samacharsecretary.com

नेहा किन्नर केस में चौंकाने वाला खुलासा! फर्जी दस्तावेजों से 25 साल से रह रही थी भोपाल में

 भोपाल  बीते करीब ढाई दशक से भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिक नेहा किन्नर (पूर्व में अब्दुल कलाम) को लेकर नए खुलासे हो रहे हैं। अब्दुल कलाम भारत में कोई वीजा लेकर नहीं बल्कि बांग्लादेशी घुसपैठियों की टोली में अवैध रूप से सीमा पार करके आया था। माता-पिता के साथ कई दोस्त-रिश्तेदार भी उस टोली में एक साथ भारत में घुसे थे। पहले वे महाराष्ट्र समेत दूसरे राज्यों में अवैध रूप से रहे, फिर भोपाल आकर फर्जी रूप से अपने दस्तावेज तैयार करवाए और यहीं बस गए। भोपाल में कलाम नेहा किन्नर के नाम से रह रहा था। बांग्लादेश से उसके साथ आकर भोपाल में बसे पांच घुसपैठिए करीब चार साल से चोरी-लूट के मामले में जेल में बंद हैं। 17 साल की उम्र में सीमा पार कर आया था वहीं नेहा किन्नर के एमपी नगर थाने में दर्ज मारपीट के मामले में जल्द ही फैसला आएगा, जिसके बाद उसे बांग्लादेश वापस भेज दिया जाएगा। बता दें तलैया पुलिस ने एक सप्ताह पहले बुधवारा क्षेत्र में रहने वाली नेहा किन्नर को हिरासत में लिया था। पूछताछ में उसने बताया कि वह 17 वर्ष की उम्र में सीमा पार कर अवैध रूप से भारत में रह रहा था। पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि नेहा किन्नर का एक मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उस पर सुनवाई जारी है। वहीं, उसे आश्रय देने वालों को लेकर भी जांच की जा रही है।

टेबल वर्क नहीं, अब सेवा और शिक्षा पर फोकस: आयुष विभाग ने बदली डॉक्टरों की जिम्मेदारी

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत प्रोफेसर और डॉक्टरों को लेकर बड़ा फैसला किया है। अब ऐसे डॉक्टर जो केवल ऑफिस बैठकर प्रशासनिक काम करते हैं, उन्हें दोबारा पढ़ाई और इलाज से जुड़ी सेवाओं में लगाया जाएगा। सरकार का मानना है कि डॉक्टरों और प्रोफेसरों को मरीजों और छात्रों से दूर बैठाकर बाबूगिरी करवाना मेडिकल सेवाओं और शिक्षा दोनों के लिए नुकसानदायक है। आयुष विभाग इसको लेकर प्रावधान करने जा रहा है। इसमें जिन डॉक्टरों के पास 20 साल से कम का शिक्षण अनुभव है, उन्हें अब 65 की बजाय 62 साल की उम्र में ही सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा। यह नियम आयुर्वेद कॉलेजों पर भी लागू होगा। क्लास रूम और क्लिनिक में मौजूदगी अनिवार्य साथ ही मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और सहायक प्राध्यापक अब नियमित रूप से क्लास लें, ओपीडी में बैठें और छात्रों को मार्गदर्शन दें। इसको लेकर ही नियमों को सख्त करने की तैयारी है। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बहाने शिक्षण और मरीजों से दूरी बनाने के बहाने खत्म किए जाएंगे।  बदलेगी डॉक्टरों की कार्यप्रणाली बता दें लंबे समय से कई डॉक्टर ऑफिस वर्क में लगे हुए हैं और उन्होंने क्लास या मरीजों को देखना लगभग बंद कर दिया था। सरकार अब ऐसे डॉक्टरों की सूची तैयार कर रही है जिन्हें मूल कार्य (टीचिंग और ट्रीटमेंट) में वापस भेजा जाएगा। यह पहल विभागीय जवाबदेही और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से की जा रही है। 

