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गर्मी और बारिश का डबल अटैक! मध्यप्रदेश के 5 जिलों में हीटवेव, जानें कब पहुंचेगा मानसून

भोपाल  मध्य प्रदेश में 26 जून तक हीटवेव (लू), गर्मी और आंधी-बारिश वाला मौसम रहेगा। मानसून के नहीं आने और प्री-मानसून की एक्टिविटी कम होने से उमस-गर्मी बढ़ी है। पिछले 2 दिन से जबलपुर संभाग में लू का असर भी है। मौसम केंद्र (IMD) भोपाल ने अगले 4 दिन तक जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। सोमवार को नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, उमरिया और डिंडौरी में दिन में गर्म हवाएं चलेंगी, जबकि शाम के बाद आंधी-बारिश होने का अनुमान है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, सीहोर, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में गर्मी का असर रहने का अनुमान है। इन जिलों में आज बारिश हीटवेव-गर्मी के बीच 21 से अधिक जिलों में आंधी-बारिश वाला मौसम भी रहेगा। झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, मैहर, अनूपपुर, कटनी, दमोह, सागर, विदिशा और अशोकनगर में तेज आंधी का अलर्ट है। रायसेन में ढाई इंच पानी गिरा, भोपाल-सतना में भी तेज बारिश प्रदेश में रविवार को भी तेज आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। रायसेन में 61 मिमी यानी, करीब ढाई इंच पानी गिर गया। भोपाल में दोपहर में तेज बारिश हुई, जबकि सतना में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। जबलपुर, खजुराहो, नौगांव, सिवनी में भी बारिश का दौर बना रहा। रविवार को दिन के तापमान में गिरावट आई है। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 35.3 डिग्री, इंदौर में 37.1 डिग्री, ग्वालियर में 39.7 डिग्री, उज्जैन में 36 डिग्री और जबलपुर में पारा 38 डिग्री सेल्सियस रहा। पचमढ़ी में सबसे कम 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा। सिवनी-शिवपुरी में 35 डिग्री, रायसेन में 36 डिग्री, सागर-टीकमगढ़ में 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दतिया में सबसे ज्यादा 40.6 डिग्री रहा। प्रदेश में मानसून 4 दिन लेट प्रदेश में मानसून 7 दिन लेट हो गया है, जबकि इसकी एंट्री को 4 दिन और लगेंगे। IMD ने 25 जून के बाद प्रदेश में मानसून के दस्तक देने का अनुमान जताया है। 23 जून को यह छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र की ओर आगे बढ़ सकता है। 15 जून तक मानसून की एंट्री हो जाती है मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में मानसून की सामान्यत: 15 जून के आसपास एंट्री हो जाती है, लेकिन इस बार 22 जून तक मानसून का अता-पता नहीं है। तेलंगाना में 8 जून से ही मानसून अटका हुआ है। हालांकि, यह धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में 23 जून को छत्तीसगढ़ आने की संभावना है। रफ्तार तेज रहती है तो यह एमपी में 25 जून के आसपास आ सकता है। पिछली बार यह 16 जून को ही आ गया था। बारिश का आंकड़ा घटा मानसून के लेट होने से जून की सामान्य बारिश का आंकड़ा भी तेजी से घट रहा है। प्रदेश में 48 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें से पूर्वी हिस्से जैसे- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 24 जिलों में 69 प्रतिशत पानी कम गिरा है। पश्चिमी हिस्से के संभाग- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम में आंकड़ा 29 प्रतिशत कम है। प्रदेश के 55 में से 45 जिलों में बारिश का आंकड़ा माइनस में है। अलीराजपुर में एक बूंद भी रिकॉर्ड नहीं हुई है, जबकि भोपाल में सबसे ज्यादा साढ़े 4 इंच पानी गिर चुका है। देश के मौसम का हाल दिल्ली और एनसीआर इलाके के लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है क्योंकि मौसम विभाग ने आंधी-तूफान के साथ बारिश का अनुमान लगाया है. इससे दिन भर में अधिकतम तापमान 38 और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है. मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि दिल्ली में दोपहर के समय आंधी-तूफान और तेज हवा चल सकती है. हवा की स्पीड 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे पहुंच सकती है, और हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।  उत्तर-पश्चिमी और पूर्वी भारत आईएमडी ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, राजस्थान और यूपी सहित उत्तर-पश्चिम में छिटपुट वर्षा का अनुमान लगाया है. हिमाचल और उत्तराखंड के लिए भारी अलर्ट जारी किए गए हैं, क्योंकि दोनों में 22-23 जून के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं, जो 60 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुंच सकते हैं. पूरे सप्ताह अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक वर्षा की गतिविधि होने की संभावना है।  पूर्वी और पश्चिमी भारत सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 23-25 ​​जून तक भारी बारिश होने की उम्मीद है. बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी तेज हवा के साथ गरज के साथ बारिश होने की उम्मीद है. 22 जून को हवा की स्पीड 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है. मौसम विभाग ने 22-28 जून के दौरान गुजरात, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में बारिश की गतिविधि का अनुमान लगाया है।  मध्य भारत मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 22 से 26 जून तक बारिश जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में कहीं-कहीं बारिश, गरज, बिजली कड़कने और तेज हवा का अनुमान लगाया है. मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ़्तार से तेज़ हवा भी चल सकती हैं।  दक्षिणी भारत दक्षिणी भारत में इस हफ़्ते तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में बारिश होने की उम्मीद है. 22 जून को तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल में भारी बारिश होगी।  लू के हालात हीटवेव की स्थिति 22-25 जून के दौरान छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर हो सकती है. कर्नाटक और ओडिशा में आज रात के समय मौसम गर्म रहने का अनुमान है। 

