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मालवा एक्सप्रेस शनिवार को भी रहेगी रद्द, 30 अगस्त को चार ट्रेनें कैंसल

इंदौर उत्तर रेलवे जम्मू मंडल के कठुआ-माधोपुर पंजाब रेल खंड में ट्रैफिक सस्पेंड होने के कारण रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली तथा अपने आरंभिक स्टेशन से 30 अगस्त को चलने वाली चार ट्रेनें निरस्त की गई है। इसके कारण श्रीमाता वैष्णोदेवी के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होगी। मालूम हो कि माता वैष्णोदेवी के दर्शन करने के लिए यात्रियों का जत्था इकट्ठे टिकट कई दिनों पहले ही करवा लेता है। यात्रा की तिथि आने के पहले ही यात्री आने जाने की तैयारियाें में जुट जाते हैं। रेलवे जनसंपर्क विभाग के अनुसार महू-इंदौर-श्रीमाता वैष्णोदेवी कटड़ा मालवा एक्सप्रेस ट्रेन लगातार दूसरे दिन 30 अगस्त को निरस्त रहेगी। वहीं, श्रीमाता वैष्णोदेवी कटड़ा से महू के लिए चलने वाली ट्रेन भी निरस्त रहेगी। उत्तर रेलवे जम्मू मंडल के कठुआ-माधोपुर पंजाब रेलवे खंड के डाउन लाइन के ब्रिज संख्या 17 पर रेल ट्रैफिक सस्पेंड होने के कारण इंदौर सहित रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। 30 अगस्त 12472 श्रीमाता वैष्णोदेवी कटड़ा-बांद्रा टर्मिनस बांद्रा एक्सप्रेस नई दिल्ली स्टेशन पर शार्ट टर्मिनेट की गई। 30 अगस्त गांधी धाम से श्रीमाता वैष्णोदेवी कटड़ा तक चलने वाली गाड़ी संख्या 12473 निरस्त रहेगी। ट्रेनों के बारे में अधिक जानकारी के लिए यात्री कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।

बेरोजगारों के लिए खुशखबरी: MP में महीने के ₹1500 पाने का आसान तरीका

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहयोग देने के लिए एमपी बेरोजगारी भत्ता योजना 2025 शुरू की है। इस योजना के तहत योग्य आवेदकों को हर महीने ₹1,500 की सहायता राशि दी जाएगी, जिससे वे नौकरी की तलाश के दौरान अपनी दैनिक ज़रूरतें पूरी कर सकें और कौशल विकास पर ध्यान दे सकें। योजना के मुख्य लाभ आर्थिक सहयोग से युवाओं को नौकरी की तैयारी में मदद। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और आसान। योग्य उम्मीदवारों को समय पर सीधा बैंक खाते में राशि का ट्रांसफर। पात्रता मानदंड इस योजना का लाभ पाने के लिए आवेदक को निम्न शर्तें पूरी करनी होंगी: मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। आयु 21 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास। परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख से कम होनी चाहिए। वर्तमान में किसी भी प्रकार की नौकरी में न हों। आवश्यक दस्तावेज़ आवेदन के समय इन कागज़ों की जरूरत होगी: आधार कार्ड पैन कार्ड निवास प्रमाण पत्र आय प्रमाण पत्र 12वीं की मार्कशीट बैंक खाता विवरण पासपोर्ट साइज़ फोटो मोबाइल नंबर जन्म प्रमाण पत्र आवेदन की प्रक्रिया एमपी रोजगार पोर्टल पर जाएं। "नया पंजीकरण" विकल्प चुनें। मांगी गई जानकारी को सही तरीके से भरें। आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें। आवेदन सबमिट कर भविष्य के लिए रसीद सुरक्षित रखें।

मानसून में बंद हवाई सफर दोबारा शुरू, भोपाल एयरपोर्ट से Indigo-Air India Express की नई उड़ानें

