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बीकानेर में 3.4 लाख पांडुलिपियों का रिकॉर्ड, भारत की ज्ञान परंपरा को मिल रहा संरक्षण

जयपुर भारत सरकार ने इस वर्ष प्राचीन पांडुलिपियों को सहेजने का एक अभियान शुरू किया है. ‘ज्ञान भारतम मिशन' नाम के इस अभियान की शुरुआत 16 मार्च को की गई थी जो तीन महीने तक चलेगा. इसका उद्देश्य देश भर में स्थित पांडुलिपियों की पहचान करना और दस्तावेजों के तौर पर उनका रिकॉर्ड तैयार करना है, ताकि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को सुरक्षित और संरक्षित किया जा सके. अभियान के तहत पांडुलिपियों के संरक्षण और सर्वे का कार्य तेज गति से जारी है. बताया जा रहा है कि इसमें राजस्थान में सबसे अधिक पांडुलिपियों का सर्वे किया जा चुका है. प्रदेश में भी सबसे अधिक काम बीकानेर में हुआ है. तीन महीने तक चलेगा ‘ज्ञान भारतम मिशन' का सर्वे देश भर में ‘ज्ञान भारतम मिशन' अभियान के तहत 16 जून तक सर्वे कार्य जारी रहेगा. प्रदेशों में राजस्थान में अब तक 15 लाख से अधिक पांडुलिपियों का सर्वे किया जा चुका है जो देश में सबसे अधिक माना जा रहा है. वहीं बीकानेर जिला भी इस मिशन में अहम भूमिका निभा रहा है जहां अब तक करीब 3 लाख 40 हजार पांडुलिपियों का सर्वे पूरा हो चुका है. बीकानेर में तेजी से हो रहा काम बीकानेर की खास बात यह है कि यहां स्थित अभय जैन ग्रंथालय में ही करीब 2 लाख पांडुलिपियां संरक्षित हैं जो अपने आप में एक बड़ी धरोहर मानी जाती हैं. इन पांडुलिपियों में इतिहास, संस्कृति, धर्म और परंपरा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां संजोई गई हैं. खास बात यह भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने अपने ‘मन की बात' कार्यक्रम में बीकानेर की इन पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए हो रहे कार्य का उल्लेख किया था जिससे इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली. बीकानेर की जिला नोडल अधिकारी डॉ. नितिन गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान पूरी तरह लक्ष्य आधारित है और इसके तहत घर-घर जाकर और विभिन्न संस्थानों में पहुंचकर पांडुलिपियों का सर्वे, सत्यापन और दस्तावेजीकरण किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस मिशन का उद्देश्य न केवल इन अमूल्य धरोहरों को सुरक्षित रखना है बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से इनका डिजिटलीकरण कर इन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना भी है ताकि आने वाली पीढ़ियां भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ सकें.

न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गंभीर मामला, 2 प्रसूताओं की हालत क्रिटिकल

कोटा कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के दौरान प्रसूताओं का स्वास्थ्य बिगड़ने के मामले को राज्य सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया है. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री  गजेन्द्र सिंह खींवसर ने घटना की पूरी जानकारी ली. प्रसूताओं के इलाज के लिए सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से 4 विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम कोटा भेजने के निर्देश दिए. साथ ही निष्पक्ष एवं त्वरित जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं. 2 प्रसूताओं की हालत क्रिटिकल इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अस्पताल पहुंचकर प्रसूताओं के बेहतर इलाज के न‍िर्देश द‍िए. परिजन जल्द ठीक होने के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं. कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती 5 में से 2 की हालत क्रिटिकल बताई जा रही है. अन्य तीन की हालत में हल्का सुधार बताया जा रहा है. अस्पताल में भर्ती पांचों प्रसूताओं को कुछ घंटे के लिए गहन ऑब्जर्वेशन में रखा गया है. इटावा की रागनी अस्पताल में भर्ती हैं, उनके पिता और भाई  ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि उसकी तबीयत में सुधार हो. कोटा की रहने वाली ज्योति की हालत गंभीर बताई जा रही है. ज्योति के भाई संतोष ओर परिवार के लोग च‍िंत‍ित हैं.   जयपुर से 5 डॉक्टर की टीम भेजा सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज जयपुर से निश्चेतना विभाग के डॉ. निहार शर्मा, मेडिसिन विभाग के डॉ. सुनील कुमार महावर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के डॉ. पवन अग्रवाल, नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉ. संजीव कुमार शर्मा को कोटा भेजा गया है. ये इलाज में सहयोग करेंगे. एक प्रसूता की मौत हो गई कोटा के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल के गायनिक वार्ड में भर्ती 6 प्रसूताओं की तबीयत बुधवार को अचानक बिगड़ गई, जिनमें से 1 महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई. बाकी 5 महिलाओं की हालत अभी चिंताजनक बनी हुई है, जिन्हें तुरंत नेफ्रोलॉजी और गायनिक वार्ड में शिफ्ट किया गया है. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ के गलत दवा या इंजेक्शन देने के कारण यह घटना हुई है.

