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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- वर्तमान युग में विद्युत (ऊर्जा) का महत्व वायु और जल के समान है

पिछले 11 वर्षों में 30% बढ़ी सौर ऊर्जा विद्युत उत्पादन के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का हो रहा है उपयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव नियुक्त विद्युत कार्मिकों को प्रदान किए नियुक्ति-पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किया अभिनन्दन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान युग में विद्युत (ऊर्जा) का महत्व वायु और जल के समान है। गर्व का विषय है कि हम उद्योगों और किसानों सहित सभी प्रदेशवासियों की बिजली की मांग के साथ देश की बिजली की जरूरत को भी पूरा कर रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली की मेट्रो ट्रेन मध्यप्रदेश की बिजली से चल रही है। अब इस तरह की योजना बनाई जा रही है कि वर्ष 2047 तक बिजली की कोई कमी नहीं होगी, प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में सरप्लस रहेगा। प्रदेश में विद्युत उत्पादन के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। देश में क्लीन एनर्जी के लिए गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। प्रदेश में पिछले 11 वर्षों में सौर ऊर्जा 30 प्रतिशत बढ़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 विद्युत कंपनियों के नवनियुक्त 1060 कार्मिकों को नियुक्त-पत्र वितरण और अभिनंदन समारोह को रवीन्द्र भवन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को औषधीय पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। बिजली कंपनियों में 51 हजार से अधिक नए पद भरे जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिजली कंपनियों के द्वारा एक हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटे जा रहे हैं। प्रदेश की बिजली कंपनियों में 51 हजार से अधिक नए पद भरे जाएंगे। इससे बिजली कम्पनियों की स्थिति सुदृढ़ होगी। किसान भाइयों को लगभग 20 हजार 267 करोड़ रुपए की सब्सिडी इस वर्ष दी जा रही है। प्रदेश के एक करोड़ से अधिक परिवारों को बिजली विभाग ने 6445 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की है। प्रदेश में बिजली तैयार करने के लिए हर उपलब्ध संसाधन का उपयोग किया जा रहा है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सांची को प्रदेश की पहली सोलर सिटी बनाया गया है। राज्य के 32 लाख किसानों को सोलर पंप प्रदान किए जा रहे हैं। प्रदेश में उत्पादित क्लीन एनर्जी से बिजली, उद्योग का रूप ले रही है। प्रदेश के अन्य विभागों द्वारा अपनी स्वयं की बिजली बनाने की पहल लोक स्वास्थ्य विभाग ने आरंभ की है। इससे ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी बढ़ेगी तथा प्रबंधन के लिए दक्ष मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को सभी क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल कराने के लिए संकल्पित है। बिजली कंपनियों की उपलब्धियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रदेश की विभिन्न बिजली कंपनियों की उपलब्धियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्युत कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से भेंट भी की। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव नियुक्त विद्य़त कार्मिकों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए। ऊर्जा विभाग के अंतर्गत सभी बिजली कंपनियों के लिये 51 हजार से अधिक नियमित पद स्वीकृत करने पर ऊर्जा मंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पगड़ी पहना कर तथा अंग वस्त्रम और प्रशस्ति-पत्र भेंट कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सम्मान में प्रशस्ति-पत्र का वाचन भी किया गया। इस अवसर पर नव नियुक्त कर्मिकों के अभिभावक भी उपस्थित थे। बिजली कंपनियों को मिला जीवनदान ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि बिजली कंपनियों में बड़ी संख्या में नियुक्ति देकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिजली कंपनियों को जीवनदान प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नियमित पद स्वीकृत किये गये हैं। इसीलिये आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया गया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग लगातार बिजली उपभोक्ताओं और किसानों के हित में कार्य कर रहा है। किसानों को अब कड़कड़ाती ठंडी रातों में सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। अब इन्हें सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध कराई जायेगी। उन्होंने अधोसंरचना सुधार के लिये राशि की जरूरत पर भी बल दिया। प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में नवाचारों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई ने कहा कि 1000 से अधिक युवा आज ऊर्जा विभाग से नियुक्ति-पत्र लेकर जाएंगे। उनका और उनके अभिभावकों का हार्दिक अभिनंदन है। प्रदेश की 6 ऊर्जा कंपनियों में 51 हजार 700 नए स्थाई पद स्वीकृत किए गए हैं। यह प्रयास प्रदेश को भारत में ऊर्जा क्षेत्र में नए मानकों के साथ स्थापित करेगा। ऊर्जा विभाग ने हमेशा प्रदेश और देश की ऊर्जा मांग को पूरा किया है। प्रदेश का ऊर्जा विभाग सौर ऊर्जा और पारंपरिक ऊर्जा क्षेत्र में नवाचारों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारी कोशिश है कि प्रदेश में आने वाले नए उद्योगपतियों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों का उनके सहयोग के लिये आभार माना। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक सर्वश्री रामेश्वर शर्मा और विष्णु खत्री, एमडी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी श्री अविनाश लवानिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।  

सरकार ने जारी किया आदेश: होटल और पेट्रोल पंप के टॉयलेट अब आम लोगों के लिए खुलेंगे

