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स्व का जागरण: मातृशक्ति ने दिया आत्मविश्वास और सफलता

ग्वालियर  ग्वालियर में मातृशक्ति में स्व का भाव जगाने के लिए संकल्प से सिद्धी का मूल ध्येय सिद्ध किया है महिलाओं के समूह स्वयं सिद्धा ने। यह संस्था महिलाओं में सांस्कृतिक संवर्द्धन और आंतरिक गुणों की पहचान कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा हैं। कोरोना काल में आपदा में अवसर तलाशने के लिए यह संस्था अस्तिव में आई। वर्तमान में संस्था से जुड़कर 350 महिलाएं समाज के नवसृजन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहीं हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह संस्था महिलाओं को स्वयं के उत्पाद निर्मित करने में मदद करने के साथ ही उन्हें बाजार भी उपलब्ध कराती है। इसके बदले में संस्था महिला सदस्यों से कोई कमीशन नही लेती है। इसलिए उत्पादन से लेकर मुनाफे तक सदस्यों का पूर्ण अधिकार होता है। आज समूह की सदस्य आस्ट्रेलिया, जापान, दुबई, इटली,जर्मनी व अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों के बीच अपने उत्पाद पहुंचा रही हैं। इन महिलाओं द्वारा निर्मित महाराष्ट्रीयन, गुजराती, पंजाबी व्यंजनों के साथ-साथ हस्तशिल्प उत्पाद इन देशों में काफी पसंद किए जा रहे हैं। स्वयं सिद्धा संस्था की सूत्रधार महिमा तारे ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में समाज घोर निराशा और हताशा का वातावरण निर्मित था। उस समय नया काम करने की कल्पना करना भी असंभव प्रतीत हो रहा था, क्योंकि बाजार बंद था, नौकरियों पर घनघोर काले बादल छाए हुए थे। कई परिवारों में दो वक्त की रोटी की व्यवस्था करना चुनौती पूर्ण था। जीवन का सरकार पर आश्रित होकर चलना मुश्किल था। ऐसे माहौल में महिलाओं को घर की दहलीज लांघकर स्वयं को सिद्ध करने का संकल्प भी डरावना सा लग रहा था। साहस और हिम्मत के साथ पहला पग किसी तरह से आगे बढ़ाया। श्रीमती तारे कहती हैं कि संस्था का उद्देश्य केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना ही नही हैं, उनका व्यक्तित्व विकास और उनके सपनों को साकार करना मूलध्येय है। आंवले के उत्पादों से की शुरुआत संस्था की महिला सदस्यों को ग्वालियर के राजामाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में आंवले की प्रोसेसिंग कर इसके उत्पाद बनाने का अवसर मिला। सदस्यों को यहां आंवले की धुलाई, छंटाई, कटाई, और फिर विभिन्न तरीकों से गूदा, रस या पाउडर तैयार करने का प्रशिक्षण मिला। इससे उन्होंने आंवला कैंडी, अचार, च्यवनप्राश, जूस, या कास्मेटिक उत्पाद बनाना सीखा इसके साथ सभी सदस्यों को उत्पादों के मानकीकरण और पाश्चुरीकरण का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशासन से मिला आर्डर रद हो गया महिमा तारे बताती हैं कि दीपावली से पहले का समय था। पहला आर्डर जिला प्रशासन से स्वल्पहार का मिला। हम लोग उत्साहित थे। प्रत्येक महिला ने 10-10 किलो की मात्रा में व्यंजन तैयार किये। अचानक कोरोना गाइड लाइन के कारण प्रशासन ने आर्डर यह कहकर रद कर दिया कि केवल पैकेज्ड फूड लेने की अनुमति हैं। सभी महिलाएं निराश होकर सारा सामान मेरे घर पर रख गईं। बैजाताल पर स्टाल लगाकर इन व्यंजनों को बेचने का प्रयास किया, पूरे दिन बैठने के बाद कोई सामान नही बिका। निराशा के बीच आशा की किरण दीपावली के रूप में सामने आई और यह सामान हाथों-हाथों बिक गया। महिलाओं को मना करना पड़ा कि दीदी अब कोई आर्डर मत लेना। ऋतुओं के अनुसार तैयार करती है उत्पाद संस्था से जुड़ी महिलाओं के पास पूरे माह कार्य रहता है, क्योंकि महिला सदस्य ऋतुओं के अनुसार उत्पाद तैयार करती हैं, जिससे उनका माल हाथों-हाथों बिक जाता है। महिलाएं अचार, पापड़ नियमित तौर करती हैं। त्योहारों, होली, दीपावली, रक्षाबंधन, नवरात्र पर परंपरागत पकवान बाखरबड़ी, खमण-ढोकला, गुजिया, मठरी, नमकीन, पूरनपोली, गुड की रोटी बनाती हैं। व्यजनों का निर्माण सभी बहनें एक ही रसोई में एक दूसरे का हाथ बांटते हुए करती हैं।  

