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रास्ता पूछने का बहाना, महिला से गहनों की चोरी – MP में हुई शर्मनाक घटना

ग्वालियर लश्कर क्षेत्र से कारोबारी की पत्नी के साथ ठगी का मामला प्रकाश में आया है। घटना में एक किशोर और एक युवक शामिल बताए जा रहे हैं। कोतवाली थाना पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपितों का पता लगाया जा सके। ऐसे दिया घटना को अंजाम घटना के अनुसार, लश्कर स्थित चिटनिस की गोठ में रहने वालीं मीना बंसल बाजार जाने के लिए निकली थीं और महाराज बाड़े की तरफ जा रही थीं। इसी मार्ग पर एक किशोर उनसे मिला और उसने धौलपुर जाने का रास्ता पूछा। किशोर ने उन्हें बस स्टैंड का रास्ता बताया और वहीं अचानक एक युवक भी आ गया। युवक ने किशोर के हाथ में रखे थैले में दिख रहे नोटों के बारे में पूछा। इसके बाद थैले में नोटों की गड्डियां दिखाई गईं। थोड़ी देर में एक और महिला भी मौके पर आ गई। तीनों ने मीना बंसल से बातों में उलझाकर उन्हें गली की ओर ले जाकर गहने उतरवा लिए। आरोपितों ने गहने कपड़े में रख देने की बात कही और वहां से भाग गए। बाद में जब मीना ने कपड़ा खोलकर देखा तो उसमें गहनों के स्थान पर कंकड़-पत्थर मिले। पीड़ित महिला ने तुरंत कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। इंटर-स्टेट गैंग के सदस्य होने की संभावना पुलिस ने बताया कि मीना ने शिकायत के दौरान पूर्व में पकड़े गए आरोपितों की फोटो भी देखीं, पर महिला का कहना था कि इनमें से कोई भी वह पहचान नहीं पाईं। इसके बावजूद पुलिस को आशंका है कि यह लोग पहले पकड़े गए इंटर-स्टेट गैंग के सदस्य हो सकते हैं। जनकगंज क्षेत्र में यह गैंग दीपावली से पहले पकड़ा गया था, इसलिए आरोपितों की संभावित पहचान पर भी जांच की जा रही है। कोतवाली थाना प्रभारी मोहिनी वर्मा ने बताया, "महिला के साथ ठगी की घटना हुई है। FIR दर्ज कर ली गयी है। हमने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे हैं, इनमें संदेही व्यक्ति नजर आए हैं। उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।" पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी फुटेज, गहनों की बिक्री-खरीदी के संभावित ठिकानों और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। मामला गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द ही दोषियों की गिरफ्तारी के साथ उनके जुड़ने वाले नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश जारी रहेगी।

