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सीकर के जाजोद गांव में मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान, स्कूल में शुरू होगा विज्ञान संकाय

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का “गांव चली सरकार” अभियान के तहत शुक्रवार (7 मई) को सीकर जिले के जाजोद गांव में पहुंचे. गुरुवार (6 मई) देर रात तक ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाने के बाद मुख्यमंत्री शुक्रवार सुबह सूरज निकलते ही गांव की गलियों में पहुंच गए. ग्रामीण जब अपने घरों से बाहर निकले तो उन्होंने मुख्यमंत्री को गांव की सड़कों और गलियों में पैदल घूमते हुए पाया. इसी दौरान उन्होंने गांव की छात्राओं की उस मांग को भी पूरा कर दिया, जो रात्रि चौपाल में उनके सामने रखी गई थी. सरकार की योजनाओं का लिया फीडबैक सीएम ने बिना औपचारिकता के गांव के बुजुर्गों, महिलाओं,  किसानों, पशुपालकों, फल-सब्जी विक्रेताओं और युवाओं से आत्मीय संवाद किया. उन्होंने ग्रामीणों से राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक लिया और गांव की मूलभूत समस्याओं की जानकारी भी जुटाई. छात्राओं ने साझा की थी पीड़ा गुरुवार को रात्रि चौपाल के दौरान छात्राओं ने सीएम से कहा था कि सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विज्ञान संकाय की सुविधा नहीं है. जिसके कारण उन्हें या तो मजबूरी में अन्य विषयों से पढ़ाई करनी पड़ती है या फिर विज्ञान पढ़ने के लिए घर से काफी दूर जाना पड़ता है. छात्राओं की बात सुनते ही सुनकर मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनके स्कूल में विज्ञान संकाय अवश्य खोला जाएगा. रात को ही उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दे दिए. इसी सत्र से पढ़ाई शुरू शुक्रवार सुबह जब बालिकाएं स्कूल जाते समय मुख्यमंत्री से एक बार फिर मिलीं और अपनी मांग दोहराई. मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए बताया कि जाजोद के स्कूल में विज्ञान संकाय शुरू हो चुका है. राज्य सरकार की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं. अब इस विद्यालय में आप गणित और जीव विज्ञान, दोनों में से अपनी रुचि अनुसार विषय चुनकर इसी साल से पढ़ाई कर सकती हैं. मुख्यमंत्री के मुंह से खुशखबरी सुनकर बच्चियों के चेहरे खिल उठे. उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया. उनका कहना था कि उन्हें यकीन ही नहीं हो पा रहा कि उनकी मांग इतनी जल्दी पूरी होगी.

कुत्तों के हमले से दहशत में राजस्थान, मासूम बच्ची की मौत ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

