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विधायक से टकराव के बाद भिंड कलेक्टर को क्षत्रिय समाज का साथ, मंच से उठाई तलवार

भिंड एमपी में भिंड कलेक्टर और विधायक के बीच चल रहे विवाद के बीच अब हालात दिलचस्प मोड़ ले रहे हैं। जहां एक ओर जिले के कुछ लोग कलेक्टर का विरोध कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके समर्थन में भी लोग खुलकर सामने आने लगे हैं। क्षत्रिय समाज और सर्व समाज के प्रतिनिधि कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्हें तलवार भेंट की गई है। कलेक्टर ने भी ऑफिस में चमचमाती तलवार लहराई है। क्षत्रिय समाज ने कलेक्टर को किया सम्मानित कलेक्टर के चैंबर में पहुंचकर समाज के लोगों ने पहले उन्हें फूल मालाएं पहनाईं, उसके बाद पारंपरिक पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। इसके साथ ही मंत्रोच्चारण के बीच उन्हें तलवार भेंट की गई। बताया जाता है कि कलेक्टर ने अपने चैंबर में ही इस तलवार को म्यांन (खोल) से बाहर निकाला, औपचारिक रूप से हाथ में लिया और फिर वापस म्यांन में रख दिया। शक्ति प्रदर्शन है यह कलेक्टर द्वारा तलवार निकालना कुछ लोगों के बीच शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर उस समय जब कलेक्टर और स्थानीय विधायक के बीच विवाद गहराया हुआ है। इस विवाद के बाद जिले में प्रशासन और राजनीति के बीच टकराव का माहौल बन गया है। विधायक और कलेक्टर दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिसके बाद से जिले में सियासी हलचल तेज है। इस सम्मान समारोह में मौजूद क्षत्रिय समाज के पदाधिकारी और अधिवक्ता अशोक सिंह भदौरिया ने कहा कि कलेक्टर साहब ने जो काम किया, जो निर्णय लिए, वह जनहित में थे। समाज हमेशा उनके साथ खड़ा है। तलवार सम्मान का प्रतीक है, इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं। हालांकि, जिले के कुछ लोग इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग राय रख रहे हैं। विरोध करने वाले कुछ लोगों का मानना है कि अधिकारी को राजनीतिक मामलों में संयमित रहना चाहिए और ऐसी गतिविधियां प्रशासन की निष्पक्ष छवि पर सवाल खड़े कर सकती हैं। दो धड़ों में बंट रहा जिला कुल मिलाकर, विधायक-कलेक्टर विवाद के बीच भिंड में माहौल दो हिस्सों में बंटता नजर आ रहा है। एक पक्ष जहां कलेक्टर को गलत ठहरा रहा है, वहीं दूसरा पक्ष उनके सम्मान में आगे आकर समर्थन दे रहा है। तलवार भेंट और पगड़ी पहनाने जैसी परंपरागत रस्मों के बीच प्रशासन और राजनीति के टकराव ने जिले में हलचल बढ़ा दी है। यह हुआ था विवाद गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले भिंड कलेक्टर के आवास के बाहर विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान कलेक्टर के साथ उनकी नोकझोंक हो गई थी। विधायक ने कलेक्टर पर मुक्का तान दिया था। साथ ही विधायक ने भी उन्हें उंगली दिखाई थी। वीडियो वायरल होने के बाद भिंड कलेक्टर ने पुलिस में शिकायत भी दी है। इसके बाद विधायक ने भी शिकायत की थी।