जबलपुर-रायपुर कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा, 150 किमी फोरलेन सड़क का निर्माण जल्द

जबलपुर जबलपुर से रायपुर की सड़क की दशा जल्द बदलेगी। इस सड़क के कुछ हिस्से पर वाहन चालक चलने से घबराते हैं। इस सड़क को अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण फोरलेन बनाने जा रहा है। सड़क की न सिर्फ चौड़ाई बढ़ेगी बल्कि नए तरह से निर्माण किया जाएगा। जबलपुर से चिल्पी तक करीब 150 किलोमीटर के हिस्से का निर्माण एनएचएआइ करेगा। इस मार्ग के निर्माण में 4500 करोड़ का व्यय होगा। फिलहाल सडक निर्माण के लिए कंसल्टेंसी नियुक्त करने का प्रयास हो रहा है ताकि इसकी डिटेल प्रोजेक्ट बनाकर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जा सके। सब कुछ ठीक रहा तो यह सड़क जो अभी एमपी रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) के पास है, इसे वापस एनएचएआइ सड़क का हस्तातंरण करेगा। वन्य जीवों के लिए सुरक्षित मार्ग जबलपुर से चिल्पी के बीच मंडला क्षेत्र में आने वाला कान्हा नेशनल पार्क का कोर एरिया आता है। जहां वन्यजीवों की घनी आबादी विचरण करती है। ऐसे में एनएचएआई मार्ग में जगह-जगह अंडरपास और ओवर ब्रिज का निर्माण करेंगा ताकि वाहन निकलने से वन्य जीवों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो। कई जगह साउंड प्रूफ उपकरण भी लगाए जाएंगे जिससे बंदरों और अन्य जीवों को वाहनों की आवाजाही खलल न पैदा करें। बता दें करीब 25 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर की लागत आ रही है। फोरलेन बनने से बढ़ेगी रफ्तार फिलहाल राष्ट्रीय राजमार्ग 30 जबलपुर से रायपुर के बीच दो लेन है। इस वजह से वाहनों की आवाजाही में थोड़ी परेशानी होती है। मौसम खराब होने पर वाहनों की लंबी कतार सड़क पर लग जाती है। आवागमन भी बाधित होता है। यहां कुछ जगह लैंड स्लाइडिंग की भी समस्या बनी हुई है इसके लिए लगातार एमपीआरडीसी को शिकायत होती है लेकिन वहां से कोई भी राहत नहीं मिल पा रही है। एमपीआरडीसी द्वारा इस सड़क का निर्माण गुणवत्ताहीन तरीके से कराया जा रहा था। वर्षों से यह सड़क बेहद खराब स्थिति में है जिससे आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब इस सड़क को सरकार फोरलेन में तब्दील होगी तो बड़े स्तर पर राहत मिलने की संभावना है। इस सड़क के लिए गडकरी ने मांगी थी माफी जबलपुर मंडला की यह वही सड़क है जिसके लिए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को सड़क की खराब गुणवत्ता के लिए सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी थी। गडकरी 2022 में मध्य प्रदेश दौरे पर आए थे। तब उन्होंने मध्य प्रदेश को छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे की इस बदहाल सड़क को देखा। उन्होंने शर्मिंदगी महसूस की। सड़क की स्थिति को देखते हुए मंच से ही माफी मांगी थी। इस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव भी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने ये बयान सात नवंबर 2022 को मध्य प्रदेश के मंडला में दिया था। गडकरी ने जबलपुर से मंडला के बीच नेशनल हाईवे के टेंडर रद्द कर सड़क के इस हिस्से को फिर से बनवाने के निर्देश दिए थे। बाद में इस मार्ग को सुधारने के लिए 53 करोड़ रुपये की लागत से सुधार का काम हुआ था। 2015 में शुरू हुआ था निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 251 करोड़ की लागत से जबलपुर से मंडला के बीच इस राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन को निर्माण एजेंसी बनाया था। तीन फेस में बनने वाली इस सड़क का काम साल 2015 में शुरू हुआ था, जिसे दिसंबर 2016 तक पूरा हो जाना था। लेकिन, अब तक हाईवे का निर्माण अधूरा है और जहां हाईवे बना वो घटिया निर्माण से टूट-फूट का शिकार है।  