भिंड जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) की पहल पर अब नगर निकाय क्षेत्र के होटल, रेस्टोरेंट और पेट्रोल पंपों में स्थित शौचालय आम नागरिकों के उपयोग के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस संबंध में डूडा कार्यालय द्वारा नगरीय निकाय को आदेशित किया गया है। अगर इनका उपयोग करने से कोई रोकता है तो संबंधित पर चालानी कार्रवाई भी की जा सकती है। नियमित सफाई एवं निगरानी पर विशेष ध्यान बता दें कि डूडा कार्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार, सभी नगरीय निकायों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके अधीनस्थ वार्डों में संचालित होटल, रेस्टोरेंट एवं पेट्रोल पंप आदि पर बने सार्वजनिक शौचालयों को नागरिकों के लिए उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, इन संस्थानों पर स्थित शौचालयों की नियमित सफाई एवं निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाए। नपा अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था स्वच्छता मिशन एवं जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है। सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छ और सुलभ शौचालय उपलब्ध होने से लोगों को सुविधा मिलेगी और खुले में शौच की प्रवृत्ति पर भी रोक लगेगी। साफ-सफाई न रखने पर भी कार्रवाई करने का नियम स्थानीय निकायों को साफ-सफाई की नियमित जांच करने और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित होटल, रेस्टोरेंट एवं पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश से यात्रियों, राहगीरों और स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अब उन्हें शहरी सीमा क्षेत्रों में स्वच्छ शौचालयों की सुविधा आसानी से मिल सकेगी। नपा टीम कर रही निरीक्षण शहर में इन दिनों प्रभारी स्वच्छता निरीक्षक रविंद्र सिंह भदौरिया, नरेंद्र गुप्ता के द्वारा शहर में रेस्टोरेंट, होटल व पेट्रोल पंप का सर्वे किया जा रहा है। मंगलवार को नपा टीम के द्वारा शहर के इटावा रोड स्थित पेट्रोल पंप, 17वीं बटालियन सहित अन्य पेट्रोल पंप का निरीक्षण किया गया। प्रभारी स्वच्छता निरीक्षक रविंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि जिन पेट्रोल पंप पर टॉयलेट नहीं बने हुए हैं या फिर उपयोग करने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे टॉयलेट को व्यवस्थित करने के लिए संबंधित संचालकों को निर्देशित किया जा रहा है। जिन पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट में टॉयलेट नहीं हैं, उनमें टॉयलेट का निर्माण कराए जाने को लेकर निर्देश दिए जा रहे हैं। टॉयलेट में ताला डालकर नहीं कर सकते बंद बाजार व अन्य स्थानों पर संचालित होटल, रेस्टोरंट व पेट्रोल पंप के टॉयलेट के गेट पर ताला डालकर बंद नहीं किया जा सकता। इस टॉयलेट का उपयोग आम नागरिक कभी भी कर सकते हैं। साथ ही टॉयलेट में नियमित साफ-सफाई कराने की जिम्मेदारी भी संबंधित प्रतिष्ठान की होगी। अगर किसी टॉयलेट में गंदगी मिलती है या ताला डला मिलता है तो उस पर दो हजार या इससे अधिक तक का चालान भी किया जा सकता है। राजीव जैन, स्वास्थ्य अधिकारी, नपा – भिंड  ने बताया- होटल, रेस्टोरेंट व पेट्रोल पंप के टॉयलेट उपयोग करने लायक हैं या नहीं इसके निरीक्षण को लेकर स्वच्छता निरीक्षकों को निर्देशित किया गया है। इनमें से अगर कोई आम लोगों को टॉयलेट का उपयोग करने से रोकता है तो संबंधित के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी। 

एमपी टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर किडज़ानिया को मिले दो गोल्ड अवॉर्ड्स