यात्रियों के लिए खुशखबरी, मऊ से उधना तक स्पेशल ट्रेन की शुरुआत, मिलेगा खास ठहराव

रतलाम  त्योहारी सीजन के दौरान ट्रेनों में अतिरिक्त यात्रियों की भीड़ को समायोजित करने के लिए रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव के साथ मऊ से उधना के मध्य स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में छह-छह फेरे चलेंगी। 05017 मऊ-उधना स्पेशल मऊ से 27 सितंबर से एक नवंबर तक चलेंगी। यह ट्रेन मऊ से प्रति शनिवार सुबह 5.30 बजे चलकर अगले दिन रविवार दोपहर 12 बजे उधना पहुंचेंगी। इस ट्रेन का नागदा तड़के 4.28 बजे तथा रतलाम 6.15 बजे आगमन होगा। इसी प्रकार 05018 उधना-मऊ स्पेशल उधना से 28 सितंबर से दो नवंबर तक प्रति रविवार को चलेंगी। यह ट्रेन उधना से प्रति रविवार दोपहर तीन बजे चलकर अगले दिन सोमवार रात 10.30 बजे मऊ रेलवे स्टेशन पहुंचेंगी। इस ट्रेन का रतलाम में रात 9.30 बजे तथा नागदा 10.40 बजे प्रति रविवार को आगमन होगा। यह ट्रेन सेकंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर व सामान्य श्रेणी कोच के साथ चलेंगी। इस ट्रेन का दोनों दिशाओं में बेलथरा रोड, सलेमपुर, भटनी, देवरिया सदर, गोरखपुर, खलिलाबाद, बस्ती, गोंडा, बाराबंकी, बादशाहनगर, ऐशबाग, कानपुर सेंट्रल, टूंडला, इदगाह, बयाना, गंगापुर सिटी, भवानी मंडी, शामगढ़, नागदा, रतलाम व वड़ोदरा रेलवे स्टेशन पर ठहराव दिया गया है। गौतमपुरा रोड स्टेशन पर जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस का प्रायोगिक ठहराव यात्रियों की मांग व सुविधा को ध्यान में रखकर रेल मंडल के गौतमपुरा रोड रेलवे स्टेशन पर जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस का ठहराव दिया जा रहा है। पांच सितंबर, को सांसद शंकर लालवानी अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर ट्रेन के ठहराव का शुभारंभ करेंगे। पांच सितंबर से जोधपुर से चलने वाली 14801 जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस का गौतमपुरा रोड रेलवे स्टेशन पर आगमन/प्रस्थान रात 9.50/9.52 बजे होगा। इसी प्रकार छह सितंबर से इंदौर से चलने वाली 14802 इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस का गौतमपुरा रोड रेलवे स्टेशन पर आगमन/प्रस्थान सुबह 5.17/5.19 बजे होगा। रतलाम-नागदा खंड में ब्लाक के कारण तीन ट्रेनें निरस्त रेल मंडल के रतलाम-नागदा खंड में आटोमेटिक ब्लाक सिग्नलिंग प्रणाली को लागू करने के लिए शीघ्रता से कार्य जारी है। रतलाम-नागदा खंड में आटोमेटिक ब्लाक सिग्नलिंग सिस्टम को कार्यान्वित करने के लिए छह सितंबर को प्रस्तावित ब्लाक के कारण मंडल की चार ट्रेनें प्रभावित होंगी। 59318 उज्जैन-नागदा पैसेंजर, 59346 नागदा-उज्जैन पैसेंजर, 59345 रतलाम-नागदा पैसेंजर निरस्त रहेंगी। नागदा से चलने वाली 19341 नागदा-बीना एक्सप्रेस उज्जैन से चलेंगी तथा नागदा से उज्जैन के मध्य निरस्त रहेंगी।