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पुलिस परिवार ने किया सामूहिक योगाभ्यास

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज धृति कल्याण शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा 25वीं वाहिनी के हॉल में योग कार्यक्रम एवं धृति 23वीं वाहिनी परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस परिवार के सदस्यों में स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, सकारात्मक जीवनशैली तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती सीमा मकवाणा के साथ श्रीमती प्रियंवदा सक्सेना, श्रीमती अनुपमा कुमार, श्रीमती टिंग रॉय, श्रीमती भारती प्रसाद तथा श्रीमती गीता गोस्वामी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर पुलिस लाइन नेहरू नगर, 23वीं वाहिनी विसबल, 25वीं वाहिनी विसबल, 7वीं वाहिनी विसबल भोपाल तथा झूला घर पुलिस मुख्यालय भोपाल से जुड़े पुलिस परिवार की महिलाओं एवं बच्चियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। योग कार्यक्रम के दौरान सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया तथा महिलाओं एवं बच्चियों द्वारा योग आधारित विभिन्न आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से योग के महत्व, स्वस्थ जीवनशैली, आत्मानुशासन एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। योग कार्यक्रम के उपरांत धृति 23वीं वाहिनी परिसर में वृक्षारोपण किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण का संदेश देते हुए सभी ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। संपूर्ण कार्यक्रम सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कल्याण) श्रीमती इरमीन शाह के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश पुलिस की सभी इकाइयों, जिलों, रेंज कार्यालयों, पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों एवं वाहिनियों में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों तथा जवानों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। योग सत्रों में सहभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन एवं शारीरिक फिटनेस का संदेश दिया।  

गुना के डायल-112 हीरोज कार दुर्घटना में घायल हुए 5 व्यक्तियों को अस्पताल पहुँचाया

भोपाल  गुना जिले के थाना आरोन क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता एवं साहसिक कार्रवाई से सड़क दुर्घटना में घायल 05 व्यक्तियों को सुरक्षित सहायता कर समय पर अस्पताल पहुँचाया गया। इस त्वरित कार्रवाई से घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सकी। 21 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना आरोन क्षेत्र अंतर्गत आरोन–राघौगढ़ मार्ग पर ग्राम शहरोक से आगे जंगल क्षेत्र में एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही आरोन थाना क्षेत्र में तैनात डायल 112 वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ सैनिक श्री शिवेंद्र रघुवंशी एवं पायलट श्री हेमराज भील ने मौके पर पहुँचकर पाया कि एक कार सड़क से नीचे उतरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें सवार 05 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए थे। डायल-112 जवानों ने तत्परता एवं साहस का परिचय देते हुए दुर्घटनाग्रस्त वाहन में फँसे सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला तथा प्राथमिक सहायता प्रदान की। इसके बाद सभी घायलों को तत्काल डायल 112 वाहन से सिविल अस्पताल, आरोन पहुँचाया । डायल-112 जवानों की त्वरित सहायता एवं मानवीय कार्यवाही से सभी घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सकी। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में त्वरित राहत, बचाव एवं सहायता प्रदान करने हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।  