सरकारी जमीन पर फर्जीवाड़ा: पांच महीने पहले亡 हुई महिला के नाम दर्ज की गई संपत्ति

मुरैना सरकारी पट्टे और भूदान की बेशकीमती जमीनों को हड़पने के लिए भू-माफिया किस तरह के हथकंडे अपनाते हैं, इसका ताजा उदाहरण कैलारस तहसील के शेखपुर गांव में देखने को मिला है। यहां भूदान की सरकारी जमीन को कब्जाने के लिए न केवल रिकॉर्ड में हेरफेर की गई, बल्कि जमीन की मालकिन नर्मदा जाटव की मौत के पांच महीने बाद उनके नाम से जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई। कलेक्टर लोकेश जांगिड़ ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। शेखपुर हल्का के सर्वे नंबर 312 की 0.784 हेक्टेयर जमीन भूदान की थी, जो शेखपुर निवासी कलावती पत्नी बिस्सू जाटव के दो बेटों बनवारी जाटव, बृजेश जाटव और बेटी नर्मदा जाटव के नाम दर्ज थी। यह जमीन नेशनल हाईवे 552 के किनारे स्थित है और वर्तमान में इसकी कीमत लगभग छह करोड़ रुपये बताई जा रही है। गरीब परिवार से यह जमीन करीब 40 लाख रुपये में खरीदी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि नर्मदा जाटव की मृत्यु 3 अक्टूबर 2022 को हो चुकी थी। परिवार को सरकार से चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि भी ग्राम पंचायत के माध्यम से मिल चुकी थी। इसके बावजूद मृतका को जिंदा दिखाकर 15 मार्च 2023 को उनके नाम से जमीन की दो रजिस्ट्रियां कर दी गईं। पहली रजिस्ट्री में नर्मदा के नाम से 0.098 हेक्टेयर जमीन सुभाष पुत्र केदार पाराशर निवासी इटोरा और अरविंद पुत्र हरिविलास शर्मा निवासी रामपुर कला के नाम बेची गई। उसी दिन दूसरी रजिस्ट्री में मृतका नर्मदा को बिचपुरी हल्का, तहसील जौरा की 0.0980 हेक्टेयर जमीन का खरीदार बताया गया। यह फर्जी रजिस्ट्री इस शर्त को पूरा करने के लिए की गई थी कि भूदान की जमीन बेचने के बदले उतनी ही जमीन कहीं और खरीदी जाए। दरअसल, भूदान की जमीन बेचने की अनुमति तभी मिलती है जब उतनी या उससे अधिक भूमि कहीं और खरीदी जाए। इसलिए भू-माफियाओं ने बिचपुरी की बंजर और पथरीली जमीन मृतका के नाम करवा दी, ताकि करोड़ों की जमीन का सौदा वैध प्रतीत हो सके। इससे पहले मृत नर्मदा के भाई बनवारी जाटव, बृजेश जाटव और मां कलावती जाटव ने अपने हिस्से की 0.686 हेक्टेयर भूदान की जमीन 23 फरवरी 2023 को बेच दी थी। बिना किसी सक्षम अधिकारी की अनुमति के इस विक्रय को राजस्व रिकॉर्ड में स्वीकृत कर लिया गया और बाद में यह जमीन सुभाष पाराशर, अरविंद शर्मा और संजय पुत्र रामरतन शर्मा निवासी पालपुर कॉलोनी, सबलगढ़ के नाम दर्ज हो गई। शिकायतकर्ता अभिषेक सिंह जादौन निवासी सबलगढ़ ने इस पूरे फर्जीवाड़े की शिकायत कलेक्टर अंकित अस्थाना से की है। उनके अनुसार, मृतका नर्मदा की जगह रजिस्ट्री कार्यालय में कमला जाटव नामक महिला को खड़ा किया गया, जो बनवारी जाटव की पत्नी है। जबकि बनवारी स्वयं इस सौदे में गवाह बना। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच समिति गठित कर दी है। अब यह जांच की जा रही है कि इस पूरे प्रकरण में राजस्व और रजिस्ट्री कार्यालय के कौन-कौन कर्मचारी शामिल थे और कैसे मृतका के नाम से यह जमीनें बेची जा सकीं। मामला गंभीर है, इसलिए सबलगढ़ एसडीएम मेघा तिवारी को पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच परिणाम आते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।लोकेश जांगिड़कलेक्टर, मुरैना

चित्रकूट से शुरू हुई राम यात्रा, मुरारी बापू और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने किया शुभारंभ

