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उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने चिकित्सा महाविद्यालयों में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की

पीपीपी मोड में शहडोल मेडिकल कॉलेज में सीटी-एमआरआई सेवा प्रारंभ करने के दिए निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मेडिकल कॉलेजों में अधोसंरचना विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की विभिन्न गतिविधियों की निवास कार्यालय में वृहद समीक्षा की। उन्होंने छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल निर्माण, सब-स्टेशन निर्माण तथा आउटसोर्स के अतिरिक्त पदों की स्वीकृति संबंधी कार्यों की समीक्षा की और शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए ताकि छात्रों और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएँ समय पर उपलब्ध कराई जा सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने ईदगाह हिल्स, भोपाल में विभागीय जमीन की बाउंड्रीवाल का कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। भोपाल चिकित्सा महाविद्यालय में प्रस्तावित नवीन कार्यों का अनुमोदन शीघ्र प्राप्त कर कार्य आरम्भ करने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने भोपाल मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष श्री मयंक अग्रवाल, डीन, जीएमसी भोपाल डॉ. कविता सिंह और अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ जीएमसी भोपाल के परिसर के विकास के संबंध में चर्चा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने रीवा मेडिकल कॉलेज के लिए सीएसआर अंतर्गत प्राप्त राशि से गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए और कहा कि प्रशासनिक औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा कर सेवाएं प्रारंभ की जाएँ। शहडोल मेडिकल कॉलेज में सीटी और एमआरआई सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान में पीपीपी मॉडल में इन सेवाओं को तत्काल प्रदान करने के निर्देश भी दिए। बैठक में विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दी दीपावली की शुभकामनाएं और सौगात

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि अपने कार्यों से दूसरों की जिंदगी को बेहतर बनाने में ही कार्य की सफलता है। उन्होंने सफाई मित्रों का दृष्टांत देते हुए कहा कि वह सुबह सवेरे सबसे पहले उठकर हमारे आस-पास का वातावरण स्वच्छ बनाते है ताकि हम सबको दिनभर स्वच्छ और सुखद वातावरण मिले। राज्यपाल श्री पटेल बुधवार को राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित दीपावली शुभकामना समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने समारोह में भोपाल, पचमढ़ी राजभवन के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के साथ राजभवन में स्थित डाक घर, बैंक एवं अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों को उपहार भेंट किये। कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव भी मंचासीन थे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि मानव का जीवन एक बार ही मिलता है। कर्मों का फल इसी जीवन में मिलता है। प्रकृति से अच्छी और बुरी दोनों वृत्तियां मानव को मिलती है। उन्होंने कहा कि जीवन में स्थायी आनंद और सच्चा सुख संतोष मेहनत और योग्यता से ही मिलता है। व्यक्ति के नसीब में जो है वह उसको मिलता ही है। दूसरों की उन्नति से ईष्या के भाव से जीवन के सारे सुख और संतोष का आनंद खत्म हो जाता है इसलिए व्यक्ति को स्वयं ही अपनी गलत प्रवृत्तियों को नियंत्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अक्टूबर का महीना उत्सवों का और आत्म शुद्धि का प्रसंग है। पहले नवरात्र उसके बाद विजयादशमी का पर्व हमें अपने अंदर के दुर्गणों का अंत करने का अवसर देता है। दीपावली का पर्व भी नये उत्साह और ऊर्जा के साथ जीवन के नव आरम्भ का प्रसंग है। यह दूसरों की गलतियों और कमियों को भूलकर प्रेम और पारस्परिक सदभाव को बढ़ाने का अवसर है। उन्होंने सभी को दीपावली की बधाई और सुखमय जीवन की शुभकामनाएं दी। ईश्वर से प्रार्थना की है कि हर दिन सबके जीवन में खुशिया लाएं। कार्यक्रम का संचालन नियंत्रक हाउस होल्ड शिल्पी दिवाकर ने किया।

आस्था और विकास का संतुलन: इंदौर-इच्छापुर हाईवे के विस्तार में शांतिपूर्ण कार्रवाई

