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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज सिरोही से किसान सम्मान निधि करेंगे ट्रांसफर

जयपुर. राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रदेश के 65 लाख किसानों को 653 करोड़ रुपए की बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी। आज यानी 22 जनवरी को इस योजना की 5वीं किस्त सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी। योजना के तहत करीब 65 लाख किसानों को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को सिरोही दौरे पर रहेंगे। कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे जयपुर से प्लेन से रवाना होकर 12.50 बजे सिरोही हवाई पट्टी पहुंचेंगे। 12.55 बजे सिरोही हवाई पट्टी से कार से शहर के अरविंद पैवेलियन स्टेडियम पहुंचेंगे। यहां कार्यक्रम स्थल पर सहकार उत्थान शिविर 2026 में भाग लेंगे और किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों को योजना का लाभ हस्तांतरण करेंगे। मुख्यमंत्री यहां सभा को भी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के समापन के बाद सीएम दोपहर 2.25 बजे सिरोही हवाई पट्टी से जयपुर के लिए रवाना होंगे। राज्यस्तरीय कार्यक्रम में हुआ वितरण इस अवसर पर सिरोही के अरविंद पैवेलियन स्टेडियम में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेशभर के किसानों को वित्तीय सहायता प्रदानहोगी। वहीं, जयपुर जिले में जिला स्तरीय किसान सम्मेलन का आयोजन दोपहर 11.30 बजे हरीशचन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (एचसीएम रीपा) सभागार में किया। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ना और उन्हें अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है। ये है योजना की खास बातें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM–Kisan) के अंतर्गत केंद्र सरकार देशभर के किसानों को सालाना 6,000 रुपए की आर्थिक सहायता देती है। इसी तर्ज पर राजस्थान सरकार ने किसानों के लिए मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पीएम किसान योजना के लाभार्थियों को सालाना 3,000 रुपए अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका मतलब है कि एक वित्त वर्ष में राज्य के किसानों को कुल 9,000 रुपए की मदद मिलती है।

जोधपुर में 90 करोड़ का फोरलेन फ्लाईओवर देगा जाम से बड़ी राहत

जोधपुर. जोधपुर शहर के व्यस्ततम चौराहों में से एक एम्स-नहर चौराहे पर आने वाले समय में वाहन चालकों को ट्रैफिक समस्या से निजात मिलेगी। राज्य सरकार और जेडीए की बजट योजना के तहत नहर चौराहे-पाल रोड और शास्त्री नगर थाना-लूणी पंचायत समिति तक डीपीआर बनने के बाद और मुख्यमंत्री के वर्चुअल शिलान्यान करने के बाद अब फ्लाईओवर के निर्माण का कार्य मंगलवार को शुरू हो गया है। हालांकि, इस कार्य का वर्कऑर्डर 10 माह पूर्व दिया गया था, लेकिन पेड़ों की शिफि्ंटग सहित अन्य कार्याें में 10 माह गुजर जाने के बाद अब इस फ्लाईओवर का कार्य शुरू किया गया है। जेडीए को यह कार्य 20 मार्च 2027 तक पूरा करना है। जोधपुर विकास प्राधिकरण करीब 90 करोड़ रुपए की लागत से 760 मीटर लम्बा नहर रोड चौराहा फ्लाईओवर का निर्माण करेगा। यह फ्लाईओवर चार लेन का होगा। अब जेडीए बना रहा फ्लाईओवर दरअसल, शहर के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल पाल रोड पर चौहाबो थाने के पास नहर चौराहे पर यातायात जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए कई बार-बार अलग प्रयोग किए गए। यातायात सिग्नल लाइटें शुरू की गईं। कई बार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की गई, लेकिन यहां पर ट्रैफिक समस्या से निजात नहीं मिली। ट्रैफिक की समस्या से निजात दिलाने के लिए आखिरकार जेडीए ने यहां पर फ्लाईओवर तैयार किया जा रहा है। पियर फाउंडेशन का कार्य हुआ शुरू जेडीए आयुक्त उत्साह चौधरी ने बताया कि नहर रोड फ्लाईओवर के निर्माण का कार्य मंगलवार को शुरू किया गया। इसके तहत पियर फाउंडेशन का कार्य शुरू किया गया है। यहां इस फ्लाईओवर का सबसे बड़ा 64 मीटर का स्पॉम बनेगा। इसके लिए 12 पियर तैयार होने के बाद इस पर पिलर जाएंगे। फ्लाईओवर के निर्माण से इन सड़कों पर मिलेगी राहत 1. एम्स से आ रही सड़क: इस सड़क से एम्स और बासनी, सालावास जाने वाला ट्रैफिक रहता है। 2. बाड़मेर व डीपीएस सर्कल तक की सड़क: जोधपुर से लूणी या बाड़मेर जाने वाली सरकारी और प्राइवेट बसों के साथ ही निजी वाहन और आस-पास के क्षेत्रों में स्थित स्कूलों की बसों का भी दबाव रहता है। 3. हाउसिंग बोर्ड से आने वाली सड़क: हाउसिंग बोर्ड से नहर चौराहे तक आने वाली सडक़ से लोग सीधे एम्स और बासनी की ओर से जाते है। मुख्यतया सुबह और शाम को हाउसिंग बोर्ड की तरफ जाने वाले ट्रैफिक का दबाव रहता है। 4. जोधपुर शहर की ओर से आने वाली सड़क: जोधपुर शहर से आने वाली सड़क पर बोरानाडा सहित अन्य स्थानों पर जाने वाले लोगों के ट्रैफिक का दबाव। रोजाना गुजरते हैं 25 हजार से ज्यादा वाहन नहर चौराहे से पाल रोड से होते हुए बाड़मेर रोड पर प्रतिदिन 25 हजार से भी ज्यादा वाहनों का दबाव रहता है। इससे यहां रोजना जाम की स्थिति बनी रहती है। एम्स के साथ ही करीब 30 कॉलोनियों के रास्ते इस रोड से डायवर्ट होते है। ओवरब्रिज बनने से इस सडक़ से गुजरने वाले वाहन चालकों के साथ ही आस-पास की कॉलोनियों पर भी खासा फर्क पड़ेगा।

