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प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में की मध्यप्रदेश की मिनी ब्राजील विचारपुर फुटबॉल टीम व वॉटर स्पोर्ट्स टीम की सराहना

मंत्री सारंग ने जताया आभार, कहा- प्रदेश के खिलाड़ियों को मिलेगी वैश्विक पहचान भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 125वें संस्करण में मध्यप्रदेश की 'मिनी ब्राजील' विचारपुर फुटबॉल टीम और वॉटर स्पोर्ट्स टीम की उपलब्धियों की सराहना की। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने प्रदेश के खिलाड़ियों की सराहना किए जाने पर आभार व्यक्त किया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यह हम सबके लिए गर्व का क्षण है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दो वर्ष पूर्व ‘मन की बात’ (30 जुलाई 2023) में शहडोल जिले के विचारपुर ग्राम को ‘मिनी ब्राजील’ के रूप में उल्लेखित किया था। आज वही फुटबॉल क्रांति विश्वस्तर पर स्थापित हो रही है। प्रधानमंत्री द्वारा पॉडकास्ट में विचारपुर टीम का उल्लेख किए जाने के बाद जर्मनी के प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब FC Ingolstadt 04 ने विचारपुर के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण का अवसर प्रदान करने की इच्छा व्यक्त की है। यह न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गौरव की बात है। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि जर्मनी के फुटबॉल क्लब ने विचारपुर ग्राम के 2 बालक, 2 बालिका एवं 1 प्रशिक्षक को 4 से 12 अक्टूबर तक जर्मनी आमंत्रित किया है, जहां उन्हें प्रशिक्षण एवं सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह अवसर विचारपुर के खिलाड़ियों के भविष्य को नई दिशा देगा और प्रदेश की खेल प्रतिभा की वैश्विक पहचान बनेगा। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का छोटे-छोटे विषयों को गंभीरता से लेना और आदिवासी अंचलों की प्रतिभाओं को मंच देना अत्यंत उत्साहवर्धक है। प्रधानमंत्री का यह दृष्टिकोण न केवल खिलाड़ियों को प्रेरित करता है बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा भी प्रदान करता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा मध्यप्रदेश की वॉटर स्पोर्ट्स टीम की प्रशंसा पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। प्रथम खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल, श्रीनगर में मध्यप्रदेश ने 10 स्वर्ण, 3 रजत और 5 कांस्य पदक सहित कुल 18 पदक जीतकर प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने खिलाड़ियों को बधाई दी। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की यह बधाई हमारे लिए ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत है। मध्यप्रदेश में वॉटर स्पोर्ट्स और फुटबॉल जैसे खेलों को बढ़ावा देने के लिए हम निरंतर कार्य कर रहे हैं। विचारपुर और हमारे खिलाड़ियों को विश्व स्तर पर पहचान मिलना हम सबके लिए अत्यंत गर्व का क्षण है।  

वॉटर स्पोर्ट्स शो में खिलाड़ियों ने बड़े तालाब में दिखाये करतब

भोपाल  राष्ट्रीय खेल दिवस के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय खेल महोत्सव का समापन रविवार को राजधानी भोपाल में फिट इंडिया साइकिल रैली और वॉटर स्पोर्ट्स शो के साथ हुआ। साइकिल रैली का नेतृत्व सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने किया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा भारतीय खेल प्रधिकरण भोपाल शाखा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित साइकिल रैली का शुभारंभ वीआईपी रोड स्थित राजाभोज प्रतिमा से हुआ, जिसमें हजारों की संख्या में साइकिलिस्टों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली वीआईपी रोड होते हुए लेक व्यू स्थित वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी तक पहुँची। पूरे मार्ग में फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और अनुशासन का संदेश जन-जन तक पहुँचाया गया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे देश को फिट इंडिया मूवमेंट का आहवान किया था और उनका मंत्र है “फिट इंडिया से ही हिट इंडिया होगा”। “संडे ऑन साइकिल” कार्यक्रम ने उसी संदेश को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय इस खेल महोत्सव के दौरान पूरा प्रदेश खेलमय हो गया और राजधानी भोपाल ने इस आयोजन के माध्यम से पूरे देश को स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया है। मंत्री श्री सारंग ने साइकिल राइडर एसोसिएशन को बधाई देते हुए कहा कि साइकिल चलाना केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि यह हमारी जीवनशैली में अनुशासन और संतुलन लाने वाला साधन है। प्रदेश में हम साइकलिंग को और बढ़ावा देने के लिये सार्थक प्रयास करेंगे। साइकिल रैली के समापन पर वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी में भव्य जल क्रीड़ा गतिविधियों का आयोजन हुआ। यहाँ खिलाड़ियों ने बड़े तालाब में अपने खेल कौशल का रोमांचक प्रदर्शन किया। कायकिंग, कैनोइंग, स्लैलम और सेलिंग जैसी प्रतियोगिताओं ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने राजधानी में खेल महोत्सव के समापन को यादगार बना दिया और यह आयोजन लंबे समय तक खेल प्रेमियों की स्मृतियों में अंकित रहेगा। इस अवसर पर भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक श्री राकेश गुप्ता, उप निदेशक श्री बी.एस. यादव, भारतीय खेल प्राधिकरण के मध्य क्षेत्रीय केन्द्र भोपाल के क्षेत्रीय निदेशक श्री अभिषेक सिंह चौहान सहित विभागीय अधिकारी, खेल संगठन और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। 

खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल में मध्यप्रदेश द्वारा सबसे अधिक मेडल जीतने पर दी बधाई

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देशवासियों को स्वदेशी अपनाने के लिए किया प्रेरित एक ही रास्ता आत्मनिर्भर भारत, एक ही लक्ष्य विकसित भारत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना जिले के पिपरसेवा में किया मन की बात कार्यक्रम का श्रवण भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश की खेल उपलब्धियों को मन की बात कार्यक्रम में दो बार उल्लेख किया। उन्होंने देश के पहले खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल में मध्यप्रदेश द्वारा सबसे अधिक मेडल जीतने पर बधाई दी। साथ ही शहडोल जिले में फुटबॉल के क्रेज और उसके प्रति जर्मनी के कोच द्वारा रूचि लेने और खिलाड़ियों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की भावना का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का मुरैना जिले के पिपरसेवा में श्रवण किया। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर और स्थानीय रहवासी उपस्थित थे। श्रीनगर की डल झील में हुआ देश का पहला वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि देश में पहला खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल श्रीनगर की डल झील में हुआ। जहाँ महिला एथलेटिस भी पीछे नहीं रही उनकी भागीदारी भी लगभग पुरुषों के बराबर थी। मैं उन सभी खिलाड़ियों को बधाई देना चाहता हूँ जिन्होंने इसमें भाग लिया। विशेष बधाई मध्यप्रदेश को, जिसने सबसे ज्यादा मेडल जीते। उसके बाद हरियाणा और उड़ीसा का स्थान रहा। शहडोल के फुटबॉल खिलाड़ियों को जर्मनी में मिलेगा प्रशिक्षण प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया का ध्यान भारत की ओर है। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जर्मनी के फुटबॉल कोच के शहडोल जिले के फुटबॉल खिलाड़ियों से जुड़ने का प्रसंग मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से देशवासियों से साझा किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बताया कि एक पॉडकास्ट में उन्होंने मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में फुटबॉल के क्रेज से जुड़े एक गांव का वर्णन किया था। यही बात जर्मनी के फुटबॉल खिलाड़ी और कोच श्री डिडमार बायर डार्फड ने सुनी। शहडोल के युवा फुटबॉल खिलाड़ियों की रूचि और प्रतिभा ने फुटबॉल कोच को प्रभावित किया। किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि शहडोल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी दूसरे देशों को भी आकर्षित करेंगे। अब जर्मनी के कोच ने शहडोल के कुछ खिलाड़ियों को जर्मनी की एक ट्रेनिंग एकेडमी में ट्रेनिंग देने की पेशकश की है। मध्यप्रदेश की सरकार ने भी उनसे संपर्क किया है। जल्द ही हमारे कुछ युवा साथी फुटबॉल का प्रशिक्षण लेने के लिए जर्मनी जाएंगे। भारत में फुटबॉल की लोकप्रियता बढ़ रही है। देशवासियों से अपील है कि वे एक बार शहडोल जरूर जाएं और वहां हो रहे स्पोर्टिंग रिवोल्यूशन को करीब से जरूर