रेलवे लाया स्पेशल टूर पैकेज: 9 दिन में सात ज्योतिर्लिंग, बजट में पूरी यात्रा!

ग्वालियर त्योहार के सीजन के साथ ही सर्दी के मौसम में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC Tour Package) द्वारा अगले तीन माह विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इसमें सितंबर से लेकर दिसंबर माह तक विभिन्न स्थानों से ट्रेनें संचालित की जाएंगी, जिनमें आगरा, ग्वालियर व झांसी से भी टिकट बुकिंग का विकल्प रहेगा। फिलहाल आइआरसीटीसी ने आगरा, ग्वालियर, झांसी स्टेशन से बैठने की सुविधा वाली दो ट्रेनों की घोषणा कर दी है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार अभी और भी ट्रेनें तीर्थ स्थलों के लिए संचालित की जाएंगी जिसमें लोग बुकिंग करा सकते हैं। अगली धार्मिक ट्रेन का संचालन पांच नवंबर को आइआरसीटीसी द्वारा अगली धार्मिक ट्रेन का संचालन पांच नवंबर को किया जाएगा। ये गंगासागर-पुरी यात्रा स्पेशल ट्रेन होगी, जो दिल्ली सफदरजंग से शुरू होकर संचालित की जाएगी। इस ट्रेन में दिल्ली के अलावा मथुरा, आगरा, ग्वालियर, झांसी, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या स्टेशन से चढ़ने के विकल्प रहेंगे। इस ट्रेन पैकेज में गया में महाबोधि मंदिर एवं विष्णुपद मंदिर, पुरी में जगन्नाथ मंदिर और कोणार्क सूर्य मंदिर, कोलकाता में गंगासागर और कालीघाट काली मंदिर, जसीडीह में बैद्यनाथ धाम, वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर और अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन शामिल रहेंगे। ये नौ रात और 10 दिन की यात्रा रहेगी, जिसमें स्लीपर श्रेणी की 640, थर्ड एसी की 70 और सेकंड एसी की 50 बर्थ मौजूद रहेंगी।   ये टूर भी नौ रात और 10 दिन का इसी प्रकार आगामी 18 नवंबर को सात ज्योतिर्लिंग की यात्रा शुरू होगी। ये ट्रेन योग नगरी ऋषिकेश से चलेगी और इसमें ऋषिकेश, हरिद्वार, मुरादाबाद, बरेली, हरदोई, लखनऊ, कानपुर, उरई, झांसी और ललितपुर स्टेशन से चढ़ने की व्यवस्था रहेगी। ग्वालियर के श्रद्धालु झांसी स्टेशन से ट्रेन में सवार हो सकेंगे। ये ट्रेन ओंकारेश्वर, महाकाल, सोमनाथ, नागेश्वर के साथ ही द्वारिका व भेंट द्वारिका, त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर, गिरनेश्वर के दर्शन कराएगी। 13 सितंबर को भी रवाना हुई थी ट्रेन, दिसंबर में और संभावनाएं- इसी माह गंगासागर-पुरी यात्रा के लिए भी 13 तारीख को ट्रेन रवाना हुई थी, जिसमें आगरा, ग्वालियर, झांसी, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या से बैठने की सुविधा थी। ये टूर भी नौ रात और 10 दिन का था। सर्दी के मौसम में बढ़ता है धार्मिक पर्यटन आइआरसीटीसी के अधिकारियों का कहना है कि सर्दी के मौसम में धार्मिक पर्यटन बढ़ता है। इसके अलावा लोग भी घूमने-फिरने में रुचि लेते हैं, क्योंकि इस मौसम में घूमने में लोगों को ज्यादा समस्या नहीं होती है। इसको देखते हुए दिसंबर माह में भी दो ट्रेनों के संचालन की संभावना है। आइआरसीटीसी की ओर से सितंबर माह में एक ट्रेन संचालित की गई थी। अक्टूबर माह में त्योहार होने के कारण फिलहाल ट्रेन नहीं है। नवंबर माह में दो ट्रेनें रवाना होंगी। दिसंबर में भी धार्मिक स्थलों के लिए ट्रेन संचालित होने की संभावना है। – अजीत सिन्हा, मुख्य क्षेत्रीय अधिकारी, आइआरसीटीसी