राजस्थान के CRPF इंस्पेक्टर भंवरलाल मीणा छत्तीसगढ़ में पेट्रोलिंग ड्यूटी के दौरान शहीद

टोंक. राजस्थान के टोंक जिले के सीआरपीएफ इंस्पेक्टर भंवरलाल मीणा छत्तीसगढ़ में शहीद हो गए। घाड़ पंचायत के दौलतपुरा निवासी सीआरपीएफ इंस्पेक्टर भंवरलाल (54) पुत्र चतरा मीणा के निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। भंवरलाल की पार्थिव देह बुधवार सुबह विमान से जयपुर लाई गई, जहां से सेना के जवानों का काफिला सड़क मार्ग से टोंक के लिए रवाना हुआ। पार्थिव देह को घाड़ थाने लाया जाएगा, जहां से डेढ़ किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद गांव दौलतपुरा में भंवरलाल मीणा का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल जवान की शहादत की खबर मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया। घर में कोहराम मचा हुआ है। मंगलवार रात से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और परिचित उनके आवास पर पहुंच रहे हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। बिलखते हुए उनकी पत्नी ने कहा कि वे अगले महीने एक महीने की छुट्टी लेकर घर आने वाले थे। 19 जनवरी की रात को उनसे फोन पर बात हुई थी। तब उन्होंने कहा कि था इसी साल बेटे की शादी करनी है। छुट्टी पर आने के बाद लड़की देखकर सगाई कर देंगे। पेट्रोलिंग के दौरान हुआ हादसा जानकारी के अनुसार दौलतपुरा गांव निवासी सीआरपीएफ इंस्पेक्टर भंवरलाल (54) पुत्र चतरा मीणा मंगलवार को छत्तीसगढ़ में पेट्रोलिंग ड्यूटी के दौरान बाइक समेत खाई में गिर गए थे। साथियों ने उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका निधन हो गया। दोपहर में मोबाइल के जरिए इस दुखद सूचना से परिजनों को अवगत कराया गया। सीआरपीएफ की 65वीं बटालियन में थे तैनात भंवरलाल मीणा ने अपने करियर की शुरुआत सिपाही पद से की थी और मेहनत व समर्पण के बल पर इंस्पेक्टर पद तक पहुंचे। वे वर्तमान में छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ की 65वीं बटालियन में तैनात थे। भंवरलाल के बड़े भाई श्योजीराम मीणा का पहले निधन हो चुका है। बेटा लालाराम मीणा पंजाब में आर्मी में जवान है।