भोपाल  मानसून के कारण दो महीने पहले बंद हुई उड़ानें फिर से शुरू होंगी। इंडिगो ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को इसकी सहमति दे दी है। माना जा रहा है कि दिल्ली, बेंगलुरू तक अतिरिक्त उड़ान फिर से शुरू होगी। रायपुर उड़ान जल्द ही प्रतिदिन संचालित होगी। उड़ानें बढ़ने से किराये में भी कमी हो सकती है। मानसून के दौरान यात्रियों की संख्या कम होने के कारण एयरलाइंस कंपनियां उड़ानों को री-शेड्यूल कर देती हैं। जहां अधिक यात्री मिलते हैं वहां अतिरिक्त उड़ानें संचालित की जाती हैं। इस बार भी दो माह पहले भोपाल से दिल्ली, बेंगलुरू तक उड़ानें कम हो गई थीं। रायपुर उड़ान को सप्ताह में सात दिन से कम कर तीन दिन कर दिया गया था। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने बताया कि 21 सितंबर से दिल्ली की दोपहर की उड़ान फिर से शुरू हो जाएगी। बैंगलुरू मार्निग उड़ान इसी दिन से सप्ताह के सभी सात दिन संचालित होगी। रायपुर उड़ान भी सप्ताह के सभी सातों दिन संचालित होंगी। विंटर में बढ़ेगी एयर कनेक्टिविटीअक्टूबर के अंतिम सप्ताह से लागू हो रहे विंटर शेड्यूल में भोपाल से एयर कनेक्टिविटी बढ़ने की संभावना है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बेंगलुरू, हैदराबाद एवं मुंबई रूट पर उड़ानें शुरू करने के साथ भोपाल में दस्तक देने की तैयारी की है। इंडिगो भी गोवा, नवीं मुंबई एवं नोएडा तक उड़ान शुरू कर सकता है। रीजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत फ्लायबिग रीवा एवं दतिया उड़ान शुरू करने पर विचार कर रहा है। वर्तमान में भोपाल से प्रतिदिन साढ़े तीन से चार हजार यात्री सफर करते हैं। विंटर शेड्यूल में यह संख्या पांच हजार से अधिक हो सकती है।

राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन MP में, 15 खेल होंगे शामिल, शेड्यूल जारी

भोपाल स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इण्डिया ने 69वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के आयोजन में मध्यप्रदेश को 15 खेल विधाओं की राष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन का दायित्व सौंपा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इन प्रतियोगिताओं के आयोजन स्थल और तिथियों का निर्धारण कर दिया है। क्र. प्रतियोगिता का नाम आयु वर्ग आयोजन स्थल प्रस्तावित तिथि वर्ष 2025-26 1. वॉलीवाल 19 बालक/बालिका गाडरवाड़ा (नरसिंहपुर) 13 से 17 नवम्बर 2. मलखम्ब 14, 17, 19 बालक/बालिका उज्जैन 24 से 28 नवम्बर 3. फुटबाल 14 बालक उमरिया 01 से 06 दिसम्बर 4. एथेलेटिक्स 14 बालक/बालिका इंदौर 01 से 04 दिसम्बर 5. रायफल शूटिंग 17 बालक/बालिका इंदौर 06 से 09 दिसम्बर 6. सॉफ्ट टेनिस 14, 17, 19 बालक/बालिका देवास 11 से 14 दिसम्बर 7. स्कवॉश 19 बालक/बालिका इंदौर 11 से 13 दिसम्बर 8. कराते 14 बालक/बालिका इंदौर 15 से 19 दिसम्बर 9. स्केटिंग 11, 14, 17, 19 बालक/बालिका ग्वालियर 15 से 20 दिसम्बर 10. बैडमिंटन 14 बालक/बालिका सागर 17 से 21 दिसम्बर 11. बॉस्केटबॉल 14 बालिका शहडोल 19 से 23 दिसम्बर 12. हॉकी 14 बालक टीकमगढ़ 22 से 27 दिसम्बर 13. बॉस्केटबॉल 14 बालक जबलपुर 23 से 28 दिसम्बर 14. खो-खो 19 बालक/बालिका जबलपुर 23 से 28 दिसम्बर 15. बॉक्सिंग 14 बालक गुना 26 से 31 दिसम्बर 16. रायफल शूटिंग 14, 19 बालक/बालिका भोपाल 05 से 09 जनवरी, 2026 17. क्रिकेट 19 बालिका शिवपुरी 01 से 06 जनवरी 18. हॉकी 14, 19 बालिका ग्वालियर 02 से 07 जनवरी

