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होर्मुज संकट पर PM मोदी का बड़ा बयान, बोले- भारतीय कूटनीति से 40 देशों से मिला तेल, संभले हालात

जोधपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान पहुंचे. PM मोदी ने राजस्थान में कहा कि जंग के चलते पूरी दुनिया पर असर हुआ है. भारत ने सही फैसले लिए, सही रणनीति बनाई और अपनी कूटनीतिक ताकत का सकारात्मक इस्तेमाल किया, और इसी वजह से भारत इस संकट से उबरने में सफल रहा. भारत ने संकट का समय रहते आकलन किया है. पीएम मोदी ने बताया कि पश्चिम एशिया युद्ध के दौरान हमने 40 देशों से ईंधन प्राप्त किया।  प्रधानमंत्री ने कहा, जब कुछ ताकतें अफवाहें फैलाने की कोशिश कर रही थीं, तब संकट से निपटने के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए जा रहे थे। PM मोदी ने कहा कि भारत ने संसाधनों का संतुलित इस्तेमाल किया है. उन्होंने बताया आज जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का भी उद्घाटन किया गया है।  स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से संकट में थे- PM मोदी PM मोदी ने कहा, भारत LPG आयात पर 60% तक निर्भर है. पश्चिम एशिया में युद्ध के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) बंद होने के बाद हम एक बड़े संकट की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन हमारे प्रयासों ने हमें इस संकट से उबरने में मदद की, राजस्थान की इस धरती ने हमें इससे उबरने में मदद की।  इसके अलावा PM मोदी ने कहा, राजस्थान में कांग्रेस सरकार के असहयोग के कारण रिफाइनरी का काम ठप पड़ा था, लेकिन राज्य में सत्ता में आने के बाद डबल इंजन वाली सरकार के कारण, हम आज रिफाइनरी का उद्घाटन करने में सफल रहे।  राजस्थान को जोधपुर एयरपोर्ट और जयपुर मेट्रो देंगे नई उड़ान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि राजस्थान हर रोज विकास के नए आयाम छू रहा है। जोधपुर एयरपोर्ट और जयपुर मेट्रो फेज-2 के उदघाटन इसी का उदाहरण है। जोधपुर एयरपोर्ट और जयपुर मेट्रो राजस्थान को नई उड़ान दे रहे हैं। अब राजस्थान हरियाणा लाए शेखावाटी के लिए पानी पीएम मोदी ने आगे कहा कि अभी भजनलाल शर्मा बड़े भावुक होकर पानी के काम का वर्णन कर रहे थे। राजस्थान हरियाणा दोनों में भाजपा की सरकार है। पहली बार आपसी सहमति से समाधान निकाले गए। हरियाणा और राजस्थान सरकार मिलकर शेखावाटी क्षेत्र तक पानी पहुंचाएंगे। वसुंधरा राजे के साथ पहले मिलकर किया राजस्थान के पानी का सपना साकार पीएम मोदी ने सूर्य उर्जा के बाद पानी के संकट पर बात की। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पानी लाने के लिए हमने पहले भी प्रयास किया और अब भी प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं गुजरात के रास्ते वसुंधरा राजे के कार्यकाल में राजस्थान का पानी का सपना साकार किया। राजस्थान पर सूर्य देवता की कृपा, हमने सोलर पार्क का काम चलाया प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान पर सूर्य देवता की कुछ ज्यादा ही कृपा है। लिहाजा यहां इस बात का फायदा उठाते हुए सरकार को विश्वस्तरीय सोलर पार्क बनाने का काम चल रहा ह। यहां पीएम सूर्यघर बिजली योजना के तहत 1.5 लाख से ज्यादा घरों, कुसुम योजना के तहत 65 हजार से ज्यादा सोलर पंप किसानों को दिए गए हैं। किसानों को लेकर की बात पीएम मोदी ने आगे कहा कि दुनिया में युद्ध और अशांति से हमारे किसानों के लिए भी चुनौतियां पैदा हुई। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध के बाद एक यूरिया की बोरी 3000 हजार के ऊपर पहुंच गई। पीएम मोदी ने खाद का जिक्र करते हुए कहा कि जो दुनिया में 3000 की बोरी थी, वो हमने अपने किसानों को 300 रुपए में दे दी। तेल कंपनियों को हआ ₹75,000 का घाटा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद देश में दाम नहीं बढ़ाए गए। अप्रैल से जून तक हमारी सरकारी तेल कंपनियों को ₹75,000 करोड़ का भारी नुकसान हुआ। यह घाटा इतना बड़ा है कि इसमें देश में एक पूरी नई रिफाइनरी खड़ी की जा सकती थी, लेकिन इसकी जिम्मेदारी सरकार ने उठाई। सरकारी खजाने से तेल कंपनियों के घाटे को कम किया गया भारत में नहीं आई सप्लाई की कोई दिक्कत पीएम मोदी ने कहा कि भारत में तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित नहीं होने दी गई। छोटी-मोटी दिक्कतों को छोड़ दें, तो पूरे देश में सप्लाई पूरी तरह सामान्य और सुचारू रही। दूसरे देशों में 40 प्रतिशत तक हुआ पेट्रोल में इजाफा पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक संकट के दौरान देशों में पेट्रोल की कीमतों में 40 से 50 प्रतिशत तक का भारी इजाफा हुआ। हाहाकार मच गया, लेकिन भारत ने फिर भी स्थिरता बनाई रखी। पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर जमकर राजनीति की गई और अफवाहें फैलाई गईं। उनके ये मंसूबे और साजिशें पूरी तरह असफल रहीं। युद्ध संकट में एलपीजी उत्पादन की बढ़ाई गई क्षमता पीएम मोदी ने बताया कि वैश्विक युद्ध संकट के दौरान देश में रसोई गैस की कमी न हो, इसके लिए कदम उठाया गया। देश की जिन रिफाइनरियों ने अपने इतिहास में कभी एलपीजी (LPG) का उत्पादन नहीं किया था, उन्हें आपातकालीन स्थिति में तुरंत री-कॉन्फ़िगर (तैयार) किया गया।एलपीजी उत्पादन की क्षमता बढ़ाई गई। एलपीजी सप्लाई कट गई तो राजस्थान से मिली सीख पीएम मोददी ने इस दौरान कहा कि 'अचानक युद्ध के हालातों के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से आने वाली देश की 90 एलपीजी प्रतिशत सप्लाई कट गई, तब राजस्थान की इस धरती की सीख काम आई। हमने तुरंत रिफाइनरी के काम पर फोकस किया और युद्ध स्तर पर घरेलू रसोई गैस का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए'। राजस्थान की धरती ने चुनौतियों को भी चैलेंज देना सिखाया: पीएम मोदी बालोतरा के पचपदरा में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने राजस्थान के शौर्य और परिश्रम को सलाम किया। पीएम ने इस दौरान वैश्विक स्तर पर हुए युद्ध संकटों का जिक्र करते हुए कहा, ' राजस्थान की धरती ने हमें हर मुश्किल से लड़ना और चुनौतियों को भी चैलेंज देना सिखाया है। जोधपुर से शुरू हुई 'उड़ान' योजना से आने वाले दिनों में छोटे शहरों को करेगी एयर कनेक्ट जोधपुर में नए टर्मिनल के उद्घाटन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संशोधित 'उड़ान' (UDAN) योजना पर बात रखी। उन्होंने कहा कि जोधपुर में संशोधित उड़ान में आने वाले दिनों में छोटे शहरों को एयर कनेक्टिविटी देगा। राजस्थान में इतनी गर्मी में इतने लोगों को आना भाजपा के प्रयासों पर विश्वास बालोतरा के … Read 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PM मोदीआज करेंगे जोधपुर के नए टर्मिनल ‘खास महल’ का उद्घाटन, यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