यात्रियों के लिए राहत! इंदौर में ई-रिक्शा का न्यूनतम किराया ₹10 फिक्स

इंदौर इंदौर में आठ हजार से ज्यादा ई रिक्शा सड़कों पर चल रहे है और रिक्शा चालक मनमाना किराया ले रहे है। इस पर लगाम लगाने की तैयारी अब हो रही है। संभागायुक्त दीपक सिंह ने ई रिक्शा के किराए को लेकर आदेश जारी किए है। ई रिक्शा चालक दो किलोमीटर तक प्रति यात्री दस रुपये तक किराया ले सकेंगे। दो किलोमीटर के बाद प्रति किलोमीटर के लिए पांच रुपये देना होंगे। यह दरें शुक्रवार से लागू की गई है। इससे ज्यादा किराया अब रिक्शा चालक नहीं ले सकते है।  क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा ने कहा कि ई रिक्शा चालकों द्वारा मनमाना किराया लेने की शिकायतें प्राप्त हो रही थी। अब हमने किराया तय किया है। उससे अधिक किराया लेने पर रिक्शा चालकों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने किया कि इंदौर में ई रिक्शा चार या उससे अधिक बैठक क्षमता वाले संचालित हो रहे है। रुट भी तय नहीं,ट्रैफिक मे भी बाधक  प्रशासन ने ई रिक्शा के रुट तय करने की कवायद भी की थी, लेकिन अभी तक रुट नहीं बनाए गए। इंदौर में कई रुटों पर ई रिक्शा संचालित हो रहे। उनके स्टैंड भी नहीं है। इस कारण वे कही भी खड़े हो जाते है। चौराहों पर लेफ्ट टर्न पर भी कई बार ई रिक्शा खड़े नजर आते है। इंदौर में चार किलोमीटर के 80 से 100 रुपये तक ई रिक्शा चालक किराया वसूलते है। मनमाने किराए को लेकर कई बार यात्रियों के साथ बदसलूकी भी की जाती है। कई ई रिक्शा अटाला बेचने, सब्जी बेचने के उपयोग में भी आ रहे है।    

सागर के खुरई में हरियाली की लहर, एक दिन में 61,700 से ज्यादा पौधे लगाए गए

सागर  खुरई विधानसभा क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को समर्पित 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत एक भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें एक ही दिन में 61,700 से अधिक पौधे रोपे गए। इस वृहद अभियान में नगर निकायों और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी रही, और खुरई मॉडल स्कूल ग्राउंड में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समर्थ दादा गुरु महाराज थे, जबकि अध्यक्षता पूर्व गृहमंत्री व खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने की। इस अवसर पर अकेले खुरई में 10,000 से अधिक पौधे रोपे गए। कार्यक्रम में विभिन्न ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में भी समारोहपूर्वक पौधारोपण किया गया। अपने संबोधन में समर्थ दादा गुरु महाराज ने कहा, "खुरई में आज सहस्रकोटि यज्ञ की तरह यह अभियान जीवंत हुआ है। श्रावण मास शिव-शक्ति की आराधना का समय है और इस पवित्र अवसर पर 51,000 से अधिक देव वृक्षों की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम है। वृक्ष ही ऐसे जीव हैं जो माटी, वायु और जल तीनों का संरक्षण कर सकते हैं।" भूपेंद्र सिंह ने घोषणा की कि यह अभियान अब हर साल चलेगा और खुरई में प्रतिवर्ष 50,000 पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा, "खुरई पहले ही स्वच्छता, स्वास्थ्य और विकास के मामलों में अग्रणी है, अब हम इसे पर्यावरण संरक्षण का भी मॉडल बनाएंगे।" इस आयोजन ने खुरई को हरित भविष्य की दिशा में एक नई पहचान दी है और स्थानीय लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का भाव भी पैदा किया है।  

राजधानी भोपाल में नाम बदलने की शुरुआत, ‘राम बाग’ बना अशोका गार्डन, अन्य क्षेत्रों की सूची तैयार