चित्रकूट भगवान श्रीराम के वनगमन पथ पर आधारित ऐतिहासिक 'राम यात्रा' का शुभारंभ शनिवार को सतना के चित्रकूट से हुआ। इस अवसर पर प्रसिद्ध संत मुरारी बापू और मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट धाम रेलवे स्टेशन से रवाना हुई यह विशेष ट्रेन चित्रकूट से रामेश्वरम तक जाएगी। इसके बाद राम यात्रा हवाई मार्ग से श्रीलंका पहुंचेगी और अंततः अयोध्या धाम में इसका समापन होगा।यह 11 दिवसीय यात्रा प्रभु श्रीराम के वनवास काल में तय किए गए मार्गों को पुनर्जीवित करने और उन पवित्र स्थलों को श्रद्धालुओं से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। यात्रा 4 नवंबर तक चलेगी। बापू बोले- यात्रा एकता का संदेश देगी इस पावन अवसर पर डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन, संत रामहृदय दास और उद्योगपति मदन पालीवाल सहित अनेक संत-महात्मा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। यात्रा के दौरान राम यात्री अत्रि मुनि आश्रम, सती अनुसूया, चित्रकूट और सरभंगा जैसे पौराणिक स्थलों से भी गुजरेंगे। संत मुरारी बापू ने इस यात्रा को केवल भक्ति का नहीं, बल्कि संस्कृति और एकता का संदेश देने वाला बताया। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इसे मध्य प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण कहा और श्रीराम के पदचिह्नों पर चलना भारतीय संस्कृति के पुनरुत्थान का प्रतीक बताया। अत्रि मुनि आश्रम में जहां पहली रामकथा का आयोजन किया जाएगा. 411 भक्त एक विशेष ट्रेन से आठ हजार किलोमीटर की यात्रा करेंगे. इसमें नौ राम कथाएं शामिल हैं.  27 अक्टूबर को पंचवटी (महाराष्ट्र), 28 तारीख को सबरी आश्रम (कर्नाटक) में कथा आयोजित की जाएगी. फिर 29 अक्टूबर को ऋषिमुख पर्वत (हम्पी) में और 30 अक्टूबर को प्रवर्षण पर्वत (कर्नाटक) में कथा होगी. इसके बाद एक नवंबर को रामेश्वरम में कथा का आयोजन किया जाएगा. अयोध्या में होगा समापन इसके बाद भक्त श्रीलंका की यात्रा में शिरकत करेंगे. श्रीलंका के कोलंबो में तीन नवंबर को कथा का आयोजन किया जाएगा. चार नवंबर को अयोध्या में रामकथा होगी. इसके साथ इस यात्रा का समापन होगा. सभी कथाएं निःशुल्क होंगी, जिसमें सभी वर्गों के लोग शामिल हो सकेंगे. इस यात्रा का आयोजन संतकृपा सनातन संस्थान के मदन पालीवाल द्वारा की जा रहा है. मोरारी बापू ने कहा कि ये सिर्फ एक अध्यात्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि ये भगवान राम के करुणा और धर्म के रास्ते को याद करना है. जहां लोग उनका नाम प्रेम से लेते हैं वो जगह अयोध्या बन जाती है. बता दें कि यह मोरारी बापू की दूसरी राम यात्रा है. पहली राम यात्रा 2021 में अयोध्या से चित्रकूट और नंदीग्राम तक हुई थी.

