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भोपाल में आया विजेता घोड़ा: ऊंची दीवारें और नदियां भी नहीं रोक सकीं

भोपाल  घुड़सवारी की दुनिया में देश का नंबर-1 घोड़ा इस वक्त भोपाल में है। नाम है- मावलिन। उम्र 12 साल, कद 6.5 फीट और कीमत 70 लाख रुपए। घोड़ा ‘मावलिन’ का जन्म आयरलैंड में हुआ लेकिन अब यह मध्यप्रदेश राज्य घुड़सवारी अकादमी, बिशनखेड़ी का स्टार परफॉर्मर है। इसे लंबी दौड़, नदी और ऊंची-ऊंची दीवारें लांघने में महारत हासिल है। यह अब तक 7 इंटरनेशनल और 20 नेशनल मेडल जीत चुका है। एशियन चैम्पियनशिप का प्रतिनिधित्व कर चुके राजू सिंह इसके मुख्य राइडर हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने 2007 में मप्र राज्य घुड़सवारी अकादमी की स्थापना की थी। इसकी शुरुआत 10 घोड़ों से अंकुर मैदान पर हुई। बाद में बिशनखेड़ी में शिफ्ट हुई। अब देश की महत्वपूर्ण अकादमी बन चुकी है। एशियन चैम्पियनशिप सहित कई देशों में चमके यहां के घोड़े घुड़सवारी सबसे कठिन, प्रतिष्ठित ओलंपिक इवेंट है। इसमें घोड़ा और घुड़सवार कई बाधाएं पार करते हैं। इनमें नदी-नाले, ऊंची दीवारें लांघना और लंबी दौड़ के साथ जंपिंग भी अहम है। यही कारण है कि इस इवेंट के लिए ऑलराउंडर घोड़ों की जरूरत होती है। अकादमी में ऐसे छह ऑलराउंडर घोड़े है- मावलिन, मातकाली, प्रियंका, कैरेबियन बॉय, जावा और शिवालिक। इनकी जयपुर में ट्रेनिंग चल रही है। क्योंकि वहां की रेतीली जमीन बरसात में भी अभ्यास के लिए अनुकूल होती है। हाल में खरीदे गए तीन विदेशी घोड़े अकादमी ने 2023 में तीन विदेशी घोड़े खरीदे हैं। इनमें मावलिन-जावा को आयरलैंड से, जबकि ल्यूक को जर्मनी से लिया गया है। जावा 7 साल और ल्यूक 12 साल का है। अकादमी के खाते में 300 मेडल मप्र घुड़सवारी अकादमी ने साल 2024-25 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 7 मेडल और राष्ट्रीय स्तर पर 28 मेडल जीते। कुल मिलाकर अकादमी के खाते में अब तक 300 से ज्यादा मेडल दर्ज हो चुके हैं। राजू और मावलिन की जोड़ी स्टार है।

मध्य प्रदेश में मौसम का कहर: उज्जैन की नदियां उफान पर, 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

उज्जैन/ धार /खरगोन /खंडवा  मध्यप्रदेश में गुरुवार से फिर तेज बारिश का दौर शुरू होगा। मानसून ट्रफ की एक्टिविटी होने से खरगोन, खंडवा समेत 10 जिलों में भारी बारिश हो सकती है।उज्जैन में शिप्रा नदी उफान पर है। घाटों पर बने मंदिर पानी में डूब गए हैं। धार के मनावर में गुरुवार सुबह तेज पानी गिरा। स्कूल, कॉलेज और दफ्तर जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं, भोपाल-इंदौर में रिमझिम बारिश हो सकती है। प्रदेश के बीचोंबीच से गुजर रही मानसून ट्रफ सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया- बुधवार को एक मानसून ट्रफ प्रदेश के बीचोंबीच से गुजरी। एक अन्य ट्रफ की सक्रियता भी देखने को मिली। वहीं, बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया एक्टिव हो रहा है। इसका अगले कुछ दिन में असर देखने को मिलेगा। ऐसे में प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर बना रहेगा। गुना-मंडला में 53 इंच से ज्यादा पानी गिरा इस बार बारिश के मामले में गुना सबसे बेहतर है। यहां औसत 53.8 इंच पानी गिर चुका है। वहीं, मंडला में 53.1 इंच बारिश हुई है। अशोकनगर में 50.5 इंच, शिवपुरी में 49.9 इंच और रायसेन में 49.6 इंच बारिश हुई है। सबसे कम बारिश वाले 5 जिलों में सभी इंदौर संभाग के हैं। इंदौर में अब तक औसत 16.5 इंच बारिश हुई है। बुरहानपुर में 19 इंच, खरगोन में 19.1 इंच, खंडवा में 19.6 इंच और बड़वानी में 20.1 इंच पानी गिरा है। एमपी में अब तक 35.6 इंच बारिश प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 35.9 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 29.2 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.7 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 97 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है। 1.1 इंच बारिश होते ही इस बार भी बारिश का कोटा फुल हो जाएगा। पिछली बार 44 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इंदौर में 1944 में गिरा था 28 इंच पानी इंदौर में अगस्त महीने में औसत 28 इंच बारिश का रिकॉर्ड है, जो साल 1944 में दर्ज किया गया था। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 22 अगस्त 2020 को बना था। इस दिन साढ़े 10 इंच पानी गिरा था। पिछले 10 साल में दो बार 17 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इंदौर में अगस्त महीने की औसत बारिश 10 से 11 इंच है। महीने में 12 से 13 दिन तक बारिश होती है।