देखें।" भारत में विकास की अनंत संभावनाएं छुपी हैं। विचारपुर के चार खिलाड़ी और एक कोच जर्मनी में लेंगे प्रशिक्षण उल्लेखनीय है कि मिनी ब्राजील के नाम से प्रसिद्ध शहडोल के ग्राम विचारपुर की गूंज पूरे विश्व में सुनाई दे रही है। यह गौरव विचारपुर के फुटबॉल खिलाड़ियों की लगन, समर्पण और कड़ी मेहनत का नतीजा है। फुटबॉल कोच श्री रईस अहमद ने बताया कि आगामी दिनों में 2 बालक फुटबॉल खिलाड़ी, 2 बालिका फुटबॉल खिलाड़ी एवं 1 फुटबॉल कोच जर्मनी अकेडमी में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि जर्मनी में होने वाला यह प्रशिक्षण खिलाड़ियों और कोच को न केवल आधुनिक तकनीकी ज्ञान प्रदान करेगा बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार भी करेगा। विचारपुर की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि मेहनत, जुनून और सही दिशा में प्रयास करने से ग्रामीण प्रतिभाएँ भी विश्व पटल पर अपनी पहचान बना सकती हैं। गणेश उत्सव पर स्वदेशी अपनाने का दिया संदेश प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देशवासियों को गणेश उत्सव पर स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एक ही मंत्र 'वोकल फॉर लोकल', एक ही रास्ता 'आत्मनिर्भर भारत', एक ही लक्ष्य 'विकसित भारत' के भाव को लेकर हमें आगे चलना है। वॉटर स्पोर्ट्स में स्वर्ण पदक विजेता श्री मोहसिन ने किया भोपाल का उल्लेख प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि खेल एक भारत श्रेष्ठ भारत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले श्री मोहसिन से चर्चा की। एथलीट मोहसिन ने बताया कि वॉटर स्पोर्ट्स के सिलसिले में वे भोपाल भी आए हैं। मोहसिन ने कहा कि ओलम्पिक में मेडल जीतना और देश के लिए नेशनल एंथम बजवाना ही उनका सपना है। प्रधानमंत्री मोदी ने प्राकृतिक आपदा, प्रतिभा सेतु एप सहित अन्य विषयों पर की चर्चा प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सिविल सेवा परीक्षा के विद्यार्थियों के लिए आरंभ किए गए डिजिटल प्लेटफार्म प्रतिभा सेतु के संबंध में जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने मानसून से आई प्राकृतिक आपदाओं और ऐसी स्थिति में सेना, स्थानीयजन, सामाजिक कार्यकर्ता व प्रशासन द्वारा मानवीयता के लिए किए गए कार्यों की सराहना की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सूरत में रहने वाले जीतेन्द्र सिंह राठौर द्वारा शहीदों की तस्वीरों के संग्रहण, सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग, इंजीनियर्स डे, विश्वकर्मा पूजा, हैदराबाद लिब्रेशन डे, लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल, कनाडा के मिसीसागार में प्रभु श्रीराम की 51 फीट ऊंची प्रतिमा तथा इटली के शहर कैम्प-रोतोंदो में महर्षि वाल्मीकि जी की प्रतिमा के अनावरण तथा रूस के व्लादीवोस्टोक में रामायण के अलग-अलग प्रसंगों पर बनाई गए चित्रों पर आयोजित प्रतियोगिता के संबंध में भी चर्चा की।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- औद्योगिक और ऊर्जा क्रांति का आधार बनेगी नई हाइड्रोजन निर्माण इकाई

