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फॉलन आउट अतिथि विद्वानों को हर माह दो बार मिले स्थान चयन का अवसर : उच्च शिक्षा मंत्री परमार

उच्च शिक्षा मंत्री ने की विभागीय समीक्षा भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने गुरुवार को मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग की बैठक विभागीय गतिविधियों एवं कार्यों के क्रियान्वयन की समीक्षा की। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने विभिन्न विभागीय विषयों पर विस्तृत चर्चा कर, आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने उच्च शिक्षा परिषद् की बैठक का आयोजन शीघ्र सुनिश्चित करने को कहा। मंत्री श्री परमार ने नियमित भर्तियों एवं स्थानांतरण की वजह से फॉलन आउट अतिथि विद्वानों को प्रत्येक माह में दो बार स्थान चयन के लिए अवसर प्रदान किए जाने एवं रिक्त पदों की जानकारी पोर्टल पर अद्यतन किए जाने के निर्देश भी दिए। बैठक में लोक सेवा आयोग द्वारा भर्तियां, वरिष्ठता सूची, विभागीय पोर्टल एवं स्वीकृत पदों के युक्तियुक्तकरण सहित अन्य विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन एवं आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

विभिन्न राज्यों के अफसरों ने देखा इंदौर का स्मार्ट मीटरीकरण

भोपाल मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह के मार्गदर्शन में स्मार्ट मीटर परियोजना का प्रभावी संचालन किया जा रहा हैं। इसी क्रम में आरडीएसएस अंतर्गत पावर फायनेंस कार्पोरेशन ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से भारतीय प्रबंध संस्थान इंदौर में क्षमता वृद्धि की ट्रेनिंग ले रहे बिजली अधिकारी गुरुवार दोपहर पोलोग्राउंड इंदौर स्थित स्मार्ट मीटर मास्टर कंट्रोल सेंटर पहुंचे। श्री के लिंगामूर्ति, श्री एम मूर्ति कुमार, श्री एस विजय प्रताप, श्री जीडी वासनिक समेत अन्य अधिकारियों का स्वागत स्मार्ट मीटर परियोजना निदेशक श्री संजय जैन, अधीक्षण यंत्री श्रीमती कीर्ति सिंह ने किया। विभिन्न राज्यों के अधिकारियों ने स्मार्ट मीटर परियोजना के संबंध में मीटरीकरण, बिलिंग, पावर फैक्टर छूट, टीओड़ी छूट, सौर ऊर्जा के लिए पृथक मीटर की जरूरत नहीं होने, सटीक बिलिंग, त्रुटिरहित बिलिंग, मोबाइल एप पर खपत का ताजा ब्यौरा इत्यादि की जानकारी प्राप्त की। कंट्रोल सेंटर प्रभारी श्री नवीन गुप्ता ने दल के सदस्यों के स्मार्ट मीटर संबंधी प्रश्नों के उत्तर देकर जिज्ञासाओं का समाधान किया। दल को बताया गया कि सतत स्मार्ट मीटरीकरण किया जा रहा है, वर्तमान में करीब 13.24 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और कुछ शहर शत प्रतिशत स्मार्ट मीटरीकृत घोषित कर दिए गए हैं।  