बालाघाट में बढ़ा बाघ का आतंक, लगातार हमलों से ग्रामीण सहमे

बालाघाट/ कटंगी  वन परिक्षेत्र कटंगी के कन्हड़गांव सर्किल अंतर्गत अंबेझरी-देवरी सड़क मार्ग पर गुरुवार की शाम साढ़े चार से पांच बजे के बीच बाघ ने एक किसान पर हमला कर दिया। उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटंगी में भर्ती किया गया। जहां से हालत नाजुक देख जिला अस्पताल रेफर किया गया था। यहां रात्रि साढ़े 11 बजे इलाज के दौरान मौत हो गई। इस परिक्षेत्र में बाघ के हमले से आठ माह के भीतर यह पांचवीं मौत है। घटना के बाद ग्रामीण आक्रोशित है। जानकारी के अनुसार, ग्राम अंबेझरी निवासी किसान सेवकराम पिता रामाजी गौपाले 61 वर्ष रोजाना की तरह खेत में बैल और मवेशी चराने के लिए गया था। जिन्हें चराने के बाद उन्हें लेकर घर लौट रहा था। तभी वह अंबेझरी-देवरी सड़क पहुंचा था कि उस पर बाघ ने पीछे से हमला कर घायल कर दिया। इस हमले को देख अन्य किसानों ने शोर मचाया तो बाघ जंगल के अंदर भाग गया। किसान किसी तरह से घर पहुंचा और स्वजनों को जानकारी दी गई। घटना में सेवकराम के गर्दन, चेहरे पर गंभीर चोटें आई थी। 21 दिन पूर्व में दूसरा हमला बाघ के हमले से 21 दिन पूर्व 14 अगस्त को ग्राम अंबेझरी निवासी विठ्ठल आसटकर अपने घर की गाय व भैंस चराने जंगल के पास गया था। उस समय बाघ ने हमला कर घायल कर दिया था। ऐसे में अब बाघ और मानव के बीच बढ़ते द्वंद को लेकर लोग भयभीत नजर आ रहे है। इस क्षेत्र के लोगों की मांग है कि खेत किनारे जंगल में फेंसिंग लगाई जाए। ताकि बाघ का प्रवेश सड़क व खेतों में आने से रूक सके। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो लगातार बाघ के लोग निवाले बनते जाएंगे और घायल होते रहेंगे। आठ माह के भीतर बाघ ने पांच लोगों को मौत के घाट उतार दिया है। मृतक के परिजनों को दिलाया जाएगा मुआवजा     ग्राम अंबेझरी निवासी सेवकराम गौपाले का खेत जंगल से सौ मीटर दूरी पर है। वह अपने बैल सहित अन्य मवेशी को चराने के बाद शाम को घर लौट रहा था कि बाघ ने उस पर हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल को कटंगी से बालाघाट रेफर कर दिया गया था। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के स्वजनों को विभाग की तरफ से आठ लाख रुपए का मुआवजा दिलवाया जाएगा। जिसकी कार्यवाही डीएफओ कार्यालय से होगी।– बाबूलाल चढार, वन परिक्षेत्र अधिकारी कटंगी।  

इंदौर एजुकेशन हब: IIT की रैंकिंग में उछाल, DAVV को फायदा, IIM यथावत

इंदौर  शिक्षा मंत्रालय द्वारा NIRF (नेशनल इंस्टीट्यूशनल फ्रेम वर्क) रैंकिंग-2025 गुरुवार को जारी की गई। सूची में IIT इंदौर की रैंकिंग में चार स्थान का सुधार हुआ है। वहीं IIM इंदौर की रैंकिंग में कोई सुधार नहीं आया है, वह पिछले दो बार से 8वें नंबर पर ही बना हुआ है।  NIRF रैंकिंग-2025 रिपोर्ट में IIM इंदौर ने देशभर के मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट में 8वीं रैंक हासिल की है। IIM इंदौर को पिछले साल यानी 2024 और 2023 में भी यही रैंक मिली थी। जबकि 2022 में IIM इंदौर को 7वीं रैंक हासिल हुई थी। वहीं इंजीनियरिंग कैटेगरी में IIT इंदौर की रैंकिंग पिछले साल की तुलना में इस साल सुधरी है। IIT इंदौर इस साल 12वें स्थान पर पहुंच गया है। 2024 में IIT इंदौर को 16वां स्थान मिला था। 2023 में IIT इंदौर को 14वां स्थान मिला था। 2022 में भी इसे 16वां स्थान मिला था। ओवरऑल कैटेगरी में भी हुआ सुधार यही नहीं IIT इंदौर को ओवर ऑल कैटेगरी में भी फायदा हुआ है। इस साल ओवरऑल रैंकिंग में आईआईटी इंदौर को 6 पायदान का फायदा हुआ है। ओवर ऑल रैंकिंग में IIT इंदौर इस साल 27वें स्थान पर है। पिछले साल यानी 2024 में IIT इंदौर को ओवर ऑल कैटेगरी में 33वां स्थान मिला था। इसके पहले साल यानी 2023 में IIT इंदौर को ओवर ऑल कैटेगरी में 28वां स्थान मिला था। बता दें कि 2022 में IIT इंदौर की ओवरऑल रैंकिंग 30वीं थी। अंकों में नहीं हुआ सुधार इस साल IIT को रैंकिंग में सुधार हुआ है, लेकिन अंकों में गिरावट आई है। IIT को 66.65 अंक प्राप्त हुए हैं। पिछले साल IIT को 64.72 अंक प्राप्त हुए थे। वहीं पिछले साल इंदौर को ओवरऑल कैटेगरी में जहां 57.31 अंक मिले थे। इस साल 60.13अंक मिले हैं। IIM की बात करें तो इसे 75.68 अंक मिले हैं। जबकि IIM इंदौर को NIRF रैंकिंग 2024 में 73.53 अंक मिले थे। इस साल IIT और IIM दोनों के अंक में नुकसान हुआ है। अब हो रहा रैंकिंग में सुधार NIRF रैंकिंग में IIT और IIM इंदौर की रैंक पिछले साल तक लगातार गिरती जा रही थी, लेकिन अब इस साल से इसमें सुधार होना शुरू हुआ है। IIM इंदौर की 2019 में अब तक की सबसे बेहतर 5वीं रैंक आई थी, 2020 में यह गिरकर 7 नंबर पर आ गई। इसके बाद IIM इंदौर ने 2021 में फिर 6वीं रैंक हासिल की थी। पिछले तीन साल से IIM इंदौर की रैंकिंग लगातार गिरती जा रही थी। वहीं पिछले दाे साल से IIM इंदौर की पिछली रैंक ही बरकरार है। स्टेट कैटेगरी में देअविवि को फायदा इस साल देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी को स्टेट कैटेगरी में टॉप-100 यूनिवर्सिटी में इस साल 49वें नंबर पर जगह मिली है। वहीं पिछले साल यानी 2024 में देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी को स्टेट कैटेगरी में 50वें स्थान पर रखा गया था। वहीं यूनिवर्सिटी को इस साल 50.41 पांइट मिले हैं। जानकारों का कहना है कि 2026 की रैंकिंग में गिरावट आ सकती है। यूनिवर्सिटी में हाल ही में रैगिंग की शिकायतों में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। डेंटल कॉलेज इस साल भी सूची से बाहर डेंटल कैटेगरी में शहर के गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज की रैंकिंग में दो साल से लगातार नुकसान हो रहा है। देश के शीर्ष डेंटल कॉलेजों की सूची में इंदौर शासकीय डेंटल कालेज 2023 में 32वें स्थान पर था। वहीं 2024 में वह टॉप 40 की सूची से बाहर हो गया था। इस साल भी वह टॉप 40 की सूची से बाहर है। वहीं इंदौर आईआईटी को रिसर्च रैंकिंग में भी इस साल 24वां स्थान मिला है।