बुरहानपुर शहर से गुजरे इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाइवे पर मौजूद धार्मिक स्थल और पेड़ लंबे समय से सुगम आवागमन में बाधा बने हुए थे। बुधवार को जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सभी 14 धार्मिक स्थलों को हटा दिया। इनमें मजारें और मंदिर शामिल थे। इसके साथ ही सड़क पर मौजूद पेड़ों को भी हटाया गया है। राजपुरा गेट और गुड हास्पिटल के पास मौजूद पीपल के पेड़ों को शिफ्ट करने पर भी विचार किया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने बस स्टैंड के पास बेरिकेड लगा कर शिकारपुरा थाने तक के मार्ग को बंद कर दिया था। मजारों और मूर्तियों को ससम्मान वाहनों में रखकर ले जाया गया। हाइवे को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई थी। बड़ी बात यह रही कि इस कार्रवाई का किसी भी पक्ष ने विरोध नहीं किया, बल्कि लोग स्वयं आगे आए और मंदिरों व महारों को तोड़ने में सहयोग दिया। कलेक्टर हर्ष सिंह और एसपी देवेंद्र पाटीदार की सटीक प्लानिंग के कारण कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से निपट गई।   तड़के पहुंच गए थे अफसर-कर्मचारी इस कार्रवाई की पूरी तैयारी पुलिस और प्रशासन ने मंगलवार को ही कर ली थी। बुधवार सुबह साढ़े छह बजे से अधिकारी, कर्मचारी व पुलिस बल अंकिता टाकीज क्षेत्र के पास एकत्र होने शुरू हो गए थे। आसपास के चार जिलों से बुलाए गए पुलिस बल, जिला बल, नगर निगम आदि के कर्मचारियों को मिलाकर 500 से ज्यादा कर्मचारी मैदान में उतरे। मौके पर कलेक्टर हर्ष सिंह, एसपी देवेंद्र पाटीदार, अपर कलेक्टर वीरसिंह चौहान, एडिशनल एसपी अंतर सिंह कनेश, एसडीएम अजमेर सिंह गौड़, निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव, आधा दर्जन थानों के प्रभारियों ने मोर्चा संभाला और कार्रवाई शुरू कर दी। तारवाला बोरवेल के पास स्थित दो मजारों के बाद मंदिर को हटाया गया। इसके बाद राजपुरा गेट के पास मंदिर हटाए गए। प्रशासन की कार्रवाई देख मोमिनपुरा के पास स्थित एक अन्य मजार को लोगों ने स्वयं ही सड़क किनारे से हटा लिया। हाइवे निर्माण को मिलेगी गति उल्लेखनीय है कि आने वाले समय में इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाइवे झिरी के पास से बन रहे बायपास मार्ग से डायवर्ट होकर इच्छापुर में मिलेगा। इसके बाद झिरी से शाहपुर व इच्छापुर तक के करीब 40 किमी के मार्ग को भी सीसी फोरलेन बनाया जाना है। निर्माण एजेंसी को काम के दौरान कोई बाधा न आए, इसलिए हाईकोर्ट के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। कलेक्टर हर्ष सिंह ने कहा कि आस्था विकास में बाधा नहीं बनेगी। नागरिकों ने प्रशासन को जिस तरह सहयोग दिया है, वह प्रेरणादायी है। अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री दिनेश सुगंधी और प्रदेश प्रवक्ता ओम आजाद ने भी प्रशासन के इस कदम की सराहना की है। सड़क पर ही खोद दिया था बोरवेल प्रशासनिक कार्रवाई के बाद तत्काल विद्युत वितरण कंपनी और नगर निगम ने अपना काम शुरू कर दिया था। सड़क से आधा दर्जन छोटे पेड़ हटाए गए तो पता चला कि नगर निगम के अधिकारियों ने सड़क पर ही बोरवेल भी खोद दिया था। निगम ने इसकी मोटर व पाइप निकलवा कर बोरवेल को बंद किया। विद्युत वितरण कंपनी ने भी टूटे बिजली के तार जोड़े और सड़क पर बिखरे मलबे और टहनियों को हटवाया।