कुत्ता-बिल्ली के झगड़े ने पति-पत्नी के रिश्ते में पैदा की दरार, जानें पूरा मामला

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक हैरान कर देने वाला तलाक का मामला सामने आया है। यहां एक दंपति तलाक लेने की वजह सिर्फ यह बताई है कि दोनों को एक-दूसरे के पालतू जानवर पसंद नहीं हैं। आपको बता दें कि दंपति की शादी सिर्फ 8 महीने पहले 2024 में हुई थी। पति यूपी का रहने वाला है और पत्नी भोपाल की। दोनों की मुलाकात पालतू जानवरों के हित में आयोजित आंदोलन के दौरान हुई थी। शादी के समय दोनों ने यह तय किया था कि वे एक-दूसरे के पालतू की देखभाल में मदद करेंगे। पालतू जानवरों के कारण तलाक की अर्जी शादी के बाद विवाद तब शुरू हुआ जब पत्नी अपनी बिल्ली को साथ लाईं, जबकि पति के पास पहले से ही दो कुत्ते, मछली और खरगोश थे। महिला ने आरोप लगाते हुए कहा है कि पति के कुत्ते उसकी बिल्ली को डराते हैं और बार-बार भौंकते हैं, तो वहीं इन आरोपों पर पति का कहना है कि महिला की बिल्ली लगातार म्याऊं करती है और उसकी मछलियों को नुकसान पहुंचाती है। इन्हीं विवादों के कारण दोनों ने अलग रहने का निर्णय लिया और तलाक के लिए फैमिली कोर्ट का रुख किया। दोनों को समझाने का प्रयास जारी बता दें कि कोर्ट में काउंसलर शैल अवस्थी दोनों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे मतभेद भुलाकर रिश्ते को बचाएं. पहली काउंसलिंग में पति ने जिद की कि बिल्ली की वजह से वह अपने जानवरों के साथ अलग रहना चाहता है। पत्नी ने कहा कि वह अपनी बिल्ली को उदास नहीं देख सकती। अगली काउंसलिंग दशहरा के बाद होगी, जिसमें फिर से दोनों को समझाने की कोशिश होगी।  

कारीगरों की मेहनत से सारंगपुर बन रहा है स्वदेशी शक्ति केंद्र : मंत्री टेटवाल

हथकरघा और शिल्पकला से प्रदेश को मिलेगी वैश्विक पहचान भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री( स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए लोकल फ़ॉर वोकल के संदेश ने न केवल देश में स्वदेशी वस्तुओं की खपत को बढ़ाया है, बल्कि उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का मार्ग भी प्रशस्त किया है। इसी दिशा में राजगढ़ जिले के सारंगपुर जैसे कस्बे अपने हुनर और कारीगरी के माध्यम से लगातार प्रगति कर रहे हैं और प्रदेश को समर्थ बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। मंत्री श्री टेटवाल ने सारंगपुर विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया और वार्डों में कुटीर उद्योग से जुड़े कारीगरों, बुनकरों और व्यापारियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सारंगपुर की शिल्पकला और हस्तनिर्मित वस्तुएं आने वाले समय में इस क्षेत्र को वैश्विक पहचान दिलाने में बड़ी भूमिका निभाएंगी। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि सारंगपुर हथकरघा और बुनकरों के कार्यों में निरंतर आगे बढ़ रहा है। यहां तैयार की जा रही सिल्क की साड़ियां पहले से ही कई स्थानों पर प्रसिद्ध हैं। इसी प्रकार ताड़ से बनाई जा रही चटाइयां और अन्य उपयोगी वस्तुएं की भी लोगों के बीच बड़ी मांग हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सारंगपुर के कारीगरों की मेहनत से यहां की पारंपरिक कला और उत्पाद न केवल देश के बाजारों में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी विशेष पहचान बनाएंगे। वोकल फॉर लोकल को जनआंदोलन बनाने की अपील मंत्री श्री टेटवाल ने कारीगरों और व्यापारियों से अपील की कि वे स्वदेशी उत्पादों के निर्माण और उपयोग को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि यदि हम सभी लोकल उत्पादों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करेंगे तो इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि प्रदेश और देश की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का जो अभियान चलाया जा रहा है, वह तभी सफल होगा जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझकर इसमें भागीदार बनेगा। सारंगपुर के कारीगरों का हुनर और समर्पण इस दिशा में एक प्रेरक उदाहरण है, जो यह दर्शाता है कि कैसे एक छोटा सा कस्बा भी लोकल से ग्लोबल पहचान बना सकता है।  