बंबोरी गांव में सीएम का जनता से सीधा संवाद, खाट पर बैठकर सुनी समस्याएं

 प्रतापगढ़ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को प्रतापगढ़ जिले के बंबोरी गांव में रात्रि प्रवास किया. उन्होंने देर रात तक ग्राम विकास चौपाल में महिलाओं, किसानों, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों से आत्मीय संवाद किया. चौपाल में मुख्यमंत्री ने खाट पर बैठकर खेती, सिंचाई, पेयजल, सड़क, बिजली, रोजगार, शिक्षा, जनजाति विकास और अन्य स्थानीय विषयों पर विस्तार से चर्चा की.       किसानों एवं पशुपालकों ने आधुनिक कृषि तकनीक, ड्रिप सिंचाई, प्राकृतिक खेती, पशुपालन एवं डेयरी विकास से जुड़े सुझाव दिए और युवाओं ने राज्य सरकार द्वारा रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर अपने अनुभव साझा किए.   21 लाख से अधिक महिलाएं प्रशिक्षित    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि मातृ शक्ति के आत्मनिर्भर और सशक्त बनने से ही देश समृद्ध होगा. लखपति दीदी योजना के माध्यम से देश में मातृ शक्ति की आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखा जा रहा है. हमारी सरकार ने प्रदेश में लखपति दीदी योजना के तहत 21 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण दिया है, और 16 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाया है. उन्होंने कहा कि लखपति दीदी समाज और सरकार के बीच मजबूत कड़ी बनकर अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भरता से जोड़ने का कार्य करें. "लाभकारी खेती की तरफ बढ़ना जरूरी" मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते दौर में किसानों को लाभकारी खेती की ओर बढ़ना आवश्यक है. इसके लिए हमारी सरकार 23 से 25 मई तक जयपुर में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-ग्राम 2026 का आयोजन कर रही है. उन्होंने कहा कि ग्राम 2026 में प्रदेश के हजारों किसान और पशुपालक के साथ ही देश-विदेश के कृषि वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ, एग्रीटेक डेवलपर, स्टार्टअप्स और कृषि प्रसंस्करण से जुड़े उद्योगपति भाग लेंगे.   ऑर्गेनिक खेती अपनाने के लिए किया प्रेरित मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़े स्तर पर कार्य कर रही है. विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने किसानों को प्राकृतिक एवं ऑर्गेनिक खेती अपनाने, फलदार पौधे लगाने और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने किसानों से सोलर ऊर्जा से जुड़ने और फव्वारा प्रणाली जैसी जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया.    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पूरे प्रदेश में 27 अप्रैल से ग्राम विकास रथ अभियान शुरू किया है.इसके माध्यम से हर पंचायत तक सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जा रही है.उन्होंने कहा कि इस अभियान में सरकार सुझाव पेटिका के जरिए आमजन से सुझाव ले रही है.   महिला सशक्तीकरण की दिखी प्रेरक तस्वीर ग्राम विकास चौपाल में महिला प्रभारी मंत्री, महिला संभागीय आयुक्त, महिला कलेक्टर और महिला सरपंच की उपस्थिति प्रेरक रही.मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं को मंच पर आमंत्रित कर उनका सम्मान किया और महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया.   गैर नृत्य के साथ सीएम स्वागत मुख्यमंत्री के आगमन पर आदिवासी कलाकारों ने पारंपरिक गैर नृत्य के साथ उनका स्वागत किया. मुख्यमंत्री भी कलाकारों के बीच पहुंचे और उनके साथ गैर नृत्य में शामिल होकर उत्साहवर्धन किया.मुख्यमंत्री के आत्मीय व्यवहार और अपनत्व से कलाकार अभिभूत नजर आए.मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर ग्राम रथ का अवलोकन भी किया तथा इससे संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली.  इस अवसर पर राजस्व मंत्री हेमंत मीणा,सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक, महिला एवं बाल विकास विभाग राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार, सांसद सीपी जोशी, विधायक श्रीचंद कृपलानी, अर्जुन लाल जीनगर, चंद्रभान सिंह आक्या एवं सुरेश धाकड़ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे. लखपति दीदी ने अनुभव साझा किया लखपत‍ि दीदी कांता सेने ने कहा क‍ि पहले मैंने सिलाई मशीन से काम शुरू किया, फिर गाय खरीदी. आज मेरी वार्षिक आय 1.40 लाख रुपये है. अब मैं अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने और योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित करती हूं. ईना रावत ने कहा क‍ि पहले मैं केवल खेतों में काम करती थी, ट्रेनिंग और आर्थिक सहायता मिलने के बाद सिलाई का काम शुरू किया, फिर बैंक सखी की ट्रेनिंग ली.  आज मेरी गांव में अलग पहचान है.  पहले कोई नहीं जानता था, अब हर कोई सम्मान से नमस्ते करता है.    स्कूली छात्रा लवीशा ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बम्बोरी में विज्ञान संकाय खोलने का आग्रह किया.  छात्रा की बात सुन मुख्यमंत्री ने विद्यालय में विज्ञान संकाय खोलने का आश्वासन दिया.