चंबल के बीहड़ अब बन रहे विकास और प्रगति की नई पहचान मुरैना उभर रहा है औद्योगिक हब के रूप में मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से किया संवाद और वितरित किए आशय-पत्र ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में अप्रैल 2024 से अब तक 220 औद्योगिक इकाइयों को भूमि हुई आवंटित, 21 हजार से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मुरैना के पिपरसेवा में हो रहा हाईड्रोजन निर्माण इकाई का भूमिपूजन नई औद्योगिक क्रांति, नई ऊर्जा क्रांति और नए मध्यप्रदेश की नींव है। मुरैना की ऐतिहासिक धरती पर स्थापित हो रही यह इकाई ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की नई विकास यात्रा का प्रतीक बनेगी। चंबल की भूमि उपजाऊ और कमाऊ होने के साथ ही टिकाऊ भी है। मुरैना जो कभी बीहड़ों के कारण जाना जाता था, आज विकास और प्रगति की नई पहचान बना रहा है। मुरैना अब सिर्फ कृषि प्रधान जिला नहीं रहा बल्कि औद्योगिक हब के रूप में भी उभर रहा है। मुरैना की गजक ग्लोबली ट्रेंड हो रही है। देश की संसद के पुराने भवन का डिजाइन भी मुरैना के मितावली मंदिर से लिया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुरैना जिले के पिपरसेवा में जीएचटू सोलर लिमिटेड की हाईड्रोजन निर्माण इकाई के भूमि-पूजन अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और उद्योगपतियों से संवाद कर आशय-पत्र भी वितरित किए। देश को ग्रीन हाइड्रोजन और बैटरी एनर्जी स्टोरेज जैसी अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ेगी यह इकाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी किसानों, गरीबों और लघु उद्यमियों के लिए स्वदेशी की लड़ाई लड़ रहे हैं। राज्य सरकार और प्रदेशवासी पूरी प्रतिबद्धता से उनके साथ हैं। मुरैना में आरंभ हो रही हाईड्रोजन इकाई में कोरिया और ब्रिटेन की अग्रणी कम्पनियां तकनीकी सहयोग कर रही हैं। निकट भविष्य में इससे ग्रीन हाईड्रोजन का उत्पादन किया जाएगा। परियोजना से लगभग 500 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, साथ ही रोजगार के कई अप्रत्यक्ष अवसर भी सृजित होंगे। सात एकड़ भूमि पर बनने वाली यह परियोजना पूरे देश को ग्रीन हाइड्रोजन और बैटरी एनर्जी स्टोरेज जैसी अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ेगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत 21वीं सदी की वैश्विक विकास यात्रा का इंजन बना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत पूरी दुनिया में एक नए आत्मविश्वास और क्षमता के साथ उभर रहा है। जी20 की सफल अध्यक्षता हो, इंडिया-मीडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमी कॉरिडोर जैसी ऐतिहासिक पहल हो या यूनाईटेड किंगडम के साथ हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, हर जगह भारत केवल सहभागी नहीं बल्कि मार्गदर्शक राष्ट्र के रूप में खड़ा है। वर्तमान में भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और हम प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में तेजी से तीसरे स्थान की ओर अग्रसर हैं। मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने भारत को 21वीं सदी की वैश्विक विकास यात्रा का इंजन बना दिया। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र इतिहास और संस्कृति के साथ निवेश-नवाचार और ग्रीन एनर्जी का भी केन्द्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र इतिहास और संस्कृति के प्रतीक होने के साथ निवेश, नवाचार और ग्रीन एनर्जी का भी केन्द्र हैं। यहां उद्योग, पर्यटन, संस्कृति और तकनीक सभी का संगम है। हाल ही में ग्वालियर में हुई रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में 3 हजार 500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस क्षेत्र में अप्रैल 2024 से अब तक 220 इकाइयों को भूमि आवंटित हुई है। जिनमें 12 हजार 500 करोड़ रूपए का निवेश किया जाएगा, जिससे 21 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। सीतापुर में फुटवियर एंड एक्सेसरीज क्लस्टर का विकास कार्य तेजी से प्रगति पर है, जिसमें लगभग 300 करोड़ रूपए का निवेश और 1200 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मालनपुर में एलेक्ज़र इंडस्ट्रीज ने 1500 करोड़ रूपए का निवेश किया है। गौतम सोलर प्रायवेट लिमिटेड 4 हजार करोड़ रूपए के निवेश से सोलर सेल निर्माण इकाई स्थापित कर रही है। राज्य सरकार ने ग्वालियर-चंबल में औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों की श्रृंखला विकसित की है। राज्य सरकार कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने है प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाकि राज्य सरकार किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। शीघ्र ही प्रदेश के किसानों के लिए बड़ा आयोजन होने वाला है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और दुग्ध उत्पादों की राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर ब्रांडिंग और मार्केटिंग केलिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र में गढ़ रहा है नए कीर्तिमान : विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मुरैना के विकास के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र में नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में 3500 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हुआ है। चंबल क्षेत्र में लेदर पार्क की स्थापना हुई है, जिसके लिए उद्योग समूहों द्वारा रूचि प्रकट की जा रही है। कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर, ग्रीन हाईड्रोजन फैक्ट्री के सूत्रधार श्री अनुराग जैन सहित अनेक उद्यमी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। शनिचरा मंदिर के नवनिर्मित तोरण द्वार का किया उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना स्थित असीम आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र शनिचरा मंदिर पहुंचकर मंदिर के नवनिर्मित तोरण द्वार का फीता काटकर उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने न्याय के देवता शनि महाराज की मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अभिषेक किया और प्रदेश की उत्तरोत्तर तरक्की एवं प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की।