गणेश उत्सव में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम, युवाओं का राष्ट्रप्रेम देख भावुक हुए CM यादव

युवाओं का राष्ट्रप्रेम काबिले-तारीफ, गणेश उत्सव में दिखा ऑपरेशन सिंदूर का जज़्बा: CM डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव गणेश उत्सव कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल के गुलमोहर कॉलोनी में शिवाजी फाउंडेशन और श्रीगणेश उत्सव समिति के गणेश चतुर्थी कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुलमोहर गणेश उत्सव समिति द्वारा ऑपरेशन सिंदूर की थीम पर केंद्रित प्रदर्शनी और झांकी देखी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं में राष्ट्र प्रेम की भावना सराहनीय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  ने आपरेशन सिंदूर के माध्यम से पड़ोसी शत्रु ही नहीं बल्कि विश्व को भारत की शक्ति से परिचित करवाया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पगड़ी और पुष्प मालाओं से स्वागत कर स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री और समिति के संरक्षक नरेंद्र शिवाजी पटेल उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजा अर्चना कर आरती की। युवाओं ने गजानन विघ्नहर्ता गणेशजी की आराधना और समूह नृत्य प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

तेंदुए ने मचाई दहशत, स्कूल 13 सितंबर तक बंद रहेंगे

इटारसी मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले के इटारसी में तेंदुओं की दहशत से लोग परेशान हैं। अलग-अलग जगहों पर तेंदुए रहवासी इलाकों में पहुंच रहे हैं। पथरौटा स्थित पॉवर ग्रिड परिसर में एक शावक की करंट लगने से मौत हो गई थी। उसके बाद से दो तेंदुए लगातार इलाके में मूवमेंट कर रहे हैं। जिसके कारण स्कूल प्रबंधन ने फैसला लेते हुए 4 से 13 सितंबर तक स्कूल बंद रखने का फैसला लिया है। दरअसल, तेंदुआ तवा बफर रेंज के धांसई में 3 दिनों से घुसकर ग्रामी मुर्गों को निशाना बना रहा है। ग्रामीण तेंदुए के डर से घर के बाहर निकलने में डर रहे हैं। तेंदुए के मूवमेंट पर टीम नजर रख रही है। इटारसी के पथरौटा मादा तेंदुआ दिखाई दे रही थी, लेकिन शावक की मौत के बाद से वह और आक्रमक हो गई है। जिसको देखते हुए स्कूल को 4 से 13 सितंबर ऑनलाइन क्लासेस चलेंगी। इधर, स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। वन विभाग का कहना है कि बारिश के कारण पिंजरा नहीं लग पाया है। एक पिंजरा हिरनचापड़ा में फंसा है और दूसरा नर्मदापुरम में है। जिसे जल्द से जल्द लाने का इंतजाम किया जा रहा है। 

