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5 लाख लोगों की शपथ बनी पोषण जनआंदोलन

शाजापुर में ‘घर में पकायेंगे और घर का खायेंगे’ बना पोषण सूत्र भोपाल मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले ने राष्ट्रीय पोषण माह 2025 को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक जनांदोलन में बदल दिया है। “घर में पकायेंगे – घर का खायेंगे” नवाचार के माध्यम से जिले ने पोषण, स्वास्थ्य और पारिवारिक सहभागिता को एक सूत्र में पिरोते हुए राज्य स्तर पर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग को प्रोत्साहित करते हुए, बाजार के अस्वास्थ्यकर खाद्य विकल्पों से दूर रहने का जो संदेश शाजापुर ने दिया है, वह न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए बल्कि सांस्कृतिक जागरूकता के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। पोषण माह पर 17 सितम्बर को स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें दाल बाटी चूरमा, मक्के की रोटी, ज्वार-बाजरे की रोटियां, सोयाबीन से बने उत्पाद, अंकुरित अनाज और गुड़-चना जैसे पौष्टिक विकल्पों को लोगों के सामने प्रस्तुत किया गया। 5 लाख से अधिक लोगों ने ली शपथ जिलेभर में इस अभियान के अंतर्गत वृहद हस्ताक्षर और शपथ अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें अब तक 5 लाख से अधिक नागरिकों ने भाग लेकर “घर का खाना – सबसे अच्छा खाना” का संकल्प लिया है। अभियान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक, परियोजना अधिकारी, स्कूल शिक्षक, पंचायत प्रतिनिधि, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। बाहर के खाने से होने वाले नुकसान पर विशेष फोकस अभियान के दौरान फास्ट फूड और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के दुष्परिणामों पर विशेष रूप से जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अभियान कार्यकर्ताओं द्वारा बताया जा रहा है कि बाहर के खाने से बच्चों में मोटापा, मधुमेह, पोषण की कमी और पाचन संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। “पोषण भी, पढ़ाई भी” का संदेश अभियान को “पोषण भी, पढ़ाई भी” थीम से जोड़ा गया है। बच्चों को पोषण के साथ-साथ शिक्षा का महत्व भी बताया जा रहा है। अभियान का एक लोकप्रिय नारा “दादी/नानी बताएंगी, पापा लाएंगे, मम्मी पकाएंगी, बच्चे खायेंगे” अब हर गांव और मोहल्ले में गूंज रहा है। संपूर्ण परिवार की भागीदारी कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने बताया कि यह केवल पोषण अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक भागीदारी का उदाहरण है। “इस नवाचार ने यह साबित किया है कि यदि सही जागरूकता और समुदाय की भागीदारी हो, तो किसी भी योजना को जन आंदोलन में बदला जा सकता है।” सोशल मीडिया से भी जुड़ा जन-जागरूकता अभियान जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से भी अभियान का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। छोटे वीडियो, स्लोगन, पोस्टर और रील्स के ज़रिए खासकर युवाओं को इससे जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। 

परिवहन विभाग में फेसलेस सेवाओं का विस्तारीकरण

परिवहन मंत्री श्री सिंह मंगलवार को करेंगे लोकार्पण भोपाल  परिवहन विभाग में फेसलेस सेवाओं का विस्तारीकरण का लोकार्पण मंगलवार 30 सितम्बर को दोपहर 03:00 बजे परिवहन स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह करेंगे। लोकार्पण समारोह क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय कोकता, भोपाल में आयोजित किया गया है। फेसलेस सेवाओें का विस्तारीकरण का मकसद पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यावसायिक दक्षता के साथ सेवाओं का विस्तार करना है। कार्यक्रम में हेलमेट एवं राहवीर पुरस्कार वितरण, फेसलेस सेवाओं पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया जायेगा। कार्यक्रम में सचिव परिवहन विभाग एवं आयुक्त परिवहन भी मौजूद रहेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोटेगांव पहुंचकर मंत्री पटेल की माताजी के निधन पर दी श्रद्धांजलि