अब अस्पतालों में नहीं मिलेगा कैशलेस इलाज, 1 सितंबर से लागू होगा नया नियम

भोपाल  मध्यप्रदेश में हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। निजी बीमा कंपनियों और अस्पतालों के बीच भुगतान को लेकर चल रहे विवाद का असर सीधे बीमाधारकों पर पड़ने वाला है। एक सितंबर से दो प्रमुख बीमा कंपनियों के बीमाधारकों का कैशलेस इलाज प्रदेश के अस्पतालों में नहीं हो पाएगा। बीमाधारकों की चिंता अस्पतालों और इंश्योरेंस कंपनियों के बीच खींचतान का खामियाजा बीमाधारक मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। इलाज के लिए उन्हें अपनी जेब से नकद भुगतान करना होगा। प्रदेश में करीब 30 लाख लोग निजी कंपनियों के हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज में आते हैं। इनमें ज्यादातर पॉलिसियां 3 से 5 लाख रुपए तक की हैं। क्यों मचा विवाद? हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां पुराने कॉन्ट्रैक्ट की दरें बढ़ाने को तैयार नहीं हैं। जबकि अस्पतालों का कहना है कि इलाज की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन बीमा कंपनियां भुगतान कम कर रही हैं और क्लेम सेटलमेंट में देरी भी कर रही हैं। इसी कारण एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया ने अपने 15,000 सदस्य अस्पतालों को बजाज एलायंज जैसी कंपनियों के ग्राहकों का कैशलेस इलाज रोकने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों का तर्क अस्पतालों का कहना है कि बीमा कंपनियां कैशलेस इलाज के बाद क्लेम पास करने में काफी समय लगाती हैं। बीमा कंपनियां ट्रीटमेंट की लागत घटाकर या कुछ चार्जेस को नॉन-पेएबल बता कर रकम कम कर देती हैं। सबसे बड़ी शिकायत यह है कि कई बार मरीज के छुट्टी लेने के हफ्तों बाद भी बीमा कंपनी से पूरा क्लेम नहीं मिलता। कभी राशि कम मिलती है तो कभी विवाद में फंसी रहती है। इससे अस्पतालों की वित्तीय स्थिति बिगड़ती है और वे कैशलेस सुविधा देने में हिचकिचाने लगते हैं। अस्पतालों का कहना है कि बीमा कंपनियों के दबाव में वे घाटे में इलाज नहीं कर सकते। सरकारी कंपनियों में राहत विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियां न्यू इंडिया इंश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस की कैशलेस सुविधा फिलहाल जारी रहेगी। इन कंपनियों में क्लेम कटौती और देरी जैसी समस्या कम देखने को मिलती है। क्या कहते हैं एक्सपर्ट? बीमा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि अक्सर अस्पताल इलाज की वास्तविक लागत और अतिरिक्त चार्जेस छिपाते हैं। वहीं, बीमा कंपनियों का टैरिफ घटाने का दबाव भी विवाद को बढ़ा रहा है। ऐसे हालात में बीमाधारकों की साख और भरोसा दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