डीग राजस्थान के डीग जिले में आवारा कुत्तों ने कोहराम मचा रखा है. 8 मई को सामने आई स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले अप्रैल माह के भीतर जिले में 3000 से ज्यादा लोगों को कुत्तों ने अपना शिकार बनाया है. डीग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की तरफ से जारी ये आंकड़े यह बताते हैं कि जिले में हालात कितने भयावह हैं. हर दिन औसतन 100 लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. बूंदी में कुत्तों ने ली मासूम की जान डीग के ये आंकड़े तब और डरावने हो जाते हैं जब हम 4 मई की उस घटना को याद करते हैं, जिसने राजस्थान को शर्मसार कर दिया था. बूंदी जिले के तालेड़ा क्षेत्र में एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची को कुत्तों के झुंड ने उस वक्त नोच-नोच कर मार डाला था, जब वह खुले में शौच के लिए गई थी. उस घटना के बाद सरकार ने पीड़ित परिवार को 1 लाख के मुआवजे का ऐलान तो किया, लेकिन डीग के आंकड़े बताते हैं कि जमीन पर सुरक्षा के इंतजाम अब भी सिफर हैं. शहरों में ज्यादा 'खूंखार' हुए कुत्ते हालिया RTI आंकड़ों ने इस संकट की गंभीरता को और बढ़ा दिया है. साल 2024 के मुकाबले 2025 में राजस्थान में कुत्तों के हमले के मामले करीब दोगुने हो चुके हैं. सबसे ज्यादा असर राजधानी जयपुर समेत कोटा और डीग जैसे इलाकों में दिख रहा है. चौंकाने वाली बात यह है कि ग्रामीण इलाकों के मुकाबले शहरी क्षेत्रों में आवारा कुत्ते ज्यादा हिंसक और आक्रामक व्यवहार कर रहे हैं, जिसका सबसे आसान शिकार छोटे बच्चे बन रहे हैं. 'हमें मुआवजा नहीं, सुरक्षा चाहिए' डीग में बढ़ते मामलों को देखते हुए पूर्व पार्षद कैलाश मिश्रा और अन्य जनप्रतिनिधियों ने नगर परिषद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उनकी मांग है कि नसबंदी और शेल्टर होम के नाम पर हो रही खानापूर्ति बंद हो और सड़कों पर घूम रहे हिंसक कुत्तों को तुरंत हटाया जाए. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार करता रहता है. डॉक्टर बोले- ये गलती पड़ेगी भारी बढ़ते मामलों के बीच डॉक्टरों ने सख्त हिदायत दी है कि कुत्ता काटने पर 15 मिनट की लापरवाही जान ले सकती है. डॉक्टर्स का कहना है कि अगर कुत्ता काट ले, तो घाव को तुरंत 15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से धोएं और किसी भी तरह के अंधविश्वास या झाड़-फूंक में समय न गंवाते हुए सीधे सरकारी अस्पताल जाकर एंटी-रेबीज टीका लगवाएं. आवारा कुत्तों की शिकायत करें यदि आपके इलाके में भी कुत्ते हिंसक हो रहे हैं, तो आप राजस्थान संपर्क पोर्टल के टोल-फ्री नंबर 181 पर कॉल कर सकते हैं. इसके अलावा स्थानीय नगर निगम के कंट्रोल रूम में भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. जागरूक रहें, क्योंकि आपकी सतर्कता ही आपकी जान बचा सकती है.

जैसलमेर में पारा 45 पार, कई जिलों में येलो अलर्ट जारी, धूलभरी हवाओं की चेतावनी

जयपुर राजस्थान में मई की शुरुआत के साथ ही मौसम ने उथल-पुथल मचा रखी है. एक तरफ जहां तापमान लगातार ऊपर चढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर आंधी-बारिश ने मौसम को अस्थिर बना दिया है. गुरुवार (7 मई) को कई हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई. सबसे गर्म इलाके जैसलमेर में पारा 45.1 डिग्री तक पहुंच गया. पश्चिमी राजस्थान के अन्य जिलों में भी तपिश बरकरार है. बाड़मेर में 44.2, फलोदी में 43.6 और बीकानेर में 43 सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. शुक्रवार (8 मई) के लिए कई जिलों में आंधी-बारिश का भी अलर्ट है.   कोटा-जयपुर में पारा 40 डिग्री के पार चित्तौड़गढ़, कोटा और जयपुर में भी पारा 40 डिग्री के पार दर्ज किया गया. इन शहरों में दिनभर तेज गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है. बारां, धौलपुर, डीग, भरतपुर और अलवर जिलों में येलो अलर्ट है. इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की-मध्यम वर्षा की संभावना है. मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि आगामी 2 से 3 दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है.   जोधपुर संभाग में धूलभरी हवाओं से बढ़ेगी मुश्किल मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन से चार दिनों में जोधपुर संभाग और आसपास के क्षेत्रों में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चल सकती हैं. गर्मी के साथ-साथ तेज हवाओं का असर भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है. इसके साथ ही कई हिस्सों में आंधी और हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है, जिससे मौसम का मिजाज और अधिक अस्थिर रह सकता है. वहीं, 9 मई से पश्चिमी राजस्थान में एक बार फिर हीटवेव का नया दौर शुरू होने की आशंका जताई गई है. खासतौर पर जोधपुर संभाग के सीमावर्ती इलाकों में तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है.