खान मंत्रालय ने राज्य खनन तत्परता सूचकांक और राज्य रैंकिंग की जारी

भोपाल  मध्यप्रदेश ने एक बार फिर खनन क्षेत्र में अपनी नेतृत्व क्षमता को सिद्ध करते हुए देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। केन्द्रीय खान मंत्रालय द्वारा गुरुवार को राज्य खनन तत्परता सूचकांक और राज्य रैंकिंग जारी की गई है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व और खनन क्षेत्र को उत्तरदायी एवं औद्योगिक विकास का केन्द्र बनाने की उनकी प्राथमिकता का परिणाम है। राज्य सरकार द्वारा खनन क्षेत्र में किये गये सुधार, आधुनिकीकरण और सतत विकास के प्रयासों की बड़ी सफलता को दर्शाती है। एसएमआरआई के अंतर्गत राज्यों को उनके खनिज भण्डार के आधार पर तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। श्रेणी-ए में शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने वाले राज्यों में मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात शामिल हैं। श्रेणी-बी में गोवा, उत्तर प्रदेश और असम शीर्ष तीन स्थान पर है और श्रेणी-सी में पंजाब, उत्तराखण्ड और त्रिपुरा शीर्ष तीन स्थान पर है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश खनिज नीलामी के क्षेत्र में देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य ने बड़े पैमाने पर खनिज ब्लॉकों की नीलामी कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया था। हाल ही में क्रिटिकल मिनरल्स की नीलामी में केंद्र सरकार की नीति को लागू करने में मध्यप्रदेश ने देश का पहला राज्य बनने का गौरव भी हासिल किया है। खनिज ब्लॉकों की सर्वाधिक नीलामी के लिए मध्यप्रदेश को भारत सरकार ने सम्मानित भी किया है। मध्यप्रदेश खनन और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में उभरा है। खनिजों की प्रचुरता और राज्य सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों के कारण मध्यप्रदेश देश की औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। खनन क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों से राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। केन्द्रीय खान मंत्रालय द्वारा खनन क्षेत्र में राज्य स्तर पर सुधारों को प्रोत्साहित करने के लिये राज्य खनन तत्परता सूचकांक और राज्य रैंकिंग जारी की गई है। सूचकांक जारी करने की घोषणा केन्द्रीय बजट 2025-26 में की गई थी। राज्यों के खनन क्षेत्र में तैयारियों और प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया है। इसमें नीलामी, खनन पट्टों का शीघ्र संचालन, अन्वेषण और सतत खनन जैसे प्रमुख मानकों के आधार पर राज्य रैंकिंग निर्धारित की गयी है।  

प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह के नेतृत्व में लागू की गई रणनीति से वामपंथी उग्रवाद समाप्ति की ओर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नक्सलियों द्वारा हथियार त्याग कर मुख्यधारा में लौटने की घटना ऐतिहासिक दो दिन में छत्तीसगढ़ में 170 और महाराष्ट्र में 61 सहित देश में कुल 258 वामपंथी उग्रवादियों के आत्मसमर्पण की उपलब्धि भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में लागू की गई रणनीति से वामपंथी उग्रवाद समाप्ति की ओर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा सोशल मीडिया पर छत्तीसगढ़ में गुरूवार को और महाराष्ट्र में बुधवार को नक्सलियों के आत्मसमर्पण के संबंध में दी गई जानकारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 170 और महाराष्ट्र में बुधवार को 61 नक्सलियों ने हथियार त्याग कर मुख्यधारा में लौटने का कार्य किया है। यह घटना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने वालों का सदैव स्वागत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे सुरक्षा बल नक्सलवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने में तत्पर रहते हैं। उल्लेखनीय है कि गत दो दिवस में 258 वामपंथी उग्रवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में सरकार की निरंतर कोशिशों का ही यह परिणाम है कि देश में नक्सलवाद दम तोड़ रहा है। नक्सलियों के विरुद्ध हमारी नीति स्पष्ट है, जो हिंसा त्यागना चाहते हैं उनका स्वागत है। लेकिन जो लोग हथियार उठाए रहेंगे, उन्हें हमारी सुरक्षा बलों की कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी नक्सलियों से मेरी अपील है कि वे अपने हथियार त्याग दें और मुख्यधारा में लौट आएं।  

प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में भोपाल की बेटियाँ देंगी बैंड की प्रस्तुति