ढाई महीने की तलाश के बाद Love Jihad फंडिंग के आरोपी अनवर कादरी ने किया सरेंडर

इंदौर हिंदू युवतियों से दुष्कर्म और लव जिहाद के आरोपितों के वित्तपोषक कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत ने शुक्रवार सुबह कोर्ट के समक्ष सरेंडकर कर दिया। अनवर पुलिस और वकीलों को चकमा देने के लिए वकीलों की तरह सफेद शर्ट और काली पेंट पहन कर जिला कोर्ट पहुंचा और सीधे जेएमएफसी मिनी गुप्ता की कोर्ट में जा पहुंचा। बाणगंगा पुलिस ने कोर्ट से 8 दिन की पुलिस रिमांड मांगी है। अनवर पर 20 आपराधिक मुकदमे दर्ज एसीपी रुबिना मिजवानी के मुताबिक भिस्ती मोहल्ला (सदर बाजार) निवासी अनवर पुत्र असलम कादरी पर 20 आपराधिक मुकदमे दर्ज है। बाणगंगा पुलिस ने 14 जून को लव जिहाद के आरोपित साहिल खान और अल्ताफ के कथन पर अनवर को को प्रकरणों में आरोपित बनाया था। गिरफ्तारी के डर से अनवर दूसरी पत्नी फरहाना के साथ फरार हो गया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून) अमित सिंह ने उसकी गिरफ्तारी पर 40 हजार रुपये का इनाम घोषित किया पर अनवर हाथ नहीं आया।   अनवर की गुस्साए वकीलों ने पिटाई भी कर दी शुक्रवार सुबह एमजी रोड़ पुलिस से खबर मिली कि उसने 14 नंबर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सूचना मिलते ही कोतवाली,सदर बाजार और बाणगंगा पुलिस कोर्ट पहुंची और अनवर को हिरासत में ले लिया। इस दौरान कोर्ट परिसर में गहमागहमी भी रही। पुलिस ने अनवर को घेरा बनाकर निकाला पर गुस्साए वकीलों ने उसकी पिटाई भी कर दी। दाढ़ी-मुंछे कटवा कर दूसरी पत्नी के साथ फरारी काटी काटी टीआइ सियारामसिंह गुर्जर के मुताबिक केस दर्ज होने की भनक लगते ही अनवर भोपाल होकर महाराष्ट्र चला गया। इसके बाद उसने गोरखपुर, सिक्किम, दार्जलिंग, हैदराबाद और गोरखपुर में फरारी काटी। इस दौरान उसकी दूसरी पत्नी फरहाना भी साथ रही। बेटी आयशा, भाई अज्जू, शहजाद और साले अकरम की गिरफ्तारी से टूट गया। पुलिस ने भगोड़ा घोषित करवा कर संपत्ति कुर्की की कार्रवाई शुरु कर दी। कोर्ट ने भी 8 सितंबर तक पेश होने का मौका दिया। रिश्तेदार और स्वजन भी विरोधी हो गए। आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो चुकी थी। अनवर ने परिचितों के जरिए वकीलों से चर्चा की और सीधे कोर्ट के समक्ष पेश हो गया।