कांग्रेस विधायक के घर हादसा: टीकमगढ़ में नौकरानी की मौत और रहस्यमय चोटें

टीकमगढ़  टीकमगढ़ जिले की खरगापुर कांग्रेस विधायक के बेटे छतरपुर स्थित बंगले में एक 20 साल की युवती की मौत हो गई. शव बंगले के पीछे वाले हिस्से में आम के पेड़ से लटका मिला. मृतक युवती के चेहरे पर चोट के निशान थे. सिविल लाइन थाना पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है. यह घटना सोमवार सुबह करीब 8 बजे की बताई जा रही है, लेकिन इसकी भनक किसी को नहीं लगी. आनन-फानन में मृतका का पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. घटना की जानकारी बुधवार शाम को शहर की सनसिटी कॉलोनी में काम करने वाली महिलाओं के माध्यम से फैली. विधायक चंदा सिंह गौर के बेटे अभियंत सिंह गौर से सवाल किए गए तो उन्होंने कहा, ''घटना के समय मैं जिला मुख्यालय से बाहर दिल्ली में था. घर पर मेरी पत्नी और 17 साल का बेटा थे, जिन्होंने फोन पर मुझे सूचना दी. मैं अगले दिन पहुंचा. मुझे नहीं पता कि सपना रैकवार ने यह घातक कदम क्यों उठाया? वह फोन नहीं चलाती थी और न ही कभी परेशान दिखती थी. वह मेरी नौकरानी नहीं, बल्कि बेटी की तरह थी. वह 5 साल की उम्र से हमारे साथ रह रही थी. हम उसकी शादी के लिए रिश्ता भी ढूंढ रहे थे.''  छतरपुर की सनसिटी कॉलोनी में विधायक पुत्र का बंगला. मृतका सपना के पिता भोला रैकवार उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के बेलाताल निवासी थे. घटना के बाद सपना की मां आई थी, लेकिन उन्होंने अभी तक पुलिस को कोई बयान नहीं दिया है.  पुलिस ने अभियंत सिंह गौर के बंगले पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जांच के लिए डीवीआर जब्त कर लिया है. सिविल लाइन थाना पुलिस सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है. पुलिस प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या का मामला बता रही है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मृतिका के परिजनों के बयानों से यह स्पष्ट हो सकता है कि यदि सपना ने आत्महत्या की, तो इसका कारण क्या था?

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 79.27 करोड़ के विकास कार्यो का किया भूमि-पूजन