अंबेडकर प्रतिमा विवाद के बीच ग्वालियर में हाई अलर्ट, हर मोड़ पर चौकसी

ग्वालियर ग्वालियर में चल रहे अंबेडकर प्रतिमा विवाद के बाद बढ़े तनाव के बीच 15 अक्टूबर को अंबेडकर समर्थकों ने एक बड़े आंदोलन चेतावनी दी थी। इस चेतावनी को देखते हुए बुधवार को पुलिस ने भी कमर कस ली है। चप्पे-चप्पे और हर आने-जाने वाले पर पुलिस की नजर है। इन हालातों के बीच आंदोलन करने वाले कुछ संगठन बैकफुट पर चले गए हैं, लेकिन पुलिस अब भी दो अप्रैल के दंगों को लेकर एहतियाद बरत रही है। पूरा ग्वालियर पुलिस ने छावनी में बदल दिया। इस दौरान कलेक्टर ने आदेश देकर धारा 163 भी लागू की हुई है। छह महीने पहले शुरू हुआ था विवाद ग्वालियर में 6 महीने पहले एक विवाद शुरू हुआ था। ये विवाद ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर हुआ था। वकीलों का एक पक्ष चाहता था कि, हाई कोर्ट परिसर में प्रतिमा लगायी जाए, लेकिन वहीं बार काउंसिल अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष समेत वकीलों का एक धड़ा इसके विरोध में था। नतीजा हाई कोर्ट परसर में हंगामा हुआ और प्रतिमा विवाद बढ़ गया। आपत्तिजनक टिप्पणी ने भड़काई थी आग इस विवाद की आग यहाँ खत्म नहीं हुई, बल्कि इसमें राजनैतिक और सामाजिक संगठनों की एंट्री हो गई। प्रतिमा लगाने के पक्षकार और विरोधी दोनों ही पक्षों में टिप्पणियाँ और शिकायतों का दौर शुरू हो गया। इसी बीच बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष एड अनिल मिश्रा ने डॉ भीमराव अंबेडकर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। इस टिप्पणी ने आग में घी का काम किया और अंबेडकर समर्थकों और आजाद समाज पार्टी भीम आर्मी समते संगठनों ने 15 अक्टूबर को एक बड़े प्रदर्शन का ऐलान कर दिया। जिसके चलते आज पूरा ग्वालियर छावनी में तब्दील है। 4 हजार पुलिसकर्मियों ने संभाला मोर्चा, सोशल मीडिया पर भी नज़र कोई भी अप्रिय घटना ना हो इसके लिए पूरे ग्वालियर में 3 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी चप्पे चप्पे पर तैनात हैं। ग्वालियर के अलावा बाहर से भी 800 सुरक्षाकर्मियों का अतिरिक्त बल ग्वालियर में बुलाया गया है। सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। इसके साथ ही लगातार सोशल मीडिया पर हो रही पोस्ट पर भी नजर रखी जा रही है। अब तक 500 से अधिक भड़काऊ पोस्ट को हटवाया जा चुका है और सौ से अधिक लीगों को इस तरह की पोस्ट के लिए नोटिस भी दिया चुका है। सीएसपी बोली- हालात नियंत्रण में ग्वालियर सीएसपी हिना खानन से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि हालत पूरी तरह नियंत्रण में हैं। पुलिस कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। आम जन को किसी तरह की परेशानी ना हो और उनको आम दिनचर्या पर किसी तरह का प्रभाव ना पड़े ये प्रयास कर रहे हैं और लोगों से भी सहयोग की अपील है। शहर की सीमाओं पर भी नाकेबंदी बहरहाल पुलिस ने शहर की सीमाओं से लेकर बाजार और मुख्य स्थानों पर तैनात है। शिवपुरी, मुरैना, झाँसी और भिंड सभी हाईवे सीमाओं पर नाकेबंदी की अगायी है और आने जाने वालों की जाँच की जा रही है।  

इंदौर-ग्वालियर में लोकायुक्त ने रिटायर्ड अधिकारी के घर-ऑफिस पर छापा मारा, भारी मात्रा में कैश और सोना जब्त