विगत 10 दिनों में 2 करोड़ 90 लाख रूपए से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जब्त

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में गांजा, एमडी ड्रग्स, स्मैक (हेरोइन), ब्राउन शुगर, डोडाचूरा तथा प्रतिबंधित कफ सिरप के अवैध उत्पादन, परिवहन, भंडारण एवं विक्रय में संलिप्त तस्करों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की तकनीकी, खुफिया एवं मैदानी स्तर पर समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण सफलताएं प्राप्त हुई हैं। इसी क्रम में विगत 10 दिनों में पुलिस ने विभिन्न जिलों में कार्रवाही में लगभग 2 करोड़ 90 लाख रुपए से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जब्त की है। भोपाल क्राइम ब्रांच ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए 170 किलो 90 ग्राम गांजा, 396 एल्यूमिनियम सिल्लियां तथा तस्करी में प्रयुक्त एक आइशर ट्रक सहित लगभग 1 करोड़ 33 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मंदसौर पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए विभिन्न प्रकरणों में 607 किलोग्राम डोडाचूरा, 600 ग्राम एमडी ड्रग्स तथा तस्करी में प्रयुक्त वाहन सहित लगभग 66 लाख 30 हजार रुपए की संपत्ति जब्त कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। सतना पुलिस ने गोदाम में छापामार कार्रवाई कर 260 किलोग्राम गांजा एवं 7200 सीसी ऑनरेक्स कफ सिरप सहित लगभग 28 लाख रुपये है। उमरिया पुलिस ने प्रतिबंधित कफ सिरप के अवैध परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए वाहन, नकदी एवं अन्य सामग्री सहित लगभग 15 लाख 11 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। साथ ही चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उज्जैन पुलिस ने नरवर एवं जीवाजीगंज थाना क्षेत्रों में एमडी ड्रग्स तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग्स एवं तस्करी में प्रयुक्त वाहन सहित लगभग 14 लाख 50 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। मैहर पुलिस ने रामनगर क्षेत्र में कार्रवाई कर 35 किलो 90 ग्राम गांजा एवं परिवहन में प्रयुक्त वाहन सहित लगभग 14 लाख 25 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। जबलपुर क्राइम ब्रांच एवं थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 11 किलो 237 ग्राम गांजा एवं 30 किलो 631 ग्राम डोडाचूरा जब्त कर लगभग 7 लाख 61 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। इसके अतिरिक्त ग्वालियर पुलिस ने दो अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए कुल 25 किलो 410 ग्राम से अधिक गांजा, एक इलेक्ट्रिक स्कूटी सहित लगभग 2 लाख 45 हजार रुपए से अधिक की संपत्ति, हरदा पुलिस ने एमडी पाउडर के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 2 लाख 20 हजार रुपए से अधिक की संपत्ति, दमोह पुलिस ने 20.5 किलोग्राम गांजा, मोटरसाइकिल एवं मोबाइल सहित लगभग 2 लाख रुपए की संपत्ति, सागर जिले के थाना बीना पुलिस ने 1.405 किलोग्राम गांजा एवं तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित लगभग 1 लाख 40 हजार रुपए की संपत्ति, खरगोन पुलिस ने ब्राउन शुगर तस्कर को गिरफ्तार कर लगभग 1 लाख रुपए मूल्य की ब्राउन शुगर, सीहोर पुलिस ने 24.780 किलोग्राम डोडा चूरा जब्त कर लगभग 1 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति, डिंडोरी पुलिस ने लगभग 2 किलोग्राम गांजा सहित करीब 81 हजार रुपए की संपत्ति, अशोकनगर पुलिस ने स्मैक के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लगभग 60 हजार रुपए की संपत्ति एवं पन्ना पुलिस ने लगभग 27 हजार रुपए अवैध गांजे के साथ आरोपी को गिरफ्तार किया है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने, आर्थिक स्रोतों पर प्रहार करने तथा युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से निरंतर कार्रवाई की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार, परिवहन अथवा बिक्री संबंधी किसी भी प्रकार की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस अथवा डायल-112 को उपलब्ध कराएं। नागरिकों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।  

मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के अधिकारियों ने कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में किया योगाभ्यास

भोपाल  अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के अवसर पर मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में राज्य स्तरीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कोलकाता, पश्चिम बंगाल में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़कर उनका प्रेरणादायी मार्गदर्शन भी प्राप्त किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने योग को विश्व शांति और बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि योग सबको जोड़ता है, सबको साथ लाता है और जब योग हमारे स्वभाव का हिस्सा बन जाता है, तब वह मानवीय एकता का आधार बनता है। उन्होंने कहा कि योग मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक एवं पर्यटन सचिव डॉ. इलैयाराजा टी., अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय बेडेकर तथा संत हिरदाराम मेडिकल कॉलेज के डॉ. अंकेश भदौरिया सहित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने योगाभ्यास किया। "योग अपनाएं, स्वस्थ और संतुलित जीवन पाएं" सचिव पर्यटन एवं मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग केवल स्वास्थ्य गतिविधि नहीं, बल्कि हमारी आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं जीवन मूल्यों से जुड़ी समृद्ध विरासत का अभिन्न हिस्सा है। योग हमें अनुशासन, आत्मविश्वास और जीवन जीने की श्रेष्ठ कला सिखाता है। "योग है स्वस्थ जीवन का आधार, इसे दिनचर्या का हिस्सा बनाएं" मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय बेडेकर ने कहा कि योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाकर हम स्वस्थ, सुखी एवं समृद्ध समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। "योग फॉर हेल्दी एजिंग" थीम पर आयोजित हुआ सामूहिक योग सत्र पर्यटन बोर्ड के अधिकारियों के साथ सेवा समिति वृद्धाश्रम के बुजुर्गों ने भी उत्साह से योगाभ्यास किया। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ थीम पर आयोजित सामूहिक योग सत्र में संत हिरदाराम आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान की प्रशिक्षित टीम द्वारा मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को योगाभ्यास कराया। आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्धारित योग प्रोटोकॉल के अनुसार योग सत्र में प्रारंभिक प्रार्थना, सूक्ष्म व्यायाम, आसन, प्राणायाम, ध्यान तथा समापन प्रार्थना का अभ्यास कराया गया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास कर स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर गूंजा योग का संदेश प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर पर्यटन बोर्ड और स्थानीय प्रशासन ने जन सहभागिता के माध्यम से सामूहिक योगाभ्यास किया और योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के अधिकारियों ने कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में और पर्यटन विकास निगम के अधिकारियों ने बोट क्लब पर योगाभ्यास किया। इसी तरह खजुराहो, सांची, उदयगिरी, ग्वालियर के किले, इंदौर की 56 दुकान, तामिया आदि पर्यटन स्थलों में "योग फॉर हेल्दी एजिंग" थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को योग के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के महत्व से अवगत कराया गया। संयुक्त राष्ट्र संघ ने साल 2014 में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस किया था घोषित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने 11 दिसंबर 2014 को एक प्रस्ताव पारित कर हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इसके बाद, 21 जून 2015 को दुनिया भर में पहला आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। देश की योग दर्शन की विरासत से आज पूरा विश्व समाज लाभान्वित हो रहा है।  