जोधपुर राजस्‍थान के जोधपुर शहर में एक ‘खास महल’ तैयार हुआ है. इस खास महल की भव्‍यता किसी राजमहल से कम नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को इसका उद्घाटन करने वाले हैं. जी हां, यहां पर हम बात जोधपुर के नए एयरपोर्ट की कर रहे हैं. करीब 480 करोड़ रुपये की लागत से बने इस नए एयरपोर्ट की क्षमता हर साल 20 लाख यात्रियों को संभालने की है. इसका डिजाइन राजस्थान की शाही विरासत से प्रेरित है, जिसमें मेहराब और झरोखों का खूबसूरत इस्तेमाल किया गया है. वर्ल्‍ड क्‍लास सुविधाओं से लैस यह टर्मिनल जोधपुर के पर्यटन, व्यापार और रोजगार को नई रफ्तार देने वाला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज  इसी एयरपोर्ट से मॉडिफाइड उड़ान स्‍कीम की शुरूआत करने जा रहे है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई 2026 की सुबह करीब 10:45 बजे वह जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। इसी कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री देश में क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाली मॉडिफाइड उड़ान स्‍कीम भी लॉन्च करेंगे। जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल भवन करीब 480 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। वर्ल्‍ड क्‍लाइस सुविधाओं से लैस यह एयरपोर्ट पैसेंजर्स के ट्रैवल एक्‍सपीरियंस को बेहतर बनाने के मकसद से डिजाइन किया गया है।  23 हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला यह नया टर्मिनल हर साल करीब 20 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा। इसमें आधुनिक चेक-इन सिस्टम, बेहतर वेटिंग एरिया, सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की सुविधा के लिए कई नई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। एयरपोर्ट में दिखेगी शहर की एतिहासिक झलक: जोधपुर के नए एयरपोर्ट टर्मिनल का डिजाइन शहर की ऐतिहासिक पहचान को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  इसकी प्रेरणा 1931 में महाराजा उम्मेद सिंह द्वारा स्थापित 'जोधपुर फ्लाइंग क्लब' और राजपूताना स्थापत्य कला से ली गई है। टर्मिनल के इंट्री गेट पर विशाल नक्काशीदार गुंबद, कमल कलश, मेहराब और ग्लास फाइबर रीइन्फोर्स्ड कंक्रीट का इस्तेमाल किया गया है। टर्मिनल के अंदर स्थानीय कलाकारों की बनाई गई कलाकृतियां लगाई गई हैं. इनमें मरुधरा के पारंपरिक मोर, राजसी दरबार और मारवाड़ी संस्कृति को आधुनिक अंदाज में दर्शाया गया है। जोधपुर एयरपोर्ट को ऊर्जा बचत, जल संरक्षण और ग्रीन बिल्डिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, ताकि इसे 5-स्टार GRIHA रेटिंग मिल सके। जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल और मॉडिफाइड उड़ान स्‍कीम मिलकर राजस्थान सहित पूरे देश में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे। 