ग्वालियर  मध्य प्रदेश में लोकायुक्त ने दीपावली से पहले छापेमार कार्रवाई की है। रिटायर्ड आबकारी अधिकारी के ठिकानों तड़के सुबह दबिश दी है। लोकायुक्त के कई वरिष्ठ अधिकारी इंदौर और ग्वालियर में दस्तावेज खंगाल रहे है। बताया जा रहा है कि आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर रेड मारी है। फिलहाल जांच पड़ताल जारी है। लोकायुक्त की टीम बुधवार तड़के सुबह रिटायर्ड आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के ठिकानों पर पहुंची। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत के बाद लोकायुक्त ने छापा मारा। इंदौर के पलासिया स्थित फ्लैट पर टीम कार्रवाई कर रही है। वहीं ग्वालियर के विवेक नगर स्थित कान्ति कुन्ज मकान पर दबिश दी है। फिलहाल लोकायुक्त की टीम दस्तावेजों की जांच में जुटी हुई है। आपको बता दें कि धर्मेंद्र सिंह भदौरिया इंदौर के सहा. जिला आबकारी अधिकारी है। वे एक महीने पहले ही सेवानिवृत हुए है।     जानकारी के अनुसार, टीम को यहां से 2 किलो सोने की सिल्लियां, 1 किलो सोने के गहने, 5000 यूरो और 75 लाख रुपय नगद मिले हैं। कुल मिलाकर करीब 8 करोड़ रुपए की रकम सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि रिटायर्ड अधिकारी के ठिकानों पर यह छापा आय से अधिक संपत्ति की शिकायत के बाद मारा गया है। टीम अब तक फ्लैट से मिले दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड्स और इन्वेस्टमेंट डिटेल्स की जांच कर रही है। कौन हैं धर्मेंद्र सिंह भदौरिया धर्मेंद्र सिंह भदौरिया आबकारी विभाग में लंबे समय तक पदस्थ रहे हैं। •    वे इंदौर, भोपाल, और उज्जैन जोन में पदस्थ रह चुके हैं। •    उन्होंने फ्लाइंग स्क्वाड में भी काम किया था, जहां पर जांच कार्रवाइयों में इनका नाम कई बार सुर्खियों में रहा। •    पहले भी उनका नाम प्रभावशाली लोगों से मिलीभगत और विभागीय अनुशासनहीनता के मामलों में चर्चा में आया था। लोकायुक्त टीम अब उनकी पूर्व तैनाती के दौरान हुई संपत्तियों की खरीद-बिक्री की जांच भी करने की तैयारी में है। ऐसे विवादों में रहे पूर्व आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया 1.    होटल बिल विवाद     जून 2022 में इंदौर के एक फाइव-स्टार होटल में आयोजित पार्टी का लगभग 2 लाख रुपए का बिल आया। होटल प्रबंधन ने आरोप लगाया कि भदौरिया और एक अन्य अधिकारी (संतोष कुशवाह) ने यह बिल चुकाने से मना कर दिया।     इसमें यह भी दावा था कि बिल न चुकाने पर दबाव व धमकियों का सहारा लिया गया।     इस मामले को गंभीर माना गया और दोनों अधिकारियों को सस्पेंड किया गया। 2.    फ्लाइंग स्क्वाड (Flying Squad) से हटाना     इसी विवाद के सिलसिले में भदौरिया को फ्लाइंग स्क्वाड से हटाने का आदेश जारी किया गया।     बाद में उन्हें अन्य विभागीय पदस्थापना दी गई। 3.  नीलामी और अनुशासनहीनता के आरोप     उनके खिलाफ यह भी आरोप लगे हैं कि जनरल ठेके/दुकानों की नीलामी प्रक्रिया में लापरवाही की गई।     प्रशासन ने माना कि उनकी कार्यशैली और निष्पादन “असंतोषजनक” रही है, जिससे निलंबन तक का कदम उठा। 4.  स्थानांतरण / अटैचमेंट आदेश     विवाद के बाद, उन्हें निर्वाचन कार्यालय या अन्य विभागों में अटैचमेंट (कार्यालयांतर) का आदेश दिया गया। रिटायर्ड डीजी जेल आईपीएस संजय चौधरी की बेनामी कमाई, संपत्ति की जांच लोकायुक्त में ऐसे बंद पीडब्ल्यूडी के पूर्व चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा के घर लोकायुक्त का छापा, इन आरोपों में घिरे आय से अधिक संपत्ति की जांच जारी लोकायुक्त एसपी स्तर के अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मिले सबूतों के आधार पर धर्मेंद्र सिंह भदौरिया की संपत्ति का ब्यौरा मांगा गया है। जांच टीम बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट, बीमा पॉलिसी, और संपत्ति रजिस्ट्री के रिकॉर्ड खंगाल रही है। लोकायुक्त की सख्ती से हड़कंप इस कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग के कई अधिकारी लोकायुक्त की जांच के रडार पर बताए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में कई और सेवानिवृत्त व वर्तमान अधिकारी भी इस जांच की जद में आ सकते हैं। शराब के ठेके से लिंक धर्मेंद्र सिंह भदोरिया 31 अगस्त को रिटायर हुए हैं। वे आलीराजपुर में पदस्थ थे। सूत्रों के मुताबिक, वे अभी भी आलीराजपुर में रहते हैं और वहां शराब के ठेके और गुजरात की अवैध शराब लाइन को संभालते हैं। भदोरिया शराब ठेकेदार एके सिंह के समधी हैं। वे लंबे समय से सरकारी नौकरी करते हुए भी अपना कारोबार संभाल रहे थे। इस पर हमेशा आरोप लगते रहे हैं। आलीराजपुर में पहले रिंकू भाटिया का ठेका था। सूत्रों के मुताबिक, रिंकू भाटिया से उनकी भागीदारी भी थी। इन सब कारणों से उन्होंने काफी कमाई की। इसी आधार पर लोकायुक्त के पास उनकी शिकायत पहुंची थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 87 करोड़ के 62 विकास कार्यों का लोकार्पण और 18 का भूमि-पूजन