उदयपुर में सवारियों से भरी जीप पलटने से 3 लोगों की मौत

उदयपुर. उदयपुर जिले के कोटड़ा थाना क्षेत्र के जोगीवड़ गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां तेज रफ्तार जीप अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 जने गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। सूचना पर कोटड़ा पुलिस व 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को कोटड़ा अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार, जीप बिलवन से सवारियां लेकर कोटड़ा आ रही थी। इसी दौरान जीप जोगीवड़ गांव से गुजर रही थी कि चालक का संतुलन बिगड़ गया और जीप पलट गई। हादसे की सूचना पर कोटड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस की मदद से कोटड़ा अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि 17 घायलों का उपचार जारी है। हादसे में घायल हुए लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। मृतकों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने जीप को जब्त कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

भजनलाल कैबिनेट का फैसला- राजस्थान में बनेंगे हवाई जहाज और चिप डिजाइन

जयपुर. राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र से पहले भजनलाल सरकार की हुई कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले लिए गए. कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर और मंत्री जोगाराम पटेल ने मीडिया को संबोधित किया. उन्होंने बताया कि राजस्थान एयरोस्पेस डिफेंस पॉलिसी लागू की जाएगी. हाई स्किल जॉब सृजित होंगे. हवाई जहाज राजस्थान में बनाने की योजना. इंजीनियरिंग के छात्रों को सीधा जॉब मिल सकेगा. डिफेंस के स्टार्टअप शुरू होंगे. लार्ज प्रोजेक्ट, मेगा प्रोजेक्ट, अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट शुरू होंगे. सेमी कंडक्टर पॉलिसी राजस्थान में लागू होगी. चिप डिजाइन यहां होंगे. ‘विशेष समुदाय की जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून’ वहीं मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा- ‘समुदाय विशेष की बढ़ती जनसंख्या का प्रभाव है. कई जगहों से अशांति की खबरें आती है. डेमोग्राफी में बदलाव आ रहा है. सरकार ने इस सबंध में कानून को मजूंरी दी है. इस बिल में सरकार को अधिकार होगा, जनसंख्या असंतुलन की स्थिति में एरिया को अशांत घोषित किया जा सकेगा. अशांत एरिया में संपत्ति ट्रांसफर के अलग कानून होंगे. प्रावधानों के उल्लघंन करने पर सजा का प्रावधान. उन्होंने कहा कि विधानसभा में इस बिल को रखा जाएगा. कई पदों के नाम भी बदले जा रहे हैं. ‘सौर ऊर्जा से बिजली की समस्या हो रही कम’ वहीं मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि प्रदेश में बिजली की समस्या दूर हुई. किसानों को पर्याप्त मात्रा में बिजली मिल रही है. सौर उर्जा के कारण बिजली की अधिकता. कृषि योजनाओं को बढ़ावा. किसानों के लिए सरकार के 12 विभाग शिविर में उपस्थित रहेंगे. बताया जा रहा है कि सीएम भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार आज शाम चार बजे जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है. बैठक में आगामी विधानसभा बजट सत्र की रूपरेखा तय करने के साथ-साथ सरकार के विधायी एजेंडे पर भी चर्चा होने की बात कही जा रही है. कैबिनेट बैठक के कुछ देर बाद ही मंत्री परिषद की अलग बैठक रखी गई है. बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल सदन में पढ़े जाने वाले अभिभाषण के मसौदे को कैबिनेट की मंजूरी दी जाएगी. इसके साथ ही 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल की ओर से जारी किए जाने वाले विशेष संदेश के ड्राफ्ट पर भी विस्तार से विचार-विमर्श होगा. संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि संभावित बजट 11 फरवरी को आने की संभावना है. भाजपा मुख्यालय में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि 50 से अधिक परिवेदनाओं का निस्तारण किया गया. कार्यकर्ताओं की परिवेदना सुनी जाएगी. ऐसी व्यवस्था किसी दूसरी पार्टी में नहीं है. राजस्थान विकास की और बढ़ रह है. 28 जनवरी से बजट सत्र शुरू होना है. मौजूदा सरकार के पहले के दो बजट आए हैं. आने वाल बजट भी माइल स्टोन होगा. उन्होंने कहा कि विपक्ष भी आए और विकास के मुद्दों पर राय दें. हमारे दो साल की आलोचना और समालोचना करे. उन्होंने सही भाषा का इस्तेमाल नहीं किया तो हम जवाब देने में पीछे नहीं हटेंगे. राजस्थान विधानसभा का उपयोग जनता के हित में करें. अपेक्षा करता हूं कि हमारे इतिहास की गौरवपूर्ण परंपरा का सम्मान करेंगे. हमारा बजट सत्र ऐतिहासिक होगा. विपक्ष से अनुरोध करता हूं कि विधानसभा का उपयोग आम अवाम के हित में करें. संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में सदन में आने वाले विधायी कार्य, गणतंत्र दिवस समेत अन्य कामों पर चर्चा होगी.