देर रात जारी गाइडलाइन: मध्य प्रदेश में अब कार्बाइड गन पूरी तरह से बैन

भोपाल  बच्चों की रोशनी छीनने वाली कार्बाइड गन को अब तक मध्यप्रदेश में खिलौने के तौर पर लिया जाता था। अब इसे घातक हथियार माना गया है। खरीदी, बिक्री गंभीर अपराध की श्रेणी में आएगी। प्रदेश में जो भी अवैध कारोबार करता पाएगा जाएगा, उसके खिलाफ गैर जमानती गंभीर धाराओं में एफआइआर होगी। अपराध साबित होने पर तीन साल से सात साल तक की सजा हो सकती है। बच्चों के लगातार जख्मी होने के मामले सामने आने के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव, सीएस अनुराग जैन और डीजीपी कैलाश मकवाना के बीच शुक्रवार को चर्चा हुई। इससे पहले सीएस जैन ने मंत्रालय में अधिकारियों की बैठक ली। देर रात गाइडलाइन भी जारी कर दी। जानिए धाराएं पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी परिपत्र में कार्बाइड गन के वैज्ञानिक स्वरूप, कानूनी स्थिति, दंडात्मक प्रावधानों व कार्रवाई की प्रक्रिया तय की गई। यह विस्फोटक अधिनियम 1884 की धारा 4 (घ), 5, 6(क) (III), शस्त्र अधिनियम 1959 की धारा 2 (ख) (III), 2 (ग), 9 (ख) के तहत दंडनीय अपराध है। बीएनएसएस की धारा 163 के तहत आदेश पारित कर कार्बाइड गन के निर्माण, विक्रय, स्वामित्व और उपयोग पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है। कार्बाइड गन चलाने से कांग्रेस नेता की आंखें घायल अशोकनगर क्षेत्र में पटाखों से झुलसने के अब तक 16 मामले हो चुके हैं। वहीं कार्बाइड गन चलाने से शहर में कांग्रेस नेता पवन पाल की आंखों में नुकसान हो गया। बढ़ते मामलों को देख अब प्रशासन सख्त हो गया है। कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर ने अब जिले में कार्बाइड गन के निर्माण, भंडारण, विक्रय व इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। अशोकनगर क्षेत्र में पटाखों से झुलसने के अब तक 16 मामले हो चुके हैं। वहीं कार्बाइड गन चलाने से शहर में कांग्रेस नेता पवन पाल की आंखों में नुकसान हो गया। बढ़ते मामलों को देख अब प्रशासन सख्त हो गया है। कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर ने अब जिले में कार्बाइड गन के निर्माण, भंडारण, विक्रय व इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है।  कलेक्टर ने जारी किया आदेश अपर कलेक्टर देवकी नंदन सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जिले में यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिया है। जिसमें कहा गया है कि वर्तमान में कार्बाइड गन के उपयोग से लोग घायल हो रहे है। साथ ही गंभीर बीमारी हो रही है। प्रतिबंधात्मक पटाखा, आतिशबाजी लोहा स्टील अथवा पीवीसी पाइपों में विस्फोटक पदार्थ भरकर अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले अवैध संसोधित पटाखे (कार्बाइड गन) तैयार कर विक्रय किए जा रहे है। जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा, शांति और पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। अपर कलेक्टर ने आदेश में चेतावनी भी दी है कि यदि कोई इस आदेश का उल्लंघन करते पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।  मंगवाने, बनाने और बेचने वालों पर भी एक्शन मध्यप्रदेशमें कार्बाइड गन व उसके अवशेष, उपयोग होने वाले केमिकल को मंगवाने, असेंबल करने और बेचने वाले लोगों पर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन ने संभाग के कमिश्नर, कलेक्टरों और एसपी को निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा है, थाना क्षेत्रों में छापामार कार्रवाई करें। किसी के दबाव में आने की जरूरत नहीं। उच्च स्तरीय बैठक में संभागों के कमिश्नर, पुलिस अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के पीएस, गृह विभाग के अधिकारी प्रत्यक्ष व वीसी के जरिए शामिल हुए। मुख्य सचिव ने पूछा कि पहले से कार्रवाई क्यों नहीं की। एक अधिकारी ने कहा कि प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की थी। सीएस ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि जब सब नियमों के विपरित है तो सीधे कार्रवाई करनी थी। अभी भी समय है, ठीक से कार्रवाई करें। जंगली जानवरों को भगाने गांवों में ज्यादा इस्तेमाल सिर्फ दीपावली पर ही नहीं, जिले में बड़े स्तर पर इन संसोधित पटाखों का इस्तेमाल होता है। हिरण, सुअर और नीलगायों से फसलों को नुकसान से बचाने के लिए ग्रामीण इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके लिए प्लास्टिक व लोहे एवं स्टील के पाइपों से बनाकर जिलेभर में बड़े स्तर पर यह बिक रही हैं। जंगली जानवरों को भगाने तेज धमाका करने के लिए इनका इस्तेमाल हो रहा है। हालांकि प्रशासन के इस प्रतिबंध से इसके इस्तेमाल पर अब रोक लग चुकी है। प्रतिबंध के लिए जारी यह आदेश     कोई भी व्यक्ति, संस्थाएं या व्यापारी प्रतिबंधात्मक पटाखा आतिशबाजी, लोहा स्टील या पीवीसी पाइपों में विस्फोटक भरकर अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने अवैध संसोधित पटाखे (कार्बाइड गन) का निर्माण, भंडारण व क्रय-विक्रय नहीं करेगा।     किसी प्रकार के अवैध प्रतिबंधात्मक पटाखा, आतिशबाजी, लोहा स्टील अथवा पीवीसी पाइपों में विस्फोटक भरकर अत्यधिक उत्पन्न करने वाले अवैध संसोधित पटाखे (कार्बाइड गन) की बिक्री, वितरण या प्रदर्शन भी पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।     अपर कलेक्टर ने आदेश में कहा है कि जिले में सभी एसडीएम, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी एवं संबंधित विभाग इस आदेश का सख्ती से पालन कराएंगे। इतने केस दर्ज भोपाल– 6, विदिशा- 8, ग्वालियर- 1 देव उठनी ग्यारस से पहले करें तहस-नहस — यह अवैध कारोबार तहसनहस करें। एक भी नया मामला नहीं आना चाहिए। — कार्बाइड गन व केमिकल को प्रदेश से हटाने अभियान चलाएं। प्रत्येक चेन तक जाएं। — स्टॉक सीज करें। कार्रवाई ग्यारस के पहले पूरी करें। — कर्मचारियों के भरोसे कार्रवाई न छोड़ें, खुद मैदान में जाएं। — जिन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीदी-बिक्री हो रही है, उनके खिलाफ साइबर अपराध दर्ज किया जाए। — जो भी इस कारोबार में शामिल हैं, उन्हें सूचीबद्ध करें। — जिन बच्चों को नुकसान पहुंचा, उनकी सतत निगरानी करें। जरूरत पूरी करें। — उन बच्चों को भी खोजें, जो अब तक प्रशासन के संज्ञान में नहीं है। — लोगों में इसका उपयोग रोकने जन जागरुकता लाई जाए। हमीदिया पहुंचे सीएम, बच्चों और अभिभावकों का जाना हाल सीएम डॉ. मोहन यादव शुक्रवार रात हमीदिया अस्पताल पहुंचे। बच्चों और अभिभावकों का हाल जाना। अफसरों से कहा, इलाज में कसर नहीं रहनी चाहिए। बच्चों को शिफ्ट करने की जरूरत हो तो भेजें। इलाज पर खर्च की भरपाई मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से की जाएगी। पीएस संदीप यादव को निर्देशित किया कि प्रदेश में ऐसे जितने भी बच्चे व प्रभावित हैं, उनका ठीक से इलाज हो।

