेरित करने का कोई अवसर नहीं खोते हैं। प्रदेश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार प्रतिभाओं को निखारने और संवारने का हरसंभव प्रयास कर रही है। कार्यक्रम में सचिव स्कूल शिक्षा श्री संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आए स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि समेकित छात्रवृत्ति योजना में प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कक्षा-1 से 12 तक अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से स्वीकृत की गई है। योजना के तहत 6 विभागों स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कल्याण, विमुक्त, घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक न्याय विभाग की 20 प्रकार की छात्रवृतियों की राशि प्रदान की जाती है। योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। अंतरित हुई राशि में सामान्य निर्धन वर्ग छात्रवृत्ति, सुदामा प्री-मेट्रिक, स्वामी विवेकानन्द पोस्ट मेट्रिक, सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति, पितृहीन कन्याओं की छात्रवृत्ति, इकलोती बेटी की शिक्षा विकास छात्रवृत्ति की राशि शामिल है।  

भोपाल में युवती से शोषण का मामला, आरोपी पर गंभीर धाराओं में FIR दर्ज

इंदौर किन्नर के बहकावे में आकर डेरे पर आई हिंदू युवती दुष्कर्म का शिकार हो गई। दो भाईयों ने उसके साथ जबरदस्ती की और गोली से उड़ाने की धमकी दी। आरोपियों ने दोनों से शादी करने का दबाव बनाया और कहा कि मतांतरण कर मुस्लिम धर्म स्वीकार लो। हीरानगर पुलिस ने दोनों भाईयों के खिलाफ सात गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार मूलत: कन्नौद (देवास) निवासी 24 वर्षीय पीड़िता माता-पिता के साथ मूसाखेड़ी (आजादनगर) में रहती है और एक कंपनी में नौकरी करती है। पारिवारिक समस्याओं को लेकर पालदा निवासी सिमरन (किन्नर) से उसकी मुलाकात हुई थी। सिमरन ने एमआर-10 पर रहने वाले गुरु (किन्नर) से मिलवाने का आश्वासन दिया और 16 अक्टूबर 2024 को किन्नरों के डेरे पर आई। डेरा किन्नर सपना हाजी का बताया गया था।   इस दौरान सिमरन ने राजा हाशमी से मुलाकात करवाई और उसकी निजी परेशानियों के बारे में बताया। राजा ने उसके मोबाइल नंबर लिए और तीन दिन बाद पुन:बुलाया। पीड़िता के मुताबिक तीन दिन बाद आरोपित राजा ने गुरु से मिलवाने का झांसा देकर नशीला पदार्थ पिलाया और उसके साथ ज्यादती की। होश में आने पर पीड़िता द्वारा विरोध किया तो राजा ने पिस्तौल निकाली और गोली मारने की धमकी दी। 'मैं यहां राजा हूं।  मैं जो बोलूंगा वो ही होगा' उसने कहा कि मैं यहां राजा हूं। मैं जो बोलूंगा वो ही होगा। परेशानियां दूर करने के लिए तूझे मेरे इशारे पर चलना पड़ेगा। इसके बाद भी राजा ने धमका कर कईं बार डेरे पर मिलने बुलाया। एक बार राजा ने समीर हाशमी से मुलाकात करवाई और कहा कि मेरा छोटा भाई है। समीर ने भी पीड़िता के साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। कुछ दिनों बार राजा ने कहा तुझे हम दोनों से शादी करना पड़ेगी। आरोपित ने मुस्लिम धर्म स्वीकारने का दबाव बनाया। किन्नर विवाद में जेल में बंद है सपना और राजा राजा हाशमी फिलहाल जेल में बंद है। उस पर पंढरीनाथ थाना में नंदलालपुरा के किन्नरों ने केस दर्ज करवाया था। इस केस में किन्नर सपना हाजी भी आरोपित है और वह भी जेल जा चुकी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में ड्रोन टेक वर्कशॉप एक्सपो 2025 को किया संबोधित