खाटू मेला 2026 अपडेट: श्रद्धालुओं के लिए बदली व्यवस्था, दर्शन से लेकर पार्किंग तक लागू हुए नए नियम

सीकर अगले महीने विश्वविख्यात खाटूश्यामजी का फाल्गुनी मेला आयोजित होगा। मेले में करीब 50 लाख से ज्यादा भक्तों के पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने अब से ही तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस विभाग इस बार मेले में 5 बड़े बदलाव करने जा रहा है। सीकर एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने मेले की तैयारियों को लेकर जिले के पुलिस अधिकारियों की बैठक ली है। इस बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 5 बड़े बदलाव करने का निर्णय लिया गया है। जानिए कौन से हैं वह 5 बड़े बदलाव गत वर्षों में मेले के दौरान केवल 2 एग्जिट एरिया होते थे। इनमें 4 लाइनों का एग्जिट कबूतर चौक की तरफ और 10 लाइनों का एग्जिट कला भवन की तरफ रहता था। लेकिन इस बार कला भवन की तरफ जाने वाली 10 लाइनों में से चार लाइनों को गुवाड़ चौक से निकाला जाएगा। पिछले मेलों के दौरान देखा गया कि एक साथ 10 लाइनों का एग्जिट होने की वजह से कई बार भगदड़ जैसे हालात बने थे। पिछले मेलों में देखा गया कि 40 फीट से श्रद्धालुओं की लाइन 75 फीट ग्राउंड होते हुए मंदिर की तरफ आती थी। ऐसे में 75 फीट ग्राउंड पर यदि किसी को लाइन के दूसरी तरफ जाना रहता था तो उसके लिए कोई ऑप्शन नहीं था। लेकिन इस बार श्रद्धालुओं की लाइन के ऊपर से एक फ़ुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा। जिससे कि श्रद्धालु आसानी से एक जगह से दूसरी जगह जा सके। पिछले मेलों में देखा गया कि मेले के दौरान खाटू कस्बे और दर्शन मार्ग में तो करीब 500 सीसीटीवी कैमरे लगा दिए जाते थे। लेकिन पुलिस प्रशासन के पास खाटू की तरफ आने वाले क्राउड की रियल टाइम सटीक इनफॉरमेशन नहीं रहती थी। अब निर्णय किया गया है कि खाटू की तरफ आने वाले मंडा और रींगस के रास्ते पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। जिससे कि पुलिस रियल टाइम क्राउड मैनेजमेंट के हिसाब से अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर सके। श्रद्धालुओं की लाइन में जो बैरिकेडिंग की जाती है इस बार उसकी हाइट को भी बढ़ाया जाएगा। जिससे कि कोई भी एक लाइन से दूसरी लाइन में जाने के लिए इन्हें पार ना करें। हर बार मेले में देखा जाता है कि एकादशी के दौरान भीड़ इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि पार्किंग की बड़ी समस्या रहती है। ऐसे में इस बार नए पार्किंग स्पॉट तैयार करवाए जाएंगे। जिससे कि ट्रैफिक की किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो। और आसानी से समझे…     एग्जिट व्यवस्था में बदलाव: कला भवन की ओर जाने वाली 10 में से 4 एग्जिट लाइनें अब गुवाड़ चौक से निकाली जाएंगी, जिससे भगदड़ की आशंका कम होगी।     फुट ओवरब्रिज का निर्माण: 75 फीट ग्राउंड पर श्रद्धालुओं की लाइन के ऊपर से फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा, ताकि लोग सुरक्षित रूप से एक तरफ से दूसरी तरफ जा सकें।     रियल टाइम क्राउड मॉनिटरिंग: मंडा और रींगस मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे खाटू आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ पर नजर रखी जा सके।     बैरिकेडिंग की ऊंचाई बढ़ेगी: श्रद्धालुओं को लाइन तोड़कर दूसरी लाइन में जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की हाइट बढ़ाई जाएगी।     नए पार्किंग स्पॉट तैयार: एकादशी के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए नए पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे, ताकि ट्रैफिक जाम से राहत मिले।