21 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव 87 करोड़ के 62 विकास कार्यों का लोकार्पण और 18 का भूमि-पूजन 237 करोड़ लागत की नेमावर समूह जलप्रदाय योजना का किया लोकार्पण 34 करोड़ लागत के सांदीपनि विद्यालय भवन की सौगात 50 हजार से अधिक किसानों के खातों में 24 करोड़ रुपए अंतरित युवाओं को रोजगार सहायता के लिए देवास जॉब पोर्टल का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को दिए नियुक्ति-पत्र भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में स्वदेशी को अपनाते हुए भारत आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर है और शीघ्र ही दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्था बनेगा। प्रधानमंत्री  मोदी अंत्योदय के स्वप्न को साकार कर पं. दीनदयाल उपाध्याय के गरीब कल्याण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। मध्यप्रदेश में डबल इंजन की सरकार है और राज्य सरकार गरीब से गरीब के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों को हर महीने वित्तीय सहायता दी जा रही है। प्रदेश की लाड़ली बहनें सरकार से मिलने वाली राशि से अपना घर संवार रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को देवास जिले के बागली में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। देवास को मिलीं सांदीपनि विद्यालय भवन सहित अनेक सौगातें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवास जिले के ग्रामीण क्षेत्र के लिए 237 करोड़ लागत की नेमावर समूह जलप्रदाय योजना का लोकार्पण किया। साथ ही बागली में 34 करोड़ लागत के नवनिर्मित सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन का लोकार्पण कर बच्चों को बेहतर भविष्य की सौगात दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को रोजगार सहायता प्रदान करने के लिए स्थानीय देवास जॉब पोर्टल का शुभारंभ किया एवं युवाओं को नियुक्ति-पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगभग 87 करोड़ लागत के 62 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 18 विकास कार्यों का वर्चुअली भूमिपूजन भी किया। प्रदेश के 21 लाख युवा अशासकीय नौकरी व रोजगार से जोड़े गए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवास दो देवियों का जिला है। कृषि की दृष्टि से भविष्य में यह पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों को पीछे छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि देवास के लिए विकास का नया द्वार खुल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद लगभग 1 लाख सरकारी पदों की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाले जा चुके हैं और भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा प्रदेश के 21 लाख युवाओं को अशासकीय नौकरी और अन्य प्रकार के रोजगार से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि सोनकच्छ क्षेत्र में 50 हजार क्षमता की गौशाला की शुरुआत की जा रही है। राज्य सरकार बड़ी गौशाला खोलने पर 10 लाख रुपए का अनुदान भी प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा किनारे फतेहगढ़ घाट निर्माण, बागली से जटाशंकर 17 किमी सड़क निर्माण, 2 जनजातीय बालक छात्रावास निर्माण की घोषणा भी की। सोयाबीन किसानों के घाटे की भरपाई के लिए संकल्पित है सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीला मोजेक से सोयाबीन फसलों के प्रभावित किसानों को घाटे की भरपाई के लिए सहायता राशि दी जा रही है। सोयाबीन उत्पादक किसानों को उपज का उचित दाम मिले इसके लिए सरकार ने भावांतर योजना लागू की है। सोयाबीन का 5328 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य दिलवाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवास जिले के 50 हजार से अधिक किसानों को सोयाबीन क्षति के लिए 24 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक से खातों में अंतरित किए। दीपावली पर्व पर स्वदेशी उत्पाद खरीदने का लें संकल्प मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ: 2028 दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन होगा, जिसकी भव्यता दुनिया को चकित करेगी। उज्जैन में भव्य-दिव्य सिंहस्थ के लिए राज्य सरकार हर स्तर पर तैयारियां कर रही है। आने वाले कुछ दिनों में दीपावाली का पर्व आ रहा है। हम सभी संकल्प लें कि सिर्फ स्वदेशी ही खरीदेंगे। स्वदेशी दिये जलाएं और दूसरों के साथ खुशियां बांटें। सच्चे अर्थों में रामराज्य तभी आता है, जब छोटे से छोटे व्यक्ति को गले लगाएं और उसके घर में भी उजाला हो। राज्य सरकार भगवान राम के बताए मार्ग पर आगे बढ़ते हुए सनातन संस्कृति के सभी पर्व त्यौहार धूमधाम से मना रही है। हमें अपनी विरासत पर गर्व करना चाहिए। भेदभाव मिटाते हुए सबको साथ चलने का मंत्र ही सच्चे अर्थों में सुशासन है। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बागली आगमन पर भव्य स्‍वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रोड शो के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कैलाश जोशी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। रोड शो सांदीपनि विद्यालय पर संपन्न हुआ। इस दौरान रोड शो के प्रारंभ स्थल से सभा स्थल तक जगह-जगह मंच बनाकर विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक संगठनों और नागरिकों ने भव्य स्वागत किया। 34 करोड़ 49 लाख रुपये लागत के सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बागली आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। देवास जिले के बागली में 34 करोड़ 49 लाख रुपये की लागत से निर्मित सांदीपनि उच्चतर माधायमिक विद्यालय भवन का लोकार्पण किया।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन का अवलोकन कर इस नई उपलब्धि के लिए बागलीवासियों को बधाई भी दी। इस दौरान उपमुख्‍यमंत्री एवं देवास जिले के प्रभारी मंत्री  जगदीश देवड़ा, सासंद  ज्ञानेश्‍वर पाटिल, विधायक बागली  मुरली भंवरा, खातेगांव विधायक  आशीष शर्मा, सोनकच्छ विधायक  राजेश सोनकर, हाटपीपल्या विधायक  मनोज चौधरी,  रायसिंह सेंधव सहित अन्‍य जनप्रतिनिधि सहित अधिकारी उपस्थित थे।  