₹400 करोड़ की लागत से बना जोधपुर एयरपोर्ट टर्मिनल: 20 लाख यात्रियों की क्षमता वाला ग्रीन प्रोजेक्ट

जोधपुर राजस्थान की स्थापत्य कला और शाही विरासत अब आधुनिक विमानन तकनीकों के साथ आसमान छूने को तैयार है। सूर्यनगरी जोधपुर के नए एयरपोर्ट टर्मिनल का शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भव्य उद्घाटन करने जा रहे हैं। करीब ₹400 करोड़ की लागत से 2.52 लाख वर्ग फुट में फैला यह भव्य टर्मिनल मारवाड़ के शाही गौरव और अत्याधुनिक पैसेंजर सुविधाओं का एक बेजोड़ उदाहरण है। 'स्थापति इंडिया' द्वारा डिजाइन किया गया यह नया टर्मिनल सालाना 20 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम है। आइए जानते हैं कि इस नए टर्मिनल में ऐसा क्या खास है जो इसे देश के सबसे खूबसूरत और ग्रीन एयरपोर्ट्स की कतार में खड़ा करता है। डिजाइन में राजपूताना विरासत की झलक जोधपुर का विमानन इतिहास बेहद पुराना है। साल 1931 में तत्कालीन शासक महाराजा उम्मेद सिंह ने 'जोधपुर फ्लाइंग क्लब' की स्थापना कर इसकी नींव रखी थी। इसी समृद्ध विरासत को नए टर्मिनल के डिजाइन में जीवंत किया गया है।     भव्य गुंबद और कलश: मुख्य द्वार पर राजस्थान के ऐतिहासिक किलों की तर्ज पर एक भव्य नक्काशीदार गुंबद बनाया गया है, जिसके शीर्ष पर कमल के बेस पर 'कलश' स्थापित है।     पारंपरिक नक्काशी: इसके बाहरी हिस्से में नक्काशीदार ग्लास फाइबर रीइन्फोर्स्ड कंक्रीट, बहु-कोणीय मेहराब और राजपूताना महलों जैसे सजावटी स्तंभों का उपयोग किया गया है।     भीतर जीवंत हुई मारवाड़ी संस्कृति: टर्मिनल के अंदर स्थानीय कलाकारों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियां लगाई गई हैं, जिनमें मरुधरा के पारंपरिक मोर के रूपांकन और शाही दरबार के दृश्यों को समकालीन अंदाज में उकेरा गया है। हाई-टेक सुविधाएं और 'स्मार्ट' पैसेंजर फ्लो स्थापति इंडिया के निदेशक विपुल बी. वार्ष्णेय ने बताया कि जोधपुर के इस टर्मिनल की प्लानिंग यात्रियों की सुविधा और सुचारू आवाजाही को ध्यान में रखकर की गई है।टर्मिनल में 6 आधुनिक एयरोब्रिज लगाए गए हैं, जिससे यात्री सीधे विमान तक पहुंच सकेंगे। पीक-ऑवर में यह टर्मिनल एक साथ 1,000 यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है। यात्रियों की सुविधा के लिए आगमन और प्रस्थान को पूरी तरह अलग किया गया है। इसके अलावा आइलैंड चेक-इन काउंटर्स, लीनियर सिक्योरिटी ज़ोन और बेहतर बैगेज सर्कुलेशन की व्यवस्था की गई है। भीषण गर्मी से निपटेगा 'क्लाइमेट-रिस्पॉन्सिव' आर्किटेक्चर जोधपुर की चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी से निपटने के लिए इस टर्मिनल को खास 'क्लाइमेट-रिस्पॉन्सिव' तरीके से डिजाइन किया गया है। इसमें ऐसे इंसुलेटेड ग्लास और निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया है जिससे सूरज की तपिश अंदर न पहुंचे और एयर कंडीशनिंग पर लोड कम रहे, जबकि प्राकृतिक रोशनी पूरे परिसर में भरपूर बनी रहे। यह बिल्डिंग प्रतिष्ठित ग्रीन सर्टिफिकेशन हासिल करने के लक्ष्य के साथ बनाई गई है। इसके लिए बिल्डिंग में शेडिंग, कंट्रोल्ड ग्लेजिंग, सोलर इंस्टॉलेशन और एनर्जी-एफिशिएंट हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग सिस्टम लगाए गए हैं।  