हर काल और हर युग में रही है उज्जैन की गौरव गाथा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 79.27 करोड़ के विकास कार्यो का किया भूमि-पूजन 25 करोड़ रूपये से अधिक की लागत से रीगल टॉकीज का होगा उन्नयन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश की सात पवित्र नगरियों में अवंतिका (उज्जैन) भी शामिल है। यहां राजा विक्रमादित्य, महाकवि कालिदास, सम्राट अशोक, चंद्र प्रद्योत के नाम अजर-अमर हो चुके हैं। हमारे पास राष्ट्र वीर दुर्गादास राठौर की ऐतिहासिक विरासत भी है। आज उनकी छत्री के जीर्णोद्धार के लिए भूमिपूजन किया गया है। हर काल और युग में उज्जैन की गौरवशाली गाथा रही है। हम एक नये दौर में प्रवेश कर रहे है। उज्जैन गोपाल मंदिर क्षेत्र स्थित रीगल टॉकीज का इतिहास बहुत गौरवशाली रहा है। यहां भगवान महाकालेश्वर की सवारी निकलती है, सिंहस्थ के दौरान यहां से पेशवाई निकलती है और यह स्थान हरि और हर के मिलन का साक्षी भी होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को उज्जैन में गोपाल मंदिर छत्री चौक स्थित कार्यक्रम में 79.27 करोड़ रूपये लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें 25.15 करोड़ रूपये की लागत से रीगल टॉकीज के विकास कार्य, आगामी सिंहस्थ महापर्व के अंतर्गत 22.30 करोड़ रूपये की लागत से गदा पुलिया से रविशंकर नगर, जयसिंह पुरा होते हुए लालपुल ब्रिज तक मार्ग चौड़ीकरण कार्य और 31.83 करोड़ रूपये की लागत से गाड़ी अड्डा चौराहे से वी.डी क्लाथ मार्केट, निकास चौराहा, खजूर वाली मस्जिद, के.डी. गेट मार्ग वाया जूना सोमवारिया से बड़ी पुलिया तक मार्ग चौड़ीकरण कार्य का भूमिपूजन किया गया है। कार्यक्रम में रीगल टॉकीज के उन्नयन पर आधारित लघु फिल्प का प्रसारण भी किया गया। रीगल टॉकीज का निर्माण कार्य 36 हजार स्क्वेयर फीट क्षेत्र में किया जाएगा।       मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन शहर का हर काल में विशेष महत्व रहा है। आगामी सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए विकास के कार्य निरंतर किये जा रहे हैं। आज उज्जैन को कुल 107 करोड़ रूपये के विकास कार्यों की सौगात मिली है। आगामी सिंहस्थ महापर्व में स्नान क्षिप्रा नदी के जल से ही होगा। सेवरखेडी – सिलारखेड़ी परियोजना से क्षिप्रा नदी में पूरे वर्ष जल रहेगा, क्षिप्रा सदैव प्रवहमान रहेगी। सिंहस्थ में सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही उज्जैन को नई 4 लेन सड़क की सौगात मिलने वाली है। साथ ही लगभग 10 हजार करोड़ की लागत से नई मेट्रो लाइन उज्जैन से इंदौर और पीथमपुर को कनेक्ट करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रम उद्योगपुरी में इंडस्ट्रियल सैट अप किया गया है और यहां से हम विश्व स्तरीय उत्पाद बनाकर विश्व के कई देशों को सप्लाई कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लखपति दीदी योजना ने बहनों का सशक्तिकरण किया है। प्रधानमंत्री मोदी से प्रेरणा लेकर बहनों के सशक्तिकरण के लिए प्रदेश सरकार ने लाड़ली बहना योजना शुरू की है, जिसमें बहनों को अभी 1250 रुपए की राशि दी जा रही है। जल्दी ही बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपए की राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने माताओं-बहनों को स्थानीय निकाय चुनावों में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया है। अब ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देना चाहते हैं। सरकार हर वर्ग के विकास के लिए कार्य कर रही है। अब प्रदेश में सरकारी और निजी मिलाकर कुल 32 मैडिकल कॉलेज हो जाएंगे। वर्ष 2002-03 के बाद मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। पिछले डेढ़ साल में 7.5 लाख हेक्टेयर सिंचाई रकबा बढ़ा है।                                                       कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालूहेडा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संजय अग्रवाल, कैलाश प्रजापत, गणमान्य नागरिक मौजूद थे। आभार प्रर्दशन एमआईसी सदस्य शिवेंद्र तिवारी ने किया। मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री ने 52 करोड़ के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उज्जैन में एक अन्य कार्यक्रम में 52 करोड़ 69 लाख रुपए से अधिक की लागत से राष्ट्र वीर दुर्गादास छत्री के संरक्षण संवर्धन एवं विभिन्न विकास कार्यों का भूमि पूजन किया। मध्य प्रदेश शासन संस्कृति विभाग के अंतर्गत संचालनालय पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय तथा मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, रवि सोलंकी, संजय अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। वीर दुर्गादास छत्री पर किया माल्यार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय मंत्री शेखावत तथा अन्य अतिथियों द्वारा राष्ट्र वीर दुर्गादास छत्री पर पहुंचकर माल्यार्पण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को राष्ट्र वीर दुर्गादास के पराक्रम एवं शौर्य एवं देश के गौरवशाली इतिहास से परिचित करवाने के लिए विभिन्न कार्य किए जाएंगे। इनमें राष्ट्र वीर दुर्गादास की प्रतिमा स्थापना के साथ ही पैदल पुल, बगीचा, एक्टिविटीज जोन, रिटेनिंग वॉल, पार्किंग, हॉर्स ट्रैकिंग जोन, ओपन एयर थिएटर, संग्रहालय निर्माण आदि कार्य सम्मिलित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रस्तावित निर्माण कार्यों का नक्शे पर अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। 