विकसित भारत के लिये लोक निर्माण से लोक कल्याण की पहल

अधोसंरचनाओं के निर्माण में आई तेजी, बढ़ी पारदर्श‍िता भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत की कल्पना के अनुरूप मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश 'लोक निर्माण से लोक कल्याण' की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आधारभूत अधोसंरचनाओं को मजबूत करने में लोक निर्माण विभाग ने अपनी भूमिका को और ज्यादा सुदृढ़ बनाया है। नई तकनीक, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना के साथ लोक निर्माण की गतिविधियों में अब तेजी आई है। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि 'लोक निर्माण से लोक कल्याण' प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ आधारभूत सुविधाएँ पहुँचाने का ठोस संकल्प है। बीते अठारह माह में विभाग द्वारा उठाये गये अनेक नवाचारी प्रयासों से विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आई और गुणवत्ता में वृद्ध‍ि हुई। जनता के प्रति जवाबदेही भी बढ़ी है। "लोकपथ” ऐप : जवाबदेही का माध्यम वर्ष 2024 में प्रारंभ हुआ “लोकपथ” मोबाइल ऐप विभाग की महत्वपूर्ण पहल है। इस ऐप के माध्यम से नागरिक क्षतिग्रस्त सड़कों की तस्वीर अपलोड कर सीधे शिकायत दर्ज कर सकते हैं, जिसका समाधान सात दिनों में सुनिश्चित होता है। बीते एक वर्ष में 7,800 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 95 प्रतिशत का समय-सीमा के भीतर निपटारा किया गया। इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। 'कौन बनेगा करोड़पति' में इस पर प्रश्न भी पूछा गया। गुजरात सहित अन्य राज्यों के अभियंताओं ने भी इस मॉडल को अपनाने में रुचि दिखाई है। डिजिटल प्रबंधन और पारदर्शिता विभाग ने एकीकृत परियोजना प्रबंधन प्रणाली (आई.पी.एम.एस.) लागू की है, जिससे बजटिंग, स्वीकृति, निविदा और प्रगति की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है। 'रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम' (आर.ए.एम.एस.) के तहत 10 हजार किलोमीटर सड़कों का जी.आई.एस. आधारित सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है, जिसे अगले चरण में 60 हजार किलोमीटर नेटवर्क तक विस्तारित किया जाएगा। साथ ही, प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल पर 55 हजार किलोमीटर सड़कों की मैपिंग पूरी हो चुकी है। इससे परियोजनाओं की प्लानिंग और एलाइनमेंट और अधिक वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय दृष्टि से सुदृढ़ हो रहे हैं। निरीक्षण की नई व्यवस्था गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 14 विभागीय प्रयोगशालाओं को अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया है तथा मोबाइल लैब की व्यवस्था की जा रही है। सड़क निर्माण में प्रयुक्त डामर अब केवल सरकारी रिफाइनरियों से लिया जा रहा है और जी.पी.एस. आधारित ई-लॉकिंग टैंकरों से इसकी आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। औचक निरीक्षण की नई व्यवस्था के तहत हर माह की 5 और 20 तारीख को मुख्य अभियंताओं की टीम जिलों का निरीक्षण करती है। अब तक 417 परियोजनाओं का निरीक्षण किया गया है, जिसमें 30 ठेकेदारों और 18 अधिकारियों पर कार्रवाई की गई तथा 16 अभियंताओं को उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित किया गया। पर्यावरण हितैषी कदम पेड़ों की कटाई की बजाय ट्री शिफ्टिंग को बढ़ावा दिया गया है। सड़कों के किनारे भूजल पुनर्भरण बोर और सड़क निर्माण से निकली मिट्टी से बने “लोक कल्याण सरोवर” जैसी पहलें भी की जा रही हैं। इस वर्ष 500 सरोवर बनाने का लक्ष्य है। “हरित मध्यप्रदेश अभियान” अंतर्गत 2 लाख पौधों का रोपण कर उनकी जियो-मैपिंग की गई। नवीन तकनीक और भविष्य की दिशा सड़कों की मजबूती और टिकाऊपन के लिए फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (एफ.डी.आर.), व्हाइट टॉपिंग, माइक्रो सरफेसिंग, जैट पैचर, ग्लास ग्रिड और जियोग्रिड जैसी तकनीकों को अपनाया गया है। भविष्य में यू.एच.पी.एफ.आर.सी., जी.एफ.आर.पी. और वेस्ट प्लास्टिक आधारित सड़क निर्माण तकनीकों को भी लागू करने की योजना है। विभाग रोड नेटवर्क मास्टर प्लान और रोड सेक्टर नीति पर कार्य कर रहा है, जिनमें औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी एवं पर्यटन और कृषि सड़कों को प्राथमिकता दी जा रही है। सतत् प्रशिक्षण और शोध अभियंताओं के लिए इंजीनियरिंग अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। सी.आर.आर.आई. नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित प्रशिक्षणों में अब तक 150 अभियंता प्रशिक्षित हो चुके हैं। अगले छह माह में 1,000 अभियंताओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है।  

संस्कार युक्त शिक्षा से ही प्राप्त की जा सकती हैं उंचाईयाँ : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