कृषि कार्य हो, आपदा की स्थिति हो या पुलिस प्रशासन के लिए मॉनीटरिंग की आवश्यकता सभी जगह ड्रोन तकनीक उपयोगी राज्य सरकार विकास-नवाचार और आत्मनिर्भरता के सशक्त वाहक के रूप में ड्रोन तकनीक का उपयोग करने के पथ पर अग्रसर ड्रोन पर केन्द्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र की सहायता से प्रदेश में विकास के हर संभव प्रयास जारी हैं। प्रदेश सरकार ने अपनी नई ड्रोन पॉलिसी भी तैयार की है। हमें दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। भारतीय समाज नई तकनीक और नवाचारों को शीघ्रता से आत्मसात करने में कभी पीछे नहीं रहा है। ड्रोन, विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव है। ड्रोन कृषि कार्यों में आज अन्नदाता की मदद कर रहा है। इससे खेतों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव आसान हुआ है। ड्रोन तकनीक से देश के दुश्मनों का खात्मा भी हो रहा है। अब तो शादियां भी ड्रोन के बिना पूरी नहीं होती हैं। हमारे वैज्ञानिक वाइस कमांड कंट्रोल की सहायता से ड्रोन को ज्यादा आधुनिक बने रहे हैं। दुनिया ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारतीय ड्रोन तकनीक की ताकत देखी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में ड्रोन टेक्नोलॉजी के माध्यम से भारत ने दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ड्रोन तकनीक कार्यशाला एवं एक्सपो 2025 का विज्ञान भवन- नेहरू नगर में दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर लगाई गई प्रदर्शनी और वर्कशॉप का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं, स्टार्टअप और औद्योगिक संस्थानों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स पर पहुंचकर ड्रोन तकनीक के शैक्षणिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में उपयोग के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ड्रोन टेक एक्सपो वर्कशॉप का आयोजन भारत की तकनीकी क्रांति का प्रतीक है। किसान भाइयों के लिए ड्रोन वरदान बन गया है। आपदा कीस्थिति हो या पुलिस प्रशासन के लिए मॉनीटरिंग की आवश्यकता ड्रोन तकनीक ने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में जिस प्रकार से बदलाव किया है वह अभूतपूर्व है। राज्य सरकार विकास-नवाचार और आत्मनिर्भरता के सशक्त वाहक के रूप में ड्रोन तकनीक का उपयोग करने के पथ पर अग्रसर है। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने कहा कि मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में ड्रोन टेक वर्कशॉप एक्सपो-2025 आयोजित की गई है। इसमें ड्रोन तकनीक के प्रशिक्षण के लिए प्रदेशभर के 4 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा उन्हें स्वरोजगार एवं तकनीक आधारित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी। विज्ञान एवं तकनीकी नवाचारों के माध्यम से मध्यप्रदेश विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा परिषद मध्यप्रदेश के विकास के लिए हर स्तर पर सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल के निदेशक श्री कैलाशा राव ने कहा कि आज ड्रोन तकनीक अधोसंरचना विकास कार्यों को मूर्तरूप देने में अहम भूमिका निभा रही है। उज्जैन सहित प्रदेश के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों के मानचित्र तैयार करने में यह तकनीक उपयोगी सिद्ध हुई है। ड्रोन तकनीक पर आधारित यह कार्यशाला युवाओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और जनसामान्य को ड्रोन तकनीक के विविध उपयोगों की जानकारी देने में सहायक सिद्ध होगी। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा श्री संजय दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विविध गतिविधियां जारी हैं। प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने के अनेक अवसर प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ड्रोन टेक्नोलॉजी के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। ड्रोन अब केवल रक्षा या निगरानी का साधन नहीं रहे बल्कि कृषि, भू-सर्वेक्षण, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएँ, परिवहन, उद्योग एवं मीडिया जैसे अनेक क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो रहे हैं। भारत सरकार की “ड्रोन नीति 2021” तथा “मेक इन इंडिया” अभियान के अनुरूप राज्य स्तर पर भी ड्रोन तकनीक को नवाचार, स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसरों के रूप में विकसित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि ड्रोन टेक वर्कशॉप एवं एक्सपो 2025 का मुख्य उद्देश्य राज्य में ड्रोन तकनीक की समझ, उपयोगिता और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम से युवाओं, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स, उद्योगों और नीति निर्माताओं को एक साझा मंच मिलेगा, जिससे ड्रोन तकनीक के व्यावहारिक, सामाजिक और औद्योगिक उपयोग को बढ़ावा दिया जा सकेगा। कार्यक्रम में ड्रोन प्रदर्शनी एवं हैंड्स ऑन वर्कशॉप आयोजित की गई। साथ ही राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय विशेषज्ञों के प्रेरक व्याख्यान, ड्रोन उड़ान के लाइव डेमो एवं टेक्निकल शोकेस, इनोवेशन चैलेंज एवं प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। कार्यक्रम में मनासा विधायक श्री अनिरुद्ध माधव मारू, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संस्कृति सलाहकार श्री राम तिवारी तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के विद्यार्थी, विषय-विशेषज्ञ, शोधकर्ता और ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नवाचार करने वाले युवा तथा उद्यमी उपस्थित थे।  