अब UDISE+ पोर्टल पर दिखेगी छात्रों की बायोमेट्रिक अपडेट स्थिति

भोपाल प्रदेश में स्कूल के विद्यार्थियों के आधार कार्ड स्कूल में ही तैयार करने और अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) को सुगम बनाने के लिए “विद्यार्थियों के लिए आधार, अब स्कूल के द्वार” अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान में अब सभी सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों को UDISE+ पोर्टल पर अपने विद्यार्थियों के लंबित बायोमेट्रिक अपडेट की जानकारी उपलब्ध होगी। विद्यार्थियों के एमबीयू को और सुगम बनाने के लिए, यूआईडीएआई और भारत सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की तकनीकी टीमों ने UDISE+ पोर्टल के माध्यम से यह नया समाधान लागू किया है। यह अभियान वर्तमान में प्रदेश के 44 जिलों में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है और शीघ्र ही शेष 11 जिलों में भी शुरू होगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के आधार में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट सुनिश्चित करना है, जिसमें उंगलियों के निशान, आईरिस स्कैन और तस्वीर शामिल हैं। अपडेटेड आधार विद्यार्थियों के लिए स्कूल प्रवेश, प्रवेश परीक्षाओं, छात्रवृत्ति और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजनाओं जैसी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए आवश्यक है। स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला प्रशासन, जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्राचार्यों को निर्देश जारी किये हैं कि वे इस पोर्टल का उपयोग कर अधिक से अधिक विद्यार्थियों के आधार अपडेट सुनिश्चित करें। विद्यार्थी इस अभियान के तहत स्कूलों में आयोजित शिविर या निकटतम आधार सेवा केंद्र पर जाकर अपने एमबीयू पूर्ण कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि आधार में पहला अपडेट तब आवश्यक है जब बच्चा 5 वर्ष का हो जाए। पहला एमबीयू 5 से 7 वर्ष की आयु के बीच पूरा होने पर निःशुल्क है। सात वर्ष से अधिक आयु होने पर शुल्क लागू होगा। दूसरा एमबीयू 15 वर्ष की आयु पर आवश्यक है। तीसरा एमबीयू 15 से 17 वर्ष की आयु के बीच निःशुल्क है, लेकिन 17 वर्ष के बाद शुल्क लागू होगा। यह अभियान विद्यार्थियों को समय पर आधार अपडेट की सुविधा प्रदान कर उनकी शिक्षा और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने की प्रक्रिया को और सरल बनाएगा।  

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: भोपाल ओवरब्रिज विवाद की जांच अब मैनिट प्रोफेसर करेंगे

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भोपाल के बहुचर्चित 90 डिग्री ओवरब्रिज मामले में ठेकेदार कंपनी मेसर्स पुनीत चड्ढा को बड़ी राहत दी है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने ठेकेदार पर कठोर कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई है। साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ओवरब्रिज की जांच मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (मैनिट) भोपाल के वरिष्ठ प्रोफेसर से कराई जाए और 10 सितंबर तक रिपोर्ट पेश की जाए। याचिका में ठेकेदार ने दलील दी कि निर्माण पूरी तरह से पीडब्ल्यूडी अधिकारियों द्वारा दी गई डिजाइन के आधार पर हुआ। इसलिए कंपनी को दोष देना अनुचित है, जबकि विभागीय जांच में दोषी अफसरों पर पहले ही कार्रवाई हो चुकी है। कोर्ट ने भी असलियत सामने लाने के लिए स्वतंत्र तकनीकी जांच का आदेश दिया। जांच का खर्च (करीब एक लाख रुपये) फिलहाल ठेकेदार वहन करेगा।   क्या है पूरा मामला? 145 करोड़ की लागत से बने ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज को अगस्त 2023 में यातायात के लिए खोला गया। इसके बाद 90 डिग्री के खतरनाक मोड़ की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। मुख्यमंत्री के आदेश पर 8 इंजीनियर निलंबित हुए, जिनमें 2 मुख्य अभियंता भी शामिल। पुल बनाने वाली कंपनी और डिजाइन कंसल्टेंट को ब्लैकलिस्ट किया गया। सरकार ने घोषणा की कि पुल को रीडिजाइन कर सुधारा जाएगा और रेलवे भी इसके लिए अतिरिक्त जमीन देगा।