स्वस्थ तन, प्रसन्न मन और योग बने जीवन का धन : राज्यपाल श्री पटेल

भोपाल  अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस राष्‍ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि हम भारत की उस महान योग परंपरा का उत्सव मना रहे हैं, जिसने मानवता के लिये स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग प्रदान किया है। योग विश्व को हमारी सांस्कृतिक धरोहर का एक अनमोल उपहार है। यह हमारे ऋषियों-मुनियों की हजारों वर्षों की साधना का परिणाम है। आज भारतभूमि से स्वास्थ्य, संतुलन, शांति और आत्मकल्याण का संदेश विश्व में प्रसारित किया जा रहा है। “योग स्वस्थ आयु के लिए” थीम पर राष्‍ट्रीय कार्यक्रम कोलकाता में प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी के मुख्‍य आतिथ्‍य में आयोजित किया गया। प्रदेश में राष्‍ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु के मुख्‍य आतिथ्‍य में जबलपुर के गैरीसन ग्राउंड में राज्य स्तरीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री  मोदी के कोलकाता से आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा व सुना। कार्यक्रम की शुरूआत व अंत में राष्‍ट्रगीत एवं राष्‍ट्रगान किया गया। योगाभ्यास में मध्यप्रदेश के राज्यपाल  मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्‍यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री  जगदीश देवड़ा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार, लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल, राज्‍यसभा सांसद  सुमित्रा बाल्‍मीक, सांसद  आशीष दुबे, विधायक  अजय विश्‍नोई, अशोक रोहाणी,  सुशील तिवारी इंदु, डॉ. अभिलाष पांडे,  नीरज सिंह,  संतोष बरकड़े, महापौर  जगत बहादुर सिंह अन्‍नू, मुख्‍य सचिव  अनुराग जैन, मध्‍यप्रदेश तीर्थ क्षेत्र एवं मेला प्राधिकरण अध्‍यक्ष  विनोद गोंटिया, नगर निगम अध्‍यक्ष रिकुंज विज,  रत्‍नेश सोनकर,  राजकुमार पटेल,  अखिलेश जैन,  अश्विनी परांजपे, संभागायुक्‍त  धनंजय सिंह, कलेक्‍टर  राघवेन्‍द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक  संपत उपाध्‍याय, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा लगभग 5 हजार योग साधकों ने सामूहिक योगाभ्यास में सहभागिता की। योग, आंतरिक शांति और सामूहिक कल्याण के लिये करता है प्रेरित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्‍ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु ने नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्‍होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को जीवन की सफलता का आधार माना गया है। योग उसी संतुलन को स्थापित करने का मार्ग है। ‘योग’ शब्द का अर्थ है जोड़ना — व्यक्ति को स्वयं से, समाज को प्रकृति से और सम्पूर्ण मानवता को व्यापक विश्व चेतना से जोड़ना। योग एक सशक्त माध्यम है, जो हमें आंतरिक शांति, संतुलन और सामूहिक कल्याण की दिशा में आगे बढ़ाता है। आज जब विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब योग मानवता को शांति, संतुलन, समरसता और सामूहिक कल्याण का मार्ग दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। योग, जीवनशैली का बनता जा रहा है अहम हिस्सा राष्ट्रपति  मुर्मु ने कहा कि वर्ष 2014 में भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। इस पहल से योग को विश्व कल्याण के एक सशक्त माध्यम के रूप में नई पहचान और व्यापक स्वीकार्यता मिली है। आज दुनिया के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बना रहे हैं। योग अब जीवन शैली का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। विदेशों में भी योग के प्रति लोगों का आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है, और यह भारत की सांस्कृतिक शक्ति का सशक्त उदाहरण है। योग, बढ़ती आयु में स्वयं को स्वस्थ रखने में सहायक राष्‍ट्रपति  मुर्मु ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” है। यह थीम समाज के वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य, सक्रियता, आत्मनिर्भरता और गरिमापूर्ण जीवन में योग की उपयोगिता को रेखांकित करती है। योग बढ़ती आयु में भी व्यक्ति को स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखने में बहुत सहायक है। योग, मन को शांति और देता है भावनात्मक संतुलन योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन को शांति और भावनात्मक संतुलन प्रदान करता है। आज की व्यस्त दिन चर्या और जीवन शैली से जुड़ी बीमारियां हमारे सामने एक बड़ी चुनौती हैं। इनकी रोकथाम और समग्र स्वास्थ्य के लिए योग एक सरल, प्रभावी और सुलभ उपाय है। योग, को बनाये दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा राष्ट्रपति  मुर्मु ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि भारत सरकार योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए योग शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण और जन-जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। सामूहिक प्रयासों से योग जन-जन तक पहुंचेगा और सामूहिक मानवता के कल्याण का आधार बनेगा। उन्‍होंने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों को योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्‍प दिलाया। योग, संतुलित, सरल और आनंदमयी जीवन की है पद्धति : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल  पटेल ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ बनाने का माध्यम ही नहीं, बल्कि यह संपूर्ण जीवन को संतुलित, सरल और आनंदमयी बनाने की पद्धति है। योग ही स्वस्थ तन, प्रसन्न मन और योग बने जीवन का धन है। भारतीय ज्ञान परंपरा ने स्वस्थ जीवन का जो मार्ग दिखाया था, आज पूरी दुनिया उसे अपना रही है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा भारतीय योग को अंतर्राष्ट्रीय सम्‍मान दिया गया। प्रधानमंत्री  मोदी की दूरदृष्टि और अटूट प्रतिबद्धता से ही योग को पूरी दुनिया में अपनाया गया है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्राणायाम के जरिए हम नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच को अपनाते हैं। ध्यान हमें अपने अंदर झांकने का अवसर देता है और मन की शांति प्रदान करता है। रोजाना केवल 20 से 30 मिनट का योगाभ्यास, ध्यान और प्राणायाम हमारे लिए प्रभावी और सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे सरल माध्यम है। आज योग को आत्मिक उन्नति का माध्यम बनाकर दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लें। योग, वैश्विक शांति के लिए एकमात्र उपाय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दुनियाभर में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम -योग फॉर हेल्दी एजिंग है। योग दिवस वैश्विक शांति और वैश्विक कल्याण को बढ़ावा देता है। प्रधानमंत्री  मोदी के कार्यकाल के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने पर यह सुखद संयोग बना है, इस वर्ष राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नगरी कोलकाता से किया गया। दुनिया के करीब 2500 स्थानों पर योगाभ्यास किया , 210 से अधिक दूतावासों ने भी सामूहिक योग में भागीदारी की । भारत ने योग के रूप में दुनिया को … Read more