बांग्लादेश ले जाने की साजिश नाकाम, आरोपी ट्रेन से कोलकाता जा रहा था

 झालावाड़ राजस्थान में नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में झालावाड़ पुलिस ने कुछ ही घंटों में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और नाबालिग लड़की को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से सुरक्षित बरामद कर लिया. मामले को लेकर SP अमित कुमार ने बताया कि 2 मई 2026 को परिजनों के जरिए थाना झालरापाटन में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. जिसमें बताया गया था कि उनकी नाबालिग बेटी(14) का बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत टीमों का गठन कर विभिन्न स्थानों रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के यहां तलाशी शुरू की. ट्रेन के जरिए कोलकाता लेकर जा रहा था आरोपी जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी नाबालिग को ट्रेन के जरिए कोलकाता लेकर जा रहा है, जहां से उसे बांग्लादेश ले जाने की योजना थी. इस पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर 5 मई को बालिका को दस्तयाब कर आरोपी को हिरासत में ले लिया. पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा पुलिस ने आगे बताया कि आरोपी ने पूछताछ में अपना नाम आदित्य उर्फ बादल विश्वास बताया. उसने पहले झालावाड़ के सलोतिया क्षेत्र में रहने की जानकारी दी, लेकिन सख्ती से पूछताछ के दौरान उसे सारी सच्चाई को आसानी से कबूल कर लिया. उसने पूछताछ में जानकारी दी की वह मूल रूप से बांग्लादेश का निवासी है. साल 2024 में टूरिस्ट वीजा पर आया था भारत पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी वर्ष 2024 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था, लेकिन वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से यहीं रह रहा था। उसने पहचान छिपाने के लिए स्थानीय स्तर पर दस्तावेज तैयार करवा लिए थे और निवास भी बदल लिया था. नाबालिग को बहलाकर रच रहा था साजिश पुलिस के अनुसार आरोपी नाबालिग से फोन पर संपर्क में था और कई बार उससे मिला भी था. उसने सुनियोजित तरीके से नाबालिग को अपने जाल में फंसाया और उसे लेकर भाग गया. उसकी योजना कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश ले जाने की थी. पकड़ने के लिए की थी 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा   इस पूरे मामले में पुलिस की तत्परता और तकनीकी जांच की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए टीम को 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है. आगे की कार्रवाई जारी फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और फर्जी दस्तावेज तैयार करने में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। मामले में विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई जारी है.

भारत-पाक सीमा पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम, संदिग्ध युवक से सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं पूछताछ

बाड़मेर भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर ऑपरेशन को एक साल हो गया है। इसी बीच राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर से सटी भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक बार फिर अनाधिकृत प्रवेश को लेकर खबर मिली है। यहां सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सीमा पार से आए एक संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिक को धर दबोचा है। पकड़े गए युवक को प्रारंभिक पूछताछ के बाद स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है। गुरुवार दोपहर उसे बाड़मेर जिला मुख्यालय लाया गया, जहां विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां उससे गहनता से पूछताछ कर रही हैं। पाकिस्तान के मीठी जिले का रहना वाला है शख्स पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार ये गिरफ्तारी बाड़मेर के सीमावर्ती क्षेत्र स्वरूप का तला गांव के पास हुई। सीमा पर तैनात BSF के जवानों ने युवक की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए उसे घेराबंदी कर पकड़ा। शुरुआती जांच में पता चला है कि पकड़े गए युवक का नाम मोहम्मद आवेश (26 वर्ष) है, जो पाकिस्तान के मीठी जिले का निवासी है। उसके पिता का नाम हजूर खान बताया जा रहा है। पुलिस और बीएसएफ दोनों ने संयुक्त पूछताछ शुरू की ASP ने बताया कि BSF और पुलिस ने युवक से मौके पर ही प्रारंभिक पूछताछ की थी, जिसके बाद उसे आगे की जांच के लिए बाड़मेर लाया गया है। वर्तमान में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), BSF और पुलिस की संयुक्त टीम युवक से पूछताछ कर रही है। एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि युवक ने किस उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार किया। तलाशी में नहीं मिली कोई संदिग्ध वस्तु राहत की बात यह है कि प्राथमिक तलाशी के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों को युवक के पास से कोई हथियार, जासूसी उपकरण या अन्य संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। हालांकि, सरहदी इलाका होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहतीं। बाड़मेर पुलिस एएसपी का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और सुरक्षा के लिहाज से युवक से हर पहलू पर पूछताछ की जा रही है। पूरी तफ्तीश होने के बाद ही युवक के भारत आने के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जा सकेगा। फिलहाल सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गई है और घुसपैठ के रास्तों की जांच की जा रही है।