प्रदेश में बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा में 17 लाख से अधिक परीक्षार्थी हुए शामिल

साक्षरता के लिये चल रहा है उल्लास नवभारत कार्यक्रम भोपाल  प्रदेश में 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के असाक्षर व्यक्तियों के लिए बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा शनिवार को आयोजित की गई। इस परीक्षा में लगभग 17 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत कराई गई, जिसका उद्देश्य वयस्कों को पढ़ना-लिखना और अंकगणित का बुनियादी ज्ञान उपलब्ध कराना है। परीक्षा के लिए जिलों और ब्लॉक स्तर पर विशेष केंद्र बनाए गए थे। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में प्रौढ़ शिक्षा के लिए वर्ष-2022 से उल्लास- नवभारत साक्षरता कार्यक्रम चल रहा है। यह कार्यक्रम वर्ष-2022 से वर्ष-2027 तक के लिये तैयार किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित राज्य साक्षरता मिशन के अनुसार इस मूल्यांकन परीक्षा से यह आकलन किया जाएगा कि कितने शिक्षार्थी बुनियादी साक्षरता प्राप्त कर चुके हैं। परीक्षा में मुख्य रूप से पढ़ने, लिखने और संख्यात्मक ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे गए। इस पहल से लाखों लोग साक्षर बनकर न केवल अपने व्यक्तिगत जीवन में आत्मनिर्भर होंगे, बल्कि समाज और राज्य के विकास में भी सक्रिय योगदान देंगे। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहां वयस्क साक्षरता कार्यक्रम को व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है। पठन पाठन सामग्री प्रदेश के परिदृश्य को ध्यान में रखकर राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा "अक्षर पोथी" नाम से प्रवेशिका बनाई गई है। यह प्रवेशिका सीखने की परिष्कृत गति एवं विषय वस्तु पर आधारित है। इस प्रवेशिका में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता के साथ महत्वपूर्ण जीवन कौशल जैसे, वित्तीय, कानूनी, डिजिटल साक्षरता, आपदा प्रबंधन, वाणिज्यिक कौशल, मतदाता पंजीकरण, आधार जैसे विभिन्न फार्म को भरने के तरीके पर जागरूकता एवं कौशल शामिल है। अक्षर पोथी प्रवेशिका को एजूकेशन पोर्टल पर अपलोड करने के साथ साक्षरता कार्यक्रम के सभी व्हाट्सअप ग्रुप और यू-ट्यूब चेनल के माध्यम से भेजा गया है।  

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दतिया शक्तिपीठ में की माँ पीताम्बरा की पूजा अर्चना

प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल रविवार को दतिया प्रवास पर थे। उन्होंने प्रसिद्ध शक्तिपीठ पहुंचकर माँ पीताम्बरा के दर्शन किए। विधि विधान से पूजा अर्चना की। उन्होंने वनखण्डेश्वर बाबा का जलाभिषेक भी किया। राज्यपाल श्री पटेल ने माँ पीताम्बरा से प्रदेश और देश की सुख समृद्धि एवं कल्याण की प्रार्थना की। इस अवसर पर पूर्व मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्र, जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।  