भजनलाल सरकार ने ट्रांसफर विंडो बढ़ाई, 10 जुलाई तक होंगे तबादले जारी

जयपुर  राजस्थान में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के बड़ी खबर हैं. भजनलाल सरकार ने कर्मचारियों-अधिकारियों के तबादलों की तारीख को आगे बढ़ा दिया है. ट्रांसफर पर लगी रोक में दी गई छूट की अवधि 5 दिन के लिए बढ़ाई गई है. प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग ने शुक्रवार को आदेश जारी कर तबादलों की छूट की अंतिम तिथि 10 जुलाई कर दी है, जो पहले 5 जुलाई थी. यानी ट्रांसफर की लिस्ट 10 जुलाई तक जारी हो सकेगी. थर्ड ग्रेड टीचर्स को राहत नहीं पिछले महीने 19 जून को सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के ट्रांसफर विंडो खोली गई थी. प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग ने बैन हटाते हुए तबादलों की अनुमति 5 जुलाई तक दी. आदेश के तहत, स्थानांतरण पर लगे पूर्ण प्रतिबंध में 5 जुलाई तक छूट दी गई थी. अब इस छूट की अवधि को 5 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है.  सरकार के इस फैसले के बाद अब विभिन्न विभागों में लंबित तबादला प्रस्तावों पर अगले कुछ दिनों तक कार्रवाई जारी रह सकेगी. हालांकि, सरकार ने कुछ श्रेणियों को इस छूट से बाहर रखा है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षा विभाग के तृतीय श्रेणी वेतन श्रृंखला के अध्यापकों के तबादलों पर बैन जारी रहेगा. वहीं, चिकित्सकों को भी छूट नहीं दी गई है.वर्षाकाल में संचालित बीमारियों को देखते हुए चिकित्सा विभाग के कार्मिकों के लिए स्थानांतरण पर प्रतिबंध अगले आदेश तक यथावत रहेगा.