किसानों की दोगुनी आय के साथ पर्यावरण संरक्षण में मिलेगी सहायता : ऊर्जा मंत्री तोमर

पीएम-कुसुम योजना के द्वितीय चरण में 500 मेगावाट क्षमता के निष्पादित पीपीए का हितग्राहियों में वितरण प्रारंभ किसानों की दोगुनी आय के साथ पर्यावरण संरक्षण में मिलेगी सहायता : ऊर्जा मंत्री  तोमर भोपाल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं नवीन व नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने आज एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के भोपाल स्थि‍त क्षेत्रीय कार्यालय में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा एवं उत्थान महाअभियान (पीएम-कुसुम) योजना के घटक ‘ए’ के अंतर्गत योजना के द्वितीय चरण में 500 मेगावाट क्षमता हेतु निष्पादित पॉवर परचेस एग्रीमेंट (पीपीए) को हितग्राहियों में वितरित करने का कार्यक्रम प्रारंभ किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ऊर्जा  नीरज मंडलोई, एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक  अविनाश लवानिया, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  क्ष‍ितिज सिंघल, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक  अमनवीर सिंह बैंस, पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक कॉमर्श‍ियल गैर पारम्परिक  राकेश ठुकराल, अतिरिक्त मुख्य महाप्रबंधक  गुरदीप सिंह खनूजा, महाप्रबंधक रजनीश रेजा सहित अन्य वरिष्ठ अभियंता उपस्थि‍त थे। समयबद्ध व शीघ्र निष्पादन के लिए पीएमसी की सराहना ऊर्जा मंत्री  तोमर ने द्वितीय चरण में 500 मेगावाट क्षमता के पीपीए का समयबद्ध व शीघ्रतापूर्वक निष्पादन करने के लिए पॉवर मैनेजमेंट कंपनी व कॉमर्श‍ियल गैर पारम्परिक कार्यालय की सराहना की। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पीएम-कुसुम योजना से किसानों की आय दोगुनी होगी और वहीं पर्यावरण संरक्षण में सहायता मिलेगी। मंत्री  तोमर ने कहा कि इस योजना की नियमित मॉनीटरिंग की जाए और किसानों की योजना संबंधी कठिनाईयों का निराकरण करने के हर संभव प्रयास किए जाएं। पीएम कुसुम योजना में 1790 मेगावाट क्षमता के होंगे ऊर्जा संयंत्र मध्यप्रदेश में किसानों की आय में वृद्ध‍ि एवं ऊर्जा सुरक्षा के लिये प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा व उत्थान महाअभियान योजना के घटक ‘ए’ में भारत सरकार के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा मध्यप्रदेश में 1790 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिये प्रदान की गई। योजना के प्रथम चरण में 500 मेगावाट के पीपीए निष्पादित प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा एवं उत्थान महाअभियान योजना के घटक ‘ए’ के अंतर्गत योजना के प्रथम चरण में 500 मेगावाट क्षमता के पीपीए निष्पादित कर हितग्राहियों को वितरित किए जा चुके हैं। योजना के द्वितीय चरण के पीपीए वितरण कार्य प्रक्रियाधीन योजना के द्वितीय चरण में 500 मेगावाट क्षमता के पीपीए निष्पादित कर हितग्राहियों को वितरित करने का कार्य किया जा रहा है।  

नल-जल योजनाओं को समय पर पूरा करें, संचालित योजनाओं का सही रखरखाव हो: उपमुख्यमंत्री शुक्ल