नगर निगम मुख्यालय में बैठक, चौपाटी में परंपरागत व्यंजनों की दुकानों की अनुमति तय, सैंडविच और चाइनिज स्टॉल को सूची में शामिल करने पर चर्चा

इंदौर  सराफा चाट-चौपाटी की व्यवस्था सुधारने को लेकर बनाई गई कमेटी की शुक्रवार दोपहर निगम मुख्यालय में बैठक हुई। इसमें चौपाटी में लगाई जाने वाली परंपरागत दुकानों को लेकर चर्चा होना थी, लेकिन बैठक अधूरी रही। वहीं चाट-चौपाटी एसोसिएशन अध्यक्ष राम गुप्ता ने बैठक में 70 दुकानों की सूची सामने रखी। पूर्व में बनाए गए दिशा-निर्देश के हिसाब से परंपरागत दुकानों को सूची में शामिल करना था लेकिन इसमें परंपरागत व्यंजनों के दुकानदार शामिल नहीं थे। सूची में सैंडविच की एक दुकान भी शामिल थी। इस पर राजस्व प्रभारी ने सवाल उठाया कि सैंडविच कब से परंपरागत व्यंजन हो गया। बैठक में सराफा व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकम सोनी, नगर निगम राजस्व प्रभारी निरंजनसिंह चौहान और अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया इसमें शामिल हुए। अपर आयुक्त सिसोनिया ने सूची में तीन दर्जन से ज्यादा ऐसी दुकानें चिह्नित कीं। उन्होंने चौपाटी अध्यक्ष से कहा कि पूर्व में ही यह तय हुआ था कि परंपरागत व्यंजनों को ही अनुमति दी जाएगी, इसके बावजूद सैंडविच और चाइनिज व्यंजनों की दुकानों को सूची में शामिल किया। अपर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सराफा चाट-चौपाटी में आग जलाने की अनुमति नहीं रहेगी। चौपाटी में बेचे जाने वाले व्यंजनों की गुणवत्ता का भी ध्यान रखना होगा। उन्होंने चौपाटी अध्यक्ष से कहा कि वे दोबारा सूची तैयार करें। दो दिन में वे खुद सराफा चौपाटी आकर वास्तविकता जांचेंगे।

अधूरी स्विमिंग पूल की मरम्मत, अधिकारियों को मिली दैनिक प्रगति रिपोर्ट देने की हिदायत