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में होगी प्रस्तुति भोपाल  भोपाल की बेटियाँ राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर 2025 को गुजरात के एकता नगर (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) परिसर में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में मध्यप्रदेश का मान बढ़ाएंगी। स्कूल ​शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित बैंड प्रतियोगिता में सेंट जोसेफ कॉन्वेंट ईदगाह हिल्स स्कूल भोपाल की बालिका टीम ने राज्य में प्रथम स्थान हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का प्रतिनि​धित्व करते हुए देश में दूसरा स्थान हासिल किया था। उसी टीम को केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में 31 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए चुना है। गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय बैंड प्रतियोगिता में शामिल दो टीमों को आमंत्रित किया है। बालिका वर्ग में द्वितीय स्थान हासिल करने वाले भोपाल के सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल और बालक वर्ग में देश में पहला स्थान हासिल करने वाली राजस्थान की टीम शामिल है। यह दोनों टीमें संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह की मौजूदगी में होने वाले कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देंगी। यह कार्यक्रम लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश की बैंड टीम राज्य पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, अन्य सुरक्षा बल और एनसीसी की टीमों के साथ मंच साझा करेगी। बैंड में शामिल 30 बालिकाओं की टीम उनके प्र​शिक्षक श्री रसिक नागर पांडेय के साथ 23 अक्टूबर को गुजरात के लिए प्रस्थान करेगी। श्री पांडेय ने बताया कि कार्यक्रम में बैंड टीम द्वारा हिन्दी, गुजराती, अंग्रेजी, स्पेनिश और जर्मन धुनें प्रस्तुत की जाएंगी। स्कूल की प्राचार्य सिस्टर लिली ने बताया कि बैंड की टीम पिछले 15 दिन से इस गौरवपूर्ण कार्यक्रम के लिए तैयारी कर रही है। इस कार्यक्रम में ​शामिल होना हमारे स्कूल, भोपाल और पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है।  

लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देने खाद्य मंत्री सपरिवार खरीदी करने पहुंचे बाजार

अपना त्योहार, अपनों के हाथों से बनी वस्तुएं खरीद कर मनाये : गोविंद सिंह राजपूत  भोपाल  स्थानीय दुकानदारों, हस्तशिलपियों एवं लोकल फाॅर, वोकल को बढ़ावा देने के लिए दीपावली के अवसर पर खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने परिवार सहित कटरा बाजार सागर पहुंचकर खरीदारी की । स्थानीय दुकानदारों से बातचीत करते हुए श्री राजपूत ने शहरवासियों से भी अपील करते हुए कहा कि अपना त्यौहार अपने के हांथों से बनी वस्तुओं को खरीदकर मनायें ताकि हर घर में दीवाली की खुशियां पहुंच सकें। यह सभी व्यापारी आपके द्वारा खरीदी गये साज-सामग्री से प्रोत्साहित होते हैं, उनके घर भी त्यौहार की खुशियां पहुंचती हैं। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत एवं उनकी पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सविता सिंह ने बाजार से मिट्टी के दीपक तथा अन्य पूजा सामग्री खरीदी। त्योहारी सीजन में लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल फॉर वोकल’ और ‘स्वदेशी अपनाओ, देश बचाओ’ अभियान को गति देने के लिए मंत्री श्री राजपूत ने इस दिवाली पर स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने का आह्वान किया। त्योहारी सीजन में स्थानीय बाजारों में खरीदारी कर उन्होंने न केवल स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन दिया, बल्कि छोटे व्यापारियों और कारीगरों के लिए रोजगार के अवसरों को भी बल दिया। मंत्री श्री राजपूत ने कटरा बाजार का दौरा कर स्थानीय हस्तशिल्प, मिट्टी के दीये, हस्तनिर्मित वस्त्र और स्वदेशी खाद्य पदार्थों की खरीदारी की। उन्होंने कहा, स्वदेशी अपनाने से न केवल हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि लाखों कारीगरों, छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।यह कदम स्थानीय उत्पादकों और विक्रेताओं के लिए आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है। ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान का लक्ष्य उपभोक्ताओं को स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूक करना है, जिससे विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम हो। इससे न केवल देश का पैसा देश में रहेगा, बल्कि स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी।  लोकल फाॅर वोकल के मंत्री श्री राजपूत ने बताये फायदे  मंत्री श्री राजपूत ने नागरिकों से अपील की कि वे इस दिवाली स्थानीय दुकानों से खरीदारी करें, ताकि त्योहारों की रौनक के साथ-साथ देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता भी बढ़े। इस पहल से न केवल व्यापारियों को लाभ होगा, बल्कि सांस्कृतिक विरासत भी संरक्षित होगी। स्वदेशी अपनाकर हम एक सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत का निर्माण कर सकते हैं। मंत्री राजपूत ने कहा कि लोकल फॉर वोकल से स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा मिलता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। लोकल फॉर वोकल से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलते हैं, जिससे उनकी आय बढ़ती है और वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकते हैं। स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण होता है, जिससे हमारी सांस्कृतिक विरासत बनी रहती है। लोकल फॉर वोकल से परिवहन की आवश्यकता कम होती है, जिससे ईंधन की बचत होती है और पर्यावरण प्रदूषण कम होता है। स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ती है, क्योंकि उत्पादक अपने उत्पादों को अच्छी तरह से बनाने के लिए प्रेरित होते हैं। देश आत्मनिर्भर बनता है, क्योंकि हमें आयात पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है।