एमसीयू रीवा परिसर में अभ्युदय समापन सत्र भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि संस्कार युक्त शिक्षा से ही उंचाईयाँ प्राप्त की जा सकती हैं। सर्वोच्च पद पर पहुंचकर भी आमजनों के कल्याण व देश के विकास के लिये प्रयत्नशील रहें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के रीवा परिसर में नवागत विद्यार्थियों के प्रबोधन कार्यक्रम अभ्युदय के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। यहां के विद्यार्थियों ने देश-विदेश में पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट स्थान बनाया है। रीवा परिसर के विद्यार्थी भी लगन व मेहनत से शिक्षित होकर अपने संस्थान का नाम रोशन करें। यह संस्थान उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में इसकी और प्रतिष्ठा होगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने पाठ्यक्रम के साथ ही आदर्श पुस्तकों का अध्ययन करें और देश को विश्वगुरू बनाने में सहभागी बनें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि लक्ष्य को प्राप्त करने में जागरूकता व शिक्षा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विन्ध्य में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, वर्तमान में देश की सेना के दो सर्वोच्च पदों पर विन्ध्य के ही लाल विराजमान हैं। उप मुख्यमंत्री ने परिसर में स्थापित विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय का उद्घाटन भी किया। उन्होंने परिसर में वृक्षारोपण किया। संवाद-सत्र में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल एवं कुलगुरू तथा वरिष्ठ पत्रकारों ने विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान किया। कुलगुरु श्री विजय मनोहर तिवारी ने बताया कि पत्रकारिता के साथ कंप्यूटर शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों को आने वाले समय में आईटी क्षेत्र में ख्यातिलब्ध विद्वानों का मार्गदर्शन मिलेगा। उन्होंने नवागत विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं तथा अपेक्षा की कि वे अपने परिजनों की आशाओं पर खरे उतरेंगे और देश-विदेश में स्वयं व संस्थान का नाम रौशन करेंगे। वरिष्ठ पत्रकार श्री कृष्ण मोहन मिश्रा, श्री प्रकाश हिंदुस्तानी, श्री संजय पाण्डेय, श्री आशुतोष तिवारी, श्री जयराम शुक्ला ने भी संबोधित किया। आभार प्रदर्शन केंद्र प्रभारी डॉ. सत्येंद्र डेहरिया द्वारा किया गया।  