ACB का एक्शन जारी: 15 ठिकानों पर छापेमारी के बाद पूर्व मंत्री हिरासत में

जयपुर जेजेएम घोटाले से जुड़े मामले में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई की है. एसीबी ने पूर्व मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार कर लिया. 960 करोड़ रुपए से जुड़े मामले में एसीबी ने कार्रवाई की है. इससे पहले एसीबी रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार कर चुकी है. अब मामले में ये बड़ी कार्रवाई की गई है.   15 ठिकानों पर पड़े थे छापे इसी मामले में ईडी ने 2025 में पूर्व मंत्री को गिरफ्तार किया था. इसके बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी. 17 फरवरी को एसीबी ने करीब 15 ठिकानों पर छापेमारी कर 10 लोगों को गिरफ्तार किया था. 960 करोड़ के घोटाले का आरोप जेजेएम योजना के तहत आरोप है कि फर्म मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल और श्री श्याम ट्यूबवेल ने फर्जी दस्तावेज से टेंडर हासिल किए थे. इन दोनों फर्मों के प्रोपराइटर महेश मित्तल और पदमचंद जैन पर आरोप है कि उन्होंने इरकॉन इंटरनेशनल कंपनी के फर्जी प्रमाण-पत्र लगाकर करीब 960 करोड़ रुपए के टेंडर हासिल किए थे. आरोप है कि इन सभी में पूर्व मंत्री महेश जोशी भी शामिल थे.   किरोड़ी लाल मीणा ने दिया था धरना दरअसल पूरा मामला 20 जून 2023 से शुरू हुआ. जब डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने राजधानी जयपुर के अशोक नगर थाने के बाहर इस मामले में FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर दो दिन तक धरना दिया. मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ा. कई अन्य नेता भी अशोक नगर थाने पहुंचे. जमकर राजनीतिक बयानबाजी हुई. 2023 के विधानसभा चुनाव के वक्त भी यह मामला सियासी गलियारों में खूब चर्चा का विषय बना. 

पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ते ही लौटेगी गर्मी, कई जिलों में लू का अलर्ट