खेती की जैविक पद्धतियों को अपनाएँ : राज्यपाल पटेल

जैविक उत्पादों के प्रति समाज का बढ़ा रूझान राज्यपाल ने कृषि महाविद्यालय सीहोर के कन्या छात्रावास एवं ऐरोपोनिक्स इकाई का किया लोकार्पण भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि किसान को खेती की जैविक पद्धतियों, प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित करें। कृषि की आधुनिक तकनीक और नई शोध पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन की क्वालिटी और क्वांटिटी बढ़ाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि यह सुखद है कि अब समाज में लोगों का रूझान जैविक उत्पादों की ओर बढ़ रहा है। राज्यपाल श्री पटेल गुरूवार को रफी अहमद किदवई कृषि महाविद्यालय सीहोर के कन्या छात्रावास एवं ऐरोपोनिक्स इकाई के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंसाना भी मौजूद थे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्राकृतिक खेती, भूमि एवं पर्यावरण हितैषी कृषि पद्धति है, जो भूमि की ऊर्वरता बनाए रखती है। इसके लिए समय-समय पर वर्मी कंपोस्ट का उपयोग भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से कहा कि वे किसानों की आय बढ़ाने वाली उन्नत बीजों और नई तकनीकों पर अनुसंधान करें। राज्यपाल श्री पटेल ने महाविद्यालय के विद्यार्थियों को शोध और नवाचार की भावना के साथ मेहनत से कार्य करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, अनुसंधान और पर्यावरण संरक्षण का संयोजन ही राष्ट्र के भविष्य को बेहतर दिशा प्रदान कर सकता है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए उत्तम आहार और संतुलित जीवनशैली अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जंक फूड का उपयोग नहीं करें। भोजन में स्वास्थ्य वर्धक एवं पोषक तत्वों से भरपूर आहार को प्राथमिकता दें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि कुपोषण एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के निदान के लिए मशरूम जैसी पौष्टिक फसलों को आम घरों तक पहुँचाने की आवश्यकता है। मशरूम पोषण का उत्तम स्रोत होने के साथ ही किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण साधन भी बन सकता है। प्रकृति का शोषण नहीं, बल्कि पोषण करना जरूरी राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि देश में सबसे अधिक वन मध्यप्रदेश में हैं। यह प्रकृति का अनमोल खजाना है। हमें इसका संरक्षण और संवर्धन करना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण मिल सके। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि यदि हर व्यक्ति एक पेड़ लगाने की जिम्मेदारी निभाता है तो हमारी धरती और अधिक हरित और समृद्ध बन सकती है। उन्होंने सभी से अपील की कि एक पेड़ “माँ” के नाम अवश्य लगाएं। उसकी नियमित देखरेख भी करें। यह प्रकृति से भावनात्मक जुड़ाव के प्रतीक के साथ प्रकृति संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान साबित होगा। उन्होंने प्रकृति और औषधीय गुणों की चर्चा करते हुए कहा कि अधिकांश पेड़ों में मौजूद औषधीय गुण प्राकृतिक चिकित्सा में बहुत मददगार हैं इसलिए हमें प्रकृति का शोषण नहीं, बल्कि उसका पोषण करना जरूरी है, ताकि भावी पीढ़ी को स्वस्थ और समृद्ध पर्यावरण की विरासत प्रदान कर सके। प्रदेश में किसान कल्याण की अनेक योजनाएं संचालित : कृषि मंत्री श्री कंषाना कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में कृषि के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा खेती के विकास और किसानों के कल्याण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का विशेष प्रयास किया जा रहा है। कृषि प्रदर्शनी का किया अवलोकन राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने महाविद्यालय परिसर में कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा उत्पादित विभिन्न फसलों, जैविक उत्पादों एवं नवीन तकनीक के प्रदर्शन पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया एवं किसानों और वैज्ञानिकों से संवाद किया। कृषि क्षेत्र के नवाचारों एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में कुलगुरू श्री अरविन्द कुमार शुक्ला ने कृषि महाविद्यालय तथा राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस कृषि वैज्ञानिक, विद्यार्थी, अधिकारी तथा किसान उपस्थित थे। 

प्रदेश में एक नवम्बर से नगरीय निकायों में होगी केन्द्रीयकृत फेस आधारित उपस्थिति प्रणाली अनिवार्य

उपस्थिति प्रक्रिया से प्रशासन होगा और अधिक उत्तरदायी भोपाल  प्रदेश के सभी 413 नगरीय निकायों में केन्द्रीयकृत फेस आधारित उपस्थिति (Face-Based Attendance) प्रणाली सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी है। यह व्यवस्था एक नवम्बर से सभी नगरीय निकायों में अनिवार्य रूप से प्रभावशील हो जाएगी। यह प्रणाली निकायों में कार्यरत सभी शासकीय एवं अशासकीय कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगी। आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि यह पहल कर्मचारियों की उपस्थिति प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नगरीय निकायों में भविष्य में कर्मचारियों के वेतन एवं भुगतान इसी फेस आधारित उपस्थिति के आधार पर किए जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश में एक लाख 35 हजार से अधिक नगरीय निकाय कर्मचारियों ने इस प्रणाली में अपना पंजीयन पूर्ण करा लिया है। नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी नगरीय निकायों में यह व्यवस्था सुचारू रूप से कार्य करे और कर्मचारियों को आवश्यक तकनीकी सहायता समय पर उपलब्ध कराई जाए।