म.प्र. टूरिज्म को एक्सपीरिएंशल मार्केटिंग कैंपेन और बेस्ट ट्रैवल एंड टूरिज्म मार्केटिंग कैंपेन श्रेणी में मिले दो अवॉर्ड्स भोपाल  अतुल्य भारत का दिल मध्यप्रदेश, ऐतिहासिक विरासत, समृद्ध संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए ही नहीं, बल्कि नवाचार और आधुनिक मार्केटिंग रणनीतियों के लिए भी जाना जा रहा है। गोवा में आयोजित प्रथम मेडएक्स समिट एवं अवॉर्ड्स 2025 में किडज़ानिया इंडिया के ‘एमपी टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर’ को दो श्रेणियों में प्रतिष्ठित गोल्ड अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया। बेस्ट एक्सपीरिएंशल मार्केटिंग कैंपेन और बेस्ट ट्रैवल एंड टूरिज्म मार्केटिंग कैंपेन की श्रेणी में ये गोल्ड अवॉर्ड्स प्राप्त हुए।   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन और संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के कुशल निर्देशन में दिल्ली एवं मुंबई किडज़ानिया में स्थापित एमपी एक्सपीरियंस सेंटर को अवार्ड मिला है। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि एमपी टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर ने यह फिर से परिभाषित किया है कि पर्यटन और अनुभवात्मक ब्रांड कैसे दर्शकों के साथ सार्थक रूप से जुड़ सकते हैं। इसने अतुल्य भारत के दिल को युवा भारत के और करीब लाया है, जिससे वे हमारी प्रकृति के महत्व को समझने के लिए प्रेरित हुए हैं। मेडएक्स में मिला यह सम्मान पूरी तरह से योग्य है और वास्तव में हमारे लिए प्रेरणादायक है। नवाचार, रचनात्मकता ने जीता आगंतुकों का दिल बेस्ट ट्रैवल एंड टूरिज्म मार्केटिंग कैंपेन श्रेणी में एमपी टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर को उनकी नवाचार, रचनात्मकता और प्रभावशाली रूप से इसके क्रियान्वयन के लिए सम्मानित किया गया, जिसने ब्रांड की विज़िबिलिटी और ऑडियंस एंगेजमेंट को नए आयाम दिए हैं। वहीं, बेस्ट एक्सपीरिएंशल मार्केटिंग कैंपेन श्रेणी में यह अवॉर्ड उनकी इमर्सिव स्टोरीटेलिंग और अत्याधुनिक एक्टिवेशंस को मिला, जिसने आगंतुकों के मन में गहरी छाप छोड़ी और ब्रांड कनेक्शन को और मजबूत बनाया। किडज़ानिया में एमपी टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर मध्यप्रदेश की समृद्ध संस्कृति, धरोहर और परंपराओं को नवीन तरीकों से प्रस्तुत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। क्या खास है मध्यप्रदेश टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर में दिल्ली और मुंबई में किडजानिया के एमपी टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर का उद्देश्य बच्चों को प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर, जैव विविधता, नदियों और सांस्कृतिक विरासत से रोचक और रचनात्मक तरीके से जोड़ना है। यह पहल न केवल बच्चों को रोमांचक अनुभव प्रदान करती है, बल्कि उनके माध्यम से पूरे परिवार को भी मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों के प्रति आकर्षित करने का कार्य करती है। दिल्ली और मुंबई स्थित किडज़ानिया में इस सेंटर में दो प्रमुख वर्चुअल अनुभव जंगल सफारी और रिवर राफ्टिंग प्रस्तुत किए जा रहे हैं। जंगल सफारी के दौरान बच्चे वर्चुअल जीप सफारी में मध्यप्रदेश के घने जंगलों, राष्ट्रीय उद्यानों और जंगली जानवरों को नजदीक से देखने का अनुभव करते हैं। वहीं, रिवर राफ्टिंग में वे प्रदेश की नदियों की लहरों पर सवारी करते हुए प्राकृतिक सौंदर्य और जलजीवों को जानने का रोमांच महसूस करते हैं।  इन अनुभवों को और अधिक वास्तविक बनाने के लिए वर्चुअल रियलिटी, मोशन सेंसिंग तकनीक, एनवायरनमेंटल सिमुलेशन और 3डी इफेक्ट्स का प्रयोग किया गया है। सेंटर में बच्चों को हरे रंग की सफारी जैकेट पहनाई जाती है, जिससे वे खुद को एक असली पर्यटक की भूमिका में महसूस कर सकें। हर अनुभव लगभग 10 मिनट का होता है। अनुभव के बाद बच्चों से दस प्रश्न पूछे जाते हैं और सही जवाब देने पर उन्हें एमपी टूरिज्म की ओर से सुविनियर और किडज़ानिया करेंसी (kidZos) इनाम स्वरूप दी जाती है। बच्चों को खुद का पर्सनलाइज्ड पोस्टकार्ड भी डिजाइन करने का अवसर मिलता है, जिसका प्रिंटआउट वे साथ ले जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त एमपी टूरिज्म की ओर से विशेष गिवअेज़ जैसे कस्टम स्टिकर्स, बच्चों की डायरी और रंगीन पेंसिल्स भी वितरित की जा रही हैं।