समेकित और सतत प्रयास से मातृ और शिशु मृत्यु दर में सुधार में प्रदेश अग्रणी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश के 4 करोड़ 50 लाख नागरिकों को आयुष्मान योजना ने सशक्त बनाया है। आज गरीब व्यक्ति बड़े से बड़े अस्पताल में अपना इलाज मुफ्त में करवा पा रहा है। मातृ और शिशु मृत्यु दर में सुधार में प्रदेश अग्रणी है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य अमले की समर्पित सेवा और सरकार के स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जैसे हमने कृषि में पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़ा है, सड़कों के मामले में महाराष्ट्र गुजरात को उसी प्रकार दृढ़ संकल्प से हम स्वास्थ्य के मामले में केरल और तमिलनाडु जैसे परफॉर्मेंस वाले राज्यों के साथ अग्रणी सूची में शामिल होंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने दमोह के हटा में निजी चिकित्सालय का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि हटा में ऐसे अस्पताल का शुभारंभ हो रहा है जो सेवा की भावना से बनाया गया है, पीड़ित मानवता की सेवा के लिए यह अस्पताल बनाया गया है। आयुष्मान धारकों के इलाज के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने 9 हजार 800 करोड़ रूपये का भुगतान सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल के लिये किया है। आयुष्मान योजना से जनता की भुगतान करने की क्षमता बढ़ गयी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं के साथ निजी क्षेत्र भी ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ संस्थानों का निर्माण कर सेवाओं को सुदृढ़ करने में सहभागी बन रहे हैं। उन्होने कहा कि टियर-2 तो टियर-3 शहरी क्षेत्रों में मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल की सुविधा उपलब्ध हो इसके सब्सिडी देने का भी प्रावधान किया गया है। नियमित एएनसी जाँच के लिए नागरिकों को करें जागरूक उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश बेस्ट परफॉर्मिंग राज्य के रूप में अपनी पहचान बना रहा है, प्रदेश में तेजी से स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर वीडियो कॉल के माध्यम से मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों से बात करके लोगों का इलाज कर रहे हैं, ग्रामीण क्षेत्रों में इस सुविधा से मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों से इलाज की सुविधा मिल रही है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टर की समुचित उपलब्धता के लिए सतत प्रयास कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि जिला अस्पताल की तरह हमारे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी चलने लगे, जिससे जिला अस्पतालों में भीड़ कम होगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि हर गर्भवती महिला का रजिस्ट्रेशन और हर 3 महीने में प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) आवश्यक है। इससे हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का समय से चिन्हांकन हो जाता है और समय से आवश्यक निदान कर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सकता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हर महीने 9 और 25 तारीख को एएनसी जांच होती है, मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ता और जागरूक नागरिक इसका लाभ लेने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करें। पशुपालन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना का सतत विस्तार कर रही है। शीघ्र ही प्रदेश में 50 मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे। हर क्षेत्र में उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग राज्य मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने हटा में अस्पताल खोलने के लिए बधाई दी। विधायक हटा श्रीमती उमा देवी खटीक, कलेक्टर श्री सुधीर कुमार कोचर, पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