उज्जैन की प्यास बुझाने वाला गंभीर डैम लबालब, एक गेट खोला गया

उज्जैन उज्जैन शहर में पेयजल का प्रमुख स्त्रोत गंभीर डैम पानी से लबालब हो गया है। पानी कम करने के लिए इसका एक गेट खोला गया है। इंदौर के यशवंत सागर बांध के गेट खोले जाने के बाद गंभीर बांध में लगातार पानी बढ़ता जा रहा था। इसके बाद यह पूर्ण जल संग्रहण क्षमता 2250 एमसीएफटी भर गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुताबिक गंभीर नदी पर इंदौर-देपालपुर रोड पर हातोद गांव के पास बने ‘यशवंत सागर बांध’ का एक गेट 29 अगस्त की रात 11 बजे खोला गया था। ये गेट 30 अगस्त की दोपहर सवा तीन बजे तक खुला रहा। शाम साढ़े 5 बजे दो गेट खोल दिए गए। आवक जारी है और अंचल में मानसून भी सक्रिय है। ऐसे में उज्जैन शहर की जल आपूर्ति के मुख्य केंद्र गंभीर बांध पूरा भर गया। बांध भराने पर कम से कम छह माह तक तो शहरवासियों को नियमित जल प्रदाय निश्चित होगा ही, जैसा कि बीते दो दशक से नगर निगम ने परंपरा बना रखी है। भविष्य में नर्मदा का साथ मिला तो सालभर भी निमित जल प्रदाय हो सकता है। इस स्थिति के पीछे वजह स्पष्ट है कि शहर की सात लाख आबादी की आवश्यकता के अनुरूप उज्जैन में जलभंडारण क्षमता उपलब्ध नहीं है। भारत सरकार के मानकों के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति की दैनिक पानी की जरूरत 135 लीटर है। शहर की आबादी सात लाख है, इस हिसाब से सालभर के लिए 12180 एमसीएफटी पानी चाहिए, जबकि नगर निगम के पास जल प्रदाय को केवल 2361 एमसीएफटी जल संग्रहित करने की ही क्षमता है। वर्षाजल संग्रहण क्षमता का सबसे बड़ा स्रोत 2250 एमसीएफटी का गंभीर बांध, 96 एमसीएफटी का गऊघाट प्लांट और 15.43 एमसीएफटी के दो तालाब- साहिबखेड़ी और उंडासा है। इन्हीं सरंचनाओं का जल खींचकर 44 उच्च स्तरीय टंकियों को भरा जाता है और पाइपलाइन के जरिये पूरे शहर में जल प्रदाय किया जाता है। 95 कॉलोनियों में पानी की पाइपलाइन तक नहीं खास बात ये भी है कि शहर की 450 में से 95 कॉलोनियों में पानी की पाइपलाइन तक नहीं बिछी है। लगभग आधा शहर पानी के लिए निजी बोरिंग और सार्वजनिक कुएं-हैंडपंप पर निर्भर है। इस वर्ष 15 अप्रैल से शहर में एक दिन छोड़कर जल प्रदाय हो रहा है। जल संकट का स्थायी समाधान दो बड़ी परियोजनाओं से मुमकीन है। पहली, 614 करोड़ रुपये की सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध योजना, जो शिप्रा को सालभर प्रवाहित रखेगी और गंभीर पर निर्भरता घटाएगी। दूसरी, 939 करोड़ रुपये की वाटर ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना, जिससे उज्जैन की जल शोधन क्षमता 151 एमएलडी से बढ़कर 400 एमएलडी तक पहुंचेगी। सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध परियोजना का काम शुरू हो चुका है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना का काम वर्षाकाल बाद शुरू होने की उम्मीद है। दोनों परियोजनाएं वर्ष 2027 में पूर्ण कराने का लक्ष्य है। जिले में अब तक 588 मिली बारिश, तराना में सर्वाधिक उज्जैन जिले में इस सीजन में अब तक 588 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। ये औसत 906 मिलीमीटर से अभी कम है। कलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा के अनुसार तराना तहसील में सर्वाधिक 777 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं उज्जैन में 620, खाचरौद में 668, नागदा में 654, झार्डा में 667, बड़नगर में 565, महिदपुर में 518, घट्टिया में 426 और माकड़ौन में 398 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। बीते 24 घंटों के दौरान जिले में औसत 6.8 मिमी बारिश हुई है।

आर्यमन ने कसा सबका पसीना, पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया का रिकॉर्ड टूटने के कगार पर