हनुमानगढ़ में 9 करोड़ के फर्जी बीमा क्लेम का भंडाफोड़, 66 फर्जी किसानों के नाम सामने आए

गुरुवार राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा एक बार फिर अपने पुराने एक्शन मोड में नजर आए. इसी क्रम में उन्होंने गुरुवार को हनुमानगढ़ जिले के पल्लू स्थित एसबीआई (SBI) बैंक की शाखा में अचानक पहुंचकर, वहां प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में चल रहे एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया. मंत्री के इस औचक निरीक्षण से बैंक और संबंधित विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया. फर्जी खातों से करोड़ों की लूट की साजिश जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए वे चौंकाने वाले हैं. पता चला कि भ्रष्टाचार की जड़ों ने अन्नदाता के हक पर डाका डालने की पूरी तैयारी कर ली थी. कुल 66 फर्जी किसानों के नाम पर बैंक में खाते खोले गए और उन्हें कागजों में ऋणी (कर्जदार) दिखाया गया. इस फर्जीवाड़े के जरिए करीब 9 करोड़ रुपये का फसल बीमा क्लेम तैयार किया गया था. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह भारी-भरकम राशि इसी सप्ताह निकाली जाने वाली थी लेकिन समय रहते मंत्री के हस्तक्षेप से यह घोटाला उजागर हो गया. दोषियों को नहीं बख्शेगी सरकार: किरोड़ी लाल इस घटनाक्रम पर गहरा दुख जताते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं बल्कि देश के अन्नदाता के साथ विश्वासघात है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस किसान के पसीने से देश चलता है उसके नाम पर ऐसी लूट असहनीय है. उन्होंने मौके पर ही पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. किसानों के हक की होगी रक्षा कृषि मंत्री ने आश्वासन दिया है कि भाजपा सरकार किसानों के अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग है. उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी इस साजिश में शामिल हैं उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी. अन्नदाता के हक को छीनने वालों के लिए व्यवस्था में कोई जगह नहीं है और न्याय हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा.