रामगंजमंडी स्टेशन पर बढ़ी सतर्कता: बाबा बागेश्वर कथा को लेकर विशेष रेलवे व्यवस्थाएं लागू

कोटा बाबा बागेश्वर जी की कथा आयोजन के दौरान 23 से 25 जनवरी के बीच रामगंजमंडी रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने विशेष भीड़ प्रबंधन व्यवस्था लागू की है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करना है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि कथा अवधि के दौरान स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही को सुव्यवस्थित रखने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेनों के निर्धारित प्लेटफॉर्म में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जाएगा, ताकि यात्रियों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। सौरभ जैन ने यह भी बताया कि यात्रियों को सही एवं समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के लिए सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से नियमित एवं स्पष्ट घोषणाएं की जाएंगी। साथ ही स्टेशन परिसर में प्रवेश एवं निकास के दौरान भीड़ के प्रवाह को नियंत्रित रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सक्रिय रखी जाएंगी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन पर तैनात टिकट जांच स्टाफ एवं रेलवे सुरक्षा बल के जवान यात्रियों एवं श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे तथा भीड़ को नियंत्रित एवं सुव्यवस्थित रखने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्टेशन परिसर में भीड़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि आवश्यकता पड़ने पर त्वरित निर्णय लिए जा सकें। स्टेशन परिसर में सुरक्षा, सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग सुविधा, टिकट वेंडिंग मशीनों तथा बुकिंग खिड़कियों के सुचारु संचालन को सुनिश्चित किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं एवं नियमित यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