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 15 हजार से अधिक श्रमिकों ने किया सामूहिक योगाभ्यास

भोपाल  श्रम और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने प्रदेश के श्रमिकों के कल्याण और उनके उत्तम स्वास्थ्य के लिए उन्हें योग से जुड़ने का विशेष आह्वान किया था। मंत्री पटेल के इस प्रेरक आह्वान का असर पूरे प्रदेश में देखने को मिला! अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्य के औद्योगिक और विभिन्न कार्यक्षेत्रों में श्रमिकों ने बढ़-चढ़कर योगाभ्यास किया। प्रदेश के कुल 337 संस्थानों में 15 हजार से अधिक श्रमिकों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन शैली अपनाने और योग को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। सचिव श्रम रघुराज राजेंद्रन ने कहा कि योग किसी एक दिवस तक सीमित न होकर, श्रमिकों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि श्रमिक प्रतिदिन योग से जुड़ें, जिससे वे शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ रह सकें। एक स्वस्थ और ऊर्जावान श्रमिक ही आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण और प्रदेश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। श्रम विभाग और मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल के प्रयासों से आयोजित इस प्रदेश स्तरीय योग कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। श्रम मंत्री पटेल ने स्वयं जबलपुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में उपस्थित होकर श्रमिकों के साथ योग किया। इसी क्रम में, श्रम आयुक्त संदीप जी आर ने इंदौर के एमराल्ड हाइट्स स्कूल में आयोजित मंडल के विशेष कार्यक्रम में भाग लिया। प्रदेश के अलग-अलग अंचलों से प्राप्त तस्वीरों और जानकारियों के अनुसार, सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होकर श्रमिकों का उत्साहवर्धन किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का ग्वालियर विमानतल पर हुआ आत्मीय स्वागत