डीडवाना में पशु तस्करी का खुलासा, ट्रक से 21 ऊंट बरामद, दो की मौत

डीडवाना डीडवाना जिले के परबतसर थाना क्षेत्र में ऊंट तस्करी का मामला सामने आया है. वहां गौरक्षा दल और पुलिस ने संयुक्त रूप से अवैध पशु तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की और एक ट्रक में भरे 21 ऊंटों को मुक्त कराया है. साथ ही  पुलिस ने दो ऊंट तस्करों को भी गिरफ्तार किया है. लेकिन इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें गौरक्षकों ने ऊंट तस्करों को अनोखी सजा सुनाई गई. उन्होंने ऊंट तस्करों को सबक सिखाने के लिए उन्हें साड़ी पहनाकर डांस करवाया और माफी भी मंगवाई. इस वीडियो में ऊंट तस्कर हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए भी नजर आ रहे हैं. 21 ऊंटों की तस्करी, 2 की मौत यह घटना गत 3 मई की देर रात की है. गौरक्षा दल किशनगढ़ को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक ट्रक में ऊंटों को भरकर परबतसर के रास्ते मेवात (हरियाणा) ले जाया जा रहा है. इस दौरान हाईवे पर गौरक्षकों ने ट्रक को रुकवाया ओर तीन तस्करों को पकड़ लिया. ट्रक की जांच करने पर ट्रक के अंदर तिरपाल के नीचे 21 ऊंट और ऊंटनी ठूंस-ठूंस कर भरे पाए गए. तस्करों की इस निर्दयता के कारण दम घुटने से दो ऊंटों की मौके पर ही मौत हो गई, जिसे देख गौसेवकों में भारी रोष फैल गया. साथ ही उन्होंने वध के लिए मेवात ले जाए जा रहे 21 ऊंटों को तस्करों के चंगुल से मुक्त करा दिया.  डीडवाना जिले के परबतसर थाना क्षेत्र में ऊंट तस्करी का मामला सामने आया है. वहां गौरक्षा दल और पुलिस ने संयुक्त रूप से अवैध पशु तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की और एक ट्रक में भरे 21 ऊंटों को मुक्त कराया है. साथ ही पुलिस ने दो ऊंट तस्करों को भी गिरफ्तार किया है साड़ी पहनाकर करवाया डांस इस दौरान पुलिस के हवाले करने से पहले गो रक्षकों ने मौके पर ही तस्करों को सबक सिखाने के लिए उन्हें साड़ी पहनाई और मुख्य सड़क पर ही फिल्मी गाने " मुझको राणा जी माफ करना, गलती म्हारे से हो गई…" गाने पर जमकर डांस करवाया. इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने इसका वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में तस्कर हाथ जोड़कर माफी मांगते नजर आ रहे हैं. घटना की सूचना पर परबतसर पुलिस थाने से राजेंद्र प्रसाद पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला. इस दौरान पुलिस ने मेवात निवासी वसीम अकरम और मेरठ निवासी जिशान के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया.

बीकानेर में 3.4 लाख पांडुलिपियों का रिकॉर्ड, भारत की ज्ञान परंपरा को मिल रहा संरक्षण

जयपुर भारत सरकार ने इस वर्ष प्राचीन पांडुलिपियों को सहेजने का एक अभियान शुरू किया है. ‘ज्ञान भारतम मिशन' नाम के इस अभियान की शुरुआत 16 मार्च को की गई थी जो तीन महीने तक चलेगा. इसका उद्देश्य देश भर में स्थित पांडुलिपियों की पहचान करना और दस्तावेजों के तौर पर उनका रिकॉर्ड तैयार करना है, ताकि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को सुरक्षित और संरक्षित किया जा सके. अभियान के तहत पांडुलिपियों के संरक्षण और सर्वे का कार्य तेज गति से जारी है. बताया जा रहा है कि इसमें राजस्थान में सबसे अधिक पांडुलिपियों का सर्वे किया जा चुका है. प्रदेश में भी सबसे अधिक काम बीकानेर में हुआ है. तीन महीने तक चलेगा ‘ज्ञान भारतम मिशन' का सर्वे देश भर में ‘ज्ञान भारतम मिशन' अभियान के तहत 16 जून तक सर्वे कार्य जारी रहेगा. प्रदेशों में राजस्थान में अब तक 15 लाख से अधिक पांडुलिपियों का सर्वे किया जा चुका है जो देश में सबसे अधिक माना जा रहा है. वहीं बीकानेर जिला भी इस मिशन में अहम भूमिका निभा रहा है जहां अब तक करीब 3 लाख 40 हजार पांडुलिपियों का सर्वे पूरा हो चुका है. बीकानेर में तेजी से हो रहा काम बीकानेर की खास बात यह है कि यहां स्थित अभय जैन ग्रंथालय में ही करीब 2 लाख पांडुलिपियां संरक्षित हैं जो अपने आप में एक बड़ी धरोहर मानी जाती हैं. इन पांडुलिपियों में इतिहास, संस्कृति, धर्म और परंपरा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां संजोई गई हैं. खास बात यह भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने अपने ‘मन की बात' कार्यक्रम में बीकानेर की इन पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए हो रहे कार्य का उल्लेख किया था जिससे इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली. बीकानेर की जिला नोडल अधिकारी डॉ. नितिन गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान पूरी तरह लक्ष्य आधारित है और इसके तहत घर-घर जाकर और विभिन्न संस्थानों में पहुंचकर पांडुलिपियों का सर्वे, सत्यापन और दस्तावेजीकरण किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस मिशन का उद्देश्य न केवल इन अमूल्य धरोहरों को सुरक्षित रखना है बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से इनका डिजिटलीकरण कर इन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना भी है ताकि आने वाली पीढ़ियां भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ सकें.