जल संसाधन मंत्री सिलावट कहा- सतत निगरानी के साथ करें सभी सुरक्षात्मक उपाय

भोपाल   जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि प्रदेश में अब तक हुई बारिश से जलसंरचनाओं में जल भराव की स्थिति अच्छी है। विभागीय अधिकारी जल संरचनाओं की सतत निगरानी एवं अनवरत कार्य करते हुए सभी सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करें। कहीं भी किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने। बांधों में पानी छोड़ने की सूचना सभी संबंधितों एवं आमजन को समय से पूर्व उपलब्ध कराएं। मंत्री श्री सिलावट ने मंगलवार को मुख्य अभियंता बोधी कार्यालय स्थित राज्य बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्रदेश में वर्षा और जलाशयों में जलभराव की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में मुख्य अभियंता बोधी परियोजना, अधीक्षक यंत्री सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में बारिश की स्थिति अच्छी है. इस मानसून में मध्यप्रदेश में आज दिनांक तक 905.30 मि.मी. वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है, जो प्रदेश में औसत वर्षा से 23 प्रतिशत अधिक है। राज्य के पूर्वी हिस्से में औसत से 25 प्रतिशत अधिक एवं पश्चिमी हिस्से में औसत से 22 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। विगत वर्ष आज की स्थिति में मध्यप्रदेश में वास्तविक वर्षा 840.70 मिलीमीटर दर्ज हुई थी, जो कि प्रदेश की औसत वर्षा से 14 प्रतिशत अधिक थी। प्रदेश के प्रमुख बांधों में जल भराव की स्थिति भी अच्छी है। विगत वर्ष आज दिनांक की स्थिति में प्रदेश के प्रमुख बांधों में लगभग 82.23 प्रतिशत औसत जल भराव था, जबकि इस वर्षाकाल में अच्छी बारिश के चलते प्रदेश के प्रमुख बांधों में 83.65 प्रतिशत जलभराव हो चुका है। प्रदेश के 17 बांधों के जल द्वार खोले जा चुके हैं। प्रदेश के सभी प्रमुख बेसिन में बांधों के जल ग्रहण क्षेत्र में मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी वर्षा के पूर्वानुमान, पानी की आवक और बांधों के गवर्निंग लेवल के दृष्टिगत गेटों का संचालन किया जा रहा है, जिससे बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। रिजर्वायर लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम में चिन्हित प्रदेश के 286 प्रमुख बांधों में से 145 बांधों में 90 प्रतिशत से अधिक, 32 बांधों में 75 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक तथा 45 बांधों में 50 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक जल भराव हो चुका है। इसी प्रकार 27 बांधों में 25 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक, 14 बांधों में 10 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक तथा शेष प्रमुख बांधों में 10 प्रतिशत से कम जल भरा हुआ है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के प्रमुख 17 बांधों के द्वार खोले जा चुके हैं। बरगी जबलपुर बांध के 9, बानसुजारा टीकमगढ़ का 1, धोलाबाड़ टैंक रतलाम का 1, बिलगांव डिंडोरी के 2, इंदिरा सागर खंडवा के 12, महान सीधी के 6, कुटनी छतरपुर के 2, महुअर शिवपुरी के 2, मोहिनी पिकअप वियर शिवपुरी के 1, ओंकारेश्वर के 9, पगारा मुरैना के 2, पगरा फीडर सागर का 1, पवई पन्ना का 1, राजघाट अशोकनगर के 3, तवा नर्मदापुरम के 3, थावर मंडला का 2 तथा अपर ककेटो श्योपुर का 1 गेट खोले जा चुके हैं। बाँधों के जल ग्रहण क्षेत्र में वर्षा के पूर्वानुमान एवं जल आवक के अनुसार निकासी की जा रही है, जिससे बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। जल निकासी की निरंतर आमजन और सभी संबंधितों को समय से पूर्व सूचना दी जा रही है। नदी बेसिन में जलभराव की स्थिति         नर्मदा बेसिन अंतर्गत प्रमुख बांधों के जलग्रहण क्षेत्र में औसत से अधिक वर्षा दर्ज होने से लगभग सभी बाँधों में जल भराव की स्थिति सामान्य से अधिक है। जबलपुर जिले में बरगी बांध 100.16 प्रतिशत, रायसेन जिले में बारना 95.60 प्रतिशत, नर्मदापुरम में तवा बांध 93.87 प्रतिशत, सीहोर में कोलार बांध 69.26 प्रतिशत, खंडवा में इंदिरा सागर बांध 86.1 प्रतिशत एवं ओंकारेश्वर बांध 92.64 प्रतिशत भर चुका है।         प्रदेश के गंगा बेसिन अंतर्गत निर्मित बड़ी परियोजनाओं में शहडोल स्थित बाणसागर में 96.44 प्रतिशत एवं सीधी स्थित महान बांध में 92.03 प्रतिशत जलभराव हो चुका है। बाणसागर बॉध के जलग्रहण क्षेत्र में गत दिनों भारी वर्षा दर्ज की गई।         वैनगंगा बेसिन अंतर्गत प्रदेश के प्रमुख बांधो में पेंच छिंदवाड़ा में 85.74 प्रतिशत, संजय सरोवर सिवनी में 83.08 प्रतिशत एवं बालाघाट स्थित राजीव सागर में 44.54 प्रतिशत जल भराव है।         माही एवं ताप्ती बेसिन में प्रमुख बांध पारसडोह 85.03 प्रतिशत, माही मेन और माही सब्सिडरी बांध में क्रमश: 70.87 प्रतिशत एवं 28.25 प्रतिशत जल भराव हुआ है।         बेतवा बेसिन बेसिन अंतर्गत प्रमुख बांधो में भोपाल जिले में स्थित केरवा एवं कलियासोत बांध में क्रमश: 54.70 एवं 63.67 प्रतिशत जल भराव की स्थिति है। सम्राट अशोक सागर हलाली 86.91 प्रतिशत, संजय सागर बांध 93.41 प्रतिशत और राजघाट 81.83 प्रतिशत भर चुके हैं।         चंबल बेसिन में गांधी सागर बांध 58.4 प्रतिशत, मोहनपुरा 91.27 प्रतिशत और कुण्डलिया 60.24 प्रतिशत भर गए हैं।         प्रदेश के शेष बेसिन जैसे सिंध, केन, धसान में भी बांधों के जलग्रहण क्षेत्र में माह जुलाई में अत्यधिक वर्षा दर्ज हुई है। प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र के छतरपुर, टीकमगढ़, निवारी जिलों में गत दिनों भारी वर्षा दर्ज की गई। धसान बेसिन में बाणसुजारा बांध 77.41 प्रतिशत एवं पन्ना में पवई बांध 62.38 प्रतिशत जलभराव में है।         इसी प्रकार ग्वालियर-चंबल संभाग में दतिया, भिण्ड, शिवपुरी, श्योपुर, एवं अशोक नगर मे भी भारी वर्षा दर्ज की गई। सिंध बेसिन पर स्थित आवदा बांध 100 प्रतिशत, हरसी 104.01 प्रतिशत, अपर काकेटो 76.59 प्रतिशत, काकेटो 101.37 प्रतिशत, मड़ीखेड़ा 90.49 प्रतिशत, मोहिनी पिकअपवेयर 75.59 प्रतिशत जल भराव की स्थिति में हैं।  