शोकाकुल परिजन से मिलकर दी सांत्वना भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को नरंसिहपुर जिले के गोटेगांव में पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल के निवास पहुंचे और उनकी पूज्य माताजी श्रीमती यशोदा पटेल के निधन पर गहन शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत श्रीमती यशोदा पटेल के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने दुख की इस कठिन घड़ी में शोकाकुल पटेल परिवार से भेंटकर उन्हें सांत्वना दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दिवंगत माताजी से पूर्व में भेंट हुई थी। किसी के भी जीवन में मां की कोई प्रतिपूर्ति नहीं हो सकती है। मंत्री श्री प्रहलाद एवं परिजनों ने माताजी की हर जरूरत का हमेशा ध्यान रखा। माताजी का आशीर्वाद सदैव हम सबको मिलता रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा को मोक्ष प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार और वे स्वयं व्यक्तिगत रूप से दु:ख की इस घड़ी में पटेल परिवार के साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिवंगत माताजी सादा जीवन, उच्च विचार की प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने धर्मपरायण और सात्विक जीवन जिया। उनके आचार-विचार हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। इस दौरान स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, विधायक श्री महेन्द्र नागेश, वरिष्ठ समाजसेवी श्री मुलायम सिंह पटेल, श्री सरदार सिंह पटेल, पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल, कमिश्नर जबलपुर श्री धनंजय सिंह भदौरिया सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बावड़िया पहुंचकर शोक संवेदना प्रकट की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को हरदा जिले के ग्राम बावड़िया में श्री राजेंद्र सिंह राजपूत के निवास पर पहुँचकर उनके पिता स्व. दयाराम राजपूत के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने और शोक संतप्त परिवार को दुख की इस घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। इस दौरान केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री डी.डी. उइके, म.प्र. के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन विभाग मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री श्री कमल पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गजेन्द्र शाह, पूर्व विधायक टिमरनी श्री संजय शाह सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।

जीएसपी में सेंट्रल जोन की वर्कशॉप में भविष्य की स्किलिंग और शिक्षा-प्रशिक्षण एकीकरण पर हुआ मंथन

भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने अपने वर्चुअल संदेश में कहा कि विभिन्न राज्यों और संस्थानों की सक्रिय भागीदारी हमारे मज़बूत स्किलिंग इकोसिस्टम की झलक है। उन्होंने एनसीवीईटी को बधाई देते हुए कहा कि अवार्डिंग बॉडीज और असेसमेंट एजेंसियों के लिए नए मानक तय किए गए हैं। योग्यताओं को राष्ट्रीय कौशल योग्यताओं के ढाँचे (NSQF) से जोड़ा गया है साथ ही प्रशिक्षकों व अवसरों के प्रशिक्षण की व्यवस्था को सशक्त बनाया गया है। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि ये सुधार न केवल युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ा रहे हैं, बल्कि सॉफ्ट स्किल्स और जीवन कौशल के माध्यम से आधुनिक उद्योगों और तकनीकी क्षेत्रों में नए अवसर भी खोल रहे हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश की पहल, जैसे संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क और राज्य कौशल विकास मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि कौशल विकास एक कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं के सशक्तिकरण का मिशन है, जो विकासित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएगा। नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (एनसीवीईटी), भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा मध्यप्रदेश शासन के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग और संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क, भोपाल के सहयोग से सोमवार को सेंट्रल जोन के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग एवं अवेयरनेस वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वर्कशॉप का उद्देश्य कौशल विकास एवं प्रशिक्षण (VET) इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाना, गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करना और नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के अनुरूप वोकेशनल एजुकेशन के एकीकरण को गति देना है। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने वीडियो संदेश में कहा कि कौशल विकास केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि राष्ट्रीय अनिवार्यता है और भारत के भविष्य को गति देने वाली ताकत है। उन्होंने एनसीवीईटी द्वारा आयोजित जोनल वर्कशॉप की श्रृंखला को सराहते हुए कहा कि ये प्लेटफॉर्म अवार्डिंग बॉडीज, उच्च शिक्षा संस्थानों, राज्य बोर्ड्स और स्किल मिशन्स को साझा अनुभव और दिशा प्रदान करते हैं। राज्यमंत्री श्री चौधरी ने नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क, NEP 2020 में स्किल्स के एकीकरण, पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत नए जॉब रोल्स तथा Skilling for AI Readiness (SOAR) पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत को “भविष्य की स्किल राजधानी” बनाने के लिए हर युवा को वैश्विक प्रतिस्पर्धा योग्य कौशल से लैस करना आवश्यक है। श्री विनीता अग्रवाल, कार्यकारी सदस्य, एनसीवीईटी ने कहा कि एनसीवीईटी राष्ट्रीय रेगुलेटर के रूप में गुणवत्ता मानकों की सुरक्षा और पहचान ढांचे की मजबूती पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा को न केवल रोजगारपरक बल्कि युवाओं के लिए आकर्षक बनाने की आवश्यकता है। श्री नीना पाहुजा, कार्यकारी सदस्य, एनसीवीईटी ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, जीवन कौशल, उद्योग सहयोग और एआई जैसी नई स्किल्स के एकीकरण पर बल दिया। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार प्रमुख सचिव श्री मनीष सिंह ने कहा कि कौशल विकास, कौशल उन्नयन और क्षमता निर्माण ही भारत की विकास यात्रा की वास्तविक आधारशिला है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि युवाओं को उद्योग-संबंधित कौशल से सशक्त करना न केवल देश की कार्यशक्ति को मजबूत बनाता है, बल्कि नवाचार, उत्पादकता और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को भी गति प्रदान करता है। तकनीकी सत्रों में एनसीवीईटी, एमएसडीई और विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रक्रियागत सुधार, सामान्य लागत मानक, और केंद्र-राज्य स्किलिंग पहलों के समन्वय पर विस्तृत विचार साझा किए। पैनल चर्चाओं में शिक्षा और उद्योग के विशेषज्ञों ने वोकेशनल एजुकेशन को उच्च शिक्षा और सामान्य शिक्षा के साथ जोड़ने, नवाचार अपनाने और युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने की दिशा में विचार प्रस्तुत किए। वर्कशॉप में सभी प्रतिभागियों ने इस संकल्प को दोहराया कि सरकार, नियामक संस्थाएं, उद्योग और शिक्षा जगत मिलकर केंद्रीय क्षेत्र में एक भविष्य कार्यबल तैयार करेंगे और भारत को वैश्विक कौशल शक्ति बनाने में सहयोग करेंगे।  