डिजिटल इंडिया (भारत सरकार) के जोनल हेड अभिनव शर्मा 17 अक्टूबर को भोपाल में, नई शिक्षा नीति 2020 पर आयोजित कार्यशाला में होंगे शामिल

भोपाल  भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना डिजिलॉकर, APAAR id, NAD की मध्यप्रदेश एवं अन्य राज्यों में सुचारू रूप से संचालन की  महत्वपूर्ण  जिम्मेदारी संभाल रहे  डिजिटल इंडिया के जोनल हेड अभिनव शर्मा 17 अक्टूबर को भोपाल पधार रहे है, यहां वह उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित नई शिक्षा नीति 2020 विषय पर कार्यशाला में भाग लेंगे।   

प्रतिस्पर्धात्मक दौर में अपेक्स बैंक के शाखा प्रबंधक उत्कृष्ट कार्य निष्पादित करें – मनोज गुप्ता

अपेक्स बैंक के शाखा प्रबंधकों की बैठक समन्वय भवन में आयोजित। भोपाल अन्तर्राष्ट्रीय सहकारी वर्ष, 2025 के दौरान अपेक्स बैंक के सम्पूर्ण प्रदेश के शाखा प्रबंधकों की बैठक आज अपेक्स बैंक समन्वय भवन स्थित सभागार में आयोजित हुई । इस अवसर पर बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता ने दिनांक 30.09.25 की स्थिति पर शाखाओं द्वारा की अमानत संग्रहण, ऋण वितरण, वसूली एवं बीमा योजनाओं  की समीक्षा करते हुये निर्देशित किया कि प्रतिस्पर्धा के दौर में अपने आप को बेहतर साबित करने की दिशा में सभी अधिकारीगण पूरी ईमानदारी एवं लगन से अपने उत्तरदायित्वों का निवर्हन करते हुए दिनांक 22 अक्टूबर, 25 तक चलने वाले बचत माह के दौरान व्यक्तिगत हितग्राहियों को विभिन्न प्रयोजनों यथा – आवास एवं अचल सम्पत्ति के बंधक पर ऋण पर 8.00 प्रतिशत, वाहन ऋण 8.50 प्रतिशत एवं आवास ऋण 9.00 प्रतिशत पर उपलब्ध कराने के प्रयास करें। उन्होंने बैंक की शाखाओं के माध्यम से माईक्रो एटीएम एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति, प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री अटल पेंशन योजना की अधिक से अधिक जानकारी अपने ग्राहकों एवं आमजन तक पहुॅंचाकर लोगों को इसका अधिकतम लाभ प्राप्त करने हेतु प्रेरित करने तथा एन.पी.ए. प्रकरणों के निराकरण करने तथा केन्द्र सरकार की ’’स्वच्छता पखवाड़ा’’ योजना का सतत् वर्षभर आयोजन करने के निर्देश भी प्रदान किये।  आरंभ में बैंक के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री संजय मोहन भटनागर ने महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा करते हुये शाखा प्रबंधकों से अपेक्षा की अपेक्स बैंक द्वारा समय-समय पर प्रदान किये जाने वाले निर्देशों का पालन निश्चित समय-सीमा में करना सुनिश्चित करें।  उप महाप्रबंधक (ऋण/परिचालन) श्री के.टी.सज्जन ने अधिक से अधिक ऋण वितरण व वसूली समय पर करने की अपेक्षा की, जबकि वि.क.अ.(सीबीएस) श्री अरविंद बौद्ध ने तकनीकी बिन्दुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया।   बैठक में श्री आशीष राजौरिया, श्री करूण यादव, श्री विवेक मलिक, श्री समीर सक्सेना व श्री अजय देवड़ा के साथ प्रदेश की समस्त संभागीय एवं अमानत शाखाओं के प्रबंधकगण एवं अन्य अधिकारीण भी उपस्थित हुए। उक्त जानकारी अपेक्स बैंक के जनसम्पर्क अधिकारी अभय प्रधान ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में दी ।