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के क्रिकेट की राजनीति में सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी की आमद अब तय हो चुकी है। महानआर्यमन सिंधिया मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) के आगामी चुनाव में अध्यक्ष पद के अकेले दावेदार हैं, जिससे उनका निर्विरोध चुना जाना तय है। इसके साथ ही मात्र 29 साल की उम्र में वे एमपीसीए के 68 साल के इतिहास में सबसे युवा अध्यक्ष होंगे। इस मामले में वे अपने ही पिता केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का कीर्तिमान तोड़ने जा रहे हैं। अब तक एमपीसीए के सबसे युवा अध्यक्ष का रिकॉर्ड ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम था, जो 35 वर्ष की आयु में अध्यक्ष बने थे। एमपीसीए की चुनावी वार्षिक साधारण सभा की बैठक दो सितंबर को होना है। नामांकन शनिवार को जमा हुए। महानआर्यमन के खिलाफ किसी ने भी नामांकन नहीं भरा है। वे वर्ष 2022 से ग्वालियर संभागीय क्रिकेट संगठन के उपाध्यक्ष भी हैं। बीते दो साल से मध्य प्रदेश क्रिकेट लीग के माध्यम से महानआर्यमन ने अपनी प्रशासनिक क्षमताओं को साबित करने का प्रयास किया। ज्योतिरादित्य सिंधिया वर्ष 2006 में पहली बार अध्यक्ष बने थे, तब उनकी उम्र 35 वर्ष थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया से पहले उनके पिता स्व. माधवराव सिंधिया ने 37 वर्ष की उम्र में पहली बार एमपीसीए के अध्यक्ष की कुर्सी संभाली थी। एमपीसीए के पहले अध्यक्ष मनोहर सिंह मेहता थे, जिन्होंने 1957 में पद संभाला था। कनमड़ीकर परिवार की भी तीसरी पीढ़ी सिंधिया परिवार की तरह कनमड़ीकर परिवार की भी तीसरी पीढ़ी क्रिकेट की राजनीति में आ रही है। कानूनविद प्रसून कनमड़ीकर के खिलाफ भी प्रबंधकारिणी में कोई विरोधी नहीं है। उनके पिता स्व. मिलिंद कनमड़ीकर एमपीसीए के सचिव रहे हैं जबकि दादा स्व. अनंतवागेश कनमड़ीकर बीसीसीआई के सचिव के साथ एमपीसीए के वरिष्ठ पदों पर रहे हैं। जो अब तक सदस्य नहीं वे भी बनेंगे पदाधिकारी कोषाध्यक्ष पद के लिए संजीव दुआ का चयन भी तय है क्योंकि वे अकेले दावेदार हैं। उनके पिता नरेंद्र दुआ और भाई राजीव दुआ दोनों सदस्य हैं, लेकिन संजीव अब तक संगठन के सदस्य नहीं हैं। उन्होंने सीसीआई के प्रतिनिधि के रूप में नामांकन दाखिल किया है।  

एयर इंडिया की फ्लाइट में इंजन की समस्या, इंदौर जाने से पहले दिल्ली लौटनी पड़ी

इंदौर एअर इंडिया की एक फ्लाइट में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पायलट को विमान के दाहिने इंजन में आग लगने का संकेत मिला। इंदौर जाने वाला एअर इंडिया इंडिया का विमान उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दिल्ली लौटा। उड़ान भरने के कुछ देर बाद यानी जब विमान हवा में था तब पायलट को विमान के दाहिने इंजन में आग लगने का संकेत मिला। जिसके बाद विमान को दिल्ली लाने का फैसला लिया गया। एअर इंडिया ने इस मामले को लेकर कहा कि विमान को निरीक्षण के लिए रोक दिया गया है और यात्रियों को एक वैकल्पिक विमान में भेजा जा रहा है। जो जल्द ही इंदौर के लिए उड़ान भरेगा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विमान 30 मिनट से अधिक समय तक हवा में रहने के बाद आपात स्थिति में उतरा। विमान की सुबह करीब 6:15 बजे आपातकालीन लैंडिंग हुई और विमान में 90 से अधिक लोग सवार थे। एअर लाइन ने विस्तृत जानकारी दिए बिना कहा कि 31 अगस्त को दिल्ली से इंदौर के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाइट AI 2913 उड़ान भरने के तुरंत बाद दिल्ली लौट आई, क्योंकि कॉकपिट क्रू को दाहिने इंजन में आग लगने का संकेत मिला था। उन्होंने बताया कि मानक प्रक्रिया का पालन करते हुए कॉकपिट क्रू ने इंजन बंद करने का निर्णय लिया और विमान को दिल्ली वापस लाया गया, जहां विमान सुरक्षित उतरा। एअर लाइन ने कहा कि हवाई सुरक्षा नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय को घटना की सूचना दे दी गई है। बता दें कि लैंडिंग होते ही प्लेन में सवार यात्रियों को इमरजेंसी गेट से रेस्क्यू किया गया और प्लेन में आई तकनीकी खामी की जांच की गई। घटनाक्रम की सूचना मिलते ही एअरलाइंस के अधिकारी, एयरपोर्ट स्टाफ और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे। इससे पहले भी एअर इंडिया के विमान की पहले भी कई बार सेफ लैंडिंग हो चुकी है। बीते 10 अगस्त को चेन्नई में एअर इंडिया के एक विमान की सेफ लैंडिंग हुई थी। यह विमान तिरुवनंतपुरम जा रहा था, जिसमें कई सांसद भी सफर कर रहे थे। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल भी इसमें सवार थे, जिन्होंने घटनाक्रम के बारे में मीडिया को ब्रीफ किया था।  