डेटा एनालिटिक्स से खुला कर चोरी का खेल, अवैध बिलिंग पर राज्य कर विभाग की सख्ती

जयपुर  राज्य में कर चोरी, अवैध बिलिंग एवं  इनपुट टैक्स क्रेडिट पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से राज्य कर विभाग द्वारा डेटा एनालिटिक्स आधारित एक विशेष सत्यापन अभियान संचालित किया गया, जिसमें बड़े पैमाने पर विसंगति मिली।  60 में से 32 पंजीकरण निकले अवैध विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डेटा एनालिटिक्स एवं जोखिम विश्लेषण के आधार पर प्रदेशभर में चिन्हित संदिग्ध जीएसटी पंजीकरणों का भौतिक सत्यापन कराया गया। इस अभियान के तहत कुल 60 संदिग्ध पंजीकरणों की जांच की गई, जिसमें प्रारंभिक सत्यापन में ही 32 पंजीकरण अवैध एवं अस्तित्वहीन पाए गए। शेष चिन्हित प्रकरणों में जांच अभी निरंतर जारी है।  15.73 करोड़ रुपए की राजस्व हानि रोकी गई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सत्यापन अभियान के दौरान त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 15.73 करोड़ रुपए के इनपुट टैक्स क्रेडिट को अवरुद्ध किया जा चुका है। शेष प्रकरणों की गहनता से जांच की जा रही है और जांच पूर्ण होने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।  डेटा आधारित प्रणाली की उपलब्धि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह सफलता विभाग द्वारा विकसित डेटा एनालिटिक्स एवं जोखिम आधारित चयन प्रणाली की प्रभावशीलता को दर्शाती है। संदिग्ध लेन-देन एवं असामान्य व्यापारिक गतिविधियों जैसे विश्लेषणात्मक संकेतकों के आधार पर चिन्हित मामलों में इतनी बड़ी संख्या में पंजीकरणों में विसंगति का पकड़ा जाना विभाग की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।  भविष्य में भी जारी रहेगा अभियान अधिकारियों ने बताया कि अवैध बिलिंग एवं आईटीसी के माध्यम से सरकारी राजस्व को क्षति पहुंचाने वाले नेटवर्क के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार के डेटा आधारित विशेष अभियान निरंतर संचालित किए जाएंगे। दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विरुद्ध जीएसटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।  इसके साथ ही विभाग ने समस्त करदाताओं से अपील की है कि वे राज्य के विकास में सहभागी बनते हुए केवल वास्तविक एवं विधिसम्मत व्यापारिक लेन-देन करें तथा अवैध बिलिंग व आईटीसी जैसी गतिविधियों से दूर रहें।

स्मार्ट पुलिसिंग में एआई बनेगा ‘फोर्स मल्टीप्लायर’, अपराध रोकथाम में मिलेगी नई गति

 जयपुर  29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के दूसरे दिन गुरुवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में 'एआई फॉर स्मार्ट पुलिसिंग एंड पब्लिक सेफ्टी' विषय पर प्लेनरी सत्र आयोजित किया गया। सत्र की अध्यक्षता ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरएंडडी) के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गोपेश अग्रवाल ने की। उन्होंने कहा कि कृत्रिम एआई के उपयोग से पुलिसिंग अब प्रतिक्रियात्मक (रिएक्टिव) से निवारक (प्रिवेंटिव) स्वरूप की ओर बढ़ रही है। इससे अपराधों में कमी आई है तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया समय भी घटा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश के सभी राज्यों की पुलिस एआई का उपयोग कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई को मानव संसाधन के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि पुलिसिंग में 'फोर्स मल्टीप्लायर' के रूप में देखा जाना चाहिए। स्वदेशी और जिम्मेदार एआई इस्तेमाल से सुरक्षित होगी पुलिसिंग सत्र के पैनलिस्ट डॉ. अमनदीप कपूर, निदेशक, ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट, जयपुर ने कहा कि एआई के किसी भी संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा तंत्र विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने एआई, ब्लॉकचेन, डेटा कंप्यूटिंग, सीसीटीएनएस 2.0, ई-साक्ष्य, एजेंटिक एआई, एज-आधारित एलएलएम, म्यूल हंटिंग ऐप तथा डार्क वेब जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि ये तकनीकें आधुनिक पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षित एवं व्यापक स्तर पर एआई के उपयोग के लिए संप्रभु, जिम्मेदार और स्वदेशी एआई का विकास आवश्यक है। उन्होंने बताया कि बीपीआरएंडडी इस दिशा में प्रशिक्षण प्रदान करने तथा आवश्यक प्रणालियां विकसित करने का कार्य कर रहा है। संतुलित और सुरक्षित एआई अपनाने पर विशेषज्ञों ने दिया जोर पैनलिस्ट कोम्मी किशोर, पुलिस अधीक्षक, एलुरु (आंध्र प्रदेश) ने कहा कि वर्तमान समय में सभी पुलिस बलों का एआई से परिचित होना आवश्यक है। उन्होंने पुलिस द्वारा उपयोग में लाई जा रही विभिन्न जांच संबंधी एप्लीकेशंस का उल्लेख करते हुए भाषा अनुवाद की उपयोगिता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एआई के उपयोग से दोषसिद्धि (कन्विक्शन) की दर में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग में एआई के बढ़ते उपयोग के बीच बहुत तेजी और बहुत धीमी गति से आगे बढ़ने के बजाय संतुलित एवं चरणबद्ध तरीके से इसे अपनाना आवश्यक है। बिना उचित नियमन के नवाचार जोखिमपूर्ण हो सकता है तथा पुलिस जांच में 'एल्गोरिद्मिक बायस' से बचना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एआई का उद्देश्य पुलिसिंग को प्रोएक्टिव बनाना होना चाहिए, केवल प्रिडिक्टिव नहीं। डेटा फ्यूजन सेंटर से मजबूत होगी जांच व्यवस्था पैनलिस्ट सलमान ताज, निदेशक, सीडीटीआई, हैदराबाद ने कहा कि पुलिसिंग से संबंधित अधिकांश डेटा विभिन्न प्लेटफॉर्म पर बिखरा हुआ है, जिसे एकीकृत कर डेटा फ्यूजन सेंटर के माध्यम से एक स्थान पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वीडियो एनालिटिक्स में एआई का उपयोग पुलिस जांच को अधिक सटीक और प्रभावी बना सकता है। उन्होंने एआई डेटा की संप्रभुता को सुरक्षित एवं विश्वसनीय उपयोग के लिए अनिवार्य बताया। सत्र के समापन पर विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के बीच विभिन्न विषयों पर संवाद हुआ। अंत में राजस्थान पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) श्री विजय कुमार सिंह ने सभी पैनलिस्टों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। सत्र में एआई आधारित स्मार्ट पुलिसिंग, सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना तथा आधुनिक जांच प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रौद्योगिकी के जिम्मेदार एवं संतुलित उपयोग पर विशेष बल दिया गया।  