परिवहन विभाग अवैध संचालित वाहनों के विरूद्ध 22 सितंबर से चलायेगा विशेष अभियान

दो सप्ताह तक चलेगा विशेष अभियान भोपाल प्रदेश में सड़क सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ बनाने और मोटरयान अधिनियम का पालन सुनिश्चित करने के लिये परिवहन विभाग 22 सितंबर से 2 सप्ताह तक वाहनों की चेकिंग के लिये एक विशेष अभियान चलाएगा। अभियान में प्रदेश में एक साथ समस्त जिलों में वाहन चेकिंग की कार्रवाई की जायेगी। इसमें मुख्य रूप से अग्निश्मन सिस्टम न लगे होने, वाहन में फस्टटेड किट उपलब्ध न होने, रेट्रो रिफलेक्टिव नहीं लगे होने पर संबंधित वाहनों के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी। इसी साथ ही यात्री बसों द्वारा ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट लेकर स्टेज कैरिज के रूप में संचालन करने की प्राप्त हो रही शिकायतों के संबंध में जांच की जायेगी। दोषी यात्री बसों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। अभियान के दौरान मध्यप्रदेश मोटरयान कर जमा न करने वाले वाहनों के विरूद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई होगी। सड़क सुरक्षा की दृष्टि से मोटरयान अधिनियम एवं नियमों के अन्य प्रावधानों जैसे ओव्हर लोडिंग, ओव्हर स्पीडिंग, निर्धारित पात्रता से अधिक यात्री ढ़ोने आदि अपराधों के संबंध में भी अभियान में सख्त कार्रवाई की जायेगी। परिवहन आयुक्त ने विशेष अभियान के दौरान स्कूल बसों की चेकिंग पर भी विशेष ध्यान दिये जाने तथा नियम विरूद्ध संचालन करने वाले वाहन चालकों के लायसेंस निलंबन की नियमानुसार कार्रवाई करने के लिये कहा है। अभियान के दौरान वाहन पोर्टल पर वाहन स्वामियों के मोबाइल नम्बर अपडेट करने तथा पोर्टल पर वाहनों के डुप्लीकेट डेटा हटाये जाने की भी कार्यवाही किये जाने के आदेश दिये गये हैं। अभियान के लिये जिलों में पदस्थ आरटीओ को परिवहन निरीक्षक/परिवहन उप निरीक्षक तथा अन्य प्रवर्तन अमला उपलब्ध कराया जा रहा है। यह अमला प्रतिदिन की गई कार्रवाई की जानकारी निर्धारित प्रारूप में परिवहन आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध करायेंगे। प्रस्तावित अभियान के संबंध में परिवहन आयुक्त द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के समस्त आरटीओ और अमले के साथ बैठक लेकर समस्त अधिकारियों को उक्त अभियान में की जाने वाली कार्यवाही के बारे में निर्देश दिये गये है। आयुक्त द्वारा परिवहन विभाग के अमले को निर्देशित किया गया है कि अभियान के दौरान यात्रीगण को असुविधा न हो इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाये। 

मंत्री सारंग ने विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित

भोपाल  खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि वॉटर स्पोर्ट्स के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। इसका प्रमाण श्रीनगर में देश के पहले खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल में हमारे खिलाड़ियों द्वारा प्राप्त प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने अनेक पदक जीतकर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। मंत्री श्री सारंग रविवार को अपर लेक खानूगांव में राजा भोज मल्टी क्लास सेलिंग चैंपियनशिप-2025 के समापन समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मंत्री श्री सारंग ने विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेल अकादमियों से उत्कृष्ट खिलाड़ियों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि खेलों से जुड़ने वाले युवा केवल अच्छे खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक भी बनते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण बना है, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिये लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 18 खेलों के लिए 11 खेल अकादमियां संचालित की जा रही हैं, जहाँ खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन राजा भोज मल्टी क्लास सेलिंग चैंपियनशिप 2025 में मध्यप्रदेश वॉटर स्पोर्ट्स सेलिंग अकादमी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 08 स्वर्ण, 05 रजत और 03 कांस्य सहित कुल 16 पदक अपने नाम किए। कुल 12 केटेगरी में भाग लेते हुए मध्यप्रदेश ने 8 में स्वर्ण पदक प्राप्त किए और सबसे अधिक पदक जीतकर प्रथम स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता के 4 स्वर्ण पदक देश के अन्य क्लबों, एसोसिएशनों और राज्यों के खिलाड़ियों ने प्राप्त किए। इस प्रकार एमपी वॉटर स्पोर्ट्स सेलिंग अकादमी ने इस प्रतियोगिता में क्लीन स्वीप करते हुए सर्वाधिक पदक अर्जित किए और अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की। प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने विभिन्न वर्गों में शानदार प्रदर्शन किया। स्वर्ण पदक जीतने वालों में माही वर्मा ने ILCA 4 गर्ल्स, राजवीर यादव ने ILCA 4 बॉयज, शगुन झा और अपर्णा चौधरी ने 29er गर्ल्स, एकलव्य बाथम और वंशिका सिकरवार ने 420 क्लास, जागराव कुमार ने Optimist बॉयज, आर्यन पाटीदार ने iQFOiL बॉयज, प्रार्थना भोई ने iQFOiL गर्ल्स और तेजस्वी प्रजापति ने Techno293 गर्ल्स U-17 वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। रजत पदक विजेताओं में अंकित सिसोदिया (ILCA 4 बॉयज), तुलसी पटेल (ILCA 4 गर्ल्स), रुद्रेश पटेल और मयंक राजपूत (29er बॉयज), सोहम राजपूत (Techno293 बॉयज U-17) और जागराव कुमार (Optimist ओवरऑल) शामिल रहे। कांस्य पदक विजेताओं में वासु चंद्रवंशी ने ILCA 4 बॉयज, आस्था पांडेय ने ILCA 4 गर्ल्स और समृद्धि बाथम व पार्थ चौहान ने 420 क्लास में पदक हासिल किया।  