प्रदेश के विश्वविद्यालयों से देश भर में गुंजायमान होगा भाषाई एकात्मता का संदेश

भोपाल   उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा है कि भारतीय ज्ञान परम्परा में पुस्तकालय सदैव ही समृद्ध रहे हैं। नालंदा विश्वविद्यालय में विश्व का सबसे विशाल पुस्तकालय था और तब भारत विश्व गुरु की संज्ञा से सुशोभित था। विश्व भर के लोग हमारे यहां शिक्षा ग्रहण करने आते थे। भारत का ज्ञान सार्वभौमिक था। हमारी संस्कृति में ज्ञान का दस्तावेजीकरण नहीं था। हमारे पूर्वजों ने शोध एवं अध्ययन कर ज्ञान को परंपरा के रूप में समाजव्यापी बनाया। अतीत के विभिन्न कालखंडों में योजनाबद् तरीके से हमारे ज्ञान को दूषित करने का कुत्सित प्रयास किया गया। भारतीय समाज में विद्यमान परंपरागत ज्ञान को पुनः शोध एवं अनुसंधान के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण के सापेक्ष युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में दस्तावेजीकरण से समृद्ध करने की आवश्यकता है। पुस्तकालय मानवता, नवाचार और राष्ट्रीय चरित्र निर्माण के मूल आधार हैं। भारतीय दृष्टिकोण से समृद्ध साहित्य से समस्त पुस्तकालयों को समृद्ध करने की आवश्यकता है। यह बात मंत्री श्री परमार ने शुक्रवार को भोपाल स्थित राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय (एनएलआईयू) में संस्थान के केंद्रीय पुस्तकालय ज्ञान मंदिर के तत्वावधान में "विकसित भारत के पुस्तकालयों की पुनर्कल्पना" विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन "ज्ञानोत्सव-2025" में कही। मंत्री श्री परमार ने कहा कि भारत में हर क्षेत्र हर विषय में व्यापक ज्ञान था और भारत हर क्षेत्र में विश्वमंच पर अग्रणी एवं समृद्ध था। भारत की धरोहर इस परंपरागत ज्ञान को भारत के सापेक्ष भारतीय दृष्टि से संजोने एवं सहेजने की आवश्यकता है। पुस्तकालयों को भारतीय दृष्टि से समृद्ध साहित्य से समृद्ध बनाना होगा, समृद्ध पुस्तकालयों से विकसित एवं समृद्ध राष्ट्र का बौद्धिक सृजन होगा। मंत्री श्री परमार ने कहा कि भारत की गृहणियों की रसोई में कोई तराजू नहीं होता है, गृहणियों को भोजन निर्माण के लिए किसी संस्थान में अध्ययन करने की आवश्यकता नहीं होती है। भारतीय गृहणियों में रसोई प्रबंधन का उत्कृष्ट कौशल, नैसर्गिक एवं पारम्परिक रूप से विद्यमान है। भारत की रसोई विश्वमंच पर प्रबंधन का उत्कृष्ट आदर्श एवं श्रेष्ठ उदाहरण है। भारतीय समाज में ऐसे असंख्य संदर्भ, परम्परा के रूप में प्रचलन में हैं, उनमें वर्तमान परिदृश्य अनुरूप शोध एवं अनुसंधान के साथ समृद्ध करने की आवश्यकता है। मंत्री श्री परमार ने भारतीय ज्ञान परम्परा के आलोक में अभियांत्रिकी, तकनीकी, चिकित्सा सहित हर क्षेत्र, हर विषय में सदियों से विद्यमान वैज्ञानिक दृष्टिकोण आधारित भारतीय परम्परागत ज्ञान के अनेकों उदाहरण प्रस्तुत किए। मंत्री श्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने भारतीय ज्ञान परम्परा पर पुनर्चिंतन का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है। श्री परमार ने भारतीय पुरातन न्याय प्रणाली के संदर्भ में कहा कि हमारा समाज उन कालखंडों में स्वयं अनुशासित रहने वाला समाज था। उस समय किसी के घर में ताले नहीं लगाए जाते थे, समाज स्वयं नैतिक मूल्यों की अवधारणा को आत्मसात करता था। मंत्री श्री परमार ने न्यायिक प्रणाली के परिप्रेक्ष्य में भारतीय ज्ञान परम्परा की आवश्यकता एवं महत्ता पर भी बल दिया। मंत्री श्री परमार ने कहा कि देश के हृदय प्रदेश की संज्ञा से सुशोभित हिंदी भाषी मध्यप्रदेश ने भारत की अनेकता में एकता की संस्कृति को चरितार्थ करते हुए एक नई पहल की है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में देश की सभी प्रमुख भाषा जैसे कन्नड़, तमिल, तेलगु, बांग्ला, असमिया आदि भारतीय भाषाएं सिखाई जाएंगी। इससे प्रदेश के विश्वविद्यालयों से पूरे देश में भाषाई सौहार्दता का संदेश जाएगा। मंत्री श्री परमार ने कहा कि भाषाएं जोड़ने का काम करती हैं, तोड़ने का नहीं, यह व्यापक संदेश प्रदेश के उच्च शैक्षणिक संस्थानों से देश भर में गुंजायमान होगा। हमारा यह नवाचार देश भर में "भाषाई एकात्मता" का संदेश देगा। मंत्री श्री परमार ने कहा कि कृतज्ञता का भाव भारतीय संस्कृति एवं विरासत है। हमारे पूर्वज सूर्य सहित समस्त प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों के प्रति कृतज्ञता का भाव रखते थे। पूर्वजों के ज्ञान के आधार पर स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष-2047 तक भारत सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होकर अन्य देशों की पूर्ति करने में समर्थ देश बनेगा। साथ ही वर्ष-2047 तक खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होकर अन्य देशों का भरण-पोषण करने में भी सामर्थ्यवान देश बनेगा। हम सभी की सहभागिता से अपने पूर्वजों के ज्ञान के आधार पर पुनः विश्वमंच पर सिरमौर राष्ट्र का पुनर्निर्माण होगा। मंत्री श्री परमार ने संस्थान के कुलगुरु एवं पुस्तकालयाध्यक्ष के साझे प्रयासों से संपादित "लाइब्रेरीज इन विकसित भारत : ब्रिजिंग ट्रेडिशन, टेक्नोलॉजी एंड ट्रांसफॉर्मेशन" पुस्तक का विमोचन भी किया। मंत्री श्री परमार ने संस्थान के कुलगुरु एवं विधि विभाग के प्राध्यापक द्वारा रचित पुस्तक "प्रोटेक्शन ऑफ इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स इन साइबर स्पेस" का भी अनावरण किया। संस्थान की समाचार पत्रिका के नवीन संस्करण का भी विमोचन किया, यह संस्करण "ऑपरेशन सिंदूर" में भारतीय सेना के शौर्य पर आधारित है।  