कैशलेस इलाज में ठगी! MP के कई अस्पताल आयुष्मान कार्डधारकों से वसूल रहे एक्स्ट्रा चार्ज

भोपाल  नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) के निर्देश पर भोपाल में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यशाला के पहले दिन योजना से जुड़ी चुनौतियों पर व्यापक चर्चा हुई। योजना के तहत हर मरीज को केशलेस और मुफ्त इलाज मिलना चाहिए, लेकिन कुछ अस्पताल एक्स्ट्रा चार्ज या अन्य बहानों से अवैध वसूली कर रहे हैं। ऐसे कई शिकायतें हमें मिली हैं। योगेश भरसट ने कहा कि इन शिकायतों का सत्यापन कर समाधान निकालना भी चुनौतीपूर्ण काम है। धोखाधड़ी रोकने के लिए नई व्यवस्था बनाई जा रही है। यदि किसी मरीज को इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होना पड़ता है और वह प्रमाण के साथ शिकायत दर्ज कराता है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। मरीज को उसका पैसा दिलाने के साथ-साथ संबंधित अस्पताल पर तीन गुना तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि किसी अस्पताल के खिलाफ एक से अधिक शिकायतें पाई जाती हैं तो उनके खिलाफ कड़े कदम भी उठाए जाएंगे। कार्यशाला में कुल 27 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से योजना से जुड़े दो-दो अधिकारी शामिल हुए। साथ में NHA के अधिकारियों ने भी भाग लिया। दूरदराज इलाकों में अस्पतालों की कमी भी समस्या योगेश भरसट ने यह भी स्वीकार किया कि भोपाल, ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर जैसे महानगरों में योजना से जुड़े अस्पतालों की संख्या अच्छी है और मरीजों को योजना के तहत इलाज आसानी से मिल रहा है। लेकिन अलीराजपुर, अनूपपुर, मऊगंज, पंडुगा, निवाड़ी जैसे दूरदराज जिलों में अस्पतालों की कमी है, जिससे वहां के मरीजों को बड़े शहरों में इलाज के लिए जाना पड़ता है और यात्रा, ठहरने व अन्य खर्च बढ़ जाते हैं। इस समस्या का समाधान करने के लिए इन क्षेत्रों में नए अस्पताल खोजकर उन्हें योजना से जोड़े जाने की कार्रवाई तेज की जाएगी। सात साल पूरे होने पर कार्यशाला यह कार्यशाला आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के सात साल पूरे होने पर इसे नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। इस योजना की शुरुआत 2018 में झारखंड से की गई थी और अब 2030 तक AB-PMJAY 2.0 के रूप में इसे और अधिक सक्षम बनाना लक्ष्य है। कार्यशाला में बीते सात वर्षों में मिली उपलब्धियों और आयी समस्याओं पर भी चर्चा हुई ताकि सफल मॉडलों को अन्य राज्यों में अपनाया जा सके। एमपी के इन इनिशिएटिवों पर अन्य राज्य भी काम करेंगे मध्यप्रदेश पहला राज्य है जिसने लाभार्थियों को योजना से जुड़ी जानकारी देने के लिए आयुष्मान चैटबॉट शुरू किया। यह व्यवस्था अब पूरे देश में लागू करने की रूपरेखा पर है। इसके अलावा मध्यप्रदेश आयुष्मान डिजिटल मिशन में भी अग्रणी राज्यों में शामिल है। यहां आयुष्मान आईडी बनाने से लेकर मरीजों के