इंदौर के ग्राम बांक में एम.आर.एफ. प्लांट का निरीक्षण, मंत्री पटेल ने लिया जायजा

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शनिवार को इंदौर की ग्राम पंचायत बांक में संचालित सामग्री पुनर्चक्रण सुविधा (MRF) प्लांट का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने संस्था ‘सृष्टि वेस्ट मैनेजमेंट’ द्वारा पिछले 2 वर्षों से किए जा रहे सूखा कचरा प्रबंधन कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। संस्था द्वारा प्रतिदिन 3700 घरों, 425 दुकानों, स्कूलों, मैरिज गार्डन और अस्पतालों से लगभग 800 किलोग्राम सूखा कचरा एकत्रित कर उसका वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाता है। इस नवाचार की सराहना करते हुए श्री पटेल ने कहा कि यह मॉडल न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि इस पूरी प्रक्रिया पर प्रतिमाह लगभग 2 लाख 80 हजार रूपये का व्यय आता है, जबकि समुचित प्रबंधन के बाद संस्था को 70 हजार रूपये का लाभ भी हो रहा है। श्री पटेल ने इस कार्य को प्रशंसनीय, पर्यावरण हितैषी और सतत विकास की दिशा में प्रेरणादायक पहल बताया। इस अवसर पर सर्वश्री मधु वर्मा, मनोज पटेल, कान्हा पटेल एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

शहडोल के खिलाड़ी हुए प्रधानमंत्री मोदी की मन की बात में चर्चा का हिस्सा

शहडोल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार सुबह मन की बात रेडिया कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के विचारपुर गांव का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा एक पॉडकास्ट में कही बात से जर्मनी के खिलाड़ी ने शहडोल के फुटबॉल खिलाड़‍ियों को ट्रेनिंग देने की पेशकश की। अब यहां के बच्चे ट्रेनिंग के लिए जर्मनी जाएंगे। पीएम ने कहा कि बीते दिनों में कुछ पॉडकास्ट में शामिल हुआ था। ऐसा ही एक पॉडकास्ट दुनिया के बहुत फेमस पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ हुआ था। उस पॉडकास्ट में बहुत सारी बाते हुईं और दुनियाभर के लोगों ने उसे सुना भी और जब पॉडकास्ट पर बात हो रही है, तो बातों-बातों में मैंने एक विषय उठाया था। यूपी में होगी 44 हजार होमगार्डों की भर्ती, सीएम योगी का बड़ा ऐलान पीएम ने कहा कि जर्मनी के एक खिलाड़ी ने उस पॉडकास्ट को सुना और उसका ध्यान मैंने उसमें जो बात बताई थी उस पर केंद्रित हो गया। उन्होंने उस टॉपिक पर इतना कनेक्ट किया कि पहले उन्होंने उस टॉपिक पर रिसर्च की और फिर जर्मनी के भारतीय दूतावास से संपर्क किया और उन्होंने चिट्ठी लिखकर यह बताया कि वो उस विषय को लेकर भारत के साथ जुड़ना चाहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पॉडकास्ट के दौरान एक सवाल के जवाब में मैंने शहडोल के फुटबॉल खिलाड़‍ियों का जिक्र किया था। यही बात जर्मनी के फुटबॉल खिलाड़ी और कोच डायटमार बेयर्सडॉर्फर ने भी सुनी। शहडोल के युवा फुटबॉल खिलाड़‍ियों की लाइफ जर्नी ने उन्हें बहुत प्रभावित और प्रेरित किया। अब जर्मनी के इस कोच ने शहडोल के कुछ खिलाड़‍ियों को जर्मनी की एक एकेडमी में ट्रेनिंग देने की पेशकश की है। इसके बाद मध्य प्रदेश की सरकार ने भी उनसे संपर्क किया। जल्द ही शहडोल के हमारे कुछ युवा साथी ट्रेनिंग कोर्स के लिए जर्मनी जाएंगे। दो बालक और दो बालिका जाएंगे जर्मनी मिनी ब्राजील के नाम से मशहूर हो रहे शहडोल जिले के विचारपुर गांव के चार फुटबॉल खिलाड़ी व प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए जर्मनी भेजा जाएगा। इसमें दो बालक व दो बालिका तथा एक प्रशिक्षक शामिल होंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार अपने खर्च पर प्रदेश की इन प्रतिभाओं को अक्टूबर में जर्मनी भेजना प्रस्तावित है। बालक वर्ग में वीरेंद्र बैगा व राज सइस शामिल है। दो बालिका व प्रशिक्षक का नाम अभी तय नहीं हुआ है। वीरेंद्र को रोनाल्डो और राज को सुनील छेत्री पसंद है।

मंत्री परमार ने बताया: भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा ही विश्व कल्याण की कुंजी