भोपाल  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का ग्वालियर विमानतल आगमन पर आत्मीय स्वागत हुआ। राष्ट्रपति मुर्मु रविवार 21 जून को वायुसेना के विमान से दोपहर 2.40 बजे वायुसेना के विमानतल महाराजपुरा पर पधारीं। उनके साथ मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी आए। राष्ट्रपति मुर्मु का ग्वालियर विमानतल पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल एवं जल संसाधन एवं जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने राष्ट्रपति को पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस मौके पर सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्ज मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह एवं महापौर शोभा सतीश सिकरवार ने भी पुष्प-गुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। राष्ट्रपति मुर्मु एवं राज्यपाल मंगुभाई पटेल कुछ देर रुकने के पश्चात हैलीकॉप्टर से श्योपुर जिले के कूनों के लिये रवाना हुए। विमानतल पर अपर मुख्य सचिव मनुवास्तव, डीजी होमगार्ड सुश्री प्रज्ञा रिचावास्तव, संभागीय आयुक्त मनोज खत्री, आईजी अरविंद कुमार सक्सेना, डीआईजी असित यादव, कलेक्टर रुचिका चौहान, पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय एवं वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। राष्ट्रपति मुर्मु 22 जून को प्रात: 10.40 बजे हैलीकॉप्टर से श्योपुर के कूनों से वायुमार्ग द्वारा ग्वालियर विमानतल महाराजपुरा आयेंगीं। कुछ देर रुकने के बाद वे वायुसेना के विमान से नई दिल्ली के लिये रवाना होंगी।

राष्ट्रपति मुर्मु से मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सौजन्य भेंट, स्मृति चिन्हों का हुआ आदान-प्रदान

भोपाल राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से जबलपुर सर्किट हाउस में मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सौजन्य भेंट की। इस गरिमामयी मुलाकात के दौरान दोनों के बीच आत्मीय संवाद हुआ और संस्कृति व श्रद्धा के प्रतीक स्वरूप स्मृति चिन्हों का आदान-प्रदान किया गया। राष्ट्रपति मुर्मु को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश आगमन पर स्वागत करते हुए जीवनदायिनी मां नर्मदा की बेहद सुंदर प्रतिमा भेंट की। वहीं, राष्‍ट्रपति मुर्मु ने भी अपनी ओर से मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव को पुरी स्थित सुप्रसिद्ध भगवान जगन्‍नाथ, भाई बलराम तथा बहन सुभद्रा की अलौकिक तस्‍वीर सप्रेम भेंट की। ओडिशा की ऐतिहासिक धरोहर कोणार्क सूर्य मंदिर के विश्व प्रसिद्ध चक्र की भव्य प्रतिकृति भी उपहार स्वरूप प्रदान की। 

जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास में शिक्षित युवाओं की भूमिका अहम