जयपुर राजस्थान में हाल ही में हुई बारिश से मिली राहत अब ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 3 से 4 दिनों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ेंगी और तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होगी. पिछले 24 घंटों में एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश का दौर देखने को मिला, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली. जयपुर के शाहपुरा में सबसे अधिक 68 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सीकर ग्रामीण क्षेत्र में 31 मिमी वर्षा हुई. हल्की से मध्यम बारिश होगी   मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बुधवार को कोटा, उदयपुर, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. हालांकि, यह राहत अस्थायी रहेगी और अगले कुछ दिनों में मौसम शुष्क होने लगेगा. ज आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित मंगलवार शाम को बालोतरा जिले के समदड़ी कस्बे में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई. उदयपुर में भी अचानक मौसम बदला और तेज आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ. कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने गर्मी से राहत दिलाई. गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई बीते दो दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 7 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई, जिससे तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया. दिन की शुरुआत हल्की गर्मी के साथ हुई, लेकिन दोपहर बाद बादल छा गए और शाम तक आसमान पूरी तरह घिर गया.  इसके बाद गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई, जिसने मौसम को ठंडा कर दिया. अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क हो जाएगा मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के साथ ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क हो जाएगा.  हालांकि उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की बारिश या आंधी की संभावना बनी रह सकती है. 8 से 11 मई के बीच जोधपुर और बीकानेर संभाग में अधिकतम तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे क्षेत्र में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप फिर से बढ़ने के आसार हैं.

Banswara में दर्दनाक घटना, 8 लोग तैरकर बचे, रेस्क्यू जारी

बांसवाड़ा बांसवाड़ा जिले में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब संगमेश्वर नदी में 10 लोगों से भरी नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। घटना अरथूना क्षेत्र में करीब 3 बजे हुई। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में नदी किनारे जुट गए। संतुलन बिगड़ने से पलटी नाव प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नाव का संतुलन बिगड़ने के कारण यह हादसा हुआ। नाव पलटते ही नाविक सहित 8 लोगों ने साहस दिखाते हुए तैरकर अपनी जान बचाई और सुरक्षित किनारे तक पहुंच गए। हालांकि तेज बहाव के कारण 8 साल का एक बच्चा और एक युवक नदी की लहरों में ओझल हो गए, जिससे स्थिति गंभीर हो गई। रेस्क्यू अभियान में जुटी प्रशासनिक टीमें घटना की सूचना मिलते ही गढ़ी डीएसपी बाबूलाल रैगर और अरथूना पुलिस का जाब्ता मौके पर पहुंचा। प्रशासन ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू करते हुए स्थानीय गोताखोरों और सिविल डिफेंस की टीमों को मौके पर बुलाया। बचाव कार्य तेजी से जारी है। गहरे पानी में तलाश जारी सिविल डिफेंस की टीमें नावों और लाइफ जैकेट की मदद से नदी के गहरे हिस्सों में लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। नदी का तेज बहाव रेस्क्यू अभियान में चुनौती बन रहा है, फिर भी टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं ताकि दोनों लापता व्यक्तियों का जल्द पता लगाया जा सके। परिजनों में चिंता, मौके पर जुटी भीड़ हादसे के बाद नदी किनारे ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। लापता लोगों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और वे लगातार प्रशासन से जल्द से जल्द राहत की उम्मीद कर रहे हैं। पूरा क्षेत्र इस घटना से गमगीन नजर आ रहा है।  

परीक्षा के दबाव में बड़ा कदम: दौसा के छात्र की कोटा में हालत नाजुक

कोटा कोटा में नीट स्टूडेंट पु्ष्‍पेंद्र प्रजापत‍ि ने नींद की अधिक गोलियां खाकर आत्महत्‍या का प्रयास क‍िया. गंभीर हालत में उसे एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है. वह दौसा का रहने वाला है. छात्र ने 3 मई को नीट का एग्जाम दिया था. परिजनों का कहना है क‍ि कम नंबर आने का अंदेशा होगा, इसल‍िए सुसाइड की कोश‍िश की. कुन्हाड़ी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है.   चौथी बार दिया नीट का एग्जाम पुष्पेंद्र प्रजापति के जीजा राहुल प्रजापति ने बताया कि पुष्पेंद्र ने चौथी बार नीट की परीक्षा दी है. इससे पहले उसका सिलेक्शन बीडीएस के लिए हो गया था, लेकिन कुछ विवाद होने के चलते इसने दोबारा से कोटा जाकर ऑनलाइन क्लास लेकर परीक्षा की तैयारी की, और एग्जाम दिया था. कम नंबर आने का अंदेशा रहा होगा, इसल‍िए ऐसा क‍िया. मकान मालिक को जैसे ही घटना का पता चला, उसने तुरंत अस्पताल पहुंचाया. 3 मेडिकल स्टोर से खरीदी 50 गोलियां छात्र के परिजन राहुल प्रजापति ने बताया कि जैसे ही हमें मकान मालिक से सूचना म‍िली. तुरंत दौसा से कोटा पहुंचे. मकान मालिक ने बताया कि उसने नींद की गोलियां अत्यधिक मात्रा में खा ली है. छात्रा से जो पूछताछ की, उसमें पता चला है कि 3 अलग-अलग मेडिकल स्टोर से इसने 50 टेबलेट खरीदी और सभी को खा लिया. छोटा भाई भी कर रहा नीट की तैयारी पुष्पेंद्र प्रजापति के पिता हरिराम चंडीगढ़ में फ्रूट्स का काम करते हैं. उनके दो बेटे हैं, पुष्पेंद्र बड़ा बेटा है, और छोटा बेटा जयपुर में रहकर नीट की तैयारी कर रहा है. पिता ने बताया कि फिलहाल उसने कोटा में कोई कोचिंग ज्वाइन नहीं कर रखी है. इससे पहले वह कोटा में रहकर तैयारी कर रहा था.सूचना मिलते ही अस्पताल भी कुन्हाड़ी थाना पुलिस पहुंची, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