सजग पुलिस ने मंदिर डकैती रचने वालों को पकड़ा, सात साल जेल की सजा

भिंड विशेष न्यायाधीश डकैती क्षेत्र क्रमांक-1 मनोज कुमार तिवारी के न्यायालय ने सोमवार को डकैती की योजना बनाते हुए पकड़े गए पांच आरोपितों को दोषी मानते हुए सात-सात वर्ष का कारावास और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन के अनुसार घटना 23 मई 2019 की है। पुलिसकर्मियों ने छिपकर आरोपियों की बातचीत सुनी रात लगभग 11 बजे थाना रौन के प्रभारी अमर सिंह सिकरवार को मुखबिर से सूचना मिली कि बहादुरपुरा और बघेली के बीच स्थित एक ट्यूबवेल पर 4-5 व्यक्ति छिपे हुए हैं। वे कालिका माता मंदिर पर डकैती डालने की योजना बना रहे हैं। सूचना की पुष्टि करने थाना प्रभारी फोर्स मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों ने छिपकर आरोपितों की बातचीत सुनी। वे आपस में चर्चा कर रहे थे कि मंदिर में रहने वाले पुजारी के पास काफी माल होगा और उसी रात वहां डकैती डालनी है।   घेराबंदी कर पांचों आरोपी गिरफ्तार बातचीत सुनने के बाद थाना प्रभारी ने पुलिस फोर्स के साथ चारों ओर से घेराबंदी कर पांचों आरोपितों को मौके पर ही पकड़ लिया। पुलिस ने सुखपाल सिंह उर्फ सुक्कू से 12 बोर की दुनाली बंदूक, 2 कारतूस, राघवेंद्र सिंह उर्फ कन्हैया से 12 बोर की अधिया, एक कारतूस, अतुल सिंह से 315 बोर का कट्टा, एक कारतूस, शैलेंद्र सिंह से 12 बोर की दुनाली बंदूक, 2 कारतूस, पूरन सिंह से 12 बोर की बंदूक, 2 कारतूस जब्त किए। न्यायालय में 8 गवाह पेश किए पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। साथ ही प्रकरण न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में 8 गवाह पेश किए। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल आठ साक्षियों को न्यायालय में परीक्षित कराया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद आरोपित सुखपाल सिंह उर्फ सुक्कू, राघवेंद्र सिंह उर्फ कन्हैया, अतुल सिंह, तीनों निवासी ग्राम बहादुरपुरा थाना रौन, शैलेंद्र सिंह और पूरन सिंह निवासी तखत की गढ़िया जिला भिंड को सात-सात साल की सजा सुनाते हुए 25-25 जुर्माना किया है।  

वीडियो वायरल: MP में अंतरधार्मिक जोड़े के साथ हुई सार्वजनिक मारपीट, पुलिस ने 6 को किया गिरफ्तार