नारी-शक्ति का सम्मान ही सनातन संस्कृति, सामाजिक संरचना और कुटुंब परंपरा का मुख्य आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय महिला समानता दिवस की शुभकामनाएं दीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नारीशक्ति का सम्मान ही सनातन संस्कृति, सामाजिक संरचना और कुटुंब परंपरा का मुख्य आधार है। सहयोग और सहभागिता के साथ महिला को समानता मिल जाए, तो उनके लिए कुछ भी असंभव नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में बहनों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं को महत्वपूर्ण बताते हुए बेटियों और माताओं की प्रगति में सभी नागरिकों द्वारा सहयोगी बनने का आह्वान किया है।  

ईमैक्स ग्लोबल अवार्ड ने विक्रमोत्सव : 2025 को लांगस्टैंडिंग आईपी ऑफ द ईयर से किया सम्मानित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में विरासत के संरक्षण के साथ विकास के मंत्र पर हो रहा है कार्य भोपाल सांस्कृतिक अभ्युदय के अंतर्गत संस्कृति विभाग के अंतर्गत प्रदेश में सम्पन्न सांस्कृतिक प्रकल्प सार्थक सिद्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में विरासत के संरक्षण के साथ विकास के मंत्र पर कार्य हो रहा है। इस क्रम में महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के आयोजन विक्रमोत्सव: 2025 को 'ईमैक्स ग्लोबल अवार्ड' ने 'लांगस्टैंडिंग आईपी ऑफ द ईयर' से सम्मानित किया है। ईमैक्स की टीम भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को यह सम्मान प्रदान करेगी। इस वर्ष विक्रमोत्सव को मिलने वाला यह दूसरा अवार्ड है। 'वाउ अवार्ड एशिया 2025' ने भी एशिया के शासकीय समारोह की विशेष श्रेणी में विक्रमोत्सव को 'गोल्ड अवॉर्ड' दिया है। गत वर्ष विक्रमोत्सव : 2024 को एशिया का 'बिगेस्ट रिलीजियस अवार्ड' मिला था। मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि विक्रमोत्सव : 2025 का 'ईमैक्स ग्लोबल अवार्ड' से सम्मानित होना संपूर्ण मध्यप्रदेश और भारतीय संस्कृति के लिए गर्व का विषय है। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि उज्जैन की धरती पर आयोजित विक्रमोत्सव केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा, गौरव और मूल्यों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का सेतु बन चुका है। विक्रम महोत्सव ने शास्त्र, कला, संगीत, नृत्य और साहित्य को आधुनिक समय से जोड़ा है, जिससे विश्वभर में भारतीय संस्कृति की गरिमा और प्रासंगिकता बढ़ी है। यह सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सांस्कृतिक विरासत के प्रति समर्पण को समर्पित रहेगा, क्योंकि विक्रमोत्सव ने युवाओं को जड़ों से जोड़ने का कार्य किया है। विक्रमोत्सव ने विदेशी अतिथियों को भारतीय संस्कृति की गहराई से भी अवगत करवाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सांस्कृतिक विरासत के प्रति लगाव और विकास के पथ पर आगे बढ़ने की दृढ़ इच्छाशक्ति मध्यरप्रदेश को गौरवान्वित कर रही है। यह सम्मान केवल एक उत्सव का नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा का है। आने वाले वर्षों में विक्रमोत्सव को अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संवाद का सबसे बड़ा मंच बनाया जाएगा। यह उपलब्धि अपनी परंपराओं को आधुनिक तकनीक, शोध और नवाचार के साथ जोड़कर विश्व पटल पर भारत की सांस्कृतिक ध्वजा को और ऊंचा करने की प्रेरणा देती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने की सराहना नई दिल्ली में सम्राट विक्रमादित्य नाटक के मंचन और विक्रमोत्सव की गतिविधियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सराहना करते हुए अभिमत दिया था कि महान सम्राट विक्रमादित्य के गौरव और वैभव को जन-जन तक पहुँचाने के प्रयास अनुकरणीय हैं। सम्राट विक्रमादित्य का शासन काल जन-कल्याण, सुशासन और सांस्कृतिक पुनरुत्थान के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में यह आयोजन युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़कर आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा की भावना से परिपूर्ण नागरिक बनाने में सहायक होगा। विक्रमोत्सव : 2025 में हुईं 300 से अधिक गतिविधियाँ विक्रमोत्सव : 2025 के अंतर्गत 300 से अधिक विभिन्न सांस्कृतिक एवं बहुआयामी गतिविधियाँ सम्पन्न हुई हैं। महोत्सव में लाखों लोगों ने भागीदारी की। सोशल मीडिया के माध्यम से भी करोड़ों लोग विक्रमोत्सव से जुड़े। विक्रमोत्सव की बहुआयामी गतिविधियों में मध्यप्रदेश के सभी प्रमुख शिवरात्रि मेलों का आयोजन, कलश यात्रा, विक्रम व्यापार मेला, संगीत, नृत्य, वादन, शिवोह्म, आदि-अनादि पर्व समारोह, विक्रम नाट्य समोराह, चित्र प्रदर्शनियाँ, संगोष्ठी, भारतीय इतिहास समागम, राष्ट्रीय विज्ञान समागम, वेद अंताक्षरी, कोटि सूर्योपासना, शिल्प कला कार्यशाला, प्रकाशन, विक्रम पंचांग, पौराणिक फिल्मों का अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, बोलियों एवं हिन्दी रचनाओं का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, 1000 ड्रोन्स की प्रस्तुति और ख्यात कलाकारों की प्रस्तुतियाँ शामिल हैं।  