नल-जल योजनाओं को समयावधि में पूर्ण करें, क्रियान्वित योजनाओं का विधिवत संचालन एवं संधारण करें: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल रीवा जिले की नल-जल योजनाओं की वृहद समीक्षा की भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में रीवा ज़िले की नल-जल प्रदाय योजनाओं की वृहद समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन नल-जल योजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने तथा क्रियान्वित योजनाओं के विधिवत संचालन एवं संधारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री पी. नरहरि, एमडी मध्यप्रदेश जल निगम श्री के. वी.एस. चौधरी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कदैला समूह जल प्रदाय योजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने टमस एवं बाणसागर समूह जल प्रदाय योजनाओं की धीमी प्रगति पर असंतोष जताते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी और निर्देश दिए कि इनटेक वेल, डब्ल्यूटीपी, एमबीआर तथा जेडएमबीआर से संबंधित सभी कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वच्छ जल का सीधा संबंध स्वास्थ्य से है। सुरक्षित और प्रदूषण रहित जल से जलजनित रोगों, जैसे पेचिश, हैजा और टाइफाइड जैसी बीमारियों की रोकथाम में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों से निर्देश दिए कि जल शुद्धिकरण प्रक्रियाओं और नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि हर ग्रामवासी को स्वास्थ्य लाभ हो और स्वच्छ जल उपलब्ध हो। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि "योजनाएं केवल निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि इनका दीर्घकालीन संचालन एवं रखरखाव ग्राम पंचायतों की भागीदारी से सतत् रूप से चलता रहे, यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भारत सरकार द्वारा 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत पेयजल योजनाओं के लिए प्रावधानित राशि का उपयोग आरईएस के एसओआर दर का प्रावधान न होने के कारण रुका हुआ था। इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर योजनाओं के प्राक्कलन एवं क्रियान्वयन में तेजी लाई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की वित्तीय बाधा न रहे। साथ ही, ग्राम पंचायत की निधि से पंपमैन एवं वाल्वमैन के मानदेय का प्रावधान करने पर भी सहमति बनी। यह व्यवस्था जल प्रदाय योजनाओं के निरंतर संचालन और रखरखाव को स्थायित्व प्रदान करेगी। साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अधिसूचना अनुसार संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत एकल जल प्रदाय योजना एवं समूह जल प्रदाय योजना के संचालन और संधारण की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। अपर मुख्य सचिव श्रीमती रस्तोगी ने कहा कि सीईओ जनपद स्तर पर इस दायित्व को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और आवश्यक समीक्षा तंत्र स्थापित किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के अनुमोदन का कार्य सीईओ जनपद द्वारा प्राथमिकता से किया जाए।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को ओरछा में करेंगे रामराजा लोक परियोजना का शिलान्यास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को ओरछा में करेंगे  रामराजा लोक का भूमिपूजन 332 करोड़ के विकास कार्यों की देंगे सौगात ओरछा  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को निवाड़ी जिले के ओरछा में  रामराजा लोक के द्वितीय चरण के निर्माण की आधारशिला रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 257 करोड़ 95 लाख रुपए की लागत के कार्यों का भूमिपूजन और 74 करोड़ 90 लाख रुपए की लागत के कार्यों का लोकार्पण और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ वितरण भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  रामराजा सरकार के दर्शन करेंगे और जुझार सिंह महल का भ्रमण कर  रामराजा लोक फेस-1 के निर्माणाधीन कार्यों का अवलोकन करेंगे। मुख्य कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा विकास प्रदर्शनी लगाई जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  रामराजा वृद्धाश्रम में भोजन करेंगे। इन कार्यों का होगा लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव  रामराजा लोक के प्रथम चरण में 103 दुकानों एवं प्लाजा निर्माण, राय प्रवीण महल गार्डन का संरक्षण, विकास एवं इल्यूमिनेशन कार्य, स्टेट प्रोटेक्टेड मोन्यूमेंट लक्ष्मी मंदिर ओरछा में बाउंड्री वाल का निर्माण कार्य, लक्ष्मी मंदिर तता राजा महल का इल्यूमिनेशन तथा कटीला दरवाजा से जहांगीर महल तक पाथ-वे, स्ट्रीट लाइट हेरिटेज पोल कार्य और लक्ष्मी मंदिर एवं जहांगीर मंदिर के लेंडस्केपिंग कार्य का लोकार्पण करेंगे। साथ सांदीपनि विद्यालय स्कूल असाटी, शासकीय उ.मा. विद्यालय गोराखास, चचावली पठाराम मार्ग लंबाई 6 किमी. असाटी देवेन्द्रपुरा मार्ग लंबाई 4.20 किमी, लगी बरिया चिकटा से चौमों मार्ग लंबाई 3.40 किमी, सिमरा जेरौन मुख्य मार्ग से बोडेरा कटरयाना पिरयनवारा खिरक होते हुये मिलावन खिरक तक मार्ग लंबाई 3 किमी, देवेन्द्रपुरा से गिदखिनी मार्ग लंबाई 2.10 किमी, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, पुलिस कंट्रोल रूम, 50 सीटर अनुसूचित जाति सीनियर बालक छात्रावास भवन शक्तिभैरो और उप तहसील (टप्पा) तरीचरकलां जिला निवाड़ी का लोकार्पण होगा। इन सभी कार्यों की लागत 74 करोड़ 90 लाख रूपये है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोक निर्माण, पर्यटन, उच्च शिक्षा और पंचायत एवं ग्रामीण विभाग के 257 करोड़ 95 लाख लागत के 5 कार्यों का भूमिपूजन भी करेंगे।  