7 दिन की देरी से पहुंचा मानसून, राजस्थान में अगले 5-7 दिन भारी बारिश की संभावना

जयपुर  सुबह राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने आखिरकार गुरुवार (2 जुलाई) को दस्तक दे दी.  इस बार मॉनसून सामान्य तिथि से 7 दिन की देरी से राज्य के पूर्वी हिस्सों में पहुंचा है. मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, फिलहाल मॉनसून की उत्तरी सीमा टोंक, जयपुर और अलवर से होकर गुजर रही है. अगले 2 से 3 दिनों में इसके राज्य के अन्य हिस्सों में भी आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है. कोटा में अतिभारी बारिश की संभावना   मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को उदयपुर, कोटा, अजमेर, भरतपुर और जयपुर संभाग के कई इलाकों में मेघगर्जन के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है.  खासतौर पर कोटा संभाग के कुछ जिलों में कहीं-कहीं अतिभारी बारिश होने की संभावना जताई गई है.  पूर्वी राजस्थान में मॉनसून सक्रिय  मौसम विभाग ने अगले 5 से 7 दिनों तक पूर्वी राजस्थान में मॉनसून के सक्रिय रहने का अनुमान जताया है.  जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं.  इस दौरान पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना है.  पश्चिमी राजस्थान में मौसम बदलने के संकेत  पश्चिमी राजस्थान में भी मौसम बदलने के संकेत हैं.  जोधपुर और बीकानेर संभाग के कई क्षेत्रों में आने वाले दिनों में आंधी और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है. मौसम विभाग ने भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है. विशेष रूप से निचले इलाकों, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी. की भागदौड़ में भी हेल्दी नाश्ता, ट्राय करें 3 क्विक ब्रेकफास्ट रेसिपी

जैसलमेर में बड़ी बुलडोजर कार्रवाई, 300 मकान-झोपड़ियां टूटीं; करीब 1000 लोग प्रभावित