उज्जैन में कल होगा ग्लोबल स्पिरिचुअल कॉन्क्लेव रूहmantic

ग्लोबल स्पिरिचुअल कॉन्क्लेव" हमारी समृद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का मंच बनेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 27 अगस्त को उज्जैन में होने वाला ग्लोबल स्पिरिचुअल कॉन्क्लेव एक ऐसा मंच होगा, जहां हम अपनी समृद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को दुनिया के सामने प्रस्तुत कर सकेंगे। साथ ही उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 की तैयारियों, कॉर्पोरेट समूहों और मंदिर ट्रस्ट समूहों तक सीधी पहुँच बनेगी। इस कॉन्क्लेव का केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत शुभारंभ करेंगे। इयमें देश-विदेश के कई आध्यात्मिक गुरू, विचारक सहित 300 से अधिक महानुभाव शामिल होंगे। साथ ही मुख्य वक्ता के रूप में आध्यात्मिक गुरु गौरांग दास और देश-विदेश के कई आध्यात्मिक गुरू, विचारक सहित 300 से अधिक महानुभाव शामिल होंगे। अतुल्य भारत के हृदय मध्यप्रदेश में आध्यात्मिक और पर्यटन क्षेत्र को एक नई दिशा देने के लिए पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश पर्यटन और पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) के द्वारा होटल अंजुश्री उज्जैन में होने वाला यह सम्मेलन आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने, सांस्कृतिक विरासत का संवर्धन करने और जिम्मेदार आतिथ्य पर गहन चर्चा का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा। यह आयोजन न केवल पर्यटन उद्योग के लिए अपितु उन सभी के लिए महत्वपूर्ण है, जो भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को आधुनिकता के साथ जोड़कर देखना चाहते हैं। कॉन्क्लेव में PHDCCI-KPMG द्वारा आध्यात्मिक पर्यटन पर तैयार की गई एक विशेष रिपोर्ट भी जारी की जाएगी, जो इस क्षेत्र के भविष्य के लिए एक रोडमैप प्रस्तुत करेगी। यह कॉन्क्लेव कई महत्वपूर्ण सत्रों में विभाजित है, जिनमें आध्यात्मिक पर्यटन के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। 'ज्योतिर्लिंग सर्किट' पर एक विशेष सत्र होगा, जिसमें भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों के महत्व और उनके संरक्षण पर चर्चा होगी। 'मंदिर अर्थव्यवस्थाएं' नामक सत्र में यह जाना जाएगा कि कैसे भारत के प्रमुख मंदिर जैसे तिरुपति, वैष्णो देवी और काशी विश्वनाथ मंदिर स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देते हैं। इस सत्र में महाकुंभ 2025 के उदाहरण पर भी बात की जाएगी, जिसने 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं को आकर्षित किया था। उज्जैन की आध्यात्मिक शक्ति पर विशेष फोकस इसका एक विशेष सत्र “महाकाल का मंडल: उज्जैन की आध्यात्मिक शक्ति और शहरी भविष्य” उज्जैन शहर पर केंद्रित होगा। इस सत्र में श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के महत्व, सिंहस्थ कुंभ के प्रभाव और शहरी नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। आध्यात्मिकता और आधुनिकता का संगम यह कॉन्क्लेव "मन, शरीर और आत्मा: नई आध्यात्मिक सीमा के रूप में कल्याण", "डिजिटल में दिव्य – आध्यात्मिकता 2.0" जैसे विषयों पर भी चर्चा करेगा। "मन, शरीर और आत्मा: नई आध्यात्मिक सीमा के रूप में कल्याण" सत्र में आयुर्वेद, योग और ध्यान जैसी भारतीय परंपराओं को पर्यटन के साथ कैसे जोड़ा जाए, इस पर विचार होगा। "डिजिटल में दिव्य" सत्र में वर्चुअल दर्शन, एआई और वीआर जैसी तकनीकों के माध्यम से आध्यात्मिकता को कैसे सुलभ बनाया जा सकता है, इस पर चर्चा होगी। कॉन्क्लेव का समापन प्रतिनिधियों को श्री महाकालेश्वर और श्री काल भैरव मंदिरों के दर्शन के साथ होगा। यह कॉन्क्लेव निश्चित रूप से भारत की आध्यात्मिक शक्ति को वैश्विक पटल पर और भी अधिक मजबूती प्रदान करेगा।  

प्रदेश में 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना एवं 60 मेगावाट पवन ऊर्जा परियोजना कैप्टिव मोड पर स्थापित करने का अनुमोदन