रिकॉर्ड डिजिटल रूप में अपलोड किए जा रहे हैं। क्वालिटी हेल्थ प्रोवाइडर सुनिश्चित करने की दिशा में प्रदेश ने बड़े शहरों में केवल NABH से मान्यता प्राप्त अस्पतालों को ही पैनल में शामिल करने का निर्णय लिया है। एमपी की 7 साल की प्रमुख उपलब्धियां • 4.30 करोड़ लाभार्थियों को योजना से जोड़ा गया। • 50 लाख रुपए का फ्री क्लेम पास किया गया। • 8,000 करोड़ रुपए के बिल पास किए गए। क्वालिटी सुनिश्चित करने के कदम योगेश भरसट ने कहा कि मध्यप्रदेश में लगभग 650 NABH-प्रमाणित अस्पताल हैं, जिनमें से करीब 200 सिर्फ भोपाल में स्थित हैं। प्रदेश का प्रयास है कि बड़े शहरों में केवल NABH-प्रमाणित अस्पतालों को ही योजना से जोड़ा जाए ताकि उपचार की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे। इस नीति पर अस्पतालों की कुछ आपत्तियों पर आगे चर्चा की जाएगी और एग्जीक्यूटिव कमेटी में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने गर्भवती माताओं की शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

राहतगढ़ सिविल अस्पताल में शीघ्र होगी ब्लड स्टोरेज की सुविधा उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने गर्भवती माताओं की शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित करने के दिए निर्देश मातृ स्वास्थ्य पर सरकार का फोकस, डिप्टी सीएम शुक्ल ने दिए शत-प्रतिशत जांच के निर्देश गर्भवती महिलाओं की पूर्ण जांच सुनिश्चित करें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल का स्वास्थ्य विभाग को निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी शीघ्र दूर होगी। स्वास्थ्य विभाग में भर्ती प्रक्रिया प्रगतिरत है और शीघ्र ही पर्याप्त चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय स्टाफ की पूर्ति की जाएगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सागर जिले के राहतगढ़ सिविल अस्पताल का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल में तत्काल ब्लड स्टोरेज फ्रिज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में रक्त की उपलब्धता बनी रहे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि माह की 9 एवं 25 तारीख को आयोजित होने वाले गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों में शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित की जाए। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता है। हर गर्भवती महिला तक समय पर जांच और उपचार की सुविधा पहुँचे इसके लिए पूरे मनोयोग से प्रयास करें। उन्होंने अस्पताल में स्वच्छता और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन-उपयोगी समस्त आवश्यक औषधियों की उपलब्धता हर समय बनी रहे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। टेलीमेडिसिन सेवा से डॉक्टरों की अनुपलब्धता की समस्या काफी हद तक दूर होगी और समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा सकेगा।