जैसलमेर जैसलमेर में नगर परिषद ने सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्‍जा को हटाया. करीब 400 बीघा सरकारी जमीन को खाली कराया. बुलडोज से करीब 300 अवैध निर्माणों को तोड़ द‍िया गया. लगभग 1000 लोग प्रभावित हुए, जिनमें कई परिवार बेघर हो गए. अब उनके रहने का कोई ठ‍िकाना नहीं है. नगर परिषद, प्रशासन और भारी पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में कार्रवाई हुई.   पूरा इलाका छावनी में तब्दील  म्याजलार रोड, बाड़मेर रोड, एयरपोर्ट रोड, तोताराम की ढाणी और सुदासर क्षेत्र में सरकारी जमीन पर लोग कच्चे-पक्के कमरे बनाकर रहने लगे थे. JCB मशीन से झोपड़ी और मकान तो तोड़ द‍िया गया. नगर परिषद, प्रशासन और भारी पुलिस जाब्ता तैनात थी. पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था.  लोगों ने जताई नाराजगी  कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों में भारी नाराजगी देखने को मिली. लोगों का आरोप है कि उन्हें ना तो पहले सूचना दी गई, और ना ही घर का सामान निकालने के लिए पर्याप्त समय मिला. प्रभावित महिला आमू देवी ने बताया कि उन्होंने प्रशासन से कुछ समय की मांग की थी, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई. उनका आरोप है कि सामान बाहर निकालने से पहले ही मकान तोड़ दिया गया.  रोजमर्रा की जरूरतों पर संकट  उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई के दौरान दीवार गिरने से उनका बेटा सुरेश घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा.  परिवार का कहना है कि वे मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं, और अचानक हुई कार्रवाई के बाद उनके सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है.  "अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं करेंगे" नगर परिषद आयुक्त लजपाल सिंह ने कहा कि राजकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने बताया कि अभियान के तहत करीब 400 बीघा भूमि से 300 अवैध कब्जा हटाकर सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, और आमजन से अपील की कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा ना करें, अन्यथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.  नगर परिषद जैसलमेर के राजस्व अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि एक अखबार के माध्यम से नोटिस जारी करके सूचित किया था. किसी के पास कोई कागज हो तो सूचित करें. हलांकि, सरकारी जमीन है, इसलिए किसी के पास कागज होगा भी नहीं.  

विशेषज्ञों का मानना: एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग से भारत की ई-गवर्नेंस बनेगी अधिक सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित

 जयपुर  29वीं राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस कॉन्फ्रेंस के अंतर्गत बुधवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में 'डीप टेक एंड क्वांटम ड्रिवन डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन' विषय पर प्लेनरी सत्र आयोजित किया गया। सत्र में विशेषज्ञों ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य उभरती तकनीकें भारत की डिजिटल गवर्नेंस व्यवस्था को अधिक सक्षम, सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। साथ ही उन्होंने तकनीक को अपनाने में आवश्यकता-आधारित दृष्टिकोण, कुशल मानव संसाधन, डेटा संप्रभुता और सतत विकास को समान महत्व देने पर बल दिया। सत्र का संचालन नैसकॉम की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सुश्री संगीता गुप्ता ने किया। उन्होंने कहा कि डीप टेक भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था और सुशासन की आधारशिला बनने जा रही है तथा सरकार, उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच समन्वित प्रयासों से इसका अधिकतम लाभ नागरिकों तक पहुंचाया जा सकता है। काइंड्रिल इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट श्री परमिंदर काकरिया ने कहा कि किसी भी नई तकनीक को अपनाने से पहले उसकी वास्तविक उपयोगिता और समस्या समाधान की क्षमता का आकलन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल तकनीक तैयार होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कार्यबल (वर्कफोर्स) की तैयारी, निरंतर कौशल विकास और विभागों के बीच समन्वित कार्य संस्कृति भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने एआई आधारित क्षमता निर्माण तथा सरकारी अधिकारियों के प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया। शून्य लैब्स की संस्थापक सुश्री ऋतु मेहरोत्रा ने भारतीय भाषाओं और स्थानीय बोलियों के अनुरूप वॉयस आधारित एआई समाधानों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डिजिटल सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए बहुभाषी, सुरक्षित और डेटा संप्रभुता आधारित एआई प्लेटफॉर्म विकसित करना समय की आवश्यकता है, जिससे सीमित इंटरनेट वाले क्षेत्रों में भी डिजिटल सेवाएं सुचारु रूप से उपलब्ध कराई जा सकें। पीडब्ल्यूसी के पार्टनर श्री संतोष मिश्रा ने कहा कि राज्यों को केवल नई तकनीकों की प्रतिस्पर्धा में शामिल होने के बजाय अपनी वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकों का चयन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी डिजिटल परियोजना को शुरू करने के बाद उसे संस्थागत समर्थन के साथ उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि सार्वजनिक निवेश का अधिकतम लाभ नागरिकों को मिल सके। लॉयड्स टेक्नोलॉजी सेंटर इंडिया के डेटा एवं एआई आर्किटेक्चर लीड श्री रवि कप्पागंटु ने कहा कि वित्तीय सेवाओं में एआई केवल प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण नहीं कर रहा, बल्कि विश्वास आधारित डिजिटल इकोसिस्टम का निर्माण कर रहा है। इससे निर्णय प्रक्रिया अधिक सक्षम, सेवाएं अधिक पारदर्शी तथा नागरिक अनुभव अधिक सहज बन रहा है। आईबीएम क्वांटम इंडिया के कंट्री मैनेजर एवं आईआईटी मद्रास के एडजंक्ट प्रोफेसर डॉ. धिनाकरन विनायगमूर्ति ने कहा कि क्वांटम कंप्यूटिंग और एआई आने वाले वर्षों में शासन, उद्योग और अनुसंधान के स्वरूप में व्यापक परिवर्तन लाएंगे। उन्होंने भविष्य की तकनीकों के अनुरूप अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता बताई। सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने एआई अवसंरचना, डेटा सेंटर, ऊर्जा एवं जल संसाधनों के संतुलित उपयोग, ग्रीन टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और जिम्मेदार एआई के विभिन्न आयामों पर भी विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति और पर्यावरणीय स्थिरता को साथ लेकर चलना ही विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने का प्रभावी मार्ग होगा। यह भी रेखांकित किया गया कि डीप टेक का उपयोग केवल डिजिटल सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जल प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक सेवा वितरण जैसे क्षेत्रों में भी इसके व्यापक अवसर मौजूद हैं।  