सिवनी रास्ता रोककर युवक से सरेआम मारपीट करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने छह आरोपितों को गिरफ्तार कर 29 सितंबर सोमवार को न्यायालय में पेश कर दिया है। फरार एक अन्य आरोपित की तलाश की जा रही है। मारपीट की घटना 27 सितंबर की दोपहर की बताई जा रही है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार बुर्का पहनी युवती के साथ बस स्टैंड से पैदल जा रहे युवक को कुछ युवक ने रोक लिया। बाद में युवक से मारपीट की गई। मामले की शिकायत पीड़ित ने 28 सितंबर को कोतवाली थाना में दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने सात आरोपितों पर धारा 126(2),296, 115(2), 351(2), 3(5) बीएनएस का अपराध दर्ज कर छह आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।   युवक से की गई मारपीट कोतवाली थाना प्रभारी किशोर वामनकर ने बताया कि छपारा नांदियाकला निवासी अमन साहू कालेज से टीसी लेकर अपने दोस्त अंकित साहू के साथ बस स्टैंड के पास मेडिकल स्टोर से दवाई लेने पैदल जा रहा था। तभी रास्ते में पड़ोस गांव निवासी बहन की सहेली मिलने पर वह उससे बातचीत करने लगा। इसी बीच छोटी पुलिस लाइन निवासी असीम बैग ने अपनी बाइक से आकर दोनों का रास्ता रोककर पूछा तो किस लड़की के साथ घूम रहा है। इस दौरान गंदी-गंदी गालियां दी गई, जिसका विरोध करने पर असीम बैग और उसके दोस्तों अब्दुल मुजाहिद, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद हस्सान खान, नसीम, साकिब व नोमान ने हाथ-मुक्का से मारपीट की गई। आरोपियों को कोर्ट में किया गया पेश शिकायत पर कार्रवाई करते पुलिस ने छह आरोपितों मुजाहिद पुत्र मुजीब बैग (19) भगतसिंह वार्ड, आदिल पुत्र नूर मोहम्मद (19) हड्डी गोदाम, साकिब पुत्र यूनुस खान (21) पिंजारी मोहल्ला, मोहम्मद नसीम उर्फ अनीस पुत्र शेख रमजान (40) केजीएन कालोनी, मोहम्मद हस्सान पुत्र नूर मोहम्मद (19) भगतसिंह वार्ड, असीम पुत्र अलीम मिर्जा (18) छोटी पुलिस लाइन निवासी को गिरफ्तार कर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर न्यायालय में पेश कर दिया है। एक फरार आरोपित नोमान की तलाश की जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो इस घटना का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने कहा है कि अवैध गतिविधियों व शहर में गुंडागर्दी कर अशांति फैलाने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी। कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी किशोर बामनकर, एसआई दयाराम शरणागत, एएसआई दिनेश रघुवंशी, जसवंत ठाकुर, आरक्षक अमित रघुवंशी, अजेन्द्र पाल, प्रतीक बघेल, सिध्दार्थ दुबे, दिलीप उइके व आरक्षक चालक इरफान शामिल रहे।

भोपाल में मंच से कहा—’गैर‑हिंदुओं से प्रसाद मत खरीदो, मिले तो उन्हें सबक सिखाओ’ : साध्वी प्रज्ञा की टिप्पणी.