इंदौर शहर के मध्य स्थित नेहरू पार्क में बन रहे स्विमिंग पूल और लाइब्रेरी के काम में हो रही लेटलतीफी पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नाराजगी जताई है। जिस स्विमिंग पूल का काम अप्रैल 2025 तक पूरा हो जाना था, वह अक्टूबर तक भी अधूरा है।  महापौर ने दोनों निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि काम की गुणवत्ता बनाए रखते हुए इसे दिसंबर तक हर हाल में पूरा किया जाए। महापौर ने जताई नाराजगी, तय की नई समय सीमा निरीक्षण के दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने काम की गति और गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने कहा, "नेहरू पार्क परिसर शहर के बीचोंबीच है और यह स्विमिंग पूल स्पोर्ट्स की दृष्टि से व लाइब्रेरी अध्ययन की दृष्टि से आम जनता के लिए बहुत जरूरी है।" उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ दिसंबर तक पूर्ण कर जनता के लिए प्रारंभ किए जाएं। महापौर ने अधिकारियों को कार्य की दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए, ताकि परियोजना निर्धारित समय में पूरी हो सके। निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य नंदू पहाड़िया, अभय राजनगांवकर और संबंधित अधिकारी नागेंद्र भदौरिया भी उपस्थित रहे। अप्रैल की डेडलाइन चूका ठेकेदार नेहरू पार्क स्विमिंग पूल के जीर्णोद्धार का यह कार्य करीब 4 करोड़ रुपए की लागत से हो रहा है। इसका ठेका भोपाल की एक कंपनी को दिया गया है। पुराने पूल को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा रहा है। पहले इस काम को अप्रैल 2025 के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। लापरवाही पर पहले भी लग चुकी है फटकार यह पहली बार नहीं है जब काम में देरी और लापरवाही सामने आई है। सामान्य प्रशासन प्रभारी नंदकिशोर पहाड़िया ने मार्च में भी काम में लेटलतीफी पर ठेकेदार को फटकार लगाई थी। इस बार निरीक्षण के दौरान भी टाइल्स लगाने के काम में लापरवाही दिखी, जिस पर पहाड़िया ने ठेकेदार को फिर से फटकार लगाई। मिलेंगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं इस जीर्णोद्धार के बाद पूल अंतरराष्ट्रीय मानकों का हो जाएगा। इसमें वाटरप्रूफ टाइल्स और आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि यहां दो फिल्टर प्लेट की विशेष व्यवस्था की जा रही है, जो पूरे प्रदेश में कहीं और नहीं मिलेगी। इसके अलावा, नई बिल्डिंग में डाइविंग टॉवर, चेंजिंग रूम, शॉवर रूम भी बनाए जा रहे हैं। नई बिल्डिंग में ऊपरी हिस्से पर दर्शकों के बैठने के लिए कुर्सियां भी लगाई जाएंगी, ताकि किसी भी स्पर्धा के दौरान दर्शकों को परेशानी न हो। 

MP के अकेले सांसद वी.डी. शर्मा करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व, संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेंगे

खजुराहो   मध्यप्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने उन्हें संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में शामिल होने के लिए नामित किया है। यह सत्र 27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक न्यूयॉर्क (अमेरिका) में आयोजित होगा। इस दौरे में देशभर से कुल 15 सांसद संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में शामिल होंगे, जिनमें मध्यप्रदेश से केवल विष्णुदत्त शर्मा को प्रतिनिधित्व का अवसर मिला है। इस चयन को राज्य के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।   जानकारी के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय दौरे के लिए सांसदों का चयन प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की प्रत्यक्ष निगरानी में किया गया है। माना जा रहा है कि दिल्ली द्वारा खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा को यह जिम्मेदारी सौंपना, उनके प्रति केंद्र सरकार के विश्वास और भरोसे को दर्शाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) विश्व के सबसे प्रतिष्ठित कूटनीतिक मंचों में से एक है, जहां सदस्य देशों के प्रतिनिधि वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं और अपने देश का दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं। ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की ओर से प्रतिनिधित्व करना किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जाता है। बता दें भारत समय-समय पर अपने सांसदों और प्रतिनिधियों को विभिन्न वैश्विक मंचों पर भेजता रहा है, ताकि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत किया जा सके और वैश्विक नीतिगत चर्चाओं में भारत की सक्रिय भूमिका बनी रहे।   मध्य प्रदेश से एकमात्र प्रतिनिधि इस दौरे की खास बात यह है कि विष्णुदत्त शर्मा 15 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल में मध्य प्रदेश से शामिल होने वाले एकमात्र सांसद हैं। यह न केवल उनके लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक गौरव का विषय माना जा रहा है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर उनके अनुभव और संगठनात्मक कौशल को देखते हुए इस चयन को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पीएमओ ने दी जिम्मेदारी सूत्रों के अनुसार, इस दौरे के लिए सांसदों का चयन सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय की देखरेख में हुआ है। निश्चित तौर पर दिल्ली द्वारा वीडी शर्मा को यह जिम्मेदारी देना उनके ऊपर विश्वास का प्रतीक है। संयुक्त राष्ट्र महासभा दुनिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों में से एक है, जहाँ विभिन्न देशों के प्रतिनिधि वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करते हैं और अपने देश का दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं। इस मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना एक बड़ी उपलब्धि है। यह पहला मौका नहीं है जब भारतीय सांसद यूएन के कार्यक्रमों में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। भारत समय-समय पर अपने सांसदों और प्रतिनिधियों को वैश्विक मंचों पर भेजता रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूती दी जा सके और वैश्विक नीति-निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाई जा सके।