जयपुर सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, ग्राहकों को मिली राहत।

जयपुर  राजस्थान की राजधानी जयपुर अपनी खूबसूरत ज्वेलरी के लिए देश-विदेश में खास पहचान बनाए हुए है. अगर आप शादी के लिए गहने खरीदने की तैयारी कर रहे हैं या फिर सोने-चांदी में इन्वेस्ट करने का प्लान बना रहे हैं, तो सबसे पहले आज के ताजा भाव जान लेना जरूरी है. आइए जानते हैं 1 जुलाई 2026 को जयपुर के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई है या तेजी? जयपुर सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी की ओर से जारी ताजा भाव के अनुसार 1 जुलाई 2026 को सोने के दाम में करीब 220 रुपये प्रति ग्राम की कमी आई है. वहीं चांदी भी 2.5 रुपये प्रति ग्राम सस्ती हुई है. लगातार दो दिनों से बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिससे खरीदारी करने वालों और कारोबारियों की नजर भाव पर बनी हुई है. मंगलवार यानी 30 जून को जयपुर में सोने का भाव 14,520 रुपये प्रति ग्राम था, जो बुधवार को घटकर 14,300 रुपये प्रति ग्राम पर आ गया. इसी तरह चांदी का भाव 231 रुपये प्रति ग्राम से घटकर 228.5 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया. दोनों कीमती धातुओं में आई इस गिरावट का असर आभूषणों के दाम पर भी देखने को मिला. 22 कैरेट गोल्ड में बड़ी गिरावट 22 कैरेट सोने का भाव 13,510 रुपये प्रति ग्राम से घटकर 13,260 रुपये प्रति ग्राम हो गया. यानी इसमें 250 रुपये प्रति ग्राम की गिरावट दर्ज की गई. वहीं 18 कैरेट सोना 11,330 रुपये से घटकर 11,060 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया. 14 कैरेट सोने का भाव भी 9,000 रुपये से घटकर 8,870 रुपये प्रति ग्राम रह गया. इससे साफ है कि सभी प्रमुख श्रेणियों के सोने में गिरावट दर्ज की गई है. सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि 22 कैरेट, 18 कैरेट और 14 कैरेट सोने के आभूषणों की वापसी (रिटर्न) पर 500 रुपये प्रति ग्राम की कटौती लागू रहेगी. यह नियम पहले की तरह जारी रहेगा। 1 जुलाई 2026 के जयपुर सर्राफा बाजार के प्रमुख भाव इस प्रकार है…     गोल्ड- 14,300 रुपये प्रति ग्राम     सिल्वर- 228.5 रुपये प्रति ग्राम जयपुर में 14 से लेकर 22 कैरेट गोल्ट के दाम     22 कैरेट गोल्ड- 13,260 रुपये प्रति ग्राम     18 कैरेट गोल्ड- 11,060 रुपये प्रति ग्राम     14 कैरेट गोल्ड- 8,870 रुपये प्रति ग्राम जयपुर में आज का चांदी का भाव     1 ग्राम चांदी: ₹231     1 किलो चांदी: ₹2,60,000 मार्केट के एक्सपर्ट का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव, डॉलर की चाल और निवेशकों की खरीदारी का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ता है. ऐसे में आने वाले दिनों में भी सोने और चांदी के भाव में बदलाव देखने को मिल सकता है. फिलहाल जयपुर सर्राफा बाजार में बुधवार को दोनों कीमती धातुओं के दाम में गिरावट से ग्राहकों को कुछ राहत मिली है.