भोपाल  राजधानी शहर के प्रमुख जगहों के नाम बदलकर शहर सरकार 'शुद्धिकरण अभियान' चला रही है। दावा किया जा रहा है कि, अब गुलामी और विदेशी आंक्राताओं के नाम से नहीं, बल्कि भोपाल की पहचान भारतीय संस्कृति के नामों से होगी। इसी के चलते नगर निगम द्वारा हमीदिया कॉलेज, हमीदिया अस्पताल, हबीबगंज के साथ-साथ शहर के कई प्रमुख इलाकों के नाम बदलने के लिए शासन से मांग की है। इसी के तहत मेयर इन काउंसिल (MIC) ने शहर के बड़े और प्रमुख इलाके में शामिल अशोका गार्डन का नाम बदल भी दिया है। इस इलाको को अब 'राम बाग' नाम से जाना जाएगा। मीडिया से बातचीत के दौरान नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि, गुलामी और विदेशी आक्रांताओं के नामों को बदलना जरूरी है। भारतीय संस्कृति के नामों से भोपाल को राजा भोजपाल की पहचान मिले। कई सड़कों और संस्थानों के नाम बदलने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। शहर सरकार की शक्तियों का उपयोग कर अशोका गार्डन का नाम बदलकर राम बाग का प्रस्ताव पारित हुआ है। निगम अद्यक्ष ने कहा कि, भोपाल का नवाब रहा हमीदुल्लाह खान के नाम की सड़कों के नाम बदले। भोपाल का हमीदुल्लाह खान पाकिस्तान में विलय चाहता था। इसलिए ये शुद्धिकरण का अभियान है। विपक्ष के मति में भ्रम और अशुद्धि है।

ग्वालियर से RSS का मिशन समरसता, 150 दलित छात्रों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

ग्वालियर  अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के छात्रों के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का प्रकल्प विचार प्रवाह एक बड़ी पहल करने जा रहा है। ग्वालियर अंचल में लंबे समय से सामाजिक समरसता और शैक्षणिक जागरूकता को लेकर कार्य कर रहा यह संगठन अब 19 जुलाई से 24 घंटे का आवासीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित करेगा। यह शिविर शहर के श्याम वाटिका परिसर में होगा जिसमें अजा वर्ग के 150 छात्रों को शामिल किया जाएगा। इस प्रशिक्षण शिविर में देशभर के विषय विशेषज्ञ छात्रों को तथ्यात्मक इतिहास, विदेश में उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप प्राप्त करने की प्रक्रिया और प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रभावी तैयारी के गुर सिखाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को समाज में व्याप्त भ्रामक विमर्शों से अवगत कराना और उन्हें सनातन मूल्यों के प्रति जागरूक करना है। शिविर के संयोजक मनीष राजौरिया और संघ की सामाजिक समरसता गतिविधियों के संयोजक सुधीर शर्मा ने बताया कि कुल आठ सत्रों में शिक्षण, सामाजिक और ऐतिहासिक विषयों पर विशेषज्ञ बातचीत करेंगे। इसमें प्रोफेसर, डॉक्टर्स, वकील और इंजीनियर जैसे बुद्धिजीवी भाग लेंगे। विचार प्रवाह पिछले तीन वर्षों से ग्वालियर जिले में सक्रिय है और 500 से अधिक अनुसूचित जाति वर्ग के बुद्धिजीवियों को जोड़ चुका है। संगठन तीन मुख्य कार्यों पर केंद्रित है – सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना, अनुसूचित वर्ग से जुड़ी घटनाओं का विश्लेषण करना और उनकी प्रगति के लिए शोध कार्यों को आगे बढ़ाना। ग्वालियर अंचल में जातिगत संगठनों की गतिविधियों में बढ़ोतरी के कारण समाज में राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित विभाजनकारी विमर्श फैलाए जा रहे हैं। ऐसे में विचार प्रवाह का यह प्रयास अजा वर्ग को सनातन विरोधी विचारधाराओं से सचेत करने और सामाजिक एकता को पुनः स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। यदि ग्वालियर में यह प्रयोग सफल रहता है तो संघ इसे गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, भिंड, मुरैना और श्योपुर जिलों में भी आयोजित करेगा। आगे चलकर यह नवाचार राष्ट्रीय स्तर पर भी लागू किया जा सकता है।