चार नवंबर को कुबेरेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की उपस्थिति में सजेगा हरि-हर मिलन महोत्सव

सीहोर सीहोर के निकट चितावलिया हेमा स्थित कुबेरेश्वर धाम परिसर में इस वर्ष 4 नवंबर को हरि-हर मिलन महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी यह आयोजन अत्यंत भव्य रूप में संपन्न होगा। निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में इन दिनों तैयारियों का दौर तेजी पर है। मंच साज-सज्जा, प्रसादी व्यवस्था और भक्तों के ठहरने हेतु विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सान्निध्य में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में हर वर्ग के श्रद्धालु भाग लेते हैं। सुबह से ही बाबा कुबेरेश्वर महादेव की आरती, अभिषेक और भोग लगाने के बाद नि:शुल्क भंडारा आरंभ हो जाता है। भक्तों की भीड़ में उमंग और भक्ति का अद्भुत संगम दिखाई देता है। पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर कार्तिक मास में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दीपदान करने कुबेरेश्वरधाम पहुंच रहे हैं। दीप ज्वलन और दान को इस पवित्र महीने में अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इन दिनों चारों ओर जलते दीपक और हरि-हर के जयघोष से मंदिर परिसर अलौकिक आभा से भर उठता है। इस वर्ष भी गुरुदेव के आदेश अनुसार 29 अक्टूबर को अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा। यह आयोजन हर बार भक्तों के लिए सेवा और समर्पण की प्रेरणा लेकर आता है। भोग प्रसादी के रूप में हजारों श्रद्धालु खाद्यान्न वितरण में सहभागी बनते हैं। यह परंपरा गांव-गांव में संस्कारों का विस्तार करती है। चार नवंबर को होने वाला हरि-हर मिलन उस क्षण का प्रतीक है, जब भगवान विष्णु और भगवान शंकर का आध्यात्मिक मिलन दर्शाया जाता है। यह दृश्य भक्तों को जीवन में एकता, प्रेम और सहअस्तित्व का संदेश देता है। मंदिर के प्रांगण में गूंजते शंखनाद और भजन इस मिलन को दिव्यता के चरम पर पहुंचाते हैं। महोत्सव के दौरान देशभर से आने वाले श्रद्धालु यहां अपने परिवार सहित उपस्थित रहेंगे। निरंतर चलने वाले भंडारे, कथा वाचन, मंत्र उच्चारण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब जाएगा। कुबेरेश्वर धाम एक बार फिर जीवंत साक्षी बनेगा उस दिव्य अनुभूति का, जो केवल आस्था से संभव है। 

पन्ना में चमत्कार! गरीब मजदूर को दिवाली पर मिले तीन हीरे, कीमत सुनकर लोग रह गए दंग