किला चौक से टाउन हॉल तक दतिया बाजार होगा गुलाबी, पर्यटन को मिलेगी नई पहचान

दतिया  दतिया शहर में किला चौक से लेकर टाउन हॉल तक का मुख्य बाजार क्षेत्र अब गुलाबी रंग (Pink Market) में नजर जाएगा। नगर पालिका के अधिकारियों के अनुसार, यह पहल शहर की सुंदरता बढ़ाने और पर्यटकों व स्थानीय लोगों के लिए आकर्षक माहौल बनाने के उद्देश्य से प्रशासन एवं व्यापारियों के समन्वय से की जा रही है। स्थानीय दुकानदार मेडिकल स्टोर संचालक कृष भंवानी, रेडीमेड वस्त्र विक्रेता लक्ष्मणदास कुकरेजा, शू स्टोर संचालक बाबू सीलानी के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता डॉ राजू त्यागी ने सामूहिक रूप से बताया कि इस बदलाव से नगर में रमणीकता आने के अलावा व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। शहर की बनेगी पहचान प्रशासन एवं व्यापारियों ने साफ-सुथरी सडक़ों, फुटपाथ और हरियाली बढ़ाने की योजनाओं के साथ यह रंगाई अभियान अगले एक माह में पूरा करने का निर्णय लिया है। शहरवासियों ने इस पहल का स्वागत किया है और उमीद जताई है कि दतिया का यह गुलाबी बाजार शहर की नई पहचान बनेगा। चौड़ी हुई सडकें शहर की सड़कें अतिक्रमण के चलते 10 से 12 फीट सिकुड़ गई थीं। प्रशासन द्वारा चलाए गए अभियान के बाद टॉउनहॉल से किला चौक तक सड़क के दोनों ओर से छह-छह फीट अतिक्रमण हट गया है। ऐसे में सडक़ 12 फीट चौड़ी हो गई हैं। अब लोगों के लिए आवागमन सुगम हो गया है। लिहाजा जाम में फंसे रहने की समस्या से निजात मिल गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि आगामी दीपावली पर बाजार अच्छे चलने का अनुमान लगाया है। दुकानों की रंगाई शुरू इस रंगाई अभियान के साथ, बाज़ार के दुकानदारों ने यह संकल्प लिया है कि वे अपनी दुकानों का सामान तय सीमा में ही रखेंगे। नाले व नालियों पर अतिक्रमण कर सामग्री नहीं रखेंगे। इसका उद्देश्य बाज़ार में लोगों के लिए चलने-फिरने की सुविधाजनक जगह सुनिश्चित करना है। व्यापारियों द्वारा यह संकल्प पत्र कलेक्टर स्पप्निल वानखड़े को दिए जाने की तैयारी की जा रही है। दूसरे क्षेत्रों में चलाए जाएंगे अभियान- एसडीएम दतिया एसडीएम संतोष तिवारी ने कहा कि शहर को सुंदर और व्यवस्थित बनाने की कवायद है। अतिक्रमण हटने से सड़क चौड़ी हो गई है, जिससे लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। नगर के दूसरे हिस्सों में भी यह अभियान चलाए जाने की तैयारी है।

साइबर खतरा बढ़ा: मध्य प्रदेश में हर 10 मिनट में हो रहे हमले, युवा प्रभावित

भोपाल  मध्य प्रदेश में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। हर 10 मिनट में एक नया मामला सामने आ रहा है। इन अपराधों में 70% शिकार युवा हैं। 2022 से 2025 के बीच 3 हजार से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं। इनमें मोबाइल हैकिंग, फर्जी कॉल और ऑनलाइन पेमेंट फ्रॉड शामिल हैं। साइबर सेल लगातार निगरानी रख रहा है और जागरूकता अभियान चला रहा है। सरकार ने साइबर अपराध से बचाव के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 जारी किया है। अलग अलग तरीकों से हो रही ठगी राज्य में ऑनलाइन शॉपिंग, क्यूआर कोड और फर्जी लोन जैसे तरीकों से ठगी हो रही है। जागरूकता अभियान चलाने के बाद भी लोग ठगों के जाल में फंस रहे हैं। साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपना रहे हैं। एसपी साइबर प्रणय नागवंशी ने कहा, 'हमारी अपील है कि लोग किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपनी बैंक डिटेल किसी को शेयर करें। साइबर सेल लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है और हम जागरूकता अभियान भी चला रहे हैं। सरकार ने शुरु किया हेल्पलाइन नंबर 2022 में 1021 केस दर्ज हुए, जिनमें 717 युवा थे। 2023 में 927 मामले आये, जिनमें 700 युवा थे। 2024 में 1082 केस दर्ज हुए, जिनमें 703 युवा थे। 2025 में 511 केस दर्ज हुए, जिनमें 344 युवा शामिल हैं। सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1930 शुरू किया है। इसके अलावा, साइबर जोनल कार्यालय भी बन रहे हैं। पासवर्ड रखते में रखें विशेष ध्यान विशेषज्ञों का कहना है कि पासवर्ड कम से कम 12 अंकों का होना चाहिए और इसे समय-समय पर बदलते रहना चाहिए। साइबर ठगी अब गांवों तक पहुंच गई है। ठग सोशल मीडिया और गेमिंग एप्स के जरिए युवाओं को निशाना बना रहे हैं। सावधानी बरतने से ही बचाव हो सकता है। संदिग्ध कॉल आने पर उसे ब्लॉक करें और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। तकनीक का इस्तेमाल सावधानी से करें। जरा सी चूक से आपकी कमाई ठगों के खाते में जा सकती है।  