न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गंभीर मामला, 2 प्रसूताओं की हालत क्रिटिकल

कोटा कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के दौरान प्रसूताओं का स्वास्थ्य बिगड़ने के मामले को राज्य सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया है. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री  गजेन्द्र सिंह खींवसर ने घटना की पूरी जानकारी ली. प्रसूताओं के इलाज के लिए सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से 4 विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम कोटा भेजने के निर्देश दिए. साथ ही निष्पक्ष एवं त्वरित जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं. 2 प्रसूताओं की हालत क्रिटिकल इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अस्पताल पहुंचकर प्रसूताओं के बेहतर इलाज के न‍िर्देश द‍िए. परिजन जल्द ठीक होने के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं. कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती 5 में से 2 की हालत क्रिटिकल बताई जा रही है. अन्य तीन की हालत में हल्का सुधार बताया जा रहा है. अस्पताल में भर्ती पांचों प्रसूताओं को कुछ घंटे के लिए गहन ऑब्जर्वेशन में रखा गया है. इटावा की रागनी अस्पताल में भर्ती हैं, उनके पिता और भाई  ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि उसकी तबीयत में सुधार हो. कोटा की रहने वाली ज्योति की हालत गंभीर बताई जा रही है. ज्योति के भाई संतोष ओर परिवार के लोग च‍िंत‍ित हैं.   जयपुर से 5 डॉक्टर की टीम भेजा सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज जयपुर से निश्चेतना विभाग के डॉ. निहार शर्मा, मेडिसिन विभाग के डॉ. सुनील कुमार महावर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के डॉ. पवन अग्रवाल, नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉ. संजीव कुमार शर्मा को कोटा भेजा गया है. ये इलाज में सहयोग करेंगे. एक प्रसूता की मौत हो गई कोटा के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल के गायनिक वार्ड में भर्ती 6 प्रसूताओं की तबीयत बुधवार को अचानक बिगड़ गई, जिनमें से 1 महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई. बाकी 5 महिलाओं की हालत अभी चिंताजनक बनी हुई है, जिन्हें तुरंत नेफ्रोलॉजी और गायनिक वार्ड में शिफ्ट किया गया है. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ के गलत दवा या इंजेक्शन देने के कारण यह घटना हुई है.