"प्रति न्यायालय एक अभियोजक" के सिद्धांत पर 610 नवीन पदों की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा उज्जैन-इंदौर-पीथमपुर लाइन के प्रथम चरण में श्रीमहाकालेश्वर उज्जैन लवकुश चौराहा, इंदौर एवं द्वितीय चरण में लवकुश चौराहा से पीथमपुर, मेट्रो रेल परियोजना की डीपीआर बनाने के कार्य के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को परामर्श शुल्क 9 लाख रूपये प्रति किमी की दर (जीएसटी के अनुसार) का अनुमोदन किया गया। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में संचालित क्राईम एण्ड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एण्ड सिस्टम (CCTNS) प्रोजेक्ट के सतत् क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए 5 वर्षों (वर्ष 2021-22 से 2025-26) के लिए स्वीकृत लागत 102 करोड़ 88 लाख रूपये की योजना में ई-विवेचना ऐप के लिए 75 करोड़ रूपये से 25 हजार टैबलेट क्रय करने की स्वीकृति दी। संशोधित/विस्तारित (CCTNS) योजना की कुल राशि 177 करोड़ 87 लाख 51 हजार रूपये की स्वीकृति प्रदान गयी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों में CCTNS प्रोजेक्ट 2012 से स्वीकृति है। नए चरण में सभी विवेचना अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक टेबलेट दिया जाता है। जिससे मौके पर समस्त कार्यवाही हो सके। इसके लिए ई-विवेचना ऐप बनाया गया है। प्रथम चरण में 1732 टेबलेट खरीदे गए हैं। 610 नवीन पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वाराभारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन, आपराधिक न्याय प्रशासन के सुचारू संचालन एवं प्रदेश के सभी दण्ड न्यायालयों के समक्ष "प्रति न्यायालय एक अभियोजक" के सिद्धांत अनुसार अभियोजकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लोक अभियोजन संचालनालय के तहत 610 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अनुसार अभियोजन संचालनालय के पदों के सृजन में अतिरिक्त लोक अभियोजक के 185 पद, अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी के 255 पद, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी के 100 पद और सहायक कर्मचारी के 70 पद का सृजन किया गया है। पद सृजन पर तीन वर्ष में लगभग 60 करोड़ रूपए का व्यय आयेगा। प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर विद्युत क्रय किये जाने का निर्णय एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा मंत्रि-परिषद की 24 जनवरी 2025 को हुई बैठक के पालन में प्रदेश में स्थापित की जाने वाली 4000 (3200+800 मेगावाट "ग्रीनशू") मेगावाट क्षमता की प्रस्तावित नवीन ताप विद्युत परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर विद्युत क्रय के लिए जारी निविदा अंतर्गत चयनित तीन विकासकों से क्रमशः 800 मेगावाट, 1600 मेगावाट एवं 800 मेगावाट विद्युत क्रय के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा चयनित विकासकों से अतिरिक्त 800 मेगावाट विद्युत का क्रय "ग्रीनशू" प्रावधान का उपयोग कर, निविदा की शर्तों एवं म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा प्रदत्त स्वीकृति के अनुसार किया जायेगा। उक्त स्वीकृति के पालन में अग्रिम कार्यवाही एवं म.प्र. विद्युत नियामक आयोग के समक्ष टैरिफ स्वीकृति के लिए याचिका दायर करने के लिए एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को अधिकृत किया गया है। कैप्टिव मोड पर सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित करने का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारामध्यप्रदेश जल निगम की समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं के संचालन-संधारण व्यय को कम करने के लिए प्रदेश में सौर ऊर्जा परियोजना एवं पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित किए जाने की स्वीकृति दी गयी। स्वीकृति अनुसार प्रदेश में 100 मेगावाट सौर उर्जा एवं 60 मेगावाट पवन उर्जा परियोजना कैप्टिव मोड पर स्थापित किए जाने, निविदा से प्राप्त दरों पर विद्युत् क्रय किए जाने एवं उत्पादित विद्युत देयकों के भुगतान की सुनिश्चितता के लिए "भुगतान सुरक्षा व्यवस्था" के अंतर्गत 6 माह का रिवोल्विंग लेटर ऑफ क्रेडिट जारी किए जाने के लिए अनुमोदन दिया गया। मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा 35 हजार से अधिक ग्रामों के 75 लाख परिवारों को पेयजल 60,786 करोड़ रुपए की लागत से 147 समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उक्त परियोजनाओं के लिये निजी भागीदारी के माध्यम से क्रियान्वयन किए जाने के लिये 24 मार्च 2025 को मंत्रि-परिषद द्वारा सैद्धांतिक सहमति दी गई है।  