प्रदेश के हर कोर्ट में बंपर भर्ती की तैयारी, जांच अधिकारियों को लैपटॉप मिलेगा

भोपाल  जनता व सरकार कोर्ट में न्याय की लड़ाई न हारे, इसके लिए प्रत्येक कोर्ट में लोक अभियोजक, लोक अभियोजन अधिकार व अन्य अधिकारी, कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। ये भर्तियां 610 पदों (Bumper Recruitment in MP) पर होंगी। नए आपराधिक कानूनों के तहत मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए जीपीएस आधारित 25 हजार टैबलेट खरीदे जाएंगे, ये जांच अधिकारियों को देंगे। पहले चरण में 1732 टैबलेट की खरीदी होगी। बता दें कि प्रदेशके मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार 26 अगस्त को हुई कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सीसीटीएनएस पर खर्च बढ़ा क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एण्ड सिस्टम (सीसीटीएनएस) प्रोजेक्ट के तहत काम हो रहा है। पूर्व में इसकी लागत 5 वर्ष के लिए 102 करोड़ 88 लाख थी, जिसे बढ़ाकर 177 करोड़ 87 लाख 51 हजार करने की स्वीकृति दी है। इसी के तहत जीपीएस आधारित टैबलेट दिए जाएंगे। इसके साथ ही मॉडर्न पुलिसिंग को लेकर भी सरकार जल्द कई नए अत्याधुनिक उपकरणों की खरीदारी करेगी। अब जनता चुनेगी अध्यक्ष: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2027 में होने वाले नगरीय निकायों के चुनावों में अध्यक्षों को चुनने के अधिकार सीधे जनता को देंगे। बीच का झंझट ही खत्म करेंगे, ताकि कोई विरोधाभास वाली स्थिति ही पैदा न हो। कैबिनेट बैठक में सीएम डॉ. यादव ने कहा कि गणेश चतुर्थी हो या नवदुर्गा उत्सव, सभी को भव्यता के साथ मनाएंगे। इसके लिए क्षेत्र में जनता को प्रेरित किया जाए। यह तय हो कि हमारे उत्सव में हमारे प्रदेश व देश के अपने लोगों द्वारा तैयार सामग्री का ही उपयोग हो। जनता को स्वदेशी वस्तु की उपयोगिता व वर्तमान महत्व को समझाया जाए। मूर्ति निर्माण में मिट्टी और लुगदी को प्राथमिकता दी जाए। सार्वजनिक धार्मिक आयोजनों सहित घरों में होने वाले पूजा-पाठ में स्वदेशी वस्त्र और साज-सज्जा की सामग्री का उपयोग हो। इससे छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहन मिलेगा। अतिरिक्त लोक अभियोजक के 185 पद, अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी के 255, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी के 100 और सहायक कर्मचारियों के 70 पदों को स्वीकृति दी है। तीन वर्ष में इन पदों पर भर्ती व वेतन आदि पर करीब 60 करोड़ रुपए खर्च होंगे। खरीदेंगे चार हजार मेगावॉट बिजली सरकार केंद्र की ग्रीनशू चार हजार मेगावॉट बिजली खरीदेगी। कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी है। यह तीन प्रस्तावित नवीन ताप विद्युत परियोजनाओं से क्रमश 800, 1600 व 800 मेगावॉट खरीदी जाएगी। बिजली की यह खरीदी प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर होगी। इसके लिए एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को अधिकृत किया है। पीएचई 100 मेगावाट का सौर ऊर्जा व 60 मेगावाट का पवन ऊर्जा प्लांट लगाएगा पीएचई सौर व पवन ऊर्जा प्लांट लगाएगा। इससे नल-जल योजना संचालित की जाएंगी। सौर ऊर्जा प्लांट 100 व पवन ऊर्जा प्लांट 60 मेगावाट का होगा।