पन्ना।  मध्य प्रदेश के पन्ना की धरती ने एक बार फिर गरीब की किस्मत बदल दी। जिले के बेनीसागर मोहल्ले के निवासी वृद्ध मजदूर महादेव प्रसाद प्रजापति को दो हफ्तों के भीतर उथली हीरा खदान पटी से एक नहीं, बल्कि तीन चमचमाते हीरे मिले हैं। महादेव प्रसाद ने इन हीरों को हीरा कार्यालय में जमा किया। जानकारी के अनुसार, उन्होंने करीब 20 दिन पहले ही पट्टा लेकर हीरा खदान शुरू की थी।  इस दौरान उन्हें क्रमशः 2.58 कैरेट, 2.75 कैरेट और 3.09 कैरेट वजन के जेम्स क्वालिटी के तीन हीरे प्राप्त हुए, जिनका कुल वजन 8.42 कैरेट है। हीरा पारखी अनुपम सिंह के मुताबिक, इनकी अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये से अधिक हो सकती है। वृद्ध महादेव प्रसाद ने बताया कि वह मजदूर तबके से हैं, सुनने में कठिनाई होती है और कच्चे घर में रहते हैं। उन्होंने कहा कि नीलामी के बाद मिलने वाली राशि से वे अपनी आर्थिक स्थिति सुधारना चाहते हैं। बताया गया कि आज दो लोगों ने कुल चार हीरे जमा किए हैं, जबकि अक्टूबर माह में अब तक 10 हीरे और साल की शुरुआत से अब तक 68 हीरे हीरा कार्यालय में जमा किए जा चुके हैं। 

2016 के एक्ट संशोधन के बाद सभी राज्य ELIS सिस्टम पर कर रहे हथियार लाइसेंस कार्य, MP में लोकसेवा पर भेजे जाते आवेदन प्रभावित

ग्वालियर  लाइसेंसी हथियारों के नवीनीकरण सहित अन्य कामों को लेकर मध्य प्रदेश को छोड़कर पूरे देश में आर्म लाइसेंस इश्युएंस सिस्टम (एलिस) पर काम हो रहा है, लेकिन मप्र में लोकसेवा पर दोहरी व्यवस्था चल रही है। हाल ही में प्रदेश के गृह मंत्रालय की ओर से नेशनल डाटाबेस ऑफ आर्म लाइसेंस(एलिस) सिस्टम पर डाटा अपडेट करने के लिए कहा गया है, यानी अब सभी लाइसेंस का काम एलिस पर ही कराया जाएगा। 2016 में इसको लेकर एक्ट में संशोधन कर आदेश जारी किए गए थे। सभी राज्य हथियार लाइसेंस संबंधी कार्य एलिस पर ही कर रहे हैं, जो कि नेशनल सिस्टम है। प्रदेश में लोकसेवा पर आवेदन भेजे जाते हैं, जिसमें यूआईएन नंबर की अनिवार्यता नहीं होता है। एलिस में बिना यूआईएन नंबर के काम नहीं होता है। 2019 में लोकसेवा पर हथियारों का काम करने को लेकर राज्य शासन ने निर्देश दिए थे। अब मप्र में जिन लाइसेंसधारकों के पास यूआईएन नंबर नहीं है उनका नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। मध्य प्रदेश में 913 ऐसे शस्त्र धारक हैं, जिनके पास दो से ज्यादा शस्त्र हैं इनसे शस्त्र सरेंडर होने की कार्रवाई भी होना है। अतिरिक्त शस्त्र जमा करने की कार्रवाई बता दें कि नेशनल डाटाबेस ऑफ आर्म लाइसेंस का आर्म लाइसेंस इश्युएंस सिस्टम (एलिस) है जिसपर शस्त्र संबंधी काम होता है। गृह मंत्रालय की ओर से भी जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखे गए हैं। इसमें लिखा है कि मप्र में कुल 913 लाइसेंसधारियों के पास से अधिक शस्त्र हैं। उनसे अतिरिक्त शस्त्र जमा करने की कार्रवाई की जानी है। एनडीएल-एलिस पोर्टल पर अतिशीघ्र इनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए। भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा यूएन जारी करने की अंतिम तिथि 30 जून 2020 निर्धारित की गई थी। शस्त्र संबंधी सेवाओं के लिए आवेदन ऑनलाइन पब्लिक पोर्टल पर पेश किया जा सकता है।