महू में CDS चौहान ने कहा, सुरक्षा के लिए सतत युद्ध की तैयारी जरूरी

इंदौर भारत को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनना है। हमें अब महाभारत की तरह शस्त्र और शास्त्र दोनों को साथ में लेकर चलना होगा। महाभारत का सबसे अच्छा योद्धा अर्जुन शस्त्र तो चला सकता था। परंतु शास्त्र का ज्ञान श्रीकृष्ण ने दिया तब जाकर पांडव युद्ध जीत सके। भारत एक शांतिप्रिय देश है। परंतु लेटिन में एक कहावत है। यदि शांति बनाए रखना है, तो हमेशा युद्ध के लिए तैयार रहो। ये बातें चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने महू के आर्मी वार कॉलेज में मंगलावार को शुरू हुई दो दिवसीय ‘रण संवाद‘ कार्यक्रम में कही। तकनीक का युद्ध पर प्रभाव थीम पर आयाेजित इस संवाद कार्यक्रम में देश के तीनो सैन्य ईकाईयों के अधिकारी शामिल हुए। शुभारंभ मौके पर सीडीएस चौहान ने कहा कि पिछले दो साल से हम रणसंवाद जैसे कार्यक्रम की तैयारी कर रहे थे। जिससे हम हमारी सेनाओं को पुन: आकार दे सकें। इस तरह के आयोजन में मिलने वाले सुझाओं को अमल में लाकर हम आत्मनिर्भर बनेंगे। उन्होंने ऋग्वेद का उदाहरण देते हुए कहा कि हर दिशा से आने वाली जानकारी व सुझावों पर ध्यान देकर विशलेषण करने की आवश्यकता है। तकनीक के साथ आधुनिकता को अपनाने वाला ही जीतेगा रेस     सीडीएस चौहान ने कहा कि सबसे बड़े अर्थशास्त्री कौटिल्य व चाणक्य ने कहा कि किसी भी युद्ध को जीतने के लिए शक्ति, उत्साह और युक्ति की आवश्यकता होती है।     हमें यह अभी भांपने की जरुरत है कि भविष्य में किस तरह के युद्ध हो सकते है। ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा लेकिन उसने हमें बहुत कुछ सिखाया और भविष्य के लिए तैयार रहने की प्रेरणा दी।     तकनीकी रूप से युद्ध में मजबूती से डटे रहने की यह एक रेस है जिसमें सभी देश दौड़ रहे हैं। इसमें वही जीतेगा जो सबसे अधिक आधुनिक होगा।     भविष्य के युद्धों में विजय प्राप्त करने के लिए हमें तकनीकी रूप से मजबूत होने के साथ अपनी क्षमताओं का विकास करना होगा।     ऐसे में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस), सायबर, क्वांटम और इलेक्ट्रानिक वारफेयर का समावेश कर अपनी सेनाओं को संयुक्त प्रशिक्षण देने की जरूरत है।     राष्‍ट्र की सुरक्षा सभी के लिए सर्वाेपरि है। इसमें टेक्नोलाजी पार्टनरशिप, अन्य देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध व कूटनीति का अहम रोल है। रक्षा मंत्री समापन समारोह में होंगे शामिल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार देर रात महू पहुंचे। वे महू में आयोजित रण संवाद कार्यक्रम के अंतिम दिन बुधवार को महू में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। बुधवार को सैन्य रणनीति के इन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा     दूसरे दिन युद्ध में इंटीग्रेट तकनीक के महत्व संबंधित प्रशिक्षण     भविष्य के लिए भारतीय नौसना तकनीकी तैयारी     जमीन युद्ध में मानव रहित प्रणाली का एकीकरण व 2035 तक बल संरचनाओं व सामरिक संचालन की पुनर्कल्पना।     अंतरिक्ष पर आधारित निगरानी और सेटकाम-ए ढांचे काे एकीकृत करना     डिजिटल युग में प्रतिद्वंदी की सप्लाय चैन को बाधित करना

4 घंटे टावर पर बंधक बना ‘Veeru’, शादी के लिए दी जान देने की धमकी, अधिकारियों ने संभाली स्थिति

बैराड़ बैराड़ थानांतर्गत गोंदरी गांव में एक युवक मंगलवार की सुबह मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक ने घरवालों सहित पूरे गांव को चेतावनी दी कि अगर उसकी शादी उसकी पसंदीदा लड़की शबाना से नहीं कराई गई तो वह टावर से कूद कर आत्महत्या कर लेगा। यह पूरा घटनाक्रम करीब चार घंटे तक चलता रहा। समझाने के बाद बमुश्किल वह नीचे उतरने को तैयार हुआ। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार ग्राम गोंदरी निवासी अल्ताफ का मुरैना जिले की एक युवती शबाना से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों शादी करना चाहते थे। इसी के चलते अल्ताफ ने अपने परिजन के ऊपर दबाव बनाया तो वह लड़की के परिवारवालों से बात करने के लिए उनके घर गए। बताया जा रहा है कि दोनों का गोत्र एक ही होने के कारण लड़की के परिवार वाले शादी करने के लिए तैयार नहीं हुए। बताया तो यहां तक जा रहा है कि जब शबाना ने भी अपने परिवार वालों पर दबाव बनाने का प्रयास किया तो उसकी मारपीट कर उसका मोबाइल छीन लिया गया।   विधायक ने समझाया, फिर भी नहीं माना ऐसे में कुछ दिनों से अल्ताफ और शबाना की बात भी होनी बंद हो गई। इसी कारण से अल्ताफ ने दोनों ही परिवारों पर प्रेशर बनाने के लिए यह कदम उठाया था। मंगलवार की सुबह 11 बजे से गांव वाले, परिवारवाले, सरपंच अल्ताफ को उसके मोबाइल पर फोन करके समझाते रहे, लेकिन वह टावर से उतरने को तैयार नहीं हुआ। इसी दौरान वहां से क्षेत्रीय विधायक कैलाश कुशवाह गुजरे, उन्हें जब मामले की जानकारी लगी तो उन्होंने भी अल्ताफ को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। आखिर कैसे माना अल्ताफ? अंत में मौके पर पहुंचे एएसआइ तेज सिंह गौड़ ने फोन पर उसे समझाते हुए कहा कि अगर कोई इस तरह से तुम्हारी बहन से शादी करने की जिद करता तो क्या तुम तैयार हो जाते, आदि। यह बात अल्ताफ की समझ में आई और वह दोपहर तीन बजे के लगभग टावर से उतर कर नीचे आ गया।