आयुर्वेद, योग और ध्यान की परम्परा ने विश्व को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाया जेएनएस महाविद्यालय में "आधुनिक शिक्षा एवं अनुसंधान में प्राचीन ज्ञान की भूमिका विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि भारत की समृद्ध प्राचीन ज्ञान परंपरा, वर्तमान परिदृश्य में भी विश्व कल्याण की आधारशिला है। भारतीय शिक्षा पद्धति, जो प्राचीन काल से ही मानवता को दिशा देती रही है, आधुनिक युग में भी उतनी ही प्रासंगिक है। यह बात मंत्री श्री परमार ने शनिवार को जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय शुजालपुर में, उच्च शिक्षा विभाग एवं आईक्यूऐसी के संयुक्त तत्वावधान में "आधुनिक शिक्षा एवं अनुसंधान में प्राचीन ज्ञान की भूमिका" विषय पर आयोजित एक दिवसीय ऑनलाइन राष्ट्रीय वेबिनार में सहभागिता कर कही। मंत्री श्री परमार ने भारत की समृद्ध प्राचीन ज्ञान परंपरा और इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चिकित्सा, दर्शन, शिक्षा और न्याय प्रणाली में भारत ने जो अद्वितीय योगदान दिए, वही स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 के सशक्त भारत के निर्माण की आधारशिला बन रहे हैं। आयुर्वेद, योग और ध्यान की परंपरा ने विश्व को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाया, तो गणित और खगोल विज्ञान ने आधुनिक विज्ञान की नींव रखी। मंत्री श्री परमार ने कहा कि न्याय व्यवस्था और शिक्षा पद्धति ने समाज को संतुलन और सामंजस्य का स्वरूप दिया। मंत्री श्री परमार ने कहा कि भारत की जीवन-दृष्टि “वसुधैव कुटुंबकम्” संपूर्ण विश्व एक परिवार है। यही जीवन दृष्टि, सदैव से मानवता के कल्याण का मार्गदर्शन करती रही है। यही नीति आज विश्व शांति और सह अस्तित्व की सबसे बड़ी आवश्यकता के रूप में उभर रही है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि अमृतकाल की ओर बढ़ते हुए भारत की यही प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर नए भारत की आधारशिला है, जो न केवल देश बल्कि संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगी। मुख्य वक्ता प्रशांत पौराणिक ने विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा विश्व में आकर्षण का केंद्र है। सिंधु घाटी सभ्यता, हड़प्पा की मिट्टी कला, धातुकर्म और लिपि इसके प्रमाण हैं। शून्य का आविष्कार, आर्यभट का पाई (π) मान और सूर्यग्रहण की गणना भारतीय गणित की गौरवशाली धरोहर हैं। यह धरोहर वर्ष 2047 के सशक्त भारत को विश्वगुरु बनाने की दिशा में मार्गदर्शक है। विषय विशेषज्ञ डॉ.अनुपम जैन ने "द रूल ऑफ़ ऐंसीइन्ट इंडियन नॉलेज इन मॉडर्न एजुकेशन एंड रिसर्च" पर अपने व्याख्यान दिए। द्वितीय विषय विशेषज्ञ के रूप में सहा. प्राध्यापक भौतिकी प्रो. लोकेंद्र सिंह चौहान ने अपने व्याख्यान में भोपाल स्थित राजा भोज के मंदिर की वास्तुकला, शिल्प कला और एस्ट्रो फिजिक्स पर प्रकाश डाला। उन्होंने पृथ्वी के घूर्णन की गति, राजा भोज द्वारा बनाए गए जहाजों की माप और भोज मंदिर भोपाल की विशेषताओं का उल्लेख किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार, विशेष अतिथि श्री आलोक खन्ना अध्यक्ष महाविद्यालय जनभागीदारी समिति शुजालपुर, डॉ. एच. एल. अनिजवाल अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा उज्जैन संभाग, मुख्य वक्ता श्री प्रशांत पौराणिक, गर्ल्स पीजी कॉलेज उज्जैन, विषय विशेषज्ञ डॉ. अनुपम जैन सेवानिवृत प्राध्यापक गणित उच्च शिक्षा विभाग, विषय विशेषज्ञ प्रो. लोकेंद्र सिंह चौहान, असिस्टेंट प्रोफेसर फिजिक्स आर.आई. ई.भोपाल एवं विशेष अतिथि के रूप में आईक्यूऐसी कोऑर्डिनेटर डॉ. बी.के. त्यागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.राजेश कुमार शर्मा ने स्वागत उद्बोधन दिया। मंत्री श्री परमार ने व्याख्यान विभिन्न वक्ताओं के व्याख्यान की सराहना की। वेबीनार में विभिन्न प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों ने अपने शोध पत्रों का वाचन भी किया।महाविद्यालय के समस्त स्टॉफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग अध्यक्ष डॉ.आनंद अजनोदिया द्वारा किया गया तथा संपूर्ण कार्यक्रम का आभार भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. रवि राठौर द्वारा किया गया।