विधायिका तभी मजबूत जब जनता भरोसा करे और जवाबदेह हो– वासुदेव देवनानी

जयपुर राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने लखनऊ में 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में मंगलवार को जनता के प्रति विधायिका की जवाबदेही विषय पर विधायिका को स्वयं का आत्म मूल्यांकन करने लोक और तंत्र के सेतु को सतत और सशक्त बनाने, नई चुनौतियों से मुकाबले के साथ भविष्य को प्रभावशाली बनाने के लिए दूरदर्शी उद्‌बोधन दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव जनता का अडिग विश्वास होता है। यह विश्वास जनता से निरंतर संवाद, पारदर्शिता और उत्तरदायित्वपूर्ण आचरण से ही कायम रह सकता है। देवनानी ने विधायिका को भारतीय लोकतंत्र की धडकन बताया है। विधायी जनता को आकांक्षाओं का दर्पण:- देवनानी ने कहा कि विधायिका कोई स्वतंत्र सता-केंद्र नहीं, बल्कि जनता की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं का दर्पण है। सदन में बैठने वाला प्रत्येक सदस्य केवल स्वयं का नहीं, बल्कि लाखों नागरिकों की सामूहिक आवाज का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र की कसौटी यह है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और अधिकार पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जवाबदेही केवल चुनाव के समय नहीं, बल्कि सदन के प्रत्येक सत्र, प्रत्येक बहस, प्रत्येक प्रश्न और प्रत्येक विधायी हस्तक्षेप में दिखाई देनी चाहिए। एक जीवंत लोकतंत्र वही है जिसमें विधायिका जनता की समस्याओं को केवल सुनती ही नहीं, बल्कि उन्हें गहराई से महसूस कर समाधान के लिए प्रतिबद्ध रहती है। श्री देवनानी ने कहा कि संवैधानिक नैतिकता केवल कोगों पर अंकित शब्द नहीं है, बल्कि यह हमारे रोजमर्रा के विधायी कार्यों का हिस्सा होनी चाहिए। जब हम सदन में बैठते हैं, तो हमें संविधान के ट्रस्टी के रूप में व्यवहार करना चाहिए, क्योंकि हमारे हाथ में जो शक्ति है, वह जनता द्वारा दी गई पवित्र धरोहर है। अल्पमत की आवाज को दिया सम्मान, सदन की श्रेष्ठता का पैमाना:- विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि सदन की श्रेष्ठता बहुमत की शक्ति से नहीं, बल्कि अल्पमत की आवाज को दिए गए सम्मान से तय होती है। असहमति और स्वस्थ आलोचना लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि संवाद और वाद-विवाद ही विधायिका की जवाबदेही के मजबूत स्तंभ हैं। देवनानी ने कार्यपालिका पर प्रभावी नियंत्रण को विधायिका का प्रमुख संवैधानिक दायित्व बताया। उन्होंने कहा कि जनता के कर से एकत्रित प्रत्येक रुपये का उपयोग जनकल्याण में हो, यह सुनिश्चित करना विधायिका का परम कर्तव्य है। प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और शून्यकाल को उन्होंने जनता की आवाज का सशक्त माध्यम बताया। विधायी समितियां लघु सदन है:- देवनानी ने कहा कि विधायी समितियों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समितियां 'लघु सदन" के रूप में कार्य करती हैं, जहां गहन, निष्पक्ष और तकनीकी समीक्षा संभव होती है। समिति प्रतिवेदन केवल फाड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि उन पर सदन में चर्चा हो और सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का विवरण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने बताया कि राजस्थान विधानसभा ने लोक लेखा समिति और प्राक्कलन समिति के माध्यम से वित्तीय अनुशासन को सुदृढ़ किया है तथा यह सुनिश्चित किया है कि समितियों की रिपोर्ट पर समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई हो। साथ ही सदस्यों के प्रशिक्षण, अभिमुखीकरण कार्यक्रम, बाल विधानसभा और यूथ पार्लियामेंट जैसी पहलों से भविष्य की पीढ़ी को लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ा जा रहा है। आज डिजिटल जवाबदेही का युग:- राजस्थान विधानसभा ‌द्वारा उठाए गए डिजिटल नवाचारों के ऐतिहासिक कदर्मों का उल्लेख करते हुए देवनानी ने कहा कि आज डिजिटल जवाबदेही का युग है। ऑनलाइन प्रक्रियाओं, पेपरलेस व्यवस्था, यूट्यूब पर कार्यवाही के सजीव प्रसारण और राजस्थान विधानसभा के डिजिटल म्यूजियम के माध्यम से पारदर्शिता को नई ऊँचाइयों पर ले जाया गया है। यह एक प्रकार का 'सोशल ऑडिट है, जो सदन को निरंतर सजग बनाए रखता है। विधायी प्रभाव मूल्याकंन:- देवनानी ने लेजिस्लेटिव इम्पैक्ट असेसमेंट और पोस्ट-लेजिस्लेटिव ऑडिट की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि कानून बनने के बाद उनके वास्तविक प्रभाव का आकलन किया जा सके। उन्होंने कहा कि जनता को नीति-निर्माण की प्रक्रिया में सहभागी बनाना ही सच्ची जवाबदेही का उच्चतम रूप है। आसन की भूमिका महत्वपूर्ण:- पीठासीन अधिकारियों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि अध्यक्ष का आसन केवल एक रेफरी का नहीं, बल्कि संविधान के संरक्षक का होता है। नियर्मा की व्याख्या इस प्रकार होनी चाहिए कि वह चर्चा को रोकने वाली नहीं, बल्कि उसे विस्तार देने वाली हो। विधायिका को स्वयं का आत्म मूल्यांकन करना होगा, इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने सदनों में सदस्यों की उपस्थिति विधेयकों के विविध पहलुओं पर चर्चा और सदन के भीतर संसदीय मर्यादाओं के पालन को विचारणीय बताया। विधायिका वह पथ है जो राष्ट्र को सशक्त बनाता है:- देवनानी ने कहा कि लोकतंत्र कोई अंतिम मंजिल नहीं, बल्कि एक निरंतर यात्रा है और इस यात्रा में विधायिका जनता के विश्वास के ईंधन से चलती है। राजस्थान विधानसभा लोकतांत्रिक मूल्यों, विधायी मर्यादाओं और जनता के विश्वास की रक्षा के अपने संकल्प पर सदैव दृढ़ रहेगी। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को बधाई दी और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