नई खोज: गेहूं का बीज, ग्लूटेन एलर्जी पीड़ितों के लिए सुरक्षित रोटी

नर्मदापुरम ग्लूटेन (प्रोटीन) एलर्जी के मरीजों के लिए गेहूं के आटे से बनी रोटियां खाना मुश्किल होता है। मध्य प्रदेश सरकार पवारखेड़ा अनुसंधान केंद्र की अखिल भारतीय गेहूं परियोजना में गेहूं का नया बीज तैयार करवा रही है। इसके आटे से रोटियां खाने से मरीजों को एलर्जी नहीं होगी। वैज्ञानिकों ने इस पर शोध शुरू कर दिया है। तीन साल की फील्ड ट्रायल के बाद गेहूं की नई किस्म तैयार हो जाएगी। गेहूं में ग्लूटेन की मात्रा बहुत कम करने के लिए अनुसंधान केंद्र के वैज्ञनिकों ने देशभर से विभिन्न किस्मों के गेहूं के सैंपल लिए हैं। इन सैंपलों को जबलुपर के फूड साइंस प्रयोगशाला में भेजा गया है। यहां सबसे कम ग्लूटेन वाली किस्मों को चिनिह्त किया जाएगा। इनकी स्क्रेनिंग कर वैज्ञानिक देखेंगे कि बीजों में ग्लूटेन प्रोटीन को और कम कैसे किया जाए। इस पर विभिन्न प्रकार के प्रयोग करेंगे। वैज्ञानिको की देखरेख में अनुसंधान केंद्र के खेतों में अलग-अलग वैरायटी को लगाया जाएगा।   यह देखा जाएगा कि हर साल बनाए गए बीज से कितना ग्लूटेन कम हुआ। इसका आंकलन भी होगा। तीन सालों तक यह शोध होने के बाद सबसे कम ग्लूटेन के गेहूं का बीज तैयार होगा। केंद्र इसे सरकार को देकर पेटेंट कराएगा। इसके बाद गेहूं बाजार से किसानों तक पहुंचेगा। अनुसंधान केंद्र के वैज्ञनिकों के मुताबिक लगभग 20 हजार लोगों में किसी एक को ग्लूटेन एलर्जी होती है। गेहूं में ग्लूटेन होता है। इसकी रोटी खाते ही मरीज के पेट की छोटी आंत में एलर्जी होने लगती है। इससे कई तरह की परेशानी सामने आती हैं। अभी तक नहीं हुआ ग्लूटेन पर कोई शोध वैज्ञानिकों के मुताबिक देश में ग्लूटेन एलर्जी के मरीजों की संख्या कम होने के कारण यह रिकार्ड नहीं की गई है। मरीजों के लिए कम ग्लूटेन के गेहूं को लेकर अभी तक प्रदेश और देश में कोई शोध नहीं हुआ है। मध्य प्रदेश में पवारखेड़ा अनुसंधान केंद्र में पहली बार इस पर काम कर रहा है। तीन साल के फील्ड ट्रायल के बाद इसे तैयार किया जाएगा। और किसानों को उगाने के लिए दिया जाएगा। अनुसंधान केंद्र ने देश को दी 56 गेहूं की किस्म जबलपुर कृषि विश्वविद्यालय के प्रदेश में सागर, जबलपुर, पवारखेड़ा में तीन अनुसंधान केंद्र हैं। इसमें पवारखेड़ा का अनुसंधान केंद्र की स्थापना 1903 में की गई थी। केंद्र की अखिल भारतीय गेहूं परियोजना ने अभी तक देशभर में मिलने वाले 56 प्रकार के गेहूं की प्रजातियां विकसित कर किसानों को दी हैं। जिनका किसान उपयोग कर रहे हैं। गेहूं का नया बीज तैयार कर रहे केके मिश्रा, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रभारी अखिल भारतीय गेहूं परियोजना पवारखेड़ा नर्मदापुरम  ने बताया- ग्लूटेन के मरीजों के लिए गेहूं का नया बीज तैयार कर रहे हैं। इसमें ग्लूटेन की मात्रा सबसे कम होगी। इसको खाने से मरीज को एलर्जी नहीं होगी। विभिन्न किस्मों के गेहूं के सैंपल प्रयोगशाला भेजे गए हैं। कम ग्लूटेन वाले किस्मों पर तीन साल तक फील्ड ट्रायल कर नया गेहूं का बीज बनाया जाएगा।