बालाघाट के जंगलों में गोलियां गूंजीं! सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच चल रही मुठभेड़

 बालाघाट  बालाघाट से बड़ी खबर सामने आ रही है जहां सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। यह मुठभेड़ जिले के घने जंगलों में उस समय शुरू हुई जब सुरक्षा बलों द्वारा एक विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों की टीम का सामना नक्सलियों से हो गया, जिसके बाद दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई। घटना की पुष्टि करते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि मुठभेड़ अभी भी जारी है और मौके पर अतिरिक्त बलों को रवाना किया गया है। फिलहाल, किसी प्रकार के हताहत या गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है और मुठभेड़ से संबंधित विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। बालाघाट जिले लांजी थाना अंतर्गत मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सीमा से लगे झुलनापाठ के जंगल में शनिवार सुबह माओवादियों और सुरक्षा जवानों के बीच मुठभेड़ हुई है। इसमें कुछ माओवादियों के मारे जाने की सूचना आ रही है। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने मुठभेड़ की घटना की पुष्टि की है। उन्होंने मुठभेड़ में माओवादियों के मारे जाने की बात से इनकार किया है, लेकिन ये स्पष्ट किया है कि जंगल में मुठभेड़ हुई है और मौके पर हाकफोर्स और कोबरा बटालियन के जवान तैनात हैं। वहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (बैहर) आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि मुठभेड़ शनिवार सुबह नौ बजे के आसपास शुरू हुई थी। दो-तीन घंटे के बाद मुठभेड़ रुक गई। फिलहाल सुरक्षा जवान इलाके की सर्चिंग कर रहे हैं। मुठभेड़ में माओवादी के मारे जाने की भी जानकारी सामने आ रही है, लेकिन पुलिस का कहना है कि अभी किसी भी माओवादी का शव नहीं मिला है। इसलिए मुठभेड़ में माओवादी मारे गए हैं या नहीं, ये शव मिलने के बाद ही स्पष्ट होगा। 14 जून को मारी गईं थीं चार हार्डकोर महिला माओवादी बता दें कि 36 दिन पहले 14 जून को रूपझर थाना क्षेत्र के कटेझिरिया के जंगल में हाकफोर्स के जवानों ने चार हार्डकोर महिला माओवादियों को मार गिराया था। इसके बाद इस महीने हट्टा थाना क्षेत्र के ठाकुरटोला के नैनसिंह धुर्वे को पुलिस ने माओवादियों को विस्फोटक सामग्री उपलब्ध कराने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले में पुलिस अब तक पांच संदेहियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है। हाकफोर्स और कोबरा बटालियन के जवान मौके पर तैनात है। आशंका है कि फायरिंग में कुछ माओवादियों जान बचाकर जंगल में भाग गए हैं। अभी कोई शव बरामद नहीं हुआ है, लेकिन यह बताया जा रहा है कि कई माओवादियों को इसमें गोली लगी है। सर्चिंग पर निकले थे जवान जानकारी के मुताबिक हाकफोर्स और कोबरा बटालियन के जवान इलाके में सर्चिंग पर निकले थे। इसी दौरान वहां मौजूद माओवादियों ने गोलियां चलाना शुरू कर दी। बदले में जवानों ने भी डटकर उनका मुकाबला किया, इस दौरान कई माओवादी भागने पर मजबूर हो गए। छत्तीसगढ़ से भागकर आने की आशंका जिस इलाके में यह मुठभेड़ हुई वह छत्तीसगढ़ की सीमा के काफी करीब है, आशंका जताई जा रही है कि माओवादी वहीं से भागकर मध्य प्रदेश के बालाघाट में आए हैं। छत्तीसगढ़ में माओवादियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का एक्शन लगातार जारी है। केंद्र सरकार ने अगले साल तक देश को माओवाद से मुक्त करने का निर्णय लिया है। ऐसे में मध्य प्रदेश में भी उनके छिपने के संभावित ठिकानों पर लगातार सर्चिंग की जा रही है।