भोपाल पूर्व भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर का एक बयान सुर्खियों में है। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के एक कार्यक्रम में मंदिरों के पास प्रसाद बेचने वालों पर नजर रखने को कहा है। कहा कि अगर कोई गैर हिंदू प्रसाद बेचता दिखे तो उसकी जितनी पिटाई कर सकते हो पिटाई करो फिर शासन के हवाले करो। भोपाल की पूर्व भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने रविवार को अपने एक बयान से विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने भोपाल में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के एक कार्यक्रम में हिंदू श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे ग्रुप बनाकर जांच करें कि मंदिरों के आसपास कौन प्रसाद बेच रहा है। अगर प्रसाद बेचने वाला हिंदू नहीं हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई करें। प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि अगर आपको कोई गैर-हिंदू प्रसाद बेचता हुआ मिले तो उसकी जितनी पिटाई कर सकते हो करो और फिर शासन के हवाले कर दो। उन्होंने आगे कहा कि श्रद्धालुओं को गैर-हिंदू विक्रेताओं से प्रसाद खरीदने से मना कर देना चाहिए और उन्हें इसे बेचने या मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। उन्होंने घरों को हथियारबंद करने की बात दोहराते हुए कहा कि हां, मैंने कहा था कि आपको अपने घरों में हथियार रखने चाहिए। मैंने आग्रह किया कि हथियार धारदार रखे जाएं ताकि परिवार अपनी रक्षा कर सकें। उन्होंने कहा कि अगर दुश्मन आपके घर की दहलीज पार करे तो उसे दो टुकड़े कर दो। उन्होंने आगे कहा कि जब हमारी बेटियों और बहनों को उनके घरों से उठाया जाता है, उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े करके सड़क पर बिखेर दिए जाते हैं, तो हमें बहुत पीड़ा होती है। इस पीड़ा को दूर करने के लिए जब दुश्मन आपके घर की दहलीज लांघने की कोशिश करे तो आपको उन्हें बीच से काट देना चाहिए। दुर्गा वाहिनी का काम हर घर में एक दुर्गा तैयार करना है। हर घर में हथियार रखने का आह्वान करना है। हम हर घर में नियम और कानून का पालन करते हैं, क्योंकि यह देश हमारा है। प्रज्ञा ठाकुर ने अपने भाषण में राष्ट्रवादी विषयों का हवाला दिया। उन्होंने उन लोगों की आलोचना की जिन्होंने राष्ट्र की सांस्कृतिक परंपराओं को विफल बताया।

मंत्री कुशवाहा बोले – वृद्धजनों के सशक्त और समावेशी भविष्य की दिशा में कार्य करेगी सरकार

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर होंगे विविध कार्यक्रम भोपाल  सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि इस वर्ष एक अक्टूबर, अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस "समावेशी भविष्य के लिए वृद्धजन की पहचान को सशक्त बनाना" विषय पर केन्द्रित रहेगा। एक अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालायों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएगे। इसका मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों की समाज में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और उन्हें समावेशी भविष्य के निर्माण में सशक्त पहचान दिलाना है। मंत्री  कुशवाहा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के आयोजन से प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता की भावना को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही समाज में उनके अनुभव और मार्गदर्शन की उपयोगिता को भी पुनः रेखांकित किया जाएगा। यह आयोजन प्रदेश की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसमें बुजुर्गों को समाज की धरोहर मानते हुए उन्हें सम्मान और सहयोग प्रदान करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मती सोनाली वायगणकर ने बताया कि कार्यक्रम की थीम “समावेशी भविष्य के लिए वृद्धजन की पहचान को सशक्त बनाना” निर्धारित की गई है। जिला स्तर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, संवाद-सत्र एवं जनजागरूकता गतिविधियां होंगी। इन आयोजनों का मुख्य फोकस यह रहेगा कि वृद्धजन केवल परिवार और समाज के अनुभव का आधार ही नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदारी के माध्यम से समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। जिलास्तर पर शतायु सम्मान विशेष आकर्षण के रूप में प्रत्येक जिले में ‘शतायु सम्मान’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 100 वर्ष या उससे अधिक आयु पूर्ण कर चुके वृद्धजनों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। इस पहल से राज्य सरकार का उद्देश्य बुजुर्गों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश देना है। सभी जिला कलेक्टर और विभाग के जिला अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। कार्यक्रमों का स्वरूप स्थानीय परिस्थितियों और संसाधनों के अनुरूप होंगे और प्रत्येक जिले में अधिक से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।  

देश में रैगिंग के मामले में एमपी तीसरे स्थान पर, UGC रिपोर्ट और हेल्पलाइन आंकड़ों ने बयां किया हाल