नए 4-लेन हाईवे के लिए 14 गांवों से होगी जमीन की खरीद, गुजरात-एमपी जोड़ेगा कनेक्टिविटी

धार एमपी में 70 किलोमीटर का नेशनल हाईवे अभी उज्जैन से बदनावर के नागेश्वर धाम तक बना है। अब दूसरे चरण का कार्य बदनावर से टिमरवानी तक 80 किमी का काम शुरू होने वाला है। यह मार्ग भी 552 डी के अंतर्गत ही आएगा तथा इसका निर्माण भी नेशनल हाईवे द्वारा किया जाएगा। इसके टेंडर हो चुके हैं अक्टूबर माह में इस रोड़ का कार्य शुरू हो जाएगा। 1900 करोड़ी की लागत से बन रहा यह नेशनल हाईवे गुजरात से जुड़ेगा तथा इसके बनने से उज्जैन से टिमरवानी की दूरी भी कम हो जाएगी व आवागमन भी सुगम हो होगा। इसका निर्माण सिंहस्थ के पहले किया जाएगा। ताकि गुजरात से आने वाले श्रद्धालुओं को इसका फायदा मिल सके तथा भैंसोला में बन रहा पीएम मेगा टेक्सटाईल पार्क भी इस रोड़ से जुड जाए।   14 गांव की जमीन होगी अधिग्रहित फोरलेन निर्माण के लिए बदनावर तहसील के पश्चिम क्षेत्र की करीब 14 गांवों की भूमि अधिग्रहण की तैयारी शुरू हो गई है। इसके निर्माण के लिए कुल 155.579 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित करेंगे। इसमें सरकारी व निजी भूमि शामिल हैं। भूमि अधिग्रहण के लिए सूची भी प्रकाशित हो चुकी है। इससे संबंधित गांवों के किसानों में भी हलचल तेज हो गई है। यह फोरलेन उज्जैन से सीधा दिल्ली मुंबई एट लेन एक्सप्रेस वे से सीधा जुड़ जाएगा।   जीतू पटवारी के वाहन पर पथराव, बाल-बाल बचे, गाड़ी के कांच फूटे तहसीलदार सुरेश नागर के मुताबिक, बदनावर से टिमरवानी तक फोरलेन सड़क बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बदनावर तहसील के 14 गांवों की भूमि से यह फोरलेन निकलेगा। इसके लिए ग्राम व भूमि प्रस्तावित है। संबंधित गांवो के हल्का पटवारी व राजस्व अमले को भूमि की वास्तविक स्थिति का सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया है। औद्योगिक इकाइयों को मिलेगा फायदा अभी तक मालवांचल से गुजरात जाने के लिए इंदौर-अहमदाबाद मार्ग ही प्रमुख है। अब इस मार्ग के फोरलेन बनाए जाने से यातायात इस पर अधिक डायवर्ट होगा। इससे समय की बचत होगी। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बदनावर के लोग भी गुजरात इसी मार्ग से होकर जाते हैं। भैंसोला में बड़ा पीएम मेगा टेक्सटाइल पार्क बन रहा है, जबकि छायन में कपड़ा कारखाना शुरू हो चुका है। इसी तरह दोतरिया में भी एक फैक्टरी की नींव रखी जा चुकी है। इन उद्योगों के लिए आवागमन में भी इस मार्ग के चौड़ीकरण से यातायात सुगम होगा।