प्रख्यात पार्श्व गायक किशोर कुमार की जन्मस्थली खंडवा में पुण्य तिथि पर गीतकार प्रसून जोशी किशोर कुमार सम्मान से अलंकृत

किशोर कुमार गीतों को जीते थे और हरफनमौला कलाकार थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रख्यात पार्श्व गायक किशोर कुमार की जन्मस्थली खंडवा में पुण्य तिथि पर गीतकार प्रसून जोशी किशोर कुमार सम्मान से अलंकृत प्रतिवर्ष दो दिन का होगा समारोह, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़कर की घोषणा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रख्यात पार्श्व गायक और अभिनेता  किशोर कुमार असाधारण कलाकार थे। वे गीतों को गाते नहीं थे, बल्कि गीतों को जीते थे। पूरा समय मस्ती में रहते थे। ऐसे हरफनमौला कलाकार थे, जिसका अलग अंदाज था। उनकी स्मृति में मध्यप्रदेश सरकार प्रतिवर्ष दो दिन का समारोह आयोजित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार की रात्रि मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल रूप से प्रख्यात पार्श्व गायक और अभिनेता किशोर कुमार की स्मृति में खण्डवा में हुए दो दिवसीय राष्ट्रीय "किशोर कुमार सम्मामन अलंकरण समारोह" को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर प्रख्यात गीतकार  प्रसून जोशी को किशोर कुमार सम्मान अलंकरण प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मायन से  प्रसून जोशी को अलंकृत किए जाने पर बधाई देते हुए कहा कि  जोशी ने अपनी कलम का जादू दिखाया है। उनके लिखे विज्ञापन के जिंगल्स भी लोकप्रिय हुए हैं। भगवान राम, भगवान कृष्ण और मां पर जोशी जी के गीतों और कविताओं को बहुत पसंद किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खण्डवा किशोर कुमार की जन्म भूमि के साथ ही दादा माखनलाल चतुर्वेदी की कर्मभूमि रही है। यहां दादा धूनी वाले का आशीर्वाद है। इसके साथ ही ओंकारेश्वर धाम भी खण्डवा जिले में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किशार कुमार के व्यक्तित्व और कृतित्व का विस्तार से उल्लेख किया। विशेष रूप से इंदौर के कॉलेज में अध्ययन के दौरान घटित विशेष प्रसंगों को गीतों और अभिनय में शामिल करने, पड़ोसन और चलती का नाम गाड़ी जैसी फिल्मों में गायन और अभिनय के प्रभावशाली अंदाज, फक्कड़ स्वभाव और अपने बड़े भाई अशोक कुमार के साथ प्रगाढ़ संबंध का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी गाया गीत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किशोर कुमार के गाए गीत " जिंदगी एक सफर है सुहाना….." की पंक्तियां गाकर किशोर कुमार को याद किया और उनकी पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि दी। गीतकार प्रसून जोशी ने प्राप्त सम्मान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मध्यप्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।  जोशी ने कहा कि किशोर दा की हंसी हमेशा गूंजती रहेगी। वे बाल सुलभ थे, आज के जीवन में वैसा रहना मुश्किल है। उन्होंने गीतकारों के शब्दों को जीवंत करने का कार्य किया। वे आशा और उम्मीद की आवाज बने।  जोशी ने किशोर दा के गाए गीत "आ चल के तुझे, मैं ले के चलूं, एक ऐसे गगन के तले, जहाँ ग़म भी न हो, आँसू भी न हो,बस प्यार ही प्यार पले, एक ऐसे गगन के तले…." को गाकर सुनाया। कार्यक्रम को जनजातीय कार्य मंत्री  विजय शाह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर खण्डवा क्षेत्र के सांसद  ज्ञानेश्वर पाटिल, गीतकार  प्रसून जोशी की धर्मपत्नी मती अर्पणा जोशी, विधायक  नारायण पटेल, मती कंचन तनवे, सु छाया मोरे, खण्डवा की महापौर मती अमृता यादव और अन्य जन प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन  आशीष दवे ने किया। संस्कृति सचिव  एनपी नामदेव ने  प्रसून जोशी को दिए गए प्रशस्ति पत्र का वाचन किया।