शिक्षक पुरस्कार समारोह में श्रेष्ठ कार्य करने पर सम्मानित होंगे शिक्षक

स्कूल शिक्षा विभाग ने की घोषणा शिक्षक दिवस पर होंगे सम्मानित भोपाल प्रदेश में 5 सितम्बर शिक्षक दिवस पर भोपाल में होने वाले राज्य स्तरीय शिक्षक समारोह में 14 शिक्षकों को उनके द्वारा श्रेष्ठ कार्य करने पर सम्मानित किया जायेगा। पुरस्कृत शिक्षकों को 25 हजार रुपये की सम्मान निधि, शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया जायेगा। सम्मानित शिक्षकों में प्राथमिक, माध्यमिक श्रेणी के 8 और उच्चतर माध्यमिक श्रेणी के 6 शिक्षक शामिल हैं। गत वर्ष 2024 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को भी सम्मानित किया जायेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री ने दी बधाई स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिये चयनित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा है कि आज जिन शिक्षकों का चयन उनके श्रेष्ठ कार्यों की वजह से हुआ है, वे अन्य शिक्षकों के लिये प्रेरणा का काम करेंगे। जिन प्राथमिक शिक्षकों को सम्मानित किया जायेगा, उनमें शासकीय प्राथमिक शाला बिसोनिया, गुना के श्री जितेन्द्र शर्मा, शासकीय उ.मा.वि. क्रमांक-2, शाजापुर के श्री दिलीप जायसवाल, ई.पी.ई.एस., भाटीवाड़ा, सिवनी के श्री दिलीप कटरे, शासकीय प्राथमिक विद्यालय, बसिया, दमोह के श्री श्रीकांत कुर्मी, शासकीय उ.मा.वि., रुस्तमपुर, खण्डवा की माध्यमिक शिक्षक श्रीमती श्रद्धा गुप्ता, शासकीय माध्यमिक विद्यालय, सतौआ, दमोह के श्री मोहन सिंह गौंड, शासकीय माध्यमिक शाला, चंदेसरा, उज्जैन के श्री अपूर्व शर्मा और शासकीय माध्यमिक शाला, उबालाद, अलीराजपुर के उच्च श्रेणी शिक्षक श्री धनराज वाणी शामिल हैं। ये चयनित शिक्षक कक्षा-1 से 8 की कक्षाओं में विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। कक्षा-9 से 12 में चयनित शिक्षक राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिये कक्षा-9 से 12 में पढ़ाने वाले चयनित शिक्षकों में माध्यमिक शिक्षक शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि., बाग, जिला धार की श्रीमती राधा शर्मा, शासकीय उ.मा.वि., मेडिकल कॉलेज, जबलपुर के डॉ. नरेन्द्र कुमार उरमलिया, शासकीय उ.मा. संभागीय ज्ञानोदय विद्यालय, तिलीवार्ड, सागर के श्री महेन्द्र कुमार लोधी, शासकीय उ.मा.वि., जावरा, रतलाम की उच्च माध्यमिक शिक्षक श्रीमती विनीता ओझा और माध्यमिक शिक्षक शासकीय हाई स्कूल, पांदा, जिला राजगढ़ डॉ. सरिता शर्मा को सम्मानित किया जायेगा। वर्ष 2024 के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक वर्ष 2024 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों को राज्य स्तरीय समारोह में शॉल-श्रीफल, स्मृति चिन्ह और 5 हजार रुपये सम्मान निधि भेंट कर सम्मानित किया जायेगा। इनमें शासकीय माध्यमिक शाला लिधौरा, ब्लॉक बटियागढ़, दमोह के श्री माधव प्रसाद पटेल और शासकीय हाई स्कूल, मंदसौर की शिक्षक श्रीमती सुनीता गोधा शामिल हैं।