भोपाल   एतिहासिक धरोहर और संस्कृति वाला राज्य मध्य प्रदेश लगातार तीन सालों से रैगिंग के मामले में दूसरे स्थान पर बना हुआ है. ना मुंबई ना दिल्ली ना बैंगलोर बल्कि भारत के इस दूसरे सबसे बड़े राज्य मध्य प्रदेश में रैंगिग के मामलों में कोई कमी दर्ज नहीं की गई है. वर्तमान में यहां औसतन हर चौथे दिन रैगिंग की एक शिकायत यूजीसी की एंटी रैगिंग हेल्पलाइन पर दर्ज हुई है. इस मामले में मेडिकल कॉलेज जबलपुर, बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी भोपाल जैसे प्रतिष्ठित संस्थाओं का नाम शामिल है.  रैगिंग के मामलों में इन राज्यों को पीछे किया एमपी अगर आप ये सोच रहे कि पूरे देश में रैगिंग के मामले में कौन सा राज्य नंबर वन है तो इसका जवाब है उत्तर प्रदेश. यूपी की यूनिवर्सिटी रैगिंग के मामले में नंबर वन है वहीं मध्य प्रदेश लगातार दूसरे नंबर पर टिका हुआ है. इस लिस्ट में बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के संस्थानों के भी नाम शामिल है.  रैगिंग के मामले भोपाल, रतलाम समेत प्रदेश के कई तकनीकी कॉलेजों से आ रहे हैं। कई बार विद्यार्थियों के आगे आने पर रैगिंग सामने आती है। कई बार कॉलेजों में ही दबा दिया जाता है, लेकिन यूजीसी हेल्पलाइन के आंकड़ों ने स्थिति बयां कर दी है। रैगिंग के मामलों में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। राष्ट्रीय एंटीरैगिंग हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के मुताबिक सितंबर तक देश से 510 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें 140 शिकायतों के साथ उत्तरप्रदेश पहले नंबर पर है। 84 शिकायतों के साथ बिहार दूसरे और 82 शिकायतों के साथ मध्यप्रदेश तीसरे नंबर पर है। मप्र में 13 शिकायतें अकेले सितंबर में ही आईं हैं। एमपी के किन संस्थानों ने रैगिंग के ज्यादा मामले 1 जनवरी 2025 से अब तक पूरे देश से रैगिंग के 789 शिकायत दर्ज हुई है. इसमें यूपी से 124 मध्य प्रदेश में 81, बिहार में 79, पश्चिम बंगाल में 66 और महाराष्ट्र में 49. वहीं मध्य प्रदेश के इन टॉप 5 संस्थाओं से रैगिंग केस ज्यादा सामने आए हैं. इनमें मेडिकल कॉलेज जबलपुर में 23, आरजीपीवी भोपाल में 14, बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी भोपाल4, खुशीलाल आयुर्वेद कॉलेज 3 और NLIU से 2 केस शामिल है.  एमपी के संस्थानों में रैगिंग पर लगाम कब कॉलेज रैगिंग के अंतर्गत जारी हुए आंकड़े साफ तौर पर यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की लापरवाही को उजागर करते हैं. यूनिवर्सिटी प्रबंधक की ओर से हर बार इस दिशा में कार्य करने की बात कही जाती है लेकिन साल दर साल बढ़ते आंकड़े प्रबंधकों के दावों की पोल खोलती नजर आ रही है. एक दशक पहले के सर्वे को गौर से देखा जाए तो 10 साल पहले भी एमपी रैगिंग के मामले में टॉप 5 राज्यों में शमिल था. अब सवाल ये है कि आखिर कब तक कॉलेज स्टूडेंट रैगिंग का शिकार होते रहेंगे..आखिर कब तक वे ये प्रताड़ना झेलते रहेंगे और कब तक कॉलेज प्रबंधक अपने दावों पर अमल करेंगे.  सितंबर में मप्र में दर्ज प्रमुख घटनाएं – 1 सितंबर: खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज, भोपाल में जूनियर से दूसरी बार मारपीट। – 3 सितंबर: एम्स भोपाल में जूनियर छात्र से दुर्व्यवहार। – 3 सितंबर: जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में झगड़ा। – 4 सितंबर: जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग में विवाद। – 5 सितंबर: राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विवि में सीनियर छात्राओं ने किया दुर्व्यवहार। – 8 सितंबर: जीवाजी विवि ग्वालियर में जूनियर से रैगिंग। – 8 सितंबर: पीपुल्स मेडिकल यूनिवर्सिटी भोपाल में जूनियर से दुर्व्यवहार किय गया। – 9 सितंबर: एनएलआइयू भोपाल में जूनियर को मेंडोरा ले जाकर पीटा। – 9 सितंबर: श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जबलपुर में जूनियर से विवाद। – 10 सितंबर: आरजीपीवी भोपाल, छात्रों से दुर्व्यवहार। – 11 सितंबर: केंद्रीय विवि सागर में छात्रों से मारपीट। – 15-16 सितंबर: आरजीपीवी में दो बार नकाबपोश सीनियरों ने जूनियर से मारपीट की। कागजों में ही सख्ती राज्य सरकार और विवि प्रशासन ने एंटी-रैगिंग कमेटी व हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाएं बना रखी हैं। इसके बाद भी शिकायतों से साफ है कि जमीन पर सब ठीक नहीं। विशेषज्ञों का कहना है, कॉलेजों में कागज पर सब पुता है, लेकिन हकीकत में जूनियर-सीनियर की निगरानी की व्यवस्था लचर है।