सवाई माधोपुर में खौफ का माहौल: गांवों तक पहुंचा केपी-2 चीता

रणथंभौर सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व इन दिनों खौफनाक स्थिति का गवाह बन गया है. एक साथ तीन खूंखार 'शिकारी' बाघ, तेंदुआ और चीता घूमते नजर आ रहे हैं. करीब 20 दिन पहले मध्यप्रदेश के कुनो से भटककर आया केपी-2 चीता अब गांवों में भी भटकता दिख रहा है. इससे रणथंभौर से सटे गांवों में दहशत है. जोन 8, 9 और 10 में चीते का मूवमेंट नजर आने के साथ ही आबादी क्षेत्रों में भी दस्तक है. जानकारी के अनुसार, यह चीता सबसे पहले रणथंभौर की पालीघाट रेंज के पास देखा गया था. इसके बाद यह अलग-अलग जोन और गांवों के आसपास घूमता रहा है. फिलहाल इसका मूवमेंट जोन 10 और आसपास के इलाकों में बना हुआ है. खेती-किसानी प्रभावित, फसलें सूखने लगी जिले के कैलाशपुरी, दुमोदा और मोजीपुरा गांवों में इस चीते की मौजूदगी ने ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है. यहां अमरूदों के बगीचे में पिछले कई दिनों से चीते की आवाजाही बनी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि वे अपने खेतों और बगीचों में जाने से डर रहे हैं. खेती-किसानी का काम पूरी तरह प्रभावित हो चुका है. गर्मी की फसलें सूखने लगी हैं, क्योंकि सिंचाई और देखभाल नहीं हो पा रही है. बच्चों को लेकर परिवार चिंतित चीता पालतू पशुओं का भी शिकार कर चुका है. इससे कई गांव में डर और गहरा हो गया है. किसी अनहोनी की आशंका से दहशत में रह रहे लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं. किसानों की चिंता बच्चों को लेकर सबसे ज्यादा है. जिन रास्तों से बच्चे स्कूल जाते हैं, उन्हीं इलाकों में चीते का मूवमेंट बना हुआ है. ऐसे में कई बच्चे स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं और परिवारों ने उन्हें घरों में ही रहने की हिदायत दी है. ग्रामीण बोले- मॉनिटरिंग काफी नहीं वन विभाग की टीमें लगातार चीते की निगरानी कर रही हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ निगरानी से समस्या का समाधान नहीं होगा. उन्होंने वन अधिकारियों से चीते को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर ले जाने की मांग की है.

महिला सुरक्षा में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, जयपुर पुलिस में सर्जरी