अदालत का स्पष्ट संदेश: बीमारी का हवाला देकर ट्रांसफर नहीं टाला जा सकता

ग्वालियर  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर पीठ ने माध्यमिक शिक्षिका सुनीता यादव की ट्रांसफर रद्द करने संबंधी याचिका खारिज करते हुए सख्त टिप्पणी की है कि स्थानांतरण (ट्रांसफर) सेवा का अभिन्न हिस्सा है और जब तक कोई ट्रांसफर दुर्भावनापूर्ण या मनमाना न हो, अदालत उसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती। क्या है पूरा मामला? शिक्षिका सुनीता यादव का स्थानांतरण 3 अक्टूबर 2024 को इंदरगढ़ के मढीपुरा मिडिल स्कूल से दतिया जिले के रुहेरा हाईस्कूल में किया गया था। उन्होंने इस ट्रांसफर को चुनौती देते हुए कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। प्रारंभ में कोर्ट ने उन्हें प्रतिवेदन देने का अवसर देते हुए जबरन ज्वॉइन न कराने के निर्देश प्रशासन को दिए थे। लेकिन प्रशासन ने उनका प्रतिवेदन 23 अप्रैल 2025 को खारिज कर दिया। इसके बाद शिक्षिका ने दोबारा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने याचिका में दो प्रमुख तर्क दिए- 1. मढीपुरा स्कूल में शिक्षकों की कमी है 2. स्वयं स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं कोर्ट ने क्या कहा? हाईकोर्ट की एकलपीठ ने यह स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए प्रारंभिक प्रतिवेदन में कहीं भी स्वास्थ्य समस्याओं का उल्लेख नहीं था। साथ ही यह भी पाया गया कि मढीपुरा स्कूल में कुल तीन शिक्षक कार्यरत हैं और उनमें से सुनीता यादव को "सरप्लस" (अतिरिक्त शिक्षक) मानकर ही स्थानांतरण किया गया। ट्रांसफर को बताया सेवा का अभिन्न हिस्सा कोर्ट ने अपने फैसले में दो टूक कहा कि थानांतरण सरकारी सेवा का एक अनिवार्य पहलू है। जब तक कोई स्थानांतरण दुर्भावना से प्रेरित या असंगत न हो, तब तक उसमें न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने याचिका को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। हालांकि, हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि अब याचिकाकर्ता को कोई नई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, तो वह प्रशासन के समक्ष पुनः आवेदन कर सकती हैं और प्रशासन चाहे तो उन पर विचार कर सकता है।