नवजातों को कुतरा चूहे ने, MY अस्पताल में खराब हालतों पर सवाल खड़े

इंदौर मध्य प्रदेश में इंदौर के एमवाय अस्पताल (महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय) के एनआईसीयू वार्ड में भर्ती दो नवजात शिशुओं की मौत से हड़कंच मच गया है। एक तरफ परिजन ने नवजातों की मौत का कारण चूहों का काटना बताया है, जबकि अस्पताल प्रशासन इसे गंभीर बीमारियों और संक्रमण का नतीजा बता रहा है। मामला तूल पकड़ने पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संज्ञान लिया है और अस्पताल पहुंचे। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं और कहा है कि सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं बता दें कि यह पहला मामला नहीं है, जब अस्पताल की तरफ से ऐसी लापरवाही देखने को मिली है। इससे पहले भी ऐसा हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी प्रशासन ने गलतियों से सबक नहीं सीखा। चार साल पहले, यानी मई 2021 में एमवाय अस्पताल की पहली मंजिल पर नवजात शिशु नर्सरी में भर्ती एक नवजात के पैर का अंगूठा और एड़ी को चूहों ने कुतर दिया था।   इससे शिशु की जान खतरे में आ गई। इसके बाद नवजात के घरवालों ने हंगामा भी किया था। शिशु प्री-मेच्योर था और उसका वजन 1.4 किग्रा था। देखरेख के लिए उसे नर्सरी में वार्मर पर रखा गया था। बच्चे की मां दूध पिलाने पहुंची थी, तब मामले का खुलासा हुआ था। जीतू पटवारी ने उठाए सवाल मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में नवजातों की मौत के मामले में कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने जमकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, 'बीजेपी के 22 साल का यह असली चेहरा है। एमवाय में चूहों की हरकत यह पहली बार नहीं हुई। नवजातों को चूहों ने नहीं, भ्रष्टाचारी प्रशासन ने क्षति पहुंचाई है। जितना दोषी वह चूहा है, उससे ज्यादा दोषी यह तंत्र और व्यवस्था है।' वहीं राहुल गांधी ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह घटना रूह कंपाने वाली है। उन्होंने कहा कि एक मां की गोद से उसका बच्चा छिन गया, सिर्फ इसलिए क्योंकि सरकार ने अपनी सबसे बुनियादी जिम्मेदारी नहीं निभाई।   अस्पताल प्रशासन ने लिया एक्शन नवजातों की मौत के बाद लापरवाही बरतने वाली नर्स श्वेता चौहान और आकांशा बेंजामिन को सस्पेंड कर दिया गया है, साथ ही नर्सिंग सुप्रीडेंट मारग्रेट जोसेफ को भी हटा दिया गया है। इसके अलावा प्रभारी एचओडी डा. मनोज जोशी, आईसीयू इंचार्ज नर्स प्रवीणा सिंह, कलावती भलावी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस मामले में डॉ. एसबी बंसल की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी भी बनाई है।

जमकर बरसात जारी: इंदौर में अगले तीन दिन भी गिरेगी बारिश

इंदौर इंदौर में देर रात से शुरू हुआ बारिश का दौर अभी तक जारी है। इस महीने में लगातार तेज बारिश का यह पहला दौर है, जब शहर पूरी तरह पानी से तरबतर हो गया है। बारिश की वजह से कई इलाकों में पानी भर गया है और कुछ जगह तो सड़के जलमग्न हो गई हैं। सड़कों पर जमा हुए पानी की वजह से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार इंदौर शहर में 24 घंटे के अंदर करीब 127 मिमी से ज्यादा बारिश हुई है। वहीं इंदौर में सबसे ज्यादा बारिश देपालपुर इलाके में होना बताया जा रहा है। यहां करीब 170 मिमी बारिश हुई। पिछले महीने में हुई कम बारिश से शहर के लोग परेशान था, जिसे इस झड़ी ने पूरा कर दिया है।   बुधवार को शहर में बादल छाए और दोपहर में रिमझिम फुहारों के साथ हल्की बारिश रुक-रुककर हुई। शाम चार बजे बाद शहर में तेज बारिश हुई। एयरपोर्ट क्षेत्र में रात 8.30 बजे तक 22 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं रीगल क्षेत्र में रात 10 बजे तक 16 मिमी बारिश दर्ज की गई। भोपाल स्थित मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इंदौर में आज मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। वर्तमान में एक द्रोणिका जैसलमेर, कोटा, गुना व दमोह से गुजर रही है। वहीं विदर्भ पर ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। इस वजह से अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। वहीं एक कम दबाव का क्षेत्र उड़ीसा और उससे लगे क्षेत्र झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ होते हुए मप्र की ओर आएगा। इसके प्रभाव से इंदौर में अगले दो से तीन तेज बौछारों से शहर तरबतर होगा। बुधवार को शहर में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य एक डिग्री सेल्सियस अधिक 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।