मतदाता सूची विवाद ने पकड़ा तूल, पूर्व पार्षद की शिकायत पर पुलिस में मामला दर्ज

जयपुर राजस्थान में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 89 में मतदाता सूची से नाम हटाने की कथित साजिश का मामला सामने आया है। पूर्व पार्षद अकबरद्दीन ने पुलिस थाना लालकोठी (जयपुर पूर्व) में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उनके नाम को वोटर लिस्ट से हटाने के लिए फर्जी फॉर्म-7 भरकर झूठी घोषणा की गई। अकबरद्दीन ने बताया कि उनका नाम वार्ड 89, बूथ संख्या 107 (सांगानेरी गेट) की मतदाता सूची में EPIC नंबर MCM 3202645 के साथ दर्ज है। उन्होंने SIR प्रक्रिया के तहत नियमानुसार बीएलओ द्वारा दिया गया परिगणना प्रपत्र भी जमा कराया था। पूर्व पार्षद के अनुसार, 15 जनवरी को जब वे बूथ पर पहुंचे तो बीएलओ पुष्पा ने उन्हें बताया कि अशोक नामक व्यक्ति ने उनके नाम, मकान नंबर और EPIC नंबर का उपयोग कर फर्जी फॉर्म-7 जमा कराया। फॉर्म में झूठी घोषणा की गई कि अकबरद्दीन स्थायी रूप से स्थानांतरित हैं, जबकि वे जन्म से उसी पते पर अपने परिवार के साथ निवास कर रहे हैं। अकबरद्दीन ने बताया कि उनका मकान संख्या 188 उनके पिता द्वारा 50 वर्ष पहले खरीदा गया था और वर्षों तक वही उनका पार्षद कार्यालय भी रहा। इसके बावजूद उन्हें उनके संवैधानिक मताधिकार से वंचित करने का प्रयास किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि फॉर्म-7 भरने वाला अशोक, भाजपा BLA सुनील का भाई है और दोनों ने मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा। आरोप है कि बूथ संख्या 107 पर दर्जनों फर्जी फॉर्म-7 जमा कराए गए। पूर्व पार्षद ने कहा कि आरोपियों ने जानबूझकर बीएलओ को मिथ्या सूचना और साक्ष्य दिए, जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत दंडनीय है। उन्होंने पुलिस से मांग की कि दोषियों के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।

राजस्थान के करौली में कुख्यात सटोरिए रशीद के घर पर चला बुलडोजर

करौली. राजस्थान में करौली के सट्टा किंग एवं मोटरसाइकिल रैली पर हुए पथराव और दंगे के मुख्य आरोपी, पूर्व सभापति रशीदा खातून के पुत्र अमीनुद्दीन खान की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को पुलिस ने भारी जाप्ते के साथ उसके अंबेडकर सर्किल क्षेत्र स्थित अवैध भवन और अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवाया। कई रास्तों को बंद किया प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्रवाई से पहले नजदीकी स्कूल में छुट्टी करवाकर आसपास की दुकानों एवं भवनों को एहतियातन खाली कराया गया। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे शहर को पुलिस छावनी में तब्दील करते हुए मेला गेट, शिकारगंज सहित आसपास के कई रास्तों को बंद किया गया। शहर के मुख्य चौराहों, तिराहों और बाजार क्षेत्रों में करीब 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। कई थानों का पुलिस बल मौजूद अधिकारियों ने बताया कि नगर परिषद करौली ने जांच के दौरान भवन निर्माण में अनियमितताएं पाई थीं, जिसके बाद पट्टा और निर्माण स्वीकृति को विधिवत निरस्त कर दिया गया था। पट्टा रद्द होने के बाद प्रशासन ने अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। मौके पर अतिरिक्त जिला कलक्टर हेमराज परिडवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुमना राम, उपखंड अधिकारी प्रेमराज मीणा और पुलिस उपाधीक्षक अनुज शुभम सहित कई थानों का पुलिस बल मौजूद रहा।