बिजली के तार चोरी करने वाली शातिर गैंग के विरूध्द रिपोर्ट के 24 घण्टे में ही थाना सिविल लाईन हरदा व्दारा की गई प्रभावी

चोरी गए बिजली तारों सहित एक चार पहिया वाहन और दो मोटर सायकलें भी की गई जप्त। हरदा बिजली के पोल से बड़ी मात्रा में तार चुराने वाली गैंग चढ़ी सिविल लाईन हरदा पुलिस के हत्थे। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन मे सिविल लाईन पुलिस को तार चोरी गैंग के विरूध्द कार्यवाही में मिली सफलता। पूर्व में इलेक्ट्रिक ठेकेदार के पास पेटी कांट्रेक्टर के रुप में काम कर चुका है अपराध का सरगना धीरेन्द्र उर्फ धीरु नागले।  आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपए का चोरी गया बिजली का तार और घटना में प्रयुक्त एक चारपहिया लोडिंग वाहन और दो मोटर सायकलें भी जप्त करने में मिली सफलता। गैंग के सदस्य 25 फिट ऊंचे बिजली पोल पर इलेक्ट्रिक तार लगाने के कारोबार में है अभ्यस्त। इसी विधा का उपयोग कर तार चोरी की घटना को दिया अंजाम।  अपराध पंजीबध्द होते ही तलाश पतारसी में लगी थी, थाना सिविल लाईन पुलिस की टीमें। घटना स्थल के पहुंच मार्ग के आस-पास के कई सीसीटीवी कैमरों को खंगालते, आरोपियों तक पहुंची पुलिस की टीमें।दिनांक 18 सितम्बर 2025 को मध्य प्रदेश विद्युत मण्डल कम्पनी दक्षिण ग्रामीण जिला हरदा के सहायक प्रबंधक अरूण कुमार चंदेले व्दारा रिपोर्ट की गई कि दिनांक 11 सितम्बर 2025 से 18 सितम्बर 2025 के मध्य अज्ञात चोर व्दारा कुल 26 खम्बे 1.77 किमी 11 केवी लाईन के तार 63 केवी के खामापडवा केलनपुर के बीच मार्ग स्थित प्रेमदास भायरे के खेत के पास से नाले तक चोरी कर लिये गये हैं। सूचना पर थाना सिविल लाईन हरदा पर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 319/2025 धारा 303 (2) बीएनएस का पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिया गया।  पुलिस अधीक्षक हरदा श्री शशांक व्दारा बिजली तार चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश प्रदान किये गये। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरदा श्री अमित कुमार मिश्रा, एसडीओपी हरदा श्रीमती शालीनी परस्ते के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक रामसुमेर तिवारी व्दारा वरिष्ठ अधीकारीगणों के आदेश के पालन में थाना क्षेत्र में बिजली तार चोरी की घटनाओं में संलिप्त आरोपियों की धरपकड़ हेतु टीमें गठित की गई। थाना सिविल लाईन पुलिस टीम व्दारा घटना स्थल के आसपास के पहुंच मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरे फुटेज संकलित कर सर्चिग की गई साथ ही इस मार्ग पर गुजरने वाले वाहनों के संबंध में साक्ष्य संकलित किए गए। इसी आधार पर घटना की दरमियानी रात्रि एक लोडिंग वाहन टाटा छोटा हाथी केलनपुर से सुखरास होते हुए हरदा आने के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई।इसी क्रम में अनुसंधान पतारसी करते लोडिंग वाहन का नंबर एमपी-47/ल-0725 का ज्ञात होने पर वाहन संचालक ड्रीमलैंड कालोनी निवासी आदिल रजा खान पिता ईसराईल खान ज्ञात हुआ. इसकी धरपकड़ कर मिलने पर मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ पर अपने साथी धीरेन्द्र उर्फ धीरु नागले, अजीम खान, समीर खान के साथ मिलकर तार चोरी करना स्वीकार किया गया।  इसी क्रम में पूर्व में विद्युत पोल लगाने वाली अधिकृत कंपनी में प्रायवेट ठेकेदारी पेटी कांट्रेक्टर करने वाले धीरेन्द्र उर्फ धीरु नागले की धरकपकड़ की गई, जिसे 25 फिट तक ऊंचे विद्युत पोल पर चढ़कर कार्य करने का अभ्यस्त होकर घटना का मास्टर माइंड गैंग का सरगना होना पाया गया। इसी प्रकार पुलिस टीम व्दारा इस चोर गैंग के अन्य सदस्य समीर खान तथा अजीम खान पिता अंसार कबाड़ी को पकड़ा गया। जिसके गोदाम में चोरी किए गए बिजली के तारों के बंडल रखे होना बताने पर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित अजीम खान के गोडाऊन से चोरी गए बिजली के तार मिलने पर जप्त करने में सफलता प्राप्त हुई है।  साथ ही आरोपियों व्दारा घटना स्थल के समीप नाले किनारे छुपा कर रखे गए बिजली तार बंडलों को भी जप्त किया गया है। घटना में प्रयुक्त चार पाहिया लोडिंग वाहन नंबर एमपी-47/ल-0725 आरोपी अजीम खान के कब्जे से, मोटर सायकल क्रमांक एमपी-47/ज़ब-0663, मोटर सायकल क्रमांक एमपी-47/जेडसी-8351 भी जप्त करने में सफलता प्राप्त हुई है। चारों गिरफ्तारशुदा आरोपियों को माननीय न्यायालय हरदा के समक्ष प्रस्तुत किया गया। घटना का मास्टर माईन्ड सहित गैंग के सरगना धीरेन्द्र उर्फ धीरु नागले सहित आदील रजा खान का पुलिस रिमाण्ड प्राप्त किया गया है, जिससे पूछताछ पर क्षेत्र की अन्य चोरी के संबंध में खुलासा होने के संभावना है। जप्त मनुका-बिजली के तारों के 10 बंडल, कीमती 04 लाख करीबन लोडिंग वाहन नंबर एमपी-47/ल-0725, मोटर सायकल क्रमांक एमपी-47/ज़ब-0663, मोटर सायकल क्रमांक एमपी-47/जेडसी-8351 कुल कीमती 05 लाख करीबन कुल माल मनुका 9,00,000/- रुपए गिरफ्तार आरोपी:1 अजीमखान पिता अंसार खान उम्र 30 वर्ष निवासी खेड़ीपुरा हरदा, 2 आदिल रजा खान पिता इसराईल खान उम्र 30 वर्ष नि ड्रीमलैण्ड कालोनी हरदा,  3 धीरेन्द्र उर्फ धीरु नागले पिता लक्ष्मीनारायण नागले उम्र 27 वर्ष निवासी रहटाखुर्द, 4 समीर खान पिता हसन खान उम्र 19 वर्ष निवासी इमलीपुरा हरदा। सराहनीय भूमिका-थाना प्रभारी निरीक्षक रामसुमेर तिवारी और टीम उप निरीक्षक प्रकाश सोलंकी, सहायक उप निरीक्षक संजयसिंह ठाकुर, प्रधान आरक्षक 217 करण साहु, प्रधान आरक्षक 05 विजय प्रजापति, प्रधान आरक्षक 259 कमलेश आरक्षक 40 यश शर्मा, आरक्षक 80 अभिषेक तथा आरक्षक 225 सचिन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।