मौसम विभाग का अलर्ट: MP के 14 जिलों में अगले 24 घंटे में मूसलधार बारिश की आशंका

भोपाल   मध्यप्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने से बारिश का दौर चल रहा है। शनिवार को 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इनमें ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, आगर-मालवा, राजगढ़, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, डिंडौरी और अनूपपुर शामिल हैं। अगले 24 घंटे में यहां साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है।  आज इन जिलों बाढ़ का खतरा शनिवार को सिस्टम कमजोर होगा, लेकिन ग्वालियर समेत 16 जिलों में बाढ़ का खतरा है। शिवपुरी में आज भी स्कूलों की छुट्टी रहेगी। जिन जिलों में बाढ़ का खतरा है, उनमें ग्वालियर, छतरपुर, दमोह, कटनी, पन्ना, सागर, सतना, टीकमगढ़, अशोकनगर, दतिया, गुना, मुरैना, राजगढ़, श्योपुर, शिवपुरी और विदिशा जिले शामिल हैं। यहां शुक्रवार को भारी बारिश का दौर चला। 9 घंटे में डेढ़ इंच बारिश प्रदेश में शुक्रवार को तेज बारिश का दौर जारी रहा। 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। शिवपुरी में 9 घंटे में डेढ़ इंच बारिश हो गई। वहीं, गुना-ग्वालियर में सवा इंच पानी गिरा। रतलाम में 1.2 इंच, छतरपुर के नौगांव में 1 इंच और दतिया में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन, जबलपुर, छतरपुर के खजुराहो, मंडला, सागर, सिवनी, टीकमगढ़, बालाघाट, मऊगंज, रीवा, सतना, डिंडौरी, मंदसौर, श्योपुर समेत कई जिलों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहा। शिवपुरी में बारिश के चलते स्कूलों की छुट्टी शिवपुरी में बारिश के चलते आज नर्सरी से लेकर 12वीं तक के स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। छतरपुर में रनगुवां डैम के 12, कुटनी के 7 और लहचूरा डैम के 13 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। शिवपुरी में मड़ीखेड़ा अटल सागर बांध के 2 गेट खोले गए। टीकमगढ़ में पूनौल नाला उफान पर रहा। पुल के ऊपर से 3 फीट तक पानी बहा। इस वजह से झांसी हाईवे पर ट्रैफिक बंद करा दिया गया। छतरपुर, टीकमगढ़, रीवा, सतना, डिंडौरी और मऊगंज में शुक्रवार को स्कूलों में छुट्टी रही। सिस्टम के कमजोर होने की संभावना मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश से एक मानसून टर्फ गुजर रही है। वहीं, एक डिप्रेशन भी एक्टिव है। इस वजह से शुक्रवार को कई जिलों में अति भारी और भारी बारिश का दौर रहा। शनिवार को कई जिलों में भारी बारिश होगी, लेकिन इसके बाद सिस्टम के कमजोर होने की संभावना है। बता दें कि इस सीजन में प्रदेश में औसत 20.1 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 11.8 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 8.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है। अबकी बार पूर्वी हिस्से में मानसून मेहरबान रहा है। 

मौसम ने दिखाया असली रंग: ग्वालियर-चंबल में 29 दिनों में ही पूरी हुई साल की बारिश

ग्वालियर/चंबल   ग्वालियर-चंबलअंचल में इस साल मानसून ने रिकॉर्ड तोड़ बारिश की है। महज 29 दिनों में पूरे साल का औसत वर्षा कोटा पूरा हो चुका है। अभी तक यहां कुल 706 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जबकि सालाना औसत 700 मिमी का होता है। मौसम विभाग ने ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड और श्योपुर जिलों में अगले 24 घंटे के भीतर अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी करते हुए रेड अलर्ट घोषित किया है। गुरुवार रात से लगातार बारिश, शुक्रवार शाम तक 78 मिमी पानी बरसा गुरुवार रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार पूरे दिन रुक-रुक कर जारी रही। कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश के चलते पूरे अंचल में 78 मिमी (करीब तीन इंच)वर्षा दर्ज हुई। कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित रहा और लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। तिघरा डैम के गेट खोले गए, गांवों को किया गया अलर्ट बारिश के चलते तिघरा डैम(Tigra dam gates open) में जलस्तर बढ़कर 738.20 फीट तक पहुंच गया। शुक्रवार दोपहर 1 बजे डैम के गेट खोल दिए गए। इस दौरान कलेक्टर रुचिका चौहान और जिला पंचायत सीईओ विवेक कुमार मौजूद रहे। गेट खोलने से पहले सायरन बजाया गया और नदी किनारे स्थित महीदपुर गांव के निवासियों को सतर्क किया गया। साथ ही पुल पर बहते पानी के कारण ट्रैफिक रोका गया और प्रकाश, सूचनात्मक बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए। आगामी 24 घंटे में ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड और श्योपुर में भारी बारिश की आशंका मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी है। लगातार बारिश के कारण अचानक बाढ़ की स्थिति बन सकती है।