जयपुर  राजस्थान की राजधानी जयपुर के मालवीय नगर इलाके में बीते दिनों एक गर्भवती महिला के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले में अब पुलिस महकमे के भीतर बड़ी कार्रवाई हुई है. पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने सख्त रुख अपनाते हुए जवाहर सर्किल थाना प्रभारी (CI) आशुतोष कुमार को तुरंत प्रभाव से पद से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया है. इस मामले में पहले ही दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जा चुका है, लेकिन अब मंगलवार (05 मई, 2026) को गाज थाना प्रभारी पर भी गिरी है. क्यों हुई यह कार्रवाई? यह पूरा मामला 16 अप्रैल को सामने आया था, जब राहुल गुर्जर नाम के आरोपी ने एक गर्भवती महिला के साथ सरेराह गलत हरकत की थी. इस घटना से पूरे शहर के लोगों में गुस्सा था. आरोप था कि शुरुआत में पुलिस ने इस मामले में ढिलाई बरती और आरोपी को पकड़ने के बावजूद छोड़ दिया गया था. मामले की गंभीरता और जनता के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने अब थाना स्तर पर यह बड़ी सर्जरी की है. आरोपी राहुल गुर्जर फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है. जयपुर पुलिस में 5 CI के तबादले पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, केवल जवाहर सर्किल ही नहीं, बल्कि कुल 5 पुलिस निरीक्षकों (Inspectors) के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं. जवाहर सर्किल थाने की कमान अब महेश चंद गुर्जर को सौंपी गई है, जो इससे पहले जवाहर नगर थाना प्रभारी थे. उनकी जगह सरला यादव को जवाहर नगर थाने का नया प्रभारी बनाया गया है. वहीं, जितेन्द्र कुमार वर्मा को बजाज नगर थाने की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं, बजाज नगर की थाना प्रभारी पूनम चौधरी को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है. लापरवाही बर्दाश्त नहीं पुलिस कमिश्नरेट की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामलों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जहां आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें एमपी के बीहड़ों तक पहुंच गई थीं, वहीं थाने के भीतर हुई शुरुआती लापरवाही ने विभाग की छवि पर सवाल खड़े किए थे. अब नए प्रभारियों की नियुक्ति के साथ लोगों ने उम्मीद जताई जा रही है कि इलाके में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली में सुधार होगा.

अजमेर, सीकर और दिल्ली रोड पर छापेमारी में तेल माप में गड़बड़ी का खुलासा

जयपुर  राजस्थान की राजधानी जयपुर में अगर आप भी गाड़ी में पेट्रोल-डीजल डलवाते समय यह सोचते हैं कि तेल कम मिला है, तो आज प्रशासन ने आपकी इसी चिंता पर मुहर लगा दी है. उपभोक्ता मामलात मंत्री सुमित गोदारा के आदेश पर जयपुर जिले के पेट्रोल पंपों की अचानक चेकिंग की गई. इस दौरान टीम को पता चला कि कुछ पंपों पर मीटर तो सही चल रहा था, लेकिन नोजल से तेल कम निकल रहा था. इस धांधली को देखते हुए विभाग ने तुरंत सख्त एक्शन लिया. हाईवे के इन तीन रास्तों पर हुई छापेमारी प्रशासन की तीन अलग-अलग टीमों ने जयपुर के सबसे व्यस्त रास्तों को निशाना बनाया. अजमेर रोड, सीकर रोड और दिल्ली रोड पर स्थित कुल 15 पेट्रोल पंपों पर टीमें अचानक नाप-तोल की मशीनें लेकर पहुंच गईं. इस औचक निरीक्षण से पंप चलाने वालों के बीच हड़कंप मच गया. अधिकारियों ने बारीकी से चेक किया कि क्या ग्राहकों को उतना ही तेल मिल रहा है जितने पैसे वे दे रहे हैं?   उपभोक्ता मामलात मंत्री श्री सुमित गोदारा के निर्देशानुसार, जयपुर ज़िले में पेट्रोल पंपों की जाँच का, एक व्यापक जाँच अभियान चलाया गया। विधिक माप विज्ञान अधिनियम-2009 एवं राजस्थान विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियम-2011 के अंतर्गत, तीन जाँच दलों ने जयपुर ज़िले में अजमेर रोड, सीकर गड़बड़ी मिलने पर 3 पंपों के नोजल सील जांच के दौरान टीमों ने पाया कि तीन पेट्रोल पंपों पर मीटर में हेराफेरी कर ग्राहकों की जेब काटी जा रही थी. इन पंपों पर तेल की मात्रा तय मानकों से काफी कम पाई गई. मामला साफ होते ही अधिकारियों ने उन तीनों पेट्रोल पंपों के नोजल तुरंत सील कर दिए. इसका मतलब है कि अब ये पंप तब तक तेल नहीं बेच पाएंगे जब तक इनकी मशीनों को दोबारा ठीक कर विभाग से पास नहीं करवा लिया जाता.