भोपाल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि शिक्षण संस्थान केवल डिग्री देने के केंद्र नहीं, बल्कि नवाचार, अनुसंधान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और रचनात्मक सोच के विकास के प्रमुख केंद्र होते हैं। विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, परंपरा और भाषाओं के प्रति सम्मान का भाव विकसित करना भी विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आधुनिकता और परंपरा के संतुलन से ही देश का समग्र विकास संभव है। राष्ट्र्पति मुर्मु रविवार को जबलपुर में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहीं थी। इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मु ने विभिन्न संकायों में एक से अधिक स्वर्ण पदक अर्जित करने वाले 20 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किये और उपाधियों का वितरण किया। कार्यक्रम में विश्व्विद्यालय के 141 विद्यार्थियों को 240 स्वर्ण पदकों का वितरण किया गया। साथ ही 182 शोधार्थियों को पीएचडी सहित विभिन्न उपाधियां प्रदान की। महामहिम राष्ट्रपति मुर्मु ने विश्विविद्यालय परिसर स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि जबलपुर विश्वविद्यालय का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर होना गर्व का विषय है। रानी दुर्गावती वीरता, साहस, शौर्य और पराक्रम की प्रतिमूर्ति थीं और नारी शक्ति के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगी। उन्होंने महान वीरांगना की स्मृति को नमन करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय से जुड़े विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों को जनजातीय समाज, वंचित वर्गों तथा विशेषकर बेटियों के सशक्तिकरण के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जिस क्षेत्र में स्थित है, वहां जनजातीय और वनवासी संस्कृति की समृद्ध उपस्थिति है। ऐसे में यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले युवाओं का दायित्व केवल अपने करियर तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने समाज और गांवों तक पहुंचकर वहां के लोगों का मार्गदर्शन भी करना चाहिए। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सरकार जनजातीय और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। कई बार लोगों को इन योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ लेने की प्रक्रिया का पता नहीं होता। ऐसे में शिक्षित युवाओं, विशेषकर जनजातीय समाज से आगे बढ़े युवक-युवतियों का कर्तव्य है कि वे अपने समाज के बीच जाकर लोगों को मार्गदर्शन दें। उन्होंने कहा कि विकसित भारत@2047 का सपना तभी साकार होगा, जब समाज के अंतिम व्यक्ति और पिछड़े समुदायों को भी विकास की मुख्यधारा में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की पहचान, संस्कृति, परंपरा और अस्मिता को बनाए रखना उतना ही आवश्यक है, जितना आधुनिक विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना। जनजातीय समाज के कौशल, पारंपरिक ज्ञान और शिल्प को आधुनिक शिक्षा, नवाचार और शोध से जोड़ने की आवश्यकता है। इस दिशा में विश्वविद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों को विशेष प्रयास करने चाहिए, जिससे जनजातीय ज्ञान परंपरा का व्यवस्थित अध्ययन हो सके और उसका लाभ व्यापक समाज तक पहुंचे। राष्ट्रपति मुर्मु ने विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रमों में समाहित करने, नवाचार को प्रोत्साहन देने तथा डिजाइन इनोवेशन सेंटर के माध्यम से पेटेंट प्राप्त करने जैसे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में बेटियों की संख्या अधिक है, जो महिला सशक्तिकरण और बदलते भारत की सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत करती है। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आज का भारत युवाओं का भारत है और देश को उनसे बड़ी अपेक्षाएं हैं। केंद्र और राज्य सरकारें युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। विश्वविद्यालयों को चाहिए कि वे शिक्षा, शोध, नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर और राष्ट्र निर्माण के लिए सक्षम बनाएं। उन्होंने कहा कि आज विश्व तेजी से बदल रहा है और जीवनशैली में भी तीव्र परिवर्तन आ रहा है, लेकिन इस बदलते दौर में भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों को नहीं भूलना चाहिए। देश के युवाओं को भारत के सांस्कृतिक मूल्यों और आदर्शों को अपने जीवन का आधार बनाना चाहिए। सत्य, अहिंसा, करुणा, सेवा और ईमानदारी जैसे मूल्य भारतीय चेतना का अभिन्न हिस्सा हैं। इन मूल्यों को जीवन में अपनाकर युवा न केवल कठिन परिस्थितियों का दृढ़ता से सामना कर सकते हैं, बल्कि आदर्श नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। राष्ट्रपति मुर्मु ने विद्यार्थियों से कहा कि उनकी जिम्मेदारियां केवल परिवार या विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं हैं। वे राष्ट्र की आकांक्षाओं और भविष्य के निर्माता हैं। युवाओं के कंधों पर देश का भविष्य टिका है और उनके ज्ञान, ऊर्जा तथा संकल्प से विकसित भारत का सपना साकार होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखते हुए समाज के व्यापक कल्याण के लिए भी करें। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि शिक्षित युवा अपने आसपास के वंचित, ग्रामीण और जनजातीय समुदायों की समस्याओं को समझें, उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करें और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि आज जो विद्यार्थी विश्वविद्यालय से निकल रहे हैं, वे भविष्य में अधिकारी, प्रोफेसर, वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों के नेतृत्वकर्ता बनेंगे। ऐसे में उनका दायित्व और भी बढ़ जाता है कि वे समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। रानी दुर्गावती आज भी जनजातीय समुदाय सहित देश की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्र राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में संपन्न होना हम सभी के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने अमर वीरांगना महारानी रानी दुर्गावती को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन जनजातीय अस्मिता, प्रजा कल्याण, नारी शक्ति, त्याग, पराक्रम, नेतृत्व क्षमता और आत्मगौरव का अमर संदेश है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती आज भी जनजातीय समुदाय सहित देश की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्र हैं। राज्यपाल पटेल ने दीक्षांत समारोह में उपस्थित छात्र-छात्राओं से कहा कि उनकी डिग्री केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि विकसित भारत के निर्माण, नवाचार और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य को आकार देने वाली शक्ति है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे रानी दुर्गावती सहित देश के महान जननायकों के शौर्य, लोककल्याण और संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेकर समाज के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें। उन्होंने प्रत्येक विश्वविद्यालय से 5-5 पिछड़े ग्रामों को … Read more