बंबोरी गांव में सीएम का जनता से सीधा संवाद, खाट पर बैठकर सुनी समस्याएं

 प्रतापगढ़ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को प्रतापगढ़ जिले के बंबोरी गांव में रात्रि प्रवास किया. उन्होंने देर रात तक ग्राम विकास चौपाल में महिलाओं, किसानों, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों से आत्मीय संवाद किया. चौपाल में मुख्यमंत्री ने खाट पर बैठकर खेती, सिंचाई, पेयजल, सड़क, बिजली, रोजगार, शिक्षा, जनजाति विकास और अन्य स्थानीय विषयों पर विस्तार से चर्चा की.       किसानों एवं पशुपालकों ने आधुनिक कृषि तकनीक, ड्रिप सिंचाई, प्राकृतिक खेती, पशुपालन एवं डेयरी विकास से जुड़े सुझाव दिए और युवाओं ने राज्य सरकार द्वारा रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर अपने अनुभव साझा किए.   21 लाख से अधिक महिलाएं प्रशिक्षित    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि मातृ शक्ति के आत्मनिर्भर और सशक्त बनने से ही देश समृद्ध होगा. लखपति दीदी योजना के माध्यम से देश में मातृ शक्ति की आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखा जा रहा है. हमारी सरकार ने प्रदेश में लखपति दीदी योजना के तहत 21 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण दिया है, और 16 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाया है. उन्होंने कहा कि लखपति दीदी समाज और सरकार के बीच मजबूत कड़ी बनकर अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भरता से जोड़ने का कार्य करें. "लाभकारी खेती की तरफ बढ़ना जरूरी" मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते दौर में किसानों को लाभकारी खेती की ओर बढ़ना आवश्यक है. इसके लिए हमारी सरकार 23 से 25 मई तक जयपुर में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-ग्राम 2026 का आयोजन कर रही है. उन्होंने कहा कि ग्राम 2026 में प्रदेश के हजारों किसान और पशुपालक के साथ ही देश-विदेश के कृषि वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ, एग्रीटेक डेवलपर, स्टार्टअप्स और कृषि प्रसंस्करण से जुड़े उद्योगपति भाग लेंगे.   ऑर्गेनिक खेती अपनाने के लिए किया प्रेरित मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़े स्तर पर कार्य कर रही है. विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने किसानों को प्राकृतिक एवं ऑर्गेनिक खेती अपनाने, फलदार पौधे लगाने और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने किसानों से सोलर ऊर्जा से जुड़ने और फव्वारा प्रणाली जैसी जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया.    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पूरे प्रदेश में 27 अप्रैल से ग्राम विकास रथ अभियान शुरू किया है.इसके माध्यम से हर पंचायत तक सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जा रही है.उन्होंने कहा कि इस अभियान में सरकार सुझाव पेटिका के जरिए आमजन से सुझाव ले रही है.   महिला सशक्तीकरण की दिखी प्रेरक तस्वीर ग्राम विकास चौपाल में महिला प्रभारी मंत्री, महिला संभागीय आयुक्त, महिला कलेक्टर और महिला सरपंच की उपस्थिति प्रेरक रही.मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं को मंच पर आमंत्रित कर उनका सम्मान किया और महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया.   गैर नृत्य के साथ सीएम स्वागत मुख्यमंत्री के आगमन पर आदिवासी कलाकारों ने पारंपरिक गैर नृत्य के साथ उनका स्वागत किया. मुख्यमंत्री भी कलाकारों के बीच पहुंचे और उनके साथ गैर नृत्य में शामिल होकर उत्साहवर्धन किया.मुख्यमंत्री के आत्मीय व्यवहार और अपनत्व से कलाकार अभिभूत नजर आए.मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर ग्राम रथ का अवलोकन भी किया तथा इससे संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली.  इस अवसर पर राजस्व मंत्री हेमंत मीणा,सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक, महिला एवं बाल विकास विभाग राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार, सांसद सीपी जोशी, विधायक श्रीचंद कृपलानी, अर्जुन लाल जीनगर, चंद्रभान सिंह आक्या एवं सुरेश धाकड़ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे. लखपति दीदी ने अनुभव साझा किया लखपत‍ि दीदी कांता सेने ने कहा क‍ि पहले मैंने सिलाई मशीन से काम शुरू किया, फिर गाय खरीदी. आज मेरी वार्षिक आय 1.40 लाख रुपये है. अब मैं अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने और योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित करती हूं. ईना रावत ने कहा क‍ि पहले मैं केवल खेतों में काम करती थी, ट्रेनिंग और आर्थिक सहायता मिलने के बाद सिलाई का काम शुरू किया, फिर बैंक सखी की ट्रेनिंग ली.  आज मेरी गांव में अलग पहचान है.  पहले कोई नहीं जानता था, अब हर कोई सम्मान से नमस्ते करता है.    स्कूली छात्रा लवीशा ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बम्बोरी में विज्ञान संकाय खोलने का आग्रह किया.  छात्रा की बात सुन मुख्यमंत्री ने विद्यालय में विज्ञान संकाय खोलने का आश्वासन दिया.